Breaking News

कानपुर

भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर ज्ञानशून्य भाषा से राष्ट्र का निर्माण कभी नहीं हो सकता। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ कर ही हिंदी सही मायनों में राजभाषा से विश्वभाषा का सफर तय कर सकेगी। उपरोक्त विचार क्राइस्ट चर्च कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर दिनांक 16.09.2025 को ‘भारतीय ज्ञान परंपरा और हिन्दी ‘ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन ने कहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया व औपचारिक स्वागत वक्तव्य हिन्दी विभाग की प्रभारी प्रो. सुजाता चतुर्वेदी ने दिया। 

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में ज्वाला देवी महाविद्यालय में हिंदी की सहायक आचार्य डॉ. खुशबू सिंह उपस्थित रहीं । अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े बिना हिंदी वैचारिक स्वराज्य की भाषा नहीं बन सकती । हिन्दी और भारतीय ज्ञान परंपरा एक दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं । हिंदी में शोध के अनेक नए आयाम व क्षेत्र भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर खुल सकते हैं। उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ ज्ञापित करते हुए हिंदी भाषा और साहित्य की समृद्धि से छात्रों को लाभान्वित होने का आह्वान किया। हिन्दी विभाग के सह-आचार्य श्री अवधेश मिश्र ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुलतावादी व प्रतिरोधी चरित्र को सही मायने में हिंदी ही प्रतिबिंबित करती है। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य अरुणेश शुक्ल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आधुनिक हिंदी साहित्य का पूरा ढाँचा पारंपरिक भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमि पर ही खड़ा है। हिंदी विभाग के विद्यार्थियों, विख्यात दुबे, फैरी , लुत्फ़ा,  ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि हिंदी का अपना चरित्र समन्वयवादी है। वह भारतीय ज्ञान परंपरा से इसी बिंदु पर जुड़ती है।

हिन्दी विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली जाने वाली भित्ति पटल पत्रिका और कविता पोस्टर प्रदर्शनी का लोकार्पण और उद्घाटन भी अतिथियों द्वारा किया गया। ये कविता पोस्टर कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए । 

कविता पोस्टर प्रतियोगिता में विजेता छात्र छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप अतिथियों द्वारा पुस्तकें प्रदान की गई। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वरीशा हाशमी (बी.ए. सेम. 3) ; राशू कनौजिया (बी.ए. सेम.1) ने द्वितीय स्थान ; शालिनी तिवारी (एम.ए. हिंदी सेम.1) तथा काव्या पाण्डेय (बी.ए. सेम.1) ने  तृतीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही सांत्वना पुरस्कार निकिता श्रीवास्तव (एम.ए. हिंदी सेम. 1) तथा फैरी (बी.ए. सेम. 5) ने प्राप्त किया। 

औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन हिंदी विभाग की छात्रा काव्या पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक , शिक्षणेत्तर कर्मचारी, शोधार्थी तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में  अक्सा, आयतल, प्रज्ञा , फैरी आदि विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Read More »

वृद्ध जनों की स्थिति विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस. एन. सेन महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा “भारत में वृद्ध जनों की स्थिति” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. निशि प्रकाश, प्रो. रेखा चौेबे, तथा कैप्टन ममता अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रतियोगिता में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर तथा बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल में चित्रकला विभाग की अध्यक्षा डॉ. रचना, शिक्षाशास्त्र विभाग की डा. अनामिका ने महती भूमिका निभाई।

प्रतियोगिता में भारत में वृद्ध जनों का सम्मान, सुरक्षा, पहचान, वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धावस्था हेतु सरकारी प्रयास, पारिवारिक संस्कार, और वृद्धों से जुड़ी समस्याओं के मुद्दे पर विचार प्रस्तुत किये गये। प्राचार्या ने अच्छे कार्यक्रम के आयोजन के लिए समाजशास्त्र विभाग को, प्रतिभागी छात्राओं तथा उपस्थित छात्राओं को बधाई दीं। प्रो. निशी प्रकाश ने जीवन में रिश्तों के सम्मान को बनाए रखने का संदेश छात्राओं को दिया। 

