Breaking News

युवा नवसंकल्प

उठो, जागो युवाओं लेना है तुम्हें आज …एक संकल्प।

वो धरती जिसने बरसों सहा है गुलामी को,

अपने रक्त से रचे हैं जिसने तमाम स्वतंत्रता चिह्न,

अब देना है तुम्हें नव रूप, फिर से उसी धरा को।

पालन करना है तुम्हें अपने कर्तव्यों का ।

जागो युवाओं! व्रत लो, रचोगे नया इतिहास तुम।

तुम्हें चलना है उन राहों पर जिन्हें दिखाया था स्वामी विवेकानंद और गांधी ने,

एक नई ज्योति जगाई थी उन्होंने आजादी की ,

और बंधाया अटूट विश्वास दिल में,

लेकिन युवाओं अब नई चुनौती है इस नए युग में

विकास,शिक्षा और नवोद्योग की।

तुम्हारे हौसलों के पंख ले जाएंगे देश को ऊँचाइयों तक,

गाँव-गाँव और शहर-शहर जगमगाओगे तुम एक सबेरा शिक्षा का।

धरती की छाती पर लहराओगे फूल उत्सवों के, किसान बन कर।

थमने मत दे तू चल उठ आगे बढ़।

थाम ले मशाल अपने हाथों में,

तब चमकेगा तेरा नाम तकनीक, कला और विज्ञान के क्षेत्र में

उठो युवाओं लेना है एक और संकल्प तुम्हें

तुम बनोगे पहिए विकास की गाड़ी के,

तोड़ दोगे तुम भ्रष्टाचार की दीवार को,

बोओगे नए बीज नवाचार के,

और लहराओगे तुम एकता के ध्वज को विविधता के बीच।

युवाओं, तुम ही तो हो केंद्र बिन्दु राष्ट्र की उन्नति का,

ऐसा बिन्दु जिसके आसपास कोई बाधा न हो

न जाति,न धर्म और न ही भाषा ।

उठो युवाओं तुम्हें संभालना है अपने पर्यावरण को,

अपनी स्वच्छ हवाएँ,जल और हरियाली को।

तुम्हीं बनाओगे उन्नति का एक उजला सा वन।

युवाओं मुझे पता है हिलोरें लेती हैं सैनिकों की शौर्य गाथा, तुम्हारे लहू में,

लेकिन नहीं भूलोगे तुम शांति, समृद्धि और अपना उद्देश्य।

युवाओं तुम्हे बनाना है महाशक्ति इस धरा को,

तुम्हीं दे पाओगे सब को न्याय, समृद्धि, साझा तरक्की में सबका हिस्सा।

उठो युवाओं तुम्हारी राह देखता है ये देश,

प्रतिस्पर्धा के युग में तुम जलाओ एक मशाल नव युग की।

नव संकल्प लो युवाओं,राष्ट्र की उन्नति में कर दो न्योछावर अपना सर्वस्व,

क्योकि देश भक्ति ना रहे मोहताज किसी भाषा की, किसी जाति की और न ही धर्म की।

युवाओं तुम्हारा जोश लहराएगा तिरंगा बन कर अनंत अकाश में, हमेशा हमेशा।

~ प्रो. प्रभात द्विवेदी राजकीय महाविद्यालय

चिन्यालीसौंड, उत्तरकाशी उत्तराखण्ड