Breaking News

दो व्यक्तियों के बीच विवाद एक ने दूसरे पर कुल्हाड़ी से किया प्रहार

दैनिक भारतीय स्वरूप, संवादसूत्र विकास बाजपेई दो व्यक्तियों के बीच विवाद, विवाद इतना बढ़ा कि एक व्यक्ति ने दूसरे पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। हमला गंभीर था और घायल व्यक्ति को चोटें भी आईं। दूसरे पक्ष को भी चोटें दिखाई दीं, लेकिन आसपास मौजूद कई लोगों का कहना था कि उन चोटों के पीछे किसी के द्वारा मारपीट नहीं हुई थी। यह बात मैं स्वयं नहीं कह रहा, बल्कि जैसा स्थानीय लोगों ने बताया, वैसा ही लिख रहा हूँ। घटना के बाद दोनों पक्ष पुलिस के पास पहुँचे और अपनी-अपनी बात रखी। काफी देर तक बातचीत और बहस चलती रही। अंत में जो निष्कर्ष सामने आया, उसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। बताया गया कि जिस व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से हमला किया है, उसके विरुद्ध तत्काल कोई कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। कारण यह बताया गया कि यदि ऐसा किया गया, तो मामला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के अंतर्गत उलझ सकता है और संबंधित लोग स्वयं कानूनी परेशानी में पड़ सकते हैं।

यहीं से लोगों के मन में प्रश्न पैदा हुआ।  क्या किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई इस आधार पर रुके कि वह किस जाति से आता है? या कार्रवाई इस आधार पर होनी चाहिए कि उसने क्या किया है?

खैर, उस समय दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए। लेकिन घायल पक्ष के मन में यह बात लगातार चुभती रही कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ। अंततः वह दोबारा पुलिस के पास पहुँचा और एक प्रार्थना पत्र दिया। उसमें उसने आरोप लगाया कि उस पर समझौते का दबाव बनाया गया। साथ ही उसने यह भी लिखा कि एक व्यक्ति, जो अक्सर पुलिस चौकी में आता-जाता है और उसी समुदाय से संबंध रखता है, उसने भी SC/ST Act का भय दिखाकर समझौते का दबाव बनाया। उसी प्रार्थना पत्र को पढ़ने के लिए मेरे पास भेजा गया। मैंने उसे ध्यान से देखा। मुझे लगा कि अपनी बात कहना आवश्यक है, लेकिन यदि बिना पर्याप्त आधार के पुलिस पर सीधे आरोप लगाए जाएँ तो उससे वास्तविक शिकायत भी कमजोर पड़ सकती है। इसलिए मैंने कुछ संशोधन सुझाए, ताकि शिकायत तथ्यों पर आधारित रहे, भावनाओं पर नहीं। इसके बाद पीड़ित पक्ष पुनः थाने पहुँचा। इस बार पुलिस की भूमिका पहले की तुलना में अधिक संतुलित और सकारात्मक दिखाई दी। अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक पूरी बात सुनी और यह भी समझाया कि प्रारंभिक स्तर पर उन्होंने वैसा निर्णय क्यों लिया था। संवाद हुआ, गलतफहमियाँ कुछ हद तक दूर हुईं और माहौल पहले से बेहतर बना।

लेकिन…   एक प्रश्न आज भी वहीं खड़ा है। यदि वास्तव में किसी ने जानलेवा हमला किया है, तो क्या केवल इस आशंका से कि सामने वाला एक विशेष वर्ग से है, उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने से बचना उचित है? यह प्रश्न किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यह उस पूरे मोहल्ले के लोगों का प्रश्न है, जो इस घटना के साक्षी रहे और जिन्होंने यह चर्चा बार-बार की।

यहाँ यह बात भी स्पष्ट रहनी चाहिए कि SC/ST Act का उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करना है, और यह एक महत्वपूर्ण कानून है। लेकिन किसी भी कानून का सही स्वरूप तभी कायम रहता है, जब उसका प्रयोग निष्पक्षता के साथ हो और हर मामले में तथ्य, साक्ष्य और कानून के आधार पर निर्णय लिया जाए—न कि केवल आशंकाओं के आधार पर। कानून का सम्मान तभी बना रहता है, जब वह सभी के लिए समान रूप से लागू होता हुआ दिखाई दे। भय अपराधी को होना चाहिए, न्याय माँगने वाले को नहीं।

Read More »

