भारत गौरव डीलक्स वातानुकूलित पर्यटक ट्रेन में दो डाइनिंग कार/रेस्तरां, एक समकालीन रसोईघर (फ्लेमलेस), एसी I और एसी II कोचों में शॉवर क्यूबिकल, सेंसर-आधारित वॉशरूम फ़ंक्शन, फुट मसाजर और एक मिनी लाइब्रेरी सहित अनेक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूरी तरह से वातानुकूलित इस ट्रेन में एसी I, एसी II और एसी III तीन प्रकार की आवास सुविधा उपलब्ध हैं। ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक तिजोरियां और प्रत्येक कोच के लिए नियुक्त किए गए समर्पित सुरक्षा गार्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
14 रातों और 15 दिनों के इस टूर के लिए चलने वाली इस ट्रेन का पहला पड़ाव गुवाहाटी है जहां पर्यटक कामाख्या मंदिर और उसके बाद उमानंद मंदिर तथा ब्रह्मपुत्र नदी में सूर्यास्त क्रूज का भ्रमण करेंगे। इसके बाद यह ट्रेन रात्रिकालीन यात्रा पर नाहरलागुन रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होगी जो अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। यात्रा का अगला पड़ाव शहर शिवसागर है- जो असम के पूर्वी हिस्से स्थित है और अहोम साम्राज्य की पुरानी राजधानी है। यहां के प्रसिद्ध शिव मंदिर सिवाडोल के साथ-साथ तलातल घर और रंग घर (पूर्व का कोलोसियम) जैसे अन्य विरासत स्थलों की यात्रा भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके अलावा पर्यटकों को जोरहाट में चाय के बागानों और काजीरंगा में रात भर रुकने के साथ-साथ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सुबह की जंगल सफारी का अनुभव भी कराया जाएगा। इसके बाद यह ट्रेन त्रिपुरा राज्य के लिए प्रस्थान करेगी, जहां मेहमानों को सघन जम्पुई पहाड़ियों में प्रसिद्ध विरासत स्थल उनाकोटि के दर्शनीय स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। इसके बाद वे राजधानी अगरतला के लिए आगे बढ़ेगें, जहां की यात्रा में उन्हें प्रसिद्ध उज्जयंता पैलेस, नीरमहल और उदयपुर में त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की यात्रा कराई जाएगी।
त्रिपुरा के बाद, यह ट्रेन नागालैंड राज्य को कवर करने के लिए दीमापुर के लिए प्रस्थान करेगी। बदरपुर स्टेशन से लुमडिंग जंक्शन के बीच की प्राकृति सौंदर्य से भरी इस सुंदर ट्रेन यात्रा का मेहमान सुबह के शुरुआती घंटों में अपनी सीटों से ही लुत्फ उठा सकते हैं। दीमापुर स्टेशन से पर्यटकों को बसों द्वारा कोहिमा ले जाया जाएगा जहां वे नागा जीवन शैली का अनुभव करने के लिए खोनोमा गांव का भ्रमण करने सहित अन्य स्थानीय स्थलों का भी अवलोकन करेंगे। इस पर्यटक ट्रेन का अगला पड़ाव गुवाहाटी होगा जहां से पर्यटकों को सड़क मार्ग से मेघालय की राजधानी शिलांग ले जाया जाएगा और उनका रास्ते में राजसी उमियम झील पर रुकने का कार्यक्रम है। अगले दिन की शुरुआत पूर्वी खासी पहाड़ियों में बसे चेरापूंजी की यात्रा से होगी। जहां पर्यटक शिलांग पीक, एलिफेंट फॉल्स, नवाखलिकाई फॉल्स और मावसमाई गुफाओं जैसे दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करेंगे। चेरापूंजी से पर्यटक वापसी यात्रा में दिल्ली वापस लौटने के लिए गुवाहाटी स्टेशन पर ट्रेन में सवार होंगे। इस यात्रा के दौरान यह ट्रेन लगभग 5800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
