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कंबोडिया के सिविल सेवकों के लिए लोकनीति और शासन पर 5वां क्षमता निर्माण कार्यक्रम मसूरी स्थित राष्ट्रीय सुशासन केंद्र में शुरू हुआ

कंबोडिया के सिविल सेवकों के लिए आज मसूरी स्थित राष्ट्रीय सुशासन केन्द्र (एनसीजीजी) में लोकनीति और शासन पर 5वें क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दो सप्ताह के इस कार्यक्रम का आयोजन 24 जून से 5 जुलाई, 2024 तक विदेश मंत्रालय (एमईए) के सहयोग से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कंबोडिया के 40 सिविल सेवक भाग ले रहे हैं, जिसमें सिविल सेवा और सीनेट मंत्रालय के संयुक्त सचिव, निदेशक, उप-सचिव और अवर सचिव शामिल हैं। इस कार्यक्रम में नीति संवाद और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का अवसर मिलता है, जिससे प्रतिभागियों को संस्थागत परिवर्तन और उससे नागरिक को जोड़ने के कार्य में अहम अंतर्दृष्टि प्राप्त करने में मदद मिलती है।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के महानिदेशक और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), भारत सरकार के सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने की। उन्होंने अपने संबोधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को सरकार के करीब लाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। भारत की नीति “न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन” का उद्देश्य प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नागरिकों और सरकार को करीब लाने के साथ डिजिटल रूप से सशक्त नागरिक और डिजिटल रूप से परिवर्तित संस्थान बनाना है। भारत के एआई-संचालित लोक शिकायत निवारण पोर्टल सीपीजीआरएएमएस का उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

कंबोडिया के सिविल सेवा मंत्रालय के उप-महानिदेशक और कंबोडिया से आए प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख श्री माम फोउक ने इस अवसर के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल क्षमता निर्माण को बढ़ाएगा बल्कि द्विपक्षीय संवाद को भी बढ़ावा देगा और भारत तथा कंबोडिया के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।

राष्ट्रीय सुशासन केन्द्र के एसोसिएट प्रोफेसर और कार्यक्रम के पाठ्यक्रम संयोजक डॉ. बीएस बिष्ट ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र और पिछले कुछ वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अपनी विस्तृत प्रस्तुति में उन्होंने एनसीजीजी के उद्देश्यों, गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा की और बताया कि कैसे यह उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। कार्यक्रम के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण विभिन्न विषयों पर केंद्रित होगा, जिसमें लोकनीति और प्रबंधन, जीईएम: सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाना, भारतीय संवैधानिक योजना, भारत-कंबोडिया संबंध, बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक-निजी भागीदारी, सुशासन के लिए एक उपकरण के रूप में आधार, स्वास्थ्य शासन, शासन पर संसदीय उपकरणों का प्रभाव, विभिन्न विकास योजनाओं के सर्वोत्तम अभ्यास, 2023 तक एसडीजी हासिल करने के तरीकों, विकसित भारत: उद्योग और बुनियादी ढांचे में नीतियां और विकास, वित्तीय समावेशन, शासन के बदलते प्रतिमान, नेतृत्व और संचार, शहरी शासन और टिकाऊ शहर, भारत में नागरिक सेवाएं, सेवाओं को घर-घर पहुंचाना, ई-शासन और डिजिटल सार्वजनिक सेवा वितरण, स्त्री-पुरुष समानता बढ़ाना और प्रशासन में नैतिकता आदि शामिल हैं। इस कार्यक्रम के दूसरे चरण में देहरादून में स्मार्ट सिटी परियोजना और आईटीडीए, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में जिला प्रशासन, संघ लोक सेवा आयोग और भारतीय संसद का भ्रमण शामिल होगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री संग्रहालय, बुद्ध मंदिर और ताजमहल की यात्रा के दौरान देश के इतिहास और संस्कृति से भी परिचित कराएगा।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सुशासन केन्द्र ने 17 देशों अर्थात् बांग्लादेश, केन्या, तंजानिया, ट्यूनीशिया, सेशल्स, गाम्बिया, मालदीव, श्रीलंका, अफगानिस्तान, लाओस, वियतनाम, नेपाल, भूटान, म्यांमार, इथियोपिया, इरेट्रिया और कंबोडिया के सिविल सेवकों को प्रशिक्षण दिया है।

