

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया गया, जो एमएसएमई के विकास के लिए समर्पित हैं। जैसे ‘चैंपियंस 2.0 पोर्टल’ और ‘क्लस्टर परियोजनाओं और प्रौद्योगिकी केंद्रों की जियो-टैगिंग के लिए मोबाइल ऐप’। इसके अलावा, ‘एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 2.0’ के परिणाम घोषित किए गए और महिला उद्यमियों के लिए ‘एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 3.0’ लॉन्च किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री नारायण राणे ने देश की जीडीपी और निर्यात में एमएसएमई के महत्व पर जोर दिया और उम्मीद जताई कि एमएसएमई 2030 तक देश की जीडीपी में 50% का योगदान देगा। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर सभी स्टेक होल्डर्स को बधाई दी और सभी से इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया। भारत को 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना।
देश की अर्थव्यवस्था के विकास में भारतीय एमएसएमई की भूमिका की सराहना करते हुए, श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने कहा कि 2014 के बाद से, भारत की जीडीपी रैंकिंग में 10वें से 5वें स्थान पर महत्वपूर्ण उछाल देखा गया है।
इस अवसर पर दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने गोल्ड और सिल्वर जेड-सर्टिफाइड एमएसएमई को प्रमाण पत्र वितरित कर उद्यमियों को प्रेरित किया। आयोजन के दौरान नई प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) इकाइयों के 10,075 लाभार्थियों को डिजिटल रूप से 400 करोड़ मार्जिन मनी सब्सिडी भी जारी की गई।
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित संगठनों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी शामिल थे।
- एमएसएमई और सिडबी मंत्रालय, सिडबी द्वारा ‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान’ (पीएमवीआईकेएएस) के लिए एक पोर्टल बनाएगा।
- एमएसएमई और जीईएम मंत्रालय डेटा साझा करने के उद्देश्य से सार्वजनिक खरीद इको-सिस्टम में एमएसएमई के अंतिम मील पंजीकरण के लिए जीईएम के साथ उद्यम पंजीकरण कराएगा।
- एमएसएमई मंत्रालय और उद्योग विभाग, त्रिपुरा सरकार, एपीआई के माध्यम से उद्यम पंजीकरण डेटा साझा करने, नीति निर्माण को आसान बनाने और योजना लाभों के लक्षित वितरण के लिए।
- एमएसएमई क्षेत्र के लाभार्थियों को गारंटी कवरेज देने के लिए एमएसएमई मंत्रालय और सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई)।
- राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (एनएसटीएफडीसी), राष्ट्रीय एससी-एसटी हब और विभिन्न योजनाओं के तहत एससी/एसटी उद्यमियों को समर्थन देने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे। एनएसएफडीसी और एनएसटीएफडीसी द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
- एनएसआईसी, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया एनटीएससी चेन्नई और हैदराबाद में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करेंगे।
कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्रालय की योजनाओं और पहलों पर प्रकाश डाला गया। इसने एमएसएमई के लिए कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में मंत्रालय के प्रयासों को प्रदर्शित किया और एमएसएमई को टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, डी जी कॉलेज, कानपुर राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के दिशा निर्देशन में एनएसएस ग्रुप लीडर्स और स्वयं सेविकाओं तथा छात्राओं ने सर्वप्रथम ग्रीन पार्क स्टेडियम मे प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की गई।
वहां सभी छात्राओं को योग दिवस की टी-शर्ट का वितरण भी प्रशासन के द्वारा किया गया। यहां आयोजित कार्यक्रम में कुल 200 छात्राओं ने प्रतिभागीता की। तत्पश्चात समस्त एनएसएस वॉलिंटियर्स ने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 75 गांव में योगा कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय इकाई द्वारा अधिग्रहित मलिन बस्ती अस्पताल घाट में जाकर बस्तिवासियों को योग और प्राणायाम के लाभों से अवगत कराते हुए सभी से प्रतिदिन योग और प्राणायाम करने का आग्रह किया ताकि वह निरोग रह कर अपने दिन प्रतिदिन के कार्यों का संचालन भली-भांति कर सके तथा राष्ट्र के विकास में अपना भरपूर सहयोग कर पाए।
