सरकार, शुद्ध व्यवाहरिकता द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर, चल रही पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत सभी छूटे हुए घरों के ऑन-ग्रिड विद्युतीकरण के लिए राज्यों को सहयोग दे रही है। इसमें पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान) के अंतर्गत पहचान किए गए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के घरों, डीए-जेजीयूए (धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान) के अंतर्गत जनजातीय घरों, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के घरों और जहां भी संभव हो, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) के अंतर्गत दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के घरों में बिजली कनेक्शन के लिए स्वीकृत कार्य शामिल हैं। अब तक, आरडीएसएस के अंतर्गत, देश भर में 13.59 लाख घरों में बिजली कनेक्शन के लिए 6,487 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा, नई सौर ऊर्जा योजना के तहत 30 जून, 2025 तक 9,961 घरों के ऑफ-ग्रिड सौर आधारित विद्युतीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि के कार्यों को मंजूरी दी गई है। विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
सौभाग्य योजना के तहत घरों में बिजली
सरकार ने अक्टूबर 2017 में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) शुरू की थी। इसका उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी इच्छुक बिना बिजली कनेक्शन वाले घरों और शहरी क्षेत्रों में सभी इच्छुक गरीब परिवारों को बिजली कनेक्शन प्रदान करना है। सौभाग्य योजना के अंतर्गत सभी स्वीकृत कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं और योजना 31.03.2022 तक पूरी हो चुकी है। राज्यों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सौभाग्य अवधि के दौरान लगभग 2.86 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। राज्यवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है ।
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