सरकार, शुद्ध व्यवाहरिकता द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर, चल रही पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत सभी छूटे हुए घरों के ऑन-ग्रिड विद्युतीकरण के लिए राज्यों को सहयोग दे रही है। इसमें पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान) के अंतर्गत पहचान किए गए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के घरों, डीए-जेजीयूए (धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान) के अंतर्गत जनजातीय घरों, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के घरों और जहां भी संभव हो, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) के अंतर्गत दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के घरों में बिजली कनेक्शन के लिए स्वीकृत कार्य शामिल हैं। अब तक, आरडीएसएस के अंतर्गत, देश भर में 13.59 लाख घरों में बिजली कनेक्शन के लिए 6,487 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा, नई सौर ऊर्जा योजना के तहत 30 जून, 2025 तक 9,961 घरों के ऑफ-ग्रिड सौर आधारित विद्युतीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि के कार्यों को मंजूरी दी गई है। विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
राजनीति
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा राजधानी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भव्य आयोजन
कार्यक्रम के रूप में, ‘जैसा उन्होंने देखा: भारत का विभाजन 1947’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसका संपादन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और भारतीय भाषा एवं साहित्य अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश टेकचंदानी ने किया है। यह पुस्तक इतिहास के इस महत्वपूर्ण क्षण पर बहुमूल्य दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। ‘द डर्वाल्स एंड पार्टीशन’ नामक एक डीवीडी भी लॉन्च की गई, जिसमें इस त्रासदी से जुड़े अनुभवों और आख्यानों का एक मार्मिक दृश्य ूप्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें विभाजन की मानवीय कीमत पर पुनर्विचार किया गया और विस्थापित हुए देशवासियों को गंभीरता से याद किया गया। अनगिनत पीड़ितों की स्मृति में एक मौन जुलूस भी निकाला गया, जो उनके धैर्य के प्रति एक सम्मानजनक श्रद्धांजलि थी। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) द्वारा मंचित और लोकेंद्र त्रिपाठी द्वारा निर्देशित ‘बतावारा’ नामक एक नाटक का भी मंचन किया गया।

यह उल्लेखनीय है कि देश के विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई, कई लोगों को अपनी अचल संपत्ति से हाथ धोना पड़ा और अनगिनत महिलाओं को अपनी गरिमा के साथ खिलवाड़ का सामना करना पड़ा। विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों की पीढ़ियाँ आज भी इसके घाव सह रही हैं। भारत का विभाजन मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। हालांकि लोगों का पलायन अगस्त 1947 से पहले ही शुरू हो गया था, लेकिन इसका सबसे विनाशकारी प्रभाव विभाजन की औपचारिक घोषणा के बाद देखा गया। इस दर्दनाक घटना के सबसे गंभीर परिणाम पंजाब, बंगाल और सिंध में हुए, फिर भी इसका प्रभाव पूरे देश में महसूस किया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस अभूतपूर्व मानवीय संकट में लगभग 1.5 करोड़ लोग विस्थापित हुए और लगभग 20 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई। प्रदर्शनी और कार्यक्रम ने जनता की काफ़ी रुचि आकर्षित की, ख़ासकर इस त्रासदी के सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक आयामों के विस्तृत चित्रण के कारण, जिससे आगंतुकों को व्यक्तिगत स्मृतियों को सामूहिक इतिहास से जोड़ने का अवसर मिला। पुस्तक विमोचन, डीवीडी लॉन्च के माध्यम से दृश्य दस्तावेज़ीकरण और गरिमापूर्ण जनभागीदारी के रूप में विद्वत्ता के इस एकीकरण के माध्यम से, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र स्मृति की संस्कृति को मज़बूत करना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि विभाजन के सबक आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र की साझा चेतना का एक स्थायी हिस्सा बने रहें।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेड़ को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश, भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं का आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण ही जीवन का मिशन है। इसके लिए सरकार द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने “नारी तू नारायणी” का उद्घोष करते हुए कहा कि आज बहनें इतनी सशक्त हो गई है कि अब वह भाइयों की भी रक्षा कर सकती हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बहनों से राखी बंधवाने के साथ पर्यावरण की रक्षा का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि मैं भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में कई वर्षों से पेड़ लगा रहा हूं। यहां आज अपने लगाए पेड़ों को राखी बांधकर प्रसन्नता हुई है। पेड़ बचाने का अर्थ है पर्यावरण बचाना। पूरे विश्व के लिए यह अहम है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो दुनिया सुरक्षित रहेगी।
केंद्रीय मंत्री ने सभी से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के अवसर पर संकल्प लें कि आने वाली पीढियां के लिए धरती सुरक्षित रखने के लिए पेड़ बचाएंगे भी और पेड़ लगाएंगे भी!
