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कुराश के लिए ओपन सिलेक्शन ट्रायल्स भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI CRC) भोपाल में आयोजित किए जाएंगे

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अंतर्गत गठित कुराश की आयोजन समिति द्वारा अक्टूबर में होने वाली कुराश विश्व चैंपियनशिप के लिए ओपन सिलेक्शन ट्रायल्स का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्रायल्स 18 से 20 सितंबर 2025 तक भारतीय खेल प्राधिकरण, केंद्रीय क्षेत्रीय केंद्र (CRC), भोपाल (मध्यप्रदेश) में आयोजित किए जाएंगे।

ये ट्रायल्स उन खिलाड़ियों के लिए खुले हैं जिन्होंने वर्ष 2022 से अब तक किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कुराश प्रतियोगिता में कैडेट, जूनियर या सीनियर श्रेणी में कम से कम एक पदक प्राप्त किया हो, और जिनकी आयु 17 से 35 वर्ष के बीच (जन्म 1 जनवरी 1990 से 31 दिसंबर 2008 के बीच) हो। साथ ही खिलाड़ियों के पास कम से कम छह महीने की वैधता वाला भारतीय पासपोर्ट और पंजीकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। हालांकि, जो खिलाड़ी वर्तमान में किसी अन्य मार्शल आर्ट्स की विश्व रैंकिंग सूची में शामिल हैं, वे इन ट्रायल्स के लिए पात्र नहीं होंगे।

पुरुषों के लिए मान्य भार वर्ग -60 किग्रा, -66 किग्रा, -73 किग्रा, -81 किग्रा, -90 किग्रा, -100 किग्रा, -120 किग्रा, और +120 किग्रा हैं, जबकि महिलाओं के लिए -48 किग्रा, -52 किग्रा, -57 किग्रा, -63 किग्रा, -70 किग्रा, -78 किग्रा, -87 किग्रा, और +87 किग्रा भार वर्ग निर्धारित हैं। प्रतिभागियों को मूल पासपोर्ट (आयु सत्यापन हेतु), दो हालिया पासपोर्ट आकार के फोटो, वर्ष 2022 से अब तक की कुराश प्रतियोगिता में प्राप्त योग्यता प्रमाण पत्र, और भरा हुआ स्वघोषणा पत्र (Annexure-A) साथ लाना अनिवार्य है। इसके अलावा, खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ग्रीन और ब्लू कुराश यख्ताक (Yakhtak) यूनिफॉर्म भी लाना होगा।

ट्रायल्स से संबंधित अधिक जानकारी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://sportsauthorityofindia.nic.in/sai_new/    पर विजिट करें।

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सशक्त नारी समृद्ध प्रदेश:मिशन शक्ति-पंचम चरण कार्यशाला आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद कॉलेज कानपुर में ग्वालटोली थाना पुलिस टीम के द्वारा सब इंस्पेक्टर दुर्गेश राय एवं किरण के नेतृत्व में मिशन शक्ति (पंचम चरण) के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय मिशन शक्ति कोर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं एवं महिला शिक्षकों को नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न योजनाओं, सेवाओं तथा महिला हेल्पलाइन सुविधाओं के बारे में जानकारी देना था।

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्राओं को वुमन हेल्पलाइन 1090, 112, 181, महिला पुलिस बीट, मिशन शक्ति केंद्र तथा महिला परामर्श केंद्र जैसी सेवाओं के विषय में विस्तार से बताया गया। साथ ही स्वयं की सुरक्षा हेतु आत्मरक्षा के उपाय, साइबर क्राइम से बचाव, और अपराध की त्वरित रिपोर्टिंग पर विशेष जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित 100 से अधिक छात्राओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में, सभी को नारी सशक्तिकरण हेतु समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यशाला छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी रही, जिससे उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता दोनों का विकास हुआ।

