भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 26 अगस्त क्राइस्ट चर्च कॉलेज में जिलेट द्वारा ग्रूमिंग एजुकेशन ड्राइव इन कॉलेज कैंपस का आयोजन किया गया। कॉलेज प्राचार्य विनय जॉन सेबेस्टियन के दिशा निर्देशन में कार्यक्रम का संचालन कैरियर काउंसलिंग सेल की संयोजिका डॉ मीतकमल द्वारा किया। इस कार्यक्रम में छात्रों को जिलेट गार्ड सेविंग किट का वितरण किया गया। मुख्य वक्ता श्रेयांश सक्सेना द्वारा छात्रों को साक्षात्कार टिप्स और यह भी बताया कि हमें अपना श्रेष्ठ देना चाहिए और हमें हेल्पफुल कम्युनिकेशन टिप्स भी दिए गए। इस अवसर पर कॉलेज के डॉ एरिक, डॉ संजय शुक्ला ,डॉ आशीष दुबे ,डॉ आशीष ओमर उपस्थित रहे
देश प्रदेश
वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत परगही बांगर ग्राम
दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर, दिनांक 25 अगस्त, 2025 बैंक ऑफ बड़ौदा, शाखा बगदोधी बांगर, कानपुर नगर द्वारा आज परगही बांगर ग्राम पंचायत में वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY), जनधन खातों की शत-प्रतिशत कवरेज, री-केवाईसी एवं नामांकन की आवश्यकता, साथ ही डिजिटल लेनदेन हेतु UPI जैसी आधुनिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
भारतीय रिज़र्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक एवं बैंकिंग लोकपाल श्री पी.एस. खौल ने भारत सरकार द्वारा संचालित विशेष संतृप्तिकरण अभियान की महत्ता बताते हुए योजनाओं का लाभ लेने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित किया। इसी क्रम में आरबीआई लोकपाल अधिकारी श्री आदित्य ने री-केवाईसी की अनिवार्यता एवं बैंकिंग लोकपाल की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अग्रणी जिला प्रबंधक आदित्य चंद्रा ने कहा – “हमारा लक्ष्य है कि देश का कोई भी नागरिक वित्तीय सेवाओं से वंचित न रहे। बैंकिंग सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।”
वित्तीय समावेशन अधिकारी श्रीमती निधि राज ने बैंक मित्रों एवं बैंक सखियों की भूमिका बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन बैंक ऑफ बड़ौदा, बागदोधी बांगर शाखा प्रबंधक श्री विनय कुमार ने किया। उन्होंने बैंक की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी देकर ग्रामीण नागरिकों को उनका अधिकाधिक लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी सहित अन्य बैंकों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में प्रतिभाग कर इसे सफल बनाया।
Read More »कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्य एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान में 7 दिवसीय कार्यशाला शुभारंभ
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 25 अगस्त कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में समाजशास्त्र विभाग एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान से 7 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला दो चरणों में आयोजित होगी। यह कार्यशाला का प्रथम चरण है। कार्यशाला के द्वितीय चरण के बाद प्रतिभाग लेने वाली छात्राओं को संस्था द्वारा प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक,भावनात्मक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है तथा आज की युवा पीढ़ी को कल के बेहतर समाज की नींव रखने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों का स्वागत एवं प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा मोमेंटो भेंट देकर किया गया प्राचार्या जी ने अपने उद्बोधन में इस विशिष्ट कार्यशाला के आयोजन के प्रयास हेतु समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ पूर्णिमा शुक्ला की सराहना की एवं छात्राओं को इस कार्यक्रम कार्यशाला की महत्ता से अवगत कराया।
इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ० संगीता सारस्वत, सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट,कन्वीनर द्वारा छात्राओं को गहनता से उनके वातावरण, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, दिनचर्या इत्यादि का उनके जीवन और आने वाले भविष्य पर प्रभाव को वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तरीके से समझाया। कैसे आज का युवा अपनी शक्तियों का दुरूपयोग कर रहा है। संस्कारों की जागृति से ही नई पीढ़ी का भविष्य संरक्षित और संवर्धित हो सकता है। ईश्वर के बाद यदि कोई सृजन कर सकता है तो केवल स्त्री। हमें अपने आत्मबल और शक्तियों को पहचान कर सही दिशा देकर एक नई ऊर्जा के साथ भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। इस कार्यशाला में 55 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक और गंभीरता के साथ प्रतिभाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ० पूर्णिमा शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी की डिस्ट्रिक कॉर्डिनेटर नीरू तिवारी एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए शिक्षा को रोचक और संवादात्मक बनाने की नई पहल