आगे, केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रहित सर्वोपरि के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए एक बार फिर से देशवासियों से अपील की कि वह स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
राष्ट्रपति ने देश भर के स्कूलों के छात्रों के साथ रक्षाबंधन मनाया

इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भावना पर प्रकाश डाला गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि रक्षाबंधन प्रेम के बंधन का प्रतीक है जिसे बड़ों, साथियों और यहां तक कि पर्यावरण सहित किसी के भी साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पेड़ पृथ्वी की रक्षा करते हैं, संरक्षक की तरह कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें सावधानीपूर्वक लगाया और पोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लोगों और पर्यावरण, दोनों के प्रति प्रेम, सुरक्षा और ज़िम्मेदारी के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने-अपने क्षेत्रों की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया। समारोह के एक भाग के रूप में, छात्रों ने राष्ट्रपति को पर्यावरण-अनुकूल राखियां और हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए, जो पर्यावरण जागरूकता, रचनात्मकता और समावेशिता का प्रतीक थे। इस यादगार कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत के राष्ट्रपति के साथ रक्षाबंधन मनाने का जीवन में एक बार मिलने वाला
अवसर प्रदान किया, जिससे भारत की सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत के बारे में उनकी समझ गहरी हुई।
चुनाव व्यवस्था में सफाई: चुनाव आयोग ने 334 आरयूपीपी को सूची से हटाया
- वर्तमान में, चुनाव आयोग के साथ 6 राष्ट्रीय दल, 67 प्रादेशिक दल और 2854 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) पंजीकृत हैं। (अनुलग्नक: राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों की सूची)
- राजनीतिक दलों के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देशों में उल्लेख किया गया है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा।
- इसके साथ ही, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के अनुसार, दलों को पंजीकरण के समय नाम, पता, पदाधिकारी आदि जैसे विवरण देने होंगे और किसी भी तरह के बदलाव की जानकारी बिना किसी देरी के आयोग को देनी होगी।
- इससे पहले, जून 2025 में, भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उपरोक्त शर्तों के अनुपालन के संबंध में 345 आरयूपीपी की सत्यापन जांच करने का निर्देश दिया था।
- मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने जांच की, इन आरयूपीपी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए और प्रत्येक पक्ष को व्यक्तिगत सुनवाई कर जवाब देने और अपना विषय प्रस्तुत करने का मौका दिया।
- इसके बाद, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर, कुल 345 आरयूपीपी में से 334 आरयूपीपी उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं करते पाए गए। बाकी विषयों को दोबारा सत्यापन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को वापस भेज दिया गया है।
- आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, 334 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया है (लिंक: https://www.eci.gov.in/list-of-political-parties)। अब, कुल 2854 में से 2520 आरयूपीपी शेष हैं। सूची से हटाने की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की चुनावी प्रणाली को स्वच्छ बनाने की एक व्यापक और सतत रणनीति का हिस्सा है।
- ये आरयूपीपी अब आयकर अधिनियम, 1961 और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29बी और धारा 29सी के प्रावधानों के अंतर्गत कोई लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगे। इस आदेश से व्यथित कोई भी पक्ष आदेश के 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील दाखिल कर सकता है।
अनुलग्नक
मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल
| क्रम संख्या | राजनीतिक दल का नाम |
| 1 | आम आदमी पार्टी |
| 2 | बहुजन समाज पार्टी |
| 3 | भारतीय जनता पार्टी |
| 4 | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) |
| 5 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 6 | नेशनल पीपुल्स पार्टी |
मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दल
| क्रम संख्या | राजनीतिक दल का नाम | क्रम संख्या | राजनीतिक दल का नाम |
| 1 | एजेएसयू पार्टी | 2 | ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम |
| 3 | ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक | 4 | ऑल इंडिया मजलिस–ए–इत्तेहादुल मुस्लिमीन |
| 5 | ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस | 6 | ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस |
| 7 | ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 8 | अपना दल (सोनेलाल) |
| 9 | असम गण परिषद | 10 | भारत आदिवासी पार्टी |
| 11 | भारत राष्ट्र समिति | 12 | बीजू जनता दल |
| 13 | बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट | 14 | सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम |
| 15 | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | 16 | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (लिबरेशन) |
| 17 | देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम | 18 | द्रविड़ मुनेत्र कड़गम |
| 19 | गोवा फॉरवर्ड पार्टी | 20 | हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी |
| 21 | इंडियन नेशनल लोक दल | 22 | इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग |
| 23 | इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा | 24 | जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस |
| 25 | जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी | 26 | जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी |
| 27 | जनसेना पार्टी | 28 | जनता दल (सेक्युलर) |
| 29 | जनता दल (यूनाइटेड) | 30 | जननायक जनता पार्टी |
| 31 | जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) | 32 | झारखंड मुक्ति मोर्चा |
| 33 | केरल कांग्रेस | 34 | केरल कांग्रेस (एम) |
| 35 | लोक जनशक्ति पार्टी | 36 | लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) |
| 37 | महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना | 38 | महाराष्ट्रीय गोमांतक |
| 39 | मिजो नेशनल फ्रंट | 40 | नाम तमिलर कत्ची |
| 41 | नागा पीपुल्स फ्रंट | 42 | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |
| 43 | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार | 44 | राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी |
| 45 | पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट | 46 | पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल |
| 47 | राष्ट्रीय जनता दल | 48 | राष्ट्रीय लोक समता पार्टी |
| 49 | राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी | 50 | रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) |
| 51 | रिवॉल्यूशनरी गोवन्स पार्टी | 52 | रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी |
| 53 | समाजवादी पार्टी | 54 | शिरोमणि अकाली दल |
| 55 | शिवसेना | 56 | शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) |
| 57 | सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट | 58 | सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा |
| 59 | तेलुगु देशम पार्टी | 60 | टिपरा मोथा पार्टी |
| 61 | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी | 62 | यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल |
| 63 | विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची | 64 | वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी |
| 65 | युवजन श्रमिक रैतु कांग्रेस पार्टी | 66 | जोरम नेशनलिस्ट पार्टी |
प्रधानमंत्री मोदी का आज कर्नाटक दौरा
दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री बेंगलुरु में शहरी संपर्क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। श्री मोदी एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री बैंगलोर मेट्रो चरण-2 परियोजना के तहत आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा तक येलो लाइन का उद्घाटन करेंगे। इस लाइन की लंबाई 19 किलोमीटर से अधिक है और इसमें 16 स्टेशन हैं। इस पर लगभग 7,160 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस येलो लाइन के खुलने से, बेंगलुरु में मेट्रो का परिचालन नेटवर्क 96 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा और इस क्षेत्र की बड़ी जनसंख्या को सेवा प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री 15,610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की बैंगलोर मेट्रो चरण-3 परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इस परियोजना की कुल लंबाई 44 किलोमीटर से अधिक होगी और इसमें 31 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह बुनियादी ढांचा परियोजना शहर की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगी और आवासीय, औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा शैक्षणिक क्षेत्रों की ज़रूरतों को पूरा करेगी।
प्रधानमंत्री बेंगलुरु से तीन वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें बेंगलुरु से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी) से पुणे तक की ट्रेनें शामिल हैं। ये हाई-स्पीड ट्रेनें क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी, यात्रा के समय को कम करेंगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।
गांवों तक बारहमासी सड़क संपर्क
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) यह सुनिश्चित करके समावेशी विकास को बढ़ावा देती है कि दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में बारहमासी सड़क संपर्क हो और उन्हें विकास प्रक्रिया में एकीकृत किया जाए। इससे क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में मदद मिलती है और यह सुनिश्चित होता है कि विकास का लाभ ग्रामीण समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।