एस. एन. सेन बा.वि.पी. जी. कॉलेज में “पुस्तक पढ़ें” कार्यक्रम का आयोजन*

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस. एन. सेन बा.वि.पी. जी. कॉलेज में विद्यार्थियों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एक पुस्तक पढ़ें” कार्यक्रम का आयोजन किया गया,

कार्यक्रम कुलाधिपति/राज्यपाल की प्रेरणा एवं कुलपति के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है। कॉलेज की पुस्तकालय समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को पुस्तकों के करीब लाना और उनमें नई सोच व ज्ञान की जिज्ञासा जागृत करना है, इस अवसर पर प्राचार्या प्रो सुमन ने कहा कि “ज्ञान के बढ़ते ग्राफ में किताबों का बहुत योगदान है”। पुस्तकें न केवल नई खोज कराती हैं बल्कि अज्ञानता का नाश भी करती हैं साहित्य विज्ञान व कला की विभिन्न किताबो को पढने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्या ने अब्दुल कलाम की पुस्तकों ,रामायण के विभिन्न अनुवादित पुस्तकों पर प्रकाश डाला । महत्वपूर्ण संदर्भ से संबंधित पुस्तकें पढऩे पर जोर दिया । पुस्तकालय समिति की प्रभारी व दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्षा प्रो किरन ने छात्राओं को पुस्तक पठन – पाठन हेतु प्रेरित किया और पुस्तकों को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु लाभदायक बताया।  समाजशास्त्र विभाग की प्रवक्ता डा. रेनू कुरील ने छात्राओं को पुस्तकों को सबसे अच्छी दोस्त बताया और ज्ञान संवर्द्धन हेतु पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया।  मनोविज्ञान विभागाध्यक्षा डॉ . मोनिका सहाय ने पुस्तक पठन को मनोविज्ञान के ज्ञान से संबद्ध किया व अंग्रेजी विभागाध्यक्षा डॉ . कोमल सरोज ने पुस्तक पठन को साहित्य के विविध विधाओ से संदर्भित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु डॉ. रोली मिश्रा ने संयोजन किया डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ .रेशमा, डॉ. श्वेता रानी ने सक्रीय भूमिका निभाई । इस कार्यक्रम मे महाविद्यालय की कुलानुशासक कैप्टन ममता अग्रवाल प्रो निशा वर्मा प्रो. प्रीति पाण्डेय, प्रो. मीनाक्षी व्यास डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. शुभा बाजपेयी व सभी शिक्षिकाओं ने पुस्तक पठन कार्यक्रम मे प्रतिभाग किया।

Read More »

दयानन्द गर्ल्स पी. जी. कॉलेज में “पुस्तक पढ़ें” अभियान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार दिनांक 06 जुलाई को दयानन्द गर्ल्स पी. जी. कॉलेज, कानपुर में “एक पुस्तक पढ़ें” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन नोडल अधिकारी डॉ अर्चना दीक्षित के निर्देशन में सम्पन्न किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो वंदना निगम तथा सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर प्रो अर्चना वर्मा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की 100 छात्राओं एवं समस्त शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि जागृत करना, नियमित पठन-पाठन की आदत विकसित करना तथा ज्ञानार्जन के महत्व को समझाना था।
पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो क्षमा त्रिपाठी ने कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को पुस्तकों के महत्व पर प्रेरक विचारों से अवगत कराया तथा सभी प्रतिभागियों ने एक पुस्तक पढ़ने एवं उससे प्राप्त ज्ञान को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। पुस्तकें पढ़ने के उपरांन्त सामूहिक चर्चा भी की गई जिसमें पठन संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। अंत में रेंजर प्रभारी प्रो स्वाति सक्सेना ने सभी उपस्थित शिक्षिकाओं एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया।

Read More »

