वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने अपनी अभूतपूर्व अनुदैर्ध्य स्वास्थ्य निगरानी परियोजना, ‘फेनोम इंडिया-सीएसआईआर हेल्थ कोहोर्ट नॉलेजबेस’ (पीआई-चेक) के पहले चरण के सफल समापन की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए, सीएसआईआर ने आज 3 जून को गोवा के राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (एनआईओ) में एक विशेष कार्यक्रम ‘फेनोम इंडिया अनबॉक्सिंग 1.0’ का आयोजन किया। सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के निदेशक डॉ. सौविक मैती, सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी (एनआईओ) के निदेशक डॉ. सुनील कुमार सिंह, सीएसआईआर-आईजीआईबी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शांतनु सेनगुप्ता, सीएसआईआर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर इंटेलिजेंट सेंसर्स एंड सिस्टम्स के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेन सरदाना उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे। मीडिया को संबोधित करते हुए सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शांतनु सेनगुप्ता ने कहा कि यह भारतीय स्वास्थ्य सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने बताया कि भारत में कार्डियो-मेटाबोलिक बीमारियों का के बहुत केस होने के बावजूद, भारतीय आबादी में इतनी अधिक घटनाओं के कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, “पश्चिम के जोखिम कारक भारत के जोखिम कारकों के समान नहीं हैं। एक कारक जो किसी विशेष व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, वह दूसरे व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण नहीं हो सकता है। इसलिए हमारे देश में एक ही तरह की अवधारणा को खत्म करना होगा।”उन्होंने बताया कि पहली बार, कार्डियो-मेटाबोलिक बीमारी, विशेष रूप से मधुमेह, लिवर रोग और हृदय रोगों के लिए एक उन्नत पूर्वानुमान मॉडल विकसित करने के उद्देश्य से एक अखिल भारतीय अनुदैर्ध्य अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का अध्ययन महत्वपूर्ण है क्योंकि इन बीमारियों में आनुवंशिक और जीवनशैली दोनों कारक होते हैं जो जोखिम में योगदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि अध्ययन 10,000 नमूनों के अपने लक्ष्य को पार करने में सफल रहा है। उन्होंने अन्य संगठनों से भी इसी तरह के नमूना संग्रह अभियान शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “मान लीजिए, हमें लगभग 1 लाख या 10 लाख नमूने मिल जाते हैं, तो इससे हम देश में सभी प्रमुख मापदंडों को फिर से परिभाषित करने में सक्षम हो जाएंगे।” उन्होंने बताया कि सीएसआईआर ने नमूना संग्रह के लिए एक लागत प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया विकसित की है।
7 दिसंबर 2023 को लॉन्च की गई ‘पीआई-चेक’ परियोजना का उद्देश्य भारतीय आबादी में गैर-संचारी (कार्डियो-मेटाबोलिक) रोगों के जोखिम कारकों का आकलन करना है। इस अनूठी पहल में पहले से ही लगभग 10,000 प्रतिभागियों को नामांकित किया गया है, जिन्होंने व्यापक स्वास्थ्य डेटा प्रदान करने के लिए स्वेच्छा से काम किया है। इन प्रतिभागियों में 17 राज्यों और 24 शहरों के सीएसआईआर कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके पति/पत्नी शामिल हैं। एकत्र किए गए डेटा में नैदानिक प्रश्नावली, जीवनशैली और आहार संबंधी आदतें, मानवशास्त्रीय माप, इमेजिंग/स्कैनिंग डेटा और व्यापक जैव रासायनिक और आणविक डेटा सहित कई पैरामीटर शामिल हैं।
भारतीय आबादी में कार्डियो मेटाबोलिक विकारों के बढ़ते जोखिम और घटनाओं के पीछे छिपे तंत्रों को समझना और इन प्रमुख बीमारियों के जोखिम स्तरीकरण, रोकथाम और प्रबंधन के लिए नई रणनीतियां विकसित करना महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, इनमें से अधिकांश जोखिम पूर्वानुमान एल्गोरिदम काकेशियन आबादी के महामारी विज्ञान डेटा पर आधारित हैं और इस बात के प्रमाण हैं कि वे जातीय विविधता, विभिन्न आनुवंशिक संरचना और आहार संबंधी आदतों सहित जीवनशैली पैटर्न के कारण भारतीय आबादी के लिए बहुत सटीक नहीं हो सकते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि भारत-विशिष्ट जोखिम पूर्वानुमान एल्गोरिदम विकसित किए जाएं। फेनोम इंडिया परियोजना पूर्वानुमानित, व्यक्तिगत, सहभागी और निवारक स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से सटीक चिकित्सा को आगे बढ़ाने के लिए सीएसआईआर की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। भारतीय आबादी के अनुरूप एक व्यापक फेनोम डेटाबेस तैयार करके, परियोजना का उद्देश्य पूरे देश में इसी तरह की पहल को उत्प्रेरित करना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि जोखिम पूर्वानुमान एल्गोरिदम अधिक सटीक हों और भारत के विविध आनुवंशिक और जीवन शैली परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करें।
