Breaking News

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के हजारीबाग में आज एक एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिलने पर CRPF की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की सराहना की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के हजारीबाग में आज एक एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिलने पर CRPF की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की सराहना की

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने झारखंड के हजारीबाग में आज एक एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिलने पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की सराहना की है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पर अपनी एक पोस्ट में कहा कि आज झारखंड के हजारीबाग में CRPF की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की जॉइंट टीम को एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है। इस अभियान में ₹1 करोड़ के इनामी, भाकपा (माओवादी) केन्द्रीय कमिटी सदस्य सहदेव सोरेन उर्फ परवेश को ढेर कर दिया गया है। साथ ही, दो अन्य इनामी नक्सलियों रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ चंचल (बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य, 25 लाख इनामी) एवं बीरसेन गांझू उर्फ रामखेलावन (जोनल कमेटी सदस्य,10 लाख इनामी) को भी सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इस ऑपरेशन के बाद उत्तरी झारखंड के बोकारो क्षेत्र से नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। जल्द ही पूरा देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त होगा।

 

Read More »

भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर ज्ञानशून्य भाषा से राष्ट्र का निर्माण कभी नहीं हो सकता। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ कर ही हिंदी सही मायनों में राजभाषा से विश्वभाषा का सफर तय कर सकेगी। उपरोक्त विचार क्राइस्ट चर्च कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर दिनांक 16.09.2025 को ‘भारतीय ज्ञान परंपरा और हिन्दी ‘ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन ने कहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया व औपचारिक स्वागत वक्तव्य हिन्दी विभाग की प्रभारी प्रो. सुजाता चतुर्वेदी ने दिया। 

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में ज्वाला देवी महाविद्यालय में हिंदी की सहायक आचार्य डॉ. खुशबू सिंह उपस्थित रहीं । अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े बिना हिंदी वैचारिक स्वराज्य की भाषा नहीं बन सकती । हिन्दी और भारतीय ज्ञान परंपरा एक दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं । हिंदी में शोध के अनेक नए आयाम व क्षेत्र भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर खुल सकते हैं। उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ ज्ञापित करते हुए हिंदी भाषा और साहित्य की समृद्धि से छात्रों को लाभान्वित होने का आह्वान किया। हिन्दी विभाग के सह-आचार्य श्री अवधेश मिश्र ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुलतावादी व प्रतिरोधी चरित्र को सही मायने में हिंदी ही प्रतिबिंबित करती है। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य अरुणेश शुक्ल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आधुनिक हिंदी साहित्य का पूरा ढाँचा पारंपरिक भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमि पर ही खड़ा है। हिंदी विभाग के विद्यार्थियों, विख्यात दुबे, फैरी , लुत्फ़ा,  ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि हिंदी का अपना चरित्र समन्वयवादी है। वह भारतीय ज्ञान परंपरा से इसी बिंदु पर जुड़ती है।

हिन्दी विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली जाने वाली भित्ति पटल पत्रिका और कविता पोस्टर प्रदर्शनी का लोकार्पण और उद्घाटन भी अतिथियों द्वारा किया गया। ये कविता पोस्टर कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए । 

कविता पोस्टर प्रतियोगिता में विजेता छात्र छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप अतिथियों द्वारा पुस्तकें प्रदान की गई। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वरीशा हाशमी (बी.ए. सेम. 3) ; राशू कनौजिया (बी.ए. सेम.1) ने द्वितीय स्थान ; शालिनी तिवारी (एम.ए. हिंदी सेम.1) तथा काव्या पाण्डेय (बी.ए. सेम.1) ने  तृतीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही सांत्वना पुरस्कार निकिता श्रीवास्तव (एम.ए. हिंदी सेम. 1) तथा फैरी (बी.ए. सेम. 5) ने प्राप्त किया। 

औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन हिंदी विभाग की छात्रा काव्या पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक , शिक्षणेत्तर कर्मचारी, शोधार्थी तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में  अक्सा, आयतल, प्रज्ञा , फैरी आदि विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Read More »