पीएमजीएसवाई के माध्यम से बेहतर सड़क अवसंरचना ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान की है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हुआ है और जीवन की गुणवत्ता में समग्र सुधार हुआ है। इसने संपर्क बढ़ाकर और कृषि उपज को बाज़ारों तक पहुंचाकर ग्रामीण आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस बेहतर पहुंच से किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलती है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे राष्ट्रीय विकास को बल मिलता है।
ग्रामीण आबादी को बाज़ारों और रोज़गार के अवसरों से जोड़कर, पीएमजीएसवाई गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आजीविका के विविधीकरण को सक्षम बनाता है और लोगों को अर्थव्यवस्था में अधिक पूर्ण रूप से भाग लेने में मदद करता है, जिससे जीवन स्तर में सुधार होता है। यह कार्यक्रम सड़क निर्माण और रखरखाव में पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ प्रथाओं पर भी ज़ोर देता है, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना और बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
शुरुआत से लेकर 05.08.2025 तक कुल 8,38,611 किलोमीटर सड़क लंबाई स्वीकृत की गई है, जिसमें से पीएमजीएसवाई के विभिन्न हस्तक्षेपों/वर्टिकल के तहत 7,83,620 किलोमीटर सड़क लंबाई पूरी हो चुकी है।
मार्च 2020 के बाद से, अब तक कुल 74,324.36 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, और पीएमजीएसवाई के विभिन्न हस्तक्षेपों/वर्टिकल के अंतर्गत कुल 1,23,595 किलोमीटर सड़क लंबाई को मंजूरी दी गई है, और 1,57,666 किलोमीटर सड़क लंबाई का निर्माण पूरा हो चुका है। पीएमजीएसवाई का बजटीय आवंटन वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2022-23 से 19000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
पीएमजीएसवाई की शुरुआत से लेकर मार्च 2014 तक यानी 13 वर्षों में, देश भर में विभिन्न चल रहे हस्तक्षेपों/कार्यक्षेत्रों के अंतर्गत कुल 3,81,395 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया।
1 अप्रैल 2014 से मार्च 2024 तक, यानी 10 वर्षों में, देश भर में पीएमजीएसवाई के विभिन्न चल रहे हस्तक्षेपों/कार्यक्षेत्रों के अंतर्गत कुल 3,79,075 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है, जो कार्यान्वयन की तेज़ गति को दर्शाता है। राज्य/कार्यक्षेत्र-वार विवरण कार्यक्रम की वेबसाइट www.omms.nic.in -> प्रगति निगरानी -> मासिक प्रगति रिपोर्ट -> राज्य एमपीआर सारांश रिपोर्ट पर देखे जा सकते हैं।
पीएमजीएसवाई की इकाई बस्ती है, गांव नहीं। देश में कोर नेटवर्क में कुल 1,63,351 पात्र असंबद्ध बस्तियों (2001 की जनगणना के अनुसार) में से, 1,62,865 बस्तियों को पहले ही पीएमजीएसवाई-I के तहत बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान किया जा चुका है, और देश भर में 486 बस्तियों को संपर्क प्रदान किया जाना बाकी है। बस्तियों की कनेक्टिविटी का राज्यवार विवरण कार्यक्रम की वेबसाइट www.pmgsy.nic.in > प्रगति निगरानी > बस्ती कवरेज रिपोर्ट पर देखा जा सकता है। पीएमजीएसवाई-I (केवल छत्तीसगढ़), पीएमजीएसवाई-II, आरसीपीएलडब्ल्यूईए और पीएमजीएसवाई-III के तहत चल रही परियोजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा 31.03.2026 तक बढ़ा दी गई है। छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य सभी राज्यों में पीएमजीएसवाई-I कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा मार्च 2025 थी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (पीएमजीएसवाई-IV) को 2024 में शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत 62,500 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़कों (एकल लेन) का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य 2011 की जनगणना के अनुसार, मैदानी इलाकों में 500+, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 250+, विशेष श्रेणी क्षेत्रों (अनुसूची V के जनजातीय, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, रेगिस्तानी क्षेत्र) में 250+ और वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में 100+ आबादी वाले लगभग 25,000 असंबद्ध पात्र बस्तियों को कनेक्टिविटी प्रदान करना है। पात्र बस्तियों की पहचान के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और मंत्रालय कार्यों को मंजूरी देने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है। पीएमजीएसवाई IV की समय-सीमा मार्च 2029 तक है।
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
पूर्व मंत्री की नातिन ने ‘अपना मोर्चा’ के नेताओं पर लगाया आरोप
पूर्व मंत्री की नातिन ने कहा ‘‘लोग उनके बाबा की फोटो व नाम का निजी स्वार्थ के लिये कर रहे हैं प्रयोग।’’
चौधरी नरेन्द्र सिंह के समर्थकों से गुमराह न होने की अपील की।
आगे उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो विधिक कार्यवाही भी करेंगे।’’
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर। एनडीए में शामिल अपना दल (एस) से असंतुष्ट होकर एक नया संगठन तैयार करने वाले एक नेता पर भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री के परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि राजनीतिक महत्वाकाँक्षा की पूर्ति हेतु उनके बाबा जी की फोटो, नाम व ख्याति का लाभ लेना चाहता है।
