भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 14 अप्रैल, दयानंद गर्ल्स कॉलेज में अंबेडकर जयंती के उपलक्ष में समारोह आयोजित किया गया। सर्वप्रथम प्राचार्या प्रोफेसर वंदना निगम एवं निदेशक प्रोफेसर अर्चना वर्मा के द्वारा माल्यार्पण किया गया। प्राचार्या जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादाई ह। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन एवं शिक्षा के द्वारा विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाई। राजनीति विज्ञान विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विशाखा के द्वारा छात्राओं को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जीवन वृतांत तथा उनके अविस्मरणीय योगदान पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। इस अवसर पर सभी ने संविधान की शपथ भी ली तथा छात्राओं *”डॉ भीमराव अंबेडकर तथा संविधान निर्माण”* विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर संगीता सिरोही, प्रोफेसर अर्चना श्रीवास्तव, समस्त विभाग प्रभारियों, प्राध्यापिकाओं, कर्मचारी तथा छात्राओं ने हर्षोल्लास के साथ हिस्सा लिया। सभी ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
कानपुर
*बवाल ए पनकी पर कमिश्नर और डीसीपी से सीखे थाना प्रभारी*
भारतीय स्वरूप कानपुर संवाद सूत्र विकास बाजपेई बीते दिनों मेस्टन रोड़ पर शुरू होती अराजकता को डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह द्वारा जिस तरह रोका गया, उसकी तारीफ में शब्द कम पड़ सकते है,या फिर आप कह सकते हैं कि श्रवण कुमार सिंह को अराजकता मुक्त वातावरण निर्मित करने में पूर्व से ही महारत हासिल है, जिसने मुजफ्फरनगर दंगों जैसे बिगड़ते हालातो को संभालने में अहम भूमिका अदा की हो उसके लिए मेस्टन रोड़ घटनाओं को संभालना बेहद आसान जैसा है,कानपुर कमिश्नर अखिल कुमार की भाषा शैली का हर कोई मुरीद है..फरियादी से बात करने का उनका लहजा इतना सादगी पूर्ण है,कि फरियादी बात करते समय यह बात समझ ही नहीं पता कि वह बात कानपुर कमिश्नर को बता रहा है या किसी अपने को!कुछ ऐसी ही सादगी वाली फोटो बीते दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिस फोटो में एक किसान जैसे व्यक्ति से दिखने वाले शख्स से कानपुर कमिश्नर अखिल कुमार उन्हीं के सामने खड़े होकर बातचीत कर रहे थे… ऐसे में आपको यह लग रहा होगा कि आखिरकार इस समय इन सब घटनाओं को पुनः स्मरण करवाने कि आवश्यकता क्या है? तो वह भी समझ लीजिए,बीते दिनों एक शिवम शुक्ला नामक व्यक्ति थाने पर चोरी कि शिकायत लेकर पहुंचा, उनका कहना था कि खाली पड़े फ्लैट से चोरी हुआ सामान उसने एक कबाड़ कि दुकान के पास रखा देखा है उसने मौके पर पुलिस को भी फोन किया लेकिन पुलिस के आने से कुछ समय पूर्व ही एक अन्य स्थानीय बड़ा कबाड़ कि दुकान का मालिक समझौता करने का दवाब बनाने लगा,अब यह व्यक्ति कौन था? यह जाँच का विषय है…अब उस व्यक्ति का चोरी हुए कबाड़ से क्या लेना देना है यह बात भी जांच के दायरे में है… खैर हम बता रहे थे कि व्यक्ति थाने पहुंचा, उसने पहले पूरी बात एक दरोगा को बताई… दारोगा नाम मुझे ठीक ठीक याद नहीं .. और बताने कि भी विशेष आवश्कता भी नहीं है, क्योंकि वह तो अधिकारी के द्वारा दिए गए आदेश का पालन ही कर रहा था, अब यही दरोगा चोरी की घटना का प्रार्थना पत्र दे रहे तीन लोगों को वर्तमान थाना प्रभारी पनकी के पास ले गया, प्रार्थी ने अपनी बात बताई…थाना प्रभारी ने पूछा वहां का केयरटेकर कौन है? प्रार्थी शिवम ने मुँह हिलाते हुए कहा साहब मैं !इसके बाद जो जवाब दिया गया उन शब्दों को लेख में कोड करना सही नहीं है,लेकिन फिर भी थाना प्रभारी का वह जवाब बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं था,इस जवाब का उद्देश्य समझा जाए तो वह यह था कि चोरी की घटना को लेकर आए व्यक्ति पर कार्रवाई का दवाब बनाया जाना!