योग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज के प्रांगण में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर प्रोफेसर अर्चना वर्मा ने किया। योग शिविर का संचालन रेंजर प्रभारी प्रोफेसर स्वाति सक्सेना ने किया तथा बताया योग शरीर और मस्तिष्क को जोड़ने की एक सफल विधि है यदि स्वस्थ शरीर होगा तो मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा और आम जीवन शैली में व्यक्ति बेहतर जीवन की पाएगा। विषय प्रवर्तन डॉ दीपाली सक्सेना ने किया की स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग कितना आवश्यक है और थीम के विशिष्ट पहलुओं चर्चा कीl योगा फॉर ऑल और स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग विषय पर कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक योग संस्थान हरिद्वार के प्रोफेसर सीडी यादव सर . ने छात्राओं को योग के महत्व को बताया कि कैसे योग को वर्तमान जीवन शैली में शामिल करके हम स्वस्थ जीवन जी सकते हैं छात्राओं को बताया कि अपने परिवार तथा आस पास पड़ोस में स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग की थीम के अनुसार छात्राएं कैसे जागरूकता कर सकती हैं योग को हमें आम जनमानस तक कैसे पहुंचlना है.. छात्रों को प्राणायाम अनुलोम विलोम भ्रामरी उत्तानपादासन पद्मासन जैसे अनिवार्य आसनों के माध्यम से बताया गया शरीर के सभी अंगों को कैसे स्वस्थ रखा जा सकता है सर्वप्रथम प्रार्थना कराई गई और अंत में लाफिंग थेरेपी की गई की कैसे शारीरिक और मानसिक विकारों से मुक्ति पाई जा सकती है l धन्यवाद ज्ञापन डॉ विनीत श्रीवास्तव ने दिया l

Read More »

एसोसिएशन आफ स्माल एंड मीडियम न्यूज़ पेपर्स आफ इंडिया की राष्ट्रीय परिषद की बैठक दिल्ली के यूपी भवन में संपन्न

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, एसोसिएशन आफ स्माल एंड मीडियम न्यूज़ पेपर्स आफ इंडिया के राष्ट्रीय परिषद की बैठक यूपी भवन मीटिंग रुम में बड़े उत्साह पूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में समाचार पत्र पंजीयक योगेश बवेजा और अतिरिक्त पंजीयक संतोश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहें तथा सदस्यों की समस्याओं को सुना और संतोष जनक कार्यवाही का आश्वासन भी दिया। सदस्यों ने पीआरजीआइ के पोर्टल संबधी समस्याएं उठाइ तथा एडिट का आप्शन देने की मांग की। जिसे समाचार पत्र पंजीयक ने स्वीकार कर लिया। बैठक में यूपी, उत्तराखण्ड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तैलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान महाराष्ट्र, गुजरात उडीसा से आए राष्ट्रीय पार्षदों ने भाग लिया और अपने विचार तथा छोटे समाचार पत्रों की समस्याएं उठाई। बैठक का संचालन महामंत्री शंकर कतीरा ने किया तथा अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव दत्त चंदोला ने किया। बैठक में भगवती चन्दोला, निशा रस्तोगी, श्याम सिंह पंवार, अतुल दीक्षित, प्रवीण पाटिल, आलोक अग्निहोत्री, गोपाल गुप्ता, कुंडलराव सेंडी रेड्डी, के स्वयं प्रकाश, आदि ने अपने विचार व्यक्त किए बैठक के प्रारम्भ में समाचार पत्र पंजीयक योगेश बवेजा, अपर प्रेम पंजीयक संतोष कुमार, गौहाटी के सुरेश गारोदिया, और दिल्ली के सुरेश अग्रवाल को शाल उढ़ा कर उनका स्वागत सम्मान किया गया।

Read More »

आज देश विदेश के मुख्य समाचार

दैनिक भारतीय स्वरूप 🌉 मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, G–7 समिट में दोनों ने 5 मिनट बात की; मोदी से मेलोनी बोलीं- हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस

🔶कई भारतीयों की जान गई, PM मोदी ने नाविकों का मुद्दा G7 में ट्रंप के सामने उठाया

🔶TMC के दोनों गुटों का पक्ष सुनेंगे स्पीकर: ममता खेमे को भी बुलाया; बागी सांसदों के NCPI में विलय के दावे पर कानूनी राय लेंगे

🔶आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से जवाब मांगा; दावा- अभी पता और जन्मतिथि का सबूत माना जा रहा

🔶उद्धव की सेना फिर टूटेगी?: शिंदे के साथ जाने की तैयारी में करीब सात सांसद, राउत का दावा- 15 करोड़ ₹ दिए एडवांस

🔶ईरान से डील और ट्रंप की धमकी भी बेअसर… लेबनान पर फिर इजरायल का ताबड़तोड़ हमला, 4 की मौत

🔶’कुछ न कुछ गड़बड़ी हुई है, दोषियों पर कार्रवाई होगी’, रोशन आनंद और खान कोचिंग विवाद पर बोले चिराग पासवान

🔶राम मंदिर में चंदा चोरी: 2021 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही है एसआईटी, जिम्मेदारों की भी पड़ताल शुरू