राष्ट्रीय सुशासन केन्द्र में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशी रस्तोगी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन और समन्वयन पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. बीएस बिष्ट, सह-पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. संजीव शर्मा,  प्रशिक्षण सहायक श्री बृजेश बिष्ट, युवा पेशेवर सुश्री मोनिशा बहुगुणा और राष्ट्रीय सुशासन केन्द्र की क्षमता निर्माण टीम के सहयोग से करेंगे।

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जीएनएसएस प्रौद्योगिकी से नेविगेशन एवं स्थिति निर्धारण बेहतर होता है, और यह टोल संग्रह प्रणालियों को आधुनिक बनाने, निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने, एवं हमारी सड़कों पर भीड़-भाड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है-नितिन गडकरी

राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों को निर्बाध और बाधा मुक्त टोलिंग अनुभव कराने के लिए एनएचएआई द्वारा प्रवर्तित कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने ‘भारत में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्र‍ह’ पर नई दिल्ली में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में उद्योग जगत और वैश्विक विशेषज्ञों दोनों को ही भारत में जीएनएसएस प्रौद्योगिकी पर आधारित फ्री-फ्लो टोलिंग प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के लिए एक अनूठा मंच मुहैया कराया गया।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग एवं कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव श्री अनुराग जैन, एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव, एनएचएआई के सदस्य (प्रशासन) एवं आईएचएमसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री विशाल चौहान, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव (लॉजिस्टिक्स) श्री एस.पी. सिंह तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई, आईएचएमसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अमेरिका और यूरोप के अंतर्राष्ट्रीय उद्योग विशेषज्ञ और आईआईटी, एनआईसी, एनपीसीआई, सी-डैक, एचओए (आई), एनएचबीएफ, आईआरएफ, एसआईएएम, वित्तीय संस्थानों और अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधिगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

दिन भर चली कार्यशाला में कई पैनल चर्चाएं हुईं। इन चर्चाओं में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी पेशेवरों के साथ-साथ दुनिया भर के ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) विशेषज्ञों ने विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इसमें ऑन-बोर्ड यूनिट्स (ओबीयू), वाणिज्यिक वाहन और राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, टोल चार्जर सॉफ्टवेयर, जारीकर्ता इकाई की भूमिका और भारत में मल्टी-लेन फ्री फ्लो ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के सफल कार्यान्वयन के लिए सड़क बुनियादी ढांचे की आवश्यकताएं शामिल थीं।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा, “ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) तकनीक नेविगेशन और पोजिशनिंग को बढ़ाती है, टोल संग्रह प्रणालियों को आधुनिक बनाने, निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने और हमारी सड़कों पर भीड़भाड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने, शासन को अधिक पारदर्शी बनाने और त्वरित सेवाएं प्रदान करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।”

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा, “आज की कार्यशाला में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) पर कई वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि दुनिया भारत की विकास गाथा में विश्वास रखती है। हम वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं और ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) का कार्यान्वयन उस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदमों में से एक होगा।”

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने कहा, “पिछले एक दशक में, सड़क नेटवर्क का कई गुना विस्तार हुआ है और राष्ट्रीय राजमार्ग यात्री यातायात के साथ-साथ देश की 70 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं को लाने-ले जाने का काम करते हैं। ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) को लागू करने से न केवल हमारी अर्थव्यवस्था के विकास में बहुत बड़ा योगदान मिलेगा, बल्कि हमारे नागरिकों के लिए बाधा रहित टोल व्यवस्था भी एक वास्तविकता बन जाएगी।”

एनएचएआई के सदस्य (प्रशासन) एवं आईएमएचसीएल के सीएमडी श्री विशाल चौहान ने भारत में जीएनएसएस आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान आयोजित पैनल चर्चा के मुख्य बिंदुओं का सारांश प्रस्तुत किया तथा आगे की राह बताई।

ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोलिंग इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह का एक बैरियर फ्री तारीका है, जिसमें सड़क पर चलने वाले लोगों से टोल वाले राजमार्ग पर उनके द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर शुल्क लिया जाता है।

