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एस एन सेन में छात्राओं ने समिति बनाकर फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर आज एस.एन.सेन बालिका विद्यालय पी.जी. कॉलेज मॉलरोड छात्राओं को शिक्षा के अतिरिक्त व्यक्तित्व निर्माण एवं संस्कारवान बनाने में महती योगदान करता है ।इसी क्रम मे विज्ञान संकाय की छात्राओं ने अपनी अग्रज बी.एससी. तृतीय वर्ष की छात्राओं को भावपूर्ण विदाई दी तथा फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया|बीएससी प्रथम वर्ष की छात्राओं-कीर्ति गुप्ता, सृष्टि पाल,तथा बी.एससी. द्वितीय वर्ष की :- आयशा, ज़िया, सदा, उरूज़ आदि ने एक समिति बनाकर फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया|

प्रचार्या- प्रोफेसर सुमन,रसायन विज्ञान की विभागाध्यक्ष – प्रोफेसर गार्गी यादव,वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रीति सिंह,तथा जन्तु विज्ञान की डॉक्टर शैल वाजपेई ने मां सरस्वती के पूजन के साथ आशीर्वाद वचन देते हुए समारोह का शुभारंभ किया|

कार्यक्रम में म्यूजिकल चेयर के ३ राउंड किए गए । जिसमे प्रथम जनवी, द्वितीय ताशु तथा तृतीय अलसबा रही|

इसके अतिरिकत छात्राओं की रैंप वॉक हुई और अनेक प्रकार के गेम खेले गए|

अंतिम निर्णय लेते हुए ,छात्राओं की वेश भूषा परिधान ,बात करने का धंग और उनके ज्ञान को परखते हुए मिस.फेयरवेल का चुनाव किया गया|

बीएससी तृतीया वर्ष की:-राखी मौर्या मिस फेयरवेल चुनी गई| प्रचार्या प्रो.सुमन ने मिस फेयरवेल को क्राउन तथा फ्लैप से सुशोभित किया |

कार्यक्रम में संचालन सानिया सिंह ने किया ।सभी छात्राओं ने नृत्य और संगीत से कार्यक्रम में भरपुर मनोरंजन किया और एक दूसरे को उज्जवल भविष्य की कामना देते हुए महाविद्यालय से विदाई ली ।

कार्यक्रम में प्रो. गार्गी यादव, डॉक्टर प्रीति सिंह, डॉक्टर शैल वाजपेई, डॉक्टर समीक्षा सिंह, श्रीमती प्रीति सक्सेना,श्री एस. पी. पांडे,श्री अवधेश,श्री रिंकू तथा श्रीमती माया ने सहभागिता की |

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चर्च कॉलेज, कानपुर के रोवर्स एवं रेंजर्स इकाई का पाँच दिवसीय प्रवेश एवं निपुण प्रशिक्षण शिविर

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के रोवर्स एवं रेंजर्स इकाई का पाँच दिवसीय प्रवेश एवं निपुण प्रशिक्षण शिविर 04 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुआ। शिविर का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टिन द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से प्रदीप कुमार त्यागी, अभिषेक द्विवेदी तथा अंजना सिंह प्रशिक्षण प्रदान किया।शिविर के दौरान प्रतिभागियों को टोली गठन, स्काउटिंग के नियम, प्रतिज्ञा, इतिहास, ध्वज शिष्टाचार, बी.पी.-6 व्यायाम, मार्च-पास्ट, कलर पार्टी तथा पायनियरिंग (गाँठ एवं फाँस) का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पोस्टर, रोल प्ले एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।

प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सभी गतिविधियों में भाग लिया। प्रतियोगिताओं के परिणाम शिविर के अंतिम दिवस 08 अप्रैल 2026 को घोषित किए जाएंगे तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय, कानपुर के रोवर्स एवं रेंजर्स इकाई का चतुर्थ दिवस का शिविर 7 अप्रैल 2026 को महाविद्यालय के मैदान में सम्पन्न हुआ । शिविर की शुरुआत विश्वविद्यालय द्वारा चयनित विशेषज्ञ अभिषेक द्विवेदी सभी रोवर्स एंड रेंजर्स को ध्वज शिष्टाचार दे कर की गई । ध्वजारोहण एवं झंडा गीत के पश्चात सभी प्रतिभागियों को गांठों एवं बंधनों का सफल प्रशिक्षण दिया गया , जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा विशेषज्ञ अभिषेक द्विवेदी और प्रदीप त्यागी जी गांठ व बंधन बांध करके दिखाया भी । जिसके बाद सभी रोवर्स और रेंजर्स को प्राथमिक चिकित्सा में स्ट्रेचर तथा पट्टियों की जानकारी दी गई । जिसमें सभी ने बारी बारी से पट्टियां एक दूसरे के बांध कर प्रशिक्षण को सार्थकता प्रदान की ।