यह सब मैं इतनी सरलता से इसलिए जानता हूँ क्योंकि उस समय मैं वहीं एक कुर्सी पर बैठकर चुपचाप पूरे घटनाक्रम को देख रहा था,खैर अब आगे की बात सुनिए,यह पूरी बातचीत करने के बाद वह लोग जब बाहर निकले, तो लिखकर दिया गया कि हमें मामले पर कोई कार्रवाई नहीं चाहिए,अब यह किस तरह से और किसकी वजह से लिख कर दिया गया होगा…यह बात आप लोग भी भली-भांति समझते होंगे,इस वक्त यह भी बात भी ध्यान देने योग्य है कि आखिरकार वह व्यक्ति कौन था जो प्रार्थी को कबाड़ की दुकान में मिला था,और मामले को दबाने के लिए कह रहा था क्या उसने पहले से पुलिस से बात करके रखी थी?और क्या इसीलिए मामले में विभिन्न तरह की पुलिसिया बातें करके समझौता करवा दिया गया…!खैर यही वह समय था जब इस मामले में अहम मोड़ आया,और प्रार्थी का एक अपना थाने में अधिक साउंड का प्रयोग करने के मामले में पकड़कर लाया गया, पहले से ही पुलिस कि कार्यशैली से रुष्ट प्रार्थी अब अपनी बात थाना प्रभारी को बताने कि गुस्ताखी नहीं करना चाहता था,क्योंकि इस बार भी उसे लग रहा था कि पुलिस उल्टा उस पर दवाब बनाएगी, यही कारण रहा कि उसने अपनी माता जी को घटना बताई,मोहल्ले के कुछ लोगों को फोन किया…वह लोग थाने आ गए, हो हल्ला शुरू हो गया है, थाना प्रभारी मय फोर्स बाहर आए और पुलिसिया बल पर माहौल को शांति मय तब्दील करने का प्रयास किया, उक्त घटना का वीडियो भी मैंने अपने फोन में कैद किया लेकिन वीडियो के वायरल होने पर निर्दोषों पर भी कार्रवाई हो जाती.. इसलिए मैंने वीडियो को डिलीट कर दिया! इन सब घटनाक्रम को देखने के बाद यह बात मन को बार बार उलझन मय कर रही थी कि शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए अगर थाना प्रभारी ने कुछ सहजता दिखाई होती, प्रार्थी को अपना समझकर मामले को हल करने का प्रयास किया होता तो इतना बवंडर ना होता!काश! थाना प्रभारी भी कमिश्नर अखिल कुमार की भावनाओं को समझते और प्रार्थी के साथ वैसा ही व्यवहार करते जैसा कमिश्नर अखिल कुमार करते हैं,और खास शांति व्यवस्था को बाहल रखने में थाना प्रभारी डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह कि रणनीति को समझ कर फॉलो कर पाते…!
