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कानपुर

रूढ़ियां

आज मैं कुछ जल्दी ही घर आ गई थी। बरसात का मौसम था और मौसम में घनी बदली छाई हुई थी। हवा के झोंके रह-रहकर मेरे गालों को सहला जाते थे। इस वक्त मुझे चाय की बड़ी तलब लगी हुई थी तो अपने लिए चाय बना कर मैं फिर से बालकनी में आ गई। मैं इन पलों को खोना नहीं चाहती थी। मैं बाहर भागते हुए ट्रैफिक को देख रही थी, कभी किसी को एक दूसरे से उलझते हुए देख रही थी तो कभी यूं ही नजरें इधरउधर घुमा लेती। मुझे अचानक अपनी कमर पर दो हाथ घेरते हुए से महसूस हुए। सोनू ने बाहों में जकड़ कर कहा, “क्या बात है! आज बड़ी फुर्सत में हो”।
मैं:- “अरे तुम! हां आज जल्दी फ्री हो गई तो घर आ गई। तुम कैसे जल्दी आ गए।”
सोनू:- “तुम्हारे सेंटर पर फोन किया था तो पता चला कि तुम घर चली गई हो तो मैं तुम्हें सरप्राइज करने के लिए आ गया।”
मैं:- “रुको, मैं तुम्हारे लिए चाय लेकर आती हूं।”
सोनू:-  “चाय के साथ में कुछ नमकीन भी प्लीज।”
मैं:- “भुक्खड़”!
सोनू:- “चाय के साथ कुछ मीठा वगैरह भी लेती आना।”
मैं:- “चाय के साथ कोई मीठा भी खाता है क्या? नहीं है मीठा” और मैं चाय लेने चली गई। चाय के साथ मठरी चवाड़ा लेकर बालकनी में आ गई।
सोनू:- “तुम्हारी क्लास और बच्चे कैसे चल रहे है मतलब कि तुम्हारा सेंटर कैसा चल रहा है”।
मैं:- “बस ठीक ही चल रहा है। ऑफलाइन तो कुछ ऑनलाइन काम करना पड़ रहा है। नेटवर्क प्रॉब्लम तो है ही। बस चल रहा है।”
सोनू:- “सभी टीचर आ रहे हैं क्या?”
मैं:- “अब पढ़ाना है तो आना ही पड़ेगा। घर बैठे तो सैलरी मिलेगी नहीं।”
सोनू:- “हां यह भी सही है।”
मैं:- “और तुम कहां गायब रहते हो आजकल? दिखाई नहीं दिए कई दिनों से।”
सोनू:- “घर जाने की सोच रहा था, तुम्हारे और मेरे बारे में घर में बताना भी है और शादी की बात भी कर करनी है।
मैं:- “कब जा रहे हो ?”
सोनू:- “जाऊंगा वीकेंड पर।”
मैं:- “मुझे टेंशन रहेगा जब तक तुम मुझे बता नहीं दोगे कि तुम्हारे घर वालों ने क्या कहा।”
सोनू:- “परेशान मत हो, मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला। तुमने अपनी मां से बात की।”
मैं:- “हां, वह मिलना चाह रही थी तुमसे। अगले महीने वह यहां आ रही है।”
सोनू:- “ठीक है मिल लेंगे तभी।”
मैं:- “कास्ट अलग है हमारी, पता नहीं तुम्हारे घर वाले हमारे रिश्ते को स्वीकार करेंगे या नहीं”।
सोनू:- “देखता हूं यार, सब ठीक होगा। टेंशन ना लो।” मैं हंस देती हूं।
मुझे और सोनू को रहते हुए करीब दो साल हो रहा था और अब हम इस रिश्ते को समाज की रजामंदी की मोहर लगा देना चाहते थे । मैं और मेरी मां अकेले ही रहते थे। पापा को मैंने बचपन में ही खो दिया था। मेरी परवरिश मेरी मां के कांधों पर थी। उन्होंने मेरे लिए दूसरी शादी भी नहीं की और अब उम्र के इस पड़ाव पर मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी। हमारी जिंदगी सोनू के जवाब पर टिकी थी। इन्हीं विचारों में किचन के काम निपटाती रही। जब कमरे में आई तो देखा सोनू लेटा हुआ टीवी देख रहा है।
मैं:- अरे तुम गए नहीं अभी तक?”
सोनू:- “आज मूड नहीं हो रहा। बारिश भी देखो कितनी है, जरा हल्की हो फिर जाता हूं।” मैं सोनू की बगल में आकर बैठ गई।
मैं”:- “सुनो तुम्हारे घरवाले मान तो जाएंगे ना।”
