न ही मोहताज हूँ मैं…
और .. न ही आरज़ू है कोई..
कि वो मुझे गुलाब देता …
बेहतरीन सौग़ातों से नवाज़ा हुआ है उसने मुझे …
शिद्दत दी ..
लम्हे दिये..
यादे दी ..
इन्तज़ार दिया ..
उसपर वो ..
उसका
बेशक़ीमती इश्क़ जो
आज भी
मेरी रूह को
महका रहा है
🌹♥️🌹♥️
ये फूल है .. या फिर तेरा ख़याल .. जिसे छूते ही ..महक जाती हूँ मैं .,
दोस्तों !
वैलेण्टाइन बहुत ख़ास दिन होता है उन लोगों के लिए जो प्यार का इज़हार करना चाहते हैं मेरे हिसाब से प्यार बताने की ..या जताने की चीज है ही नहीं .. इसे दिल और रूह अपने आप ही महसूस कर लेती है …
वैलेण्टाइन पर कुछ शेयर करना चाहती हूँ आप सब से .. 🙏
आज सब कन्फ़्यूज है सोचते हैं उन्हें मोहब्बत हो गई है..मगर कई बार वो महज़ एक आकर्षण या फिर ज़रूरत से बढ़ कर कुछ भी नहीं ..मोहब्बत तो इक पाक जज़्बा है जो सिर्फ़ इक बार ही होती है बार बार नही .. मगर लोगों का कहना है कि ये कभी भी हो सकता है।
..असल में ..ये एक अनियंत्रित मन की अवस्था है जिसे अपने मन पर ..इन्द्रियों पर कंट्रोल नही ।
हम सब…दोस्तों से
रिश्तेदारों से ..
बच्चों से और माँ बाप से करते है।
मगर हर प्यार मे फ़र्क़ होता है ..
शिद्दत का ..
तासीर का ..
केवल एक प्यार ,एक सम्बन्ध जो हमे सकून देता है जिसका सम्बंध हमारे जिस्म और रूह के साथ होता है वो एक ही हो सकता है ।
हमारे ऋषि मुनि कहा करते थे घर में रह कर ही ..
सब भोगों को ..भोग सकते है
भोगों को भोगते भोगते मन विरक्त होने लगता है .. और हम विरह की ओर चल पढ़ते हैं ।
विरह बहुत क्षरेठ अवस्था है जो इन्सान को भगवान की ओर ले जाने में सहायक होती है ..
जब इन्सान जीवन भोग चुकता है कुछ समय पश्चात कहने लगता है अब वो चीज़ नहीं रही ..चाहे वो रिश्ता हो या दुनियादारी हो ।
तब इन्सान उदासीनता को महसूस करने लगता है तो ऐसे मे ध्यान भटकता है यानि इधर उधर जाता है
जब कि वो ही अवस्था होती है जब हम अपने असली उद्देश्य की तरफ़ चल सके जिस कारण हम देह में आये हैं इक उम्र के बाद सहज होना .. रूक जाना और गहरा सोचना ज़रूरी है जो हम सब नहीं कर रहे ।
आज के दौर में लोग शादी को ले कर भी बड़े कन्फ़्यूज.है हर कोई यही चाहता कि उसकी शादी बड़े घर में हो … पैसे वाले के साथ हो .. जब कि हम सब जानते हैं कि पैसा हमें वो सुख नहीं दे सकता जिसे हम सकून कहते है।
दोस्तों !