यह उल्लेखनीय है कि भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का शुभारंभ घरेलू पर्यटन को बढावा देने के लिए भारत सरकार की पहल “एक भारत श्रेष्ठ भारत” और “देखो अपना देश” के अनुरूप है। आईआरसीटीसी पर्यटक ट्रेन का यह 15 दिनों का सर्व-समावेशी टूर पैकेज होगा, जिसमें संबंधित श्रेणी में ट्रेन यात्रा, वातानुकूलित होटलों में रात्रि प्रवास, सभी भोजन (केवल शाकाहारी), बसों में सभी स्थानांतरण और दर्शनीय स्थलों की सैर, यात्रा बीमा, टूर एस्कॉर्ट की सेवाएं शामिल होंगी। इसके अलावा इसमें सभी आवश्यक स्वास्थ्य निवारक उपायों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और आईआरसीटीसी मेहमानों को एक सुरक्षित और यादगार अनुभव प्रदान करने का पूरा प्रयास करेगा।
अधिक जानकारी के लिए आप https://www.irctctourism.com/bharatgaurav पर जा सकते हैं, जहां बुकिंग ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर ऑनलाइन उपलब्ध है।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
विक्षिप्तता पंगु होने का दूसरा रूप है। पंगु व्यक्ति शरीर से लाचार होता है और विक्षिप्त व्यक्ति दिमाग से लाचार। बच्चियों, महिलाओं के प्रति बढ़ते हुए अपराध सीमा लांघते हुए नजर आ रहे हैं। 10, 15, 17 साल की बच्चियां जो दुनिया को अभी ठीक से जानती भी नहीं वहशियों की दरिंदगी का शिकार हो जाती है। ऐसा नहीं है कि कानून नहीं है और नए कानून बने नहीं लेकिन यह कानून कारगर कितने हैं? न्याय मिलने में वक्त कितना लगता है? इसके अलावा उन बच्चियों का पूरा जीवन डर और समाज की घूरती और प्रश्नवाचक नजरों का सामना करते हुए बीत जाता है। शादी ब्याह में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता होगा क्योंकि हम अभी भी बाह्य रूप से तो बदल गए हैं लेकिन मानसिक रूप से अभी भी रूढ़िवादी हैं। अपनी सहज सुविधानुसार ही हम चीजों को अपनाते और छोड़ते हैं।
कानपुर 21 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय की को~करिकुलर कमेटी द्वारा दिनांक २०/१०/२०२३ से दो दिवसीय कार्यशाला का कॉलेज के प्राचार्य जोसेफ डेनियल के दिशा निर्देशन में आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता परवेज खान एक्शन और एक्टिंग गुरु मुंबई से आए इस कार्यक्रम का आयोजन डॉक्टर संजय सक्सेना समन्वयक तथा सह समन्वयक डॉ मीत कमल द्वारा कराया गया कार्यक्रम का उक्त संचालन मानवी शुक्ला द्वारा किया गया इसके साथ कार्यशाला के प्रथम दिन परवेज खान सर द्वारा एक्शन के मुख्य तत्व एवं आधारो को समझाया गया और कुछ एक्सरसाइज कराई गई उसके बाद सही माइनो एक्शन कैसे होता है उसका डेमो भी सर द्वारा प्रस्तुत किया गया इसी प्रकार की प्रक्रियाओं के साथ कार्यशाला के दूसरे दिन भी सर द्वारा कुछ एक्सरसाइज एवं एक्शन के डेमो कराए कार्यशाला में 100 से अधिक छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया और कार्यशाला के आखिरी दिन महाविद्यालय द्वारा सर को स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया गया इसी के साथ 2 दिन की कार्यशाला का समापन किया गया


हाथो में जाम थामे विराज पूरी महफ़िल में झूमता सा दिख रहा था..,



कनपुर, भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज महाविद्यालय में पिछले एक सप्ताह से चल रहे मंच कला वह फिल्म अभिनय का सफलतापूर्वक समापन प्राचार्य जोसेफ डेनियल के दिशा निर्देशन में किया गया। सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित की गई यह कार्यशाला संयोजक डॉ.संजय सक्सेना और सहसंयोजक प्रो.