केंद्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने आज नई दिल्ली में स्कोप कॉम्प्लेक्स के स्कोप सम्मेलन केंद्र में स्वामित्व योजना: ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान की ओर एक कदम पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री ने इस योजना के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए डैशबोर्ड (https://svamitva.nic.in/) भी लॉन्च किया।
अपने उद्घाटन भाषण में श्री गिरिराज सिंह ने सभी राज्यों से 2024 तक समय सीमा से पहले ही स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन को पूरा करने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि इस लक्ष्य का पूरा करने हेतु केंद्र सरकार जल्द से जल्द सभी को आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।

श्री गिरिराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है और स्वामित्व योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण में स्वमित्व योजना के उल्लेख का ज़िक्र करते हुए श्री सिंह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही दूरदृष्टि है जो उन्होंने ग्रामीण भारत की बेहतरी के लिए प्रौद्योगिकी एवं डेटा का उपयोग करने का आह्वान किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीक तथा डेटा के इस्तेमाल से ग्रामीण भारत और अधिक पारदर्शी बनेगा। श्री गिरिराज सिंह ने राज्यों से स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन में पंचायतों की भूमिका बढ़ाने का भी आग्रह किया।
स्वामित्व योजना के महत्व के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण लोगों में स्वामित्व की भावना उत्पन्न होगी और वे स्वामित्व कार्ड की मदद से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। श्री सिंह ने योजना के तहत उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि स्वामित्व योजना आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस मौके पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने ड्रोन के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, जो योजना के वांछित परिणामों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण हैं और राज्यों से प्रतिदिन कम से कम 5 गांव प्रति ड्रोन टीम उपलब्ध कराने का आह्वान किया। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने जमीनी स्तर पर वास्तविकता को परखने के लिए फीचर एक्सट्रैक्टेड मैप उपलब्ध कराने हेतु 15 दिनों की समयसीमा का पालन करने पर भी जोर दिया। इसी तरह, राज्यों को भी सर्वे ऑफ इंडिया को जमीनी हकीकत वाले नक्शे वापस उपलब्ध कराने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा का पालन करना चाहिए।
हरियाणा राज्य को दिसंबर 2021 तक लाल-डोरा क्षेत्रों में टाइटल डीड वितरण कार्य पूरा करना है। ड्रोन सर्वेक्षण को दमन और दीव, पुद्दुचेरी एवं लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा किया जाना है तथा कम से कम 75 जिलों में दिसंबर 2021 तक इस कार्य को ड्रोन सर्वेक्षण के साथ पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में ड्रोन सर्वेक्षण युद्ध स्तर पर पूरा किया जाना है। राज्यों में ड्रोन टीमों को बढ़ाने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया को प्रोत्साहित किया गया है।
केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने भी समय सीमा से पहले ही लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है और इसे प्राप्त करने में हमें अपना अहम योगदान देना होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं के राजस्व के स्रोत (ओएसआर) कर संग्रह के निम्न स्तर पर भी ध्यान आकृष्ट किया। महाराष्ट्र ने राज्य में वितरित संपत्ति कार्ड (सनद) पर मामूली शुल्क लगाकर अपने ओएसआर संपत्ति कर संग्रह में वृद्धि की है। राज्य ऐसे ओएसआर संग्रह को बढ़ाने के लिए स्वामित्व योजना का लाभ उठा सकते हैं, जहां ग्राम पंचायतों को ऐसा करने का अधिकार दिया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुश्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण विकास और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी ग्रामीण से शहरी प्रवास को कम करने में भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी होगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने सभी राज्यों से अपने यहां इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना वंचित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम साबित होगी।
इस योजना के कार्यान्वयन में सबसे आगे रहने के लिए केंद्रीय मंत्रियों द्वारा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों की सराहना की गई। मध्य प्रदेश ने ड्रोन फ्लाइंग, ग्राउंड-ट्रूथिंग और प्रॉपर्टी कार्ड जनरेशन से एंड टू एंड ऑटोमेशन प्रक्रिया विकसित की है। नागरिक क्लिक करके ही योजना की प्रगति देख सकते हैं और अंतिम संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। नागरिक राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) के माध्यम से भी आपत्ति के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। इससे पारदर्शिता आई है और राज्य में योजना के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित किया गया है। सर्वेक्षण गतिविधियों में तेजी लाने के लिए नए राज्यों को समान वेब-आधारित/मोबाइल-आधारित आईटी प्रणालियों को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
