कानपुर 08 सितम्बर, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए अनेको योजनायें संचालित कर उन्हें रोजगार से लगा रहे है। उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिलाते हुए ‘‘सबको हुनर, सबको काम‘‘ की नीति पर चलते हुए प्रदेश सरकार युवाओं/युवतियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही है। प्रदेश के बहुत से युवक/युवतियॉ शिक्षित तो होते है, किन्तु बिना किसी हुनर, कौशल के वे बेरोजगार हो जाते है। प्रदेश सरकार उन्हें रोजगार से लगाने के लिए कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिलाती है और सम्बन्धित ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त उन्हें स्वयं का बिजनेस, उद्यम स्थापित करने के लिए सहयोग एवं सरकारी निजी क्षेत्र में सेवायोजित कराती है। इस मिशन के अन्तर्गत युवाओं को पाठ्यक्रमों/टेªड्स चुनने का अधिकार होता है। इसके तहत 34 क्षेत्रों के 283 पाठ्यक्रमों/ टेªड्स में प्रशिक्षण दिया जाता है।
उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह जरूरी है कि वो उ0प्र0 का मूल निवासी हो और उसकी आयु 18 से 35 वर्ष की होना चाहिए। प्रशिक्षण लेने के लिए आवेदक को आवेदन ऑनलाइन भरते समय आधार कार्ड, निवास, आयु, शैक्षिक योग्यता के प्रमाण, बैंक खाता नम्बर, पासपोर्ट साइज की फोटो, मोबाइल नम्बर आदि संलग्न करना होता है। वर्तमान सरकार के साढे़ चार साल की अवधि में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के द्वारा संचालित डी0डी0यू0-जी0के0वाई एवं अन्य योजनाओं के लिए प्रदेश मे 735 निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं को सरकार ने अनुबन्धित किया है जहॉ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। वर्तमान सरकार के पूर्व प्रदेश में मात्र 148 प्रशिक्षण प्रदाता ही अनुबन्धित थे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का ध्येय है कि युवा अधिक से अधिक विभिन्न उद्यमों, कार्यों का हुनर सीख ले जिससे वे आत्मनिर्भर हो सकें। युवाओं के तकनीकी हुनर सीखने से वे रोजगार से लगेगें। इससे वे प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति में सहभागी बनेगें। प्रदेश में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2017-28 से अगस्त, 2021 तक लगभग 09 लाख युवक/युवतियों को विभिन्न टेªड्स में प्रशिक्षण दिया गया है जिनमें 4.11 लाख युवाओं/युवतियों को रोजगार से (सेवायोजित) लगाया गया है। जब कि वर्तमान सरकार के पूर्व के चार वर्षों में 3.71 लाख युवाओं को ही प्रशिक्षण दिया गया था और 1.36 लाख को ही रोजगार दिलाया गया था। वर्तमान सरकार ने 15,89,185 युवाओं को साढ़े चार वर्ष में प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा था। चालू वित्तीय वर्ष में 6.88 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल मंे उत्पादन और सेवा क्षेत्र से जुडे़ हुए 24 प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों को फ्लैक्सी प्रशिक्षण प्रदाताओं के रूप में अनुबन्धित किया है, जबकि इसके पूर्व मात्र 13 प्रशिक्षण प्रदाताओं को ही अनुबन्धित किया गया था। सरकार ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सेवायोजित कराने के लिए 8 प्लेसमेंट एजेंसीज को अनुबन्धित किया है, जबकि इस सरकार के पूर्व मात्र 3 प्लेसमंेट एजेंसीज को ही अनुबन्धित किया गया था। सरकार ने दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण हेतु विशिष्ट संस्थाओं केा चयनित व अनुबन्धित करने के लिए आर0एफ0पी0 जारी की तथा 38 ऐसी प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को अनुबन्धित किया है, जो दिव्यांजनों को प्रशिक्षण देने के लिए विशेष रूप से दक्ष एवं अनुभवी है। प्रदेश में ऐसी संस्थाओं के माध्यम से दिव्यांजनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार परम्परागत कारीगरों, शिल्पकारों के कौशल उन्नयन और उनके प्रमाणीकरण के लिए रिकग्नीशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसमें ओडीओपी योजना के उत्पाद भी सम्मिलित किये गये हैै। वर्ष 2019-20 में 50603 एवं वर्ष 2020-21 में 1,50,000 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों एवं शिल्पकारों को प्रशिक्षित कर उनके शिल्प कौशल व प्रमाणीकरण किया गया है। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से लगाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
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कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर सुरेंद्र रैयत ने कहा कि खिलाड़ियों का इतना बड़ा सम्मान समारोह में पहली बार देखा । इस तरह के आयोजनों से खेलों को बढ़ावा मिलता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे हैलट इमरजेंसी पहुंचे ।जहां पर प्राचार्य मेडिकल कॉलेज ने अपने यहां बनाए गए प्रदूषण मुक्त वार्डो में जाने वाली 70 प्रतिशत सुविधा यूक्त एंबुलेंस जिसकी कीमत भी बहुत कम है नोडल अधिकारी को दिखाया ।जिसके प्रयोग से लोगो को आसानी से सीधे वार्डो में शिफ्ट कराया जा सकता है । तत्पश्चात नोडल अधिकारी द्वारा हैलट में बनाए गए कोविड -1 आइसोलेशन, आईसीयू, पीआईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से उनका हाल जाना और जानकारी करते हुए पूछा कि आप को बाहर से दवा तो नहीं लानी पड़ती यहां के इलाज से आप सन्तुष्ट है। इस पर मरीज के तीमारदार द्वारा बताया गया कि उन्हें बाहर से दवाई नहीं लानी पड़ती है इलाज बहुत अच्छा मिल रहा है। उन्होंने पूछा कि आपको अस्पताल से खाना मिल रहा है इस पर संबंधित तीमारदार द्वारा बताया गया कि खाना भी अस्पताल से मिल रहा है जब मैं अपने मरीज को लेकर यहां आई थी तब उसकी हालत बहुत खराब थी। अब स्थिति बहुत अच्छी है ।उन्होंने वार्ड के अन्य मरीजों से भी जानकारी की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आईसीयू वार्ड को देखा जहां पर संपूर्ण व्यवस्थाएं पूर्णमिली। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज मिले इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए तथा अस्पताल परिसर में विशेष अभियान चलाकर सफाई रखी जाए ताकि डेंगू के मच्छर पनप न सके और लोगों को जागरूक भी किया जाता रहे। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, जिलाधिकारी कानपुर नगर, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, मेडिकल कॉलेज के अन्य संबंधित डॉक्टर उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के गृहविज्ञान विभाग को असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मोनिका शुक्ला ने बालिकाओं को पोषण के सम्बन्ध में जागरूक करते हुए बताया की किस प्रकार वे अपने तथा अपने आस-पास के व्यक्तियों के खान-पान के प्रति जागरूक रह सकती हैं और उन्हें संतुलित भोजन के लाभ भी बता सकती है। साथ ही साथ परामर्श सत्र में छात्रों को उनकी अनेक आशंकाओं के निवारण के लिए भी उत्साहित किया गया। इस कारिक्रम में महाविद्यालय में मिशन शक्ति प्रभारी एवम ऍन एस एस प्रभारी डॉ चित्रा सिंह तोमर ने छात्राओं को खान-पान के प्रति जागरूक रहने के सम्भन्ध में निर्देशित किया।