Breaking News

देश प्रदेश

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर ” HAM रेडियो कार्यशाला ” का आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक विशिष्ट आयोजन ” HAM रेडियो कार्यशाला ” का आयोजन किया गया । कार्यशाला का उद्देश्य HAM रेडियो संचालन में अनुभव प्रदान कराते हुए छात्रों के बीच वैज्ञानिक जागरूकता व शिक्षा को बढ़ाना था।समारोह की शुरुआत 27 फरवरी को “प्रज्ञान” (फिजिक्स सोसायटी) द्वारा आयोजित एक पोस्टर प्रस्तुति और मॉडल प्रदर्शनी के साथ हुई। सभी छात्रों के लिए खुली इस प्रदर्शनी में नवीन और रचनात्मक परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया, जिसने मुख्य कार्यक्रम के लिए मंच तैयार किया।

28 फरवरी को उद्घाटन समारोह में प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान को प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए दोनों विभागों के प्रयासों की सराहना की।

मुख्य अतिथि वी.के. आर्या ने आपदा प्रबंधन में HAM रेडियो संचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर मुख्य भाषण दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पारंपरिक नेटवर्क विफल होने पर HAM रेडियो ऑपरेटर किस प्रकार से आपातकाल के दौरान आवश्यक संचार सेवाएं प्रदान करते हैं। छात्रों को HAM रेडियो को एक शौक के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने जिंदगी बचाने और आपदा राहत प्रयासों का समर्थन करने में इसकी क्षमता को रेखांकित किया।

इस कार्यक्रम में डॉ. राघवेंद्र कुमार चौधरी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी कानपुर के एक प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्य, सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने आधुनिक संचार प्रणालियों में एंटीना प्रौद्योगिकी के महत्व पर एक व्यावहारिक व्याख्यान दिया और प्रतिभागियों को अपनी विशेषज्ञता से समृद्ध किया।

आर्या जी और उनकी टीम द्वारा HAM रेडियो संचार का एक लाइव प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिन्होंने छात्रों को वीएचएफ यागी एंटीना के डिजाइन और निर्माण में मार्गदर्शन किया, जो एक मूल्यवान व्यावहारिक शिक्षा का अनुभव प्रदान करता है।

कार्यक्रम का सफल संचालन बी.एस.सी. की छात्रा सदफ़ ने किया। कार्यक्रम संयोजक प्रो. सत्य प्रकाश सिंह तथा आयोजन सचिव प्रो. मीत कमल ने समस्त कार्यक्रम का व्यवस्थित क्रियान्वयन किया। प्रो. श्वेता चंद, डॉ. मनीष कपूर, प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य और डॉ. आशुतोष कुमार सहित प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यशाला में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया जिनकी कार्यशाला को खूब सराहना मिली । इसने प्रतिभागियों को HAM रेडियो के अनुप्रयोगों का पता लगाने और क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया, जिससे वैज्ञानिक शिक्षा और संचार प्रौद्योगिकी के प्रति उत्साह बढ़ा।

Read More »

बिना डिग्री के चल रहे है हॉस्पिटल

भारतीय स्वरूप संवाददाता नेवादा कौशाम्बी, नेवादा ब्लॉक के अंतरगत एक ऐसा हॉस्पिटल जहां इन दिनों बिना किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर के इंटर पास एक महिला जिसको कभी उस हॉस्पिटल की देख रेख के लिए रखा गया था। कुछ दिन बाद उस महिला और डॉक्टर के बीच दोस्ती बढ़ी और उस डॉक्टर की अहमियत घटती गई और चाय पिलाने वाली सहायक डॉक्टर बन बैठी।

कहानी यही नहीं खत्म होती डॉक्टर साहब अपने अपयश को देखते हुए उस हॉस्पिटल को छोड़ कर पीपल गांव चले गए और वह महिला डॉक्टर उस हॉस्पिटल के नाम पर गरीब और अनपढ़ मरीजों से मोटी रकम वसूलना शुरू कर दिया। फर्जी
एक्स रे के आधार पर आपरेशन से लेकर प्रसव तक की बीड़ा उठा लिया।
बात हो रही है यस हॉस्पिटल तिल्हापुर मोड़ नेवादा रोड डॉक्टर सीमा कुशवाहा की

Read More »

भारत को विश्व का आध्यात्मिक गुरु बनाने के लिए नशे के विरुद्ध एकजुट होना ही होगा…ज्योति बाबा

दिल्ली के राष्ट्रीय कार्यक्रम में ज्योति बाबा मोस्ट इंस्पायरिंग आइकॉन ऑफ़ द ईयर अवार्ड 25 से फिल्म एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर द्वारा सम्मानित