यह भी आरोप लगाया कि असंतुष्ट नेता, सूबे की जनता व समाज को गुमराह कर रहा है, जबकि उनके बाबा जी ने निःस्वार्थ भाव से जन कल्यार्थ कार्य किया है, वो सदैव ही स्वार्थपरक राजनीति से दूर रहे एवं प्रदेश की जनता की सेवा करते रहे।
साकेतनगर स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश में पूर्व मंत्री रहे चौधरी नरेन्द्र सिंह की नातिन निहारिका सिंह ने बताया कि, निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु एनडीए में शामिल राजनैतिक पार्टी ‘अपना दल’ (एस) से असंतुष्ट होकर ‘अपना मोर्चा’ नाम का एक राजनैतिक संगठन तैयार किया गया है और उसके नेता ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह व उसके नेतागण चौधरी नरेन्द्र सिंह की फोटो लगाकर जनता को धोखा देने का काम कर रहे हैं। इसका हम लोग पुरजोर विरोध करते हैं और सभी से अपील करते हैं कि इन स्वार्थी नेताओं के बहकावे में कतई न आयें।
निहारिका ने यह भी कहा, ‘‘हम अपने बाबा चौधरी नरेन्द्र सिंह की फोटो व नाम का प्रयोग करने का निर्णय लेना हमारे परिवार का व्यक्तिगत मामला है और अगर कोई स्वार्थी व्यक्ति, हमारे बाबा जी का नाम का प्रयोग अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिये करेगा, तो हम सब खुलकर विरोध करेंगे और उसके मंसूबों को कतई पूरा नहीं होने देंगे।
प्रेस वार्ता में निहारिका सिंह, भाजपा जिलामंत्री दक्षिण संजय कटियार व दीप्ति सिंह मौजूद रहीं।
भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जून 2025 में 1.5% की वृद्धि दर्ज की
2. मुख्य विशेषताएं:
- i. जून 2025 के लिए आईआईपी वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत है जो मई 2025 के महीने में 1.2 प्रतिशत (त्वरित अनुमान) थी।
- जून 2025 के महीने के लिए तीन क्षेत्रों, खनन, विनिर्माण और बिजली की वृद्धि दर क्रमशः (-)8.7 प्रतिशत, 3.9 प्रतिशत और (-)2.6 प्रतिशत है।
- आईआईपी का त्वरित अनुमान जून 2024 में 151.0 के मुकाबले 153.3 है। जून 2025 के महीने के लिए खनन, विनिर्माण और बिजली क्षेत्रों के लिए औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक क्रमशः 123.2, 152.3 और 217.1 हैं।
- विनिर्माण क्षेत्र के भीतर, एनआईसी 2 अंक-स्तर पर 23 उद्योग समूहों में से 15 ने जून 2024 की तुलना में जून 2025 में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। जून 2025 के महीने के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता हैं – “मूल धातुओं का विनिर्माण” (9.6%), “कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का विनिर्माण” (4.2%) और “मशीनरी और उपकरणों को छोड़कर गढ़े हुए धातु उत्पादों का विनिर्माण” (15.2%)।
- v. उद्योग समूह “मूल धातुओं का विनिर्माण” में, मद समूह “एमएस स्लैब”, “हल्के स्टील के एचआर कॉइल और शीट” और “स्टील के पाइप और ट्यूब” ने वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- उद्योग समूह “कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का विनिर्माण” में, मद समूहों “डीजल”, “नेफ्था” और “पेट्रोल/मोटर स्पिरिट” ने वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- उद्योग समूह में “मशीनरी और उपकरणों को छोड़कर, निर्मित धातु उत्पादों का विनिर्माण” मद समूहों में “पिट प्रॉप्स सहित टावरों के निर्माण के लिए स्टील फ्रेमवर्क या कंकाल”, “फोर्ज्ड ब्लैंक सहित निर्मित धातु उत्पाद” और “स्टेनलेस स्टील के बर्तन” ने वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- उपयोग आधार वर्गीकरण के अनुसार, जून 2025 के महीने के लिए प्राथमिक वस्तुओं के लिए सूचकांक 151.3, पूंजीगत वस्तुओं के लिए 115.2, मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए 167.9 और बुनियादी ढांचे/निर्माण वस्तुओं के लिए 198.3 है। इसके अलावा, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के सूचकांक क्रमशः 130.8 और 144.6 हैं।
- जून 2024 की तुलना में जून 2025 में उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार आईआईपी की संगत वृद्धि दरें प्राथमिक वस्तुओं में (-)3.0 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 3.5 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 5.5 प्रतिशत, बुनियादी ढांचे/निर्माण वस्तुओं में 7.2 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 2.9 प्रतिशत और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में (-)0.4 प्रतिशत हैं (विवरण III)। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आधार पर, जून 2025 के महीने में आईआईपी की वृद्धि में शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता बुनियादी ढाँचा/निर्माण वस्तुएँ, मध्यवर्ती वस्तुएँ और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएँ हैं।
- x. पिछले 13 महीनों के लिए आईआईपी के मासिक सूचकांक और वृद्धि दर (% में)

3. जून 2025 माह के लिए आईआईपी के त्वरित अनुमान के साथ-साथ, स्रोत एजेंसियों से प्राप्त अद्यतन आंकड़ों के आलोक में मई 2025 के सूचकांकों में भी अंतिम संशोधन किया गया है।
4. जून 2025 के लिए त्वरित अनुमान और मई 2025 के लिए अंतिम संशोधन को 89.2 प्रतिशत और 93.6 प्रतिशत की भारित प्रतिक्रिया दरों पर संकलित किया गया है।