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स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत स्वच्छता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन महाविद्यालय में *स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा* के अंतर्गत स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान कॉलेज की एनएसएस इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ श्वेता रानी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर 70 से अधिक छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और महाविद्यालय परिसर में सफाई कार्य किया। स्वयंसेवकों ने कूड़ा-कचरा एकत्र कर उचित स्थान पर निस्तारित किया तथा आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम छात्रों की जागरूकता, जिम्मेदारी और *स्वच्छ भारत अभियान* के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। अंत में विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर, मोहल्ले और समाज में स्वच्छता का संदेश निरंतर फैलाते रहेंगे।

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श्रीराम जन्म होते ही गूंजे गीत, बाल कलाकारो ने मन मोहा

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।

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कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 चलाएगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के निर्देशों के अनुरूप, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 में भाग लेगा , जिसका प्रारंभिक चरण 15 से 30 सितंबर, 2025 तक चलेगा  इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनानालंबित मामलों को कम करनारिकॉर्ड प्रबंधन और कबाड़ एवं ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान पर केंद्रित होगा ।

विशेष अभियान 4.0 के दौरान पिछले वर्ष कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने लंबित मामलों को कम करने, फाइलों की समीक्षा और निपटान, कार्यालय स्थान रिक्त करने, कबाड़ और ई-कचरे का निपटान, राजस्व सृजन और आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति की। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए, सभी आईसीएआर संस्थानों, क्षेत्रीय केंद्रों और क्षेत्रीय कार्यालयों से विशेष अभियान 5.0 में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया गया है।

कार्यान्वयन की निगरानी, ​​दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और अधिकतम दृश्य प्रभाव वाले आदर्श अभियान स्थलों को प्रदर्शित करने के लिए एसएमडी-वार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। प्रारंभिक गतिविधियों में स्वच्छतास्थान प्रबंधनई-कचरा निपटानलंबित संदर्भ और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए लक्ष्य निर्धारण शामिल हैं , जिनका पूर्ण कार्यान्वयन 2 अक्टूबर, 2025 से शुरू होगा।

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) इस अभियान के माध्यम से स्पष्ट परिणाम प्राप्त करने तथा स्वच्छतादक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण की संस्कृति को बनाए रखने की योजना बना रहा है ।

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 2 अक्टूबर, 2025 से विशेष अभियान 5.0 का आयोजन किया जाएगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित करने की योजना बना रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना, सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना और इन कार्यालयों के साथ आम जनता के अनुभव को बेहतर बनाना है। अभियान का महत्वपूर्ण पहलू सरकारी कार्यालयों में उत्पन्न ई-कचरे का नियमों के अनुसार निपटान करना है।

पिछले वर्ष विशेष अभियान 4.0 के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पूरे भारत में 1791 स्थलों की सफाई की। इससे कार्यालयों में लगभग 55473 वर्ग फुट जगह खाली कराया गया और 11299 किलोग्राम कचरे का निपटान किया गया। इसके साथ ही 61,07,784/- रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई। इसके अलावा 22269 जन शिकायतों का निपटारा किया गया। 53660 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई और 19241 फाइलों को हटाया गया।

विशेष अभियान 5.0 के लिए विभाग ने पहले ही नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इस विभाग के सभी प्रभागों और सभी अधीनस्थ/संलग्न कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकाय और डीएएंडएफडब्ल्यू के प्रशासनिक नियंत्रण वाले प्राधिकरण से अभियान को सफल बनाने के लिए इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया गया है।

डीएएंडएफडब्ल्यू के सचिव ने स्वच्छता ही सेवा और विशेष अभियान 5.0 के दौरान किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा करने के लिए इस विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में विभाग के नोडल अधिकारी और उसके संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों आदि के साथ दो बार विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें आयोजित की गईं।

उनसे अनुरोध किया गया कि वे तैयारी के प्रारंभिक चरण के दौरान स्वच्छता स्थलों, स्थान प्रबंधन, ई-कचरे, स्क्रैप और अनावश्यक वस्तुओं के निपटान, सांसदों, राज्य सरकारों, अंतर-मंत्रालयी संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, पीएमओ संदर्भों, लोक शिकायतों और उसकी अपीलों तथा रिकॉर्ड प्रबंधन आदि से संबंधित लक्ष्यों की पहचान करें और उन्हें प्रस्तुत करें।