नशे में मातृशक्ति – स्वस्थ परिवार की संकल्पना कैसे पूरी होगी…. ज्योति बाबा

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर/दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक एवं इंडिया बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड,एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा को नशा मुक्ति के क्षेत्र में पिछले 35 वर्षों से निरंतर कार्य करने के लिए मोस्ट इंस्पायरिंग आइकॉन ऑफ़ द ईयर अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है आपको यह सम्मान दिल्ली के रेडिसन ब्लू होटल प्लाजा महिपालपुर दिल्ली में दिया गया। इस अवसर पर ज्योति बाबा ने पूरे देश के सम्मानित लोगों के साथ फिल्म एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर एवं फिल्म एक्टर डिनो मौरिया के सम्मुख यह जोर देकर कहा कि यदि भारत को 2047 में विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा होना है तो हमें भारत के बचपन को राष्ट्रीयता से ओतप्रोत करते हुए नशा,प्रदूषण,कुपोषण,हिंसा ,प्लास्टिक और बाल बंधुवा मजदूरी से बचाना ही होगा और इन सब के पीछे कहीं ना कहीं मुख्य कारण नशा है इसलिए नशे के विरुद्ध एकजुट हो,यही सनातन की सच्ची सेवा है तभी परिवार बचेगा,समाज बचेगा,राष्ट्र बचेगा।नेशनल लेवल पर चयनित होने की जैसे ही खबर देश के नशा मुक्ति सेनानियों को हुई थी उनमें खुशी की लहर जाग उठी थी,क्योंकि अब देश की जनता नशे के विरुद्ध लामबंद हो रही है क्योंकि दिल्ली में शराब पॉलिसी के विरुद्ध बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने वोट किया है बिहार के बाद मध्य प्रदेश में भी 18 जिलों में पूर्ण शराब पर प्रतिबंध लगने जा रहा है। इस अवसर पर बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर, एक्टर डिनों मौरिया विशेष रूप से अवार्ड सेरेमनी के चीफ गेस्ट थे,उन्होंने युवाओं से देश हित में काम करने का आवाहन किया। साथ ही इस मौके पर देश के प्रमुख इंडस्ट्रीज,एंटरप्रेन्योर्स, लीडरशिप,स्टार्टअप एवं सोशल एक्टिविस्ट विशेष रूप से भाग लेकर कार्यक्रम को उच्च गरिमा प्रदान की। इन सभी क्षेत्रों में पूरे देश से 100 लोगों का चयन किया गया है। समाज सेवा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एशिया बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा का मेरिट के आधार पर चयन कर सम्मानित किया गया। जैसे ही हाल में ज्योति बाबा का नाम पुरस्कार के लिए पुकारा गया पूरे शिवाजी हॉल के सभी लोगों ने खड़े होकर के तालियों के साथ स्टैंडिंग ओवेशन दी,ऐसा लगा मानो पूरा हॉल एक सुर में ज्योति बाबा के कामों को सराह रहा हो। योग ऋषि डॉक्टर ओमप्रकाश आनंद ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरा शिष्य श्री श्री ज्योति बाबा आज नशा मुक्ति के क्षेत्र में विशिष्ट कार्यों हेतु राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। नशा मुक्ति युवा भारत के लिए ज्योति बाबा का जोश जुनून और जज्बा नौजवानों के लिए प्रेरणा की बात है। पीयूष रंजन सनातनी ने जोर देकर कहा कि श्री श्री ज्योति बाबा को इससे पूर्व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,प्रदेश रत्न,भारत सेवा श्री सम्मान समेत सैकड़ो पुरस्कार नशा मुक्ति युवा भारत अभियान के लिए प्राप्त हो चुके हैं राष्ट्रीय कार्यक्रम पंचतारा होटल रेडिसन ब्लू प्लाजा दिल्ली में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के बीच ज्योति बाबा को दिया गया, यह पुरस्कार मोस्ट इंस्पायरिंग आईकॉनिक इयर अवॉर्ड मिलना हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान ज्योति बाबा का नहीं,यह सम्मान देश के सभी नशा मुक्ति सेनानियों को समर्पित है।आपको राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हेतु संस्था योग ज्योति इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह,प्रमुख संयोजक डॉक्टर प्रवीण,आनंद जी महाराज, हरेंद्र मूर्ति जी, डा.ओम प्रकाश आनंद जी,पीयूष रंजन मिश्रा,शैलेंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट,नवीन गुप्ता, गिरधर गर्ग,श्रवण कुमार,प्रदीप बिश्नोई,राकेश गुप्ता,विकास गौड़ एडवोकेट,रोहित कुमार,स्वामी अमिताभ,किशोर भाई,पंकज सिंह एवं गीता पाल जी ने हर्ष व्यक्त किया है। एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स के नेशनल चीफ चंद्रशेखर आजाद एवं सनातन महासभा के डॉ प्रवीण एवं पूरे देश की टीम ने अपने नेशनल ब्रांड एंबेसडर ज्योति बाबा को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है।