5. जून 2025 माह के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के त्वरित अनुमानों का विवरण क्षेत्रीय, राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी-2008) के 2-अंकीय स्तर और उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार क्रमशः विवरण I, II और III में दिया गया है। साथ ही, उपयोगकर्ताओं को औद्योगिक क्षेत्र में हुए परिवर्तनों को समझने में मदद के लिए, विवरण IV में उद्योग समूहों (एनआईसी-2008 के 2-अंकीय स्तर के अनुसार) और क्षेत्रों के अनुसार पिछले 13 महीनों के माहवार सूचकांक दिए गए हैं।
6. जुलाई 2025 के लिए सूचकांक गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को जारी किया जाएगा ।
नोट:
- यह प्रेस विज्ञप्ति (अंग्रेजी और हिंदी संस्करण) मंत्रालय की वेबसाइट – http://www.mospi.gov.in पर भी उपलब्ध है ।
- आईआईपी से संबंधित विस्तृत जानकारी https://mospi.gov.in/iip और https://esankhyiki.mospi.gov.in/ पर उपलब्ध है।
| विवरण I: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक – क्षेत्रीय | |||||||||
| (आधार: 2011-12=100) | |||||||||
| महीना | खनन | उत्पादन | बिजली | सामान्य | |||||
| (14.372472) | (77.63321) | (7.994318) | (100) | ||||||
| 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | ||
| अप्रैल | 130.9 | 130.7 | 144.6 | 149.1 | 212.0 | 215.7 | 148.0 | 151.8 | |
| मई | 136.5 | 136.4 | 150.4 | 155.2 | 229.3 | 218.5 | 154.7 | 157.6 | |
| जून* | 134.9 | 123.2 | 146.6 | 152.3 | 222.8 | 217.1 | 151.0 | 153.3 | |
| जुलाई | 116.1 | 148.8 | 220.2 | 149.8 | |||||
| अगस्त | 107.1 | 146.1 | 212.3 | 145.8 | |||||
| सितम्बर | 111.7 | 147.2 | 206.9 | 146.9 | |||||
| अक्टूबर | 128.5 | 148.4 | 207.8 | 150.3 | |||||
| नवंबर | 133.8 | 147.0 | 184.1 | 148.1 | |||||
| दिसम्बर | 143.2 | 157.2 | 192.8 | 158.0 | |||||
| जनवरी | 150.7 | 159.5 | 201.9 | 161.6 | |||||
| फ़रवरी | 141.9 | 148.4 | 194.0 | 151.1 | |||||
| मार्च | 158.1 | 162.4 | 219.5 | 166.3 | |||||
| औसत | |||||||||
| अप्रैल-जून | 134.1 | 130.1 | 147.2 | 152.2 | 221.4 | 217.1 | 151.2 | 154.2 | |
| पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वृद्धि | |||||||||
| मई | 6.6 | -0.1 | 5.1 | 3.2 | 13.7 | -4.7 | 6.3 | 1.9 | |
| जून* | 10.3 | -8.7 | 3.5 | 3.9 | 8.6 | -2.6 | 4.9 | 1.5 | |
| अप्रैल-जून | 7.9 | -3.0 | 4.2 | 3.4 | 10.9 | -1.9 | 5.4 | 2.0 | |
| *जून 2025 के आंकड़े त्वरित अनुमान हैं। | |||||||||
| नोट: मई 2025 माह के सूचकांक में अद्यतन उत्पादन आंकड़े शामिल हैं। | |||||||||
| विवरण II: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक – (2-अंकीय स्तर) | ||||||||
| (आधार: 2011-12=100) | ||||||||
| उद्योग | विवरण | वज़न | सूचकांक | संचयी सूचकांक | प्रतिशत वृद्धि | |||
| कोड | जून 24 | जून 25* | अप्रैल-जून | जून 25* | अप्रैल-जून | |||
| 2024-25 | 2025-26 | 2025-26 | ||||||
| 10 | खाद्य उत्पादों का निर्माण | 5.302 | 118.3 | 118.3 | 118.2 | 119.3 | 0.0 | 0.9 |
| 11 | पेय पदार्थों का निर्माण | 1.035 | 125.2 | 117.0 | 128.5 | 123.4 | -6.5 | -4.0 |
| 12 | तंबाकू उत्पादों का निर्माण | 0.798 | 83.2 | 85.1 | 77.5 | 84.6 | 2.3 | 9.2 |
| 13 | वस्त्र निर्माण | 3.291 | 106.2 | 107.5 | 106.2 | 105.7 | 1.2 | -0.5 |
| 14 | पहनने योग्य परिधानों का निर्माण | 1.322 | 122.6 | 127.7 | 117.1 | 122.8 | 4.2 | 4.9 |
| 15 | चमड़ा और संबंधित उत्पादों का निर्माण | 0.502 | 99.2 | 96.1 | 97.0 | 94.1 | -3.1 | -3.0 |
| 16 | फर्नीचर को छोड़कर लकड़ी और लकड़ी तथा कॉर्क से बने उत्पादों का विनिर्माण; पुआल और बुनाई सामग्री से बनी वस्तुओं का विनिर्माण | 0.193 | 103.8 | 104.5 | 96.1 | 104.0 | 0.7 | 8.2 |
| 17 | कागज और कागज उत्पादों का निर्माण | 0.872 | 79.8 | 78.1 | 78.8 | 76.4 | -2.1 | -3.0 |
| 18 | रिकॉर्ड किए गए मीडिया का मुद्रण और पुनरुत्पादन | 0.680 | 85.3 | 74.3 | 86.4 | 75.6 | -12.9 | -12.5 |
| 19 | कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्माण | 11.775 | 132.2 | 137.8 | 136.1 | 137.5 | 4.2 | 1.0 |
| 20 | रसायनों और रासायनिक उत्पादों का निर्माण | 7.873 | 131.7 | 126.9 | 130.6 | 125.5 | -3.6 | -3.9 |
| 21 | फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय रसायन और वनस्पति उत्पादों का निर्माण | 4.981 | 218.8 | 223.5 | 236.1 | 232.8 | 2.1 | -1.4 |
| 22 | रबर और प्लास्टिक उत्पादों का निर्माण | 2.422 | 114.5 | 113.9 | 111.9 | 117.6 | -0.5 | 5.1 |
| 23 | अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पादों का निर्माण | 4.085 | 154.1 | 160.0 | 150.6 | 158.7 | 3.8 | 5.4 |
| 24 | मूल धातुओं का निर्माण | 12.804 | 219.2 | 240.2 | 221.9 | 239.8 | 9.6 | 8.1 |
| 25 | मशीनरी और उपकरणों को छोड़कर, गढ़े हुए धातु उत्पादों का निर्माण | 2.655 | 89.5 | 103.1 | 90.8 | 98.3 | 15.2 | 8.3 |
| 26 | कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उत्पादों का निर्माण | 1.570 | 134.8 | 133.1 | 128.5 | 129.7 | -1.3 | 0.9 |
| 27 | विद्युत उपकरणों का निर्माण | 2.998 | 136.8 | 145.6 | 123.3 | 134.6 | 6.4 | 9.2 |
| 28 | मशीनरी और उपकरण का निर्माण आवश्यक | 4.765 | 125.3 | 130.6 | 117.1 | 126.5 | 4.2 | 8.0 |
