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विश्व का सबसे लंबा रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ 28 फरवरी को डिब्रूगढ़ में अपनी यात्रा का समापन करेगा

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 13 जनवरी को वाराणसी से रवाना किया गया विश्व का सबसे लंबा रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ 28 फरवरी को डिब्रूगढ़ में अपनी यात्रा का समापन करेगा। उसी दिन डिब्रूगढ़ में भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा एक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ-साथ अन्य केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, राजनयिक और आईडब्ल्यूएआई तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे। भारत में बने क्रूज जहाज ‘एमवी गंगा विलास’ ने 13 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा झंडी दिखाने के बाद वाराणसी से अपनी यात्रा आरंभ की। 28 फरवरी को पटना साहिब, बोधगया, विक्रमशिला, ढाका, सुंदरबन और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान होते हुए डिब्रूगढ़ पहुंचने से पहले क्रूज 50 दिनों में 3,200 किमी की दूरी तय करेगा। एक अनूठे डिजाइन और भविष्योनमुखी विजन से निर्मित, क्रूज में 36 पर्यटकों की क्षमता के साथ तीन डेक और 18 सुइट हैं। यह अगले दो वर्षों के लिए आने-जाने के लिए पहले से ही बुक है। सोनोवाल ने कहा कि ‘एमवी गंगा विलास’ ने विश्व के नदी क्रूज के मानचित्र पर भारत और बांग्लादेश की उपस्थिति दर्ज कराई है और इस प्रकार भारतीय उपमहाद्वीप में पर्यटन और माल ढुलाई के लिए एक नया क्षितिज और कार्यक्षेत्र खोल दिया है। आध्यात्मिकता चाहने वाले पर्यटकों को काशी, बोधगया, विक्रमशिला, पटना साहिब जैसे स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा और जो प्राकृतिक विविधता को देखने के इच्छुक हैं वे सुंदरबन और काजीरंगा जैसे स्थलों का अवलोकन करेंगे। यह मार्ग भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से माल ढुलाई के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करता है। अब इस यात्रा के माध्यम से, पर्यटकों को एक विशाल अनुभवशील यात्रा पर जाने और पूरे मार्ग के साथ भारत व बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का पता लगाने का अवसर मिलता है। उत्तर पूर्व में राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू) के माध्यम से माल ढुलाई की प्रचुर संभावना है। ये राष्ट्रीय जलमार्ग असम, नागालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों को भी भीतरी इलाकों से जोड़ते हैं और इन राज्यों को भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के माध्यम से मुख्य भूमि भारत और कोलकाता और हल्दिया के समुद्री बंदरगाहों से जोड़ते हैं। अंतर्देशीय जल परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई परियोजनाएं जैसे कि फेयरवे, टर्मिनल और नेविगेशन संबंधी सहायता को उत्तर पूर्व क्षेत्र में आईडब्ल्यूएआई द्वारा पूरा किया गया है और उनमें से कुछ प्रगति पर हैं। वर्ष 2017 में किए गए आईडब्ल्यूएआई के एक आंतरिक अध्ययन के अनुसार, 49 एमएमटीपीए कार्गो उत्तर पूर्व क्षेत्र के भीतर और बाहर तथा ~30 एमएमटीपीए कार्गो उत्तर पूर्व क्षेत्र के भीतर चलता है।

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में दुनिया के सबसे बड़े और अनोखे दिव्यांग पार्क – अनुभूति समावेशी पार्क की आधारशिला रखी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नागपुर, महाराष्ट्र में दुनिया के सबसे बड़े और अनोखे दिव्यांग पार्क – अनुभूति समावेशी पार्क की आधारशिला रखी

image001UPN0इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए इस पार्क को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहानुभूति दर्शाने के बजाय यह पार्क संवेदना दिखाएगा, इसलिए इस पार्क का नाम अनुभूति दिव्यांग पार्क रखा गया है।

image002ZY5J गडकरी ने कहा कि इस पार्क के माध्यम से न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में समावेश का संदेश पहुंचेगा। उन्‍होंने कहा कि इस पार्क में सभी 21 प्रकार की दिव्‍यांगता के लिए अनुकूलित सुविधाएं होंगी, इसमें स्पर्श और गंध उद्यान, हाइड्रोथेरेपी इकाई, जल चिकित्सा, मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चों के लिए स्वतंत्र कक्ष, मां जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ‘दिव्यांग पार्क-अनुभूति इंक्लूसिव पार्क’ से केवल देशभर में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इन्क्लूजन का अर्थात समावेशी समाज संकल्पना का संदेश पहुँचेगा।image0031BYA गडकरी ने कहा कि नागपुर शहर देश के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है। वर्ष 2016 में, केंद्र सरकार ने दिव्‍यांग व्यक्तियों के अधिकारों के लिए दिव्‍यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम को पारित किया था। उन्होंने कहा कि यह कानून दिव्‍यांगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने के लिए है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने पहल करते हुए दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश में कुछ दिव्यांग पार्क बनाए हैं, इसी कड़ी में नागपुर के पारदी परिसर में दिव्‍यांग बच्चों और आम नागरिकों के लिए यह ‘अनुभूति समावेशी पार्क’ बनाया जा रहा है. उन्‍होंने ने कहा कि यह दुनिया का पहला समावेशी दिव्‍यांग पार्क है। 90 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बन रहे इस पार्क के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लगभग 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां दिव्‍यांगों के साथ-साथ आम जनता और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है।

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राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2023 मुंबई में प्रारंभ हुआ, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रदर्शन

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव की मुंबई में शुरुआत हो चुकी है और इस बार यह आयोजन सभी के लिए एक विशेष विजुअल तथा म्यूजिकल कार्यक्रम होगा। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2023 का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री जी किशन रेड्डी द्वारा कल शाम मुंबई में चर्चगेट स्थित आजाद मैदान में किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा 11 से 19 फरवरी तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ इस महोत्सव का आयोजन किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार में सांस्कृतिक कार्य, वन एवं मत्स्य पालन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और महाराष्ट्र सरकार में ही पर्यटन, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए सम्मानित अतिथि थे।

राज्यपाल ने उद्घाटन अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का स्थायी संदेश देता है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव यह दर्शाता है कि भाषा एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों में कई विविधताओं के बावजूद, भारत एकजुट तथा एक राष्ट्र है। राज्यपाल ने कामना करते हुए कहा कि यह महोत्सव कुंभ मेले की तरह ही विश्व प्रसिद्ध होगा।