Read More »

डीआरआई ने नकली भारतीय नोट की छपाई के खिलाफ अभियान में, महाराष्ट्र में चार, हरियाणा, बिहार और आंध्र प्रदेश में एक-एक ठिकानों सहित सात और मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया; नौ गिरफ्तार

भारतीय मुद्रा में इस्तेमाल होने वाले सिक्योरिटी पेपर के आयात और नकली भारतीय नोट (एफआईसीएन) की छपाई में शामिल मॉड्यूल के खिलाफ अभियान जारी रखते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 20 फरवरी 2025 को महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, तमिलनाडु और बिहार में 11 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और भारतीय नकली नोट की छपाई में शामिल सात और मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।

इससे पहले इस महीने 8 फरवरी को राजस्व खुफिया निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले और कर्नाटक के बेंगलुरु में  भारतीय रिजर्व बैंक’ और ‘भारत’ चिन्ह छपे हुए  सुरक्षा धागे युक्त उच्च गुणवत्ता वाले कागज आयात करने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। अगले दिन 9 फरवरी को निदेशालय ने महाराष्ट्र के ठाणे और हरियाणा के भिवानी जिले में आयातित सुरक्षा कागजों के इस्तेमाल से भारतीय नोट छापने के दो ठिकाने का भंडाफोड़ किया। डीआरआई की शिकायत के आधार पर संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

राजस्व खुफिया निदेशालय ने नए मामले में मुंबई के विक्रोली पश्चिम में सुरक्षा कागज आयात करने वाले की पहचान कर उसके ठिकाने पर तलाशी अभियान चलाया। घनी आबादी के इलाके में गहन तलाशी के बाद नकली भारतीय नोटों की छपाई और परिष्करण केंद्र का पता चला। वहां से 50 रुपये और 100 रुपये मूल्य के नकली नोट, कई मशीनरी/उपकरण जब्त किए गए। जब्त वस्तुओं में लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव, सुरक्षा पेपर, महात्मा गांधी के वॉटरमार्क वाले ए-4 आकार के कागज और बटर पेपर आदि शामिल हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया और सभी मशीन और उपकरण जब्त कर लिए।

महाराष्ट्र के संगमनेर और कोल्हापुर जिले में राजस्व खुफिया निदेशालय ने कंप्यूटर और प्रिंटर युक्त ऐसे ही सेटअप का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल नकली नोट छापने के लिए हो रहा था। डीआरआई अधिकारियों की शिकायत पर दोनों स्थानों पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रतिबंधित सामान जब्त कर पुलिस आगे जांच कर रही है।

कोल्हापुर मॉड्यूल के आरोपियों से पूछताछ के बाद कोल्हापुर पुलिस ने बेलगाम में प्रिंटिंग सेटअप वाले एक अन्य मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

तीन अन्य स्थानों आंध्र प्रदेश में पश्चिमी गोदावरी जिला, बिहार में खगड़िया जिले तथा हरियाणा में रोहतक में सुरक्षा कागज आयात करने वालों का पता लगाया गया। पश्चिमी गोदावरी में प्रतिबंधित सुरक्षा कागज और प्रिंटर और खगड़िया जिले में लैपटॉप, प्रिंटर और प्रतिबंधित सुरक्षा कागज बरामद किए गए। डीआरआई अधिकारियों द्वारा दर्ज शिकायत पर वहां पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामले की आगे जांच की जा रही है।

Read More »

डीपीआईआईटी सचिव ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, दिल्ली और झारखंड की मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की पीएमजी समीक्षा की अध्यक्षता की

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव श्री अमरदीप भाटिया ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, दिल्ली और झारखंड राज्यों में मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और परियोजना समर्थकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) द्वारा सुगम अंतर-मंत्रालयी और राज्य समन्वय के माध्यम से मुद्दे के समाधान में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक में 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के 21 मुद्दों की समीक्षा की गई, जिनमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत 9 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 13,501 करोड़ रुपये से अधिक है। वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसकी लागत 9,623.72 करोड़ रुपये है और जिसमें छह पैकेजों में सात मुद्दे शामिल हैं, की भी समीक्षा की गई।

