रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान श्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की बहुआयामी प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन, ज्ञान अर्थव्यवस्था में तेज़ प्रगति और एक दशक पहले 18 यूनिकॉर्न से 118 तक स्टार्टअप्स की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग ने 1.5 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन और 100 से अधिक देशों को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा निर्यात की उपलब्धि हासिल की है।
श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी की प्रशंसा की, उन्होंने विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के शब्दों को याद करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में, चरित्र ही व्यक्ति की असली पहचान है। भारतीय समुदाय ने मजबूत आर्थिक नींव और बढ़ती सैन्य शक्ति में निहित भारत की वैश्विक भूमिका पर गर्व व्यक्त किया।

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भारतीय स्वरूप संवाददाता
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भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।
प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।