हिंदी दिवस

हिंदी से है जुड़ा हमारा अभिमान,

हिंदी से रोशन है हिंदुस्तान।

सरल, सहज और मीठी बोली,

संस्कृति की है यह अनमोल डोली।

मातृभाषा का मान बढ़ाएँ,

हर दिल में हिंदी को अपनाएँ।

ज्ञान, साहित्य, संस्कृति का संगम,

हिंदी ही है भारत का अनुपम।

विद्या की गंगा हिंदी बहाती,

मन की बातों को स्वर दे जाती।

एकता का संदेश सुनाती,

दूरियों को भी पास कराती।

यही है हमारी पहचान की शान,

यही है भविष्य, यही है वरदान।

आओ मिलकर शपथ उठाएँ,

हिंदी को विश्व शिखर तक ले जाएँ।

डॉ अंजनी अग्रवाल कानपुर नगर उत्तर प्रदेश

Read More »

वृद्ध जनों की स्थिति विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस. एन. सेन महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा “भारत में वृद्ध जनों की स्थिति” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. निशि प्रकाश, प्रो. रेखा चौेबे, तथा कैप्टन ममता अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रतियोगिता में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर तथा बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल में चित्रकला विभाग की अध्यक्षा डॉ. रचना, शिक्षाशास्त्र विभाग की डा. अनामिका ने महती भूमिका निभाई।

प्रतियोगिता में भारत में वृद्ध जनों का सम्मान, सुरक्षा, पहचान, वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धावस्था हेतु सरकारी प्रयास, पारिवारिक संस्कार, और वृद्धों से जुड़ी समस्याओं के मुद्दे पर विचार प्रस्तुत किये गये। प्राचार्या ने अच्छे कार्यक्रम के आयोजन के लिए समाजशास्त्र विभाग को, प्रतिभागी छात्राओं तथा उपस्थित छात्राओं को बधाई दीं। प्रो. निशी प्रकाश ने जीवन में रिश्तों के सम्मान को बनाए रखने का संदेश छात्राओं को दिया। 

 प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निदा परवीन, दि्तीय स्थान कृष्टि कनौजिया, तृतीय स्थान सिमरन वर्मा ने प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कुमकुम पांडे ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन समाजशास्त्र विभाग की डॉ. रेनू कुरील तथा प्रो. मीनाक्षी व्यास ने किया। कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग की समस्त छात्राएं उपस्थित रही।

Read More »

सजेती के रामपुर में चकमार्ग पर अवैध कब्जा हटाया, बुलडोज़र चला

दैनिक भारतीय स्वरूप (जिला सूचना कार्यालय) थाना समाधान दिवस में प्राप्त प्रकरण के क्रम में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामपुर ग्राम, थाना सजेती, तहसील घाटमपुर स्थित चकमार्ग से अवैध कब्जा हटाया। गाटा संख्या 333, क्षेत्रफल 1460 वर्गमीटर पर होटल मालिक अशोक सिंह द्वारा बनाए गए ज़ीने और हमीरपुर निवासी बिल्डर फैजान अली आदि द्वारा खड़ी की गई दीवार को बुलडोज़र से ध्वस्त कर मार्ग को मुक्त कराया गया।

उपजिलाधिकारी घाटमपुर की मौजूदगी में राजस्व और पुलिस टीम ने पूरी कार्यवाही अंजाम दी। कब्जा मुक्त कराए गए रास्ते को ग्राम प्रधान को सुपुर्दगी में दे दिया गया है, ताकि ग्रामीणों के लिए रास्ते का निर्माण कराया जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कब्जेदारों को राजस्व निरीक्षक और लेखपाल द्वारा कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन न मानने पर कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। कार्रवाई के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने रास्ता खुलने पर राहत की सांस लेते हुए प्रशासन का आभार जताया। उपजिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह ने कहा कि सार्वजनिक मार्ग आमजन और किसानों के आवागमन का साधन होता है। इस पर किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति या बिल्डर द्वारा कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

Read More »

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर महिला सशक्तिकरण और कल्याण को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की मिशन शक्ति इकाई ने 13 सितंबर 2025 को मेरी आवाज, मेरी पसंद विषय पर मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं पर केंद्रित था और प्रॉक्टर एंड गैबल द्वारा उदारतापूर्वक प्रायोजित किया गया था। इसमें संकाय सदस्य, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रही। मिशन शक्ति की प्रभारी प्रो मीत कमल ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया और मासिक धर्म स्वास्थ्य पर खुली बातचीत के महत्व पर जोर देकर सत्र की शुरुआत की उन्होंने कहा कि ये विषय हमेशा से कलंक और चुप्पी से घिरा रहा है।

