जैसे-जैसे चुनाव करीब आते जा रहे हैं राजनीतिक दलों की हलचल भी बढ़ती जा रही है। छींटाकशी, आरोप प्रत्यारोप के दौर के साथ-साथ राजनीतिक दल अपना दमखम दिखाने की पुरजोर कोशिश में लगी हुई है। यह बात दीगर है की अपना दमखम दिखाने और दूसरे दल को नीचा दिखाने के लिए भाषाई मर्यादा का महत्व खत्म हो गया है और “येन केन प्रकारेण” की सुविधा अपना ली गई है।
आज के राजनीतिक दौर की बड़ी बात यह है कि राजनीति के इस दौर में धर्म को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मुद्दा कोई भी हो उसे किनारे करके धर्म की राजनीति पहले की जा रही है साथ ही पाखंड को बढ़ावा दिया जा रहा है। “भारत माता की जय”, “जय हिंद” से ज्यादा महत्वपूर्ण “जय श्री राम” हो गया है। उन सब में सबसे खास बात यह है कि बाबाओं को भी चुनावी मैदान रास आने लगा है। मोह माया से दूर रहने वाले भौतिक साधनों का त्याग करने वाले बाबाओं को सत्ता की चमक लुभाने लगी है।
धार्मिक राजनीति होने के कारण आज की राजनीति महत्वपूर्ण मुद्दों से भटक कर हिंदू – मुसलमान, धर्म, राम के नाम पर ही टिकी हुई है, यदि इन्हें हटा दिया जाए तो शायद मुद्दों की बात की जाये? वोट मुद्दों के बजाय (क्योंकि मुद्दों का अस्तित्व ही नहीं है) धर्म के नाम पर मांगे जा रहे हैं? जिस महिला शक्ति का दावा किया जाता हैं उन्हें शर्मसार करने में जरा भी संकोच नहीं करते। मणिपुर की घटना ताजातरीन है। जनता मंहगाई से, युवा वर्ग बेरोजगारी से परेशान है जिसका कोई समाधान नहीं निकाला गया है। भाषण और बयानबाजी में कहीं भी रोजगार, मंहगाई का जिक्र नहीं होता।
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारत के मतदाताओं सबसे बड़ी चिंता बढ़ती कीमतें और बेरोजगारी है जैसा कि सेंटर फॉर स्टडी आफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) द्वारा किये गए चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में सामने आया हैं। विशेष रूप से गांवों, कस्बों और शहरों सहित विभिन्न जनसांख्यिकी क्षेत्रों के 62% उत्तरदाताओं ने संकेत दिया कि रोजगार हासिल करना तेजी से चुनौतीपूर्ण हो गया है। सीएसडीएस की रिपोर्ट से पता चला है कि 65% पुरुषों ने इस भावना को साझा किया, जबकि महिलाओं में यह संख्या 59% कम थी। केवल 12% उत्तरदाताओं ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
इसी तरह मुद्रास्फीति के मुद्दे पर, 26% केंद्र को 12% ने राज्यों को और 56% ने दोनों को दोषी ठहराया यह सीएसडीएस सर्वेक्षण से पता चला है। अधिकांश मतदाताओंने अपने वित्त पर गंभीर प्रभाव व्यक्त किया, जिसमें 71% ने वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को नोट किया। सर्वेक्षण में दावा किया गया कि बढ़ती लागतों ने मुख्य रूप से आर्थिक रूप से 76% लोगों को प्रभावित किया है।
एक मजबूत विपक्ष के बिना लोकतंत्र अधूरा है और चुनावी प्रक्रिया भी अधूरी रहती है। विपक्ष को मजबूती के साथ युवा वर्ग की परेशानियों को सामने रखना चाहिए और समस्याओं के निवारण का आश्वासन देना चाहिए। भारत जोड़ो यात्रा से विपक्ष जनमानस से जुड़ तो रहा है लेकिन फिर भी सत्ता की पहुंच से दूर नजर आता है। जिस तरह से विपक्ष के गठबंधन का सफाया किया जा रहा है उससे जरूरी हो जाता है कि विपक्ष एकजुट हो। विपक्ष का संगठन और गठबंधन डांवाडोल है और क्या यह गठबंधन सफल होगा इस पर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है। विपक्ष का मणिपुर प्रयास सार्थक रहा। विपक्ष का अपनी पार्टी की एकता को बनाए रखना जरूरी है “इंडिया” के अस्तित्व के लिए।
जिस तरह से ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स की कार्यप्रणाली नजर आ रही है उससे विपक्ष को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दलगत राजनीति, भ्रष्टाचार, इलेक्टोरल बांड जैसे मुद्दे सत्तारूढ़ सरकार के लिए गले की हड्डी साबित हो सकती है। “सबका साथ सबका विकास” का नारा अब खोखला महसूस होता है. देश में शिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई ने देश को पीछे धकेल कर सिर्फ “राम नाम” पर समेट दिया है। विकास की परिपाटी यही है कि लोगों को शिक्षा और रोजगार का अवसर ज्यादा से ज्यादा दिये जायें।