श्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि भारत सरकार भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात कर रही है। उन्होंने इस संबंध भारत की समृद्ध संस्कृति व परंपरा को ध्यान में रखते हुए दुनिया के समक्ष उदाहरण के रूप में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का हवाला दिया।

राज्यपाल ने सभी से आध्यात्मिक और कालातीत परंपराओं को अपने जीवन में यथोचित बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने सभी मुंबई वासियों व महाराष्ट्र राज्य तथा देश के अन्य हिस्सों के लोगों से बड़ी संख्या में इस महोत्सव में आने और समृद्ध शिल्प, कला, व्यंजन एवं भारतीय संस्कृति के अन्य पहलुओं का भरपूर आनंद लेने का आह्वान किया।

संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष 14 अप्रैल को डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर एक विशेष पर्यटक बाबासाहेब अम्बेडकर सर्किट ट्रेन का शुभारंभ किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों, कलाकारों एवं कारीगरों सहित सभी दर्शकों के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि लगभग 1000 कलाकार मुंबई के लोगों के लिए इस महोत्सव के दौरान अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह शहर प्राचीन परंपरा व आधुनिकता का संगम है, जिसमें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पर्यटक स्थलों, संस्थानों, त्योहारों और नृत्य तथा सिनेमा सहित कला के अन्य स्वरूपों की एक समृद्ध टेपेस्ट्री है। श्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” से प्रेरित तथा कला एवं संस्कृति के माध्यम से भारत की विविधता के उत्सव को दर्शाने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए इस महोत्सव को आयोजित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महोत्सव हमारी समृद्ध संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाएगा और देशवासियों के बीच हमारी स्वदेशी संस्कृति एवं कला के प्रति आदर तथा प्रेम को फिर से जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि हम वोकल फॉर लोकल को भी बढ़ावा दे रहे हैं और भारत सरकार ने बड़े पैमाने पर देश के तीर्थ स्थलों का विकास किया है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने सभी मुंबईवासियों से एक ही छत के नीचे आयोजित इस महोत्सव में आने और भारतीय संस्कृति की विभिन्न अभिव्यक्तियों में खुद को भिगोकर प्रेरणा, ज्ञान तथा मनोरंजन प्राप्त करने की अपील की।

महाराष्ट्र सरकार में सांस्कृतिक कार्य, वन एवं मत्स्य पालन मंत्री, सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि भारत दुनिया भर के देशों में सबसे विविध व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश है। उन्होंने इस अवसर पर देश और महाराष्ट्र राज्य की कई लोक कलाओं को याद किया। श्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि संस्कृति मन की शांति के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे केवल धन मात्र से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की “एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल में महाराष्ट्र सक्रिय रूप से अपना योगदान देना जारी रखेगा।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुश्री अमिता साराभाई ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों को एक-दूसरे के साथ तथा 3सी अर्थात आम नागरिक के साथ शिल्प, संस्कृति और व्यंजनों के माध्यम से जोड़ना है।

उद्घाटन समारोह में तेजस्विनी साठे और उनकी मंडली द्वारा शास्त्रीय कथक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के प्रतिभाशाली समूह ने शास्त्रीय नृत्य के जीवंत, लयबद्ध तथा अभिव्यंजक स्वरूप के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया और उन्हें आनंदित कर दिया। मशहूर गायक मोहित चौहान ने अपनी प्रस्तुति में ‘तुमसे ही, 25 साल का सुरिला सफर’ (25 साल का संगीतमय सफर) शीर्षक से कई गीतों की मधुर प्रस्तुति दी।

केंद्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के विस्मृत और कम ज्ञात नायकों की विषयवस्तु पर आरएसएम के आयोजन स्थल पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा स्थापित की गई प्रदर्शनी स्टालों का दौरा किया। उन्होंने प्रसिद्ध गायक मोहित चौहान के संगीत समारोह में भी भाग लिया। लगभग 300 स्थानीय लोक कलाकारों, कुछ ट्रांसजेंडर तथा अलग-अलग दिव्यांग कलाकारों व प्रसिद्ध शास्त्रीय कलाकारों के साथ-साथ अन्य जाने-माने कलाकारों के साथ पूरे भारत से आने वाले करीब 350 लोक एवं जनजातीय कलाकार अपने मोहक प्रदर्शनों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे और उनमें उत्साह भरेंगे। इन कलाकारों के अलावा, भारत के सभी राज्यों तथा केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सभी सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों से लगभग 150 शिल्पकारों को आंगन के तहत उनकी कला एवं शिल्प बिक्री-सह-प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसके लिए लगभग 70 स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, महाराष्ट्र राज्य हथकरघा विभाग और स्टार्टअप के लिए 25 स्टॉल लगाए जा रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय द्वारा हर वर्ष भारत के अलग-अलग राज्यों में इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। यह साल 2019 में मध्य प्रदेश में, 2022 में आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में आयोजित किया गया और अब महाराष्ट्र में इसका आयोजन किया जा रहा है।

 

प्रतिदिन का कार्यक्रम विवरण इस प्रकार रहेगा:

  1. सुबह 11:00 बजे से रात 10:00 बजे तक हस्तशिल्प एवं कला प्रदर्शनी
  2. दोपहर 02:30 बजे से अपराह्न 03:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा मार्शल आर्ट की प्रस्तुति
  3. शाम 04:00 बजे से शाम 05:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुति
  4. शाम 06:00 बजे से शाम 06:45 बजे तक पारंपरिक, जनजातीय और लोक नृत्य कोरियोग्राफिक प्रस्तुति
  5. शाम 07:00 बजे से रात 08:15 बजे तक प्रसिद्ध शास्त्रीय कलाकारों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन
  6. रात 08:30 बजे से 10:00 बजे तक प्रसिद्ध स्टार कलाकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम

इस क्यूआर कोड को स्कैन करके यहां पर दैनिक कार्यक्रमों का विवरण प्राप्त करें।

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के आयोजन स्थल पर एक फूड कोर्ट स्थापित किया गया है, जिसमें पूरे भारत से खाद्य व्यंजनों को उपलब्ध कराने वाले लगभग 37 स्टॉल होंगे और स्थानीय फूड स्टॉल के साथ-साथ आम जनता के लिए मोटे अनाज से बना हुआ भोजन भी उपलब्ध होगा।

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र और अकादमियां भाग ले रही हैं। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है और यह लोगों को एक साथ आने तथा भारत की सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव प्राप्त करने का अवसर है। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभी नागरिकों और कला प्रेमियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। इस अनोखे सांस्कृतिक अनुभव को देखना न भूलें और हमारे साथ संगीतमय तथा सांस्कृतिक यात्रा का आनंद लें!