| 29 | मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों का निर्माण | 4.857 | 128.9 | 135.0 | 129.9 | 141.5 | 4.7 | 8.9 |
| 30 | अन्य परिवहन उपकरणों का निर्माण | 1.776 | 153.4 | 154.2 | 149.0 | 152.2 | 0.5 | 2.1 |
| 31 | फर्नीचर का निर्माण | 0.131 | 217.0 | 239.4 | 227.9 | 231.7 | 10.3 | 1.7 |
| 32 | अन्य विनिर्माण | 0.941 | 74.6 | 61.5 | 81.2 | 66.7 | -17.6 | -17.9 |
| 05 | खनन | 14.3725 | 134.9 | 123.2 | 134.1 | 130.1 | -8.7 | -3.0 |
| 10-32 | उत्पादन | 77.6332 | 146.6 | 152.3 | 147.2 | 152.2 | 3.9 | 3.4 |
| 35 | बिजली | 7.9943 | 222.8 | 217.1 | 221.4 | 217.1 | -2.6 | -1.9 |
| सामान्य सूचकांक | 100.00 | 151.0 | 153.3 | 151.2 | 154.2 | 1.5 | 2.0 | |
| *जून 2025 के आंकड़े त्वरित अनुमान हैं। | ||||||||
| विवरण III: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक – उपयोग-आधारित | ||||||||||||||||
| (आधार: 2011-12=100) | ||||||||||||||||
| प्राथमिक वस्तुएँ | पूंजीगत वस्तुएं | सहायक सामग्री | बुनियादी ढांचा/निर्माण सामग्री | उपभोक्ता के लिए टिकाऊ वस्तुएँ | उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुएं | |||||||||||
| महीना | (34.048612) | (8.223043) | (17.221487) | (12.338363) | (12.839296) | (15.329199) | ||||||||||
| 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | 2024-25 | 2025-26 | |||||
| अप्रैल | 152.2 | 151.9 | 95.0 | 108.3 | 157.8 | 165.5 | 184.2 | 192.9 | 119.5 | 126.9 | 150.9 | 146.9 | ||||
| मई | 160.9 | 158.6 | 105.3 | 119.3 | 162.4 | 170.0 | 186.3 | 198.8 | 130.2 | 129.0 | 154.0 | 152.5 | ||||
| जून* | 156.0 | 151.3 | 111.3 | 115.2 | 159.1 | 167.9 | 184.9 | 198.3 | 127.1 | 130.8 | 145.2 | 144.6 | ||||
| जुलाई | 150.1 | 114.0 | 164.6 | 179.7 | 126.6 | 147.1 | ||||||||||
| अगस्त | 141.6 | 107.4 | 162.3 | 181.5 | 129.8 | 141.8 | ||||||||||
| सितम्बर | 141.3 | 116.5 | 160.8 | 178.8 | 132.9 | 145.7 | ||||||||||
| अक्टूबर | 149.8 | 109.2 | 165.0 | 184.2 | 129.8 | 146.4 | ||||||||||
| नवंबर | 147.7 | 106.7 | 158.5 | 177.3 | 121.5 | 158.1 | ||||||||||
| दिसम्बर | 157.7 | 114.7 | 170.1 | 195.4 | 123.8 | 166.9 | ||||||||||
| जनवरी | 162.8 | 119.3 | 172.5 | 200.2 | 130.0 | 165.1 | ||||||||||
| फ़रवरी | 152.3 | 115.4 | 159.1 | 191.7 | 126.4 | 146.7 | ||||||||||
| मार्च | 169.5 | 136.3 | 175.6 | 214.6 | 138.8 | 149.0 | ||||||||||
| औसत | ||||||||||||||||
| अप्रैल-जून | 156.4 | 153.9 | 103.9 | 114.3 | 159.8 | 167.8 | 185.1 | 196.7 | 125.6 | 128.9 | 150.0 | 148.0 | ||||
| पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वृद्धि | ||||||||||||||||
| मई | 7.3 | -1.4 | 2.6 | 13.3 | 3.5 | 4.7 | 7.6 | 6.7 | 12.6 | -0.9 | 2.8 | -1.0 | ||||
| जून* | 6.3 | -3.0 | 3.6 | 3.5 | 3.2 | 5.5 | 8.2 | 7.2 | 8.8 | 2.9 | -1.0 | -0.4 | ||||
| अप्रैल-जून | 6.9 | -1.6 | 3.1 | 10.0 | 3.5 | 5.0 | 8.1 | 6.3 | 10.7 | 2.6 | -0.3 | -1.3 | ||||
| *जून 2025 के आंकड़े त्वरित अनुमान हैं। | ||||||||||||||||
| नोट: मई 2025 के सूचकांक में अद्यतन उत्पादन डेटा शामिल है। | ||||||||||||||||
| विवरण IV: औद्योगिक उत्पादन का मासिक सूचकांक – (2-अंकीय स्तर) | |||||||||||||||
| (आधार: 2011-12=100) | |||||||||||||||
| उद्योग कोड | विवरण | वज़न | जून-24 | जुलाई-24 | अगस्त-24 | 24 सितंबर | 24 अक्टूबर | 24 नवंबर | 24 दिसंबर | 25 जनवरी | फ़रवरी-25 | मार्च-25 | 25 अप्रैल | 25 मई | जून 25 |
| 10 | खाद्य उत्पादों का निर्माण | 5.3025 | 118.3 | 119.9 | 122.3 | 120.5 | 130.5 | 136.5 | 154.2 | 159.2 | 142.7 | 131.6 | 121.1 | 118.4 | 118.3 |
| 11 | पेय पदार्थों का निर्माण | 1.0354 | 125.2 | 112.9 | 100.3 | 101.8 | 102.7 | 99.4 | 104.2 | 117.1 | 116.9 | 133.4 | 121.9 | 131.4 | 117.0 |
| 12 | तंबाकू उत्पादों का निर्माण | 0.7985 | 83.2 | 81.3 | 78.5 | 91.2 | 92.3 | 80.3 | 88.2 | 96.9 | 76.3 | 96.9 | 75.7 | 93.1 | 85.1 |
| 13 | वस्त्र निर्माण | 3.2913 | 106.2 | 109.1 | 109.4 | 109.3 | 111.1 | 106.2 | 114.2 | 113.7 | 106.7 | 113.0 | 105.7 | 103.8 | 107.5 |
| 14 | पहनने योग्य परिधानों का निर्माण | 1.3225 | 122.6 | 111.7 | 112.5 | 103.7 | 104.0 | 110.3 | 119.1 | 121.1 | 121.4 | 144.8 | 114.2 | 126.5 | 127.7 |
| 15 | चमड़ा और संबंधित उत्पादों का निर्माण | 0.5021 | 99.2 | 102.0 | 94.3 | 89.5 | 87.0 | 76.3 | 89.2 | 93.8 | 88.1 | 88.8 | 88.4 | 97.9 | 96.1 |
| 16 | फर्नीचर को छोड़कर लकड़ी और लकड़ी तथा कॉर्क से बने उत्पादों का विनिर्माण; पुआल और बुनाई सामग्री से बनी वस्तुओं का विनिर्माण | 0.1930 | 103.8 | 99.1 | 108.1 | 106.7 | 103.2 | 98.2 | 115.0 | 104.4 | 106.8 | 117.2 | 105.0 | 102.4 | 104.5 |
| 17 | कागज और कागज उत्पादों का निर्माण | 0.8724 | 79.8 | 81.7 | 83.0 | 81.2 | 78.3 | 75.0 | 76.9 | 76.7 | 72.2 | 78.2 | 73.7 | 77.4 | 78.1 |
| 18 | रिकॉर्ड किए गए मीडिया का मुद्रण और पुनरुत्पादन | 0.6798 | 85.3 | 84.4 | 83.3 | 84.7 | 78.0 | 82.6 | 89.9 | 83.3 | 78.9 | 82.2 | 75.3 | 77.1 | 74.3 |