 प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निदा परवीन, दि्तीय स्थान कृष्टि कनौजिया, तृतीय स्थान सिमरन वर्मा ने प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कुमकुम पांडे ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन समाजशास्त्र विभाग की डॉ. रेनू कुरील तथा प्रो. मीनाक्षी व्यास ने किया। कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग की समस्त छात्राएं उपस्थित रही।

Read More »

सजेती के रामपुर में चकमार्ग पर अवैध कब्जा हटाया, बुलडोज़र चला

दैनिक भारतीय स्वरूप (जिला सूचना कार्यालय) थाना समाधान दिवस में प्राप्त प्रकरण के क्रम में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामपुर ग्राम, थाना सजेती, तहसील घाटमपुर स्थित चकमार्ग से अवैध कब्जा हटाया। गाटा संख्या 333, क्षेत्रफल 1460 वर्गमीटर पर होटल मालिक अशोक सिंह द्वारा बनाए गए ज़ीने और हमीरपुर निवासी बिल्डर फैजान अली आदि द्वारा खड़ी की गई दीवार को बुलडोज़र से ध्वस्त कर मार्ग को मुक्त कराया गया।

उपजिलाधिकारी घाटमपुर की मौजूदगी में राजस्व और पुलिस टीम ने पूरी कार्यवाही अंजाम दी। कब्जा मुक्त कराए गए रास्ते को ग्राम प्रधान को सुपुर्दगी में दे दिया गया है, ताकि ग्रामीणों के लिए रास्ते का निर्माण कराया जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कब्जेदारों को राजस्व निरीक्षक और लेखपाल द्वारा कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन न मानने पर कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। कार्रवाई के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने रास्ता खुलने पर राहत की सांस लेते हुए प्रशासन का आभार जताया। उपजिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह ने कहा कि सार्वजनिक मार्ग आमजन और किसानों के आवागमन का साधन होता है। इस पर किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति या बिल्डर द्वारा कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

Read More »

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर महिला सशक्तिकरण और कल्याण को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की मिशन शक्ति इकाई ने 13 सितंबर 2025 को मेरी आवाज, मेरी पसंद विषय पर मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं पर केंद्रित था और प्रॉक्टर एंड गैबल द्वारा उदारतापूर्वक प्रायोजित किया गया था। इसमें संकाय सदस्य, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रही। मिशन शक्ति की प्रभारी प्रो मीत कमल ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया और मासिक धर्म स्वास्थ्य पर खुली बातचीत के महत्व पर जोर देकर सत्र की शुरुआत की उन्होंने कहा कि ये विषय हमेशा से कलंक और चुप्पी से घिरा रहा है।

प्राचार्य प्रो० विनय जॉन सेबेस्टियन ने इस पहल की सराहना की तथा इसे बाधाओं को तोडने वाला और महिलाओं को उपलब्ध स्वास्थ्य विकल्पों के बारे में जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद ने इस बात पर जोर दिया कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत स्वच्छता का मामला नहीं है, बल्कि यह सम्मान, समानता और अधिकारों का भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अतिधि वक्ताओं सूर्याश सक्सेना और अंजलि शुक्ला का संबोधन था, जिन्होंने मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व, उपेक्षा से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों और महिलाओं के प्रति भेदभाव को बढ़ावा देने वाले मिथकों को दूर करने की तत्काल आवश्यकता पर खुलकर बात की। इस सत्र में तथ्यों, व्यक्तिगत अंतर्दृष्टि और प्रेरक मार्गदर्शन का समावेश था, जिसने छात्राओं को गहराई से प्रभावित किया।कार्यक्रम का संचालन छात्रा स्वयंसेवकों ओजस्विनी, कांची, सुंदरम, अनमता, प्राची, वृंदा, वंशिका और आदर्श ने सुचारू रूप से किया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. और एक स्वस्थ और अधिक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए जागरूकता, शिक्षा और स्वच्छता तक पहुँच आवश्यक है। सभी उपस्थित लोगों को सैनिटरी नैपकिन के निःशुल्क पैकेट वितरित किए गए। मिशन शक्ति मानसिकता बदलने और युवा महिलाओं को अपनी भलाई की जिम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बनाने में योगदान देता है।