राज्यों को स्वामित्व योजना को एक मिशन मोड में लागू करने और समय पर ड्रोन सर्वेक्षण पूरा करने के लिए ड्रोन का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
इस योजना की सफलता के लिए राज्य और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के बीच घनिष्ठ समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया है। नए राज्यों को वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित विभिन्न मील के पत्थर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, भारतीय सर्वेक्षण के साथ सक्रिय रूप से संपर्क करने और समयबद्ध तरीके से योजना को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।
पंचायती राज मंत्रालय में सचिव श्री सुनील कुमार, भूमि संसाधन विभाग में सचिव श्री अजय तिर्की, भारत के महासर्वेक्षक श्री नवीन तोमर सहित भारत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस सम्मेलन में 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, भारतीय सर्वेक्षण और केंद्रीय मंत्रालयों के 60 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में भूमि संसाधन विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नीति आयोग और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
राज्य भूमि अभिलेख विभाग, सर्वेक्षण एवं निपटान विभाग, भूमि राजस्व विभाग, भारतीय सर्वेक्षण, एनआईसी, जिला कलेक्टरों और मजिस्ट्रेटों तथा भारतीय बैंक संघ के अधिकारियों द्वारा राज्यों से सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार तथा स्वामित्व कार्यान्वयन के लिए विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। छठी अनुसूची के क्षेत्रों में, तकनीकी आवश्यकताएं – एंड-टू-एंड प्रोसेस ऑटोमेशन और कंटीन्यूअस ऑपरेटिंग रेफरेंस सिस्टम (सीओआरएस), संपत्ति कार्ड की बैंकेबिलिटी के पहलू और स्वामित्व डैशबोर्ड की प्रमुख विशेषताएं आदि शामिल हैं।
पृष्ठभूमि:
स्वामित्व (ग्रामों का सर्वेक्षण और ग्राम क्षेत्रों में तात्कालिक प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2020 को प्रत्येक ग्रामीण गृह स्वामी को “अधिकारों का रिकॉर्ड” प्रदान करके ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को सक्षम करने के संकल्प के साथ शुरू किया गया था। नवीनतम सर्वेक्षण ड्रोन तकनीक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबाद (आबादी) भूमि का सीमांकन करने के उद्देश्य से स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय, राज्य राजस्व विभागों, राज्य पंचायती राज विभागों तथा भारतीय सर्वेक्षण विभाग का एक सहयोगात्मक प्रयास है। इस योजना में विविध पहलुओं को शामिल किया गया है। संपत्तियों के मुद्रीकरण को सुगम बनाना और बैंक ऋण सक्षम बनाना; संपत्ति से संबंधित विवादों को कम करना; ग्राम स्तर की व्यापक योजना सही मायने में ग्राम स्वराज प्राप्त करने और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण गृह स्वामियों को अधिकारों का रिकॉर्ड प्रदान करना है। अधिकारों का रिकॉर्ड मालिकों द्वारा बैंक से ऋण तथा अन्य वित्तीय लाभों का फायदा उठाने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह योजना ग्राम स्तर पर विवादों के निपटारे, सटीक भूमि अभिलेखों के निर्माण और किसी भी विभाग या एजेंसी द्वारा उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में सीओआरएस नेटवर्क की स्थापना में भी मदद करेगी।
चरण I – प्रायोगिक परियोजना (अप्रैल 2020 – मार्च 2021) में हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान राज्यों में सतत संचालन संदर्भ प्रणाली (सीओआरएस) की स्थापना शामिल है।
चरण II (अप्रैल 2021 – मार्च 2025) – 2022 तक देश भर में शेष गांवों और सीओआरएस नेटवर्क कवरेज का पूरा सर्वेक्षण।
प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2020 को हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश राज्यों के 763 गांवों के लगभग 1.25 लाख निवासियों को संपत्ति कार्ड के वितरण का शुभारंभ किया था। इसके अलावा, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2021 प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के राष्ट्रीय रोल-आउट का शुभारंभ किया और 5,000 गांवों में 4 लाख से अधिक लाभार्थियों को संपत्ति कार्ड/स्वामित्व कार्ड प्राप्त हुए।
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कानपुर 15 सितंबर 2021 भारतिय स्वरूप संवाददाता, मिशन शक्ति के अंतर्गत क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की टीम ने उच्चतम सामाजिक सोच को बढ़ावा देते हुए महिलाओं के बीच में सेनेटरी पैड का वितरण किया। बच्चों ने पेंसिल रबड़ शार्पनर और कुछ बुक्स वितरित की, कार्यक्रम की संचालक के रूप में डॉ सूफिया सहाब ( आईसीसी संयोजक ) एवं डॉ शिप्रा श्रीवास्तव ( वूमेन सेल संयोजक) ने नारियों के ऊपर किए जाने वाले उत्पीड़नो को न सहने को और उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया एवं जरूरत पड़ने पर भारत सरकार द्वारा वुमन हेल्पलाइन नंबर से भी अवगत कराया । मिशन शक्ति प्रभारी डॉ मीत कमल ने महिलाओं को शिक्षित होने पर एवं उनके सशक्त होने पर जोर दिया। बदलाव के अभिकर्ता के स्वयंसेवक के रूप में अनिरुद्ध दिवेदी , अंजली सचान , तयबा अख्तर, विवेक पटेल, मैत्री पन्ना, वेदांत मिश्रा आदि इस कार्यक्रम के प्रतिभागी बनकर अत्यंत प्रशंसनीय कार्य किया । यह पूरा कार्यक्रम प्रिंसिपल डॉ जोसेफ डेनियल तथा वाइस प्रिंसिपल डॉ सबीना बोदरा के सफल मार्गदर्शन एवं निर्देश नेतृत्व में संपन्न हुआ
