Breaking News

युवा जगत

उच्च शिक्षा में पद और रिक्तियां

शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान (सीएचईआई), जिनमें केंद्रीय विश्वविद्यालय और केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थान जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) शामिल हैं, संसद के संबंधित केंद्रीय अधिनियमों के तहत स्थापित वैधानिक स्वायत्त संगठन हैं और इन अधिनियमों के अंतर्गत बनाए गए प्रावधानों, विधियों, अध्यादेशों और विनियमों द्वारा संचालित होते हैं। स्वायत्त संस्थानों के रूप में संकाय भर्ती संस्थानों के भीतर ही उनके अधिनियमों और विनियमों के अनुसार की जाती है। भर्ती संबंधी शक्तियां संबंधित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, कार्यकारी समिति और प्रबंधन बोर्ड में निहित होती हैं।

रिक्तियों का सृजन और उनका भरा जाना एक सतत प्रक्रिया है। पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, इस्तीफा, मृत्यु, नए संस्थानों, योजनाओं या परियोजनाओं के आरंभ होने तथा मौजूदा संस्थानों में छात्रों की संख्या में वृद्धि और क्षमता विस्तार के कारण अतिरिक्त आवश्यकताओं के चलते रिक्तियां सृजित होती हैं।

अगस्त 2021 में, शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत सभी सीएचईआई से अनुरोध किया गया था कि वे मिशन मोड में अपने संस्थानों में लंबित रिक्तियों को भरने के लिए एक विशेष अभियान चलाएं। सीएचईआई ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सहित रिक्तियों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाए। सितंबर 2022 में, शिक्षा मंत्रालय ने सभी सीएचईआई से मिशन मोड में रिक्तियों को भरने का आग्रह किया था। अक्टूबर 2025 में, सभी सीएचईआई से पुनः मिशन मोड में सभी लंबित रिक्तियों को भरने का अनुरोध किया गया। सितंबर 2022 से सभी सीएचईआई ने रिक्तियों को भरने के लिए मिशन मोड भर्ती अभियान चलाया है। 23 मई 2026 तक (अर्थात अंतिम रोजगार मेले की तिथि तक), सभी सीएचईआई द्वारा कुल 32,114 पद (3,851 एससी, 1,643 एसटी, 6,785 ओबीसी, 1,191 ईडब्ल्यूएस) भरे गए हैं, जिनमें मिशन मोड के तहत 18,757 संकाय पद (2,315 एससी, 910 एसटी, 3,986 ओबीसी, 568 ईडब्ल्यूएस) शामिल हैं।

सीएचईआई में पीएचडी प्रवेश की संख्या गतिशील है और प्रवेश चक्रों के अनुसार बदलती रहती है, जो संकाय पर्यवेक्षकों की उपलब्धता, विभागीय आवश्यकताओं और वित्तीय सहायता पर निर्भर करती है। इसके अलावा, पीएचडी पदों की उपलब्धता संस्थान की संकाय संख्या के साथ बदलती रहती है। नए संकाय सदस्य अतिरिक्त शोध पर्यवेक्षण क्षमता उत्पन्न करते हैं, जबकि उन संकाय सदस्यों के शोधार्थी जो इस्तीफा देते हैं, सेवानिवृत्त होते हैं या स्थानांतरित किए जाते हैं, उन्हें संस्थान के शैक्षणिक नियमों के अनुसार अन्य योग्य पर्यवेक्षकों को पुनः आवंटित किया जाता है। पीएचडी में नामांकन की संख्या 1,17,301 (एआईएसएचई रिपोर्ट 2014-15 के अनुसार) से बढ़कर 3,43,559 (एआईएसएचई रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार) हो गई है, जो 192.89% की वृद्धि दर्शाती है।

यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार द्वारा आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

Read More »

शिक्षा में केंद्र–राज्य समन्वय के लिए केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड बैठकें

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के मसौदे पर विचार-विमर्श करने के लिए केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) का एक विशेष सत्र 21 सितम्बर 2019 को आयोजित किया गया था। एनईपी 2020 में अन्य बातों के साथ यह परिकल्पना की गई है कि इसके सफल कार्यान्वयन के लिए दीर्घकालिक दृष्टि, सतत विशेषज्ञता और राष्ट्रीय, राज्य, संस्थागत तथा व्यक्तिगत स्तरों पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी। तदनुसार, नीति में सीएबीई को सुदृढ़ और सशक्त बनाने की अनुशंसा की गई है, ताकि इसे परामर्श के लिए एक मंच के रूप में विस्तारित अधिकार-क्षेत्र के साथ कार्य करने और शिक्षा की दृष्टि को विकसित करने, अभिव्यक्त करने, मूल्यांकन करने एवं उसकी समीक्षा करने के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए संस्थागत ढांचे की समीक्षा करने में सक्षम बनाया जा सके।

एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर शिक्षा मंत्रालय को सलाह देने और विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नीति के व्यापक, समग्र, समन्वित एवं व्यवस्थित कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित शिक्षा विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक शिक्षा सलाहकार परिषद का गठन किया है। परिषद का कार्य एनईपी के कार्यान्वयन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मंत्रालय को सलाह देना, विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसके व्यापक, समग्र और समन्वित कार्यान्वयन को सुगम बनाना, एक व्यापक रोडमैप विकसित करना, पाठ्यक्रम सुधार के लिए हस्तक्षेपों की समीक्षा करना और सीएबीई को सुदृढ़ करने के उपायों की अनुशंसा करना है।

सरकार सहकारी संघवाद और शिक्षा से संबंधित मामलों पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर एवं नियमित सहभागिता को अत्यधिक महत्व देती है। सीएबीई, 2020 की घोषणा के बाद से शिक्षा नीतियों और शैक्षिक सुधारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श के लिए विभिन्न संस्थागत मंचों के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, शिक्षाविदों, उद्योग और अन्य हितधारकों के साथ नियमित रूप से परामर्श किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन (जून 2022), राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन (2022, 2023 और 2025), नीति आयोग की 7वीं, 9वीं और 11वीं शासी परिषद की बैठकें (क्रमशः 2022, 2024 और 2026), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ परामर्श-सह-समीक्षा बैठकें (अक्टूबर और दिसंबर 2022), क्षेत्रवार परामर्श-सह-समीक्षा बैठकें (फरवरी, मार्च, मई और जून 2023), एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला और दो क्षेत्रीय कार्यशालाएं (नवंबर 2021), पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन समकक्षता तथा सीखने के परिणामों में सुधार पर राष्ट्रीय सम्मेलन (जुलाई 2025), अखिल भारतीय शिक्षा समागम (2022, 2023, 2024 और 2025), राज्यपालों का सम्मेलन (2021 और 2024), तथा राज्यों और  केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों के साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा पर राष्ट्रीय कार्यशाला (नवंबर 2024) शामिल हैं।

हाल ही में 22-23 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के प्रमुख नीति निर्माताओं ने अन्य विषयों के साथ, विद्यालयी शिक्षा में प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने तथा बेहतर शैक्षिक परिणामों के लिए केंद्र- राज्य सहयोग और ज्ञान साझा करने को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया। ये सहभागिताएं शैक्षिक सुधारों के लिए सहयोगात्मक नीति निर्माण, समीक्षा और कार्यान्वयन हेतु एक नियमित मंच प्रदान करती हैं।

यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

Read More »

प्रधानमंत्री ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान देने के साथ-साथ अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें सुविचारों एवं सुसंस्कारों से गढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से अपने गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा—

“प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

इस सुभाषित में यह भाव व्यक्त किया गया है कि जो सही दिशा प्रदान करते हैं, ज्ञान एवं सत्य का बोध कराते हैं, सही मार्ग दिखाते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं तथा जीवन में सत्य की समझ विकसित कर आत्म-विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं, उन्हें ही गुरु के छह रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।

प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

Read More »

राजकीय पॉलिटेक्निक को मिलेगी नई पहचान, बन रहा टाटा टेक्नोलॉजीज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर। गुरुदेव चौराहा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से स्थापित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। गुरुवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।

निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, निर्माण खंड कानपुर-01 के अधिशासी अभियंता फराज़ असलम ने बताया कि 706.75 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस परियोजना का कार्य 21 मई 2026 से प्रारंभ हुआ है। परियोजना को 20 मई 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। प्रथम किश्त के रूप में 353.37 लाख रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं, जिनमें से अब तक 86.38 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग पांच प्रतिशत है तथा फाउंडेशन एवं पेडेस्टल कास्टिंग का कार्य प्रगति पर है।
प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जी प्लस टू प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें आधुनिक प्रयोगशालाएं, तकनीकी वर्कशॉप, डिजिटल प्रशिक्षण कक्ष, वीसैट स्टूडियो, कौशल विकास के लिए समर्पित लैब स्पेस तथा अन्य अत्याधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। इससे तकनीकी दक्षता और रोजगार क्षमता को मजबूती मिलेगी।

*प्रदेश के अग्रणी राजकीय पॉलिटेक्निक को मिलेगा नया आयाम*

प्रदेश के अग्रणी राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में शामिल यह संस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के बाद तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में और सशक्त होगा। आधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योग आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं तथा व्यावहारिक शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों को बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास का अवसर मिलेगा। संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और रोजगारपरक शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