प्राचार्य प्रो० विनय जॉन सेबेस्टियन ने इस पहल की सराहना की तथा इसे बाधाओं को तोडने वाला और महिलाओं को उपलब्ध स्वास्थ्य विकल्पों के बारे में जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद ने इस बात पर जोर दिया कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत स्वच्छता का मामला नहीं है, बल्कि यह सम्मान, समानता और अधिकारों का भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अतिधि वक्ताओं सूर्याश सक्सेना और अंजलि शुक्ला का संबोधन था, जिन्होंने मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व, उपेक्षा से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों और महिलाओं के प्रति भेदभाव को बढ़ावा देने वाले मिथकों को दूर करने की तत्काल आवश्यकता पर खुलकर बात की। इस सत्र में तथ्यों, व्यक्तिगत अंतर्दृष्टि और प्रेरक मार्गदर्शन का समावेश था, जिसने छात्राओं को गहराई से प्रभावित किया।कार्यक्रम का संचालन छात्रा स्वयंसेवकों ओजस्विनी, कांची, सुंदरम, अनमता, प्राची, वृंदा, वंशिका और आदर्श ने सुचारू रूप से किया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. और एक स्वस्थ और अधिक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए जागरूकता, शिक्षा और स्वच्छता तक पहुँच आवश्यक है। सभी उपस्थित लोगों को सैनिटरी नैपकिन के निःशुल्क पैकेट वितरित किए गए। मिशन शक्ति मानसिकता बदलने और युवा महिलाओं को अपनी भलाई की जिम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बनाने में योगदान देता है।

Read More »

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पटना में एपीडा के पहले कार्यालय का उद्घाटन किया;  यह बिहार की कृषि-निर्यात यात्रा में एक नया अध्याय है

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बिहार को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात के केंद्र में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 सितंबर, 2025 को पटना, बिहार में आयोजित बिहार आइडिया फेस्टिवल में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री श्री नीतीश मिश्रा के साथ-साथ बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, एपीडा नेतृत्व, उद्यमी, एफपीओ और किसान समूह भी उपस्थित थे।

बिहार का समृद्ध कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र शाही लीची, जर्दालू आम, मिथिला मखाना और मगही पान से लेकर मुख्य अनाज और फलों व सब्जियों के विविध मिश्रण तक, उच्च-संभावना वाले कृषि उत्पादों की एक विविध श्रृंखला के अनुकूल है। इनमें से कई उत्पादों को मिले भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग उनकी वैश्विक अपील को बढ़ाते हैं, जिससे बिहार को अंतर्राष्ट्रीय कृषि-व्यापार क्षेत्र में एक अद्वितीय बढ़त मिलती है।

एपीडा के पटना कार्यालय की स्थापना बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक नए युग का सूत्रपात करती है, जिससे किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को पंजीकरण, परामर्श सेवाएं, बाज़ार सूचना, प्रमाणन में सहायता, निर्यात प्रक्रियाओं में सुगमता, बाज़ार सुगमता, बुनियादी ढांचे के विकास और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी। अब तक, बिहार के निर्यातक वाराणसी स्थित एपीडा के क्षेत्रीय कार्यालय पर निर्भर थे। नया कार्यालय एफपीओ, एफपीसी और निर्यातकों को सीधी सहायता प्रदान करेगा, जिससे निर्यातकों के प्रश्नों के समाधान में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और राज्य-स्तरीय संस्थानों के साथ समन्वय दृढ़ होगा।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री पीयूष गोयल ने कहा कि पटना में एपीडा क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं है अपितु यह बिहार के किसानों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करने का एक मिशन है। हमारे किसान, उद्यमी और निर्यातक दुनिया को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखते हैं। उचित सहयोग से, बिहार उच्च मूल्य वाले, टिकाऊ कृषि-निर्यात में अग्रणी बनकर उभरेगा।

इसी भावना को दोहराते हुए, उप-मुख्यमंत्री ने केंद्र की पहल की सराहना की और किसान-आधारित विकास और निर्यात की तैयारी के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने हेतु बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षमता निर्माण, बाज़ार संपर्क और गुणवत्ता संवर्धन के माध्यम से एपीडा के निरंतर समर्थन ने इन निर्यातों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उद्घाटन समारोह को ऐतिहासिक बनाते हुए, जीआई-टैग युक्त मिथिला मखाना की 7 मीट्रिक टन की खेप को न्यूज़ीलैंड, कनाडा और अमेरिका के लिए रवाना किया गया। यह निर्यात बिहार के दरभंगा की नेहाशी की संस्थापक, एक महिला उद्यमी सुश्री नेहा आर्या द्वारा किया गया और यह समावेशी और लैंगिक-संवेदनशील व्यापार संवर्धन के प्रति एपीडा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

