असम शहरी क्षेत्र विकास परियोजना के लिए ऋण समझौते पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री जूही मुखर्जी और एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका ने हस्ताक्षर किए।
इस परियोजना से असम के 3,60,000 निवासियों को निरंतर मीटरयुक्त जल आपूर्ति और वर्षा जल प्रबंधन प्रणालियों के उन्नयन का लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य संस्थागत सुधारों और क्षमता निर्माण के माध्यम से शहरी शासन को सुदृढ़ बनाना भी है।
प्रमुख बुनियादी ढाँचे के निवेश में बारपेटा, बोंगाईगाँव, धुबरी, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट और नलबाड़ी जिला मुख्यालयों में प्रतिदिन 72 मिलियन लीटर की संयुक्त क्षमता वाले छह जल उपचार संयंत्रों और 800 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइनों का निर्माण शामिल है। इस परियोजना में एक वास्तविक समय निगरानी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी, जिसका उद्देश्य गैर-राजस्व वाले जल को 20 प्रतिशत से नीचे बनाए रखना है।
गुवाहाटी में, यह परियोजना बाहिनी बेसिन में बाढ़ के डायवर्जन चैनलों, उन्नत जल निकासी प्रणालियों और बाढ़ के निर्वहन को कम करने और भूजल पुनर्भरण में सुधार के लिए एक प्रकृति-आधारित प्रतिधारण तालाब के साथ वर्षा जल प्रबंधन भंडारण को बढ़ावा देगी।
इस परियोजना में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी के सहयोग से असम राज्य शहरी विकास संस्थान की स्थापना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना शहरों में वित्तीय स्थिरता और सेवा वितरण में सुधार के लिए जीआईएस-आधारित संपत्ति कर डेटाबेस, डिजिटल जल बिलिंग प्रणाली और वॉल्यूमेट्रिक जल शुल्क संरचना विकसित करेगा।
यह परियोजना महिलाओं और बालिकाओं के सहयोग और सामाजिक समावेश पर जोर देती है। इसकी गतिविधियों में जल कार्यों में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण देना, कॉलेज जाने वाली महिलाओं के लिए इंटर्नशिप की व्यवस्था करना और जल, स्वच्छता और सफाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”

भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।
प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।