प्रधानमंत्री मोदी ने आज साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री भगवंत मान, केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम देश की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को सेवा प्रदान करेगा। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी के लिए पंजाब के लोगों को धन्यवाद दिया।
भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के बारे में लाल किले की प्राचीर से की गई अपनी उद्घोषणा के बारे में बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत को विकसित बनाने के लिए उसकी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विकसित होना उतना ही जरूरी है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत के लोगों को इलाज के लिए आधुनिक अस्पताल मिलेंगे, आधुनिक सुविधाएं मिलेंगीं, तो वो और जल्दी स्वस्थ होंगे, उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगेगी। प्रधानमंत्री ने कैंसर के इलाज के लिए सुविधाएं सृजित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर अब हर साल 1.5 लाख नए मरीजों के इलाज के लिए सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में नए अस्पताल और एम्स से पीजीआई चंडीगढ़ पर बोझ कम होगा और मरीजों और उनके परिवारों को काफी राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छे हेल्थकेयर सिस्टम का मतलब सिर्फ चार दीवारें बनाना नहीं होता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी देश का हेल्थकेयर सिस्टम तभी मजबूत होता है, जब वो हर तरह से समाधान दे, कदम-कदम पर उसका साथ दे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इसलिए बीते आठ वर्षों में देश में होलिस्टिक हेल्थकेयर को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज एक नहीं, दो नहीं, छह मोर्चों पर एक साथ काम करके देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारा जा रहा है। सभी छह मोर्चों पर विस्तार से बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहला मोर्चा है, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने का। दूसरा मोर्चा है, गांव-गांव में छोटे और आधुनिक अस्पताल खोलने का, तीसरा मोर्चा है- शहरों में मेडिकल कॉलेज और मेडिकल रीसर्च वाले बड़े संस्थान खोलने का। चौथा मोर्चा है- देशभर में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का। पांचवा मोर्चा है- मरीजों को सस्ती दवाइयां, सस्ते उपकरण उपलब्ध कराने का। और छठा मोर्चा है- टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मरीजों को होने वाली मुश्किलें कम करने का।
प्रिवेंटिव अप्रोच के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के कारण, जलजनित रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है। इसी तरह स्वच्छता, योग, फिटनेस ट्रेंड, पोषण अभियान, रसोई गैस आदि मरीजों की संख्या में कमी ला रहे हैं। दूसरे मोर्चे पर, गुणवत्ता परीक्षण सुविधाएं बनाई गई हैं और 1.5 लाख से अधिक हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। जिनमें से 1.25 की स्थापना हो चुकी है। पंजाब में करीब 3000 केंद्र काम कर रहे हैं। पूरे देश में 22 करोड़ से ज्यादा लोगों की कैंसर की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 60 लाख स्क्रीनिंग पंजाब में हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बार बीमारी का पता चलने के बाद ऐसे उन्नत अस्पतालों की जरूरत पैदा हो जाती है, जहां गंभीर बीमारियों का ठीक से इलाज हो सके। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र सरकार देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज के लक्ष्य पर काम कर रही है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत आयुष्मान भारत योजना 64 हजार करोड़ रुपये की लागत से जिला स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण कर रही है। प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि एक समय में, देश में केवल 7 एम्स थे, लेकिन अब यह संख्या 21 हो गई है। सरकार ने देश भर में लगभग 40 विशिष्ट कैंसर संस्थानों को मंजूरी दी है, जिनमें से कई अस्पतालों ने पहले ही सेवाएं प्रदान करना शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अस्पताल बनाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी पर्याप्त संख्या में अच्छे डॉक्टरों का होना, दूसरे पैरामेडिक्स का उपलब्ध होना भी है। प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इसके लिए भी आज देश में मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “2014 से पहले देश में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज थे। यानि 70 साल में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज। वहीं बीते 8 साल में 200 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज देश में बनाए गए हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने 5 लाख से अधिक आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों के समान में मान्यता दी है और इससे भारत में डॉक्टर और रोगी के अनुपात में सुधार लाने में मदद मिली है। आयुष्मान भारत ने गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 3.5 करोड़ मरीजों का इलाज हो चुका है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन 3.5 करोड़ रोगियों में से कई कैंसर रोगी थे। आयुष्मान भारत योजना से मरीजों के करीब 40 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए 500 से अधिक दवाओं की कीमत में 90 प्रतिशत तक की कमी देखी गई, जिससे एक हजार करोड़ रुपये तक की बचत हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में आधुनिक टेक्नॉलॉजी का भी पहली बार इतनी बड़ी स्केल पर समावेश किया जा रहा है। अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन ये सुनिश्चित कर रहा है कि हर मरीज को क्वालिटी स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, समय पर मिलें, उसे कम से कम परेशानी हो। प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया 5जी सेवाओं के प्रत्याशित लॉन्च पर प्रकाश डाला, जो दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि इससे गांव के गरीब परिवारों के मरीजों की बड़े अस्पतालों में बार-बार आने की मजबूरी कम होगी। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि कैंसर के कारण जो डिप्रेशन की स्थितियां बनती हैं, उनसे लड़ने में भी हमें मरीजों की, परिवारों की मदद करनी है। उन्होंने कहा, “एक प्रोग्रेसिव समाज के तौर पर ये हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम मेंटल हेल्थ को लेकर अपनी सोच में बदलाव और खुलापन लाएं। तभी इस समस्या का सही समाधान निकलेगा।”