Read More »शिक्षा का स्रोत अब शुद्ध नहीं रहा
‘शिक्षा’ पाना हो गया दूभर,
जब से यह व्यापार बनी।
ज्ञान की गंगा सूख रही है,
शातिरों की दुकान चली।।”
👉शिक्षा के व्यावसायीकरण और उससे उपजी समस्याओं पर गहरा कटाक्ष करती मेरी शायरी न केवल एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है, बल्कि समाज में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे पतन को भी उजागर करती है।
👉 एक कड़वी हकीकत यह है कि
शिक्षा, जो कभी ज्ञान, नैतिकता और जीवन मूल्यों की आधारशिला मानी जाती थी, आज एक विशाल व्यवसाय बन चुकी है। प्राचीन भारत में गुरुकुलों की परंपरा थी, जहां गुरु अपने शिष्यों को बिना किसी भेदभाव के ज्ञान प्रदान करते थे। लेकिन आज के दौर में शिक्षा एक ऐसा बाजार बन गया है, जहां डिग्रियां, सर्टिफिकेट और रैंकिंग्स की कीमत तय होती है, न कि ज्ञान की।
👉 अच्छी शिक्षा अब गरीब और मध्यम वर्ग के लिए एक बोझ बन गई है। महंगी फीस, कोचिंग संस्थानों की लूट, और निजी स्कूलों-कॉलेजों की मनमानी ने इसे एक ऐसा सपना बना दिया है, जो हर किसी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
👉 शिक्षा का असली मकसद है व्यक्ति का सर्वांगीण विकास: बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक। लेकिन आज शिक्षा केवल नौकरी पाने का जरिया बनकर रह गई है। स्कूलों और कॉलेजों में रट्टा मारने की संस्कृति, परीक्षा में नंबर लाने की होड़, और प्रतिस्पर्धा ने ज्ञान के प्रति जिज्ञासा को खत्म कर दिया है। बच्चे किताबों को बोझ की तरह ढोते हैं, लेकिन उनमें जीवन के लिए जरूरी समझ और संवेदनशीलता का विकास नहीं हो पाता।
इसके अलावा, शिक्षा का स्तर भी असमान है। सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी और शिक्षकों की उदासीनता है, तो निजी संस्थानों में मुनाफे की भूख। दोनों ही स्थितियों में असली हानि विद्यार्थियों की होती है। यह कटु सत्य है कि, “शिक्षा का स्रोत अब शुद्ध नहीं रहा, बल्कि प्रदूषित होकर केवल दिखावे का रह गया है।”
👉शिक्षा क्षेत्र में माफिया तंत्र की मौजूदगी को उजागर करता है। कोचिंग संस्थान, निजी विश्वविद्यालय, और डिग्री बेचने वाली दुकानें इस माफिया तंत्र का हिस्सा हैं। ये संस्थान मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन बदले में न गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देते हैं और न ही नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं। कई बार तो फर्जी डिग्रियां और पेपर लीक जैसे घोटाले भी सामने आते हैं, जो इस तंत्र की गहरी जड़ों को दिखाते हैं।
उदाहरण के लिए, भारत में इंजीनियरिंग, मेडिकल और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग संस्थानों का बोलबाला है। ये संस्थान लाखों रुपये की फीस लेते हैं, लेकिन हर छात्र को सफलता की गारंटी नहीं दे सकते। फिर भी, माता-पिता और छात्र सामाजिक दबाव और भविष्य की चिंता में शातिरों के चक्कर में पड़ जाते हैं। यह शातिरों की ऐसी दुकान है, जो सपनों को बेचती है, लेकिन हकीकत में केवल मुनाफा कमाती है।
👉शिक्षा के इस व्यावसायीकरण का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। सबसे बड़ा प्रभाव है। अमीर लोग अपने बच्चों को महंगे स्कूलों और विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ा सकते हैं, लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह संभव नहीं। नतीजा यह है कि सामाजिक गतिशीलता रुक रही है, और गरीब हमेशा गरीब बना रहता है।
इसके अलावा, शिक्षा का यह रूप युवाओं में तनाव और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ा रहा है। आत्मविश्वास की जगह असुरक्षा, और जिज्ञासा की जगह रटने की आदत ने नई पीढ़ी को खोखला कर दिया है।
👉 मेरी निजी राय है कि, “निजी संस्थानों पर सरकारी नियंत्रण की जरूरत है ! फीस व शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि शिक्षा माफिया की मनमानी पर लगाम लगे।”
👉 शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर अनेक सवाल उठाती है और हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी भावी पीढ़ियों को क्या दे रहे हैं ?
