यह अनुमान मुख्य रूप से राज्य कृषि सांख्यिकी प्राधिकरणों (एसएएसए) से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। प्राप्त आंकड़ों को रिमोट सेंसिंग, साप्ताहिक फसल मौसम निगरानी समूह (सीडब्ल्यूडब्ल्यूजी) की रिपोर्ट और अन्य एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के साथ मान्य और त्रिकोणित किया गया है। इसके अलावा अनुमान तैयार करते समय जलवायु परिस्थितियों, पिछले रुझानों, मूल्यो में उतार-चढ़ाव, मंडी आगमन आदि पर भी विचार किया गया है।
विभिन्न फसलों के उत्पादन का विवरण निम्नानुसार दिया गया है:
कुल खाद्यान्न– 3288.52 लाख मीट्रिक टन
- चावल –1367.00 लाख मीट्रिक टन
- गेहूं- 1129.25 लाख मीट्रिक टन
- मक्का – 356.73 लाख मीट्रिक टन
- श्री अन्न- 174.08 लाख मीट्रिक टन
- तूर – 33.85 लाख मीट्रिक टन
- चना – 115.76 लाख मीट्रिक टन
कुल तिलहन– 395.93 लाख मीट्रिक टन
- सोयाबीन – 130.54 लाख मीट्रिक टन
- रेपसीड और सरसों – 131.61 लाख मीट्रिक टन
गन्ना – 4425.22 लाख मीट्रिक टन
कपास – 325.22 लाख गांठें (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम)
जूट – 92.59 लाख गांठें (प्रत्येक गांठ180 किलोग्राम)
कुल खाद्यान्न उत्पादन 3288.52 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो वर्ष 2022-23 के खाद्यान्न उत्पादन से थोड़ा कम है जबकि पिछले 5 वर्षों (2018-19 से 2022-23) के 3077.52 लाख मीट्रिक टन औसत खाद्यान्न उत्पादन से 211.00 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
कुल चावल उत्पादन 1367.00 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है जो 2022-23 के 1357.55 लाख मीट्रिक टन की तुलना में, 9.45 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्शाता है। गेहूं का उत्पादन 1129.25 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष के गेहूं उत्पादन की तुलना में 23.71 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
श्री अन्न का उत्पादन वर्ष 2022-23 के उत्पादन से 0.87 लाख मीट्रिक टन की थोड़ी सी वृद्धि दर्शाते हुए 174.08 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है। इसके अलावा, पोषक/मोटे अनाजों का उत्पादन 547.34 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है जो औसत उत्पादन से 46.24 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
तूर का उत्पादन 33.85 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष के 33.12 लाख मीट्रिक टन उत्पादन से 0.73 लाख मीट्रिक टन अधिक है। मसूर का उत्पादन 17.54 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 15.59 लाख मीट्रिक टन उत्पादन से 1.95 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
सोयाबीन का उत्पादन 130.54 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है एवं रेपसीड और सरसों का उत्पादन 131.61 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन से 5.18 लाख मीट्रिक टन अधिक है। कपास का उत्पादन 325.22 लाख गांठे (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम) और गन्ने का उत्पादन 4425.22 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
खरीफ फसल के उत्पादन अनुमान तैयार करते समय फसल कटाई प्रयोग (सीसीई) आधारित उपज पर विचार किया गया है। इसके अलावा, फसल कटाई प्रयोगों (सीसीई) के रिकॉर्ड की प्रक्रिया को डिजिटल जनरल क्रॉप एस्टीमेशन सर्वे (डीजीसीईएस) लागू कर पुनर्निर्मित किया गया है, जिसे रबी मौसम के दौरान 16 राज्यों में शुरु किया गया था। डीजीसीईएस के तहत प्राप्त उपज परिणामों का उपयोग मुख्यत: रबी फसल उत्पादन पर पहुंचने के लिए किया गया है। इसके अलावा, जायद फसलों का उत्पादन अनुमान पिछले 3 वर्षों की औसत उपज पर आधारित है।