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भारत की राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन- 2023 के समापन सत्र को संबोधित किया

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (12 फरवरी, 2023) लखनऊ में उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन- 2023 के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इसकी प्रसन्नता है कि उनकी उत्तर प्रदेश की यात्रा राज्य के विकास के इस महान उत्सव के अवसर पर हो रही है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के अलावा उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करने की दृष्टि से कई क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश गेहूं सहित कुल खाद्यान्न उत्पादन में भारत में पहले पायदान पर है। इसके अलावा गन्ना और आलू के उत्पादन में भी यह देश में पहले स्थान पर है। वहीं, आम और मटर के उत्पादन में भी इस राज्य का सबसे अधिक योगदान है। इसी तरह दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। कृषि उत्पादों में समृद्ध होने के कारण, उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित उद्यमों के लिए काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने इस पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि इस शिखर सम्मेलन के दौरान ‘भारत की खाद्य टोकरी का लाभ उठाना: खाद्य प्रसंस्करण के लिए अवसर’ और ‘डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में अवसरों को खोलना’ पर सत्र आयोजित किए गए।

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि राजनीतिक स्थिरता और प्रशासन की निरंतरता निवेशकों के लिए काफी सहायक सिद्ध होती है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एक स्थिर और निर्णय लेने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने दूरदर्शी नीतियों की परिकल्पना की है और उन्हें लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश नए भारत के विकास इंजन की भूमिका निभाने में सक्षम और तैयार है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में लगभग 35.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 95 लाख एमएसएमई हैं। देश के किसी एक राज्य में यह संख्या में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि देश के उद्योगों का आधार होने के अलावा एमएसएमई, कृषि क्षेत्र के बाद सबसे अधिक रोजगार के अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र भारत के आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश ने खुद को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था के पांचवें हिस्से में अपना योगदान देगा। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारे के विकास से भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश भी आएगा और रोजगार भी सृजित होंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विभिन्न प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नवीकरणीय ऊर्जा के विकास, हरित ऊर्जा गलियारे और ऊर्जा रूपांतरण जैसे प्रयासों से भारत को शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि निवेश के बढ़ते वातावरण में स्वरोजगार की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इसका उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में स्टार्ट-अप क्रांति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश ‘सर्वश्रेष्ठ निवेश राज्य’ के रूप में वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश ज्यादा समृद्ध होगा, तो भारत भी अधिक समृद्ध होगा।

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प्रधानमंत्री ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में मुंबई-सोलापुर वंदे भारत और मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत को झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रधानमंत्री मोदी ने आज मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में दो वंदे भारत ट्रेनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। ये दो ट्रेनें हैं- मुंबई-सोलापुर वंदे भारत और मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत। उन्होंने मुंबई में सड़क यातायात की भीड़ को कम करने और वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने के लिए दो सड़क परियोजनाओं- सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड और कुरार अंडरपास परियोजना- को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के प्लेटफार्म नं. 18 पर आने के बाद, प्रधानमंत्री ने मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रेन के चालक दल और कोच के अंदर बैठे बच्चों से बातचीत भी की।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत में रेलवे, विशेष रूप से महाराष्ट्र में उन्नत रेल-संपर्क के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि पहली बार दो वंदे भारत ट्रेनों को एक ही दिन हरी झंडी दिखाई गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि ये वंदे भारत ट्रेनें मुंबई और पुणे जैसे आर्थिक केंद्रों को आस्था के केंद्रों से जोड़ेंगी, जिससे कॉलेज,    कार्यालय, व्यवसाय, तीर्थ यात्रा और कृषि उद्देश्यों के लिए यात्रा करने वालों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि नई वंदे भारत ट्रेनों से शिरडी, नासिक, त्र्यंबकेश्वर और पंचवटी जैसे पवित्र स्थानों की यात्रा आसान हो जाएगी, जिससे पर्यटन के साथ-साथ तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस से पंढरपुर, सोलापुर, अक्कलकोट और तुलजापुर की तीर्थ यात्रा और भी अधिक आसान हो जायेगी।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत की भव्य तस्वीर है। “ये भारत की गति और पैमाने का प्रतिबिंब है।” वंदे भारत ट्रेनों को लॉन्च करने की गति के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक देश के 17 राज्यों के 108 जिलों को जोड़ने वाली 10 वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज शुरू की जा रही विभिन्न परियोजनाएं, जीवन को और आसान बनाएंगी। उन्होंने कहा कि ऊपरी सड़कें (एलिवेटेड रोड) पूर्वी और पश्चिमी उपनगरीय क्षेत्रों तथा अंडरपास को जोड़ेंगी, जो महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के भारत के लिए सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की जरूरत को दोहराया क्योंकि इससे नागरिकों का जीवन-यापन व्यापक रूप से आसान होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत, मेट्रो के विस्तार और नए हवाई अड्डों एवं बंदरगाहों के निर्माण के पीछे यही सोच है। बजट भी इस सोच को मजबूत करता है क्योंकि पहली बार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष रूप से 10 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसमें रेलवे की हिस्सेदारी 2.5 लाख करोड़ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल बजट में महाराष्ट्र के लिए आवंटन में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और उम्मीद जताई कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी में और तेजी से विस्तार होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “इस साल के बजट से मध्यम वर्ग मजबूत हुआ है।” उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि इस वर्ष के बजट में वेतनभोगी और व्यवसाय करने वाले, दोनों वर्गों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले दो लाख रुपये से अधिक आय वाले लोगों पर कर लगाया जाता था, लेकिन यह वर्तमान सरकार ही है जिसने शुरुआत में इस सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये और अब इस साल के बजट में सात लाख रुपये कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन लोगों को यूपीए सरकार के दौर में 20 प्रतिशत कर देना पड़ता था, उन्हें आज कोई कर नहीं देना पड़ता है।” उन्होंने इस तथ्य पर भी प्रकाश डाला कि नई नौकरियों वाले लोगों के पास अब और अधिक बचत करने का अवसर है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया कि ‘सबका विकास सबका प्रयास’ की भावना को बढ़ावा देने वाला यह बजट हर परिवार को ताकत देगा और सभी को एक विकसित भारत बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री नारायण राणे, केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले एवं श्री कपिल मोरेश्वर पाटील और महाराष्ट्र सरकार के मंत्रीगण सहित कई गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