✒️श्याम सिंह पंवार कानपुर।
Read More »जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद के शहरी क्षेत्रों में भूजल प्रबन्धन के दीर्घकालिक उपायों हेतु कार्य योजना बनाये जाने के सम्बन्ध में बैठक संपन्न
भारतीय स्वरूप संवाददाता जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर 09 अप्रैल जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद के शहरी क्षेत्रों में भूजल प्रबन्धन के दीर्घकालिक उपायों हेतु कार्य योजना बनाये जाने के सम्बन्ध में जनपद स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा, जिन औद्योगिक , अवसंरचनात्मक, वाणिज्यिक एवं सामूहिक भूजल उपयोक्ताओं को भूजल निष्कर्षण हेतु एन0ओ0सी0ली0 जारी की गई है और उनके द्वारा एनओसी की नियत- शर्तों के अनुसार जल का रिचार्ज नहीं किया जा रहा है। उनके विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए।
*10 औद्योगिक इकाईयों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश*
जिलाधिकारी द्वारा नियम एवं शर्तों का पालन न करने वाले थ्रेड्स इंडिया लिमिटेड,लोहिया कॉर्प लिमिटेड, अनीसा कारपेट लिमिटेड,
शैम टेक्सटाइल, नमस्ते इंडिया फूड्स, (शिवराजपुर यूनिट)स्पाई पिक फूड एल एल पी,जॉन्सन मैथे केमिकल्स, कानपुर प्लास्टिपैक,
सुपर टैनरी, हरिओम इंडस्ट्री, औद्योगिक इकाइयों को नोटिस दिए जाने के निर्देश दिए गए ।
जिलाधिकारी ने अपर नगर आयुक्त नगर निगम को निर्देशित करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों में स्थित पार्कों एवं तालाबों को चिन्हित कर उनमें वर्षा जल संचयन के प्रभावी उपाय तथा उनके जीर्णोद्धार किये जाने के निर्देश दिये गये।साथ ही निर्देशित करते हुए कहा कि पार्कों के निर्माण कराते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि पार्कों में केवल 5 प्रतिशत ही निर्माण कराया जाए ।
जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में में 100 वर्ग मी०या उससे ऊपर सभी प्रकार के भूखण्डों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना करने हेतु सम्बन्धित विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, समस्त सरकारी भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना कराये जाने हेतु समस्त सम्बन्धित विभाग को निर्देशित किया गया ।
निर्देश दिए, भविष्य में नये शासकीय / अद्धशासकीय भवनों के निमार्ण में वर्षा जल के जल को ग्राउन्ड वाटर रिचार्जिंग हेतु आवश्यक व्यवस्था कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने अपर नगर आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि म्युनिसिपल ग्राउन्ड वॉटर सिक्योरिटी प्लान बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने समस्त निर्माणाधीन सरकारी ,गैर सरकारी कार्यालयों के निर्माण प्रपोजल तैयार करते समय अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेसिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर नगर आयुक्त, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, अधिशासी अभियन्ता, जल निगम नगरीय, सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, हाइडोलाजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग एवं शुभाषिनी शिवहरे फाउन्डेशन से डा० शुभाषिनी खन्ना द्वारा प्रतिभाग किया गया।
डीएम की दो- टूक, “विद्यालय प्रबंधन स्कूल चलाएं ना कि दुकान
भारतीय स्वरूप जिला सूचना कार्यालय कानपुर 9 अप्रैल जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आज जनपदीय शुल्क नियामक समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की गयी, उक्त बैठक में समिति के सदस्यो के साथ-साथ समिति की विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन उपस्थिति रही। बैठक में उन विद्यालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए जिनकी अभिभावकों ने सबसे ज्यादा शिकायतें की।
इन विद्यालयों के प्रतिनिधियों की ली क्लास*