सुश्री आर्या की कहानी बिहार में महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता के लिए एक मजबूत प्रोत्साहन का शानदार उदाहरण है, साथ ही यह बिहार के उच्च मूल्य, जीआई-टैग वाले उत्पादों के लिए बढ़ती वैश्विक मांग को उजागर करती है और सहकारी संघवाद का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करती है, जो एपीडा और बिहार सरकार के माध्यम से वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई संस्थागत सहायता के माध्यम से बिहार के लोगों के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह पहल महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाकर और ग्रामीण उत्पादकों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करके समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए एपीडा के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। यह शिपमेंट बिहार के कृषि क्षेत्र में महिला उद्यमियों की बढ़ती निर्यात तत्परता का प्रमाण है।

निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, बिहार ने निर्यात में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। जीआई-टैग वाला मिथिला मखाना वर्ष 2024-25 में संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका को निर्यात किया जा चुका है। वर्ष 2023 में, जीआई-टैग वाला जर्दालु आम भी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में पहुंच चुका है। तिलकुट और तिल के लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयां और शाही लीची जैसे फल अब वैश्विक खरीदार पा रहे हैं और यह बिहार की स्वदेशी उपज के अनूठे मूल्य को प्रदर्शित करते हैं।

पिछले तीन वर्षों में, एपीडा ने बिहार में राज्य के कृषि-निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक व्यापक जुड़ाव रणनीति लागू की है। इसमें किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निर्यातकों और अन्य हितधारकों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय अनुपालन प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम- भौतिक और आभासी दोनों- शामिल हैं। व्यावहारिक प्रदर्शन प्रदान करने के लिए, एपीडा ने एफपीओ और हितधारकों के लिए यूएई जैसे गंतव्यों और महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में उत्कृष्टता के घरेलू केंद्रों जैसे कि आईआईवीआर, आईआरआरआई और सीआईएसएच लखनऊ जैसे अंतर्राष्ट्रीय दौरों की सुविधा प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को फसल कटाई के बाद की प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन और निर्यात दस्तावेजीकरण में सर्वोत्तम प्रथाओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिली। मुजफ्फरपुर में जीआई-टैग वाली शाही लीची के लिए दीर्घकालीन पैकेजिंग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया इसके अलावा, बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, एपीडा और बिहार सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 19-20 मई, 2025 को पटना के ज्ञान भवन में एक अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता बैठक (आईबीएसएम) का आयोजन किया गया, जिसमें 22 देशों के 70 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के साथ-साथ 40 से अधिक प्रमुख घरेलू निर्यातकों, पांच कृषि व्यापार संघों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

पटना में एपीडा कार्यालय का उद्घाटन और अंतर्राष्ट्रीय मखाना शिपमेंट का सफल शुभारंभ, बिहार के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। पटना स्थित एपीडा कार्यालय केवल एक नए भवन से कहीं अधिक है; यह संपूर्ण बिहार के हजारों किसानों, कृषि उद्यमियों, महिला-प्रधान उद्यमों, एफपीओ, एफपीसी, स्टार्ट-अप्स और नवोदित युवा निर्यातकों के लिए समृद्धि का द्वार है। यह संस्थागत मजबूती, बाजार पहुंच और तकनीकी मार्गदर्शन को सीधे जमीनी स्तर तक पहुंचाता है। एपीडा और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के निरंतर सहयोग से, बिहार उच्च मूल्य, दीर्घकालिक और समावेशी कृषि व्यापार के एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरने के लिए तैयार है।

Read More »

सरकार ने फसल वर्ष 2025-26 के मद्देनजर मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अफीम पोस्त की खेती के लिए वार्षिक लाइसेंसिंग नीति की घोषणा की

केंद्र सरकार ने आज मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अफीम पोस्त की खेती के लाइसेंस संबंधी वार्षिक लाइसेंसिंग नीति की घोषणा की। यह नीति 1 अक्टूबर, 2025 से 30 सितंबर, 2026 फसल वर्ष के दौरान जारी रहेगी।