यहां आयोजित कार्यक्रम में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से मनोनीत योगाचार्या कु. अंजलि त्रिवेदी के द्वारा छात्राओं तथा बस्ती वासियों को योग व प्राणायाम के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया।
कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, 9 वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस- योग शिविर 2023 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शासन के निर्देशानुसार पूरा भारतवर्ष ही योगमय हो गया है और इसी भव्य उपलक्ष्य में कानपुर नगर के एस० एन० सेन बा० वि० पी० जी० कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पूरी भव्यता एवम उत्साह के साथ, एन०एस०एस०, एन०सी०सी०, रेंजर रोवर्स एवम शिक्षणोत्तर कर्मचारियों द्वारा सम्पन्न किया गया।
दोस्तों ! ज़िन्दगी बहुत ही सरल और सीधी है हम लोगों ने ही उसे मुश्किल बना रखा है किसी भी चीज़ को पाना हो अगर ,तो पहले विश्वास करना पढ़ता है।चाहे वो दुनिया की कोई खुवाईशात हो या रब को पाने की चाहत ..बात सिर्फ़ विश्वास की है।
भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग पर जंतर मंतर पर बैठी महिला पहलवानों की बात क्यों नहीं सुनी जा रही है? इससे पहले महिला खिलाड़ियों ने बेरीकेड्स तोड़कर नये संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया जिससे और खिलाड़ियों के बीच हाथापाई हो गई और पुलिस ने उनके प्रदर्शन पर रोक लगा दिया और कहा कि उन्हें किसी अन्य जगह पर प्रदर्शन की इजाजत दी जा सकती है लेकिन जंतर मंतर पर नहीं। बृजभूषण सिंह पर एक नाबालिग सहित महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। मामला कुछ भी हो मगर न्याय के लिए भटकती खिलाड़ियों की बात सुनी जानी चाहिए। खाप पंचायतें बैठकें तो कर रही हैं लेकिन उनका कोई निर्णय सामने नहीं आ रहा है।
भारतीय स्वरूप संवाददाता, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 द्वारा *मिशन लाइफ – पर्यावरण संरक्षण* के मुद्दे को ध्यान मे रखते हुए छात्राओं के द्वारा पोस्टर बनाकर आसपास के लोगों को जागरूक किया गया। महाविद्यालय सेंचुरी कलब कोऑर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एक जागरूकता रैली भी निकाली गई।
चार धाम यात्रा में सबसे पहला पड़ाव यमुनोत्री का रहा। धार्मिक स्थलों से जुड़ी हुई यात्राएं अपने साथ कुछ ना कुछ पौराणिक कथाएं जरूर लिये हुये होती है। यमनोत्री के लिए कहा जाता है कि सूर्य देव की पुत्री युमना और पुत्र यमराज है। जब मां युमना नदी के रूप में पृथ्वी पर बहने लगी तो उनके भाई यमराज को मृत्यु लोक दिया गया। मां यमुना ने भाई दूज का त्योहार मनाया और यमराज ने मां गंगा से वरदान मांगने के लिए बोला। यमराज ने बहन यमुना की बात को सुनकर वरदान दिया जो कि तेरे पवित्र जल में स्नान करेगा वह कभी भी यमलोक का रास्ता नहीं देखेगा। इसीलिए कहा जाता है कि जो भी इस जल में स्नान करता है वह अकाल मृत्यु के भय से दूर रहता है और इसी वजह से हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। यमनोत्री उत्तरकाशी जिले में समुद्रतल से 3235 मी. ऊँचाई पर स्थित है।
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन व सशक्तिकरण के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए सरोज देवी फाउंडेशन के सहयोग से मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया। इस दिन पूरी दुनिया में ‘मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ मनाया जाता है। 2014 में जर्मन के ‘वॉश यूनाइटेड’ नाम के एक एनजीओ ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य – लड़कियों और महिलाओं को महीने के उन 4-5 दिन यानी मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता रखने के लिए जागरूक करना है।
वो सामने बैठा मुझे ही देखे जा रहा था और मैं.. आँख भी नहीं मिला पा रही थी। वो नज़र कुछ ऐसी थी कि जिसमें जिस्म की चाह नही ,कुछ और ही था।मेरे ख़याल से इससे ख़ूबसूरत इश्क़ नहीं हो सकता, जो सिर्फ़ नज़रों से ही किसी की रूह को छू लेता है ..