बदले में सोनू ने मेरा हाथ अपने हाथ में दबाकर आश्वासन दिया। सोनू टीवी देखते-देखते सो गया फिर मैं भी उसी के बगल में सो गई। सुबह उठते ही सोनू बोला, “रात को कुछ खाने को नहीं दिया। बड़ी जोर की भूख लगी है, कुछ अच्छा खाने को दो”।
मैं:- “दस मिनट रुको जल्दी से पोहा बना देती हूं।”
सोनू:- “ठीक है! जल्दी से दो।”
और मैं जल्दी से किचन में जाकर पोहा बनाने की तैयारी में जुट गई। आधे घंटे के बाद सोनू नाश्ता करके जाने लगा। सोनू:- “मैं जा रहा हूं, कल सुबह ही घर के लिए निकल जाऊंगा। शायद शाम को ना आ पाऊं।” मैंने सहमति में सिर हिलाया फिर सेंटर जाने के लिए तैयारी करने लगी।
मेरे दो दिन उहापोह में बीते कि सोनू के माता पिता ने क्या जवाब दिया होगा। ट्यूशन में भी काम का प्रेशर बढ़ रहा था, बच्चों के एग्जाम करीब आ रहे थे सो उनके लिए पेपर बनाने का भी टेंशन था लेकिन दिमाग में यही चल रहा था कि सोनू जल्दी से जवाब दे दे तो सर से बोझ हल्का हो। तभी फोन बजता है स्क्रीन पर देखा तो मां का फोन था। मै:- “हेलो! कैसी हो मां ? सब ठीक तो है ना ?
मां:- “हां.. हां सब ठीक है। तुम कैसी हो? आज अपने सेंटर नहीं गई क्या?”
मैं:- “बस कुछ देर हुआ मैं घर पहुंची हूं।”
मां:- “अच्छा सुन मैं तेरे पास आ रही हूं। मन नहीं लग रहा था। तेरी चिंता हो रही थी। कुछ दिन के लिए आ जाती हूं तेरे पास।”
मै:- “ऐसे तो सब ठीक है मां यहां पर लेकिन तुम आना चाहती हो तो आ जाओ। तुम्हें भी चेंज मिल जाएगा।”
मां:- “ठीक है, दो दिन बाद निकलूंगी। कुछ लाना है तो बोल देना।”
मैं:- “नहीं किसी चीज की जरूरत नहीं है। ठीक है। बाय मां।”
मां को सोनू से मिलवाने का समय आ रहा था लेकिन सब कुछ सोनू के जवाब पर निर्भर था। मुझे कुछ भूख सी महसूस हुई और मैं किचन में मैगी बनाने लगी।
चार दिन बाद सोनू वापस आया। उसका मुंह उतरा हुआ था। उसे देखकर मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई।
मैं:- “क्या हुआ ? ऐसे क्यों हो? मां पिताजी ने क्या कहा?” सोनू:- “कुछ नहीं जिसका डर था वही हुआ उन्होंने मना कर दिया, बोले कि अपने समाज में ही शादी करेंगे। बहुत समझाया लेकिन नहीं मानते वो।”
मैं कुछ बोल नहीं पायी। आज के वक्त में जब समय इतना बदल गया है, स्त्री पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है तब ऐसी मानसिकता पर गुस्सा आने लगता है लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकती थी। मैं रोआंसी हो गई।
सोनू:- “कोई बात नहीं हम कोर्ट मैरिज कर लेंगे।
मैं:- ” नहीं घरवालों को नाराज करके शादी नहीं करनी है हमें। मैं उन्हें मनाने की कोशिश करूंगी।”
सोनू :- “कोई फायदा नहीं। मैं बहुत कोशिश कर चुका हूं।” मैं:- “फिर भी मैं एक बार और कोशिश करूंगी। मम्मी आने वाली है सोच रही हूं तुमको मिलाऊं या नहीं।”
सोनू:- “क्यों मम्मी से मिलने में क्या हर्ज है?”
मैं:- “हर्ज तो कुछ नहीं लेकिन कहूंगी क्या तुम्हारे बारे में। तुम्हारे मम्मी पापा से मिलने के बाद ही मैं तुम्हारे बारे में मम्मी से बात करूंगी।”
सोनू:- “जैसा ठीक लगे तुम्हें।”
मैं:- “मम्मी को जाने दो फिर तुम्हारे मम्मी पापा से बात करती।
अगले दिन सुबह-सुबह बस स्टाप पर मां को लेने पहुंची। उन्हें लेकर घर आई और ऑनलाइन क्लासेस लेने के लिए लैपटॉप के सामने बैठ गई। घंटे भर बाद देखा कि मां चाय के लिए मेरी राह देख रही है।