 

🔶जी7 में दिखी भारत की कूटनीतिक ताकत: पीएम मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से की अहम मुलाकातें

🔶G7 Summit : ‘हम Instagram पर सबसे ज्यादा मशहूर हैं’, मेलोनी के जवाब पर मुस्कुराए PM मोदी

🔶Jammu Kashmir Breaking : राजौरी में LoC के पास Blast, JCO सहित 4 जवान घायल

🔶किशाऊ बांध विवाद खत्म, हिमाचल को राहत: हरियाणा-दिल्ली-राजस्थान उठाएंगे बिजली कंपोनेंट खर्च; शाह के साथ मीटिंग में बनी सहमति

🔶अन्नामलाई 14 सितंबर को अपनी पार्टी घोषित करेंगे: टीम में 50 से कम उम्र के ही सदस्य होंगे; ‘वी द लीडर’ आंदोलन चला रहे

🔶झारखंड राज्यसभा चुनाव; NDA ने 24 विधायकों की घेराबंदी की: रेडिसन ब्लू होटल में 32 कमरे बुक किए गए, दो सीटों पर 3 उम्मीदवार

🔶भास्कर अपडेट्स: तेलंगाना में 735 डॉक्टर साइबर ठगी के शिकार, ₹30 करोड़ गंवाए

🔶केंद्र सरकार का बड़ा फैसला- बिना डॉक्टर की पर्ची के अब नहीं मिलेगी कफ सिरप

🔶दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड, 7 गिरफ्तार

🔶शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 544 अंक उछल कर 76,808 पर बंद

🔷वैभव सूर्यवंशी से भिड़ना पड़ा भारी, श्रीलंकाई खिलाड़ी पर गिरी गाज; मैच रेफरी ने सुनाई सजा।

मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, G–7 समिट में दोनों ने 5 मिनट बात की; मोदी से मेलोनी बोलीं- हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस

US हमले में 3 भारतीयों की मौत पर ट्रंप के सामने PM मोदी की दो टूक, जी-7 के मंच से दुनिया को दिया संदेश

जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज यानी 17 जून को द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इस द्विपक्षीय बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका से ऊर्जा आयात जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है

भारतीय वायुसेना के लिए 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 87 उन्नत स्वदेशी यूएवी खरीदे जाएंगे। इसके लिए करीब 10 घरेलू कंपनियों ने बोलियां जमा कर दी हैं। यह कदम चीन-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता घटाने में मील का पत्थर साबित होगा

राहुल गांधी नीट पेपर लीक के मुद्दे पर देशव्यापी अभियान का नेतृत्व करेंगे। इसकी शुरुआत आज से राजस्थान के कोटा से होगी।  राजस्थान के बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में भी इस तरह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस इस अभियान के तहत लोगों को इकट्ठा करेगी। पार्टी का दावा है कि इस अभियान में छात्र, परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा, युवा संगठन, शिक्षक और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित सभी लोग शामिल होंगे

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: टिन्नू यादव के घर से करोड़ों का सोना जब्त, 50 करोड़ की बेनामी संपत्तियां भी पता चलीं

राम मंदिर का करोड़पति कर्मचारी टिन्नू यादव सामने आया, बोला- ऑटो चलवाकर कमाए रुपए; चढ़ावा चोरी की 3 शिकायत, FIR अबतक नहीं

उद्धव की सेना फिर टूटेगी?: कई सांसदों के फोन बंद, बगावत की अटकलें तेज; संजय राउत बोले- 15-15 करोड़ दिए एडवांस

सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। इस बीच शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दिल्ली पहुंचने की खबरों ने अटकलों को और हवा दे दी है। वहीं, पार्टी नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को पाला बदलने के लिए भारी रकम की पेशकश की जा रही है

कमजोर मानसून के चलते मुंबई में जल संकट गहराता जा रहा है। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में जलस्तर तेजी से घटने के कारण सिर्फ 10.35 प्रतिशत जल भंडारण शेष रह गया है। बीएमसी ने जल संकट को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं।

मानसून में देरी के चलते मुंबई में पानी की संकट गहरा गया है। आर्थिक राजधानी के जलाशयों के जलस्तर घटकर 10.35 प्रतिशत रह जाने के मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल प्रतिष्ठानों को होने वाली जलापूर्ति में 20 प्रतिशत कटौती करने की घोषणा की। बीएमसी ने निर्माण कार्य परियोजनाओं और स्विमिंग पूलों के लिए पानी के कनेक्शन भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं

एअर इंडिया ने शुरू की ‘बेसिक’ किराया कैटेगरी, मुफ्त खाना नहीं मिलेगा, चाय-कॉफी कॉम्प्लीमेंट्री रहेगी; चुनिंदा घरेलू रूट्स पर ट्रायल शुरू

ट्रम्प बोले-ईरान को ₹28 लाख करोड़ देने की बात फर्जी, यह झूठ विपक्ष ने फैलाया; नेतन्याहू पर कहा- मैं न होता, तो इजराइल नहीं होता

अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने के संकेतों के बीच कच्चे तेल तथा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि आपूर्ति बाधित होने, ऊर्जा ढांचों को हुए नुकसान और सीमित भंडार के कारण वैश्विक ईंधन बाजारों में आने वाले कई महीनों तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है

राजस्थान में धूल का गुबार, एमपी में आंधी-बारिश, 6 दिन से तेलंगाना में अटका मानसून, उत्तर भारत में बारिश का इंतजार बढ़ा

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत, टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; इंग्लैंड की लगातार दूसरी जीत, आयरलैंड को हराया।

Read More »

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जैसलमेर के रामगढ़ में 20 किलोवाट आकाशवाणी एफएम ट्रांसमीटर का उद्घाटन किया

केन्द्रिय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आकाशवाणी जयपुर परिसर से जैसलमेर के रामगढ़ में 20 किलोवाट के आकाशवाणी एफएम ट्रांसमीटर का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया।

इस नए ट्रांसमीटर के जुड़ने से राजस्थान में एफएम ट्रांसमीटरों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। रामगढ़ ट्रांसमीटर सीमावर्ती क्षेत्र में 80 कि.मी. के दायरे में रेडियो कवरेज सुनिश्चित करेगा, जो जैसलमेर जिले के लगभग 20 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा और लोगों को विभिन्न प्रकार के सूचनात्मक, शैक्षिक और मनोरंजक कार्यक्रमों तक पहुंच प्रदान करेगा।

सभा को संबोधित करते हुए श्री वैष्णव ने प्रसार भारती के कामकाज और दृष्टिकोण में परिवर्तन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तीव्र तकनीकी प्रगति के इस युग में प्रासंगिक और प्रभावशाली बने रहने के लिए रेडियो प्रसारण को “डिजिटल फर्स्ट” और “हाइपर-लोकल” दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को इस परिवर्तन के लिए एक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रसारण प्रणाली में स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को एकीकृत करने के महत्व पर बल दिया।

श्री वैष्णव ने जयपुर में बन रहे आगामी एआई डेटा सेंटर का भी जिक्र किया और इसे भविष्य की नींव और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने सभा को संबोधित करते हुए आकाशवाणी और दूरदर्शन जैसे संस्थानों के चिरस्थायी महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये संगठन समाज की जड़ों से गहराई से जुड़े हुए हैं और व्यापक जनसमूह तक सूचना पहुंचाने और जमीनी हकीकतों को प्रतिबिंबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस ट्रांसमीटर का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अखिल भारतीय रेडियो और दूरदर्शन की पहुंच को मजबूत करना है। यह न केवल जैसलमेर बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी सेवा प्रदान करेगा जो सीमा संचार अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल “कश्मीर से कच्छ तक” समर्पित प्रसारण अवसंरचना की परिकल्पना के अनुरूप है, जो संपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र में प्रसारण सेवाओं के व्यवस्थित विस्तार को सुनिश्चित करेगी।

इस कार्यक्रम के दौरान श्री वैष्णव ने प्रसार भारती के युवा अधिकारियों से भी बातचीत की। आकाशवाणी जयपुर परिसर में आयोजित इस समारोह में राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, जयपुर की सांसद मंजू शर्मा और आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन उपस्थित थे। जैसलमेर के सांसद उमेदराम बेनीवाल भी कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

Read More »

भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय वित्तीय संपर्क को मजबूत करने के लिए सीमा पार धन प्रेषण तंत्र की शुरुआत की

डिजिटल वित्तीय संपर्क और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भारत और नेपाल ने  आधिकारिक तौर पर व्‍यक्ति-से-व्‍यक्ति (पी2पी) सीमा-पार धन प्रेषण तंत्र का शुभारंभ किया।