पृष्ठभूमि
पंजाब और पड़ोसी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निवासियों को विश्वस्तरीय कैंसर देखभाल प्रदान करने के प्रयास में, प्रधानमंत्री ने मुल्लांपुर, नई चंडीगढ़, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली जिले में ‘होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र’ राष्ट्र को समर्पित किया है। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत एक सहायता प्राप्त संस्थान, टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा अस्पताल को 660 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है।
कैंसर अस्पताल 300 बिस्तरों की क्षमता वाला एक तृतीयक देखभाल अस्पताल है। यह सर्जरी, रेडियोथेरेपी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी – कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी हर उपलब्ध उपचार पद्धति का उपयोग करके सभी प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
संगरूर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल इस अस्पताल के ‘स्पोक’ के रूप में काम करेगा और यह अस्पताल इस क्षेत्र में कैंसर देखभाल और उपचार के ‘हब’ की तरह काम करेगा।
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कानपुर 30 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च पी जी कालेज में एनएसएस इकाई के द्वारा आर के देवी आई रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से मिशन प्रकाश के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए नेत्र प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया जिसका प्रारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ जोसेफ डेनियल तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुनीता वर्मा के निर्देशन में हुआ ।इसके पश्चात आर के देवी आई रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से आई हुई श्रीमती दीपिका श्रीवास्तव जी ने विद्यार्थियों को नेत्र से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया और किस तरह से नेत्र का उपचार करा सकते है उससे संबंधित जानकारी दी आज का कार्यक्रम सभी के लिए बहुत ही लाभकारी रहा।
कानपुर 30 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता, श्री नागरिक रामलीला कमेटी, एच ब्लॉक, किदवई नगर कानपुर की वार्षिक आमसभा दिनांक 28 अगस्त 2022 को संपन्न हुई। आम सभा में निवर्तमान अध्यक्ष बसंत कुमार बाजपाई की मृत्युपरांत नए अध्यक्ष के रूप में डॉ राजीव मिश्रा (सचिव सोशल रिसर्च फाउंडेशन) के नाम का प्रस्ताव किया गया जिसे उपस्थित सभी सदस्यों ने निर्विरोध रूप से हर्षध्वनी के साथ स्वीकार किया। ज्ञातव्य हो कि एक वर्ष रामलीला समिति अपना 48वा दशहरा महोत्सव आयोजित करने जा रही है।
कानपुर 30 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एसएन सेन महाविद्यालय में मेजर ध्यानचंद के जन्म शताब्दी पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं मेजर ध्यानचंद जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया। छात्राओं द्वारा मेजर ध्यानचंद जी की जीवनी, हॉकी खेल में उनका योगदान एवं प्रचलित घटनाओं पर वक्तव्य दिया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभाग की छात्रा प्रियंका ,अमृता ,पापुल, प्रियांशी अंशिका, ईशा छात्राओं ने अपना उद्बोधन दिया ।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुमन ने मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए भारत के लिए उनके योगदान एवं परिश्रम की सराहना की एवं जिन युवाओं को उनके जैसे बनने की प्रेरणा दी । वर्तमान युवा को वितरित करें तो वायु बनता है, के ज्ञान से अवगत कराया। दर्शनशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. किरन ने मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व के चारित्रिक गुणों को आत्मसात करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। शारीरिक शिक्षा विभाग अध्यक्ष डॉ प्रीति पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए छात्राओं को खेलों में अपनी योग्यता को प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षा विभाग b.a. तृतीय की छात्रा अमृता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ रेखा डॉ.रचना शर्मा , डॉ मीनाक्षी ड.शुभा बाजपेई डॉ रश्मि उपस्थित रहे।
-लघु एवं मझोले वर्ग के समाचारपत्रों की समस्याओं पर हुई चर्चा
कानपुर 22 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एसएन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज का छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेंटर में प्राचार्य डॉ सुमन के नेतृत्व में 9 शिक्षिकाओं डॉ निशी प्रकाश , डॉ रेखा चौबे ,डॉ अलका टंडन ,डॉ गार्गी यादव ,डॉ पूनम अरोड़ा, डॉ निशा वर्मा ,डॉ चित्रा सिंह तोमर, डॉ गीता देवी गुप्ता, डॉ मीनाक्षी व्यास का एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर पदोन्नति हुई साथ ही डॉ प्रीति पांडे एसोसिएट प्रोफेसर और डॉ मोनिका सहाय असिस्टेंट प्रोफेसर स्टेज 3 पर पदोन्नत हुए। आयोग द्वारा नवनियुक्त प्राचार्य डॉ सुमन ने एसएन सेन महाविद्यालय के कई वर्षों से रुके हुए प्रमोशंस को संज्ञान में लिया और तत्काल कार्यवाही करते हुए सभी प्रवक्ताओं के प्रमोशन पर कार्यवाही की और आज सफलतापूर्वक कुल 12 प्रवक्ताओं का प्रमोशन विश्वविद्यालय में किया गया सभी प्रोन्नत प्राप्त शिक्षकों ने प्राचार्य डॉ सुमन को धन्यवाद दिया। इस बैठक में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर डॉ रिपुदमन उपस्थित रहते हुए अपने निरीक्षण में पूरे बैठक को आयोजित करवाई। इस अवसर पर चयन समिति एवं प्राचार्य जी ने सभी को बधाई दी। सभी शिक्षिकाओं ने प्राचार्य जी को धन्यवाद ज्ञापित किया। एस डी एम सदर अनुराज जैन ने सभी को बधाई दी।