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, भारत उत्थान न्यास, महिला समिति द्वारा मातृदिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल संगोष्ठी: *आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नारी का स्वरूप* गूगल मीट पर आयोजित की गयी। कानपुर आकाशवाणी की उद्घोषिका रंजना यादव के संचालन में आयोजित संगोष्ठी के संयोजक व न्यास के केन्द्रीय अध्यक्ष सुजीत कुंतल ने अतिथि के रूप में उपस्थित समस्त मातृशक्ति को प्रणाम करते हुए उनका स्वागत किया।
मुख्य वक्ता डॉ. चित्रा तोमर ने कहा कि यही सत्य है कि महिलाएं अनेक रूपों मे सशक्त है यदि वे स्वम पर दया खाना छोड़ दें क्योंकि सदियों की विरासत ने हमें यही सिखाया है अपने स्वाभिमान एवं दृण इच्छा शक्ति को आधार बनाकर बधाओं कों नष्ट करने का सामर्थ्य है नारी मे और एक माँ क़े रूप मे तो वह जीवनदायिनी है अतः सकारात्मक सोच रखना आवश्यकत है। मुख्य अतिथि डॉ. शशि अग्रवाल ने आधुनिक परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्पूर्ण विश्व आज महिलाओं का नेतृत्व स्वीकार कर उनका अनुसरण कर रहा है। इसलिए अब दुनिया की आधी आबादी के रूप में हम सभी महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। आबूधाबी से विशिष्ट अतिथि ललिता मिश्रा ने अपनी कविता, भविष्य बाहें पसारे करता उसका इंतजार। युग निर्माता वो जननी, लक्ष्य भेदने को तैयार। इतिहास रचाकर करती है वो अपना सोलह श्रृंगार। आज की नारी है जो, सबल, सचेत, सृजनकार सुनाई। अमेरिका से रेखा भाटिया ने कहा कि मानसिक सोच में बदलाव ज़रूरी समय बीतने के साथ वर्तमान आधुनिक और भौतिकवादी काल में नारी का स्वरुप बदला है। उच्च शिक्षा ग्रहण कर नारी हर क्षेत्र में अग्रणी है। समाज, देश और विश्व के सामाजिक और आर्थिक विकास में अपना विशिष्ठ योगदान दे रही है। घर, बाहर कड़ी मेहनत से, लगन से, निष्ठा से सभी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाह कर नारी ने संतुलन और सांमजस्य बनाने की भरपूर कोशिश की है। स्त्रियों की सामाजिक दशा में बदलाव ज़रूर हुआ है लेकिन उपभोक्तावादी इस आधुनिक काल में नारी के सशक्तिकरण का आकलन केवल आर्थिक और भौतिक दृष्टी से किया जा रहा है, नारी को मात्र प्रदर्शन और भोग की वस्तु की तरह पेश किया जाता है। यह सुधार केवल सतही स्तर पर है जैसे रहन-सहन-पहनावा ,नौकरी इत्यादि तक ही सिमित होकर रह गया है। आधुनिकता के नाम पर थोपी गई संस्कृति- संस्कार और पहनावे में स्वतंत्रता को शक्तिकरण का मापक बनाकर विभिन्न प्रचार माध्यमों से स्त्रियों के शरीर को वस्तु की तरह नुमाइश कर स्त्री की गरिमा पर गंभीर और भयंकर कुठाराघात होने लगा है। इस काल में नर-नारी के एकदूसरे के पूरक भाव की जगह विरोधी भाव को अधिक उभारा गया। आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर लेने के बाद भी स्त्रियों के विरुद्ध अपराध, यौन हिंसा, घरेलु हिंसा,अत्याचार,सामाजिक, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न और शोषण में वृद्धि ही हुई है। बलात्कार की घटनाएँ भारत ही नहीं वरन अमेरिका में भी ज्यादा घटती हैं। नारी स्वरुप का सशक्तिकरण सम्पूर्ण रूप से अभी भी मात्र एक छलावा है, जिसमें नारी स्वयं भी छली जा रही है।