लोगों की सूरतों पर न जा कर बल्कि दिल और संस्कारों को परखना लेना।
जीवन साथी पोटेन्षियिलटी …क्षमताओं .. और
क़ाबलियत के हिसाब से ही ढूँढना।याद ये भी रखना ..हर इन्सान पहले थोड़े से ही शुरू करता है फिर आगे बढ़ता है।जिन को पहले से ही सब बना बनाया मिल जाता है उनकी अपनी.. क्या क़ाबलियत हो सकती है। इन्सान वही है जो खुद खड़ा हो कर.. अपना रास्ता बनाता है गिर गिर कर संभलने वाला इन्सान ही असल मे सफल कहलाने के काबिल है ।
किसी ऐसे की तालाश…जो सिर्फ़ आप ही का हो .. जिसमें मर्यादा हो।
किसी ऐसे की तालाश.. जो तुम्हारी रूह को महका दे।
पैसा तो वक़्त के साथ बन भी जाता है और कई बार आप को दुख दे चला भी जाता है..देखा जा रहा है ..कई बार बच्चों की ..जहां शादियाँ हो रही होती है ..वहाँ सिर्फ़ पैसा ही पैसा होता है मगर सच्चाई ,लौयलटी ..,प्यार बिलकुल नहीं होते।लोग एक दूसरे से बहुत जल्दी ऊब रहे है ।
हर चीज़ की तरह ..उन्हें रिश्तो मे भी वैरायइटी चाहिए होती है।
यही वजह है कि लोग अपने रिश्तो मे ज़्यादा देर तक ख़ुश नहीं रह पा रहे ..और फिर शुरू हो जाती है किसी और की तालाश …जो लोगों के घुटन और डिप्रेशन की ख़ास वजह बन रही हैं समाज में।
दोस्तों ।
आज के दौर में प्यार जिस्मों तक ही सीमित है, जो बेहद अफ़सोस की बात है …इन्सान उस जिस्म की चाह में रहता है जो ख़त्म हो जायेगा ..किसी को अगर अपना बनाने की चाह हो, तो कोशिश करो कि उसकी रूह को छू पाओ या कोई …तुम्हारी रूह को छू पाये …जो वाक़ई में तुम्हारे सकून का सबब होगा ..सच्चे प्यार की तलाश अगर है तो पहले खुद सच्चा बनना पढ़ता .. अगर सीता जैसा पार्टनर चाहिए तो खुद को राम बनाना होगा ..केवल यही एक रास्ता है
जो आप को सकून की ओर ले जायेगा 🙏🌹
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कानपुर 7 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज की एन एस एस इकाई द्वारा मतदाता जागरुकता विषय पर एक-दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभ आरम्भ महाविद्यालय में ऍन एस ऐस यूनिट की स्वयंसेविकाओं द्वारा स्लोगन के द्वारा किया गया एवम ऍन एस एस प्रभारी प्रोफ चित्रा सिंह तोमर ने मतदाता जागरुकता पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया जिसमें महाविद्यालय की सब शिक्षिकाओं ने तथा छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया । इसके पश्च्यात स्वयंसेविकाओं ने रैली निकल कर मतदाता जागरुकता के विषय में आम नागरिकों को जागरूक किया साथ ही गॉड ली हुई बस्ती ‘छोटी बीवी का हाता’ के प्रत्येक घर में जाकर महिलाओं, पुरुषों व युवाओं को मतदान के विषय में जानकारी प्रदान की तथा उन्हें मतदान के महत्व को समझाते हुए मतदान करने के लिए प्रेरित किया। शिविर का समापन महाविद्यालय में प्राचार्य प्रो. सुमन के स्वयंसेविकाओं को दिए गए मार्ग दर्शन के द्वारा किया गया । इस अवसर पर ऍन सी सी की इकाई प्रमुख डॉ प्रीति यादव भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहीं । एवम शिविर का सफलतापूर्वक संचालन ऍन एस एस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने किया।
मां हमेशा जिंदा रहती है…
एस.एन. सेन बी.वी. पी.जी . महाविद्यालय तथा सी.एस.जे.एम. यू. कानपुर के ट्रेनिंग, नवाचार एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 07/02/2024 को महाविद्यालय की छात्राओं हेतु “नवप्रवर्तन प्रौद्योगिकी में अभिनव विचारों के माध्यम से उद्यमिता विकास : अवसर और कैरियर की संभावना ” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि एवं वक्ता डॉ. अनिल त्रिपाठी (इनक्यूबेशन मैनेजर, सी.एस.जे.एम.आई.एफ.), डॉ.अजय जैन (ई.बी., सी.एस.जे.एम.यू.), प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, सचिव श्री पी.के. सेन द्वारा सरस्वती माँ के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। डॉ.अनिल कुमार त्रिपाठी ने नवाचार के संबंध में छात्रों का दृष्टिकोण, कंटेंट क्रिएटर्स के रूप में करियर, नए नवोन्वेषी रुझानों के रूप में सामग्री निर्माताओं की भूमिका तथा तीन प्रकार के इनोवेशन -प्रोडक्ट इनोवेशन, सेवा नवाचार, प्रक्रिया नवाचार आदि मुख्य पक्षों पर विस्तृत जानकारी छात्राओं को प्रदान के अंत में, नए कैरियर अवसर के रूप में नए नवीन रुझानों और तकनीकों के निर्माण में छात्रों के विचार भी जाने गए कार्यक्रम का समापन समन्वयक प्रो.गार्गी यादव ने धन्यवाद ज्ञापन से किया कार्यक्रम में प्रो. निशी प्रकाश, प्रो. रेखा चौबे, डॉ. रचना निगम (इनोवेशन सेल प्रभारी), डॉ प्रीति सिंह ,डॉ. शुभा बाजपेयी, डॉ.कोमल सरोज, डॉ. अनामिका, डॉ. प्रीता अवस्थी, डॉ. सपना रॉय आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं|
