भारतीय स्वरूप कानपुर 8 अगस्त डीएफएस द्वारा वित्तीय समावेशन योजनाओं के अंतर्गत तीन माह का संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है जिसमें विभिन्न बैंकों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर सभी नागरिकों को वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूक करके अधिक से अधिक नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं
से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 8 अगस्त 2025 को बिधनू ब्लॉक की ग्राम पंचायत खेड़सा और पतारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मिर्जापुर में उक्त कैंपों का आयोजन हुआ जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक के सीजीएम श्री पी स खुआल एवं अन्य अधिकारीगण और अग्रणी जिला प्रबंधक के साथ उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के उप क्षेत्रीय प्रमुख उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बिधनू के शाखा प्रबंधक और बैंक ऑफ़ बडोदा के वित्तीय समावेशन विभाग की अधिकारी और बैंक ऑफ बड़ौदा रामसारी शाखा प्रमुख ने प्रतिभाग किया। इन कैंपों में भारी संख्या में नागरिक उपस्थित हुये जिनको प्रधानमंत्री जन धन योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अटल पेंशन योजना जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया और साथ ही खातों में री-केवाईसी और नॉमिनी अंकित करने के महत्व के बारे में बताया गया । ऐसे ही विभिन्न कम हर ग्राम पंचायत स्तर पर लग रहे हैं जिनमें शाखाएं नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करने का प्रयास कर रही है।
देश प्रदेश
हर घर तिरंगा अभियान पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन
भारतीय स्वरूप संवाददाता दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, कार्यक्रम अधिकारी के कुशल निर्देशन में छात्राओं के द्वारा “हर घर तिरंगा अभियान – 2025” के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया गया। जिसमें छात्राओं के द्वारा स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा आदि की थीम से संबंधित पोस्टर बनाए गए।इस प्रतियोगिता में कुल 25 छात्राओं ने प्रतिभाग किया पोस्टर बनाकर उन्हें महाविद्यालय की दीवारों तथा नोटिस बोर्ड पर सजाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की प्रभारी प्रोफेसर शुभम शिवा, तथा असिस्टेंट प्रोफेसर पूजा श्रीवास्तव का योगदान सराहनीय रहा। महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर वंदना निगम तथा सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर ने छात्राओं के द्वारा बनाए गए पोस्टरों की सराहना की तथा सभी को इस अभियान में उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया।
पूर्व मंत्री की नातिन ने ‘अपना मोर्चा’ के नेताओं पर लगाया आरोप
पूर्व मंत्री की नातिन ने कहा ‘‘लोग उनके बाबा की फोटो व नाम का निजी स्वार्थ के लिये कर रहे हैं प्रयोग।’’
चौधरी नरेन्द्र सिंह के समर्थकों से गुमराह न होने की अपील की।
आगे उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो विधिक कार्यवाही भी करेंगे।’’
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर। एनडीए में शामिल अपना दल (एस) से असंतुष्ट होकर एक नया संगठन तैयार करने वाले एक नेता पर भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री के परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि राजनीतिक महत्वाकाँक्षा की पूर्ति हेतु उनके बाबा जी की फोटो, नाम व ख्याति का लाभ लेना चाहता है।
यह भी आरोप लगाया कि असंतुष्ट नेता, सूबे की जनता व समाज को गुमराह कर रहा है, जबकि उनके बाबा जी ने निःस्वार्थ भाव से जन कल्यार्थ कार्य किया है, वो सदैव ही स्वार्थपरक राजनीति से दूर रहे एवं प्रदेश की जनता की सेवा करते रहे।
साकेतनगर स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश में पूर्व मंत्री रहे चौधरी नरेन्द्र सिंह की नातिन निहारिका सिंह ने बताया कि, निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु एनडीए में शामिल राजनैतिक पार्टी ‘अपना दल’ (एस) से असंतुष्ट होकर ‘अपना मोर्चा’ नाम का एक राजनैतिक संगठन तैयार किया गया है और उसके नेता ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह व उसके नेतागण चौधरी नरेन्द्र सिंह की फोटो लगाकर जनता को धोखा देने का काम कर रहे हैं। इसका हम लोग पुरजोर विरोध करते हैं और सभी से अपील करते हैं कि इन स्वार्थी नेताओं के बहकावे में कतई न आयें।
