इस परियोजना की परिकल्पना गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. मनोहर पर्रिकर ने की थी। वे राज्य में राष्ट्रीय महत्व का एक संस्थान स्थापित करना चाहते थे, जिससे गोवा शिक्षा के लिए भी एक गंतव्य के रूप में अपनी सेवा दे सके।
साल 2010 में एनआईटी गोवा ने राज्य में पोंडा के फार्मागुडी स्थित गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर स्थित अपने पारगमन (ट्रांसिट) परिसर में काम करना शुरू किया था। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की सहायता से साल 2023 में दक्षिण गोवा स्थित कुनकोलिम में संस्थान के अपने परिसर का निर्माण कार्य पूरा हुआ। अपने स्थायी परिसर के लिए गोवा सरकार ने जुलाई 2017 में कुनकोलिम गांव में 4,56,767 वर्गमीटर (113 एकड़) भूमि हस्तांतरित की थी। इस परिसर का शिलान्यास गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. मनोहर पर्रिकर ने 15 दिसंबर, 2018 को किया था। इस अवसर पर तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर भी उपस्थित थे।
मई, 2019 में एनआईटी गोवा परिसर के निर्माण की योजना सीपीडब्ल्यूडी के साथ परियोजना निगरानी समिति के रूप में शुरू की गई थी और पहले चरण के तहत 46 एकड़ भूमि पर काम करने की परिकल्पना की गई। इस परिसर का निर्माण आरसीसी प्रीकास्ट 3एस तकनीक का उपयोग करके किया गया है। इस परिसर का कुल निर्मित क्षेत्र 70,750 वर्गमीटर है, जिसकी निर्माण लागत 390.83 करोड़ रुपये है। इसकी कुल क्षमता 1,260 छात्र की है।
इस परिसर में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें शैक्षणिक परिसर, विभागीय परिसर, संगोष्ठी परिसर, प्रशासनिक परिसर, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, स्टाफ क्वार्टर, सुविधा केंद्र, खेल मैदान व और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा परिसर की कई पर्यावरण-अनुकूल विशेषताएं भी हैं। इनमें सौर संयंत्र, सीवेज उपचार संयंत्र, जल की बचत करने वाली फिटिंग व सैनिटरीवेयर में फिक्स्चर, कुशल विद्युत प्रकाश व्यवस्था और सौर ऊर्जा संचालित स्ट्रीट लाइट शामिल हैं। इसके निर्माण के दौरान राज्य में मौसम की स्थिति के अनुकूल बागवानी कार्यों के तहत स्थानीय पौधों का रोपण किया गया और सौर पैनलों को लगाया गया है। इसके अलावा भवनों में बिजली के उपयोग को कम करने और प्रकाश व्यवस्था प्रदान करने के लिए बेहतर प्राकृतिक वेंटिलेशन डिजाइन किया गया है।
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एस.एन. सेन बी.वी. पी.जी . महाविद्यालय तथा सी.एस.जे.एम. यू. कानपुर के ट्रेनिंग, नवाचार एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 07/02/2024 को महाविद्यालय की छात्राओं हेतु “नवप्रवर्तन प्रौद्योगिकी में अभिनव विचारों के माध्यम से उद्यमिता विकास : अवसर और कैरियर की संभावना ” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि एवं वक्ता डॉ. अनिल त्रिपाठी (इनक्यूबेशन मैनेजर, सी.एस.जे.एम.आई.एफ.), डॉ.अजय जैन (ई.बी., सी.एस.जे.एम.यू.), प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, सचिव श्री पी.के. सेन द्वारा सरस्वती माँ के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। डॉ.अनिल कुमार त्रिपाठी ने नवाचार के संबंध में छात्रों का दृष्टिकोण, कंटेंट क्रिएटर्स के रूप में करियर, नए नवोन्वेषी रुझानों के रूप में सामग्री निर्माताओं की भूमिका तथा तीन प्रकार के इनोवेशन -प्रोडक्ट इनोवेशन, सेवा नवाचार, प्रक्रिया नवाचार आदि मुख्य पक्षों पर विस्तृत जानकारी छात्राओं को प्रदान के अंत में, नए कैरियर अवसर के रूप में नए नवीन रुझानों और तकनीकों के निर्माण में छात्रों के विचार भी जाने गए कार्यक्रम का समापन समन्वयक प्रो.गार्गी यादव ने धन्यवाद ज्ञापन से किया कार्यक्रम में प्रो. निशी प्रकाश, प्रो. रेखा चौबे, डॉ. रचना निगम (इनोवेशन सेल प्रभारी), डॉ प्रीति सिंह ,डॉ. शुभा बाजपेयी, डॉ.कोमल सरोज, डॉ. अनामिका, डॉ. प्रीता अवस्थी, डॉ. सपना रॉय आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं|
कानपुर 7 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज परिसर में इमरटिकस लर्निंग के द्वारा “वॉक-इन ड्राइव” कार्यक्रम, महाविद्यालय के कैरियर काउंसलिंग सेल द्वारा अयोजित किया गया, इमरटिकस लर्निंग के सहायक उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कौशल आविष्कारों को पूरा करने के लिए मानव पंजी की गुणवत्ता में सुधार करना आवश्यक है, उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में अवसरों के बारे में बताया और बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम विश्लेषक के महत्व के बारे में बताया।