सीतापुर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने किया “ज्ञान का पिटारा” और “जीवन कौशल शिक्षा किट” का अनावरण*
*एजुकेट गर्ल्स के ज्ञान का पिटारा और जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में साक्षरता और किशोरियों में नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा*
भारतीय स्वरूप संवाददाता सीतापुर, एजुकेट गर्ल्स द्वारा जनपद सीतापुर में सरकारी विद्यालयों के छात्रों के अधिगम स्तर को मजबूत बनाने के उद्देश्य से “ज्ञान का पिटारा किट” तथा बालिकाओं के कौशल विकास एवं उनके समग्र व्यक्तित्व संवर्धन हेतु “जीवन कौशल शिक्षा किट” का अनावरण, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। संस्था द्वारा संचालित ज्ञान का पिटारा किट का मुख्य उद्देश्य कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ़ करना है, वहीं जीवन कौशल शिक्षा किट का लक्ष्य कक्षा 6 से 8 की किशोरियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्णय, आत्मसम्मान, तर्कसंवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा,
“एजुकेट गर्ल्स संस्था द्वारा संचालित ज्ञान का पिटारा और जीवन कौशल शिक्षा किट बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। संस्था द्वारा आयोजित सामुदायिक बैठकों से शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ती है। एजुकेट गर्ल्स के पास समर्पित टीम एवं स्वयंसेवकों का मजबूत नेटवर्क है, जिसके माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा सकते हैं।“
एजुकेट गर्ल्स संस्था के उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड नितिन कुमार झा ने कहा,
“जिले के चयनित विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ाने के लिए संस्था द्वारा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। ज्ञान का पिटारा किट को बच्चों के लिए रोचक एवं संवादात्मक बनाया गया है। वहीं, जीवन कौशल शिक्षा किट से किशोरियों में क्षमतावर्धन एवं निर्णय लेने की योग्यता का विकास होगा। हमें शिक्षा विभाग का सतत सहयोग प्राप्त हुआ है और हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हम जनपद के प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुँचाने में सफल होंगे।“
कार्यक्रम में जोनल ऑपरेशन लीड श्री रमाकांत ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया तथा फील्ड स्तर पर किए जा रहे सहयोग की जानकारी एक प्रस्तुति (पीपीटी) के माध्यम से साझा की।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारियों ओंकार सिंह, पुष्पराज सिंह, संतोष कुमार मिश्रा, ऋषिकेश सिंह एवं कपिल देव द्विवेदी सहित एजुकेट गर्ल्स संस्था से निगार, शादाब अंसारी, आनंद कुमार, विक्रांत कुमार, क्षेत्र समन्वयक एवं टीम बालिका की उपस्थिति रही।
Read More »लॉन्च के चार दिनों के भीतर पाँच लाख से अधिक फास्टैग वार्षिक पास खरीदे गए
यात्रियों को सुविधाजनक और कुशल टोलिंग अनुभव प्रदान करने के लिए शुरू की गई फास्टैग वार्षिक पास सुविधा ने देश भर में पाँच लाख उपयोगकर्ताओं का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। फास्टैग वार्षिक पास सुविधा 15 अगस्त 2025 को आरंभ की गई थी। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। पिछले चार दिनों में सबसे अधिक वार्षिक पास तमिलनाडु में खरीदे गए, उसके बाद कर्नाटक और हरियाणा का स्थान रहा। टोल प्लाजा पर फास्टैग वार्षिक पास के माध्यम से सबसे अधिक लेनदेन तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में दर्ज किए गए।
राजमार्गयात्रा ऐप, गूगल प्लेस्टोर पर 15 लाख से ज़्यादा डाउनलोड के साथ 23वें स्थान पर और यात्रा श्रेणी में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। इसकी रेटिंग 4.5 स्टार है। फास्टैग वार्षिक पास लॉन्च होने के चार दिनों के भीतर ही इस ऐप ने शीर्ष सरकारी ऐप बनने की उपलब्धि भी हासिल कर ली है।
राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को सहज और किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, फास्टैग वार्षिक पास सुविधा 15 अगस्त 2025 को शुरू की गई थी। यह राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर लगभग 1,150 टोल प्लाज़ा पर लागू है। यह वार्षिक पास एक वर्ष की वैधता के लिए 3,000 रुपये के एकमुश्त शुल्क भुगतान या 200 टोल प्लाज़ा क्रॉसिंग के माध्यम से फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की आवश्यकता को समाप्त करता है। यह पास वैध फास्टैग वाले सभी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू है। यह देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुगम यात्रा अनुभव के लिए राजमार्गयात्रा ऐप या एनएचएआई वेबसाइट के माध्यम से एकमुश्त शुल्क भुगतान के दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।
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प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से बातचीत की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ बातचीत की, जो देश के लिए गौरव का क्षण था। इस मुलाकात के दौरान, दोनों ने कई विषयों पर चर्चा की, जिनमें अंतरिक्ष में श्री शुक्ला के अनुभव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति और देश के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम – गगनयान जैसे विषय शामिल थे।
एक्स पर एक पोस्ट में, श्री मोदी ने लिखा:
“शुभांशु शुक्ला के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने अंतरिक्ष में उनके अनुभवों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ-साथ भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन सहित कई विषयों पर चर्चा की। भारत को उनकी उपलब्धि पर गर्व है।
सौभाग्य योजना के तहत घरों में बिजली
सरकार, शुद्ध व्यवाहरिकता द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर, चल रही पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत सभी छूटे हुए घरों के ऑन-ग्रिड विद्युतीकरण के लिए राज्यों को सहयोग दे रही है। इसमें पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान) के अंतर्गत पहचान किए गए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के घरों, डीए-जेजीयूए (धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान) के अंतर्गत जनजातीय घरों, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के घरों और जहां भी संभव हो, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) के अंतर्गत दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के घरों में बिजली कनेक्शन के लिए स्वीकृत कार्य शामिल हैं। अब तक, आरडीएसएस के अंतर्गत, देश भर में 13.59 लाख घरों में बिजली कनेक्शन के लिए 6,487 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा, नई सौर ऊर्जा योजना के तहत 30 जून, 2025 तक 9,961 घरों के ऑफ-ग्रिड सौर आधारित विद्युतीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि के कार्यों को मंजूरी दी गई है। विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
डीआरआई ने भोपाल में अवैध दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग कारखाने का भंडाफोड़ किया; 92 करोड़ रुपये कीमत की 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त; सात गिरफ्तार
डीआरआई ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे मारे और इस गिरोह के सात प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया।


ग्राम-जगदीशपुर (इस्लामनगर), हुजूर-तहसील, जिला-भोपाल, मध्य प्रदेश स्थित अवैध निर्माण इकाई की तलाशी में 61.20 किलोग्राम मेफेड्रोन (तरल रूप में) बरामद और जब्त किया गया, जिसकी अवैध बाजार में कीमत ₹92 करोड़ आंकी गई। इसके अतिरिक्त, 541.53 किलोग्राम कच्चा माल, जिसमें मेथिलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल), और 2-ब्रोमो शामिल हैं, के साथ-साथ प्रसंस्करण उपकरणों का एक पूरा सेट भी जब्त किया गया। एकांत परिसर में जानबूझकर चारों ओर से ढके हुए कारखाने पर डीआरआई अधिकारियों ने चतुराई से छापा मारा। मेफेड्रोन बनाने वाले केमिस्ट समेत दो लोग को अवैध उत्पादन प्रक्रिया में लिप्त पाया गया।
तत्परतापूर्वक की गई कार्रवाई में, ड्रग कार्टेल के एक प्रमुख शख्स को बस्ती, उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया, जिसे भिवंडी (मुंबई) से भोपाल तक कच्चे माल की आपूर्ति की देख-रेख का काम सौंपा गया था। अवैध रूप से रसायन/ कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले दो आपूर्तिकर्ताओं को भी मुंबई में गिरफ्तार किया गया, साथ ही मुंबई से भोपाल तक रसायनों/ कच्चे माल के परिवहन के लिए जिम्मेदार शख्स को भी गिरफ्तार किया गया।