मुंबई-सोलापुर वंदे भारत ट्रेन और मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत ट्रेन दो ऐसी ट्रेनें हैं जिन्हें प्रधानमंत्री ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नए भारत के लिए बेहतर, अधिक कुशल और यात्रियों की जरूरतों के अनुकूल परिवहन से संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुंबई-सोलापुर वंदे भारत ट्रेन देश की नौवीं वंदे भारत ट्रेन होगी। यह नई विश्वस्तरीय ट्रेन मुंबई और सोलापुर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी और सोलापुर में सिद्धेश्वर, सोलापुर के निकट अक्कलकोट, तुलजापुर, पंढरपुर और पुणे के निकट आलंदी जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों की यात्रा को भी सुविधाजनक बनाएगी।

मुंबई-साईनगर शिरडी वंदे भारत, जोकि देश की दसवीं वंदे भारत ट्रेन है, महाराष्ट्र के नासिक, त्र्यंबकेश्वर, साईंनगर शिरडी और शनि सिंगनापुर जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी।

मुंबई में सड़क यातायात की भीड़ को कम करने और वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने के लिए, प्रधानमंत्री ने सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड (एससीएलआर) और कुरार अंडरपास को राष्ट्र को समर्पित किया। कुर्ला से वकोला तक और कुर्ला में एमटीएनएल जंक्शन, बीकेसी से एलबीएस फ्लाईओवर तक जाने वाला यह नवनिर्मित एलिवेटेड कॉरिडोर शहर में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को उन्नत करेगा। यह सड़क वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ेगी जिससे पूर्वी और पश्चिमी उपनगर कारगर तरीके से आपस में जुड़ेंगे। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (डब्ल्यूईएच) पर यातायात को आसान बनाने की दृष्टि से कुरार अंडरपास बेहद महत्वपूर्ण है, जोकि डब्ल्यूईएच के मलाड और कुरार की ओर वाले हिस्से को जोड़ता है। यह लोगों को आसानी से सड़क पार करने और साथ ही वाहनों को डब्ल्यूईएच पर भारी ट्रैफिक में फंसे बिना चलने की सुविधा देता है।

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नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जयपुर और जोधपुर को जोड़ने वाली उड़ान का उद्घाटन किया

केंद्रीय नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज वर्चुअल माध्यम के जरिए जयपुर और जोधपुर को जोड़ने वाली एक उड़ान का उद्घाटन किया। इस दौरान नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित थे।

 विमानन कंपनी इंडिगो प्रभावी निम्नलिखित कार्यक्रम के तहत इस मार्ग पर परिचालन करेगी।

उड़ान संख्या कहां से कहां तक दिन प्रस्थान समय आगमन समय विमान प्रभावी
6E-7406 जोधपुर जयपुर सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार 09:55 10:55 एटीआर 2 अक्टूबर, 2023
6E-7131 जयपुर जोधपुर सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार 11:15 12:15 एटीआर

नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने उद्घाटन भाषण में देश के दो महत्वपूर्ण शहरों को जोड़े जाने को एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर बताया। इसके अलावा उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि कैसे यह नई कनेक्टिविटी दिल्ली-आगरा-जयपुर के पहले से स्थापित स्वर्णिम त्रिभुज पर्यटक परिपथ को और अधिक मजबूत करेगी। मंत्री ने घरेलू यातायात के मामले में विश्व में तीसरे और अंतरराष्ट्रीय व घरेलू यातायात में 7वें सबसे बड़े विमानन बाजार के रूप में भारत के उभरने का उल्लेख किया।

मंत्री ने राजस्थान में हवाई यात्रा के बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी का उल्लेख किया। श्री सिंधिया ने कहा कि जोधपुर में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जल्द ही एक नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जाएगा। 20,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस टर्मिनल में एक हजार यात्रियों को संभालने और पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की क्षमता होगी।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से राजस्थान के नागरिक उड्डयन परिदृश्य में महत्वपूर्ण विकास हुए हैं। उन्होंने बताया कि किशनगढ़, बीकानेर व जैसलमेर में नए हवाई अड्डे स्थापित किए गए हैं और कोटा के लिए भी एक नए हवाई अड्डे की योजना बनाई जा रही है। श्री सिंधिया ने कहा कि बुनियादी ढांचे के अलावा विमानों की आवाजाही की संख्या में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। साल 2014 में प्रति सप्ताह यह संख्या 555 थी, जो अब लगभग तीन गुना बढ़कर 1530 हो गई है।

राज्य मंत्री जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कनेक्टिविटी पर्यटकों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगी और इस क्षेत्र में व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत व संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री राजीव बंसल व संयुक्त सचिव श्री असंगबा चूबा एओ, इंडिगो के प्रधान सलाहकार श्री आरके सिंह के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय, राजस्थान सरकार और इंडिगो के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) फिल्म महोत्सव 27 से 31 जनवरी, 2023 तक मुंबई में आयोजित किया जाएगा

राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के माध्यम से सूचना और प्रसारण मंत्रालय 27 से 31 जनवरी, 2023 तक मुंबई में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) फिल्म महोत्सव का आयोजन कर रहा है। एससीओ फिल्म महोत्सव का आयोजन एससीओ में भारत की अध्यक्षता के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।

इस महोत्सव के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए अपर सचिव सुश्री नीरजा शेखर ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य सिनेमाई साझेदारियां निर्मित करना और एससीओ में विभिन्न देशों की संस्कृतियों के बीच एक सेतु के रूप में काम करना है। सामूहिक सिनेमाई अनुभव के माध्यम से ये एससीओ सदस्यों के फिल्म समुदायों के बीच सामंजस्य भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि एससीओ राज्यों द्वारा लाई गई सभी फ़िल्में जो एससीओ फिल्म महोत्सव में दिखाई जाने वाली हैं, उन्हें देखकर दर्शक विभिन्न संस्कृतियों को अनुभव कर सकेंगे और ये फिल्में एससीओ देशों के लोगों को एक दूसरे को बेहतर तरीके से जानने का मौका देंगी।

सुश्री शेखर ने बताया कि इस महोत्सव में कंपीटिशन और नॉन-कंपीटिशन स्क्रीनिंग में एससीओ देशों की फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्म स्क्रीनिंग के अलावा इस फेस्टिवल में मास्टर-क्लास, इन-कॉन्वर्सेशन सेशन, देशों और राज्यों के पैवेलियन, फोटो और पोस्टर प्रदर्शनी, हस्तशिल्प स्टॉल और कई अन्य कार्यक्रम होंगे।