मां:- “चलो जल्दी! चाय तैयार है। हर काम धीरे करती हो। पता नहीं ससुराल में कैसे सब संभालोगी?  मुझे बाजार भी जाना है। किचन में सब अस्त-व्यस्त पड़ा है। कुछ जरूरत का सामान भी लाना है।”
मैं:- “आ रही हूं मां! आते ही शुरू हो गई। बाजार कल चलेंगे। कल मैं जल्दी फ्री हो जाऊंगी तब बाजार चलेंगे। आज बहुत बिजी शेड्यूल है।”
मां:- “ठीक है तेरी पसंद के आलू के पराठे बनाने वाली हूं। खाएगी ना?”
मैं:- “हां तुम्हारे हाथ का आलू का पराठा क्यों नहीं खाऊंगी मैं। रोज-रोज थोड़े ही मिलता है मुझे”। और मां की गोद में सर रख दिया
मां:- “क्या बात है कुछ परेशान लग रही हो? सब ठीक तो है?
मैं:- “नहीं बस ऐसे ही। सेंटर की परेशानी रहती है एग्जाम करीब आ रहे हैं तो काम का प्रेशर भी ज्यादा हो गया है।”
चार दिन बाद मां चली गई तब मैंने सोनू से उनके मम्मी पापा से बात करने के लिए कहा।
शाम में जब वह घर आया तो साथ में खाने का पार्सल भी लेता आया।
मैं:- “यह क्यों ले आए मैं घर में ही कुछ बना लेती थी।
सोनू:- “आ रहा था तो गरमा गरम समोसे दिखे तो ले लिया।”
मैं:- “फोन लगाओ अपनी मम्मी को।”
सोनू:-  “हूं” और नंबर मिलाने लगता है। कुछ देर बाद उसकी मां फोन उठाती है।
सोनू की मां:- “हेलो बेटा! बोलो।”
मैं:- “आंटी नमस्ते! मैं रितिका सोनू की दोस्त बोल रही हूं।” आंटी:- “बोलो बेटा।”
मैं:- “आंटी आपसे कुछ बात करनी थी। सोनू ने मेरे और अपने बारे में आपको बताया होगा।
आंटी:- “हां! बताया था और उसने तुम्हें हमारा जवाब भी बता दिया होगा।”
मैं:- “जी क्या सिर्फ एक उसी वजह से आप मुझे और सोनू को दूर कर देना चाहती हैं?  मैं पूरी कोशिश करूंगी कि मैं आपके परिवार में पूरी तरह ढल जाऊं। मुझे एक मौका तो मिलना ही चाहिए। हम दोनों काफी वक्त से साथ में हैं और एक दूसरे को खोना नहीं चाहते। आप एक बार सोचिए तो सही।”
आंटी:- “नहीं बेटा! मेरा एक ही बेटा है और उसकी शादी मैं अपने समाज में ही करना चाहती हूं। कल को कोई ऊंच-नीच हो गई तो मैं समाज में कहाँ मुंह दिखाऊंगी। बेहतर होगा कि तुम सोनू को छोड़ दो।”
मैं कुछ कह नहीं पायी। आंखों में से आंसू टपकने लगे।
सोनू:- “मैंने कहा था कि वो नहीं मानेंगी पर तुम भी जिद लेकर बैठी थी। हो गई तसल्ली।”
मैं:- “अच्छा एक बात बताओ। क्या शादी के बाद मुझे तुम्हारे घर में प्रेम और सम्मान मिल पायेगा? क्या हम दोनों शांति से जीवन बिता पायेंगे? मेरे और तुम्हारी मां के बीच तुम अपना व्यवहार कितना न्यायसंगत कर पाओगे? और मैं मेरी मां का ध्यान सही तरीके से रख पाऊंगी क्या ऐसी स्थिति में?”
मैंने सोनू से कहा कि, “तुम जाओ।”
सोनू कुछ बोलने जा रहा था कि मैंने उसके होंठों पर हाथ रख दिया और कहा कि जाओ बाद में मिलना।”
बाद में सोनू ने मुझसे मिलने की बहुत कोशिश की लेकिन मैं उससे नहीं मिली। कुछ समय बाद मैं मां के पास अपने शहर इंदौर वापस आ गई।
मैं कह नहीं पा रही थी यह रूढ़ियाँ अक्सर कितनी तकलीफ दे जाती है जीवन में। क्या मैं किसी और को आसानी से अपना पाऊंगी? क्या सोनू किसी दूसरी के साथ खुश रह पाएगा? समाज में इतनी जड़ता क्यों है आखिर? आखिर चाहतें भी तो कुछ मायने रखती हैं। सोनू का नंबर मैंने ब्लॉक कर रखा था और अकेलेपन के सफर को अकेली ही तय करना शुरू कर दिया था। ;~ प्रियंका वर्मा माहेश्वरी

