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Bharatiya Swaroop

भारतीय स्वरुप एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है। सम्पादक मुद्रक प्रकाशक अतुल दीक्षित (published from Uttar Pradesh, Uttrakhand & maharashtra) mobile number - 9696469699 : 9415153880

राष्ट्रपति ने देश भर के स्कूलों के छात्रों के साथ रक्षाबंधन मनाया

रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।

इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भावना पर प्रकाश डाला गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि रक्षाबंधन प्रेम के बंधन का प्रतीक है जिसे बड़ों, साथियों और यहां तक कि पर्यावरण सहित किसी के भी साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पेड़ पृथ्वी की रक्षा करते हैं, संरक्षक की तरह कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें सावधानीपूर्वक लगाया और पोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लोगों और पर्यावरण, दोनों के प्रति प्रेम, सुरक्षा और ज़िम्मेदारी के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने-अपने क्षेत्रों की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया। समारोह के एक भाग के रूप में, छात्रों ने राष्ट्रपति को पर्यावरण-अनुकूल राखियां और हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए, जो पर्यावरण जागरूकता, रचनात्मकता और समावेशिता का प्रतीक थे। इस यादगार कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत के राष्ट्रपति के साथ रक्षाबंधन मनाने का जीवन में एक बार मिलने वाला

अवसर प्रदान किया, जिससे भारत की सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत के बारे में उनकी समझ गहरी हुई।

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चुनाव व्यवस्था में सफाई: चुनाव आयोग ने 334 आरयूपीपी को सूची से हटाया

देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्यीय/आरयूपीपी) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1955 की धारा 29ए के प्रावधानों के अंतर्गत चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत हैं।
  1. वर्तमान में, चुनाव आयोग के साथ 6 राष्ट्रीय दल, 67 प्रादेशिक दल और 2854 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) पंजीकृत हैं। (अनुलग्नक: राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों की सूची)
  2. राजनीतिक दलों के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देशों में उल्लेख किया गया है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा।
  3. इसके साथ ही, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के अनुसार, दलों को पंजीकरण के समय नाम, पता, पदाधिकारी आदि जैसे विवरण देने होंगे और किसी भी तरह के बदलाव की जानकारी बिना किसी देरी के आयोग को देनी होगी।
  4. इससे पहले, जून 2025 में, भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उपरोक्त शर्तों के अनुपालन के संबंध में 345 आरयूपीपी की सत्यापन जांच करने का निर्देश दिया था।
  5. मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने जांच की, इन आरयूपीपी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए और प्रत्येक पक्ष को व्यक्तिगत सुनवाई कर जवाब देने और अपना विषय प्रस्तुत करने का मौका दिया।
  6. इसके बाद, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर, कुल 345 आरयूपीपी में से 334 आरयूपीपी उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं करते पाए गए। बाकी विषयों को दोबारा सत्यापन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को वापस भेज दिया गया है।
  7. आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, 334 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया है (लिंक: https://www.eci.gov.in/list-of-political-parties)। अब, कुल 2854 में से 2520 आरयूपीपी शेष हैं। सूची से हटाने की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की चुनावी प्रणाली को स्वच्छ बनाने की एक व्यापक और सतत रणनीति का हिस्सा है।
  8. ये आरयूपीपी अब आयकर अधिनियम, 1961 और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29बी और धारा 29सी के प्रावधानों के अंतर्गत कोई लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगे। इस आदेश से व्यथित कोई भी पक्ष आदेश के 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील दाखिल कर सकता है।

अनुलग्नक

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल

क्रम संख्या राजनीतिक दल का नाम
1 आम आदमी पार्टी
2 बहुजन समाज पार्टी
3 भारतीय जनता पार्टी
4 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
5 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6 नेशनल पीपुल्स पार्टी

 

मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दल

क्रम संख्या राजनीतिक दल का नाम क्रम संख्या राजनीतिक दल का नाम
1 एजेएसयू पार्टी 2 ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
3 ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 4 ऑल इंडिया मजलिसइत्तेहादुल मुस्लिमीन
5 ऑल इंडिया एन.आरकांग्रेस 6 ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस
7 ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट 8 अपना दल (सोनेलाल)
9 असम गण परिषद 10 भारत आदिवासी पार्टी
11 भारत राष्ट्र समिति 12 बीजू जनता दल
13 बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 14 सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम
15 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (लिबरेशन)
17 देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम 18 द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
19 गोवा फॉरवर्ड पार्टी 20 हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
21 इंडियन नेशनल लोक दल 22 इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
23 इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा 24 जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस
25 जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी 26 जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
27 जनसेना पार्टी 28 जनता दल (सेक्युलर)
29 जनता दल (यूनाइटेड) 30 जननायक जनता पार्टी
31 जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) 32 झारखंड मुक्ति मोर्चा
33 केरल कांग्रेस 34 केरल कांग्रेस (एम)
35 लोक जनशक्ति पार्टी 36 लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास)
37 महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 38 महाराष्ट्रीय गोमांतक
39 मिजो नेशनल फ्रंट 40 नाम तमिलर कत्ची
41 नागा पीपुल्स फ्रंट 42 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
43 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार 44 राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी
45 पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट 46 पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल
47 राष्ट्रीय जनता दल 48 राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
49 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 50 रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले)
51 रिवॉल्यूशनरी गोवन्स पार्टी 52 रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
53 समाजवादी पार्टी 54 शिरोमणि अकाली दल
55 शिवसेना 56 शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
57 सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 58 सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा
59 तेलुगु देशम पार्टी 60 टिपरा मोथा पार्टी
61 यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 62 यूनाइटेड पीपुल्स पार्टीलिबरल
63 विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची 64 वॉयस ऑफ  पीपुल पार्टी
65 युवजन श्रमिक रैतु कांग्रेस पार्टी 66 जोरम नेशनलिस्ट पार्टी

 

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संचार साथी मोबाइल ऐप के डाउनलोड की संख्या लॉन्च के लगभग 6 महीने में 50 लाख के पार 

दूरसंचार विभाग (डीओटी) की संचार साथी पहल ने दूरसंचार सुरक्षा बढ़ाने और नागरिकों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। लॉन्च के बाद से, इस मोबाइल ऐप ने छह महीनों के भीतर 50 लाख से ज़्यादा डाउनलोड प्राप्त कर लिए हैं। भारत की व्यापक भाषाई और क्षेत्रीय विविधता को ध्यान में रखते हुए, डीओटी ने अंग्रेजी, हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं को सपोर्ट करके ऐप की पहुँच का विस्तार किया है। धोखाधड़ी वाले कॉल और संदेशों की रिपोर्टिंग को और भी आसान बना दिया गया है, अब उपयोगकर्ता कुछ ही टैप में सीधे अपने कॉल और एसएमएस लॉग से रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।
अपनी शुरुआत से अब तक, संचार साथी पहल के तहत 5.35 लाख से ज़्यादा खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट वापस मिल चुके हैं, नागरिकों की रिपोर्ट के आधार पर 1 करोड़ से ज़्यादा अनधिकृत मोबाइल कनेक्शन काटे गए हैं, और चक्षु सुविधा के ज़रिए चिह्नित 29 लाख से ज़्यादा मोबाइल नंबरों को निष्क्रिय किया गया है। संचार साथी पोर्टल पर 16.7 करोड़ से ज़्यादा लोग आ चुके हैं, जो इस नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
दूरसंचार विभाग ने वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) भी लागू किया है, जो वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम से जुड़े मोबाइल नंबरों का आकलन और वर्गीकरण करता है। यह उपकरण बैंकों, एनबीएफसी और यूपीआई सेवा प्रदाताओं को उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने में सक्षम बनाता है। परिणामस्वरूप, 34 वित्तीय संस्थानों ने एफआरआई रेटिंग के आधार पर 10.02 लाख बैंक खातों/भुगतान वॉलेट को फ्रीज कर दिया है और 3.05 लाख खातों पर डेबिट/क्रेडिट प्रतिबंध लगा दिए हैं।
16 मई 2023 को लॉन्च किए गए पोर्टल की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, दूरसंचार विभाग ने 17 जनवरी 2025 को संचार साथी मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जो उपयोगकर्ताओं को दूरसंचार सुरक्षा सेवाओं तक सीधी और सुविधाजनक पहुँच प्रदान करता है। एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अपनी दूरसंचार पहचान की सुरक्षा करने और संभावित धोखाधड़ी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है।
संचार साथी मोबाइल ऐप की मुख्य विशेषताएं:
• चक्षु – संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्ट करें:
मोबाइल फोन लॉग से सीधे संदिग्ध कॉल और एसएमएस की तुरंत रिपोर्ट करें।
• अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन जानें:
अपने नाम से पंजीकृत सभी मोबाइल नंबरों को देखें और प्रबंधित करें, जिससे अनधिकृत कनेक्शनों का पता लगाने और उन्हें हटाने में मदद मिलेगी।
• खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करना:
यदि आपका मोबाइल डिवाइस खो जाए या चोरी हो जाए तो उसे तुरंत ब्लॉक करें, ट्रेस करें और रिकवर करें।
• मोबाइल हैंडसेट की वास्तविकता जानें:
खरीदारी करने से पहले आसानी से सत्यापित करें कि हैंडसेट असली है या नहीं।
संचार साथी पहल जनभागीदारी यानी शासन में नागरिकों की भागीदारी का एक उदाहरण है। उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दूरसंचार विभाग इन रिपोर्टों पर तेज़ी से कार्रवाई करता रहता है, और सार्वजनिक पारदर्शिता के लिए पोर्टल पर स्टेटस डैशबोर्ड उपलब्ध हैं।
दूरसंचार अवसंरचना और उपभोक्ता सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध, दूरसंचार विभाग सभी नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध दूरसंचार गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए संचार साथी प्लेटफ़ॉर्म का पूर्ण उपयोग करने की अपील करता है।
संचार साथी मोबाइल ऐप यहां से डाउनलोड किया जा सकता है:

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प्रधानमंत्री मोदी का आज कर्नाटक दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कर्नाटक का दौरा करेंगे। वह  बेंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन पर 3 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद, वह बैंगलोर मेट्रो की येलो लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे और आरवी रोड (रागीगुड्डा) से इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी करेंगे।

दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री बेंगलुरु में शहरी संपर्क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। श्री मोदी एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री बैंगलोर मेट्रो चरण-2 परियोजना के तहत आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा तक येलो लाइन का उद्घाटन करेंगे। इस लाइन की लंबाई 19 किलोमीटर से अधिक है और इसमें 16 स्टेशन हैं। इस पर लगभग 7,160 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस येलो लाइन के खुलने से, बेंगलुरु में मेट्रो का परिचालन नेटवर्क 96 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा और इस क्षेत्र की बड़ी जनसंख्या को सेवा प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री 15,610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की बैंगलोर मेट्रो चरण-3 परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इस परियोजना की कुल लंबाई 44 किलोमीटर से अधिक होगी और इसमें 31 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह बुनियादी ढांचा परियोजना शहर की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगी और आवासीय, औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा शैक्षणिक क्षेत्रों की ज़रूरतों को पूरा करेगी।

प्रधानमंत्री बेंगलुरु से तीन वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें बेंगलुरु से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी) से पुणे तक की ट्रेनें शामिल हैं। ये हाई-स्पीड ट्रेनें क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी, यात्रा के समय को कम करेंगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।

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गांवों तक बारहमासी सड़क संपर्क

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) यह सुनिश्चित करके समावेशी विकास को बढ़ावा देती है कि दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में बारहमासी सड़क संपर्क हो और उन्हें विकास प्रक्रिया में एकीकृत किया जाए। इससे क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में मदद मिलती है और यह सुनिश्चित होता है कि विकास का लाभ ग्रामीण समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।

पीएमजीएसवाई के माध्यम से बेहतर सड़क अवसंरचना ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान की है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हुआ है और जीवन की गुणवत्ता में समग्र सुधार हुआ है। इसने संपर्क बढ़ाकर और कृषि उपज को बाज़ारों तक पहुंचाकर ग्रामीण आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस बेहतर पहुंच से किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलती है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे राष्ट्रीय विकास को बल मिलता है।

ग्रामीण आबादी को बाज़ारों और रोज़गार के अवसरों से जोड़कर, पीएमजीएसवाई गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आजीविका के विविधीकरण को सक्षम बनाता है और लोगों को अर्थव्यवस्था में अधिक पूर्ण रूप से भाग लेने में मदद करता है, जिससे जीवन स्तर में सुधार होता है। यह कार्यक्रम सड़क निर्माण और रखरखाव में पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ प्रथाओं पर भी ज़ोर देता है, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना और बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।