निहारिका ने यह भी कहा, ‘‘हम अपने बाबा चौधरी नरेन्द्र सिंह की फोटो व नाम का प्रयोग करने का निर्णय लेना हमारे परिवार का व्यक्तिगत मामला है और अगर कोई स्वार्थी व्यक्ति, हमारे बाबा जी का नाम का प्रयोग अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिये करेगा, तो हम सब खुलकर विरोध करेंगे और उसके मंसूबों को कतई पूरा नहीं होने देंगे।
प्रेस वार्ता में निहारिका सिंह, भाजपा जिलामंत्री दक्षिण संजय कटियार व दीप्ति सिंह मौजूद रहीं।
कानपुर विद्या मन्दिर महिला महाविद्यालय में दीक्षारम्भ (ओरिएन्टेशन) कार्यक्रम का शुभारंम्म
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्या मन्दिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में स्नातक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की नवागंतुक छात्राओं हेतु कार्यक्रम प्रभारी डॉ० शोभा मिश्रा के निर्देशन में दीक्षारम्भ (ओरिएन्टेशन) कार्यक्रम का शुभारंम्म सर्वप्रथम प्रातः हवन पूजन के साथ किया गया तत्पश्चात् प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा गों सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें समस्त प्राध्यापिकाओं से परिचय कराया साथ ही छात्राओं को अपने लक्ष्य को निर्धारित करके आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। महाविद्यालय के नैक एक्रीग्रेटेड होने के कारण छात्राओं को मिलने वाले छात्रवृत्ति लाभ से परिचित कराया तथा सत्र 2025~26 से महाविद्यालय को स्नातक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय हेतु सहशिक्षा के शुभारंभ हेतु बधाई दी एवं नवागंतुक छात्रों का भी स्वागत किया।
महाविद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा समरत समितियों के सम्बन्ध में छात्राओं को सम्पूर्ण जानकारियां प्रदान की गई जैसे अनुशासन समिति, नवाचार एवं शिकायत निवारण समिति, समय सारिणी समिति, नैक समिति, शासकीय एवं अशासकीय छात्रवृत्ति समिति, एनएसएस, एनसीसी, रोवर रेंजर्स समिति, स्वीप योजना, डिजीशक्ति, शिक्षक अभिभावक समिति, सांस्कृतिक समिति, पुस्तकालय समिति इत्यादि।
उक्त कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम प्रभारी डॉ० शोभा मिश्रा द्वारा एवं संचालन डॉ० जसमीत कौर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की सभी शिक्षिकायें एवं लगभग 60 नवागंतुक छात्राएं उपस्थित रहीं।
Read More »एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज में गोस्वामी तुलसीदास व मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 31 जुलाई एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज कानपुर में हिंदी विभाग द्वारा श्रावण शुक्ल सप्तमी के पुण्य अवसर पर गोस्वामी तुलसीदास व मुंशी प्रेमचंद जी की संयुक्त रुप से जयंती मनाई गई
जिसमें श्री रामचरितमानस की चौपाइयों व कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों मे चित्रित नारी चित्रण पर मुख्य वक्ता व विभाग की छात्राओं द्वारा प्रकाश डाला गया
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन तंत्र समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार मिश्रा सचिव श्री प्रोवीर कुमार सेन संयुक्त सचिव श्री सुब्रो सेन प्राचार्या प्रो सुमन मुख्य अतिथि श्री योगेश श्रीवास्तव प्रो निशि प्रकाश प्रो ममता अग्रवाल हिंदी विभागाध्यक्षा डॉ शुभा वाजपेई डा रेशमा ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्या प्रो सुमन ने कहा कि रामचरितमानस मानव जीवन का कल्याणकारी ग्रंथ है इसके पठन पाठन से हम अपना अपने परिवार व राष्ट्र का विकास कर सकते हैं साथ ही उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के रचनाओ चित्रित मानवीय संवेदनाओ व मानवीय कर्तव्यों से परिचित कराया उन्होंने तुलसीदास जी के जीवन को छात्राओं के लिए कल्याणकारी बताया और रामचरितमानस की भावनात्मक व्याख्या की मुख्य अतिथि श्री योगेश श्री वास्तव जी ने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए श्री रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से लोक मान मर्यादाओं तथा संस्कारो को जीवंत रखने के लिए रामचरितमानस के पाठ को अनिवार्य बताया
इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं प्रो रेखा चौबे प्रो हरीश झा प्रो गार्गी यादव प्रो मीनाक्षी व्यास प्रो कोमल कुरील प्रो प्रीति पाडेय डॉ प्रीति सिंह डा रचना निगम डा अनामिका राजपूत डा शैल बाजपेयी डा प्रीता अवस्थी डॉ कोमल सरोज डॉ शिवांगी यादव डा समीक्षा सिंह एन सी सी प्रभारी डा प्रीति यादव डा अमिता सिंह इत्यादि उपस्थित रही साथ ही महाविद्यालय के द्वितीय व तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों ने सकृय भूमिका निभाई कार्यक्रम का संचालन डॉ रेशमा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शुभा बाजपेयी ने किया