एनएचएआई मौजूदा फास्टैग इकोसिस्टम के भीतर जीएनएसएस-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली को लागू करने की योजना बना रहा है, जिसमें शुरुआत में हाइब्रिड मॉडल का उपयोग किया जाएगा, जहां आरएफआईडी-आधारित ईटीसी और जीएनएसएस-आधारित ईटीसी दोनों एक साथ काम करेंगे। टोल प्लाजा पर समर्पित जीएनएसएस लेन उपलब्ध होंगी, जिससे जीएनएसएस-आधारित ईटीसी का उपयोग करने वाले वाहन आसानी से गुजर सकेंगे। जैसे-जैसे जीएनएसएस आधारित ईटीसी अधिक व्यापक होता जाएगा, सभी लेन अंततः जीएनएसएस लेन में परिवर्तित हो जाएंगी।

भारत में जीएनएसएस आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के कार्यान्वयन से राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की सुगम आवाजाही में सुविधा होगी और राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को कई लाभ प्रदान करने की परिकल्पना की गई है जैसे कि बाधा रहित फ्री-फ्लो टोलिंग जिससे परेशानी मुक्त सवारी का अनुभव होगा और दूरी आधारित टोलिंग होगी। जीएनएसएस आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह से लीकेज को रोकने और टोल चोरों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप देश भर में टोल संग्रह प्रणाली अधिक कुशल होगी।

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ऐतिहासिक 350वें रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडीईएक्स) अनुबंध पर हस्ताक्षर; रक्षा मंत्रालय 150 किलोग्राम तक के कई पेलोड ले जाने में सक्षम लघु उपग्रह के डिजाइन और विकास के लिए स्पेसपिक्सल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ सहयोग करेगा

रक्षा मंत्रालय की प्रमुख पहल रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडीईएक्स) ने 25 जून, 2024 को नई दिल्ली में ऐतिहासिक 350वें अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह अनुबंध स्पेसपिक्सल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ ‘150 किलोग्राम तक के इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड, सिंथेटिक अपर्चर रडार और हाइपरस्पेक्ट्रल पेलोड ले जाने में सक्षम लघु उपग्रह’ के डिजाइन और विकास के लिए किया गया था। 150वें आईडीईएक्स अनुबंध पर दिसंबर 2022 में हस्ताक्षर किए गए थे और 18 महीने के भीतर 350वें अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रक्षा नवाचार संगठन (डीआईओ) श्री अनुराग बाजपेयी और स्पेसपिक्सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवैस अहमद नदीम अलदुरी के बीच अनुबंध का आदान-प्रदान किया गया। स्पेसपिक्सेल विस्तृत पृथ्वी अवलोकन प्रदान करने के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रहों के निर्माण और प्रक्षेपण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

यह 350वां आईडीईएक्स अनुबंध अंतरिक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स में नवाचार को सक्षम बनाता है, इसमें पहले समर्पित बड़े उपग्रहों पर तैनात कई पेलोड को अब लघु किया जा रहा है। मॉड्यूलर लघु उपग्रह आवश्यकता के अनुसार कई लघु पेलोड को एकीकृत करेगा, जो तेजी से और किफायती परिनियोजन, निर्माण में आसानी, मापनीयता, अनुकूलन क्षमता और पर्यावरणीय के प्रभाव को कम करने जैसे लाभ प्रदान करेगा।

अपने संबोधन में, रक्षा सचिव ने प्रौद्योगिकी के विस्तार और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए नए रक्षा नवप्रवर्तकों की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। नवाचार के साथ स्वदेशीकरण के संयोजन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू क्षमताएं प्रयोग और विकास के लिए एक मंच प्रदान करके नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सुदृढ़ आधार प्रदान करती हैं। नवाचार नई प्रौद्योगिकियों और समाधानों के निर्माण को प्रोत्साहन देकर स्वदेशीकरण को बढ़ावा देता है।

रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईईडीईएक्स) के बारे में

आईडीईएक्स, 2021 में नवाचार श्रेणी में सार्वजनिक नीति के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में एक गेम-चेंजर के रूप में उभरा है। रक्षा उत्पादन विभाग के तहत रक्षा नवाचार संगठन (डीआईओ) द्वारा स्थापित, आईडीईएक्स ने डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज (डीआईएससी) के 11 संस्करणों का शुभारंभ किया है, और हाल ही में महत्वपूर्ण और रणनीतिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए आईडीईएक्स (एडीआईटीआई) योजना के साथ अभिनव प्रौद्योगिकियों के एसिंग विकास किया है।