डीएएंडएफडब्ल्यू के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सभी प्रभागों/क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों के संबंध में विशेष अभियान 5.0 के लिए प्रारंभिक चरण में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 2 अक्टूबर, 2025 से कार्यान्वयन चरण शुरू किया जाएगा।

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एनपीएस के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों और पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यूपीएस चुनने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2025

वित्त मंत्रालय ने दिनांक 24.01.2025 की अधिसूचना संख्या एफ. सं. एफएक्स-1/3/2024-पीआर के माध्यम से पात्र केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) अधिसूचित की थी। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने स्पष्ट किया है कि एनपीएस के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों और पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यूपीएस चुनने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2025 है। सभी पात्र कर्मचारियों से आग्रह है कि वे अंतिम समय में आने वाली किसी भी कठिनाई से बचने और अपने अनुरोधों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए समय सीमा से पहले ही अपना विकल्प चुन लें। जो कर्मचारी एनपीएस में बने रहना चाहते हैं, वे इस तिथि के बाद यूपीएस नहीं चुन सकते।

इसके अलावा, डीएफएस ने दिनांक 25.08.2025 को एक कार्यालय ज्ञापन संख्या 1/3/2024-पीआर जारी किया है, जिसमें केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए एकमुश्त, एकतरफा स्विच सुविधा शुरू की गई है, जिन्होंने पहले ही यूपीएस का विकल्प चुना है, जिससे उन्हें निर्दिष्ट शर्तों के तहत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में वापस लौटने की अनुमति मिलती है:

  1. यूपीएस के अंतर्गत पात्र कर्मचारी केवल एक बार एनपीएस में स्विच कर सकते हैं, तथा वापस यूपीएस में स्विच नहीं कर सकते।
  2. स्विच विकल्प का प्रयोग सेवानिवृत्ति से कम से कम एक वर्ष पूर्व या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से तीन महीने पूर्व किया जाना चाहिए, जो भी लागू हो।
  3. दंड के रूप में निष्कासन, बर्खास्तगी या अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामलों में या जहां अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही हो या विचाराधीन हो, वहां स्विच सुविधा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  4. जो लोग निर्धारित समय के भीतर स्विच का विकल्प नहीं चुनते हैं, वे डिफ़ॉल्ट रूप से यूपीएस के अंतर्गत ही बने रहेंगे।
  1. जो कर्मचारी एनपीएस में बने रहना चुनते हैं, वे 30 सितम्बर 2025 के बाद यूपीएस का विकल्प नहीं चुन सकते।

इस पहल का उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाने में सूचित विकल्प प्रदान करना है। यूपीएस  चुनकर, कर्मचारी बाद में एनपीएस में स्विच करने का विकल्प बरकरार रख सकते हैं।

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सामाजिक सुरक्षा के लिए एसपीआरईई 2025 पर ज़ोर

कर्मचारी कल्याण कानूनों और योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय ने फरीदाबाद प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के बैनर तले जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य स्कूल अधिकारियों और प्रतिष्ठान मालिकों को कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के वैधानिक प्रावधानों और ईएसआई योजना के पंजीकरण के लाभों के बारे में शिक्षित करना था।

कार्यक्रम में ईएसआई अधिनियम के अनुसार, 10 या अधिक कर्मचारियों को रोजगार देने वाले प्रत्येक स्कूल, कारखाने, क्लिनिक, अस्पताल, दुकान या प्रतिष्ठान को इस योजना के तहत अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने पर प्रकाश डाला गया है। 10 कर्मचारियों की सीमा पूरी होने के 15 दिनों की अवधि के भीतर पंजीकरण पूरा किया जाना चाहिए। इस बात पर बल दिया गया कि ईएसआईसी पंजीकरण न केवल श्रम कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करता है, बल्कि ईएसआई पंजीकरण न होने के मामलों में, नियोक्ताओं को कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 और मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत उत्पन्न होने वाली वित्तीय देनदारियों से भी बचाता है।