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मिशन शक्ति के अंतर्गत “उत्तम आहार उत्तम विचार” कार्यक्रम संपन्न

कानपुर 24 सितंबर, क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर के मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत पोषण संबंधी वेबिनर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की उप प्राचार्या डॉ सबीना बोदरा द्वारा प्रार्थना से की गई। डॉ विभा दीक्षित ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ बी एन आचार्य जी का परिचय देकर उनका स्वागत किया।
इस वेबिनार में मुख्य वक्ता डॉ बी एन आचार्य (निर्देशक : आरोग्य भारती कानपुर महानगर ) ने सभी को “उत्तम आहार उत्तम विचार” की मानसिकता के प्रति जागरूक कर पोष्टिक आहार से जीवन को सहज बनाने को प्रेरित किया एवं स्वास्थ्य संबंधित बातों पर जोर देते हुए संतुलित पोषण को निरोगी जीवन का आधार बताया ।
मिशन शक्ति की प्रभारी डॉ मीतकमल ने बताया कि पोषड़ का ये कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण हैं और साथ ही साथ उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव द्वारा कार्यक्रम की समाप्ति की। कार्यक्रम का संचालन खुशी मल्होत्रा द्वारा किया गया। बदलाव के अभिकर्ता के स्वयं सेवक के रूप में शफक नाज़ , वेदांत मिश्रा ,नमन अग्रवाल ,अनिरुद्ध द्विवेदी, आदि ने प्रशंसनीय कार्य किया । यह पूरा कार्यक्रम प्राचार्य डॉ जोसेफ डेनियल के निर्देश नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में १०० से भी अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

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शक्ति कानपुर प्रांत, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं क्राइस्टचर्च कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान अल्जाइमर नामक बीमारी के बारे में महिलाओं को एनएसएस यूनिट द्वारा इसके बचाव व रोकथाम की जानकारी दी गई

कानपुर 21 सितंबर, शक्ति कानपुर प्रांत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं क्राइस्टचर्च कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान द्वारा जूम प्लेटफार्म पर ऑनलाइन अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है जिसमें अल्जाइमर नामक बीमारी के बारे में महिलाओं को एनएसएस यूनिट द्वारा इसके बचाव व रोकथाम और कैसे यह बीमारी होती है इसके बारे में जानकारी दी जा रही है इस प्रोग्राम में क्राइस्टचर्च कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सुनीता वर्मा एनएसएस प्रोग्राम आफिसर, डॉ के.एन. मिश्रा, डॉ. उमेश पालीवाल, डॉ. राज लक्ष्मी त्रिपाठी, डॉ जोसेफ डेनियल डॉ सबीना बोदरा एवं शक्ति कानपुर से मीडिया प्रभारी संध्या सिंह एवं मिथिलेश अवस्थी अर्चना सपना निषाद संजू शर्मा आज सभी लोग शामिल हुए