Read More »

दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में नशा मुक्त युवा – विकसित भारत पर संगोष्ठी विषय पर संगोष्ठी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति के लिए सामूहिक शपथ ग्रहण की। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय से प्रायोजित और उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करना रहा। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग द्वारा निर्देशित इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिनका उद्देश्य आज के समय में युवाओं के बीच तेजी से फैल रहे नशे की लत को जड़ से समाप्त करना है। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया जिसमें कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही ने छात्राओं को नशे से होने वाले व्यापक नुकसान एवं उससे बचाव के उपायों पर विस्तार पूर्वक जानकारियां दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ अंजना श्रीवास्तव तथा समस्त वॉलिंटियर्स का विशेष योगदान रहा।

Read More »

सेन कॉलेज में इनोवेशन सेल के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम “संकल्प: हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वोमेन” विषय पर कार्यशाला आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज में इनोवेशन सेल के तत्वावधान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम संकल्प: हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वोमेन के १० दिवसीय अभियान के अंतर्गत किया

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चरणों में श्रद्धा पूर्वक पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर प्रबन्ध तंत्र के सचिव श्री पी के सेन, प्राचार्या प्रोफ़ेसर डॉ सुमन तथा राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अनीता गुप्ता ने किया ।एंटी क्राइम ब्यूरो के चेयरमैन एडवोकेट रिजवान अली खान , महिला थाने की एस एच ओ कमर सुल्ताना, महिला कल्याण विभाग की काउंसलर मनोवैज्ञानिक डॉ राबिया सुल्ताना,श्रम विभाग तथा यूनिसेफ के टेक्निकल रिसोर्स पर्सन प्रतीक श्रीवास्तव,महिला कल्याण की जिला कोऑर्डिनेटर मोनिका यादव, महिला कल्याण विभाग की जेंडर स्पेशलिस्ट शैल शुक्ला तथा रागिनी श्रीवास्तव ने छात्राओं को अपने अपने विषय की जानकारी देते हुए हौसला बढ़ाया और बताया जीवन के संघर्ष में सरकार और महिला कल्याण मंत्रालय विभिन्न प्रकार से सहयोग के लिए तत्पर है । सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिये फ्री विधिक सहायता, पुलिस सहायता और अन्य सहायता योजनाएं संचालित की हैं जो तभी कारगर होंगी जब आपको उसकी जानकारी हो ।कार्यक्रम में १०० से अधिक छात्राओं ने जानकारी प्राप्त कर स्वयं का संबल बढ़ाया और भविष्य में स्वयं एवं अन्य महिलाओं की सुरक्षा में भागीदारी का संकल्प लिया ।कार्यक्रम में छात्राओं के अतिरिक्त महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया ।डॉ प्रीति सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया और प्रो रेखा चौबे , प्रो गार्गी यादव प्रो अलका टंडन,कैप्टन ममता अग्रवाल डा रचना निगम डॉ शुभा,डॉ अनामिका और डॉ समीक्षा सिंह ने सक्रिय योगदान दिया।

Read More »

व्यक्तित्व विकास हेतु सॉफ्ट स्किल्स पर दो दिवसीय कार्यशाला” 10 और 11 सितंबर 2025”

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर में लैंगिक संवेदनशीलता एवं महिला विकास प्रकोष्ठ के अंतर्गत, 10 और 11 सितंबर को सर्वपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज सभागार में “व्यक्तित्व विकास हेतु सॉफ्ट स्किल्स पर दो दिवसीय कार्यशाला” संपन्न।कार्यशाला के पहले दिन व्यावसायिक और व्यक्तिगत सफलता के लिए छात्रों में संचार कौशल को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र का विषय था “बोलें, नेतृत्व करें और प्रेरित करें: नेतृत्व और प्रबंधन के लिए संचार कौशल में निपुणता प्राप्त करें।”

