भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सरदार पटेल की जयंती पर “सरदार पटेल : विकसित भारत के आधार स्तंभ” विषय पर एक निबंध लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ संगीता सिरोही के दिशा निर्देशन में किया गया।जिसमें महाविद्यालय की 55 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर वंदना निगम तथा निर्देशक प्रोफेसर अर्चना वर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ दीप्ति शुक्ला, डॉ विनीता श्रीवास्तव, डॉ अपर्णा शुक्ला, वान्या श्रीवास्तव, आकांक्षा का विशेषयोगदान रहा।
ऐस. ऐन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में प्लेसमेंट सेल द्वारा “कैरियर वार्ता” आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर ऐस. ऐन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, माल रोड, कानपुर में मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम के अंतर्गत ,प्लेसमेंट सेल द्वारा “कैरियर वार्ता” का आयोजन सेवा योजन सूचना एवं मंत्रणा केंद्र , छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ ए. के.जैन, डॉ. ए.के.त्रिपाठी व महाविद्यालय प्राचार्या डॉ सुमन द्वारा माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मिशन शक्ति प्रभारी प्रो. चित्रा तोमर द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. ए.के. जैन ने छात्राओं को रोजगार संगम पोर्टल पर रजिस्टर करने की प्रक्रिया के बारे में छात्राओं को विस्तार से अवगत कराया। मुख्य वक्ता ए. के. त्रिपाठी ने छात्राओं को व्यवसाय जगत की जानकारी प्रदान की और अपना व्यापार शुरू करने हेतु अवसर व सम्भावनाएँ तलाशने हेतु प्रेरित किया. स्वयंसेविका कोमल दिवाकर, नंदिका श्रीवास्तव,मन्तशा ने आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम में डॉ निशा वर्मा, डॉ ऋचा सिंह, डॉ संगीता सिंह,डॉ कोमल सरोज, डॉ पूजा गुप्ता, डॉ प्रीता अवस्थी, डॉ सपना रॉय, डॉ मोनिका शुक्ला तथा अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
भूगोल विभाग द्वारा ईको क्लब के अंतर्गत ‘बायोडायवर्सिटी एवं इको सिस्टम’ पर प्रदर्शनी आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के भूगोल विभाग द्वारा ईको क्लब के अंतर्गत “बायोडायवर्सिटी एवं इको सिस्टम” विषय पर एक प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरणीय चेतना जागृत करना तथा जैव विविधता एवं पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना था। प्रदर्शनी का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती अनंta स्वरूप, डाइरेक्टर प्रो अर्चना वर्मा तथा प्राचार्य प्रो वंदना निगम के करकमलों द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों, चार्ट्स और पोस्टर्स का अवलोकन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। प्रदर्शनी में छात्राओं ने विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण आदि का सजीव प्रदर्शन किया और जैव विविधता के संरक्षण के उपायों पर रोचक जानकारी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. संगीता सिरोही, भूगोल विभागाध्यक्ष एवं ईको क्लब प्रभारी, के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि “प्रकृति और मानव के मध्य संतुलन बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है, और ऐसी गतिविधियाँ छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक दृष्टिकोण का विकास करती हैं।” छात्राओं की सृजनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने प्रदर्शनी को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ स्वेता गोंड एवं समस्त छात्राओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
Read More »सांसद खेल महोत्सव-2025 के अंतर्गत वॉकथॉन रैली आयोजित, उमड़े युवा
खेल से आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना होती है मजबूत:रमेश अवस्थी
दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर, 17 अक्टूबर। सांसद खेल महोत्सव-2025 का आगाज शुक्रवार सुबह ग्रीन पार्क स्टेडियम से भव्य वॉकथॉन रैली के साथ हुआ। रैली को सांसद रमेश अवस्थी और इंग्लैंड के वेलिंगबरो शहर के मेयर राज मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली सरसैया घाट चौराहा होते हुए नानाराव पार्क में संपन्न हुई।
करीब पाँच हजार प्रतिभागियों ने इस वॉकथॉन में हिस्सा लिया। इसमें एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, युवक व महिला मंगल दल, पुलिस विभाग, सिविल डिफेंस, स्कूली छात्र-छात्राएं और विभिन्न खेल संघों के खिलाड़ी शामिल रहे। शहर में खेलों के प्रति जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश इस रैली के माध्यम से दिया गया।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि महोत्सव के तहत एक नवम्बर से 25 दिसम्बर तक विधानसभा स्तर पर कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, फुटबॉल, जूडो, बैडमिंटन, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स सहित कई प्रतियोगिताएं होंगी। सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्गों में होने वाले मुकाबलों के विजेता खिलाड़ी आगे सांसद खेल स्पर्धा, फिर जोन स्तर और अंततः राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
सांसद ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम हैं बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस, खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, खिलाड़ियों, नागरिकों, एनसीसी, सिविल डिफेंस और पुलिस रिक्रूट्स के सहयोग के लिए आभार जताया। रैली के दौरान प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि “मा० सांसद खेल महोत्सव-2025” के शुभारंभ के उपरांत विधानसभा स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन 1 नवम्बर से 25 दिसम्बर 2025 तक किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों—सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर—के खिलाड़ियों के बीच कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, फुटबॉल, जूडो, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स आदि विधाओं में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। विधानसभा स्तर पर विजयी खिलाड़ी सांसद खेल स्पर्धा में प्रतिभाग करेंगे, वहीं सांसद खेल स्पर्धा में विजयी प्रतिभागी जोन स्तर पर तथा उसके उपरांत राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। रैली में विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई, विधायक महेश त्रिवेदी, मंडल अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, अन्य जनप्रतिनिधि और खेल संघों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, डीसीपी सेंट्रल, डीसीपी रवीन्द्र कुमार, नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी भानु प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
Read More »कोविड के दौरान अपने माता-पिता खोने वाले बच्चों को डीएम ने दिया दीपावली का उपहार
*दीपावली पर जिलाधिकारी बने अभिभावक, 22 मासूमों संग साझा कीं खुशियाँ*
कानपुर नगर, 17 अक्तूबर। कलेक्ट्रेट सभागार शुक्रवार को दीपावली के दीपों से ज़्यादा उन नन्हीं आँखों की चमक से रोशन था, जिन्होंने कोविड महामारी में अपने माता पिता दोनों को खो दिया। गम के अंधेरे से गुज़र चुके इन बच्चों के चेहरों पर एक खास मुस्कान थी, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें मिठाई, दीया-बत्ती, चॉकलेट और किताबें भेंट कीं और कहा कि एक अभिभावक के रूप में वे हर पल उनके साथ खड़े हैं।
जिलाधिकारी ने बच्चों से कहा कि वे उनके जैविक पिता नहीं हैं लेकिन एक जिलाधिकारी के रूप में उनके वैधानिक अभिभावक हैं और उनकी देखभाल अभिभावक की तरह करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी बच्चा खुद को अकेला महसूस न करे, प्रशासन और सरकार हर पल उनके साथ है।
संवाद के दौरान बच्चों ने अपने सपनों को साझा किया। किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, किसी ने इंजीनियर या चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का लक्ष्य रखा। कुछ बच्चों ने एथलीट बनने का सपना बताया तो कई ने आईएएस और आईपीएस बनकर देश की सेवा करने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ने बच्चों को करियर काउंसलिंग दी और समझाया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और धैर्य से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