शुरुआती जांच से यह भी पता चला है कि सूरत और मुंबई से हवाला के जरिए भोपाल में पैसा भेजा जा रहा था। पैसे के लेन-देन के लिए जिम्मेदार कार्टेल के एक करीबी सहयोगी को भी सूरत में गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए सभी सात लोगों ने भारत में मेफेड्रोन नेटवर्क के एक विदेशी संचालक और सरगना के निर्देश पर मेफेड्रोन के गुप्त निर्माण में अपनी-अपनी भूमिका को स्वीकार किया।
मेफेड्रोन, एक मनोविकार नाशक पदार्थ है जो स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के अंतर्गत सूचीबद्ध है। यह समाज के लिए एक गंभीर खतरा है क्योंकि इसमें मनो-सक्रिय गुण होते हैं और माना जाता है कि यह कोकीन और एम्फैटेमिन के सेवन जैसा असर पैदा करता है।
यह पिछले एक साल में डीआरआई की ओर से बर्बाद की गई छठा गुप्त मेफेड्रोन कारखाना है। डीआरआई मादक दवाओं का निर्माण करने वाली अवैध फैक्ट्रियों को ध्वस्त करने और उनके मास्टरमाइंडों तथा इसमें शामिल अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की तलाश में लगातार सक्रिय है।
कोयला खनन में महिलाएँ
लैंगिक समानता और संस्थागत उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने, कोयला क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और देश भर में स्वास्थ्य सेवा, तकनीकी, नियोजन इकाइयों जैसे विविध क्षेत्रों में उनके लिए नेतृत्व के अवसर सृजित करने के लिए महिलाओं के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण पहल लागू की गई हैं।
i) सीआईएल की विभिन्न सहायक कंपनियों में लागू और पूरी तरह से कार्यरत महिलाओं के नेतृत्व वाली पहल इस प्रकार हैं:
- वसंत विहार डिस्पेंसरी, बिलासपुर, एसईसीएल।
- राजेंद्र नगर डिस्पेंसरी, रांची, सीसीएल
- कोयला नगर अस्पताल (सुबह की पाली), धनबाद, बीसीसीएल
- सद्भावना कॉलोनी डिस्पेंसरी, पाटनसांगी, नागपुर, डब्ल्यूसीएल
- केंद्रीय उत्खनन कार्यशाला, गेवरा, एसईसीएल में स्थिति आधारित निगरानी प्रयोगशाला।
- धनबाद में एलईडी और सौर उपकरणों के लिए केंद्रीकृत तकनीकी केंद्र।
- लागत और बजट प्रकोष्ठ एनसीएल मुख्यालय, सिंगरौली, एनसीएल।
ii) कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान (आईआईसीएम) के माध्यम से महिला नेतृत्व की एक प्रमुख पहल, “ज्योति – एक साथ उठना, मार्ग प्रशस्त करना” शुरू की है। यह एक स्ट्रक्चर्ड पाँच महीने की महिला नेतृत्व यात्रा है। इसे संचार, निर्णय लेने, भावनात्मक इन्टेलिजन्स, बातचीत कौशल, व्यक्तिगत विकास और नेतृत्व तत्परता में दक्षताओं को मजबूत करके सीआईएल के भीतर उच्च जिम्मेदारियों के लिए महिला अधिकारियों को तैयार करने के लिए तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम सर्वोत्तम प्रथाओं, नेटवर्किंग के अवसरों, मार्गदर्शन और संस्थागत समर्थन से भी परिचित कराता है। इससे कोयला क्षेत्र में महिला प्रमुखों की एक मजबूत श्रृंखला तैयार होती है।
iii) अब कर्मचारी की मृत्यु होने पर महिला आश्रितों को उनकी वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना आश्रित नियोजन के लिए विचार किया जाएगा। यह पहले कोल इंडिया लिमिटेड में नहीं था।
iv) संगठनात्मक मामलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और लैंगिक संवेदनशीलता, समानता और समावेशिता के प्रति कोल इंडिया लिमिटेड की व्यापक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने के लिए, सभी समितियों में एक महिला प्रतिनिधि को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है।
v) भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने एलईडी और सौर ऊर्जा उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव के लिए अपने पहले केंद्रीकृत तकनीकी केंद्र का उद्घाटन किया है। इसका संचालन पूरी तरह से महिला तकनीशियनों द्वारा किया जाता है। कोयला नगर धनबाद में स्थित यह केंद्र पारंपरिक रूप से पुरुष कर्मचारियों के प्रभुत्व वाले मुख्य तकनीकी कार्यों में महिलाओं को लाने की दिशा में एक अग्रणी कदम है।
vi) कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों में लैंगिक समानता और संस्थागत उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, महिला कर्मचारियों को खनन सरदार योग्यता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए भूमिगत प्रशिक्षण में भेजा जाता है।
vii) महिलाओं को बचाव कार्यों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें बचाव और पुनर्प्राप्ति कार्य का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब तक वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की 19 महिला कर्मचारियों और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) की 9 महिलाओं को बचाव और पुनर्प्राप्ति कार्य का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
