भारत सरकार ने (i) मूल्य आधारित नीलामी, विविध मूल्य विधि के माध्यम से 16,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए “6.68% सरकारी प्रतिभूति 2040” और (ii) मूल्य आधारित नीलामी, विविध मूल्य विधि के माध्यम से 16,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए “6.90% सरकारी प्रतिभूति 2065” की बिक्री (पुनर्निर्गम) करने की घोषणा की है । भारत सरकार के पास उपरोक्त प्रत्येक प्रतिभूति में 2,000 करोड़ रुपये की सीमा तक, अतिरिक्त अभिदान बनाए रखने का विकल्प होगा। ये नीलामियाँ, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई कार्यालय, फोर्ट, मुंबई द्वारा 26 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) को संचालित की जाएगी।
प्रतिभूतियों की बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक की राशि सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में अप्रतिस्पर्धी बोली सुविधा योजना के अनुसार पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को आवंटित की जाएगी।
नीलामी हेतु प्रतिस्पर्धी और अप्रतिस्पर्धी दोनों बोलियां भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग सोल्यूशन (ई-कुबेर प्रणाली) पर इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र में 26 सितम्बर, 2025 को प्रस्तुत की जानी चाहिए। अप्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:00 बजे के बीच और प्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:30 बजे के बीच प्रस्तुत की जानी चाहिए।
नीलामियों के परिणाम की घोषणा 26 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) को की जाएगी और सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान 29 सितम्बर, 2025 (सोमवार) को किया जाएगा।
ये प्रतिभूतियां भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उनके समय समय पर यथा संशोधित परिपत्र
दिनांक 24 जुलाई, 2018 के सं. आरबीआई/2018-19/25, तहत जारी “केन्द्र सरकार की प्रतिभूतियों में जब निर्गमित लेन-देन” संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार “जब निर्गमित” कारोबार के लिए पात्र होंगी।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”

भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।
प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।