कक्षा दसवीं की छात्रा गरिमा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से उनके सपने ज़िंदा हैं। योजनाओं से मिलने वाली मदद से पढ़ाई बेहतर तरीके से हो रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली को खास बनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार है। सिंधुजा यादव ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें यह एहसास हुआ कि वे अकेली नहीं हैं। समाज और प्रशासन हर कदम पर उनका संबल बने हुए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत शून्य से अठारह वर्ष की आयु तक के बच्चों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तेईस वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें दस लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि मिलेगी जिससे उनकी उच्च शिक्षा और जीवन की राह आसान होगी। सभी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना से पाँच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त लैपटॉप और टैबलेट भी वितरित किए गए हैं, ताकि पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए।
जिन बच्चों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया उनमें परिधि श्रीवास्तव, अद्वित मिश्रा, आराध्या मिश्रा, बबीता कपूर, सतीश कपूर, उत्कर्ष त्रिपाठी, वैष्णवी गुप्ता, अमन गुप्ता, नैतिक चड्ढा, परी मिश्रा, खुशी मिश्रा, रिद्धिमा कपूर, इशिता गुप्ता, तनिष्क गुप्ता, मानविक त्रिवेदी, अभिनव सिंह, गरिमा सिंह, अश्वनी कुमार, सिंधुजा यादव, संध्या, दिव्या और झलक शामिल हैं।
डीएम ने बच्चों के साथ आए परिजनों का आभार जताया और कहा कि रिश्तेदार और समाज यदि इन बच्चों की मदद के लिए आगे आते हैं तो यह पूरे प्रदेश के लिए सकारात्मक संदेश होगा।
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*दीपावली पर जिलाधिकारी बने अभिभावक, 22 मासूमों संग साझा कीं खुशियाँ*
कानपुर नगर, 17 अक्तूबर। कलेक्ट्रेट सभागार शुक्रवार को दीपावली के दीपों से ज़्यादा उन नन्हीं आँखों की चमक से रोशन था, जिन्होंने कोविड महामारी में अपने माता पिता दोनों को खो दिया। गम के अंधेरे से गुज़र चुके इन बच्चों के चेहरों पर एक खास मुस्कान थी, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें मिठाई, दीया-बत्ती, चॉकलेट और किताबें भेंट कीं और कहा कि एक अभिभावक के रूप में वे हर पल उनके साथ खड़े हैं।
जिलाधिकारी ने बच्चों से कहा कि वे उनके जैविक पिता नहीं हैं लेकिन एक जिलाधिकारी के रूप में उनके वैधानिक अभिभावक हैं और उनकी देखभाल अभिभावक की तरह करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी बच्चा खुद को अकेला महसूस न करे, प्रशासन और सरकार हर पल उनके साथ है।
संवाद के दौरान बच्चों ने अपने सपनों को साझा किया। किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, किसी ने इंजीनियर या चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का लक्ष्य रखा। कुछ बच्चों ने एथलीट बनने का सपना बताया तो कई ने आईएएस और आईपीएस बनकर देश की सेवा करने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ने बच्चों को करियर काउंसलिंग दी और समझाया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और धैर्य से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