प्रतिभागियों को बताया गया कि कई प्रतिष्ठान, वर्षों से पात्र होने के बावजूद, ईएसआईसी के साथ पंजीकरण कराने में विफल रहे हैं, इससे उनके कर्मचारी महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित हो रहे हैं। अनुपालन न करने पर पूर्वव्यापी अंशदान देनदारियां, ब्याज, दंड और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इन चिंताओं के समाधान और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए, सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ईएसआईसी द्वारा शुरू की गई नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीआरईई) 2025 के बारे में जानकारी दी गई। यह योजना पात्र प्रतिष्ठानों को पूर्वव्यापी जांच या मांग के डर के बिना ईएसआई योजना के तहत पंजीकरण कराने का अवसर प्रदान करती है। एसपीआरईई 2025 के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

नए पंजीकृत प्रतिष्ठानों के पिछले अभिलेखों का निरीक्षण नहीं;

पिछले अंशदान, ब्याज या दंड की मांग नहीं;

पिछले गैर-अनुपालन के लिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं;

प्रतिष्ठान स्वामी का पंजीकरण पंजीकरण की तिथि से ही मान्य होगा।

एसपीआरईई 2025 के अंतर्गत, नियोक्ता और कर्मचारी ईएसआईसी के सभी लाभों का लाभ उठा सकते हैं। इनमें चिकित्सा देखभाल, बीमारी और मातृत्व लाभ, स्थायी विकलांगता और आश्रित पेंशन, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता, अंतिम संस्कार व्यय, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास शामिल हैं।

यह विशेष पंजीकरण योजना 31 दिसंबर 2025 तक खुली रहेगी। इससे प्रतिष्ठानों को अपनी स्थिति को नियमित करने और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने के लिए सीमित समय मिलेगा।

सहायता या स्पष्टीकरण चाहने वाले प्रतिष्ठान मालिक तत्काल सहायता के लिए समर्पित हेल्पलाइन 0129-2222980/981 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस संगोष्ठी में लगभग 40 नियोक्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व ईएसआईसी हरियाणा के क्षेत्रीय निदेशक सुगन लाल मीणा ने किया और ईएसआई योजना के तहत वैधानिक दायित्वों और लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। टी.एस. दलाल (मुख्य संरक्षक),  नरेंद्र परमार (अध्यक्ष), राजदीप सिंह (महासचिव), भारत भूषण (कोषाध्यक्ष), श्री नारायण डागर, साकेत भाटिया,  राकेश बंसल, अनुभव माहेश्वरी, तुलसी, विनय गोयल, विनोद, मोहन और भगवान सिंह आदि अन्य प्रमुख लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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भारतीय रक्षा इंजीनियर सेवा ने 76वां स्थापना दिवस मनाया

रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक संगठित ग्रुप ‘ए’ कैडर, भारतीय रक्षा इंजीनियर सेवा (आईडीएसई) ने दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में अपना 76वां स्थापना दिवस मनाया। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। अपने संबोधन में  उन्होंने विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के माध्यम से राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों को मज़बूत बनाने में आईडीएसई कैडर के अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया और बदलते समय के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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रक्षा सचिव के संबोधन के पश्‍चात एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के कलाकारों द्वारा नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय के वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।आईडीएसई की औपचारिक स्थापना 17 सितंबर, 1949 को हुई थी और यह भारत के रक्षा इंजीनियरिंग परिदृश्य में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध हुआ है। देश भर के सैन्य केंद्रों पर तैनात इस संवर्ग के अधिकारी, वैवाहिक आवासों, तकनीकी और प्रशासनिक भवनों से लेकर हवाई अड्डों, हैंगरों, नौसेना घाटों, अस्पतालों और सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल एवं डीआरडीओ के लिए विशेष सुविधाओं तक, रक्षा अवसंरचना के निर्माण और रखरखाव का दायित्‍व निभाते हैं

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केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने हिंडन हवाई अड्डे से अखिल भारतीय ‘यात्री सेवा दिवस 2025’ का शुभारंभ किया