जिलाधिकारी द्वारा जनपद के एक्मे पब्लिक स्कूल, गुजैनी, ऐन एल के इण्टर कालेज, अशोक नगर,ऐन एल के पब्लिक स्कूल, जवाहर नगर, एस०जे० विद्या निकेतन इण्टर कालेज, नौबस्ता, वेण्डी ऐकेडमी हाईस्कूल, साकेत नगर और चिन्टल्स स्कूल, 121 एच, आई०जी० रतनलाल विद्यालयों के प्रतिनिधियों को दो- टूक कहा कि वे स्कूल चलाएं ना कि दुकान। जिस पर विद्यालय के प्रतिनिधियों ने कहा, उन पर पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं।छात्रों से ना तो गलत फीस वसूली जा रही है और ना ही उन्हें किताब अथवा कॉपी किसी चुनिंदा दुकान से खरीदने को बाध्य किया जाता है। प्रतिनिधियों के उक्त जवाब से जिलाधिकारी व समिति के सदस्य संतुष्ट नहीं दिखे। इसलिए उन्होंने 11 अप्रैल शुक्रवार को समिति के समक्ष बुक सेलर्स को भी बुलाने के निर्देश दिए।और जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य सदस्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि बुक सेलर्स और विद्यालय प्रबंधन के सांठ – गाँठ की जांच की जाए । राजस्व एवं शिक्षा विभाग की टीम अभिभावकों के घर-घर जाकर उनका फीडबैक लें ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। बैठक में विद्यालय के प्रतिनिधियों द्वारा बच्चों संग किताबों की लिस्ट साझा करने की बात कही गई लेकिन जिलाधिकारी इससे संतुष्ट न हुए। उन्होंने उनसे पूछा कि उनके विद्यालय द्वारा बच्चों के पठन-पाठन हेतु लागू की गई किताबें क्या प्रत्येक दुकानों पर उपलब्ध रहती हैं, सिलेबस क्या होता है और कितने दिनों में बदल जाता है, कॉपी- किताबों पर प्रकाशक का नाम और मूल्य लिखा जाता है अथवा नहीं। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों से किताबों के चयन का आधार के बारे में भी पूछा जिसका वे जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, द्वितीय को नियमानुसार शैक्षिक सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले विद्यालयों के द्वारा सरकारी वेबसाइट पर समस्त डाटा अपलोड करने या ना करने वाले विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बच्चों के यूनिफॉर्म बदलने के आधार को भी जानना चाहा जिसका प्रतिनिधियों द्वारा सही जवाब नहीं दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों से फीस, यूनिफार्म,आरटीई, कॉपी – किताबें इत्यादि समस्त मानकों की गहनता से जांच के निर्देश दिए, निर्देश दिए, 5 वर्षों में जितने स्कूलों ने बच्चों की यूनिफॉर्म बदलवायी है, उनकी लिस्ट बनाते हुए उन पर कार्रवाई किया जाए।इसके अलावा जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों को मनमानी फीस वसूलने और बच्चों के आर्थिक शोषण करने वाले स्कूलों की सूची बनाकर पेश करते हुए दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
*ये है कानून*
उ०प्र० स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश-2018 की बिन्दु संख्या 10 में उल्लिखित किसी छात्र को पुस्तकें, जूते, मोजे व यूनिफार्म आदि किसी विशेष दुकान से क्रय करने के लिए बाध्य नही किये जाने का उल्लंधन माना जाता है अर्थ दंड के साथ-साथ अन्य आवश्यक कार्रवाई करना समिति के अधिकार क्षेत्र में आता है।
Read More »बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर “Awareness Talk on Intellectual Property Rights – Harnessing Research Potential” वार्ता आयोजित
कानपुर, 9 अप्रैल भारतीय स्वरूप संवाददाता– क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में “Awareness Talk on Intellectual Property Rights – Harnessing Research Potential” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता वार्ता का आयोजन
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं शोध कार्यों को सुरक्षित और व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. सुजाता चतुर्वेदी (IQAC समन्वयक) के स्वागत भाषण से हुआ। इसके पश्चात प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में IPR की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे आधुनिक शोध की रीढ़ बताया।