इस महोत्सव की शुरुआत एक भारतीय फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के साथ होगी क्योंकि एससीओ फिल्म महोत्सव का आयोजन एससीओ में भारत की अध्यक्षता के दौरान किया जा रहा है। ये उद्घाटन समारोह 27 जनवरी, 2023 को जमशेद भाभा थियेटर, एनसीपीए, मुंबई में आयोजित किया जाएगा।

इस फिल्म फेस्टिवल की स्क्रीनिंग मुंबई में दो स्थानों पर होगी। पेडर रोड में फिल्म डिवीजन कॉम्प्लेक्स के 4 ऑडिटोरियमों में और वर्ली में नेहरू प्लैनेटेरियम बिल्डिंग में 1 एनएफडीसी थिएटर में।

इसमें कंपीटिशन सेक्शन केवल एससीओ सदस्य देशों के लिए है और इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष), सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला), सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (फीचर फिल्म), विशेष जूरी पुरस्कार जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल हैं।

नॉन-कंपीटिशन सेक्शन सभी एससीओ देशों के लिए है, यानी निम्नलिखित श्रेणियों में सदस्य देशों, पर्यवेक्षक देशों और डायलॉग पार्टनर देशों के लिए-

I. एससीओ कंट्री फोकस फिल्में, जो फिल्म समारोह में संबंधित एससीओ देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी गई हैं। इससे विभिन्न देशों के बीच आदान-प्रदान सक्षम होगा और ये शंघाई सहयोग संगठन के सदस्यों की संस्कृतियों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगा।

II. डायरेक्टर फोकस फ़िल्में, जो किसी एससीओ देश के जाने-माने निर्देशक, किसी दिग्गज द्वारा बनाई गई हो, जो देश की विरासत में योगदान देने वाले अपने शिल्प और अपनी सिनेमा हैरिटेज के लिए देश में बहुत सम्मानित हो।

III. चिल्ड्रन फोकस फिल्में जो युवा दर्शकों को शिक्षित करती हों, और उनका मनोरंजन करती हों, जिन्हें समझना आसान हो। इससे छोटे बच्चों की रुचि का विकास होता है और उनके दिमाग का पोषण होता है।

IV. शॉर्ट फ़िल्में जो 20 मिनट से लंबी न हों, जो कलात्मक व सिनेमाई रूप से निपुण हों और मौलिक विचारों का इस्तेमाल करते हुए दर्शकों के मन-मस्तिष्क को लुभाती हों।

V. भारत की संरक्षित क्लासिक फ़िल्में- ऐसी 5 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

एससीओ फिल्म महोत्सव में एससीओ देशों की कुल 57 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। कंपीटिशन सेक्शन में 14 फीचर फिल्में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और उन्हें प्रदर्शित किया जाएगा तथा नॉन कंपीटिशन सेक्शन में 43 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।

कंपीटिशन सेक्शन के लिए कुल 14 फिल्मों को नामांकित किया गया है।

• निखिल महाजन द्वारा निर्देशित मराठी फिल्म ‘गोदावरी’ और पैन नलिन द्वारा निर्देशित गुजराती फिल्म ‘द लास्ट फिल्म शो’ सदस्य राष्ट्र भारत की ओर से नामांकित हैं।

• निर्देशक ए. ज़ैरोव और एम. मामिरबेकोव द्वारा निर्देशित रूसी फिल्म ‘मॉम, आई एम अलाइव!’ और बैराकिमोव अल्दीयार द्वारा निर्देशित ‘पैरालिंपियान’ को सदस्य देश कजाकस्तान की ओर से नामांकित किया गया है।

• बकीत मुकुल और दास्तान ज़ापर ऊलू द्वारा निर्देशित किर्गिज फिल्म अकिर्की कोच (द रोड टू ईडन) और तलाइबेक कुलमेंदीव द्वारा निर्देशित उई सत्यलाट (होम फॉर सेल) सदस्य देश किर्गिस्तान से नामांकित हैं।

• यीहुई शाओ द्वारा निर्देशित इतालवी और चीनी फिल्म बी फॉर बिजी और शाओजी राव द्वारा निर्देशित चीनी फिल्म होम कमिंग को सदस्य देश चीन से नामांकित किया गया है।

• लिउबोव बोरिसोवा साखा द्वारा निर्देशित रूसी फिल्म डोन्ट बरी मी विदाउट इवान और एवगेनी ग्रिगोरेव द्वारा निर्देशित पोडेल्निकी (द रायट) को सदस्य देश रूस द्वारा नामित किया गया है।

• डी. मसैदोव द्वारा निर्देशित उज़्बेक फ़िल्म ऐल किस्माती (द फेट ऑफ अ वुमन) और हिलोल नसीमोव द्वारा निर्देशित मेरोस (लैगेसी) सदस्य राष्ट्र उज़्बेकिस्तान की ओर से नामांकित हैं।

• मुहिद्दीन मुजफ्फर द्वारा निर्देशित ताजिक फिल्म डोव (फॉर्च्यून), और महमदराबी इस्मोइलोव द्वारा निर्देशित ओखिरीन सैयदी सयोद (हंटर्स फाइनल प्रे) सदस्य राष्ट्र ताजिकिस्तान द्वारा नामांकित हैं।

एससीओ फिल्म महोत्सव में भारतीय फिल्में-

बेहद सराही गई निखिल महाजन द्वारा निर्देशित मराठी फिल्म गोदावरी और ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि गुजराती फिल्म छेलो शो, जो लास्ट फिल्म शो के रूप में भी जानी जाती है, को प्रतियोगिता खंड में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा एससीओ कंट्री फोकस में शूजीत सरकार की सरदार उधम, एसएस राजामौली की पीरियड फिल्म आरआरआर है। डायरेक्टर फोकस में संजय लीला भंसाली की गंगूबाई काठियावाड़ी, चिल्ड्रन फोकस में मृदुल तुलसीदास की तुलसीदास जूनियर और चेतन भाकुनी की शॉर्ट फिल्म जुगलबंदी दिखाई जाएगी। इसके अलावा पांच रिस्‍टोर्ड क्लासिक्स भी महोत्‍सव में प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें शतरंज के खिलाड़ी; (1977, हिंदी), सुबर्णरेखा (1965, बंगाली), चंद्रलेखा (1948, तमिल), इरु कोडगुल (1969, तमिल) और चिदंबरम (1985, मलयालम) शामिल हैं।

एससीओ की आधिकारिक भाषा अर्थात रूसी और चीनी, फिल्म महोत्सव की भी आधिकारिक भाषाएं होंगी। महोत्सव भारत में आयोजित किए जाने के कारण कार्यात्मक भाषा के रूप में अंग्रेजी को भी इसमें शामिल किया जाएगा। ज्‍यूरी और स्थानीय दर्शकों की सुविधा के लिए प्रदर्शित की जाने वाली फिल्मों को या तो अंग्रेजी में डब किया जाएगा या उनके सबटाइटल दिए जाएंगे।