यह नव-संचालित प्रणाली भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस (एनपीआई) के बीच एक सीधा संबंध स्थापित करती है। यह एकीकरण दोनों देशों के नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग अनुप्रयोगों और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से निर्बाध, वास्तविक समय और सुरक्षित रूप से तत्काल धन हस्तांतरण करने में सक्षम बनाता है।

यूपीआई-एनपीआई जुड़ाव वित्तीय समावेशन में एक बडी प्रगति को दर्शाता है, जो भारत और नेपाल के बीच मजबूत आर्थिक और डिजिटल संबंधों को बढ़ावा देता है। यह सुलभ, सुरक्षित और किफायती सीमा पार भुगतानों के क्षेत्रीय लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है, जिससे दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक संबंध मजबूत होते हैं।

आर्थिक और डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा:

यह तकनीकी एकीकरण नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय शाखा-एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (एनसीएचएल) के बीच सहयोग के माध्यम से निष्‍पादित किया गया।

रणनीतिक प्रभाव: यूपीआई-एनपीआई धन प्रेषण लिंकेज की मुख्‍य विशेषताएं:

यह डिजिटल भुगतान गलियारा दोनों देशों के बीच लेन-देन की प्रणाली में महत्‍वपूर्ण परिवर्तन लाएगा और निम्‍नलिखित लाभ प्रदान करेगा:

  • यात्रियों के लिए अधिक सुविधा: मुद्रा विनिमय की जटिलताओं, बड़ी मात्रा में नकदी साथ रखने की आवश्‍यकता तथा अपरिचित विदेशी विनिमय शुल्कों से मुक्ति मिलेगी।
  • स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक लाभ: नेपाल के व्यवसायों को बडी संख्‍या में प्रौ‍द्योगिकी-सक्षम भारतीय पर्यटकों और ग्राहकों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी, जिससे लेनदेन की मात्रा बढेगी।
  • परिचालन दक्षता: स्थानीय व्यापारियों को नकदी प्रबंधन में सुविधा होगी, नकदी संभालने से जुडे खर्च कम होंगे तथा सुरक्षित और वास्तविक समय में भुगतान निपटान संभव होगा।
  • वास्‍तविक-समय में प्रत्‍यक्ष हस्‍तांतरण: सीमा-पार नकदी ले जाने या पारंपरिक बैंकिंग माध्‍यमों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी।

विश्वभर में यूपीआई की पहुंच:

वर्तमान में यूपीआई नौ देशों- सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया- में स्वीकार किया जाता है। इन देशों में भारतीय यात्री अपने परिचित यूपीआई प्लेटफार्मों के माध्यम से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।

Read More »

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार के बीच असम-नगालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन के संबंध में त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आज नई दिल्ली में भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार के बीच असम-नगालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन (Mineral Oil Operations) के संबंध में एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो सहित केंद्र, असम एवं नगालैंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते से तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण और खनिज के खनन की संभावना बनेगी, साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा पूर्वोत्तर सहित पूरे देश के सामने रखी गई समृद्ध उत्तर-पूर्व की संकल्पना की राह में बहुत बड़ी बाधा दूर हुई है। श्री शाह ने कहा कि आज पूरा पूर्वोत्तर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से यह समझौता करके आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि असम और नगालैंड परस्पर सहयोग के जरिए भारत के तेल उत्खनन में कोई बाधा नहीं बनेंगे, क्योंकि यह राष्ट्रीय संपदा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि नगालैंड के मुख्यमंत्री ने बताया है कि छह फील्ड्स के अलावा पूरे नगालैंड में तेल की खोज के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सहमत है। उन्होंने कहा कि असम सरकार भी इससे सहमत है, क्योंकि यह सभी के लिए ‘विन-विन सिचुएशन’ है। गृह मंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते से पूरे नॉर्थ-ईस्ट में खनिजों के खनन का रास्ता साफ होगा।