मुख्य वक्ता के रूप में सीएसजेएम विश्वविद्यालय के सहायक डीन (Innovation), IPR एवं TT सेल के समन्वयक श्री दिव्यांश शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाते हुए पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक शोधकर्ता अपने नवाचार को कानूनी सुरक्षा प्रदान कर सकता है तथा उसे उद्योग जगत में व्यावसायिक रूप से प्रस्तुत कर सकता है।
इस अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न भी रखे, जिनका वक्ता ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उत्तर दिया।
कार्यक्रम का समापन प्रो. श्वेता चंद (उप-प्राचार्या) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें अनुसंधान को एक रणनीतिक दृष्टिकोण से देखने की दिशा में प्रेरित किया।
Read More »जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सदर के सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित
*सम्पूर्ण समाधान दिवस सदर में जिलाधिकारी ने 149 शिकायती प्रकरणों को सुना, जल्द निस्तारण के दिये निर्देश
*26 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
कानपुर नगर 05 अप्रैल (सू0वि0)* जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सदर के सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
प्रार्थी डा0 अमित कुमार निरंजन पिता अविष्का निरंजन कक्षा 6-बी स्कूल सेंट मैरी कानवेन्ट हाई स्कूल प्रारूप लगाते हुए शिकायत किया कि उक्त विद्यालय द्वारा फैशन डिजाइनिंग कोर्स की किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।इस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा तुरंत संज्ञान लेते हुये जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय को तुरंत मौके पर भेजने के साथ ही विद्यालय द्वारा आख्या देने के निर्देश दिए गए। जिस पर विद्यालय द्वारा आख्या देकर उक्त आरोप का खंडन करते हुए कहा, छात्रों के लिए उक्त विषय को चुनना अनिवार्य नहीं है और वे कहीं से भी किताबें खरीद सकते हैं। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी कोई भी शिकायत न मिलने का आश्वासन दिया।
वहीं,प्रार्थी रजनीश उर्फ नीरज लोहिया निवासी- 851 एल0आई0जी0 ए-गुजैनी के शिकायती प्रार्थना पत्र में प्राइवेट स्कूलों एवं पुस्तक विक्रेताओं द्वारा किये जा रहे सामाजिक, आर्थिक शोषण के आरोप लगाए। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित को मौके पर भेजते हुए आज ही समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।
प्रार्थिनी नसरीन पत्नी असलम निवासनी-93 आराजी संख्या 874 मंजला बिहार-2 कानपुर नगर के शिकायती पत्र में पाया गया कि विद्युत विभाग की गलती से विद्युत बिल रूपये 41,000/- आ गया जिसका संज्ञान लेते हुये जिलाधिकारी ने अधिषाशी अभियन्ता केस्को से जॉच करवाने को कहा तो बिल की सही राशि रूपये 17,000/- करके मौके पर निस्तारण कराया गया।
आज के सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 149 प्रकरण आये, जिनको सम्बन्धित अधिकारियों को इस निर्देश के साथ उपलब्ध करायें गये कि प्रकरणों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित करायें। जिलाधिकारी ने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि जनसामान्य की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है, इसलिये सभी अधिकारी तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुये समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित कराये।
सरकार की जो भी जनकल्याणकारी योजनायें संचालित हैं, सम्बन्धित विभाग द्वारा उसकी समीक्षा कर शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को उसका लाभ दिलाया जाये, यदि कही कोई समस्या आ रहीं है, तो उसका निस्तारण कराते हुये, लाभ दिलाना सुनिश्चित कराए।
*दिव्यांगों के लिए लगाया गया कैंप*