भारतीय फिल्मी हस्तियों के साथ इस महोत्सव में भाग ले रहे एससीओ देशों के प्रतिष्ठित फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ ‘मास्टरक्लासेस’ और ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्र भी होंगे। एनिमेशन के इतिहास के अन्‍वेषण में जुटे इस उद्योग के विशेषज्ञों के साथ सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा एनिमेशन और विज्‍युअल इफैक्‍ट्स की सहायता से ‘क्रिएटिंग द शॉट’ की असीम संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया जाएगा। फिल्म वितरण के बदलते परिदृश्य और उभरती प्रौद्योगिकियों की मदद से थिएटर भाषा में अनुवाद पर भी कुछ सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

एससीओ फिल्म महोत्सव पोर्टल: https://sco.nfdcindia.com/ पर ऑनलाइन प्रतिनिधि पंजीकरण किया जा सकता है, साथ ही पेडर रोड मुंबई में फिल्म डिवीजन परिसर के मुख्य समारोह स्थल पर भी पंजीकरण डेस्क उपलब्ध होंगे। प्रतिनिधि पंजीकरण शुल्क महोत्सव के लिए 300 रुपये या 100 रुपये प्रतिदिन रखा गया है। इसे छात्रों के लिए निशुल्क रखा गया है।

एससीओ फिल्म महोत्सव 2023 की ज्यूरी में निम्नलिखित शामिल हैं

भारत

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राहुल रवैल

फिल्मकार 

राहुल रवैल एक अत्‍यंत प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक और फिल्म एडिटर हैं जो लव स्टोरी, बेताब, अर्जुन, अंजाम और कई अन्य फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सनी देओल, अमृता सिंह, परेश रावल, काजोल, ऐश्वर्या राय बच्चन और जॉन अब्राहम जैसे कई सफल कलाकारों को लॉन्च किया है। उन्होंने वर्ष 2017 और वर्ष 2018 में इफ्फी में भारतीय पैनोरमा एवं वर्ष 2019 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की ज्‍यूरी की अध्यक्षता की, और, उन्‍होंने कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों की कमान संभाली है। उनकी पुस्‍तक ‘राज कपूर- द मास्टर एट वर्क’ सिनेमा के भावी विद्यार्थि‍यों के लिए एक पाठ्य पुस्तक मानी जाती है।

चीन

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सुश्री निंग यिंग

फिल्म निर्देशक

निंग यिंग विश्व स्तर पर सराही गई पुरस्कार विजेता चीनी फिल्म निर्देशक हैं जिन्हें अक्सर चीन की छठी पीढ़ी के फिल्म निर्माताओं की मंडली का एक अहम सदस्य माना जाता है। वह बीजिंग ट्रायलॉजी जैसी अपनी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं जिसमें फॉर फन, ऑन द बीट और आई लव बीजिंग शामिल हैं, जिनमें हाल के दशकों में बीजिंग में हुए व्‍यापक बदलावों का विश्लेषण किया गया है। ‘रेलरोड ऑफ होप (2002)’  में पूरे चीन में सस्ते कामगारों के बड़े पैमाने पर प्रवासन को दर्शाया गया है एवं जिसने ग्रैंड प्रिक्स डू सिनेमा डू रील जीता और परपेचुअल मोशन (2005) का प्रीमियर कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्‍सवों में हुआ।

कजाकस्तान

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श्री दिमश कुदाईबर्गेन

संगीतकार

दिनमुखामेद ‘दिमश’ कनाटुली कुदाईबर्गेन पॉप, क्लासिकल क्रॉसओवर फोक और ऑपरेटिव पॉप संगीत की शैली में एक विश्व प्रसिद्ध और प्रतिभाशाली संगीतकार हैं। दिमश और उनका संगीत समस्‍त पूर्वी यूरोप एवं एशिया, विशेषकर कजाकस्तान (उनकी मातृभूमि), चीन और रूस में प्रसिद्ध है और उनके प्रशंसक 120 से भी अधिक देशों में फैले हुए हैं जो उनका लाइव प्रदर्शन देखने के लिए सदैव उत्सुक रहते हैं। दिमश की उत्‍कृष्‍ट स्वर क्षमता का श्रेय इस तथ्य को दिया जाता है कि उनके पास छह सप्तक की रेंज है और इसके अलावा श्रोताओं एवं दर्शकों से उनका बेहतरीन जुड़ाव रहा है।

किर्गिस्तान

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सुश्री गुलबारा तोलोमुशोवा

फिल्मकार और फिल्म समीक्षक

गुलबारा तोलोमुशोवा एक पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और अपने लेखों के माध्यम से एक फिल्म समीक्षक हैं और कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्‍सवों की ज्‍यूरी की एक अहम सदस्य हैं। वह एफआईपीआरईएससीई (फिल्म समीक्षकों का अंतर्राष्ट्रीय संघ) और नेटपैक (एशियाई सिनेमा के प्रचार के लिए नेटवर्क) की सदस्य हैं। वह किर्गिस्तान के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय में छायांकन विभाग में एक अग्रणी विशेषज्ञ हैं और सिनेमा के क्षेत्र में उनकी उत्‍कृष्‍ट कृति‍यों के लिए उन्हें अपने देश और विदेश में सम्मान से नवाजा गया है।

रूस

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श्री इवान कुद्रयावत्सेव

फिल्म निर्माता एवं पत्रकार

इवान कुद्रयावत्सेव एक प्रसिद्ध पत्रकार एवं निर्माता, मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की चयन समिति के अध्यक्ष और द नेशनल एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज के सदस्य हैं। वह सिनेमा टीवी चैनल के प्रधान संपादक हैं और रूस के फिल्म बाजार के विशेषज्ञ हैं, द गोल्डन ईगल अवार्ड- फिल्म उद्योग के पेशेवरों को मान्यता देने वाला रूस का मुख्य पुरस्कार- के विशेषज्ञ परिषद के प्रमुख हैं। वर्ष 2009 से, इवान रूस के प्रमुख समाचार टीवी चैनल रूस 24 पर एक साप्ताहिक फिल्म उद्योग समाचार कार्यक्रम ‘इंडस्ट्रिया किनो’ का संचालन कर रहे हैं।