कानपुर 13 सितंबर,”श्रम आयुक्त यूपी” और “एमडी उत्तर प्रदेश वित्त निगम (यूपीएफसी)” का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए मंडलायुक्त राजशेखर_
बैठक में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर इलाज मिले, किसी भी प्रकार के कोई सनसाधनों की कोई कमी नहीं है बेहतर प्रबंधन से हम बड़ी से बड़ी महामारी पर कंट्रोल कर सकते हैं इसके लिए पूरी क्षमता से कार्य करना है और समस्त डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी मेहनत करनी है आप लोगो की कड़ी मेहनत की वजह से ही कोरोना पर अंकुश लगा है ।उन्होंने कहा कि कहा कहा डेंगू की टेस्टिंग होगी इसके लिए लोगो को बताया जाए तथा नगर निगम के स्थापित कंट्रोल रूम नम्बर 18001805159 पर अब डेंगू, मलेरिया व वायरल फीवर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी दी जाती रहे इसके लिए लोगो को बताया जाए।शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई होती रहे इसके लिए कार्य योजना बना कर अभियान के तौर पर सफाई कराई जाए तथा लोगो को सफाई हेतु जागरूक भी किया जाता रहे । उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की सम्पूर्ण तैयारी कर ली जाए इसके लिए मार्च व अप्रैल माह में ऑक्सीजन की कितनी आवश्यकता थी उसका आकलन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरकारी व्यवस्था व समस्त प्राइवेट व्यवस्था के अनुसार कर ले ।जो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने है इसके लिए जो समस्या आ रही है उनका निस्तारण युद्ध स्तर पर करे ताकि प्लांट जल्दी स्थापित हो सके।उन्होंने हैलेट अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तो उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि हैलेट अस्पताल में 200 बेड तीसरी लहर के लिए बनाया गया था जिसमें वतर्मान में वारयल फीवर के मरीज भर्ती है। आने वाले मरीजों को बेहतर ईलाज किया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीज को प्रत्येक दशा में बेहतर इलाज मिले इसमे लापरवाही नही होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी कानपुर नगर, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर , नगर आयुक्त , मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदि उपस्थित रहे।
कानपुर 11 सितम्बर, शुक्रवार को होटल के. डी. पैलेस में एसोसिएशन ऑफ एलाइंस क्लब कानपुर भूमिजा एवं कानपुर सृजन का अधिष्ठापन समारोह संपन्न हुआ,
कानपुर, दिनांक 11 सितम्बर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर के तत्वाधान एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर श्री में दीवानी न्यायालय परिसर कानपुर नगर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर, सिविलवाद, लघुवाद, आपराधिक एवं वैवाहिक आदि वादों का तथा प्रीलिटीगेशन स्तर पर विभिन्न बैंको के वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार आर0 पी0 सिंह, की अध्यक्षता पर किया गया। दीवानी न्यायालय के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा 11089 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें मु० और 8.33.39.397.00 रु0 धनराशि दिलायी/वसूल की गयी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 171 वादो का निस्तारण किया गया और 5,61,41,000.00 रु0 धनराशि दिलायी की गयी। कामर्शियल कोर्ट द्वारा 22 वादो का निस्तारण किया गया और 1.56,51,256.00 रु0 धनराशि दिलायी की गयी। प्रीलिटीगेशन स्तर पर 1028 वादो का निस्तारण किया गया 4,48,97.926.00 रु0 का समझौता बैंको द्वारा किया गया। विशेष उल्लेखनीय है कि, आर0 पी0 सिंह, जनपद न्यायाधीश, कानपुर नगर द्वार कुल-12 वादों का निस्तारण कर 25,000.00 रूपये वसूल/दिलाये गये। इस प्रकार कुल मिलाकर 12117 वादो का निस्तारण किया गया तथा कुल धनराशि 12,82,37,323.00 रु0 वसूल/दिलायी गयी। वैवाहिक प्रकृति के कुल 67 वादो का निस्तारण किया गया जिसमें प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय, कानपुर नगर श्री रमेश चन्द्र-I, द्वारा 47 वादों का निस्तारण किया गया एवं कुल 09 पारिवारिक जोड़ों को महोदय द्वारा आशीर्वाद देकर एक दूसरे को गले मिलवाया गया व एक-दूसरे को मिठाई खिलवाकर विदा किया गया। मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर श्री शैलेन्द्र यादव द्वारा सर्वाधिक 5057 मुकदमों का निस्तारण किया गया। आज राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में रामगोपाल विधि महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राओं द्वारा न्यायालय में उपस्थित होकर न्यायालयों की कार्यवाही का अवलोकन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन श्री प्रथम कान्त, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष सं0-04 एवं श्रीमती अंशू शुक्ला, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर द्वारा किया गया।
सिटी बस सेवाओं में सुधार लाने हेतु और संचालन हानि को कम करने के लिए मंडलायुक्त / अध्यक्ष द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।