सीआईएसएफ ने रचा नया इतिहास – विश्व पुलिस और अग्निशमन खेलों में रिकॉर्ड पदक जीते
भारतीय स्वरूप संवाददाता भोपाल। अमेरिका के बर्मिंघम में हाल ही में संपन्न विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल 2025 में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 66 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वर्ष 2024-25 के दौरान सी आई एस एफ के एथलीटों ने कुल 159 पदक जीतकर बल की अब तक की सर्वाधिक पदक संख्या का रिकॉर्ड भी बनाया है।
भारत सरकार की ‘खेलो इंडिया’ नीति के तहत सी आई एस एफ ने खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें खेल बजट में छह गुना वृद्धि, विशेष आहार भत्ता, आधुनिक खेल सुविधाएं, चोट प्रबंधन सेवाएं और वार्षिक टूर्नामेंट कैलेंडर जैसे प्रावधान शामिल हैं। मुख्यालय में खेल गतिविधियों की निगरानी के लिए सहायक महानिरीक्षक स्तर का अधिकारी भी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, सी आई एस एफ ने पहली बार माउंट एवरेस्ट अभियान दल का गठन किया है, जो वर्ष 2026 में चढ़ाई करेगा। बल ने अब तक का सबसे बड़ा खेल भर्ती अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत 433 खिलाड़ियों, जिनमें 229 महिलाएं शामिल हैं, की भर्ती की जा रही है। यह अभियान देशभर के 14 चयन केंद्रों पर 7 से 29 जुलाई 2025 तक चला।
खिलाड़ियों को विदेशों में प्रशिक्षण, विशेषज्ञ स्टाफ और अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस प्रयास का उद्देश्य सी आई एस एफ को खेलों में अग्रणी बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक पोडियम तक पहुंच बनाना है।
भोपाल की केओसुब इकाई भेल में अमेरिका से लौटे पदक विजेता पांच सी आई एस एफ एथलीटों का वरिष्ठ कमांडेंट शिवरतन सिंह मीणा व अन्य अधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एनईपी 2020 के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कल भारत मंडपम में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2025 का शुभारंभ करेंगे
अपनी शुरुआत के बाद से पिछले पांच वर्षों में, एनईपी 2020 ने उच्च शिक्षा में भारत के शिक्षा परिदृश्य में क्रांति ला दी है, और ऐसी परिवर्तनकारी नीतियां पेश की हैं जो अनुकूलन, समावेशिता और नवाचार को बढ़ावा देती हैं। 170 विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाए गए राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के माध्यम से शैक्षणिक, कौशल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा में निर्बाध ऋण वितरण को सक्षम बनाया गया है। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट ने 2,469 संस्थानों को शामिल किया है और 32 करोड़ से ज्यादा पहचान पत्र जारी किए हैं, जिनमें से 2.36 करोड़ विशिष्ट अपार (एपीएएआर) पहचान पत्र पहले ही क्रेडिट के साथ सीडेड हैं। 153 विश्वविद्यालयों में बहु-प्रवेश और निकास विकल्पों की शुरुआत, जबकि यूजीसी द्वारा अनुमोदित द्विवार्षिक प्रवेश, भारत को 2035 तक अपने 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात लक्ष्य के करीब ले जा रहे हैं।
प्रौद्योगिकी-संचालित शिक्षा में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, 116 उच्च शिक्षा संस्थान 1,149 मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम प्रदान कर रहे हैं, जिससे 19 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं, साथ ही 107 संस्थान 544 ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं। स्वयम (एसडब्लयूएवाईएएम) प्लेटफार्म अब 40 प्रतिशत तक क्रेडिट स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें 388 विश्वविद्यालय इसके पाठ्यक्रमों को एकीकृत कर रहे हैं। समर्थ (एसएएमएआरटीएच) जैसी डिजिटल पहल 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 440 जिलों के 13,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजिटल शासन का समर्थन करती है, जिससे प्रवेश, भुगतान और शैक्षणिक रिकॉर्ड सुव्यवस्थित होते हैं, 518 विश्वविद्यालय और 10,465 संस्थान मान्यताप्राप्त हैं तथा 6,517 संस्थान राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में भाग ले रहे हैं। वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन पहल 6,300 संस्थानों में लगभग 13,000 ई-जर्नल्स तक पहुंच प्रदान करती है, जिससे शोध के संदर्भार्भ में एक मजबूत वातावरण को बढ़ावा मिलता है। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) ने 3,950 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ 2.5 लाख से अधिक शिक्षकों को सशक्त बनाया है, जिससे शिक्षकों को एआई, साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उद्यमिता में विशेषज्ञता प्राप्त हुई है।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर विविध क्रियाकलापों और पहलों के साथ एनईपी 2020 को लागू करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके तहत 14.72 लाख स्कूल, 98 लाख से अधिक शिक्षक, और यूडीआईएसई+ 2023-24 के अनुसार पूर्व-प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक लगभग 24.8 करोड़ छात्रों को विविध सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि में शिक्षा प्रदान की गई है। सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों की तुलना में अधिक लाभ दिखाया है, 2022-2024 की अवधि में एक दशक में सबसे तेज सुधार हुआ है। परख (पीएआरएकेएच) राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 और एएसईआर 2024 के निष्कर्ष मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार को उजागर करते हैं, जो एनईपी 2020 में परिकल्पित भारत मिशन के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। इस पहल के तहत लद्दाख पहली पूर्ण साक्षर प्रशासनिक इकाई बन गई, जिसके बाद मिजोरम, गोवा और त्रिपुरा का स्थान रहा।
मूल्यांकन और निगरानी को निम्नलिखित के माध्यम से मजबूत किया गया है:
- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण (दिसंबर 2024): 74,000 स्कूलों में 21.15 लाख छात्र।
- राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) 2021: 34 लाख छात्र और 1.18 लाख स्कूल।
- राज्य शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण (एसईएएस): 4 लाख स्कूलों के 84 लाख छात्र।
पीएम श्री पहल ने 13,076 स्कूलों को परिवर्तन हेतु एनईपी 2020 के लिए आदर्श स्कूल बनने के लिए चुना है, जबकि पीएम पोषण योजना में अब बाल वाटिका के छात्र शामिल हैं और 6.28 लाख से अधिक स्कूलों में स्कूल पोषण उद्यानों को समर्थन प्रदान किया जा रहा है। स्कूली शिक्षा के लिए स्वयं प्रभा के मौजूदा 12 डीटीएच चैनलों को 200 चैनलों तक विस्तारित किया गया है, जिनमें कुल 92,147 वीडियो सामग्री है, जो राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों/आकाशगंगाओं से 30 भाषाओं में प्राप्त 26,662 घंटों के प्रसारण के बराबर है।
अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस) 2025 का एक प्रमुख आकर्षण प्रमुख नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और हितधारकों के साथ चर्चा के विषयगत क्षेत्र होंगे। चर्चा के महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे:
- शिक्षण-अधिगम में भारतीय भाषा का प्रयोग।
- अनुसंधान और प्रधानमंत्री अनुसंधान अध्येता (पीएमआरएफ): भारत की अगली पीढ़ी के शैक्षणिक और औद्योगिक नेतृत्व का पोषण करना।
- 2030 तक शत-प्रतिशत जीईआर प्राप्त करने के लिए माध्यमिक शिक्षा की पुनर्कल्पना करना।
- शिक्षा के लिए एआई में सीओई-शिक्षण और सीखने के इको-सिस्टम में बदलाव।
एबीएसएस 2025 का एजेंडा शैक्षिक परिवर्तन के अगले चरण की दिशा निर्धारित करते हुए इन उपलब्धियों पर प्रकाश डालेगा। ये चर्चाएं उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को गहरा करने, व्यावसायिक मार्गों को परिष्कृत करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और पाठ्यक्रम में स्थिरता को शामिल करने पर केंद्रित होंगी। भारत के प्रमुख शिक्षा शिखर सम्मेलन के रूप में, एबीएसएस 2025 समता, उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि एनईपी 2020 का प्रभाव आने वाले वर्षों में शैक्षिक प्रगति को गति प्रदान करता रहे।
मेरा गाँव मेरी धरोहर कार्यक्रम
आज़ादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में एनएमसीएम ने जून 2023 में मेरा गाँव मेरी धरोहर (एमजीएमडी) पोर्टल (https://mgmd.gov.in/) शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य भारत के 6.5 लाख गाँवों की सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करना है। वर्तमान में 4.7 लाख गाँव अपने-अपने सांस्कृतिक पोर्टफोलियो के साथ पोर्टल पर लाइव हैं।
एमजीएमडी पोर्टल मौखिक परंपराओं, मान्यताओं, रीति-रिवाजों, ऐतिहासिक महत्व, कला रूपों, पारंपरिक भोजन, प्रमुख कलाकारों, मेलों और त्योहारों, पारंपरिक परिधानों, आभूषणों और स्थानीय स्थलों सहित सांस्कृतिक तत्वों की एक विस्तृत श्रृंखला को समाहित करता है। इस पोर्टल में देश में हाशिए पर पड़े समुदायों और देश भर की कम-जानने वाली परंपराओं की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ भी शामिल हैं।