कानपुर 7 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज परिसर में इमरटिकस लर्निंग के द्वारा “वॉक-इन ड्राइव” कार्यक्रम, महाविद्यालय के कैरियर काउंसलिंग सेल द्वारा अयोजित किया गया, इमरटिकस लर्निंग के सहायक उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कौशल आविष्कारों को पूरा करने के लिए मानव पंजी की गुणवत्ता में सुधार करना आवश्यक है, उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में अवसरों के बारे में बताया और बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम विश्लेषक के महत्व के बारे में बताया।
कानपुर 4 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, डी जी कॉलेज में सेंचरी क्लब , मिशन शक्ति तथा एन एस एस के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में विश्व कैंसर दिवस मनाया गया। जिसमें प्राचार्य प्रो अर्चना वर्मा जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष विश्व कैंसर दिवस 4 फरवरी को कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर छात्राओं ने भी अपने विचार रखें तथा पोस्टर बनाकर, नुक्कड़ नाटक के द्वारा पास में स्थित मलिन बस्ती अस्पताल घाट में जाकर लोगों को कैंसर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कर स्वस्थ कानपुर, स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्राओं ने लोगों से बातचीत कर उन्हें तंबाकू, सिगरेट, नशीले पदार्थों का सेवन न करने तथा एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने एवं योग के द्वारा निरोग रहने की अपील की। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस वालंटियर आकांक्षा यादव ने अग्रणी भूमिका निभाई साथ ही महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ निवेदिता टंडन समेत बायोटेक्नोलॉजी विभाग से अन्य प्राध्यापिकाओं डॉ मिली दुआ, डॉ पूनम, एवं डॉ मेहविश आदि का सहयोग भी सराहनीय रहा।
कानपुर 26 जनवरी भारतीय स्वरूप, संवाद सूत्र सुभाष मिश्र, 75 वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज श्यामनगर स्थित सिद्धेश्वर पार्क में सिद्धेश्वर पार्क के युवा समिति के द्वारा वरिष्ठ नागरिकों का माल्यार्पण कर अंग वस्त्र पहनाया, कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्वलित करने के पश्चात महिलाओं के द्वारा मंगल गीत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया,युवा शक्ति नारियों ने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया, वरिष्ठ नागरिकों में मुख्य रूप से के के अवस्थी, उदयनाथ मिश्रा, रामस्वरूप मिश्रा, रमाकांत बाजपेई, भगवत प्रसाद पांडे जी का स्वागत किया गया,
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज द्वारा 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2024 की थीम “वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरुर डालेंगे हम” विषय पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी एवं इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की प्रभारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में निबंध प्रतियोगिता तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन कर शपथ एवं रैली का आयोजन किया गया।
प्राचार्य प्रो अर्चना वर्मा ने छात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, यही मजबूत लोकतंत्र की नींव है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सेल्फ फाइनेंस की डायरेक्टर प्रो वंदना निगम, भूगोल विभाग से डॉक्टर अंजना श्रीवास्तव एवं श्वेता गोंड, हिंदी विभाग से डॉ मंजुला श्रीवास्तव, रसायन शास्त्र विभाग से डॉ अंजली शुक्ला, कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव समेत महाविद्यालय की समस्त छात्राओं का योगदान सराहनीय रहा।