*तकनीकी शिक्षा को उद्योगों से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल*

*जिलाधिकारी* जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक पहले से ही प्रदेश के अग्रणी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल है। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से स्थापित हो रहा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को नई ऊंचाई देगा। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी वातावरण में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा। उनका कौशल विकास होगा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। नियमित मॉनिटरिंग के साथ परियोजना निर्धारित अवधि में पूरी की जाए। विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द उपलब्ध कराया जाए।

Read More »

25 किलो रंगीन फिंगर चिप्स कराए गए नष्ट, दूध, पनीर समेत आठ खाद्य पदार्थों के नमूने

जिला सूचना कार्यालय कानपुर जिलाधिकारी के आदेश एवं सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय के निर्देश पर गुरुवार को जनपदभर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विशेष अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। अभियान के दौरान 25 किलोग्राम रंगीन फिंगर चिप्स को मौके पर ही नष्ट कराया गया तथा खाद्य कारोबारियों को वर्षा ऋतु के दृष्टिगत स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने ठाकुर दूध डेयरी, बर्रा से दूध एवं पनीर, गोवर्धन डेयरी, घाटमपुर से मिश्रित दूध, पांडेय स्वीट एंड नमकीन, घाटमपुर से पनीर, जवाहर नगर से कुल्फी, राठौर दूध डेयरी, पनकी से पनीर, गोपाल दूध भंडार, रामनारायण मार्केट से भैंस का दूध, गुलशन डेयरी, फजलगंज से दही तथा स्पाइसी फूड, किदवई नगर से सांभर एवं चिली पनीर के नमूने संग्रहित किए।

अभियान के दौरान स्पाइसी फूड, किदवई नगर में विक्रय के लिए भंडारित 25 किलोग्राम रंगीन फिंगर चिप्स को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि नमूना संग्रहण के साथ-साथ खाद्य कारोबारियों को बारिश के मौसम में खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Read More »

नशा मुक्त भारत पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन पी जी महाविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत प्राचार्या डॉ सुमन के निर्देशन में डाक्यूमेंट्री प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान कॉलेज की एनएसएस इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ श्वेता रानी के द्वारा आयोजित किया गया। डॉ पूजा गुप्ता ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया।

इस अवसर पर 80 से अधिक NSS, NCC, Rangers की छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

Read More »

एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज में ‘महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आत्म-सशक्तिकरण’ कार्यशाला में ‘एपिजेनेटिक्स’ और आध्यात्मिक जीवन शैली में गहन मंथन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज में ‘महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आत्म-सशक्तिकरण’ कार्यशाला के दूसरे दिन ‘एपिजेनेटिक्स’ और आध्यात्मिक जीवन शैली पर हुआ गहन मंथन
​एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर के विज्ञान संकाय द्वारा शांतिकुंज, हरिद्वार एवं “आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी” (कानपुर, उ.प्र.) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला (20 से 28 जुलाई 2026) “Workshop on Women Health, Hygiene & Self Empowerment” के दूसरे दिन आज ‘एपिजेनेटिक्स’ विषय पर विशेष व्याख्यान एवं सत्र का सफल आयोजन किया गया।
​कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. संगीता सारस्वत ने अपने संबोधन में विज्ञान और अध्यात्म के अद्भुत समन्वय को रेखांकित करते हुए एपिजेनेटिक्स और जीवनशैली के प्रभावों पर प्रकाश डाला।
​सत्र के मुख्य बिंदु:
​गायत्री मंत्र, योग एवं ध्यान: डॉ. सारस्वत ने बताया कि किस प्रकार गायत्री मंत्र का जाप, योग, ध्यान और धारणा के सूत्र हमारे मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं और जीन अभिव्यक्ति में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
​मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण: शांतिकुंज के विचार-दर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आत्म-साधना और अध्यात्म के माध्यम से मनुष्य में देवत्व का जागरण कर समाज में सुख-शांति स्थापित की जा सकती है।
​स्वामी विवेकानंद का वक्तव्य: स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध कथन “Every soul is potentially divine” (प्रत्येक आत्मा में अंतर्निहित देवत्व है) को संदर्भित करते हुए छात्राओं को अपनी आंतरिक क्षमताओं को पहचानने और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया।
​जड़, चेतना एवं अध्यात्म संस्कार: मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व प्रकाश डाला
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो सुमन ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे उपर्युक्त सीखी हुई बातो को अपने घर परिवार तक पहुचाकर स्वस्थ समाज के निर्माण मे योगदान दे।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र का कुशल संचालन प्रो गार्गी यादव ने किया व कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य डॉ प्रीति सिंह और डा शैल वाजपेई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं कार्यशाला में कॉलेज की वरिष्ठ प्रवक्ताएं प्रो निशि प्रकाश प्रो रेखा चौबे व अन्य सभी प्रवक्ताए उपस्थित थी। स्नातक व स्नातकोत्तर वर्ग की छात्राएं कार्यशाला मे प्रतिभाग कर रही है। महाविद्यालय के द्वितीय , तृतीय चतुर्थ कर्मचारीगण ने सकृय भूमिका निभाई ।