नीति की सामान्य शर्तों के अनुसार, इन राज्यों में लगभग 1.21 लाख किसान अफीम की खेती के लाइसेंस प्राप्त करने के पात्र है। यह पिछले फसल वर्ष में जारी किए गए लाइसेंसों की संख्या से 23.5 प्रतिशत अधिक है । इस प्रकार लगभग 15,000 अतिरिक्त किसान इस नीति से जुड़े है, जिन्हें इस वर्ष अफीम की खेती से लाभ मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार चिकित्सा और उपशामक देखभाल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एल्कलॉइड की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके साथ ही, आवश्यक मादक औषधियों के उत्पादन हेतु एल्कलॉइड की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से, स्वदेशी और आत्मनिर्भर उपायों के माध्यम से प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

वार्षिक लाइसेंस नीति की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • मौजूदा अफीम गोंद उत्पादकों को बनाए रखना जिन्होंने प्रति हेक्टेयर 4.2 किलोग्राम या उससे अधिक औसत मॉर्फिन उपज (एमक्यूवाई-एम) हासिल की है
  • 3.0 किलोग्राम से 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के बीच मॉर्फिन उपज वाले मौजूदा अफीम गोंद उत्पादक अब पांच साल की लाइसेंस वैधता के साथ, पोस्ता भूसा सांद्रण (सीपीएस) विधि के तहत चीरा लगाए बिना पोस्ता भूसे की खेती करने के पात्र हैं।

इसके अलावा, 1995-96 से किसानों की संख्या के कंप्यूटराइजड रिकॉर्ड (डिजिटलीकरण) से समावेशिता बढ़ी है, जिससे पिछले वर्षों के सीमांत किसानों को निर्धारित पात्रता और शिथिल मानदंडों को पूरा करके लाइसेंस प्राप्त करने में मदद मिली है।

सरकार का बेहतर प्रदर्शन करने वाले उन किसानों को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है, जिन्होंने 900 किलोग्राम/हेक्टेयर या उससे अधिक अफीम की उपज प्राप्त की है, और उन्हें अफीम गोंद की खेती की पारंपरिक विधि अपनाने का विकल्प प्रदान करती है। इस बदलाव का उद्देश्य उनकी जोतों से अफीम की अधिक पैदावार को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही यह खेत से अफीम के अन्य स्रोतों के उपयोग के जोखिम को कम करने के लिए एक सकारात्मक सुदृढ़ीकरण तंत्र के रूप में भी कार्य करेगा।

सरकार सीपीएस खेती के तहत फसल वर्ष 2025-26 के लिए उन किसानों के लाइसेंस निलंबित करेगी, जिन्होंने पिछले फसल वर्ष (2024-25) के दौरान 800 किलोग्राम/हेक्टेयर की निर्धारित न्यूनतम योग्यता उपज (एमक्यूवाई) को पूरा नहीं किया था।

सरकार अपने अफीम और अल्कलॉइड कारखानों की क्षमता बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष, नीमच स्थित सरकारी अल्कलॉइड कारखाने को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से जीएमपी प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इस नीति का उद्देश्य सरकारी नियंत्रित अल्कलॉइड इकाइयों के लिए आत्मनिर्भरता को संतुलित करने के साथ अल्कलॉइड एपीआई और फॉर्मूलेशन में भारतीय दवा कंपनियों को सहयोग प्रदान करना है। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता और ब्रांड विश्वसनीयता का लाभ उठाकर, इस पहल का उद्देश्य मेक फॉर वर्ल्ड विजन को बढ़ावा देना है।

राजपत्र अधिसूचना (अफीम गमके लिए यहां क्लिक करें

राजपत्र अधिसूचना (सीपीएसके लिए यहां क्लिक करें

Read More »

दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई में आईआईएम अहमदाबाद के पहले विदेशी परिसर का उद्घाटन किया

दुबई के क्राउन प्रिंस, उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री, महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने आज दुबई में भारत के प्रमुख बिज़नेस स्कूल, भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएमए) के पहले विदेशी परिसर का उद्घाटन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और संयुक्त अरब अमीरात के कार्यवाहक उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्री डॉ. अब्दुल रहमान अब्दुल मन्नान अल अवार भी इस समारोह में उपस्थित थे।

A poster of two menA group of men walkingAI-generated content may be incorrect.