बैठक में रणनीतिक स्थानों पर नए एनआईटी स्थापित करने की परियोजना पर महत्वपूर्ण जोर दिया गया, जिसके माध्यम से सरकार तकनीकी शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को पाटना चाहती है और कुशल इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करना चाहती है। ये संस्थान न केवल शैक्षणिक परिदृश्य को बढ़ाएंगे बल्कि नवाचार, अनुसंधान और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी योगदान देंगे।

बैठक में रणनीतिक स्थानों पर नए एनआईटी स्थापित करने की परियोजना पर महत्वपूर्ण जोर दिया गया, जिसके माध्यम से सरकार तकनीकी शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को पाटना चाहती है और कुशल इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करना चाहती है। ये संस्थान न केवल शैक्षणिक परिदृश्य को बढ़ाएंगे बल्कि नवाचार, अनुसंधान और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी योगदान देंगे।

भारत माला योजना के तहत एक प्रमुख परियोजना, वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाएगी, और इससे व्यापार और माल ढुलाई को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से समुद्री व्यापार के लिए कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों पर निर्भर उद्योगों को लाभ होगा – की भी समीक्षा की गई।

डीपीआईआईटी के सचिव ने परियोजना निगरानी के लिए संस्थागत ढांचे को बढ़ाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और संबंधित अधिकारियों को लंबित मुद्दों के समाधान में सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने परियोजना कार्यान्वयन में तेजी लाने और केंद्र सरकार, राज्य प्राधिकरणों और निजी हितधारकों के बीच सहयोग के माध्यम से अपनी चिंताओं का कुशल और समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) (https://pmg.dpiit.gov.in/) के इस विशेष तंत्र का लाभ उठाने वाले निजी समर्थकों के महत्व पर जोर दिया।

Read More »

भारतीय रेल महाकुंभ मेले के अंतिम सप्ताह में यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए तैयार

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पिछले शनिवार को हुई दुर्भाग्यपूर्ण भगदड़ की घटना के बाद भारतीय रेलवे ने कई सख्त कदम उठाए हैं। अयोध्या, वाराणसी, गाजियाबाद, नई दिल्ली और आनंद विहार सहित प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष होल्डिंग एरिया और अतिरिक्त आरपीएफ की तैनाती की गई है। गाजियाबाद स्टेशन पर एक होल्डिंग एरिया बनाया गया है। प्लेटफॉर्म पर रेलगाड़ी आने के दौरान किसी को भी रस्सियों (सुरक्षा क्षेत्र) को पार करने से रोकने के लिए भी अन्य सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसके लिए प्लेटफॉर्म पर रस्सियों के साथ आरपीएफ कर्मियों की तैनाती की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यात्री रेलगाड़ी के पूरी तरह से रुकने से पहले उसके पास न जाएं।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा उपाय

भारतीय रेल महाकुंभ मेले के अंतिम सप्ताह के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए उत्तरी रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बना रहा है। ये होल्डिंग एरिया प्लेटफॉर्म के बाहर स्थित हैं, ताकि यात्रियों आवाजाही को नियंत्रित करने और भीड़भाड़ को रोकने में मदद मिल सके। यात्रियों को उनकी रेलगाड़ी के निर्धारित प्रस्थान समय के आधार पर प्लेटफॉर्म में प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है। इस पहल का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन में सुधार करना और यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाना है खासकर व्यस्त समय और त्योहारी मौसम के दौरान।

नई दिल्ली स्टेशन पर होल्डिंग एरिया

उत्तर रेलवे ने गाजियाबाद में 4200 वर्ग फुट, आनंद विहार में 3800 वर्ग फुट, नई दिल्ली में 12710 वर्ग फुट, अयोध्या धाम में 3024 वर्ग मीटर तथा बनारस में 1280 वर्ग मीटर और 875 वर्ग मीटर के विशाल होल्डिंग क्षेत्र बनाए हैं ।

आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली में होल्डिंग एरिया

पूर्वोत्तर रेलवे ने बनारस में 2200 वर्ग फुट, सिवान में 5250 वर्ग फुट, बलिया में 8000 वर्ग फुट, देवरिया में 3600 वर्ग फुट, छपरा में 10000 वर्ग फुट, गोरखपुर में 2500 वर्ग फुट के होल्डिंग एरिया भी बनाए हैं।