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आदि शहरों के साहित्यकार उपस्थित रहे। इस वर्ष का स्मृति सम्मान प्रख्यात साहित्यकार व अंतरराष्ट्रीय कवि डॉक्टर सुरेश अवस्थी जी(कानपुर) प्रसिद्ध कथा वाचक डॉक्टर संत शरण त्रिपाठी जी ( लखनऊ) ख्यातिप्राप्त कवयित्री डॉ कमल मुसद्दी जी( कानपुर) व इं श्रवण कुमार मिश्रा ( लखनऊ)जी को दिया गया ।यह कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ । प्रथम सत्र में श्यामार्चना फाउंडेशन के संस्थापक डॉ प्रदीप अवस्थी, अध्यक्ष निरंजन अवस्थी व कोषाध्यक्ष रेखा अवस्थी जी ने सभी साहित्यकारों को अंग वस्त्र,स्मृति चिन्ह, मोती माल, व श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया व सभी का काव्यपाठ हुआ।द्वितीय सत्र में सभी साहित्यकारों के भोजन उपरांत काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमे श्री अजीत सिंह राठौर (लुल्ल कानपुरी), अंशुमन दीक्षित, मनीष रंजन त्रिपाठी ,डॉ कमलेश शुक्ला जी, दिलीप दुबे, अमित ओमर,डॉ नारायणी शुक्ला ,डॉ प्रमिला पांडे, अमित पांडे, डॉ दीप्ति मिश्रा, पी के शर्मा आदि सभी ने बेहतरीन काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में डॉ अजीत सिंह राठौर (लुल्ल कानपुरी) की 14 वीं बाल गीत पुस्तक ‘कंचे’ का लोकार्पण भी हुआ। कार्यक्रम का शानदार संचालन स्वैच्छिक दुनिया के संस्थापक व प्रतिष्ठित कवि डॉ राजीव मिश्रा जी ने किया।
कानपुर 30 मई भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय स्वरूप नगर में लायंस इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट 321 B-2 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन ज्ञान प्रकाश गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री की योजना ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के उद्देश्य के समर्थन हेतु कानपुर विद्या मंदिर की बुक बैंक इकाई को और समृद्ध बनाने हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (MJF) लायन ज्ञान प्रकाश गुप्ता द्वारा महाविद्यालय की बुक बैंक में कुल 184 पुस्तकों का दान किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लायन चित्र दयाल (पी जी डी), लायन विवेक श्रीवास्तव( कैबिनेट सेक्रेटरी), लायन दिनेश्वर दयाल( कैबिनेट ट्रेजरार) लायन पवन तिवारी (डिस्ट्रिक्ट पी आर ओ) लायन गोपाल तुलसियान उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट चेयर पर्सन वीना ऐरन ने की, जिन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय को लायंस क्लब द्वारा आज तृतीय चरण में पुस्तकों का दान किया जा रहा है। इससे पूर्व प्रथम चरण में 64 एवम द्वितीय चरण में 152 पुस्तकों प्रदान की गई थीं । आगे भी आवशयक्तानुसार लायंस इंटरनेशनल क्लब , छात्राओं के लिए शिक्षा की जरूरी सामग्री उपलब्ध कराता रहेगा, जिससे बेटियों को सक्षम और सशक्त बनाने में सहायता प्राप्त होगी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर पूनम विज जी ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र साधन है जिससे बेटियां सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकतीं हैं। लायंस क्लब कानपुर एकता विशाल ने हमारी बुक बैंक की पहल के कार्यक्रम के विशेष सहयोग दिया है। इससे हमें बुक बैंक इकाई स्थापित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आपके सहयोग के लिए हम आभारी हैं।
कानपुर 22 मई भारतीय स्वरूप संवाददाता, 24 राज्य स्तरीय सीनियर नेटवर्क प्रतियोगिता में भाग लेने वाली कानपुर टीम का चयन मंगलवार डॉ वीरेंद्र स्वरुप एजुकेशन सेंटर में किया गया इसमें करीब 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया पुरुष वर्ग टीम में