तदोपरांत महाविद्यालय के डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में रोवर्स और रेंजर्स की विभिन्न टोलियों के मध्य नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता आयोजित की गई , जिसके निर्णायक के रूप में हिंदी विभाग के प्रो. अरविंद सिंह जी उपस्थित हुए । शिवाजी टोली ने भ्रष्टाचार , महाराणा प्रताप टोली ने सड़क सुरक्षा , मैरी कॉम टीम ने महिला उत्पीड़न तथा सूफिया कुरैशी ने भ्रष्टाचार विषय पर प्रस्तुति दी । रोवर्स में शिवाजी टोली तथा रेंजर्स में सूफिया कुरैशी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।

तत्पश्चात सभी के मध्य ट्रूप गीत प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ जिसके निर्णायक के रूप में गणित विभाग के डॉ राघवेंद्र सिंह प्रस्तुत थे । सभी रोवर्स एंड रेंजर्स टोली ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया तथा प्रथम स्थान रेंजर्स की सूफिया कुरैशी टोली ने प्राप्त किया ।

शिविर तथा प्रतियोगिता का सफल आयोजन करानें में रोवर्स एंड रेंजर्स के प्रभारी डॉ आशीष दुबे , रेंजर्स की प्रभारी डॉ श्वेता मिश्रा , रोवर्स एंड रेंजर्स के अन्य सदस्य यथा अरुणेश शुक्ल , नाज़िर हुसैन व राघवेंद्र सिंह का महान योगदान रहा ।

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बेमौसम बारिश से फसल क्षति का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

कानपुर नगर। जनपद में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने तहसील सदर के सचेंडी तथा सोना गांव में खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर गाटा-वार फसल क्षति की स्थिति देखी और प्रभावित किसानों से बातचीत कर वास्तविक नुकसान की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याएं सुनीं और बेमौसम वर्षा से फसलों पर पड़े प्रभाव के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि बारिश के कारण कई स्थानों पर खड़ी फसल प्रभावित हुई है।

जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां तत्काल सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी लेखपाल अपने-अपने क्षेत्रों में गाटा-वार एवं क्षेत्रवार फसल क्षति का विस्तृत आकलन सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपालों द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और फसल क्षति का आकलन समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि तैयार आकलन रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाए, जिससे प्रभावित किसानों को समय से क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संबंधित अधिकारी इसे प्राथमिकता के साथ पूरा करें, जिससे प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।

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कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय में *अनुसंधान पद्धति* विषय पर संगोष्ठी एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 6 अप्रैल कानपुर विद्यामंदिर महाविद्यालय में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा  *अनुसंधान पद्धति* विषय पर संगोष्ठी एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपप्राचार्या प्रो. निशा पाठक द्वारा मुख्य अतिथि, डॉ. प्रभा कुमारी (प्राचार्य, चौ. जगन सिंह शिक्षा संस्थान, भरतपुर) का स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलित द्वारा किया गया ।

विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. भक्ति विजय शुक्ला (सहायक निदेशक, फ्रेग्रेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर, कानपुर) तथा श्री अनिल कुमार त्रिपाठी (इनक्यूबेशन मैनेजर, इनोवेशन फाउंडेशन, सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय, कानपुर) उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर डॉ. प्रभा कुमारी द्वारा अनुसंधान पद्धति पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें छात्राओं को शोध कार्य की मूलभूत प्रक्रियाओं, विधियों तथा नवीनतम रुझानों की जानकारी दी गई। इसके पश्चात विषय से सम्बन्धित प्रश्न छात्राओं द्वारा किए गए जिसका उत्तर मुख्य वक्ता द्वारा देकर छात्राओं का ज्ञानवर्धन किया गया। अतिथियों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024 25 हेतु स्नातक स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राएं श्रेया राजवंशी, रश्मि वर्मा, श्रेया मिश्रा, अनीशा गिरी,स्वप्निल पांडे,अंजली शर्मा, प्राणिक शुक्ला, खुशी वर्मा, आंचल सिंह, साक्षी साहू, शिखा गुप्ता, पलक चौबे तथा स्नाकोत्तर स्तर पर सर्वोत्तम अंक पाने वाली छात्राएं प्रिया,अमृता गौतम, खुशी तिवारी एवं स्वाति गुप्ता को मेडल एवं प्रमाणपत्र द्वारा पुरस्कृत किया गया। महाविद्यालय में भूतपूर्व छात्रा संगठन *ओजस्विनी* द्वारा भी छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। एम.एस.एम.ई द्वारा आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा कार्यक्रम में छात्राओं को वर्ष भर की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद उपलब्धियों के लिए पुरस्कार वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम का कुशल संयोजन डॉ. रितु नारंग, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग, समन्वयक डॉ. शोभा मिश्रा एवं विभागाध्यक्षा श्रीमती निक्की वेदी द्वारा, कार्यक्रम का संचालन डा स्निग्धा मिश्र, अस्सिटेंट प्रो. अंग्रेजी विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षिकाएं एवं लगभग 70 छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन डॉ रितु नारंग द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करके किया गया।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में मिशन शक्ति के अंतर्गत कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न पर अभिमुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 6 अप्रैल 2026।दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में मिशन शक्ति – 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 विषय पर एक प्रभावशाली अभिमुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीसीपी(क्राइम)अर्चना ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को विस्तारपूर्वक बताया कि कैसे वह सुरक्षित माध्यम से विभिन्न हेल्पलाइन नंबर्स का प्रयोग कर अपने प्रति हो रहे लैंगिक या यौन अपराधों के प्रति अपनी आवाज उठा सकती है, जो इन अपराधों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। विशिष्ट अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री विकास सिंह ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि हर महिला को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहकर अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए तथा विभिन्न महिला संबंधी कल्याणकारी योजनाओं को जानकारियाँ दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने तथा संचालन मिशन शक्ति प्रभारी डॉ. संगीता सिरोही ने किया।कार्यक्रम में जेंडर विशेषज्ञ शैल शुक्ला, रागिनी श्रीवास्तव तथा पुलिस विभाग से एस आई कल्पना ने भी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाई। कांस्टेबल अफ़साना ने महिला केंद्रीय कविता पाठ किया तथा छात्रा प्रतिनिधि ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सेमिनार बहुत ही महत्वपूर्ण, जानकारीवर्धक एवं प्रासंगिक रहा। उन्होंने कहा कि लैंगिक संवेदनशीलता एवं जागरूकता ही उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने का प्रभावी माध्यम है।
डॉ अंजना श्रीवास्तव ने धन्यवाद देते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइडलाइंस के अनुसार संस्थानों एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर रोक लगाने संबंधी अवांछनीय व्यवहारों के प्रति जागरूक करना – शारीरिक संपर्क और प्रगति, यौन संबंधी माँग एवं अनुरोध, यौन रंजित टिप्पणियाँ, अश्लील साहित्य दिखाना, यौन प्रकृति का कोई अवांछनीय।शारीरिक, मौखिक या ग़ैर मौखिक व्यवहार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देना रहा। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय की 250 से अधिक छात्राओं एवं प्राध्यापिकाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र श्रीवास्तव, एनएसएस एवं मिशन शक्ति समिति के समस्त सदस्यों, चीफ प्रॉक्टर प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, डॉ ज्योत्सना पांडे समेत समस्त प्राध्यापिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्राओं का योगदान सराहनीय रहा।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में ‘अभिव्यक्ति 2026’ का शुभारंभ

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 1 एवं 2 अप्रैल 2026 को आयोजित ‘अभिव्यक्ति 2026’ के ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. विनय जे. सेबेस्टियन के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

प्रथम आयोजन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता था, जिसमें पाँच टीम- अग्नि, आकाश, ब्रह्मोस, शौर्य और निर्भया ने भाग लिया। प्रतियोगिता के चार चरण थे: मिक्स्ड बैग, फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट (बजर राउंड), ऑडियो-विजुअल तथा रैपिड फायर। प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान और त्वरित उत्तर देने की क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

विजेता: • प्रथम स्थान: टीम आकाश  • द्वितीय स्थान: टीम शौर्य 

इस प्रतियोगिता का संचालन प्रो. विभा दीक्षित के निर्देशन में हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति के समन्वयक प्रो. शालिनी कपूर, सदस्यों में डॉ. मनीष कपूर, डॉ. आशुतोष कुमार, प्रो अंजलि एवं डॉ. मनीषी त्रिवेदी ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

द्वितीय आयोजन जस्ट ए मिनट (JAM) प्रतियोगिता थी, जिसका संचालन डॉ. अंकिता पांडेय एवं डॉ श्वेता मिश्रा द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को तत्काल विषय पर एक मिनट में अपने विचार प्रस्तुत करने थे। प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल का परिचय दिया।

निर्णायक: प्रो. संजय सक्सेना एवं प्रो फ़िरदौस कटियार

विजेता: •प्रथम स्थान: आदर्श सिंह चौहान  • द्वितीय स्थान: जुनेशा सिंह 

तीसरा आयोजन रंगोली प्रतियोगिता था, जिसमें विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपांजलि एवं डॉ. क्रिस्टीना द्वारा किया गया।

