भारतीय रेलवे (आईआर) में ट्रेन संचालन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय के रूप में, उन मार्गों पर जहाँ ट्रेनों की तय गति 110 किमी प्रति घंटे से अधिक है, साथ ही अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिक्रमण को रोकने और सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा घेराबंदी (फेंसिंग) का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, मवेशियों, पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों को रेलवे लाइन पार करने में सुविधा देने के लिए सुरक्षा फेंसिंग के साथ पैदल यात्री सबवे भी बनाए जा रहे हैं।
पूरे लोनावला-पुणे-दौंड मार्ग पर सुरक्षा घेराबंदी प्रदान करने के लिए ₹209.38 करोड़ की लागत का कार्य स्वीकृत किया गया है। इस कार्य में पैदल यात्री सबवे के साथ लगभग 290 किमी फेंसिंग का निर्माण शामिल है। खंड की पूरी लंबाई के लिए निविदा आवंटित कर दी गई है और अभी तक लगभग 150 किमी फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है।
अब तक विभिन्न रेलवे जोनों में की गई सुरक्षा फेंसिंग का विवरण इस प्रकार है (किमी में):
| क्षेत्रीय रेलवे | लगाई गई बाड़ की लंबाई (किलोमीटर में) |
| केंद्रीय | 966 |
| पूर्वी | 754 |
| पूर्वी मध्य | 730 |
| पूर्वी तट | 533 |
| उत्तरी | 736 |
| उत्तर मध्य | 2721 |
| उत्तर पूर्वी | 613 |
| पूर्वोत्तर सीमा | 153 |
| उत्तर पश्चिमी | 1539 |
| दक्षिण | 827 |
| दक्षिण मध्य | 2326 |
| दक्षिण पूर्वी | 209 |
| दक्षिण पूर्व मध्य | 365 |
| दक्षिण पश्चिमी | 255 |
| वेस्टर्न | 2257 |
| पश्चिम मध्य | 1415 |
| कुल | 16398 |
यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में प्रश्नों का उत्तर देते हुए दी।
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