पिछले अनुमानों के साथ तीसरे अग्रिम अनुमान 2023-24 का विवरण upag.gov.in पर उपलब्ध है।
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आदि शहरों के साहित्यकार उपस्थित रहे। इस वर्ष का स्मृति सम्मान प्रख्यात साहित्यकार व अंतरराष्ट्रीय कवि डॉक्टर सुरेश अवस्थी जी(कानपुर) प्रसिद्ध कथा वाचक डॉक्टर संत शरण त्रिपाठी जी ( लखनऊ) ख्यातिप्राप्त कवयित्री डॉ कमल मुसद्दी जी( कानपुर) व इं श्रवण कुमार मिश्रा ( लखनऊ)जी को दिया गया ।यह कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ । प्रथम सत्र में श्यामार्चना फाउंडेशन के संस्थापक डॉ प्रदीप अवस्थी, अध्यक्ष निरंजन अवस्थी व कोषाध्यक्ष रेखा अवस्थी जी ने सभी साहित्यकारों को अंग वस्त्र,स्मृति चिन्ह, मोती माल, व श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया व सभी का काव्यपाठ हुआ।द्वितीय सत्र में सभी साहित्यकारों के भोजन उपरांत काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमे श्री अजीत सिंह राठौर (लुल्ल कानपुरी), अंशुमन दीक्षित, मनीष रंजन त्रिपाठी ,डॉ कमलेश शुक्ला जी, दिलीप दुबे, अमित ओमर,डॉ नारायणी शुक्ला ,डॉ प्रमिला पांडे, अमित पांडे, डॉ दीप्ति मिश्रा, पी के शर्मा आदि सभी ने बेहतरीन काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में डॉ अजीत सिंह राठौर (लुल्ल कानपुरी) की 14 वीं बाल गीत पुस्तक ‘कंचे’ का लोकार्पण भी हुआ। कार्यक्रम का शानदार संचालन स्वैच्छिक दुनिया के संस्थापक व प्रतिष्ठित कवि डॉ राजीव मिश्रा जी ने किया।
कानपुर 30 मई भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय स्वरूप नगर में लायंस इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट 321 B-2 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन ज्ञान प्रकाश गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री की योजना ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के उद्देश्य के समर्थन हेतु कानपुर विद्या मंदिर की बुक बैंक इकाई को और समृद्ध बनाने हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (MJF) लायन ज्ञान प्रकाश गुप्ता द्वारा महाविद्यालय की बुक बैंक में कुल 184 पुस्तकों का दान किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लायन चित्र दयाल (पी जी डी), लायन विवेक श्रीवास्तव( कैबिनेट सेक्रेटरी), लायन दिनेश्वर दयाल( कैबिनेट ट्रेजरार) लायन पवन तिवारी (डिस्ट्रिक्ट पी आर ओ) लायन गोपाल तुलसियान उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट चेयर पर्सन वीना ऐरन ने की, जिन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय को लायंस क्लब द्वारा आज तृतीय चरण में पुस्तकों का दान किया जा रहा है। इससे पूर्व प्रथम चरण में 64 एवम द्वितीय चरण में 152 पुस्तकों प्रदान की गई थीं । आगे भी आवशयक्तानुसार लायंस इंटरनेशनल क्लब , छात्राओं के लिए शिक्षा की जरूरी सामग्री उपलब्ध कराता रहेगा, जिससे बेटियों को सक्षम और सशक्त बनाने में सहायता प्राप्त होगी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर पूनम विज जी ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र साधन है जिससे बेटियां सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकतीं हैं। लायंस क्लब कानपुर एकता विशाल ने हमारी बुक बैंक की पहल के कार्यक्रम के विशेष सहयोग दिया है। इससे हमें बुक बैंक इकाई स्थापित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आपके सहयोग के लिए हम आभारी हैं।