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भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज कानपुर में भारत रत्न, संविधान निर्माता, बाबा साहेब डाॅ. भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती तथा समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती संयुक्त रूप से मनाई गई
डाॅ. भीम राव अम्बेडकर जी बहुत बड़े अर्थशास्त्री, न्यायविद, राजनीतिज्ञ, समाज सुधारक और राजनीतिक नेता थे. शिक्षा के प्रचार प्रसार पर बल देते हुए उन्होंने समाज में विद्यमान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक भेदभाव को दूर करने हेतु लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डाॅ. बी. पी. अशोक, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (फूड सेल- लखनऊ) , प्रबंध समिति के सचिव श्री पी.के. सेन, प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, संयुक्त सचिव श्री शुभ्रो सेन, कोषाध्यक्ष श्रीमती दीपाश्री सेन के द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। भीम वंदन के उपरांत स्वागत परंपरा का निर्वहन करते हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह तथा पुष्प गुच्छ भेंट किए गए।
दिल से बधाई देना चाहूँगी अपनी सब देवी स्वरूप बहनों को ..जो आज अपने पैरों पर खड़ी है और सिर उठा कर चल रही है ।शक्ति बन कर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रही है। मैं हमेशा यही कहती हूँ अपनी सभी बहनों से .. कि रानियों की तरह जीयें.. शासन करे समाज पर .. अपने आर परिवार पर .. सभी के दिलों पर शासन करने की अधिकारिणी हैं आप । आप को ज़रूरत नहीं कि आप सोसायटी के साथ साथ बदलती जाये.. किसी के बताने की ज़रूरत नहीं कि आप क्या करे या न करें आप जैसी है वैसी ही रहें क्योंकि आप ही शक्ति स्वरूपा है जननी है स्वामिनी है आप ही तो है जो टूटे बटनो से लेकर ..टूटे हुए आत्मविश्वास को जोड़ने की क्षमता रखतीं हैं।
भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी.कॉलेज में महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के मतदान जागरूकता अभियान के अंतर्गत मतदान के महत्व पर परिचर्चा का आयोजन कर चुनाव का पर्व मनाया गया
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री पी. के. मिश्रा, सचिव श्री पी. के. सेन, प्राचार्या प्रोफेसर सुमन तथा एन.एस.एस. प्रभारी प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर द्वारा परंपरागत रूप से किया गया |
भारतीय स्वरूप संवाददाता भूगोल विभाग, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में परास्नातक अंतिम वर्ष की छात्राओं का ग्रामीण भूगोल पर असाइनमेंट आधारित व्याख्यान का आयोजन भगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शशि बाला सिंह के निर्देशन में सम्पन्न कराया गया। डॉ. शशि बाला सिंह द्वारा समन्वित ग्रामीण विकास पर पीपीटी द्वारा व्याख्यान हुआ । तथा परास्नातक अंतिम वर्ष की छात्राओं द्वारा ग्रामीण भूगोल की विभिन्न इकाइयों : ग्रामीण भूगोल का अर्थ, परिभाषा एवं विषय क्षेत्र; ग्रामीण भूगोल के प्रकार; समन्वित ग्रामीण विकास; ग्रामीण अधिवावासों के प्रकार एवं प्रतिरूप; ग्रामीण आधारभूत संरचना एवं सुविधाएं आदि विषयों पर छात्रा शिवांशी, शिखा, मानसी, प्रज्ञा, श्रेया एवं कृति आदि के द्वारा पीपीटी बनाकर अपना प्रेजेंटेशन दिया गया। व्याख्यान की संयोजिका डॉ. शशि बाला सिंह ने व्याख्यान विषय पर प्रकाश डाला । व्याख्यान में प्रार्चाया प्रो० अर्चना वर्मा ने छात्राओं को डिजीटल प्रस्तुतिकरण के लिए प्रेरित किया, विभाग की असिस्टेंट प्रो. डॉ. अंजना श्रीवास्तव एवं श्रीमती श्वेता गोंड का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम में शोध छात्र सुभाष, विकास, अतुल, विपुल, दीक्षा मालवीया, कल्पना, नेहा, निधि, जयललिता तथा विभाग की समस्त छात्राएं उपस्थित रही।
घरेलू स्त्रियों का बायोडाटा नहीं होता….