शुरुआत से लेकर 05.08.2025 तक कुल 8,38,611 किलोमीटर सड़क लंबाई स्वीकृत की गई है, जिसमें से पीएमजीएसवाई के विभिन्न हस्तक्षेपों/वर्टिकल के तहत 7,83,620 किलोमीटर सड़क लंबाई पूरी हो चुकी है।

मार्च 2020 के बाद से, अब तक कुल 74,324.36 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, और पीएमजीएसवाई के विभिन्न हस्तक्षेपों/वर्टिकल के अंतर्गत कुल 1,23,595 किलोमीटर सड़क लंबाई को मंजूरी दी गई है, और 1,57,666 किलोमीटर सड़क लंबाई का निर्माण पूरा हो चुका है। पीएमजीएसवाई का बजटीय आवंटन वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2022-23 से 19000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

पीएमजीएसवाई की शुरुआत से लेकर मार्च 2014 तक यानी 13 वर्षों में, देश भर में विभिन्न चल रहे हस्तक्षेपों/कार्यक्षेत्रों के अंतर्गत कुल 3,81,395 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया।

1 अप्रैल 2014 से मार्च 2024 तक, यानी 10 वर्षों में, देश भर में पीएमजीएसवाई के विभिन्न चल रहे हस्तक्षेपों/कार्यक्षेत्रों के अंतर्गत कुल 3,79,075 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है, जो कार्यान्वयन की तेज़ गति को दर्शाता है। राज्य/कार्यक्षेत्र-वार विवरण कार्यक्रम की वेबसाइट www.omms.nic.in -> प्रगति निगरानी -> मासिक प्रगति रिपोर्ट -> राज्य एमपीआर सारांश रिपोर्ट पर देखे जा सकते हैं।

पीएमजीएसवाई की इकाई बस्ती है, गांव नहीं। देश में कोर नेटवर्क में कुल 1,63,351 पात्र असंबद्ध बस्तियों (2001 की जनगणना के अनुसार) में से, 1,62,865 बस्तियों को पहले ही पीएमजीएसवाई-I के तहत बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान किया जा चुका है, और देश भर में 486 बस्तियों को संपर्क प्रदान किया जाना बाकी है। बस्तियों की कनेक्टिविटी का राज्यवार विवरण कार्यक्रम की वेबसाइट www.pmgsy.nic.in > प्रगति निगरानी > बस्ती कवरेज रिपोर्ट पर देखा जा सकता है। पीएमजीएसवाई-I (केवल छत्तीसगढ़), पीएमजीएसवाई-II, आरसीपीएलडब्ल्यूईए और पीएमजीएसवाई-III के तहत चल रही परियोजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा 31.03.2026 तक बढ़ा दी गई है। छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य सभी राज्यों में पीएमजीएसवाई-I कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा मार्च 2025 थी।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (पीएमजीएसवाई-IV) को 2024 में शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत 62,500 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़कों (एकल लेन) का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य 2011 की जनगणना के अनुसार, मैदानी इलाकों में 500+, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 250+, विशेष श्रेणी क्षेत्रों (अनुसूची V के जनजातीय, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, रेगिस्तानी क्षेत्र) में 250+ और वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में 100+ आबादी वाले लगभग 25,000 असंबद्ध पात्र बस्तियों को कनेक्टिविटी प्रदान करना है। पात्र बस्तियों की पहचान के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और मंत्रालय कार्यों को मंजूरी देने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है। पीएमजीएसवाई IV की समय-सीमा मार्च 2029 तक है।

यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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डीएफएस द्वारा वित्तीय समावेशन योजनाओं के अंतर्गत तीन माह का संतृप्ति अभियान