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नगर आयुक्त द्वारा कानपुर दक्षिण के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर जलभराव का जायजा

संवाद सूत्र जिला सूचना, कानपुर 16 सितंबर, में भारी वर्षा के दौरान नगर आयुक्त द्वारा कानपुर दक्षिण का प्रमुख स्थलों कर निरीक्षण कर जलभराव का जायजा लिया गया । यहॉ मौके पर महाप्रबन्धक जलकल, व सम्बन्धित जोन के जोनल अधिकारी, जोनल अभियन्ता, जोनल स्व0 अधिकारी आदि अधिकारी/कर्मचारीगण मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान किदवई नगर थाने के सामने, आर0बी0आई0 नाला, एच0 ब्लॉक किदवई नगर, मुख्य चौराहा, साइट नं0 01, पनकी इण्ड0 एरिया, श्याम नगर, जी0टी0 रोड, काशीराम अस्पताल, अफीम कोठी चौराहा, कम्पनी बाग चौराहा, जी0एस0वी0एम0 मेडिकल कालेज परिसर आदि जगहो पर जल जमाव को तत्काल दुरूस्त कराने के निर्देश दिये गये।

अपील
समस्त नगर वासियो से अपील है कि वर्षा के दृष्टिगत होने वाली जलभराव व सफाई समस्या के सम्बन्ध में नगर निगम कन्ट्रोल रूम 05122526004, 05122526005, 8601811111 पर किसी भी समय अवगत कराये, जिससे नगर निगम टीम त्वरित कार्यवाही करते हुये समस्याओं का गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करा सके। नगर निगम टीम पूरी तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।

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मिशन शक्ति के अंतर्गत क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की टीम ने उच्चतम सामाजिक सोच को बढ़ावा देते हुए महिलाओं के बीच में सेनेटरी पैड का वितरण किया

कानपुर 15 सितंबर 2021 भारतिय स्वरूप संवाददाता, मिशन शक्ति के अंतर्गत क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की टीम ने उच्चतम सामाजिक सोच को बढ़ावा देते हुए महिलाओं के बीच में सेनेटरी पैड का वितरण किया। बच्चों ने पेंसिल रबड़ शार्पनर और कुछ बुक्स वितरित की, कार्यक्रम की संचालक के रूप में डॉ सूफिया सहाब ( आईसीसी संयोजक ) एवं डॉ शिप्रा श्रीवास्तव ( वूमेन सेल संयोजक) ने नारियों के ऊपर किए जाने वाले उत्पीड़नो को न सहने को और उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया एवं जरूरत पड़ने पर भारत सरकार द्वारा वुमन हेल्पलाइन नंबर से भी अवगत कराया । मिशन शक्ति प्रभारी डॉ मीत कमल ने महिलाओं को शिक्षित होने पर एवं उनके सशक्त होने पर जोर दिया। बदलाव के अभिकर्ता के स्वयंसेवक के रूप में अनिरुद्ध दिवेदी , अंजली सचान , तयबा अख्तर, विवेक पटेल, मैत्री पन्ना, वेदांत मिश्रा आदि इस कार्यक्रम के प्रतिभागी बनकर अत्यंत प्रशंसनीय कार्य किया । यह पूरा कार्यक्रम प्रिंसिपल डॉ जोसेफ डेनियल तथा वाइस प्रिंसिपल डॉ सबीना बोदरा के सफल मार्गदर्शन एवं निर्देश नेतृत्व में संपन्न हुआ

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मंडलायुक्त ने यूपीएफसी का लिया अतिरिक्त प्रभार

कानपुर 13 सितंबर,”श्रम आयुक्त यूपी” और “एमडी उत्तर प्रदेश वित्त निगम (यूपीएफसी)” का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए मंडलायुक्त राजशेखर_

_मंडलायुक्त राजशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के तहत विभाग को सौंपे गए कार्यों में उत्साहजनक परिणाम देने के लिए हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे_

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औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज सभागार में डेंगू , मलेरिया ओर कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी के संबंध में बैठक