एनएमसीएम भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सांस्कृतिक संपत्तियों का दस्तावेजीकरण और संवर्धन करके, इस मिशन का उद्देश्य सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
एमजीएमडी कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर में सांस्कृतिक मानचित्रण के लिए लक्षित गाँवों की कुल संख्या 6.5 लाख है। इसमें पश्चिम बंगाल राज्य के 41,116 गाँव शामिल हैं। अब तक पश्चिम बंगाल के 5,917 गाँवों का मानचित्रण किया जा चुका है और संबंधित डेटा एमजीएमडी वेब पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। शेष 35,199 गाँव दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया में हैं।
अभी तक तमिलनाडु सहित राज्यवार उक्त कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए कोई वित्तीय सहायता आवंटित/स्वीकृत नहीं की गई है।
वर्तमान में एमजीएमडी वेब पोर्टल पर 4.7 लाख गाँवों का डेटा अपलोड किया जा चुका है। यह डेटा पारंपरिक कला रूपों, अनुष्ठानों और लोक प्रदर्शनों सहित अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की पहचान और संरक्षण में सहायक होगा।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
पहलगाम हमले के बाद जम्मू और कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा
घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या के आँकड़े राज्य पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं। जम्मू और कश्मीर पर्यटन विभाग से प्राप्त नवीनतम जानकारी के आधार पर, जम्मू और कश्मीर में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या इस प्रकार है:
| वर्ष | डीटीवी | एफटीवी |
| 2020 | 25,19,524 | 5,317 |
| 2021 | 1,13,14,920 | 1,650 |
| 2022 | 1,84,99,332 | 19,985 |
| 2023 | 2,06,79,336 | 55,337 |
| 2024 | 2,35,24,629 | 65,452 |
| 2025 (जनवरी से जून) | 95,92,664 | 19,570 |
स्रोत: जम्मू और कश्मीर पर्यटन विभाग
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा जम्मू और कश्मीर में स्थानीय पर्यटन पर निर्भर हितधारकों पर आर्थिक प्रभाव का कोई ऐसा आकलन नहीं किया गया है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर सहित पूरे देश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं और पहलें की हैं, जिनके विवरण निम्नलिखित है:
- पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन’, ‘तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान पर राष्ट्रीय मिशन (प्रशाद)’ और ‘पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ योजनाओं के अंतर्गत देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन संबंधी अवसंरचना एवं सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों/केंद्रीय एजेंसियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- पर्यटन मंत्रालय अपने विभिन्न अभियानों एवं आयोजनों के माध्यम से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को बढ़ावा देता है। इनमें से कुछ पहलों में देखो अपना देश, चलो इंडिया, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट और भारत पर्व जैसे अभियान शामिल हैं।
- एक व्यापक डिजिटल संग्रह अतुल्य भारत कंटेंट हब का शुभारंभ किया गया, जिसमें भारत में पर्यटन से संबंधित उच्च-गुणवत्ता वाली फोटो, फिल्मों, ब्रोशर एवं न्यूज़लेटर्स का समृद्ध संग्रह है जिसका वेबसाइट www.incredibleindia.org है और इसे मंत्रालय के सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार किया जाता है।
- अन्य विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य पर्यटन, पाक-कला पर्यटन, ग्रामीण, पारिस्थितिकी पर्यटन आदि जैसे विषयगत पर्यटन को बढ़ावा दिया जाता है जिससे पर्यटन को अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया मिल सके।
- क्षमता निर्माण, कौशल विकास पर केंद्रित पहलों के माध्यम से समग्र गुणवत्ता एवं अनुभव को बढ़ाना देना जिसमें सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण, अतुल्य भारत पर्यटक सुविधा प्रदाता (आईआईटीएफ), पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी शामिल हैं।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
Read More »सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्मारकों का जीर्णोद्धार
पिछले पांच वर्षों के दौरान सभी केन्द्रीय संरक्षित स्मारकों/स्थलों के संरक्षण और रखरखाव के लिए आवंटित और उपयोग किए गए धन का विवरण, जिसमें आंध्र प्रदेश शामिल है, अनुलग्नक-I में दिया गया है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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