भारतीय स्वरूप कानपुर 8 अगस्त डीएफएस द्वारा वित्तीय समावेशन योजनाओं के अंतर्गत तीन माह का संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है जिसमें विभिन्न बैंकों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर सभी नागरिकों को वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूक करके अधिक से अधिक नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 8 अगस्त 2025 को बिधनू ब्लॉक की ग्राम पंचायत खेड़सा और पतारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मिर्जापुर में उक्त कैंपों का आयोजन हुआ जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक के सीजीएम श्री पी स खुआल एवं अन्य अधिकारीगण और अग्रणी जिला प्रबंधक के साथ उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के उप क्षेत्रीय प्रमुख उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बिधनू के शाखा प्रबंधक और बैंक ऑफ़ बडोदा के वित्तीय समावेशन विभाग की अधिकारी और बैंक ऑफ बड़ौदा रामसारी शाखा प्रमुख ने प्रतिभाग किया। इन कैंपों में भारी संख्या में नागरिक उपस्थित हुये जिनको प्रधानमंत्री जन धन योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अटल पेंशन योजना जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया और साथ ही खातों में री-केवाईसी और नॉमिनी अंकित करने के महत्व के बारे में बताया गया । ऐसे ही विभिन्न कम हर ग्राम पंचायत स्तर पर लग रहे हैं जिनमें शाखाएं नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करने का प्रयास कर रही है।

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हर घर तिरंगा अभियान पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, कार्यक्रम अधिकारी के कुशल निर्देशन में छात्राओं के द्वारा “हर घर तिरंगा अभियान – 2025” के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया गया। जिसमें छात्राओं के द्वारा स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा आदि की थीम से संबंधित पोस्टर बनाए गए।इस प्रतियोगिता में कुल 25 छात्राओं ने प्रतिभाग किया पोस्टर बनाकर उन्हें महाविद्यालय की दीवारों तथा नोटिस बोर्ड पर सजाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की प्रभारी प्रोफेसर शुभम शिवा, तथा असिस्टेंट प्रोफेसर पूजा श्रीवास्तव का योगदान सराहनीय रहा। महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर वंदना निगम तथा सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर ने छात्राओं के द्वारा बनाए गए पोस्टरों की सराहना की तथा सभी को इस अभियान में उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया।

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पूर्व मंत्री की नातिन ने ‘अपना मोर्चा’ के नेताओं पर लगाया आरोप

पूर्व मंत्री की नातिन ने कहा ‘‘लोग उनके बाबा की फोटो व नाम का निजी स्वार्थ के लिये कर रहे हैं प्रयोग।’’

चौधरी नरेन्द्र सिंह के समर्थकों से गुमराह न होने की अपील की।

आगे उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो विधिक कार्यवाही भी करेंगे।’’

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर। एनडीए में शामिल अपना दल (एस) से असंतुष्ट होकर एक नया संगठन तैयार करने वाले एक नेता पर भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री के परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि राजनीतिक महत्वाकाँक्षा की पूर्ति हेतु उनके बाबा जी की फोटो, नाम व ख्याति का लाभ लेना चाहता है।
यह भी आरोप लगाया कि असंतुष्ट नेता, सूबे की जनता व समाज को गुमराह कर रहा है, जबकि उनके बाबा जी ने निःस्वार्थ भाव से जन कल्यार्थ कार्य किया है, वो सदैव ही स्वार्थपरक राजनीति से दूर रहे एवं प्रदेश की जनता की सेवा करते रहे।
साकेतनगर स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश में पूर्व मंत्री रहे चौधरी नरेन्द्र सिंह की नातिन निहारिका सिंह ने बताया कि, निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु एनडीए में शामिल राजनैतिक पार्टी ‘अपना दल’ (एस) से असंतुष्ट होकर ‘अपना मोर्चा’ नाम का एक राजनैतिक संगठन तैयार किया गया है और उसके नेता ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह व उसके नेतागण चौधरी नरेन्द्र सिंह की फोटो लगाकर जनता को धोखा देने का काम कर रहे हैं। इसका हम लोग पुरजोर विरोध करते हैं और सभी से अपील करते हैं कि इन स्वार्थी नेताओं के बहकावे में कतई न आयें।
निहारिका ने यह भी कहा, ‘‘हम अपने बाबा चौधरी नरेन्द्र सिंह की फोटो व नाम का प्रयोग करने का निर्णय लेना हमारे परिवार का व्यक्तिगत मामला है और अगर कोई स्वार्थी व्यक्ति, हमारे बाबा जी का नाम का प्रयोग अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिये करेगा, तो हम सब खुलकर विरोध करेंगे और उसके मंसूबों को कतई पूरा नहीं होने देंगे।
प्रेस वार्ता में निहारिका सिंह, भाजपा जिलामंत्री दक्षिण संजय कटियार व दीप्ति सिंह मौजूद रहीं।

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कानपुर विद्या मन्दिर महिला महाविद्यालय में दीक्षारम्भ (ओरिएन्टेशन) कार्यक्रम का शुभारंम्म