ताजिकिस्तान

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श्री मेहमदसैद शोहियों

फिल्म निर्माताअभिनेतालेखक

मेहमदसैद शोहियों एक प्रमुख अभिनेता, निर्माता और लेखक हैं। वह 30 वर्षों से संस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें 25 से अधिक फिल्मों तथा सिनेमा एवं थिएटर के क्षेत्र से जुड़े कई प्रकाशनों और वाटर बॉय (2021), फॉर्च्यून (2022) व बचाई होबी (2020) जैसी फिल्मों के निर्माण का श्रेय दिया जाता है। वह ताजिकिस्तान गणराज्य के संस्कृति मंत्रालय के प्रथम उपमंत्री और टेलीविजन एवं रेडियो प्रसारण समिति के अध्यक्ष थे और वर्तमान में राज्य उद्यम, तोजिकफिल्म के निदेशक हैं।

उज्बेकिस्तान

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श्री मत्यकुब सादुल्लायेविच माचानोव

अभिनेता

मत्यकुब सादुल्लायेविच माचानोव एक प्रतिष्ठित अभिनेता हैं, जिन्हें मानद उपाधि ‘उज्बेकिस्तान गणराज्य के सम्मानित कलाकार’ (2001), ऑर्डर ऑफ ‘फ्रेंडशिप (डस्टलिक) (2012) और ‘प्रतिष्ठित श्रम के लिए’ चिन्ह (2021) से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 1977 में उज्बेकिस्तान के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड कल्चर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और एक थिएटर अभिनेता के रूप में डैडीज़ डॉटर, होली सिनर, नाइट विजिटर, डेलानी मैसारा, सतन्स एंजेल्स जैसी प्रस्तुतियों में प्रमुख भूमिकाएं निभाईं और द अवेकनिंग एवं द यूथ ऑफ जीनियस जैसी फिल्मों में काम किया।

एससीओ के बारे में

एससीओ एक बहुपक्षीय संगठन है, जिसकी स्थापना 15 जून 2001 को की गई थी। वर्तमान में एससीओ में आठ सदस्य देश (चीन, भारत, कजाकस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान), तीन पर्यवेक्षक देश (बेलारूस, ईरान और मंगोलिया) और चौदह वार्ता भागीदार (आर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका, मिस्र, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, मालदीव, म्यांमार, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की) शामिल हैं।

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सर्बानंद सोनोवाल ने गुजरात के दीनदयाल पोर्ट, कांडला में 270 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुजरात के दीनदयाल पोर्ट, कांडला में 270 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। श्री सर्बानंद सोनोवाल ने पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्यमंत्री श्री शांतनु ठाकुर, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्यमंत्री श्री श्रीपद नाइक और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दीनदयाल पोर्ट, कांडला में 73.92 करोड़ रुपये लागत वाली ऑयल जेट्टी संख्या 7 का उद्घाटन किया।

जेट्टी मुख्य रूप से खाद्य तेल की लिक्विड हैंडलिंग क्षमता को 2.00 एमएमटीपीए तक बढ़ाएगी और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगी और जहाजों के टर्न-अराउंड समय को कम करेगी। यह टी-आकार की जेट्टी 110 मीटर लंबी और 12.40 मीटर चौड़ी है और 65000 डीडब्ल्यूटी और 14 मीटर गहराई तक के बड़े आकार के पोत को संभाल सकती है। इस परियोजना ने निर्माण के चरण के दौरान लगभग 1000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 250 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया है।

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श्री सोनोवाल ने तीन परियोजनाओं- 98.41 करोड़ रुपये की लागत से ऑयल जेट्टी संख्या 8 से 11, 67 करोड़ रुपये की लागत से एलसी236बी से सीजे-16 तक 4 लेन सड़क का विकास, 39.66 करोड़ रुपये की लागत से कार्गो जेट्टी में गुंबदाकार भंडारण शेड का निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।

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इस अवसर पर श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “ये परियोजनाएं पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ-साथ इसके लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसके पूरे भीतरी इलाकों के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।” इनसे जहाजों के टर्नअराउंड समय में और सुधार के साथ-साथ कार्गो की तेजी से निकासी के साथ-साथ बंदरगाह की कार्गो हैंडलिंग क्षमता में भी सुधार होना संभव होगा। उन्होंने कहा, “दीनदयाल पोर्ट कार्गो हैंडलिंग के मामले में देश भर में पहले स्थान पर है और इन परियोजनाओं के माध्यम से इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी जो पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगी।”

अन्य परियोजनाओं की मुख्य विशेषताएं

1. ऑयल जेट्टी 8 से 11 तक बैक-अप एरिया का विकास

• तरल कार्गो की भंडारण क्षमता में वृद्धि

• लिक्विड कार्गो की तेजी से निकासी, क्योंकि लिक्विड टर्मिनल के लिए प्रस्तावित बैक-अप क्षेत्र ऑयल जेट्टी के पीछे है, इसलिए, टर्न-आउट समय कम करना

2. एलसी236बी से सी.जे-16 तक 4 लेन सड़क का विकास

• बेहतर कनेक्टिविटी

• बंदरगाह पर यातायात में कमी

3. कार्गो जेट्टी में गुंबदाकार भंडारण शेड का निर्माण

• शेड 30 मीटर और ऊंचाई 9 से 12 मीटर की अबाधित स्पष्ट जगह प्रदान कर सकते हैं।

• रूफिंग पैनल यांत्रिक रूप से सीमेड (इंटरलॉक्ड) हैं और छेद, नट, बोल्ट ओवरलैप और सीलेंट से मुक्त हैं, लगभग शून्य रखरखाव सुनिश्चित करते हैं।

• पारंपरिक छत प्रणाली की तुलना में यह संरचना 50 प्रतिशत तक किफायती है।

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उल्लेखनीय है कि भारत में बंदरगाह क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता के तहत पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने गुजरात राज्य में सागरमाला कार्यक्रम के तहत 57,000 करोड़ रुपये की 74 परियोजनाओं की पहचान की है। जिनमें से 9,000 करोड़ रुपये की लागत से 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं; 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की 33 परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं और 22,700 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाएं प्रगति के विभिन्न चरणों में हैं। ये परियोजनाएं केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों, प्रमुख बंदरगाहों, राज्य समुद्री बोर्ड और अन्य राज्य एजेंसियों द्वारा कार्यान्वित की जा रही हैं।

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महाराष्ट्र से खोजा गया नया पठार प्रजातियों के अस्तित्व पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए सूचना का भंडार साबित हो सकता है