एक संक्षिप्त अवधि में, आईडीईएक्स ने तेजी से सफलता हासिल की है। इससे रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप के एक बढ़ते समुदाय को प्रोत्साहन मिला है। यह वर्तमान में 400 से अधिक स्टार्ट-अप और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ जुड़ा हुआ है। अब तक दो हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 35 वस्तुओं की खरीद को स्वीकृति दी जा चुकी है। आईडीईएक्स ने रोजगार के कई अवसर सृजित किए हैं और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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सरकार दूरसंचार सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू करेगी

सभी नागरिकों को सस्ती, अत्याधुनिक उच्च गुणवत्ता वाली दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप सरकार स्पेक्ट्रम नीलामी का आयोजन कर रही है। वर्तमान दूरसंचार सेवाओं को बढ़ाने और निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने स्पेक्ट्रम नीलामी शुरू कर दी है और 08 मार्च, 2024 को आवेदन आमंत्रण सूचना (एनआईए) जारी की गई है। संचार मंत्रालय ने घोषणा की है कि आगामी नीलामी में स्पेक्ट्रम बैंड बोली के लिए 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज शामिल हैं।

नीलाम किए जाने वाले स्पेक्ट्रम की कुल मात्रा विभिन्न बैंडों में 10,522.35 मेगाहर्ट्ज है, जिसका मूल्य आरक्षित मूल्य पर 96,238.45 करोड़ रुपये है।

 

बैंड

नीलामी में रखा गया कुल स्पेक्ट्रम (मेगाहर्ट्ज में) एलएसए की संख्या जहां स्पेक्ट्रम बेचा जाता है आरक्षित मूल्य पर स्पेक्ट्रम का मूल्य (करोड़ में)
800 मेगाहर्ट्ज 118.75 19 21341.25
900 मेगाहर्ट्ज 117.2 22 15619.6
1800 मेगाहर्ट्ज 221.4 22 21752.4
2100 मेगाहर्ट्ज 125 15 11810
2300 मेगाहर्ट्ज 60 6 4430
2500 मेगाहर्ट्ज 70 5 2300
3300 मेगाहर्ट्ज 1110 22 16251.2
26 गीगाहर्ट्ज 8700 21 2734
कुल 10,522.35 96,238.45

 

स्पेक्ट्रम नीलामी की मुख्य विशेषताएं:

· नीलामी में तीन बोलीदाता – मैसर्स भारती एयरटेल लिमिटेड, मैसर्स वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और मैसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड भाग लेंगे।

· नीलामी की प्रक्रिया: यह नीलामी एक समकालिक बहु-चरणीय आरोही (एसएमआरए) ई-नीलामी होगी।

· स्पेक्ट्रम की अवधि : स्पेक्ट्रम बीस (20) वर्ष की अवधि के लिए आवंटित किया जाएगा।

· भुगतान : सफल बोलीदाताओं को 8.65 प्रतिशत की ब्याज दर पर एनपीवी की विधिवत सुरक्षा करते हुए 20 समान वार्षिक किस्तों में भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी।

· स्पेक्ट्रम का अवधि – इस नीलामी के माध्यम से प्राप्त स्पेक्ट्रम को न्यूनतम दस वर्ष की अवधि के बाद वापस किया जा सकता है।

· स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क : इस नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए कोई स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) नहीं लगेगा।

· बैंक गारंटी : सफल बोलीदाता को वित्तीय बैंक गारंटी (एफबीजी) और निष्पादन बैंक गारंटी (पीबीजी) प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं है।

बोलीदाताओं को ई-नीलामी प्लेटफॉर्म से सहजता के लिए 03 जून 2024, 13 जून 2024 और 14 जून 2024 को मॉक नीलामी आयोजित की गई। इसके बाद , बोलीदाताओं के डेटा में कोई अशुद्धि न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए 24 जून 2024 को सुबह 09:00 बजे नीलामी सूची प्रकाशित की गई।