अयोध्या धाम में होल्डिंग एरिया

पूर्व मध्य रेलवे ने राजेंद्र नगर टर्मिनल पर दो होल्डिंग एरिया बनाए हैं: 2700 वर्ग फीट और 800 वर्ग फीट, पटना जंक्शन 2700 वर्ग फीट और 2700 वर्ग फीट, दानापुर 2700 वर्ग फीट और 2400 वर्ग फीट। इसके अलावा, आरा 3375 वर्ग फीट, बक्सर: 900 वर्ग फीट, मुजफ्फरपुर: 2400 वर्ग फीट, हाजीपुर: 2400 वर्ग फीट, बरौनी: 2400 वर्ग फीट, समस्तीपुर 2400 वर्ग फीट, जयनगर: 2000 वर्ग फीट, मधुबनी: 2000 वर्ग फीट, रक्सौल: 2000 वर्ग फीट, सकरी: 2000 वर्ग फीट, दरभंगा: 2400 वर्ग फीट, सहरसा: 2400 वर्ग फीट, प. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन: 2400 वर्ग फुट, सासाराम: 2000 वर्ग फुट, गया: 2000 वर्ग फुट

उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज जंक्शन पर 10,737 वर्ग मीटर, नैनी पर 10,637 वर्ग मीटर, प्रयागराज छिवकी पर 7500 वर्ग मीटर होल्डिंग एरिया भी बनाया है।

कुंभ क्षेत्र के एक भाग के रूप में, उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे ने प्रयाग जंक्शन: 10,000 वर्ग मीटर, फाफामऊ जंक्शन: 8775 वर्ग मीटर, झूसी: 18,000 वर्ग मीटर और प्रयागराज रामबाग: 4000 वर्ग मीटर में स्थायी/अस्थायी होल्डिंग क्षेत्र भी बनाए हैं।

वाराणसी रेलवे स्टेशन पर होल्डिंग एरिया

प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर ऐसे होल्डिंग एरिया और भीड़ प्रबंधन उपाय पहले से ही लागू हैं। ये उपाय यात्रियों को अपनी रेलगाड़ी में चढ़ने के दौरान अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए हैं जो छठ और दिवाली जैसे सबसे ज्यादा यात्रा करने के दिनों दौरान प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के समान हैं। भारतीय रेलव यात्रियों से सहयोग करने और सुचारू और सुरक्षित यात्रा संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करता है। आगे की अपडेट के लिए, यात्रियों को आधिकारिक चैनल के माध्यम से सूचित रहने की सलाह दी जाती है।

Read More »

केंद्र ने 31 मार्च 2025 तक गेहूं की स्टॉक सीमा में संशोधन किया

भारत सरकार गेहूं की कीमतों पर कड़ी नज़र रखती है और देश में उपभोक्ताओं के लिए मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उचित हस्तक्षेप करती है। रबी 2024 के दौरान कुल 1132 एलएमटी गेहूं का उत्पादन दर्ज किया गया और देश में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता है।

समग्र खाद्य सुरक्षा का प्रबंधन करने और जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोकने के लिए, भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापारियों/थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं और प्रसंस्करणकर्ताओं पर लागू गेहूं पर स्टॉक सीमाएँ लगाईं। निर्दिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसिंग आवश्यकताओं, स्टॉक सीमाओं और आंदोलन प्रतिबंधों को हटाने (संशोधन) आदेश, 2024 को 24 जून 2024 को जारी किया गया और 09 सितंबर 2024 और 11 दिसंबर 2024 को संशोधित किया गया और यह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लागू था।
गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के निरंतर प्रयासों के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2025 तक लागू गेहूं स्टॉक सीमा को निम्नानुसार संशोधित करने का निर्णय लिया है:
 

इकाइयां, मौजूदा गेहूं स्टॉक सीमा संशोधित गेहूं स्टॉक सीमा
व्यापारी/ थोक विक्रेता 1000 मीट्रिक टन 250 मीट्रिक टन
फुटकर विक्रेता प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 5 मीट्रिक टन। प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 4 मीट्रिक टन।
बड़ी श्रृंखला खुदरा विक्रेता प्रत्येक आउटलेट के लिए 5 मीट्रिक टन, बशर्ते कि उनके सभी आउटलेट और डिपो पर स्टॉक की अधिकतम मात्रा (5 गुणा कुल आउटलेट की संख्या) मीट्रिक टन हो। प्रत्येक आउटलेट के लिए 4 मीट्रिक टन, बशर्ते कि उनके सभी आउटलेट और डिपो पर स्टॉक की अधिकतम मात्रा (4 गुणा कुल आउटलेट की संख्या) मीट्रिक टन हो।
प्रोसेसर अप्रैल 2025 तक मासिक स्थापित क्षमता (एमआईसी) का 50% शेष महीनों से गुणा किया जाएगा। अप्रैल 2025 तक मासिक स्थापित क्षमता (एमआईसी) का 50% शेष महीनों से गुणा किया जाएगा।