बाल भवन में ही दिव्यांगों के लिए कैंप भी लगाया गया जिसमें दिव्यांगता सर्टिफिकेट हेतु 100 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 81दिव्यांगों को मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाकर वितरित किए गए। 15 आवेदनों को जांच हेतु हस्तांतरित किए गए और चार आवेदन रिजेक्ट किए गए। वहीं, कैम्प में 36 दिव्यांगों को आय प्रमाण पत्र भी बनाकर वितरित किए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 हरिदत्त, उप जिलाधिकारी सदर ऋतु प्रिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी शिल्पी सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी मनोज कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहें।
Read More »क्राइस्ट चर्च कॉलेज की मिशन शक्ति यूनिट द्वारा नवरात्रि के सुअवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज की मिशन शक्ति यूनिट द्वारा नवरात्रि के सुअवसर पर एक विशेष सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य जोसेफ डेनियल के मार्गदर्शन में किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना था। इस सेवा कार्य के अंतर्गत मिशन शक्ति यूनिट की टीम ने बेसिक शिक्षा निकेतन, कल्याणपुर के बच्चों को आवश्यक वस्तुएँ वितरित कीं। इनमें चटाई, खाद्य सामग्री एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएँ शामिल थीं, जो उन बच्चों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होंगी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मिशन शक्ति यूनिट की समन्वयक डॉ. मीत कमल एवं डॉ. अनंदिता भट्टाचार्य ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार की और छात्रों को प्रेरित किया। इसके अलावा, इस अभियान में क्राइस्ट चर्च कॉलेज के कई विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंजली सचान, अनंत सक्सेना, वैष्णवी दीक्षित, सिमरन, सलोनी, सुरभि एवं अन्य छात्रों ने अपनी सक्रिय भागीदारी से इस सेवा कार्य को सफल बनाया।
इस पुनीत कार्य से न केवल जरूरतमंद बच्चों को सहायता मिली, बल्कि छात्रों में सामाजिक सेवा और परोपकार की भावना भी जागृत हुई। यह कार्यक्रम मिशन शक्ति यूनिट के उद्देश्य, ‘समाज सेवा और सशक्तिकरण,’ को सार्थक करता है।
Read More »नवरात्रि के पावन अवसर पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के तहत डफरिन में कन्या जन्म उत्सव आयोजित
कानपुर 4 अप्रैल नवरात्रि के पावन अवसर पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत कन्या जन्म उत्सव का आयोजन आज डफरिन हॉस्पिटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बच्चियों की मां से केक कटवाकर 25 नवजात बच्चियों की मां को बेबी किट वितरित कर समाज में बेटियों के महत्व को उजागर किया।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति यह दर्शा रही है कि आज बेटियां बेटों से बहुत आगे पहुंच चुकी है, और बेटियों में बहुत सारा टैलेंट भरा हुआ है तथा सरकार उसको उजागर करने में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है । आज बहुत सारी लड़कियां फील्ड में बहुत अच्छा कार्य कर रही है ।उन्होंने कहा कि 2050 तक जब इन बच्चियों का विवाह होगा तब तक उन्हें दहेज देना नहीं बल्कि दहेज मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण दे रही है। आज बेटियां लड़कों से आगे बेहतर कार्य करते हुए अपना परचम फहरा रही है ।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लिंग समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया जाना है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़े और कन्या जन्म का स्वागत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित कराने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। जिसके अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक अहम योजना है, जिसके तहत अब तक 23.10 लाख लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग की कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत -बालिका के जन्म पर 5,000 रुपये व एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा कक्षा 1 और 6 में प्रवेश पर 3,000-3,000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा कक्षा 9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये और 10वीं या 12वीं पास करने के बाद स्नातक या डिप्लोमा में प्रवेश पर 7,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इस तरह, एक लाभार्थी को कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जिससे उसकी शिक्षा और भविष्य सुरक्षित हो सके।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 हरि दत्त नेगी, जिला प्रोवेशन अधिकारी जयदीप,मुख्य अधीक्षका डफरिन हॉस्पिटल समेत अन्य डॉक्टर उपस्थित रहे।