कानपुर 12 सितंबर, औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज सभागार में जनपद में डेंगू मलेरिया व कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियो के सम्बंध में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर इलाज मिले, किसी भी प्रकार के कोई सनसाधनों की कोई कमी नहीं है बेहतर प्रबंधन से हम बड़ी से बड़ी महामारी पर कंट्रोल कर सकते हैं इसके लिए पूरी क्षमता से कार्य करना है और समस्त डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी मेहनत करनी है आप लोगो की कड़ी मेहनत की वजह से ही कोरोना पर अंकुश लगा है ।उन्होंने कहा कि कहा कहा डेंगू की टेस्टिंग होगी इसके लिए लोगो को बताया जाए तथा नगर निगम के स्थापित कंट्रोल रूम नम्बर 18001805159 पर अब डेंगू, मलेरिया व वायरल फीवर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी दी जाती रहे इसके लिए लोगो को बताया जाए।शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई होती रहे इसके लिए कार्य योजना बना कर अभियान के तौर पर सफाई कराई जाए तथा लोगो को सफाई हेतु जागरूक भी किया जाता रहे । उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की सम्पूर्ण तैयारी कर ली जाए इसके लिए मार्च व अप्रैल माह में ऑक्सीजन की कितनी आवश्यकता थी उसका आकलन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरकारी व्यवस्था व समस्त प्राइवेट व्यवस्था के अनुसार कर ले ।जो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने है इसके लिए जो समस्या आ रही है उनका निस्तारण युद्ध स्तर पर करे ताकि प्लांट जल्दी स्थापित हो सके।उन्होंने हैलेट अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तो उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि हैलेट अस्पताल में 200 बेड तीसरी लहर के लिए बनाया गया था जिसमें वतर्मान में वारयल फीवर के मरीज भर्ती है। आने वाले मरीजों को बेहतर ईलाज किया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीज को प्रत्येक दशा में बेहतर इलाज मिले इसमे लापरवाही नही होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी कानपुर नगर, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर , नगर आयुक्त , मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदि उपस्थित रहे।

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एसोसिएशन ऑफ एलाइंस क्लब कानपुर भूमिजा एवं कानपुर सृजन का अधिष्ठापन समारोह संपन्न

कानपुर 11 सितम्बर, शुक्रवार को होटल के. डी. पैलेस में एसोसिएशन ऑफ एलाइंस क्लब कानपुर भूमिजा एवं कानपुर सृजन का अधिष्ठापन समारोह संपन्न हुआ,

समारोह में शिक्षा ओर कला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले करीब 30 शिक्षको को महापौर प्रमिला पांडेय द्वारा सम्मानित किया गया,

इस मौके पर राजीव शुक्ल, राजेंद्र गर्ग, नलिन श्रीवास्तव, डा शिप्रा श्रीवास्तव, डा प्रियंका सिंह, अंजू शुक्ल, डा राजकिशोर सिंह, आदि उपस्थित रहे।

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर के तत्वाधान में एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित

कानपुर, दिनांक 11 सितम्बर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर के तत्वाधान एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर श्री में दीवानी न्यायालय परिसर कानपुर नगर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर, सिविलवाद, लघुवाद, आपराधिक एवं वैवाहिक आदि वादों का तथा प्रीलिटीगेशन स्तर पर विभिन्न बैंको के वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार आर0 पी0 सिंह, की अध्यक्षता पर किया गया। दीवानी न्यायालय के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा 11089 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें मु० और 8.33.39.397.00 रु0 धनराशि दिलायी/वसूल की गयी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 171 वादो का निस्तारण किया गया और 5,61,41,000.00 रु0 धनराशि दिलायी की गयी। कामर्शियल कोर्ट द्वारा 22 वादो का निस्तारण किया गया और 1.56,51,256.00 रु0 धनराशि दिलायी की गयी। प्रीलिटीगेशन स्तर पर 1028 वादो का निस्तारण किया गया 4,48,97.926.00 रु0 का समझौता बैंको द्वारा किया गया। विशेष उल्लेखनीय है कि, आर0 पी0 सिंह, जनपद न्यायाधीश, कानपुर नगर द्वार कुल-12 वादों का निस्तारण कर 25,000.00 रूपये वसूल/दिलाये गये। इस प्रकार कुल मिलाकर 12117 वादो का निस्तारण किया गया तथा कुल धनराशि 12,82,37,323.00 रु0 वसूल/दिलायी गयी। वैवाहिक प्रकृति के कुल 67 वादो का निस्तारण किया गया जिसमें प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय, कानपुर नगर श्री रमेश चन्द्र-I, द्वारा 47 वादों का निस्तारण किया गया एवं कुल 09 पारिवारिक जोड़ों को महोदय द्वारा आशीर्वाद देकर एक दूसरे को गले मिलवाया गया व एक-दूसरे को मिठाई खिलवाकर विदा किया गया। मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर श्री शैलेन्द्र यादव द्वारा सर्वाधिक 5057 मुकदमों का निस्तारण किया गया। आज राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में रामगोपाल विधि महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राओं द्वारा न्यायालय में उपस्थित होकर न्यायालयों की कार्यवाही का अवलोकन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन श्री प्रथम कान्त, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष सं0-04 एवं श्रीमती अंशू शुक्ला, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर द्वारा किया गया।