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि वक्ता प्रो. नीता जैन, प्राचार्य विनय जे. सेबेस्टियन, उप-प्राचार्य प्रो. श्वेता चांद और जीएसडब्ल्यूडीसी समन्वयक प्रो. विभा दीक्षित द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद आदरणीय प्राचार्य ने अपने संबोधन में करियर की सफलता और व्यक्तिगत विकास के लिए प्रभावी संचार के महत्व पर अपने विचार साझा किए। जीएसडब्ल्यूडीसी समन्वयक, विभा दीक्षित ने सॉफ्ट स्किल कार्यशाला के विषय और उद्देश्यों तथा छात्रों के लिए इसके अपेक्षित परिणामों के बारे में जानकारी दी। मुख्य सत्र सीएसजेएम विश्वविद्यालय और क्राइस्ट चर्च कॉलेज की पूर्व प्राचार्य और डीन प्रो. नीता जैन ने दिया, जिन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास में प्रभावी संचार, आत्मविश्वास निर्माण और नेतृत्व के महत्व पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने इंटरैक्टिव गतिविधियों और रोल-प्ले सत्रों के माध्यम से टीम निर्माण, निर्णय लेने और समस्या-समाधान जैसे नेतृत्व और प्रबंधन कौशल पर विस्तार से बताया। डॉ. रुक्मणी देवी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और मनीषी त्रिवेदी ने प्रभावी ढंग से सत्र का संचालन किया।

कार्यशाला में काफी संख्या में छात्रों और शिक्षकों ने बहुत उत्साह से सहभागिता की और आत्म-अभिव्यक्ति और नेतृत्व रणनीतियों के लिए आयोजित व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लिया। उपस्थित कुछ संकाय सदस्यों में प्रोफेसर सुजाता चतुर्वेदी, ज्योत्सना लाल, मीतकमल, एस.पी. सिंह, फिरदौस कटियार, आशीष ओमर और छात्र टीम में वर्षा, छवि, सृष्टि और सुप्रिया शामिल हुए

Read More »

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में महिला अधिकारों एवं कानूनों पर विशेष जागरूकता वार्ता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 2 सितंबर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर में आज महिला अधिकारों एवं कानूनों पर एक विशेष जागरूकता वार्ता का आयोजन मिशन शक्ति यूनिट और ICC cell कमेेटी द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रारम्भ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत डाॅ अंजलि श्रीवास्तव ने आयोजन कमिटी औऱ सेल के बारे में जानकारी देकर किया ।इस अवसर पर कार्यक्रम के वक्ता वरिष्ठ ऐडवोकेट (क्रिमिनल) श्री मुरारी लाल गौर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों तथा कानूनी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाएँ समाज की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के बिना वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।
उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निरोधक कानून सहित अनेक प्रावधानों की जानकारी दी और युवाओं से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।उहोंने अनुच्छेद 14 , अनुच्छेद 21 , दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 , घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी ।
कॉलेज के प्राचार्य विनय जॉन सेबेस्टियन आयोजन समिति ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा छात्र-छात्राओं को ऐसे कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम मे उप प्राचार्या श्वेता चंद के साथ काॅलेज के अन्य फैक्लिटी सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. मीत कमल एवं आयोजन समिति मिशन शक्ति यूनिट की ओर से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन वैष्णवी गुप्ता द्वारा किया गया। स्टुडेंट वॉलंटियर प्राची गुप्ता , आदर्श सिंह चौहान , इल्मा , जागृति गुप्ता , संस्कार , हर्षित मिश्रा , हर्ष बाजपेई के सहयोग से कार्यक्रम सफल रूप से संपन्न हुआ।

Read More »

