हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों का तीव्र अंगीकरण और विनिर्माण (फेम) योजना के चरण-II के तहत बजटीय आवंटन और धनराशि के परिव्यय का विवरण निम्नलिखित है:
| क्रम संख्या | वित्तीय वर्ष | बजट आवंटन | धनराशि का उपयोग (31.01.2024 की स्थिति के अनुसार) |
| 1 | 2019-20 | 500 करोड़ रुपये | 500 करोड़ रुपये |
| 2 | 2020-21 | 318.36 करोड़ रुपये | 318.36 करोड़ रुपये |
| 3 | 2021-22 | 800 करोड़ रुपये | 800 करोड़ रुपये |
| 4 | 2022-23 | 2897.84 करोड़ रुपये | 2402.51 करोड़ रुपये |
| 5 | 2023-24 | 5171.97 करोड़ रुपये | 1980.83 करोड़ रुपये |
भारी उद्योग मंत्रालय ने 25 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 68 शहरों में 2,877 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन की मंजूरी दी है। इन चार्जिंग स्टेशनों में से 148 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जा चुका है और इनका परिचालन किया जा रहा है।
इसके अलावा भारी उद्योग मंत्रालय ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तीन तेल विपणन कंपनियों को 7,432 इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए पूंजीगत सब्सिडी के रूप में 800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
31 जनवरी, 2024 की स्थिति के अनुसार फेम इंडिया योजना के चरण-II के तहत इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माताओं को 13,41,459 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर 5790 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। (31 जनवरी, 2024 की स्थिति के अनुसार फेम-II पोर्टल पर दावाकृत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नीचे दिए गए ब्यौरे के अनुसार)
| क्रम संख्या | वाहन का प्रकार | कुल वाहन संख्या |
| 1 | दोपहिया | 11,85,829 |
| 2 | तिपहिया | 1,38,639 |
| 3 | चौपहिया | 16,991 |
| कुल | 13,41,459 |
इसेक अलावा भारी उद्योग मंत्रालय ने शहर के भीतर परिचालन के उद्देश्य से विभिन्न शहरों/एसटीयू/राज्य सरकार की इकाइयों के लिए 6862 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। 29 नवंबर, 2023 की स्थिति के अनुसार इन 6,862 ई-बसों में से 3487 बसों की आपूर्ति एसटीयू को की जा चुकी है।
यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने आज राज्य सभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।
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