विजेता: • प्रथम स्थान: शिवांग शुक्ला  • द्वितीय स्थान: श्रृष्टि उत्तम 

प्रथम दिवस अत्यंत सफल रहा और अब सभी की निगाहें 2 अप्रैल 2026 को होने वाले भव्य सांस्कृतिक समापन समारोह पर टिकी हैं, जिसमें नृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगीं

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज और अखिल भारतीय महिला सम्मेलन’ (AIWC), के संयुक्त तत्वाधान में ‘वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम’ आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (IQAC) द्वारा ‘अखिल भारतीय महिला सम्मेलन’ (AIWC), कानपुर शाखा के सहयोग से आज 30 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे कॉलेज के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में ‘वित्तीय साक्षरता पर एक जागरूकता कार्यक्रम’ का सफल आयोज किया गया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ IQAC की समन्वयक प्रो. सुजाता चतुर्वेदी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अत्यंत गरिमामय ढंग से अतिथियों का स्वागत किया और युवाओं के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबस्टियन ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में आज के गतिशील आर्थिक परिवेश में वित्तीय जागरूकता की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और छात्रों को सूचित आर्थिक निर्णय लेने के लिए वित्तीय साक्षरता अनिवार्य है।

कॉलेज की उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने भी छात्र जीवन से लेकर सेवानिवृत्ति योजनाओं तक वित्तीय निवेश और बचत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निवेश की योजना कम उम्र से ही शुरू कर देनी चाहिए। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए AIWC, कानपुर शाखा की सचिव रमिंदर कौर अरोरा ने वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में संस्था द्वारा की जा रही पहलों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पवनेश मिश्रा ने मुख्य वक्ता अरविंद कुमार गुप्त (सेवानिवृत्त एजीएम, भारतीय स्टेट बैंक) का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। अपने सत्र में, अरविंद कुमार गुप्त ने वित्तीय साक्षरता के विभिन्न पहलुओं जैसे—बचत, निवेश के विकल्प, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. रुक्मणी देवी द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

इस अवसर पर AIWC की अध्यक्षा अनीता गर्ग, नैक (NAAC) समन्वयक प्रो. सत्य प्रकाश सिंह, प्रो. शालिनी कपूर, प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य, प्रो. ज्योत्सना लाल, डॉ. शुभी तिवारी, डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल सहित अन्य शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को भव्य रूप से सफल बनाया।

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सीएसए में आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता कॉनक्लेव में पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर में गोल्डन जुबली वर्ष के उपलक्ष्य में कृषि विश्वविद्यालय एवं एमएसएमई विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) कॉनक्लेव एवं क्षेत्रीय ट्रेड शो में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे।

पूर्व राष्ट्रपति के आगमन पर प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ओडीओपी/ओडीओसी, टेक्सटाइल, मुख्यमंत्री युवा योजना, एग्रीटेक, मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस सेक्टर से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रदर्शित नवाचारों एवं उत्पादों की जानकारी प्राप्त की तथा उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।

पूर्व राष्ट्रपति ने स्टार्टअप्स, स्थानीय उद्योगों एवं नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुलपति के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि इस क्षेत्रीय ट्रेड शो के माध्यम से युवाओं को उद्योगों के विकास की दिशा में नई प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में विधायक सुरेंद्र मैथानी, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. कौशल कुमार, निदेशक प्रसार डॉ. वी. के. त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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डी जी कॉलेज में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत छात्राओं ने महिलाओं को किया जागरूक

भारतीय स्वरूप संवाददाता दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा दिनांक 28 मार्च 2026 को महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम के निर्देशन में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, 

जिसमें मिशन शक्ति- 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत छात्राओं द्वारा बस्ती क्षेत्र में महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। शिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं ने घर-घर जाकर एवं समूहिक संवाद के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे—112 (पुलिस), 1090 (महिला हेल्पलाइन), 108 (एम्बुलेंस), 181 (महिला हेल्प लाइन) आदि की जानकारी दी। साथ ही, इन सेवाओं के उपयोग की प्रक्रिया एवं महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मरक्षा, सतर्कता एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसी गतिविधियों की सराहना की। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेविकाओं एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।

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मिशन पोषण 2.0 के तहत, 15वें वित्त आयोग चक्र की अवधि के दौरान, सरकारी भवनों में स्थित दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में सुदृढ़ किया जा रहा है