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सिटी बस सेवाओं में सुधार लाने हेतु और संचालन हानि को कम करने के लिए मंडलायुक्त / अध्यक्ष द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

सिटी बस सेवाओं में सुधार लाने हेतु और संचालन हानि को कम करने के लिए मंडलायुक्त / अध्यक्ष द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।

1) कानपुर सिटी ट्रान्सपोर्ट सर्विसेज लि0 की संचालन के संबंध में एक बैठक आहूत की गयी, बैठक के दौरान के.सी.टी.एस.एल के संचालन के संबंध में निम्न बिन्दुओ पर चर्चा हुई एवं उन पर तत्काल कार्यवाही/अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गये:-

2) अवगत कराया गया कि कानपुर सिटी ट्रान्सपोर्ट सर्विसेज लि0 के पास 270 बसें थीं जिनमें से 80 मेरठ सिटी ट्रान्सपोर्ट सर्विसेज लि0 को भेज दी गयीं, 39 बसें निष्प्रयोज्य की गयीं तथा 5 बसें नीलामी में लगी हैं। इस प्रकार वर्तमान में कम्पनी के पास 146 बसें हैं जिनमें से 20 बसें लो-फ्लोर बसे हैं जो वर्तमान में चल नही रही है। इस प्रकार वर्तमान में 126 बसें आपरेशनल हैं। जानकारी करने पर अवगत कराया गया कि 39 बसों को निष्प्रयोज्य किये जाने का निर्णय तत्कालीन आयुक्त/अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2018 में किया गया था। निर्देशित किया गया कि सभी बसें पूर्ण क्षमता के साथ आपरेशनल की जायें।

3) लो-फ्लोर बसों का संचालन मेट्रो का कार्य गतिशील होने के कारण लगभग डेढ़ वर्षों से नही हो रहा है। इस सम्बन्ध में निर्देश दिये गये कि सम्बन्धित अधिकारी साइट पर जाकर देखें और इन बसों का संचालन प्रत्येक दशा में प्रारम्भ करायें। प्रस्तावित 100 इलेक्ट्रिक बसों के अन्दर विज्ञापन कराये जाने की कार्य योजना तैयार की जाये जिससे आय हो सके। निर्देशित किया गया कि आय-व्यय का लक्ष्य इस प्रकार से निर्धारण किया जाये कि प्रत्येक वर्ष अनुमानित आय में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो। वर्ष 2019-20 का जो रू0 78.60 लाख लक्ष्य निर्धारित किया गया था, उससे वर्तमान लक्ष्य कम न हो। इस सम्बन्ध में समुचित अनुश्रवण कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाये। प्रर्वतन दस्ते द्वारा समय-समय पर बसों मे टिकट चेक किये जायें और इस सम्बन्ध में दोषी पाये जाने पर कर्मचारियों/परिचालकों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
4) सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, के.सी.टी.एस.एल. को निर्देश दिये गये कि टाॅप 20 रूटों का तीन दिन के अन्दर सर्वे कराकर पिकिंग प्वाइन्टों पर चलने वाली डग्गामार/अवैध रूप से संचालित वाहनों की सूची तैयार करने एवं उनकी वीडियो फोटोग्राफी इस प्रकार से करायी जाये कि डग्गामार वाहनों की स्थिति का पता चल सके। ऐसे अवैध रूप से संचालित वाहनों की सूची तैयार कर उपायुक्त, यातायात एवं सम्भागीय परिवहन अधिकारी, कानपुर के साथ बैठक कर, उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जिन रूटों पर आय कम हो रही है, उनका प्रत्येक माह रिव्यू किया जाये। इस सम्बन्ध में कृत कार्यवाही की आख्या एक सप्ताह में प्रस्तुत की जाये।