Read More »

फातिमा कान्वेंट स्कूल में “अभिभावक ओरिएंटेशन प्रोग्राम ” आयोजित

दैनिक भारतीय स्वरूप संवादसूत्र सुनील साहू कानपुर । फातिमा कान्वेंट स्कूल अशोक नगर में आज “अभिभावक ओरिएंटेशन प्रोग्राम ” का आयोजन किया गया । प्रिंसपल सिस्टर सोनी ए सी के विशेष प्रयासों से विद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रयागराज से आए फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की । छात्राओं और अभिभावकों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य अतिथि फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस और प्रिंसपल सिस्टर सोनी ए सी ने दीप जलाकर शुभारंभ किया । फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस ने घर और स्कूल के बीच की साझेदारी को कैसे और मजबूत किया जाए इस पर अपने विचार रखे । उन्होंने ने कहा कि अक्सर अभिभावक बच्चों से ज्यादा मार्क्स और उनके अधिक परसेंटेज के लिए दबाव बनाते है । जबकि नंबरों से ज्यादा जरूरी है बच्चों का संस्कारी होना । फादर के मुताबिक वर्तमान समय में पूरे देश में बड़ी संख्या में ऐसे अभिभावक भी हैं , जिनका अपने बच्चों से तालमेल उतना अच्छा नहीं है , जिस कारण अक्सर बच्चों और अभिभावकों में दूरियां बढ़ जाती हैं । इसलिए जरूरत इस बात की है कि पहले अभिभावक बच्चों से तालमेल बढ़ाएं , उनसे बातचीत करे , बच्चों की भावनाओं को समझे और उन्हें विश्वास दिलाए कि वह उनके साथ है । अभिभावक और छात्रों के बीच तालमेल अच्छा होने से बच्चों में सकारात्मक विचारो का प्रभाव बढ़ेगा । उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों को अच्छे संस्कार दें , जिससे घर और स्कूल के बीच साझेदारी तो मजबूत होगी साथ ही स्कूल की अपेक्षाए पूर्ण होने में मदद मिलेगी और आपके बच्चे के सर्वांगीण विकास भी होगा ।

Read More »

कानपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में क्राइस्ट चर्च कॉलेज ने जीते 11 पदक

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 9 जुलाई,  क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के छह विद्यार्थियों ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के दीक्षांत समारोह में कुल 11 विश्वविद्यालय पदक जीतकर महाविद्यालय का नाम रोशन किया।

पदक विजेताओं में उमरा इकबाल (एम.कॉम.) ने 3, अनन्या अवस्थी (एम.ए. राजनीति विज्ञान) ने 3, सहस्त्रांशु मिश्रा (एम.ए. हिंदी) ने 2, जबकि वैष्णवी गुप्ता (बी.ए.), राशिका सिंह (एम.ए. अंग्रेज़ी) और श्रजल दीक्षित (एम.ए. इतिहास) ने एक-एक पदक प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. मीत कमल को सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में माननीय राज्यपाल द्वारा “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों एवं प्रो. मीत कमल को बधाई देते हुए इसे महाविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक बताया।

Read More »

एक पेड़ माँ के नाम” पौधारोपण अभियान*

भारतीय स्वरूप संवाददाता उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार तथा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कानपुर मण्डल, कानपुर के पत्र के अनुपालन में “एक पेड़ माँ के नाम” पौधारोपण अभियान के अंतर्गत दयानन्द गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई एवं रेंजर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आज वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा छात्राओं में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता विकसित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 10 पौधों का रोपण किया गया। साथ ही छात्राओं को अपने-अपने आवासीय परिसर में रोपण हेतु 50 पौधे वितरित किए गए।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं डॉ सुषमा शर्मा, डॉ शिप्रा श्रीवास्तव, डॉ वंदना द्विवेदी, डॉ ज्योति गुप्ता ,श्वेता गोंड, डॉ सबीहा अंजुम, डॉ विमला देवी तथा समस्त छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो वंदना निगम का पूर्ण सहयोग रहा, सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर प्रो अर्चना वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध होगा। सभी प्रतिभागियों ने अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

Read More »