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्या मन्दिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में स्नातक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की नवागंतुक छात्राओं हेतु कार्यक्रम प्रभारी डॉ० शोभा मिश्रा के निर्देशन में दीक्षारम्भ (ओरिएन्टेशन) कार्यक्रम का शुभारंम्म सर्वप्रथम प्रातः हवन पूजन के साथ किया गया तत्पश्चात् प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा गों सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें समस्त प्राध्यापिकाओं से परिचय कराया साथ ही छात्राओं को अपने लक्ष्य को निर्धारित करके आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। महाविद्यालय के नैक एक्रीग्रेटेड होने के कारण छात्राओं को मिलने वाले छात्रवृत्ति लाभ से परिचित कराया तथा सत्र 2025~26 से महाविद्यालय को स्नातक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय हेतु सहशिक्षा के शुभारंभ हेतु बधाई दी एवं नवागंतुक छात्रों का भी स्वागत किया।

महाविद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा समरत समितियों के सम्बन्ध में छात्राओं को सम्पूर्ण जानकारियां प्रदान की गई जैसे अनुशासन समिति, नवाचार एवं शिकायत निवारण समिति, समय सारिणी समिति, नैक समिति, शासकीय एवं अशासकीय छात्रवृत्ति समिति, एनएसएस, एनसीसी, रोवर रेंजर्स समिति, स्वीप योजना, डिजीशक्ति, शिक्षक अभिभावक समिति, सांस्कृतिक समिति, पुस्तकालय समिति इत्यादि।

उक्त कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम प्रभारी डॉ० शोभा मिश्रा द्वारा एवं संचालन डॉ० जसमीत कौर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की सभी शिक्षिकायें एवं लगभग 60 नवागंतुक छात्राएं उपस्थित रहीं।

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एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज में गोस्वामी तुलसीदास व मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 31 जुलाई एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज कानपुर में हिंदी विभाग द्वारा श्रावण शुक्ल सप्तमी के पुण्य अवसर पर गोस्वामी तुलसीदास व मुंशी प्रेमचंद जी की संयुक्त रुप से जयंती मनाई गई
जिसमें श्री रामचरितमानस की चौपाइयों व कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों मे चित्रित नारी चित्रण पर मुख्य वक्ता व विभाग की छात्राओं द्वारा प्रकाश डाला गया
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन तंत्र समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार मिश्रा सचिव श्री प्रोवीर कुमार सेन संयुक्त सचिव श्री सुब्रो सेन प्राचार्या प्रो सुमन मुख्य अतिथि श्री योगेश श्रीवास्तव प्रो निशि प्रकाश प्रो ममता अग्रवाल हिंदी विभागाध्यक्षा डॉ शुभा वाजपेई डा रेशमा ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया

छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्या प्रो सुमन ने कहा कि रामचरितमानस मानव जीवन का कल्याणकारी ग्रंथ है इसके पठन पाठन से हम अपना अपने परिवार व राष्ट्र का विकास कर सकते हैं साथ ही उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के रचनाओ चित्रित मानवीय संवेदनाओ व मानवीय कर्तव्यों से परिचित कराया उन्होंने तुलसीदास जी के जीवन को छात्राओं के लिए कल्याणकारी बताया और रामचरितमानस की भावनात्मक व्याख्या की मुख्य अतिथि श्री योगेश श्री वास्तव जी ने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए श्री रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से लोक मान मर्यादाओं तथा संस्कारो को जीवंत रखने के लिए रामचरितमानस के पाठ को अनिवार्य बताया
इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं प्रो रेखा चौबे प्रो हरीश झा प्रो गार्गी यादव प्रो मीनाक्षी व्यास प्रो कोमल कुरील प्रो प्रीति पाडेय डॉ प्रीति सिंह डा रचना निगम डा अनामिका राजपूत डा शैल बाजपेयी डा प्रीता अवस्थी डॉ कोमल सरोज डॉ शिवांगी यादव डा समीक्षा सिंह एन सी सी प्रभारी डा प्रीति यादव डा अमिता सिंह इत्यादि उपस्थित रही साथ ही महाविद्यालय के द्वितीय व तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों ने सकृय भूमिका निभाई कार्यक्रम का संचालन डॉ रेशमा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शुभा बाजपेयी ने किया

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