5) अवगत कराया गया कि 100 इलेक्ट्रिक बसों का रूट तय हो गया है। यह बसें शहर के अन्दर 07 रूटों पर संचालित की जायेंगी। इस सम्बन्ध में निर्देश दिये गये कि इन बसों के संचालन से पूर्व मेट्रो के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर यह तय कर लें कि इन बसांे का संचालन किस प्रकार किया जाये ताकि आय में वृद्धि की जा सके। निर्देशित किया गया कि इन बसों के जो रूट तय हो जायें, उनके अतिरिक्त बसें अन्य रूट पर कदापि न जायें। इस सम्बन्ध में प्लान तैयार कर इस माह के अन्तिम तक आख्या उपलब्ध करा दी जाये।

6) आयुक्त द्वारा काॅल सेन्टर का एक प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिये गये, जिसका संचालन दो शिफ्टों में किया जायेगा, जिसमे प्राप्त होने वाले शिकायत/सुझाव की काॅल रिकार्डिंग दर्ज होगी। इस हेतु किसी प्रोफेशनल काॅल सेन्टर का विजिट कर उनसे सुझाव/मार्गदर्शन प्राप्त करके अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। प्रत्येक बस में सी0सी0टी0वी0 व जी0पी0एस0 सिस्टम लगाये जायें और बसों के नम्बर का डिस्प्ले कराया जाये। उक्त कार्य स्मार्ट सिटी के तत्वाधान में कराये जाने की रूपरेखा तैयार करायी जाये। निर्देश दिये गये कि हेल्पलाइन स्थापित कर उसे 50 दिन के अन्दर (30 October तक) प्रारम्भ किया जाये।

7) प्रतिवर्ष नगरीय बस सेवाओं की “संचालन हानि” लगभग ₹ 10 से 12 करोड़ रहता है। और प्रतिवर्ष हानि बढ़ रहा है।
लेकिन वर्तमान में प्रभावी परावर्तन और नई कई रूट्स पर बस संचालन से आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

मंडलायुक्त ने एक बड़ी लक्ष कर रूप में आगामी 3 वर्षों में संचालन हानि को शून्य करने के निर्देश दिए है।
इस वर्ष ₹ 2 करोड़, वर्ष 2022- 23 में ₹ 4 करोड़, वर्ष 23-24 में ₹ 5 करोड़ “संचालन हानि “ में कमी लाने हेतु प्लान कर उसका फ़ॉलोअप करने के निर्देश दिए।

8) निर्देशित किया गया कि कोविड गाइडलाइन के अनुसार समस्त मार्गों पर संचालित होने वाली सभी नगरीय बसें पूर्ण रूप से साफ-सुथरी एवं सेनेटाइज्ड हों तथा चालक/परिचालक वर्दी पहने हों एवं मास्क लगायें हों तथा सभी यात्रियों को भी मास्क लगाये जाने हेतु प्रेरित किया जाये।

बैठक में श्री अनिल कुमार अग्रवाल, प्रबन्ध निदेशक, के.सी.टी.एस.एल. कानपुर, श्री धीरज पाण्डेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक(वित्त), के.सी.टी.एस.एल.कानपुर, श्री आर.के. सिंह, अधिशाषी अभियन्ता, नगर निगम, कानपुर, श्री अरविन्द शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, सी0एण्डडी0एस0 विभाग, उ0प्र0 जल निगम, कानपुर, श्री एस0सी0 शंखवार, सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, के.सी.टी.एस.एल. फजलगंज, श्री जुनैद अहमद अंसारी, सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक (चे0प्र0/संचा0), के.सी.टी.एस.एल फजलगंज, श्री राम सिंह, प्रबन्धक, पी0एम0आई0 इलेक्ट्रो मोबिलिटी सा0प्रा0लि0 उपस्थित रहे।

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