Read More »क्राइस्ट चर्च कॉलेज में प्रतिभा और सृजनात्मकता का भव्य उत्सव “अभिव्यक्ति ~2025” संपन्न
कानपुर 4 अप्रैल भारतीय स्वरूप संवाददाता *क्राइस्ट चर्च कॉलेज* ने अपने प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सव *अभिव्यक्ति-2025* का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें विविध प्रकार की प्रतियोगिताएँ और प्रस्तुतियाँ हुईं, जिसने प्रतिभागियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह भव्य आयोजन *25 मार्च 2025* को उद्घाटन समारोह के साथ आरंभ हुआ, जिसने एक बौद्धिक और कलात्मक रूप से समृद्ध यात्रा की नींव रखी।
प्रतियोगिताओं की श्रृंखला में पहला आयोजन *क्रिएटिव राइटिंग* कंपटीशन था , जो *25 मार्च 2025* को हुई। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी साहित्यिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया। इसके बाद *27 मार्च 2025* को एक *क्विज कंपटीशन* आयोजित की गई, जिसमें छात्रों की सामान्य ज्ञान और त्वरित सोचने की क्षमता की परीक्षा ली गई। *29 मार्च 2025* को *ओपन माइक* कार्यक्रम हुआ, जिसने विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति और विचार साझा करने का अवसर प्रदान किया। इसी दिन का दूसरा प्रमुख आयोजन *वेस्ट टू वेल्थ* था, जो नवाचार और पुनर्चक्रण के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित था।
*4 अप्रैल 2025* को हुआ ग्रैंड फिनाले इस उत्सव की सबसे भव्य और आकर्षक पक्ष था। इस दिन *मोनो एक्टिंग, सिंगिंग और डांस* जैसी प्रस्तुतियाँ हुईं, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। इनमें श्री *अश्विनी श्रीवास्तव*, वरिष्ठ रंगमंच कलाकार, लखनऊ; प्रोफेसर *संगीता श्रीवास्तव*, संगीत विभागाध्यक्ष, डी.जी. कॉलेज; और *माननीय वनिता मेहरोत्रा*, प्राचार्य, शीलिंग हाउस स्कूल शामिल थे। इसके अलावा, *प्रोफेसर जोसेफ डेनियल*, सचिव एवं प्राचार्य, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, तथा *प्रोफेसर श्वेता चंद्रा,* उप-प्राचार्य, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने।
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण नाटक *”वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर: धर्म और न्याय की देवी”* रहा, जिसका निर्देशन *प्रोफेसर मीत कमल* ने किया था। यह अद्भुत प्रस्तुति, जो अहिल्याबाई होल्कर की न्यायप्रियता और कर्तव्यपरायणता को प्रदर्शित करती है, ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीतने की उपलब्धि प्राप्त की और इसके बाद इसे उत्तर प्रदेश के *माननीय राज्यपाल की उपस्थिति में राजभवन, लखनऊ* में प्रस्तुत करने का गौरव प्राप्त हुआ।
अभिव्यक्ति-2025 की यह शानदार सफलता कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और आयोजकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम थी। यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच बना, बल्कि क्राइस्ट चर्च कॉलेज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी सुदृढ़ किया, जिसमें रचनात्मकता, बौद्धिकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित किया जाता है। संपूर्ण आयोजन को *डॉ. संजय सक्सेना*, को-करीकुलर प्रोग्राम कमेटी के समन्वयक, के मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। छात्रों की अथक मेहनत और समर्पण ने इस आयोजन को और भी शानदार और यादगार बना दिया।
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