कक्षा दसवीं की छात्रा गरिमा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से उनके सपने ज़िंदा हैं। योजनाओं से मिलने वाली मदद से पढ़ाई बेहतर तरीके से हो रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली को खास बनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार है। सिंधुजा यादव ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें यह एहसास हुआ कि वे अकेली नहीं हैं। समाज और प्रशासन हर कदम पर उनका संबल बने हुए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत शून्य से अठारह वर्ष की आयु तक के बच्चों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तेईस वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें दस लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि मिलेगी जिससे उनकी उच्च शिक्षा और जीवन की राह आसान होगी। सभी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना से पाँच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त लैपटॉप और टैबलेट भी वितरित किए गए हैं, ताकि पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए।
जिन बच्चों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया उनमें परिधि श्रीवास्तव, अद्वित मिश्रा, आराध्या मिश्रा, बबीता कपूर, सतीश कपूर, उत्कर्ष त्रिपाठी, वैष्णवी गुप्ता, अमन गुप्ता, नैतिक चड्ढा, परी मिश्रा, खुशी मिश्रा, रिद्धिमा कपूर, इशिता गुप्ता, तनिष्क गुप्ता, मानविक त्रिवेदी, अभिनव सिंह, गरिमा सिंह, अश्वनी कुमार, सिंधुजा यादव, संध्या, दिव्या और झलक शामिल हैं।
डीएम ने बच्चों के साथ आए परिजनों का आभार जताया और कहा कि रिश्तेदार और समाज यदि इन बच्चों की मदद के लिए आगे आते हैं तो यह पूरे प्रदेश के लिए सकारात्मक संदेश होगा।
Read More »छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय शूटिंग प्रतियोगिता संपन्न
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, दो दिवसीय छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन एसएन सेन बालिका विद्यालयपीजी कॉलेज द्वारा शूटिंग स्पोर्टस अकादमी ,कल्याणपुर में दिनांक 15 एवं 17अक्टूबर 2025 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो . सुमन द्वारा किया गया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मो . उमर वर्ल्ड कप शूटिंग के मेडलिस्ट को प्राचार्यों द्वारा मालार्यपण एवं स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया ।| प्रतियोगिता महिला एव पुरुष दोनों वर्गों मेंआयोजित की गई जिसमें बढ़ चढ़कर खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता दी। शूटिंग प्रतियोगिताओं के विभिन्न इवेंट में विजेता खिलाड़ियों के नाम निम्न वक्त हैं
1 – 10 मीटर एयर राइफल महिला वर्ग में
प्रथम स्थान आकांक्षी यादव द्वितीय स्थान प्रतीक्षा तृतीय स्थान पलक
2 – 10 मीटर एयर राइफल पुरुष वर्ग में
1 .उत्तम सिंह राठौड़ प्रथम स्थान 2 .अभिजीत सिंह द्वितीय स्थान 3.हीरामन सिंह तृतीय स्थान पर रहे ।
3 . 50 मीटर फ्री पिस्टल में अभिषेक यादव प्रथम लव कुश द्वितीय स्थान
4 . 50 मीटर फ्री पिस्टल महिला वर्ग में प्रथम स्थान पलक द्विवेदी
5 . पिस्टल 25 मी (महिला) में पलक द्विवेदी प्रथम स्थान रही
6 . 50 मीटर राइफल ( महिला )में प्रथम स्थान अंशिका
द्वितीय स्थान युक्तिशा
7 . 10 मीटर एयर पिस्टल (पुरुष वर्ग ) में प्रथम स्थान अभिषेक यादव द्वितीय तुषार सिंह तृतीय मोहित यादव
8.10 मीटर पिस्टल महिला वर्ग में प्रथम स्थान शिवांगी द्वितीय स्थान सृष्टि तृतीय स्थान पलक
शूटिंग प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में अभय, मयंक, शैलेश, तारा एवं मोहम्मद उमर रहे ।कार्यक्रम कीआयोजन सचिव प्रोफेसर प्रीति पांडे ने सभीअतिथि गण खिलाड़ियों एवं निर्णय को का धन्यवाद ज्ञापन किया एवं कार्यक्रम में विश्वविद्यालय शाहिद शिक्षा विभाग एवं क्रीड़ा सेडॉक्टर निमिषा डॉक्टर श्रवण डॉ प्रभाकर ,डॉ अभिषेक ने भी अपनी उपस्थिति दी ।
नक्सल मुक्त भारत बनाने के मोदी सरकार के संकल्प की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर सिर्फ 3 रह गई
नक्सल मुक्त भारत बनाने के मोदी सरकार के संकल्प की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर सिर्फ 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद (LWE) से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।
वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या भी 18 से घटकर केवल 11 रह गई है। इस प्रकार अब केवल 11 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं। मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन अभियानों में 312 वामपंथी कैडरों को मार गिराया गया है, जिनमें सीपीआई (माओवादी) महासचिव और पोलित ब्यूरो/केन्द्रीय समिति के 08 अन्य सदस्य शामिल हैं। 836 वामपंथी कैडरों को गिरफ्तार किया गया है और 1639, जिनमें एक पोलित ब्यूरो सदस्य और एक केन्द्रीय समिति सदस्य शामिल हैं, ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया है।
मोदी सरकार में बहुआयामी दृष्टिकोण आधारित राष्ट्रीय कार्य योजना और नीति (National Action Plan and Policy) को कठोरता से लागू कर नक्सल खतरे से निपटने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। राष्ट्रीय कार्य योजना और नीति में जन-हितैषी LWE अभियानों पर आधारित सटीक आसूचना शामिल है। इन कदमों में सुरक्षा वेक्यूम वाले क्षेत्रों में त्वरित डॉमिनेशन, शीर्ष नेताओं और ओवर ग्राउन्ड कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना, कुटिल विचारधारा का मुकाबला करना, बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास और कल्याणकारी योजनाओं को पूरी तरह लागू कराना, वित्तीय संसाधनों को पूरी तरह बंद करना, राज्यों एवं केन्द्र सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, और माओवादी संबंधित मामलों की त्वरित जांच और अभियोजन शामिल हैं।
वर्ष 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा जिसे भारत की “सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती” कहा गया, वह नक्सलवाद अब स्पष्ट रूप से पीछे हट रहा है। नक्सलियों ने नेपाल के पशुपति से आंध्र प्रदेश के तिरुपति तक एक लाल कोरिडोर स्थापित करने की योजना बनाई थी। वर्ष 2013 में विभिन्न राज्यों के 126 जिलों में नक्सल-संबंधी हिंसा रिपोर्ट की गई थी, जबकि मार्च 2025 तक यह संख्या घटकर केवल 18 जिलों तक सीमित रह गई थी और इनमें से केवल 06 ‘सबसे अधिक प्रभावित जिले’ की श्रेणी में थे।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एनएमपीए की स्वर्ण जयंती पर आठ समुद्री परियोजनाओं का उद्घाटन किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज भारत मंडपम में न्यू मैंगलूर पत्तन प्राधिकरण (एनएमपीए) के स्वर्ण जयंती समारोह के पूर्वावलोकन समारोह का उद्घाटन किया।
इस उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए, मंत्री ने भारत के बंदरगाह बुनियादी ढाँचे, रसद दक्षता और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आठ प्रमुख समुद्री विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं में अत्याधुनिक क्रूज़ टर्मिनल, आधुनिक कवर्ड स्टोरेज सुविधाएँ, 150 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, विस्तारित ट्रक टर्मिनल और उपयोगकर्ता अनुभव और परिचालन क्षमता में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया उन्नत बंदरगाह पहुँच बुनियादी ढाँचा शामिल है। सर्बानंद सोनोवाल ने भारत के समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय विकास में बंदरगाह के पाँच दशकों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए स्मारक डाक टिकट, स्मारक सिक्का और एनएमपीए का आधिकारिक स्वर्ण जयंती गान भी जारी किया

इस अवसर पर सोनोवाल ने कहा, “आज का दिन हम सभी के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 1975 में स्थापित हमारा नौवाँ प्रमुख बंदरगाह, न्यू मैंगलोर बंदरगाह, इस क्षेत्र में आयातकों और निर्यातकों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। अपने शुरुआती वर्षों में केवल कुछ हज़ार टन माल की ढुलाई से, यह पिछले वित्तीय वर्ष में 46.01 मिलियन टन तक पहुँच गया है, जिसकी कुल क्षमता 104 मिलियन टन प्रति वर्ष है। एक नया डीप-ड्राफ्ट जनरल कार्गो बर्थ भी निर्माणाधीन है और जल्द ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा।”
भारत के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर विचार करते हुए, उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ रहे हैं, हमारे बंदरगाह भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने के लिए, हमें 2047 तक विकसित आत्मनिर्भर समुद्री राष्ट्र भी बनना होगा।”