भारत की चार वैश्विक विविधता हॉटस्पॉट में से एक पश्चिमी घाट के ठाणे क्षेत्र में खोजे गए 24 अलग-अलग परिवारों के पौधों और झाड़ियों की 76 प्रजातियों वाला एक दुर्लभ कम ऊंचाई वाला बेसाल्ट पठार विविध प्रजातियों की जानकारी का भंडार साबित हो सकता है। यह प्रजातियों के अस्तित्व पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने और रॉक वैश्विक संदर्भ में आउटक्रॉप्स की संरक्षण आवश्यकताओं और उनके विशाल जैव विविधता मूल्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकता है।https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001WBLA.jpg पश्चिमी घाट भारत में चार वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है और पुणे में अगरकर रिसर्च इंस्टीट्यूट (एआरआई) एक दशक से इसकी जैव विविधता विशेष रूप से इसके रॉक आउटक्रॉप्स का अध्ययन कर रहा है। पठार पश्चिमी घाट में एक प्रमुख भूदृश्य हैं, जो स्थानिक प्रजातियों की प्रबलता के कारण महत्वपूर्ण हैं। उन्हें एक प्रकार के रॉक आउटक्रॉप के रूप में वर्गीकृत किया गया है और प्रजातियों को अनुकूल करने के लिए अद्वितीय और चुनौतीपूर्ण वातावरण प्रदान करता है। इन आउटक्रॉप में मौसमी पानी की उपलब्धता, सीमित मिट्टी और पोषक तत्व होते हैं, जो उन्हें प्रजातियों के अस्तित्व पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए आदर्श प्रयोगशाला बनाते हैं। पठार इस प्रकार अंतर्दृष्टि का एक मूल्यवान स्रोत है कि प्रजातियां चरम स्थितियों में कैसे जीवित रह सकती हैं। डॉ. मंदर दातार के नेतृत्व में एआरआई की टीम ने हाल ही में ठाणे जिले के मंजरे गांव में एक दुर्लभ कम ऊंचाई वाले बेसाल्ट पठार की खोज की। यह इस क्षेत्र में पहचाना जाने वाला चौथे प्रकार का पठार है। पिछले पहचाने गए तीन उच्च और निम्न ऊंचाई पर लेटराइट और उच्च ऊंचाई पर बेसाल्ट हैं। टीम ने पठार का सर्वेक्षण करते हुए 24 विभिन्न परिवारों के पौधों और झाड़ियों की 76 प्रजातियों का प्रलेखन किया। लेखकों का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि पठार तीन अन्य रॉक आउटक्रॉप्स के साथ वनस्पति साझा करने के  साथ-साथ कुछ अनूठी प्रजातियों को भी धारण करता है। यह अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों में प्रजातियों के इंटरएक्शन का अध्ययन करने के लिए एक अनूठी मॉडल प्रणाली देता है। स्प्रिंगर नेचर जर्नल नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस लेटर्स में हाल ही में प्रकाशित शोध पत्र ने उत्तरी पश्चिमी घाट में ठाणे जिले के मंजरे गांव में नए खोजे गए निम्न स्तरीय बेसाल्ट पठार के महत्व पर प्रकाश डाला है, जो औसत समुद्र तल से 156 मीटर ऊपर है। अधिक जानकारी के लिए डॉ. मंदर दातार (mndatar@aripune.org, 020-25325057), वैज्ञानिक, जैव विविधता और पुराजीव विज्ञान समूह तथा डॉ. पीके ढाकेफलकर, निदेशक (कार्यवाहक), एआरआई, पुणे, (director@aripune.org, 020-25325002) से संपर्क किया जा सकता है।

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केंद्रीय खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने टी20 विश्व कप 2022 की विजेता भारतीय नेत्रहीन क्रिकेट टीम को सम्मानित किया

मुख्य बातें:

• नेत्रहीन क्रिकेट टीम ने पिछले शनिवार को लगातार तीसरी बार नेत्रहीनों के लिए टी20 विश्व कप जीता

• युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्री निशीथ प्रमाणिक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय नेत्रहीन क्रिकेट टीम के आगमन के बाद उन्हें सम्मानित किया। इस टीम ने पिछले शनिवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु में बांग्लादेश को हराकर लगातार तीसरी बार नेत्रहीनों के लिए टी20 विश्व कप जीता।

केंद्रीय मंत्री के साथ युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्री निशीथ प्रमाणिक, नेत्रहीन क्रिकेट एसोसिएशन (सीएबीआई) के अध्यक्ष श्री महंतेश जीके के साथ-साथ युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के खेल विभाग, सीएबीआई और भारतीय खेल प्राधिकरण के अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

 

सभा को संबोधित करते हुए, श्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार का यह प्रयास रहा है कि हमारे सभी एथलीटों, विशेष रूप से हमारे दिव्यांग एथलीटों को सर्वश्रेष्ठ समर्थन प्रदान किया जाए। मैं टीम के सभी सदस्यों को और भी अधिक समर्थन देने और उनके रास्ते में आने वाली विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने का आश्वासन देता हूं।”

नेत्रहीन क्रिकेट टीम के परिवार के सदस्यों के समर्थन की सराहना करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा, “खिलाड़ियों से जुड़े सभी परिवार के सदस्यों ने भारी समर्थन दिया है। परिवारों का समर्थन नहीं होता, तो अधिकांश खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए ऐसा नहीं कर पाते।”

 

भारतीय नेत्रहीन क्रिकेट टीम के कप्तान श्री अजय कुमार रेड्डी की टीम ने शनिवार को फाइनल में बांग्लादेश को 120 रनों से हराया। उन्होंने कहा, “केंद्रीय खेल मंत्रालय से लगातार समर्थन हमें और अधिक इरादे के साथ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जीत के पीछे जबरदस्त मेहनत है और बहुत सारी बाधाएं। हालांकि, मैदान पर जाने के बाद, हम अपने भारतीय ध्वज के अलावा किसी और चीज के बारे में नहीं सोचते हैं। अपनी बाधाओं के बारे में भी नहीं। हमने अभी 5 विश्व कप जीते हैं और हमें और अधिक जीतने का भरोसा है।”

 

टी20 विश्व कप 2022 जीतने वाली भारतीय राष्ट्रीय नेत्रहीन क्रिकेट टीम में 10 राज्यों के 17 खिलाड़ी शामिल थे। इनमें बी1 वर्ग के 6 खिलाड़ी (पूर्ण दृष्टिहीन), बी2 वर्ग के 5 खिलाड़ी (आंशिक दृष्टिहीन) और बी3 वर्ग के 6 खिलाड़ी (6 मीटर तक दृष्टि) हैं। भारतीय टीम ने 2012 और 2017 में पाकिस्तान को टी20 विश्व कप खिताब के लिए हराया था।

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