
संजीव ने आगंतुकों का ध्यान भारतीय अर्थव्यवस्था में खुदरा व्यापार की अहम भूमिका की ओर आकर्षित किया। उन्होंने राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति बनाने के लिए परिषद के सदस्यों से जमीनी स्तर के व्यापारियों की व्यापक भागीदारी पर ध्यान देते हुए समावेशी एवं व्यावहारिक सुझाव देने को कहा।
बैठक में ‘वोकल फॉर लोकल’ अर्थात स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग पर भी जोर दिया गया। इस मुहिम का ध्येय स्वदेशी उद्यमों का समर्थन और स्थानीय स्तर पर विनिर्मित उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत में बने माल की खरीद—बिक्री प्रोत्साहित करने की अपील के अनुरूप’गर्व से कहो, ये स्वदेशी है’ नारे वाला पोस्टर भी जारी किया गया। इस अभियान को फैलाने के लिए परिषद के सभी सदस्यों ने इसके दूत बनने का संकल्प किया ताकि समाज में इस गहराई तक पैठाया जा सके।
परिषद के अध्यक्ष श्री सुनील जे. सिंघी ने अपने संबोधन में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों के तहत उसकी दरों में हाल में की गई कटौतियों की सराहना की। यह सुधार 22 सितंबर, 2025 से लागू लागू किए गए हैं। उन्होंने व्यापारियों के नेतृत्व में देशव्यापी अभियान ‘जीएसटी बचत उत्सव’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जीएसटी सुधारों के जरिए अप्रत्यक्ष कर ढांचे का कायाकल्प करने के लिए व्यापारीगणों की ओर से आभार ज्ञापन बताया। उनके अनुसार जीएसटी दरों में कटौती ने उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों, दोनों को गहन लाभ एवं बचत का अवसर प्रदान किया है।
परिषद के अध्यक्ष सिंघी ने बताया कि जीएसटी सुधारों से तमाम आवश्यक एवं उपभोक्ता वस्तुएं खरीदना अब अधिक सुलभ हो रहा है। जीएसटी दरों में कटौती से छोटी कार के खरीदारों को करीब 70,000 रूपए तक बचत हो रही है जबकि स्टेशनरी, पोशाकों, जूते—चप्पलों एवं दवा खरीदने पर 07 से 12 प्रतिशत तक बचत का फायदा उपभोक्ताओं को मिल रहा है। स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पॉलिसी अब जीएसटी से मुक्त हो गई हैं। इससे उनकी खरीद पर सीधे 18 प्रतिशत बचत हो रही है। इसी तरह ट्रैक्टर खरीदने पर अब करीब 40,000 रूपए बचत हो रही है क्योंकि इस पर जीएसटी की दर को 12 एवं 18 प्रतिशत से घटा कर 05 फीसद की मामूली दर तक सीमित किया गया है। कुल मिलाकर 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दर घटाई गई है जिससे नई जीएसटी प्रणाली में खाद्य सामग्री से लेकर रोजमर्रा उपयोग की वस्तुएं, कृषि यंत्र, पोशाक, दवा एवं वाहन तक अधिक सुलभ हो गए हैं।
परिषद के अध्यक्ष सिंघी ने सरकारी नियमन प्रक्रियाओं और उनके पालन संबंधी व्यवस्थाओं को सरल करने,वित्तीय सहायता एवं बुलनयादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार व्यवसाय के उपयुकत वातावरण बनाने की हरचंद कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापारिक संघों एवं संदस्यों द्वारा दिए गए ज्ञापनों को समुचित कार्रवाई के लिए संबंद्ध मंत्रालयों को प्रेषित भी किया जा रहा है। उन्होंने खुदरा एवं व्यापारिक सेक्टर के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी फैलाने तथा उनका लाभ उठाने को सुगम बनाने के संबंध में भी भागीदारों से सुझाव मांगे।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी भूपेन्द्र सिंह तथा मलेरिया निरीक्षक मंजीत यादव द्वारा ग्राम सेमरझाल, ब्लॉक सरसौल का भ्रमण किया गया।
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सेवा संस्थान पिछले 24 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय है। इसके अंतर्गत मेधावी छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता, निशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन, ऊनी कम्बलों का वितरण, छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम, तथा स्वामी विवेकानन्द जयंती पर कर्मयोगी समाचार पत्र विक्रेताओं का सम्मान जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं।
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कार्यक्रम में महाविद्यालय की अनेक छात्राओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शिक्षिकाओं के हाथों में सुंदर-सुंदर मेहंदी रची। कुछ छात्राओं ने रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया और विजेता रही। संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा सुंदर-सुंदर गीतों की प्रस्तुति की गई जिसमें ओ री चिरैया तथा मुझे बादल छूना है आदि गीत प्रमुख थे ।इन गीतों ने सभी का मन मोह लिया। विजेता छात्राओं को प्रथम ,द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मिशन शक्ति कार्यक्रम की प्रभारी प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर ने सभी शिक्षिकाओं , कर्मचारियो,तथा उपस्थित छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया।
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