 पोषण 2.0 के तहत, वित्त मंत्रालय के 15वें चक्र के दौरान, सरकारी भवनों में स्थित दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को (प्रति वर्ष 40,000 आंगनवाड़ी केंद्रों की दर से) सक्षममिशन आंगनवाड़ी केंद्रों में रूपांतरित किया जा रहा है ताकि बेहतर पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रदान की जा सके। सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों को पारंपरिक आंगनवाड़ी केंद्रों की तुलना में बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान किया गया है, जिसमें एलईडी स्क्रीन, जल शोधन प्रणाली, पोषण वाटिका, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा सामग्री (ईसीसीई) और बाला पेंटिंग शामिल हैं। 20.03.2026 तक, देश भर में कुल 1,04,403 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में उन्नत किया जा चुका है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन में चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) विकसित की है ताकि घर ले जाने वाले राशन वितरण की अंतिम चरण तक निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ केवल एप्लिकेशन में पंजीकृत लक्षित लाभार्थी को ही मिले। इसके अलावा, आधार आधारित ट्रैकिंग से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित हुई है, डेटा लीक को रोका जा सका है और फर्जी प्रविष्टियां समाप्त हुई हैं।

16 मार्च, 2026 तक पोषण भी पढ़ाई भी (पीबीपीबी) कार्यक्रम के पहले चरण में 41,648 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (एसएलएमटी) और 10,40,590 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (एडब्ल्यूडब्ल्यू) को प्रशिक्षित किया जा चुका है। एडब्ल्यूडब्ल्यू को प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) की शिक्षण विधियों और पोषण सेवाओं के वितरण में प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण ईसीसी प्रदान करने में एडब्ल्यूडब्ल्यू की क्षमता का निर्माण करना है।

‘पोषण ट्रैकर’ डिजिटल एप्लिकेशन को आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की सभी गतिविधियों की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए एक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित शासन माध्यम के रूप में शुरू किया गया है। यह एप्लिकेशन निर्धारित संकेतकों पर आधारित है। इसने आंगनवाड़ी सेवाओं जैसे कि आंगनवाड़ी केंद्रों का खुलना, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, प्राथमिक एवं बाल विकास (ईसीसीई) गतिविधियां, बच्चों की वृद्धि की निगरानी, ​​पूरक पोषण का प्रावधान आदि के लिए लगभग वास्तविक समय में डेटा संग्रह को सुगम बनाया है। पोषण ट्रैकर के तहत प्रौद्योगिकी का उपयोग 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में बौनापन, कुपोषण, अल्प-वजन और अधिक-वजन की व्यापकता की गतिशील पहचान के लिए किया जा रहा है। इन संकेतकों पर राज्यवार जानकारी पोषण ट्रैकर के सार्वजनिक डैशबोर्ड पर उपलब्ध है: https://www.poshantracker.in/statistics

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2022 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए व्यापक मिशन शक्ति के सामर्थ्य वर्टिकल के तहत पालना योजना को लागू किया है।

आंगनवाड़ी केंद्र विश्व के सबसे बड़े शिशु देखभाल संस्थान हैं जो बच्चों को आवश्यक देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित हैं और देखभाल सुविधाओं की व्यापर पहुंच सुनिश्चित करते हैं। अपनी तरह की अभिनव पहल में मंत्रालय ने आंगनवाड़ी सह शिशुगृह (एडब्ल्यूसीसी) के माध्यम से शिशु देखभाल सेवाओं का विस्तार किया है। आंगनवाड़ी सह शिशुगृह पहल का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में ‘महिला कार्यबल भागीदारी’ बढ़ाना है। इस योजना का उद्देश्य 6 महीने से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिशुगृह सुविधा, पोषण संबंधी सहायता, स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक विकास, वृद्धि की निगरानी और टीकाकरण प्रदान करना है। पालना योजना के अंतर्गत सभी माताओं को उनकी रोजगार स्थिति की परवाह किए बिना शिशुगृह सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

पालना योजना केंद्र प्रायोजित योजना है। कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठकें राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के साथ प्रतिवर्ष आयोजित की जाती हैं, जिनमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आंगनवाड़ी-सह-क्रेच खोलने के प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं और उन्हें कार्यान्वित करते हैं। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन भी योजना के कार्यान्वयन के लिए अपना निर्धारित हिस्सा योगदान करते हैं।

15वें वित्त चक्र के दौरान अर्थात वित्त वर्ष 2025-26 तक, पालना योजना के तहत कुल 17,000 आंगनवाड़ी-सह-क्रेच (एडब्ल्यूसीसी) स्थापित किए जाने हैं। अब तक, देश भर में 3,130 एडब्ल्यूसीसी कार्यरत हैं।

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री  सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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