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने आज देश भर के हवाई अड्डों पर ‘यात्री सेवा दिवस’ पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर, हवाई अड्डों पर निःशुल्क चिकित्सा जाँच और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाए गए, जिनमें स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत महिला यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 75वें जन्मदिन पर सशक्त समुदायों के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत की। जनभागीदारी के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने पूरे भारत में महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया है। इसके अनुरूप,  राममोहन नायडू ने सभी हवाई अड्डों पर मनाए जाने वाले यात्री सेवा दिवस अभियान की शुरुआत की, जो सभी यात्रियों को सर्वोत्तम यात्रा अनुभव और विश्व स्तरीय सेवाएँ प्रदान करने के सरकार के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करता है।

हिंडन हवाई अड्डे से कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए, राममोहन नायडू ने कहा,”देश के प्रधान सेवक के रूप में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने  पिछले 11 वर्षों में शासन की अवधारणा को ही नया रूप दिया है और इसे जनसेवा में समर्पित किया है। इसी दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए, हम विमानन क्षेत्र में प्रत्येक यात्री को अपनी प्राथमिकता और प्रत्येक यात्रा को समर्पण भाव से सेवा करने के अवसर के रूप में देखते हैं। यह स्वीकार करते हुए कि यात्री हमारे तेज़ी से बढ़ते विमानन पारिस्थितिकी तंत्र की धड़कन हैं, हमने आज यात्री सेवा दिवस का शुभारंभ किया है। यह हमारे विकास का उत्सव है और साथ ही, प्रत्येक यात्रा को निर्बाध और सम्मानजनक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है, जो प्रधानमंत्री के राष्ट्र प्रथम के मार्गदर्शक सिद्धांत में निहित यात्री प्रथम की भावना को आगे बढ़ाता है।” पिछले 11 वर्षों में विमानन क्षेत्र की अभूतपूर्व वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, नागरिक उड्डयन क्षेत्र अभिजात वर्ग की यात्रा से आम जनता की यात्रा में बदल गया है। दूरदर्शी क्षेत्रीय संपर्क योजना “उड़ान” के सहयोग से, आज देश में हवाई यात्रा अधिक सुलभ, सुलभ और सस्ती है। 2014 में, हवाई यात्रियों की संख्या लगभग 11 करोड़ थी, जो अब 2025 में बढ़कर लगभग 25 करोड़ हो गई है। हिंडन हवाई अड्डे का उदाहरण देते हुए, उन्होंने बताया कि जिस हवाई अड्डे से 2020 में केवल एक उड़ान थी, वह अब देश भर के 16 शहरों से जुड़ गया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बहुत जल्द देश भर के सभी हवाई अड्डे वाई-फाई से लैस हो जाएँगे, जिससे यात्रियों के अनुभव में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के गतिशील नेतृत्व में, हम आत्मनिर्भर भारत की नींव पर निर्मित एक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसके लिए, विमानन उद्योग के सभी हितधारकों और विशेष रूप से यात्रियों को हमारी खरीदारी में स्थानीय उत्पादों के लिए मुखर होना होगा।”

हिंडन हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार भी उपस्थित थे। उन्होंने अपने उत्साहवर्धक संबोधन में कहा, “मैं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सभी कर्मचारियों को सभी हवाई अड्डों पर एक शानदार समारोह आयोजित करने के लिए बधाई देता हूँ, जो यात्रियों की सुविधा और कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री श्री राममोहन नायडू के कुशल नेतृत्व में, हम देश भर में डिजी यात्रा, उड़ान यात्री कैफ़े, फ्लाईब्रेरी जैसी कई पहल कर रहे हैं और हवाई अड्डे के अनुभव को यात्रियों के लिए और अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बना रहे हैं।”

यात्री सेवा दिवस पर, हवाई अड्डों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं व चित्रकला प्रतियोगिताओं जैसी आकर्षक गतिविधियों के साथ यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दिन के विषय को दर्शाने के लिए हवाई अड्डों पर विशेष सजावट की गई थी।

इस समारोह में रक्तदान शिविर, टैक्सी चालकों के लिए नेत्र परीक्षण और प्रधानमंत्री मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान जैसी सामुदायिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों के लिए इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का समापन हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों के योगदान को स्वीकार किया गया और यात्री कल्याण में निरंतर वृद्धि तथा भारत के विमानन बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

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