| 19 | कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्माण | 11.7749 | 132.2 | 140.9 | 130.8 | 128.8 | 132.8 | 135.6 | 147.4 | 146.3 | 131.8 | 146.0 | 132.5 | 142.2 | 137.8 |
| 20 | रसायनों और रासायनिक उत्पादों का निर्माण | 7.8730 | 131.7 | 135.2 | 129.5 | 129.4 | 129.4 | 123.2 | 131.0 | 130.7 | 121.9 | 129.8 | 121.8 | 127.9 | 126.9 |
| 21 | फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय रसायन और वनस्पति उत्पादों का निर्माण | 4.9810 | 218.8 | 224.7 | 212.6 | 222.9 | 216.9 | 251.4 | 259.1 | 246.1 | 211.8 | 218.3 | 231.5 | 243.5 | 223.5 |
| 22 | रबर और प्लास्टिक उत्पादों का निर्माण | 2.4222 | 114.5 | 116.9 | 115.5 | 117.6 | 116.6 | 103.6 | 107.0 | 118.7 | 114.6 | 118.9 | 117.0 | 121.8 | 113.9 |
| 23 | अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पादों का निर्माण | 4.0853 | 154.1 | 136.3 | 139.8 | 137.6 | 144.3 | 136.7 | 157.7 | 162.3 | 159.8 | 180.2 | 156.7 | 159.4 | 160.0 |
| 24 | मूल धातुओं का निर्माण | 12.8043 | 219.2 | 223.7 | 225.6 | 219.7 | 228.2 | 222.0 | 236.8 | 242.2 | 224.3 | 252.2 | 235.6 | 243.5 | 240.2 |
| 25 | मशीनरी और उपकरणों को छोड़कर, गढ़े हुए धातु उत्पादों का निर्माण | 2.6549 | 89.5 | 93.7 | 92.8 | 99.5 | 100.2 | 95.2 | 107.4 | 104.0 | 102.2 | 110.4 | 94.1 | 97.7 | 103.1 |
| 26 | कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उत्पादों का निर्माण | 1.5704 | 134.8 | 130.9 | 146.6 | 146.7 | 124.2 | 115.9 | 115.1 | 126.0 | 139.9 | 165.2 | 126.3 | 129.8 | 133.1 |
| 27 | विद्युत उपकरणों का निर्माण | 2.9983 | 136.8 | 131.8 | 127.7 | 128.1 | 125.9 | 121.1 | 163.9 | 131.4 | 122.1 | 144.8 | 125.9 | 132.3 | 145.6 |
| 28 | मशीनरी और उपकरण का निर्माण आवश्यक | 4.7653 | 125.3 | 126.2 | 122.9 | 131.7 | 120.2 | 117.7 | 127.5 | 121.7 | 124.4 | 158.3 | 118.3 | 130.6 | 130.6 |
| 29 | मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों का निर्माण | 4.8573 | 128.9 | 133.5 | 129.2 | 132.6 | 133.4 | 134.4 | 116.0 | 148.3 | 142.0 | 145.3 | 146.7 | 142.7 | 135.0 |
| 30 | अन्य परिवहन उपकरणों का निर्माण | 1.7763 | 153.4 | 155.0 | 156.4 | 189.0 | 184.5 | 159.4 | 142.2 | 180.0 | 157.8 | 165.2 | 139.2 | 163.1 | 154.2 |
| 31 | फर्नीचर का निर्माण | 0.1311 | 217.0 | 209.2 | 226.2 | 246.6 | 211.4 | 201.7 | 239.0 | 212.1 | 233.8 | 239.4 | 223.7 | 232.0 | 239.4 |
| 32 | अन्य विनिर्माण | 0.9415 | 74.6 | 83.3 | 86.9 | 99.5 | 91.8 | 57.0 | 77.9 | 76.6 | 71.5 | 88.2 | 77.2 | 61.4 | 61.5 |
| 5 | खनन | 14.3725 | 134.9 | 116.1 | 107.1 | 111.7 | 128.5 | 133.8 | 143.2 | 150.7 | 141.9 | 158.1 | 130.7 | 136.4 | 123.2 |
| 10-32 | उत्पादन | 77.6332 | 146.6 | 148.8 | 146.1 | 147.2 | 148.4 | 147.0 | 157.2 | 159.5 | 148.4 | 162.4 | 149.1 | 155.2 | 152.3 |
| 35 | बिजली | 7.9943 | 222.8 | 220.2 | 212.3 | 206.9 | 207.8 | 184.1 | 192.8 | 201.9 | 194.0 | 219.5 | 215.7 | 218.5 | 217.1 |
| सामान्य सूचकांक | 100 | 151.0 | 149.8 | 145.8 | 146.9 | 150.3 | 148.1 | 158.0 | 161.6 | 151.1 | 166.3 | 151.8 | 157.6 | 153.3 | |
| नोट: जून 2025 के आंकड़े अस्थायी हैं | |||||||||||||||
तटीय एवं समुद्री साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना
पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं स्वदेश दर्शन, तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद) और पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता के माध्यम से साहसिक पर्यटन सहित देश में पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। मंत्रालय द्वारा विकास के लिए शुरू की गई परियोजनाओं की पहचान राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश क्षेत्र प्रशासनों/केंद्रीय एजेंसियों के परामर्श से की जाती है और उन्हें उनके द्वारा परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने, संबंधित योजना दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा उपयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मंजूरी प्रदान की जाती है।
पर्यटन मंत्रालय ने एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीओएआई) के साथ मिलकर आदर्श एडवेंचर सुरक्षा दिशा-निर्देश तैयार किया है, जिनका उद्देश्य पूरे भारत में एडवेंचर टूरिज्म क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक एवं मानकीकृत संरचना स्थापित करना है। ये दिशा-निर्देश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने और तैयार/अद्यतन करने के लिए भेजे गए हैं।
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे सभी साहसिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें तथा सभी ऑपरेटरों द्वारा सुरक्षा नियमों एवं लाइसेंसिंग मानदंडों का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करें।
यह जानकारी आज लोकसभा में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने एक लिखित उत्तर में दी।
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