स्पेक्ट्रम नीलामी के अन्य विवरण, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ, आरक्षित मूल्य, पूर्व-योग्यता शर्तें, बयाना राशि जमा (ईएमडी), नीलामी नियम आदि तथा उपरोक्त अन्य नियम व शर्तें शामिल हैं, एनआईए में निर्दिष्ट हैं, जिन्हें दूरसंचार विभाग की वेबसाइट https://dot.gov.in/spectrum पर देखा जा सकता है ।

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देश की राजनीति में वो होगा जो पहले कभी नहीं हुआ

दैनिक भारतीय स्वरूप , संवाद सूत्र मनोज अग्निहोत्री देश की राजनीति में जो पहले कभी नहीं हुआ वो अब होने जा रहा है।कल यानी 26 जून की सुबह लोकसभा स्पीकर के पद के लिए वोटिंग होगी। स्पीकर पद पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति ना बनने के कारण चुनाव की नौबत आई है। एनडीए ने एक बार फिर ओम बिरला को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, आईएनडीआईए की तरफ से के सुरेश ने पर्चा दाखिल किया है।

लोकसभा स्पीकर को लेकर मंगलवार सुबह से ही सियासी माहौल गरमाया हुआ था। शुरुआत में उम्मीद जताई जा रही थी कि स्पीकर पद पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र को समर्थन देने का भी एलान किया था। हालांकि, घंटेभर बाद ही विपक्ष ने ओम बिरला के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतार दिया।

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दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया

कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता. 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर की वॉलिंटियर्स के द्वारा कु. अनुराधा चंदेल के नेतृत्व में ग्रीन पार्क में आयोजित कार्यक्रम में योग किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम *स्वयं और समाज के लिए योग* रहा। इसी संकल्प को दोहराते हुए समस्त वॉलिंटियर्स ने योग को अपने जीवन शैली में नियमित रूप से अपनाने का संकल्प लेते हुए यह भी प्रण लिया कि वह अपने परिवार तथा समाज को योग के लाभों से अवगत कराते हुए योग करने के लिए प्रेरित करेंगी। योगासनों के साथ-साथ छात्राओं ने विभिन्न यौगिक कक्रियाओं, ध्यान, प्राणायाम, साधना आदि के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के द्वारा वॉलिंटियर्स को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हेतु विशेष रूप से तैयार की गई टी-शर्ट का वितरण भी किया गया।

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एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज में “दसवां अंतराष्ट्रीय योग दिवस” धूम-धाम से मना

कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज की ऍन एस एस यूनिट द्वारा “दसवां अंतराष्ट्रीय योग दिवस” को धूम-धाम से मनाया गया। फूलबाग बस्ती में ऍन एस ऐस की स्वयंसेविकाओं ने योग पर बस्ती वासियों को जागरूक किया साथ ही योग प्रशिक्षक भूमि तिवारी ने स्वयंसेविकाओं को योग का प्रशिक्षण दिया । ४० स्वयंसेविकाओं ने, बस्ती वासियों ने तथा अनेक शिक्षक व शिक्षिकाओं एवम शिक्षिनेतर्र कर्मचारियों ने योग का अभ्याहस किया। ऍन एस एस प्रभारी प्रो चित्रा सिंह तोमर ने योग के समापन पर स्वयंसेविकाओं को फल एवम मिष्ठान का वितरण किया।

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छोटे व मझोले अखबारों को खत्म करने की साजिशः के. डी. चंदोला