viii) महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH अधिनियम) के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समितियाँ (ICC) गठित की गई हैं। ये समितियाँ कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने, प्रतिबंधित करने और उसका समाधान करने के लिए कार्य कर रही हैं।
ix) इसके अलावा NLC इंडिया लिमिटेड (NLCIL) इस पहल में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और अपनी खदानों में महिलाओं को नियुक्त कर रहा है। NLCIL के खनन क्षेत्र में 190 महिलाएँ कार्यरत हैं, जिनमें से 48 कार्यकारी पदों पर हैं। अपने इतिहास में पहली बार NLCIL ने महिलाओं को मुख्य खनन कार्यों में शामिल किया है। यह लैंगिक समावेशिता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता में एक मील का पत्थर है। महिलाओं को सर्वेक्षक, खनन सरदार और ओवरमैन जैसे नौ प्रमुख वैधानिक पदों पर नियुक्त किया गया है।
यह जानकारी केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
खनन में आईटी एवं डिजिटलीकरण पहल
कोल इंडिया लिमिटेड –
(i) एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (आई.सी.सी.सी.) – 24×7 इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और अलर्ट उत्पादन की सुविधा के लिए खनन क्षेत्रों के रणनीतिक स्थान पर कई परिचालन और सुरक्षा कार्यों का प्रबंधन करने के लिए
(ii) ऑपरेटर स्वतंत्र ट्रक डिस्पैच प्रणाली
(iii) ई-एमबी और ई-बिलिंग पोर्टल
(iv) सुरक्षा पहलों की प्रभावी निगरानी और कार्यान्वयन तथा सुरक्षा निरीक्षणों की प्रभावशीलता में सुधार के लिए केंद्रीकृत सुरक्षा सूचना प्रणाली (सी.एस.आई.एस.)
(v) सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सी.ए.ए.क्यू.एम.एस.)
(vi) डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि और उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से निर्णय लेने और प्रदर्शन को मजबूत करने के लिए डिजिटल परिवर्तन पहल (डिजिकोल)
(vii) कर्मचारी संसाधन योजना (ई.आर.पी.) पहल
(viii) पीएम गति-शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान, जिससे परिवहन मार्गों की पहचान करने, परियोजनाओं में कमी का पता लगाने, रेलवे, बिजली लाइनों और पाइपलाइनों के लिए उपयुक्त मार्गों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
(ix) किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा की गई अवैध खनन रिपोर्ट पर रिपोर्टिंग और कार्रवाई के लिए खनन प्रहरी मोबाइल ऐप और संबंधित कोयला खान निगरानी एवं प्रबंधन पोर्टल (सी.एम.एस.एम.एस.) का विकास।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड –
(i) 2008 से एस.ए.पी. (ई.आर.पी.) के विभिन्न मॉड्यूलों का कार्यान्वयन।
(ii) ग्लोबल पोजिशन सिस्टम/व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम आधारित कोयला परिवहन वाहन निगरानी प्रणाली लागू
(iii) विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण स्थानों के लिए सी.सी.टी.वी. निगरानी कवरेज तैनात
(iv) ऑपरेटर स्वतंत्र ट्रक डिस्पैच सिस्टम (ओ.आई.टी.डी.एस.)
(v) ड्रोन का सीमित उद्देश्य के लिए उपयोग
एन.एल.सी. इंडिया लिमिटेड –
(i) खदान में तैनात उपकरणों की ट्रैकिंग के लिए जी.पी.एस. तकनीक का उपयोग करते हुए ऑपरेटर स्वतंत्र ट्रक डिस्पैच प्रणाली और जियो-फेंसिंग तकनीक को लागू किया गया है।
(ii) डिजिटल लॉजिस्टिक प्रबंधन प्रणाली (डी.एल.एम.एस.) का कार्यान्वयन, जो कोयला प्रेषण परिचालन से जुड़ी संभार तंत्र और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक व्यापक समाधान है।
(iii) वॉल्यूम माप के लिए जी.एन.एस.एस. रिसीवर के साथ 3डी टी.एल.एस. का उपयोग
कोयला मंत्रालय ने नागरिकों द्वारा कोयले की चोरी और अवैध खनन की घटनाओं की सूचना देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों को शिकायतों पर समय पर उचित कार्रवाई करने में सक्षम बनाने के लिए खनन प्रहरी मोबाइल ऐप और कोयला खान निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली (सी.एम.एस.एम.एस.) वेब ऐप आरंभ किया है। इसके अलावा, कोयला क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा की गई पहल से परिचालन की वास्तविक समय पर निगरानी सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
यह जानकारी केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी है।
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