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री प्रधान ने कहा कि दुबई के क्राउन प्रिंस, शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा आईआईएम अहमदाबाद दुबई परिसर का उद्घाटन किया जाना हमारे लिए बेहद सम्मान की बात है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप भारतीय शिक्षा के वैश्वीकरण की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आईआईएम अहमदाबाद दुबई परिसर भारत की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा को दुनिया तक पहुंचाएगा। दुबई ने आज आईआईएम अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय परिसर की मेजबानी करके ‘भारतीय भावना, वैश्विक दृष्टिकोण’ के सिद्धांत को साकार करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान किया है। उन्होंने भारत-यूएई ज्ञान सहयोग में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ने के लिए शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भारत के राजदूत श्री संजय सुधीर, भारत के महावाणिज्यदूत श्री सतीश सिवन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री पंकज पटेल, आईआईएमए के निदेशक प्रोफेसर भरत भास्कर और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। क्राउन प्रिंस शेख हमदान के साथ संयुक्त अरब अमीरात के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिनमें कैबिनेट मामले मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल गर्गावी; अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम बिन्त इब्राहिम अल हाशिमी; शिक्षा मंत्री सारा बिन्त यूसुफ अल अमीरी; अर्थव्यवस्था और पर्यटन विभाग की महानिदेशक हेलाल सईद अल मारी और ज्ञान एवं मानव विकास प्राधिकरण की महानिदेशक आयशा अब्दुल्ला मीरान शामिल थे।

श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने संयुक्त अरब अमीरात के कार्यवाहक उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्री, डॉ. अब्दुलरहमान अब्दुलमन्नान अल अवार के साथ भी बैठक की। दोनों पक्षों ने उच्च शिक्षा में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और ज्ञान के संबंधों को और परिपुष्‍ट करने के साथ-साथ ज्ञान, नवाचार और अनुसंधान को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख घटक बनाने पर सहमति व्यक्त की। महत्वपूर्ण और उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, क्षमता निर्माण और द्विपक्षीय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई।

श्री प्रधान ने दुबई में भारतीय शिक्षण संस्थानों द्वारा किए गए योगदान, विशेष रूप से पारस्परिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक संपर्क को बढ़ावा देने और साथ ही संयुक्त अरब अमीरात में और अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले भारतीय संस्थानों की स्थापना के लिए दिए गए समर्थन की सराहना के लिए डॉ. अब्दुलरहमान अल अवार का धन्यवाद किया। मंत्री महोदय ने कहा कि भारत प्रतिभाओं का एक वैश्विक केंद्र है और संयुक्त अरब अमीरात एक वैश्विक आर्थिक केंद्र है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात दोनों ही लोगों के बीच संपर्क को मज़बूत करने और अपने सदियों पुराने और मज़बूत संबंधों को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बाद में, धर्मेन्‍द्र प्रधान ने दुबई स्थित मणिपाल विश्वविद्यालय परिसर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने सिम्बायोसिस, बिट्स पिलानी, एमआईटी, एमिटी आदि भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों के प्राचार्यों के साथ एक गोलमेज चर्चा की। श्री प्रधान ने यूएई के शैक्षणिक दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्‍होंने शोध मूल्य श्रृंखला को शोध पत्रों के प्रकाशन से आगे बढ़ाकर उत्पादीकरण और विपणन की ओर ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के मानचित्र पर ब्रांड इंडिया को मजबूत बनाने पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

श्री प्रधान ने संयुक्त अरब अमीरात में 109 भारतीय पाठ्यक्रम वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों से भी वार्तालाप किया। अन्य जीसीसी देशों और सभी वैश्विक सीबीएसई स्कूलों के सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से इसमें शामिल हुए। इस अवसर पर, श्री प्रधान ने जीसीसी देशों के सीबीएसई स्कूलों में 12 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की, ताकि छात्रों में व्यावहारिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक जिज्ञासा और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके।

A person standing at a podiumAI-generated content may be incorrect.

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आयोजित एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम में, श्री प्रधान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय वृक्ष- ग़फ़ का एक पौधा लगाया। श्री प्रधान ने कहा कि यह संयुक्त अरब अमीरात में स्थिरता और शांति का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक है। वाणिज्य दूतावास में स्थित ग़फ़ वृक्ष भारत-यूएई मैत्री का एक सदाबहार प्रमाण भी रहेगा।

इस यात्रा ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच स्थायी मित्रता की पुष्टि की, जो पारस्परिक सम्मान, साझा आकांक्षाओं और शिक्षा के माध्यम से भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण पर आधारित है। श्री प्रधान ने सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच एक गतिशील और समावेशी शैक्षिक पारिस्थितिकी व्‍यवस्‍था को आकार देने में निरंतर सहयोग की आशा व्यक्त की।

 

Read More »

राष्ट्रपति ने सी. पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (12 सितंबर, 2025) राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सी. पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलाई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (12 सितंबर, 2025) राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सी. पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलाई।

Read More »