~छोटे व मझोले अखबारों का उत्पीड़न बन्द करे केन्द्र सरकारः चंदोला
-प्रेस सेवा पोर्टल की जटिलताओं का दूर करने की मांग
-प्रेस सेवा पोर्टल व विज्ञापन पालिसी की विसंगितयों को दूर करवाने का प्रयास करूंगाः के. सतीश नम्बूदरीपद्
-अनेक जटिलतायें पैदा करके छोटे व मझोले अखबारों को बन्द करने की साजिशः चंदोला
-अखबार प्रकाशन में प्रयुक्त होने वाली सामग्री जी. एस. टी. मुक्त की जायेः श्याम सिंह पंवार
गुवाहाटी। एसोसियेशन ऑफ स्माल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स ऑफ इण्डिया की राष्ट्रीय परिषद् (नेशनल काउंसिल) की बैठक असम राज्य के गुवाहाटी के पलटन बाजार स्थित होटल स्टार लाइन में आयोजित की गई।
बैठक में छोटे व मझोले वर्ग के अखबारों को प्रभावित करने वाली नीतियों व उनकी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की गई। अनेक राज्यों से पधारे प्रकाशकों ने आरोप लगाया कि केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीनस्थ आर. एन. आई. कार्यालय व सी. बी. सी. कार्यालय के अधिकारियों की मनमानी के चलते छोटे व मझोले वर्ग के अखबार मालिक परेशान हैं। इन दिनों नया प्रेस सेवा पोर्टल परेशानी का एक बड़ा कारण बना हुआ है जिसके चलते अखबारों के प्रकाशकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रकाशकगण अपने-अपने अखबारों का वार्षिक विवरण नहीं भर पा रहे हैं। अतः प्रेस सेवा पोर्टल की जटिलताओं को दूर करने के साथ-साथ वार्षिक विवरण भरने का समय अगस्त 2024 तक बढ़ाया जाये। वहीं सी. बी. सी. की विज्ञापन पालिसी के चलते छोटे व मझोले अखबारों की विज्ञापन की हिस्सेदारी प्रभावित हो रही है और उनका हक मारा जा रहा है। अतः विज्ञापन नीति में संशोधन किया जाये ताकि छोटे व मझोले अखबारों की विकासदर प्रभावित ना हो। अखबार मालिकों ने यह माँग भी रखी कि अखबारों के मालिकों का परिचय पत्र भी आर. एन. आई. द्वारा जारी किया जाये।
मुख्य अतिथि रहे प्रेस इन्फॉर्मेंशन ब्यूरो (पूर्वोत्तर जोन) के डायरेक्टर जनरल के. सतीश नम्बूदरीपद् ने प्रकाशकगणों की अनेक समस्याओं को सुनकर आश्वासन दिया कि आर. एन. आई. व सी. बी. सी. के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर छोटे व मझोले अखबारों की जटिल समस्याओं का निस्तारण अवश्य करवायेंगे और जहाँ जिस तरह की जरूरत होगी, उसमें परिवर्तन व संशोधन करवायेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई-नई तकनीकों का सामना करने के लिये तैयारी करने की जरूरत है अन्यथा पिछड़ जाओगे। लेकिन मैं अपने स्तर से यही प्रयास करूंगा कि प्रकाशकों की हर समस्या का समाधान हो जाये।
इस मौके पर एसोसियेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव दत्त चंदोला ने कहा, ‘‘हम केन्द्र सरकार से कहना चाहते हैं कि हम प्रकाशकगण, नई तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विज्ञापन नीति व प्रेस सेवा पोर्टल में जो विसंगतियाँ हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाये अन्यथा देशभर के छोटे व मझोले वर्ग के अखबारों के प्रकाशकगण विरोध करने पर बाध्य होंगे।’’
उत्तर प्रदेश राज्य इकाई के अध्यक्ष श्याम सिंह पंवार ने कहा, ‘‘अखबारों को प्रकाशित करने में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्री को जी. एस. टी. मुक्त किया जाये, जिससे कि छोटे व मझोले वर्ग के अखबार प्रकाशकों को जटिलता से राहत मिल सके।’’
उन्होंने यह भी मांग कि अखबारों की पिं्रट लाइन के अनुसार ही प्रेस सेवा पोर्टल पर प्रकाशकों/स्वामियों की प्रोफाइल बनाने की सुविधा दी जाये क्योंकि आधार में दर्ज विवरण भिन्न होने के चलते प्रकाशकों का विवरण मेल नहीं खा रहा है जिसके प्रकाशकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में एसोसियेशन की कोषाध्यक्ष भगवती चंदोला, उत्तर प्रदेश राज्य इकाई के अध्यक्ष श्याम सिंह पंवार, अखिलेश सिंह, असम इकाई अध्यक्ष गिरिन्द्र कुमार कार्जी, किरि रांगहेंग, उत्तराखण्ड इकाई अध्यक्ष अतुल दीक्षित, मध्य प्रदेश से अकरम खान, सबरूनिशा, आन्ध्र प्रदेश से एस. कोण्डलाराव, के. वेंकटेश रेड्डी, राजस्थान से गोपाल गुप्ता, तरूण कुमार जैन, धर्मेन्द्र सोनी, अन्जू लता सोनी, कर्नाटक से वेनुगोपाल के. नाइक सहित अनेक प्रकाशक मौजूद रहे।