सभी गेहूं भंडारण संस्थाओं को गेहूं स्टॉक सीमा पोर्टल (https://evegoils.nic.in/wsp/login) पर पंजीकरण कराना होगा तथा प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति को अपडेट करना होगा। कोई भी संस्था जो पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराती है या स्टॉक सीमा का उल्लंघन करती है, उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यदि उपरोक्त संस्थाओं के पास स्टॉक उपरोक्त निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उन्हें अधिसूचना जारी होने के 15 दिनों के भीतर इसे निर्धारित स्टॉक सीमा तक लाना होगा।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग देश में कीमतों को नियंत्रित करने तथा आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गेहूं की स्टॉक स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।

Read More »

कैंसर की विभिन्न अवस्थाओं का संकेत देने वाला सामान्य बायोमार्कर कैंसर के शीघ्र निदान के लिए नॉन इनवेसिव तरीके की संभावना प्रदान करता है

शोधकर्ताओं ने अग्नाशय और ग्लायोमा कैंसर जैसे कैंसरों में कुछ सामान्य मेटाबोलाइट्स की पहचान की है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की ग्लायल कोशिकाओं में विकसित होते हैं, जो सार्वभौमिक कैंसर बायोमार्कर के रूप में उनकी संभावना का सुझाव देते हैं। यह कैंसर के शुरुआती निदान के साथ-साथ कैंसर के लिए चिकित्सीय रणनीतियों के लिए एक नॉन इनवेसिव तरीके की संभावना प्रदान करता है।

अग्नाशय और ग्लायोमा जैसे आक्रामक कैंसर का अक्सर देर से निदान किया जाता है और रोग का आसानी से पूर्वानुमान नहीं लग पाता है। इसलिए कैंसर निदान और उपचार में महत्वपूर्ण अंतराल को दूर करने के लिए नॉन इनवेसिव, विश्वसनीय कैंसर बायोमार्कर की तत्काल आवश्यकता है, विशेष रूप से अग्नाशय और ग्लायोमा जैसे आक्रामक कैंसर के लिए, जिनमें शुरुआती पहचान के तरीकों की कमी है। ट्यूमर-व्युत्पन्न मेटाबोलाइट्स के वाहक के रूप में नैनो मैसेंजर (एक्सोसोम), ट्यूमर माइक्रोएन्वायरमेंट (टीएमई) का पता लगाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करते हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएनएसटी), मोहाली के वैज्ञानिकों की एक टीम, जिसमें सुश्री नंदिनी बजाज और डॉ. दीपिका शर्मा शामिल हैं, ने अग्नाशय के कैंसर, फेफड़े के कैंसर और ग्लायोमा कैंसर सेल लाइन से प्राप्त एक्सोसोम में मेटाबोलाइट्स की पहचान की है, जो संभावित सार्वभौमिक बायोमार्कर प्रदान करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप नैदानिक ​​प्रयोज्यता में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, ट्यूमर माइक्रोएनवायरनमेंट (टीएमई) के भीतर चयापचय संबंधी अंतःक्रियाओं की अंतर्दृष्टि लक्षित उपचारों के लिए एक आधार प्रदान करती है।

शोधकर्ताओं ने नैनोपार्टिकल ट्रैकिंग एनालिसिस (एनटीए), इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (ईएम), वेस्टर्न ब्लॉट (डब्ल्यूबी), फूरियर ट्रांसफॉर्मेड इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (एफटीआईआर), अनटार्गेटेड लिक्विड क्रोमैटोग्राफी-टेंडेम मास स्पेक्ट्रोमेट्री (एलसी-एमएस/एमएस) और न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस (एनएमआर) को मिलाकर एक बहु-तकनीक का उपयोग किया, जिससे पारंपरिक एकल-विधि अध्ययनों को पार करते हुए एक्सोसोम का व्यापक लक्षण प्रदान किया गया। यह अध्ययन कैंसर निदान, व्यक्तिगत चिकित्सा और कैंसर प्रगति तंत्र की हमारी समझ को आगे बढ़ाता है।

पहचाने गए ये मेटाबोलाइट्स ट्यूमर माइक्रोएनवायरनमेंट (टीएमई) में अनियमित मार्गों को उजागर करते हैं, साथ ही यह भी जानकारी देते हैं कि कैंसर किस प्रकार बढ़ता है और गैर-आक्रामक और सटीक कैंसर का पता लगाने और चिकित्सीय लक्ष्य निर्धारण को सक्षम बनाते हैं।

नैनोस्केल पत्रिका में प्रकाशित शोध से लक्षित उपचारों की ओर अग्रसर हो सकता है जो ट्यूमर में अनियमित चयापचय मार्गों को बाधित करते हैं, उपचार की प्रभावकारिता को बढ़ाते हैं और संभावित रूप से दुष्प्रभावों को कम करते हैं। यह प्रगति रोगी के परिणामों में उल्लेखनीय रूप से सुधार कर सकती है, विशेष रूप से व्यक्तिगत, सटीक चिकित्सा दृष्टिकोणों के माध्यम से।