बंदरगाह मंत्री ने सतत और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और हरित परिचालन की दिशा में एनएमपीए के प्रयासों की सराहना की। श्री सोनोवाल ने कहा, “अर्थव्यवस्था को पारिस्थितिकी और पर्यावरण की कीमत पर नहीं बढ़ना चाहिए। एनएमपीए की हरित पहल सराहनीय हैं। बंदरगाह ने स्थिरता को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाया है और अपने परिचालनों में पर्यावरण के प्रति जागरूक परिपाटियों को एकीकृत करना जारी रखा है।”
मंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि भारत के बंदरगाह वैश्विक मानकों के अनुरूप स्मार्ट, टिकाऊ और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रवेश द्वारों में बदल रहे हैं। ‘हरित सागर दिशानिर्देश’, ‘हरित टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम’, ‘हरित नौका योजना’ और ‘हरित शिपिंग कॉरिडोर’ जैसी पहल भारत के स्वच्छ-ईंधन, इलेक्ट्रिक-पोत और हरित समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ने की प्रक्रिया को गति दे रही हैं।
समुद्री क्षेत्र में एक दशक के परिवर्तन का ज़िक्र करते हुए, मंत्री ने कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “अभूतपूर्व प्रगति” की है। समुद्री अमृत काल विज़न 2047, नीली अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के अनुरूप, भारत की समुद्री क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा तैयार करता है। इसमें सागरमाला कार्यक्रम के माध्यम से लाखों रोज़गार सृजित करने हेतु ₹80 लाख करोड़ के नियोजित निवेश का अनुमान है।
सागरमाला के अंतर्गत, 2035 तक ₹5.8 लाख करोड़ की 840 परियोजनाएँ कार्यान्वित की जा रही हैं। इनमें से ₹1.41 लाख करोड़ की 272 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जबकि ₹1.65 लाख करोड़ की 217 परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं।
एनएमपीए के तहत शुरू की गई आठ नई परियोजनाओं में शामिल हैं:
• ढके हुए दो भंडारण शेड का निर्माण (14,000 मीट्रिक टन क्षमता, पूर्व-निर्मित डिज़ाइन)
• अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए समर्पित क्रूज़ गेट का निर्माण
• आरएफआईडी-सक्षम कार्गो हैंडलिंग, सीमा शुल्क और सीआईएसएफ सुविधाओं के साथ केके गेट के प्रवेश और निकास द्वार में सुधार
• प्रतिदिन 50-80 ट्रकों की क्षमता वाले ट्रक पार्किंग टर्मिनल (सीमा शुल्क भवन) का विस्तार
• एमडीएल यार्ड में पीक्यूसी सड़कों का निर्माण (675 मीटर, जल निकासी सुविधाओं के साथ)
• बैकमपडी में ट्रक पार्किंग टर्मिनल का विकास (20,000 वर्ग मीटर, 180-200 ट्रकों की क्षमता)
• ₹107 करोड़ के निवेश से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत 150 बिस्तरों वाले मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना
• लाभार्थियों के लिए समर्पित चिकित्सा ऐप का शुभारंभ
इस वर्ष के अंत में एनएमपीए की स्वर्ण जयंती मनाई जाएगी, जो भारत के समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाने में बंदरगाह की भूमिका के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया जिनमें संयुक्त सचिव (पत्तन) आर. लक्ष्मणन और न्यू मैंगलूर पत्तन प्राधिकरण (एनएमपीए) के अध्यक्ष डॉ. वेंकट रमण अक्काराजू, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को राष्ट्रमंडल संघ द्वारा मंजूरी दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज भारत के लिए अपार हर्ष और गौरव का दिन है। उन्होंने राष्ट्रमंडल संघ द्वारा अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को मंज़ूरी दिए जाने पर भारत के प्रत्येक नागरिक को हार्दिक बधाई दी। श्री शाह ने कहा कि यह भारत को विश्व खेल मानचित्र पर स्थापित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के अथक प्रयासों का एक शानदार प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे का निर्माण और देशभर में खेल प्रतिभाओं का एक विशाल पूल तैयार कर, प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को एक अद्भुत खेल डेस्टिनेशन बना दिया है।
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