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय कानपुर में ‘ स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के अंतर्गत सत्र 2023- 2024 की स्नातक षष्ठम सेमेस्टर एवं सत्र 2022 – 2023 की स्मार्टफोन हेतु शेष रह गई स्नातक तृतीय वर्ष की अर्ह छात्राओं को स्मार्टफोन का वितरण किया गया । कुल 244 छात्राओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए।उत्तर प्रदेश शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यमों से जोड़कर उन्हें अधिक सशक्त एवं जागरूक बनाना है जिससे छात्राएं पढ़ाई के माध्यम से हर ऊंचाइयों को छू सकें। स्मार्टफोन न केवल छात्राओं की सीखने की क्षमता को बढ़ाता है अपितु उन्हें अपने भविष्य के लिए तैयार करने में भी मदद करता है।

भारतीय स्वरूप संवाददाता 29 मार्च डी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आज दिनांक 29 मार्च, 2024 को *मतदाता जागरूकता अभियान एवं नेकी की दीवार* कार्यक्रम के अन्तर्गत एक दिवसीय चतुर्थ शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं द्वारा *मतदाता जागरूकता रैली* निकाली गई। जिसमें ‘मेरा पहला वोट देश के लिए’, ‘प्रजातंत्र से नाता है, हम भारत के मतदाता है’ आदि नारों के द्वारा मतदान की अपील की गई। वॉलिंटियर्स के द्वारा बस्तिवासियो को संदेश दिया गया कि सभी सम्मानित नागरिकों को जागरूक होकर सही चुनाव के लिए देश हित में मतदान करना चाहिए। युवाओं से मतदान करने की अपील करते हुए टीम लीडर वर्षा सिंह ने उन्हें प्रेरित करते हुए कहा कि जब हम पहली बाहर कोई काम करते हैं तो उसका उत्साह-उमंग कुछ अलग ही हो ती है, यह हमारे लिए किसी पर्व से कम नहीं। अतः देश के विकास के लिए, सुशासन के लिए मतदान ज़रूर करें। मतदान करना हम सब का अधिकार एवम् कर्तव्य दोनो है ताकि एक मज़बूत लोकतंत्र का निर्माण हो।देश के प्रत्येक नागरिक को, जो अट्ठारह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, अपनी पसंद से प्रत्याशी चुनने का अधिकार है। आपके द्वारा दिया गया मत बेहतर कल के निर्माण में सहायक होगा। युवा देश के भावी कर्णधार है। अतः स्वस्थ एवं विकसित लोकतंत्र के लिए एक-एक वोट क़ीमती है। इस अवसर पर *मतदाता जागरूकता शपथ* भी दिलवाई गयी।तदुपरांत मलिन बस्ती में नेकी की दीवार कार्यक्रम के अन्तर्गत 30 बच्चो एवम् महिलाओं को पहनने योग्य साफ़ सुथरे वस्त्रों एवं दैनिक जीवन में प्रयोग आने वाली खाद्य सामग्री, साबुन आदि का दान कर सहायता एवं सेवा कार्य किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में में टीम लीडर्स वर्षा सिंह, आदित्री, रूपा, नेहा रावत, काजल, स्नेहा नीलू निषाद, सोनी निषाद, अभिवायंजना सिंह, आकांक्षा यादव एवम् दीपिका समेत समस्त वॉलिंटियर्स तथा बस्तीवासियों का सहयोग सराहनीय रहा।