Read More »

ट्राइफेड ने आदिवासियों के उद्यमिता विकास के लिए रिलायंस रिटेल, एचसीएल फाउंडेशन और तोराजामेलो इंडोनेशिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

आदिवासी सशक्तिकरण की दिशा में ट्राइफेड कई दूरदर्शी कदम उठा रहा है और आदिवासियों को मुख्यधारा के सशक्तिकरण की ओर ले जा रहा है। ग्रामीण भारत के लाखों आदिवासियों को राष्ट्रीय स्तर की मुख्यधारा में लाने तथा आदिवासी व्यवसायों की सुविधा दिलाने के लिए ट्राईफेड ने रिलायंस रिटेल, एचसीएल फाउंडेशन और तोराजामेलो इंडोनेशिया के साथ भागीदारी की है।

नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में 16 से 24 फरवरी 2025 तक आयोजित प्रमुख कार्यक्रम ‘आदि महोत्सव’ के दौरान 19 फरवरी को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए , जो बी2बी दृष्टिकोण के कार्यान्वयन और जनजातीय उत्पाद बाजार के संवर्धन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान ट्राइफेड के महाप्रबंधकों द्वारा क्रमशः रिलायंस रिटेल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रदीप रामचंद्रन, एचसीएल फाउंडेशन की वैश्विक सीएसआर प्रमुख डॉ. निधि पुंढीर और इंडोनेशिया के तोराजामेलो की सीईओ सुश्री अपर्णा सक्सेना भटनागर के साथ देश भर में आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के विभिन्न पहलुओं पर ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री आशीष चटर्जी की उपस्थिति में किया गया।

रिलायंस रिटेल के साथ समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य रिलायंस रिटेल को थोक में जनजातीय उत्पादों की आपूर्ति करना है; यह सहयोग जनजातीय उत्पादों की स्थायी सोर्सिंग पहल, ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार में भी सहायता करेगा।

एचसीएल फाउंडेशन जनजातीय कारीगरों के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करने में सहायता करेगा, ताकि क्षमता निर्माण और नए प्रशिक्षण प्रदान करके उत्पाद पोर्टफोलियो को बढ़ाया जा सके और उनके विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से मौजूदा उत्पादों को प्रोत्साहन दिया जा सके।

टोराजामेलो के साथ सहयोग से इंडोनेशिया में भारतीय जनजातीय उत्पादों के लिए अंतर्राष्ट्रीय विपणन और बिक्री चैनलों का विस्तार करने में सहायता मिलेगी। इससे न केवल भारतीय जनजातीय कारीगरों के लिए नए बाजार खुलेंगे बल्कि कारीगरों के बीच एक अद्वितीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

ट्राइफेड बड़े महानगरों और राज्य की राजधानियों में आदिवासी मास्टर कारीगरों और महिलाओं को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करने के लिए “आदि महोत्सव – राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव” का आयोजन कर रहा है। महोत्सव का विषय “उद्यमिता, आदिवासी शिल्प, संस्कृति, भोजन और वाणिज्य की भावना का उत्सव” है, जो आदिवासी जीवन के मूल लोकाचार का प्रतिनिधित्व करता है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 16 फरवरी 2025 को श्री जुएल ओराम, केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री, श्री दुर्गा दास उइके, केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री सुश्री बांसुरी स्वराज, संसद सदस्य, नई दिल्ली और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस महोत्सव का उद्घाटन किया।

इस और कई अन्य उपक्रमों के साथ, ट्राइफेड इन समुदायों के आर्थिक कल्याण को सक्षम करने और उन्हें मुख्यधारा के विकास के निकट लाने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है।

ट्राइफेड के बारे में :

* ट्राइफेड भारत सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय के तहत एक संगठन है, जो जनजातीय उत्पादों के विपणन विकास के माध्यम से जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए समर्पित है।

रिलायंस रिटेल के बारे में :

*रिलायंस रिटेल एक भारतीय खुदरा कंपनी है और रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है। 2006 में स्थापित, यह राजस्व के मामले में भारत में सबसे बड़ा खुदरा विक्रेता है। इसके खुदरा आउटलेट खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, परिधान, जूते, खिलौने, गृह सुधार उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कृषि उपकरण और इनपुट प्रदान करते हैं। वर्ष 2023 तक, इसके 7,000 शहरों में 18,000 स्टोर स्थानों पर 245,000 से अधिक कर्मचारी थे।

एचसीएल फाउंडेशन के बारे में:

*एचसीएल फाउंडेशन (एचसीएलएफ) की स्थापना 2011 में भारत में एचसीएल टेक की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी शाखा के रूप में की गई थी। यह एक मूल्य-संचालित, गैर-लाभकारी संगठन है जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों की दिशा में योगदान देने में कामयाब होता है, जो दीर्घकालिक टिकाऊ कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों और समुदायों के जीवन को प्रभावित करता है।

तोराजामेलो के बारे में:

* टोराजामेलो  का उद्देश्य स्वदेशी ग्रामीण समुदायों में महिलाओं पर केंद्रित एक स्थायी पारिस्थितिकी प्रणाली बनाकर निर्धनता को कम करना है। टोराजामेलो एक नैतिक फैशन लाइफस्टाइल ब्रांड है जो बी2वी और बीटूसी दोनों ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करते हुए इंडोनेशिया की कहानियों को दुनिया के सामने पेश करता है। टोराजामेलो द्वारा अहाना की स्थापना 2023 में एक आंदोलन के रूप में की गई थी, जो स्थानीय रूप से चयनित ब्रांडों और उत्पादों द्वारा सक्षम उत्तरदायी उपभोग को व्यापक रूप से अपनाने के लिए समर्पित है।

Read More »

सरकार मुंबई विश्वविद्यालय में ‘अंबेडकर पीठ’ और छात्र सुविधाएं स्थापित करेगी: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने ‘संविधान अमृत महोत्सव’ में कहा

भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित ‘संविधान अमृत महोत्सव’ में एक सभा को संबोधित किया। अपने मुख्य भाषण में डॉ. कुमार ने संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर से प्रेरित सामाजिक न्याय, समानता और सशक्तिकरण के आदर्शों को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

डॉ. कुमार ने वंचितों के उत्थान तथा डॉ. अंबेडकर के समावेशी विकास और समानता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए निरुपित की गई अनेक पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ” डॉ. अंबेडकर के योगदान और राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण पर शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार अन्य विश्वविद्यालयों की तरह ही मुंबई विश्वविद्यालय में ‘अंबेडकर पीठ’ स्थापित करेगी।” उन्होंने छात्रों की सहायता के लिए विश्वविद्यालय में दो नए छात्रावास स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वंचित समुदायों के छात्रों की तैयारी में सहायता करने की सरकार की पहल के तहत मुंबई विश्वविद्यालय में एक समर्पित कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह कदम अन्य संस्थानों में इसी तरह के केंद्रों के सफल कार्यान्वयन को देखते हुए उठाया जा रहा है।

डॉ. कुमार ने अपने संबोधन में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत भारत के युवाओं से अपील की कि वे मादक पदार्थों के सेवन से निपटने में अग्रणी भूमिका निभाएं और न केवल खुद की बल्कि अपने समुदायों की भी रक्षा करें।

मुंबई विश्वविद्यालय से डॉ. भीमराव अंबेडकर के गहरे जुड़ाव, जहां उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की पर विचार करते हुए डॉ. कुमार ने कहा, “इसी संस्थान में एक छात्र से लेकर हमारे संविधान के निर्माता बनने तक की डॉ. अंबेडकर की यात्रा भारत के लिए उनके दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता का प्रमाण है। उनके कार्य ने केवल कानूनी ढांचा ही प्रदान नहीं किया, बल्कि सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की भी परिकल्पना की जो आज भी सरकार की नीतियों की मार्गदर्शक शक्ति है।”

डॉ. कुमार ने कहा कि संविधान केवल मौलिक अधिकारों की ही गारंटी नहीं देता, बल्कि कर्तव्यों पर भी जोर देता है। उन्होंने कहा, “हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि जब हम अपने अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो हमें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समान रूप से अपनाना चाहिए। डॉ. अंबेडकर के सपनों के लोकतंत्र को सही मायने में साकार करने के लिए यह संतुलन आवश्यक है।” केंद्रीय मंत्री ने डॉ. अंबेडकर के इस विश्वास को दोहराते हुए अपनी बात समाप्त की कि “सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र के बिना राजनीतिक लोकतंत्र अधूरा है” और इन आदर्शों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी ।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव श्री अमित यादव ने अपने संबोधन में कहा, “यह आयोजन भारत के कानूनी और सामाजिक विकास में मुंबई विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इस विश्वविद्यालय से निकले सबसे बेहतरीन नेताओं में से थे, जिन्होंने न केवल यहां डिग्री हासिल की, बल्कि अध्यापन भी किया और अपने पीछे बदलाव की विरासत छोड़ गए।.”

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री चंद्रकांत पाटिल, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवींद्र कुलकर्णी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री अनिल कुमार पाटिल भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में मुंबई विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक शामिल हुए।

Read More »