मीत कमल द्वारा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संगीत नाटक पुरस्कार विजेता नाटक और संवाद लेखक विभांशु वैभव के नेतृत्व में यह एक सप्ताह की कार्यशाला की गई। इस कार्यशाला में महाविद्यालय के 40 से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग किया कार्यशाला के सप्ताह में वैभव ने मंच कला में अभिनय के इतिहास के बारे में बच्चों को बताया एवं इसकी उत्पत्ति कैसे हुई यह बताया, ध्यान केंद्रित करने के तरीके बताएं ।एक छोटी सी मूवी – ए बॉय इन स्ट्रिप्ड पजामा के माध्यम से हमें ऑब्जर्वेशन के विषय में समझाया । वैभव ने विदोहम सिंफनी म्यूजिक में एक्ट भी कराया । सर ने कार्य दिया कि हमें अपने आसपास मौजूद किसी भी व्यक्ति को ध्यानपूर्वक ऑब्जर्व करना है ।उसे अगले दिन अपने एकल प्रस्तुति माध्यम द्वारा दिखाना है। कार्यशाला में एक्टर के लिए महत्वपूर्ण तत्वों पर बात की जैसे रिलैक्सेशन ,कंसंट्रेशन ऑब्जरवेशन ,बिलीव एंड इमोशन। सर ने अपनी रचित कविता भी लिखाई ।कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों को चार समूह में विभाजित कर दिया एवं उनको समाज के कुछ ऐसे विषयों पर नाट्य प्रस्तुत करने का मौका दिया जैसे ड्रग्स, वृद्ध आश्रम, आतंकवादी हमले एवं एसिड अटैक इन्हीं कार्यक्रमों की फाइनल प्रस्तुति 22/09/2023 की कार्यक्रम द्वारा की गई। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल के मार्गदर्शन में किया गया मुख्य अतिथि संगीत नाटक अवार्ड विजेता विभांशु वैभव रहे ।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभांशु वैभव ने बताया कि बच्चे न सिर्फ जिस तरह से रंगमंच में भाग लेते हैं बल्कि उनकी बहुमुखी प्रतिभा का भी विकास होता है ।कार्यक्रम में सभी का स्वागत डॉक्टर संजय सक्सेना संयोजक सांस्कृतिक समिति द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र प्रताप सिंह एवं कावेरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्राचार्य द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया। गया कार्यक्रम का अंत प्रोफेसर मीत कमल सह संयोजक सांस्कृतिक समिति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से किया गया । उक्त कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक गण एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
। विभांशु वैभव को नाटक अकादमी पुरस्कार, नट सम्राट दिल्ली पुरस्कार, भारतेन्दु पुरस्कार प. प्रताप नारायण मिश्र युवा साहित्यकार पुरस्कार, अखिल भारतीय मानवाधिकार पुरस्कार, उर्दू अकादमी, दिल्ली सम्मान जैसे ढेर सारे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। कई भाषाओं में नाटकों का अनुवाद, हिन्दी की कई पत्र पत्रिकाओं के लिये लेखन किया महारथी, बाबूजी, कहो तो बोलूँ, मंथन, पांचाली. ठुमरी, गुण्डा, ना मैं धर्मी ना अधर्मी, सोल सागा, तेरे मेरे सपने, तरसत जियरा हमार, छुटटन दूबे के सपने शब-ब-खैर जैसे नाटकों का लेखन और मंचन किया। वर्कशॉप के पहले दिन स्क्रिप्ट को अच्छे से और आराम से पढ़ लेना है। अपने डायलॉग को अच्छे से याद कर लेना है।और महसूस करना है। जान लिजीए कि हर लाईन किसी के जश्बारी स्क्रिप्ट किसी कि जिदंगी के सुख दुःख लम्हो को बया करती हैं। आप जिस किरदार के डायलॉग बोलने वाले है। डायलॉग के हर एक शब्द को अच्छे से महसूस करके बोले। और अभिनय की उत्पति कैसे हुई ये बताया गया । कार्यशाला में छात्रों को अभिनय की बुनियादी बाते और एक अच्छा अभिनय करने की बारीकियां बताई जाएंगी इसके साथ साथ शारीरिक और मानसिक संतुलन को बनाए रखने के तरीके शारीरिक गतिविधियां ध्यान केन्द्रित करना संवाद वितरण आदि विषयों पर भी बताया जाएगा कार्यशाला में 50 विद्यार्थी उपस्थित रहे