कलस्टर/समूह में स्थापित करें परियोजना/स्वरोजगार इकाई, मिलेगा ₹50,000/- का अनुदान

दैनिक भारतीय स्वरूप जिला सूचना कार्यालय कानपुर 30 अगस्त, 2025* जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/जिला प्रबंधक, उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड, कानपुर नगर, शिल्पी सिंह ने बताया कि केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत ग्रांट-इन-एड योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के लिए स्वरोजगार हेतु योजना संचालित की जा रही है।

इस योजना के तहत इच्छुक व्यक्ति कम से कम तीन लोगों का समूह बनाकर तथा कलस्टर के माध्यम से अपनी स्वरोजगार इकाई स्थापित कर सकते हैं। योजना में संबंधित व्यवसाय का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा और परियोजना स्थापित कराकर आय सृजन हेतु ₹50,000/- अथवा परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान प्रदान किया जाएगा। परियोजना लागत का 05 प्रतिशत लाभार्थी का अंशदान होगा तथा शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

योजनान्तर्गत स्थापित की जा सकने वाली परियोजनाओं में कलस्टर आधारित बुटीक, ब्यूटी पार्लर, सोलर पैनल इंस्टॉलेशन तकनीशियन, लॉजिस्टिक वाहन चालक, कीऑस्क/किराना/जनरल स्टोर, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सेवा, ऑटो/ई-रिक्शा चालक सेवा, मुर्गी पालन, डेयरी एवं वर्मी कम्पोस्टिंग, बकरी पालन, मल्टी-स्किल्ड निर्माण कार्य, महिला गृह उद्योग, टू-व्हीलर/थ्री-व्हीलर मैकेनिक सेवा, आईटी सपोर्ट/हार्डवेयर कार्य, मॉड्यूलर फर्नीचर/बढ़ई कार्य तथा जनसुविधा संबंधी कार्य शामिल हैं।

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक अनुसूचित जाति का व्यक्ति और जनपद का निवासी होना चाहिए। उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो तथा परियोजना के अनुसार साक्षर होना आवश्यक है। आवेदक समूह/कलस्टर में काम करने का इच्छुक हो, निगम की किसी योजना का बकायेदार न हो और ओ०टी०एस० के माध्यम से ऋण का भुगतान न किया हो। चयन में आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है, लेकिन वार्षिक ₹2.50 लाख तक आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। समूह या कलस्टर को परिवार इकाई के रूप में मान्यता दी जाएगी। आवेदक को राज्य सरकार की अन्य योजना अथवा एस०सी०ए० अम्ब्रेला योजना के अंतर्गत पूर्व में वित्तपोषित नहीं होना चाहिए तथा उसका सिबिल स्कोर मानक के अनुरूप होना चाहिए। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक स्व-सत्यापित दस्तावेजों में दो पासपोर्ट साइज फोटो, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, उच्चतम शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की प्रति और परियोजना रिपोर्ट संलग्न करनी होगी।

आवेदक https://grant-in-aid.upsfdc.in वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शहरी क्षेत्र के आवेदक कार्यालय, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/जिला प्रबंधक, उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड, 14 लखनपुर, कानपुर नगर (निकट गुरूदेव पैलेस चौराहा) में तथा ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक संबंधित विकास खंड के सहायक/ग्राम विकास अधिकारी (स०क०) से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7607171710 पर संपर्क किया जा सकता है

Read More »

कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान से 7 दिवसीय कार्यशाला का समापन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 30 कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में समाजशास्त्र विभाग एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान से एक हफ्ते की कार्यशाला का समापन हुआ।यह कार्यशाला सोमवार दिनांक 25.08.2025 से प्रारंभ हुई थी।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती को नमन करके किया गया। अतिथियों का स्वागत, प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा मोमेंटो भेंट देकर किया गया।प्राचार्या जी ने अपने उद्बोधन में इस विशिष्ट कार्यशाला से लाभान्वित छात्राओं को इसे शत प्रतिशत अपने जीवन और आचरण में उतारने के लिए प्रेरित किया और कहा कि यदि आप इसे अपने जीवन में उतारेंगी तो आप 100% एक अच्छी इंसान तो बनेंगी साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता भी अर्जित करेंगी। आप इस देश का भविष्य है अतः आपके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होने से ही हमारे देश की स्वस्थ भावी और संस्कारवान पीढ़ी का सृजन संभव है। आज आवश्यकता है कि भटकी हुई युवा पीढ़ी जागृत हो तभी भारत का बेहतर कल संभव है। मैं इस सफल आयोजन के लिए समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ पूर्णिमा शुक्ला को बधाई देती हूं कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय *आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी* पर इतने अच्छे और संपूर्ण स्वास्थ्य की जानकारी से पूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया और इसे एक रेगुलर कोर्स के रूप में छात्राओं के लिए आयोजित कर रहीं हैं ताकि हमारी छात्राओं के व्यक्तित्व का चहुंमुखी विकास हो।

 कार्यशाला के अंतिम दिन पूरे सप्ताह के हर सेशन की रिपोर्ट छात्राओं द्वारा पढ़ी गई और साथ ही छात्राओं ने अपने अनुभव को भी साझा किया। छात्राओं ने बताया कि हमें पहले कभी भी इस विषय में जानकारी नहीं थी कि हम पूर्ण रूप से कैसे स्वस्थ रह सकते हैं। छात्रा शिफा और कहकशा ने बताया कि हमने इस कार्यशाला में प्रतिभाग लेकर जाना कि हम अच्छा और स्वस्थ जीवन जीने की मूलभूत रूप से हमें क्या करने की आवश्यकता है।इस तरह की जानकारी तो हर छात्र, छात्रा को अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए। छात्रा महक और प्रिया ने कहा कि अभी तक हम सिर्फ शारीरिक स्वस्थ होने को ही पूर्ण स्वास्थ्य मानते थे लेकिन हमने इस कार्यशाला में जाना कि मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होने पर ही कोई व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ होगा। छात्रा बेबो और तनीषा ने कहा कि हमें जागरूक होने के साथ साथ जागृत भी होना है ताकि हम एक बेहतर कल और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें।

 इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ० संगीता सारस्वत, सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट,कन्वीनर द्वारा छात्राओं को गहनता से उनके वातावरण, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, दिनचर्या इत्यादि का उनके जीवन और आने वाले भविष्य पर प्रभाव को वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि आज का युवा अपनी शक्तियों का दुरूपयोग कर रहा है। संस्कारों की जागृति से ही नई पीढ़ी का भविष्य संरक्षित और संवर्धित हो सकता है। 

विशिष्ट वक्ता डॉ नीरू तिवारी जी ने छात्राओं की एक आदर्श दिनचर्या और पोषण के विषय में बताया और कहा कि ईश्वर ने अपने बाद यदि किसी को सृजन की शक्ति दी है तो केवल स्त्री को । अतः हमें अपने आत्मबल और शक्तियों को पहचान कर सही दिशा में आगे बढ़ना है और एक नई ऊर्जा के साथ भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। कार्यशाला की वक्ता डॉ० शिखा अग्रवाल ने छात्राओं को जीवन में योग की महत्ता को बताया कि किस समय, कब और कैसे योग को करना चाहिए जिससे कि हमारा शरीर और मस्तिष्क दोनों ही स्वस्थ रहें। 

कार्यक्रम के अंतिम चरण में छात्राओं का पूरी कार्यशाला में पढ़ाए गए पाठयक्रम पर आधारित एक परीक्षा का आयोजन भी किया गया जिसमें प्राप्त अंकों के आधार पर छात्राओं को गायत्री परिवार शांतिकुंज की ओर से प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। इस कार्यशाला में 70 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग लिया । कार्यक्रम का समापन डॉ० रितु नारंग, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर किया गया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ० पूर्णिमा शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी की कानपुर डिस्ट्रिक टीम एवं महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

Read More »