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पुलिस कमिश्नरेट को भूमाफिया की खुली चुनौती, दबंगई से किसान के मकान पर कर लिया कब्जा

कानपुर 20 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता यूपी में दूसरी बार सरकार बनने के बाद सीएम योगी का अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अतियार किए हैं। इसके बावजूद भू माफियों के हौसले बुलंद है। ऐसा एक मामला कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में सामने आया है। जहाँ दबंगों ने बुजुर्ग किसान के बंद मकान में कब्जा कर लिया और पुलिस में शिकायत करने पर धमका रहे है। पीड़ित किसान ने पुलिस आयुक्त के यहाँ न्याय की गुहार लगाई पीड़ित के अनुसार पुलिस आयुक्त की स्टाफ अफसर अंकिता सिंह ने थाना हनुमंत विहार पुलिस को एफआईआर के निर्देश दिए है।

पुलिस आयुक्त कार्यालय में गुरुवार को थाना हनुमंत विहार के उस्मानपुर में रहने वाले मिहीलाल ने बताया कि वो अक्सर बीमार रहता है। इसलिए पिछले तीन वर्ष से वो अपने गाँव भीमसेन में रहता है। उसका उस्मानपुर स्थित पुस्तैनी मकान बन्द था। जिसका फायदा उठाते हुए पड़ोस में रहने वाले दबंग सतीश मौर्या, सतेन्द्र मौर्या, जितेन्द्र मौर्या और राकेश मौर्या ने मकान का ताला तोडकर जबरन घुस गए और सारा सामान गायब कर मकान पर कब्जा कर लिया। बकौल मिहीलाल बीती 10 जून को जब वो अपने गाँव से पुस्तैनी मकान पर आया तो देखा की मकान पर एक वकील का बोर्ड लगाकर सतीश मौर्या, सतेन्द्र मौर्या व जितेन्द्र मौर्या और राकेश मौर्या ने कब्जा कर लिया है। और पीड़ित के विरोध करने पर उसे धमकाया जिसकी शिकायत थाना हनुमंत विहार से लेकर डीसीपी साउथ तक से की गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की आरोप है कि बुधवार को मिहीलाल को जितेंद्र मौर्या और सतीश मौर्या ने जबरन रोक कर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए दबंगो ने रंगदारी माँगी जिसके बाद से पीड़ित मिहीलाल दहशत में जीने को मजबूर है।

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अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पूर्व जागरूकता कार्यक्रम

कानपुर 20 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना तथा मिशन शक्ति के संयुक्त तत्वावधान में एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अयोजन हेतु उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया आदरणीया श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार योग शपथ का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने हेतु बड़े पैमाने पर छात्राओं के द्वारा स्वयं तथा अपने परिवार के सदस्यों के द्वारा ऑनलाइन शपथ ली गई तथा महाविद्यालय में भी शपथ का आयोजन किया गया। छात्राओं ने योग के संबंध में जागरूकता फैलाने एवं विभिन्न योगासनों का अभ्यास भी किया जिनमे मुख्य रूप से ताड़ासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, भुजंगासन, धनुरासन पवनमुक्तासन आदि तथा प्राणायाम व विभिन्न योगिक क्रियाओं यथा अनुलोम-विलोम, कपालभाति, शीत प्राणायाम, भ्रमर गुंजन, ओम् ध्वनि उच्चारण आदि के अभ्यास कराए गए। कार्यक्रम में आपसी सौहार्द, प्रेम, सद्भाव, शांति व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत मंत्रोच्चारण व भजन का गायन भी किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य प्रो अर्चना वर्मा, चीफ प्रॉक्टर प्रो अर्चना श्रीवास्तव, डॉ अर्चना दीक्षित, डॉ मंजुला श्रीवास्तव एवम् कार्यालय अधीक्षक श्री कृष्णेंद्र श्रीवास्तव समेत महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापिकाएं उपस्थित रही।

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