कविता सहाय सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज पुणे की पूर्व छात्रा और पैथोलॉजी तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली से ऑन्कोपैथोलॉजी में विशेषज्ञता प्राप्त हैं। वह आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) और बेस अस्पताल दिल्ली कैंट (बीएचडीसी) में प्रोफेसर और लैब साईंसिज की विभागाध्यक्ष भी रही हैं। खान सुरक्षा महानिदेशालय (नौसेना) के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, वह सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज पुणे में पैथोलॉजी विभाग में भी प्रोफेसर रही हैं। वह सेना चिकित्सा कोर (एएमसी) सेंटर और कॉलेज की पहली महिला कमांडेंट ओ आई/सी रिकॉर्ड्स और आर्मी मेडिकल कोर की कर्नल कमांडेंट के रूप में चुनी जाने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। उनकी चिकित्सा शिक्षा में विशेष रुचि है और उन्हें वर्ष 2013-14 में अमेरिका के फिलाडेल्फिया से मेडिकल शिक्षा के विकास के लिए प्रतिष्ठित फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ इंटरनेशनल मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एफएआईएमईआर) फेलोशिप से सम्मानित किया गया था।
कविता सहाय को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 2024 में सेवा पदक और वर्ष 2018 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2008 और वर्ष 2012 में दो बार सेना प्रमुख और 2010 में भारतीय सेना की पश्चिमी कमान (डब्ल्यूसी) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) द्वारा उनकी सराहना की गई।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
भारतीय स्वरूप संवाददाता,
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय
भारतीय
जिसमें मुख्य अतिथि अर्चना सिंह, एडीसीपी, कानपुर ट्रैफिक पुलिस, कानपुर नगर एवम विशिष्ट अतिथि महेश कुमार एडीसीपी कानपुर सेंट्रल पुलिस कानपुर नगर उपस्थित रहें। प्राचार्या प्रो. पूनम विज द्वारा अतिथियों का स्वागत पौध एवं पुष्पगुच्छ द्वारा किया गया। अथितियों द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्लन द्वारा संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। प्राचार्या पूनम विज द्वारा अपने उद्बोधन में बालिकाओं की सुरक्षा और पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात कार्यक्रम की मुख्य अथिति आदरणीय अर्चना सिंह जी के द्वारा छात्राओं को जागरूक किया गया कि किस प्रकार से युवतियां फेक फेसबुक , इंस्टा आईडी और कॉल से गलत लोगों के संपर्क में आ जाती हैं और महिला अपराध का शिकार बन जाती हैं। आप किस तरह से जागरूक होकर, पुलिस हेल्पलाइन नंबर का प्रयोग करके अपने साथ-साथ, परिवार तथा अन्य को भी सुरक्षित कर सकती हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार जी ने बताया की पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के कौन-कौन से अभियान चला रही है। आपकी सुरक्षा के लिया मिशन शक्ति कार्यक्रम चलाया जाता है। आप कभी भी अकेले परेशान होने की जरूरत नहीं है पुलिस पीआरवी, महिला हेल्पलाइन नम्बर डायल करके खुद को सुरक्षित कर सकती हैं। इन हेल्पलाइन नंबर पर आपकी पहचान को छुपा कर आपको सुरक्षित किया जाएगा। छात्राओं में उपस्थित सभी छात्राओं ने पुलिस के सभी हेल्प लाइन नंबरों को नोट किया। छात्राएं बहुत उत्साहित और संगोष्ठी से प्राप्त जानकारी से संतुष्ट हुई । छात्राओं ने कहा कि हम सभी संगोष्ठी से बहुत ही लाभान्वित महसूस कर रहे हैं। संगोष्ठी में लगभग 70 छात्राएं एवम महाविद्यालय की शिक्षिकाएं उपस्थिति रही। संगोष्ठी का सफल संयोजन एवं संचालन डॉ पूर्णिमा शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग द्वारा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शोभा मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर वनस्पति विभाग द्वारा किया गया