अमित शाह ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में न केवल तेल और गैस, बल्कि खनिजों का असीम भंडार है। उन्होंने कहा कि आज इस MoU से हमारी 1,000-1,500 बैरल प्रतिदिन की दोहन क्षमता के दस गुना से अधिक बढ़ने की संभावना है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने विश्वास जताया कि नगालैंड में उपलब्ध तेल और गैस का उत्खनन होने पर इस क्षेत्र में विदेशों पर हमारी निर्भरता काफी हद तक कम हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के अभाव और कुछ चुनौतियों के कारण लंबे समय तक दोनों राज्यों का आर्थिक विकास प्रभावित हुआ था। लेकिन आज हुआ यह समझौता  असम और नगालैंड के आर्थिक विकास के लिए बड़ा राजमार्ग खोलेगा। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद का इस त्रिपक्षीय समझौते से बड़ा उदाहरण कुछ नहीं हो सकता।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से नॉर्थ-ईस्ट को अपने फोकस में रखा है। वे आजादी के बाद सबसे अधिक बार नॉर्थ-ईस्ट का दौरा करने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि लिए मोदी जी ने नॉर्थ-ईस्ट को शांत और विकसित बनाने के जो प्रयास किए हैं, आजाद भारत के इतिहास में उनकी तुलना बमुश्किल मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि 2019 के बाद अलग-अलग प्रकार के 12 समझौते हुए हैं, जिससे पूर्वोत्तर में शांति सुनिश्चित हुई और हिंसा में करीब 80% की कमी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर जिस गति से बढ़ा है, वह इन समझौतों के बिना संभव नहीं था

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार में नॉर्थ-ईस्ट में पर्यटन एवं निवेश बढ़ा है और औद्योगिक शांति के कारण निजी क्षेत्र का निवेश भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में 80% से अधिक क्षेत्र सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (AFSPA) से मुक्त हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि एक-दो राज्यों को छोड़कर अगले साल पूरे नॉर्थ-ईस्ट से AFSPA को समाप्त कर दिया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि देश के विकास, नॉर्थ-ईस्ट की समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत करने के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के बिना किसी देश का विकास संभव नहीं है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के संघर्षों के कारण हम और पूरी दुनिया गहरे संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि यह त्रिपक्षीय समझौता इस वैश्विक संकट में भारत के लिए कितनी जल्दी मददगार साबित होगा यह नहीं कहा जा सकता, लेकिन समय आने पर इससे भारत को काफी सुकून मिलेगा और हम अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि इस समझौते से खनिजों के खनन की संभावनाएँ बढ़ी हैं और छह फील्ड्स के अलावा नगालैंड में हर जगह एक्सप्लोरेशन की संभावना में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे दोनों राज्य न केवल समृद्ध होंगे, बल्कि आपसी सद्भाव भी बढ़ेगा और विकास को नई गति मिलेगी।

गृह मंत्री ने उम्मीद जताई कि नॉर्थ ईस्ट के सारे विवाद, चाहे वह सीमा से जुड़ा हो या कानून-व्यवस्था से, धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समूहों के साथ समझौते हो चुके हैं। 50% से अधिक सीमा विवाद हम सुलझा चुके हैं और आज एक नई शुरुआत हो रही है। श्री शाह ने कहा कि यह उत्तर-पूर्व के स्वर्णिम भविष्य के लिए आशा और विश्वास को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

आज हुआ त्रिपक्षीय समझौता भारत सरकार और असम व नगालैंड राज्य सरकारों की पहचाने गए रुचि वाले क्षेत्र (Area of Interest) में पेट्रोलियम की खोज और उत्पादन गतिविधियों के लिए एक स्थिर, सुरक्षित और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस MoU के माध्यम से क्षेत्र में खनिज तेल से जुड़े कामकाज को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समन्वित ढांचा स्थापित किया गया है, जिसमें परिचालन संबंधी निरंतरता (operational continuity), कर्मियों और संपत्तियों की सुरक्षा तथा सभी हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया गया है। यह ढांचा खोज और उत्पादन (exploration and production) गतिविधियों को सहायता प्रदान करेगा, अपस्ट्रीम पेट्रोलियम क्षेत्र (upstream petroleum sector) में निवेश को प्रोत्साहित करेगा तथा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के उद्देश्यों में योगदान देगा।

गृह मंत्रालय ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा असम और नगालैंड की सरकारों के साथ मिलकर MoU पर हस्ताक्षर करने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाया। इस समझौते से इलाके में चल रहे और भविष्य के हाइड्रोकार्बन ऑपरेशन्स के लिए ज़्यादा निश्चितता और स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

यह MoU सभी संबंधित पक्षों के हितों की रक्षा करते हुए हाइड्रोकार्बन क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के बीच सहकारी संघवाद (cooperative federalism) और रचनात्मक जुड़ाव की भावना को रेखांकित करता है।

भारत सरकार सहयोगी और पारदर्शी तरीकों से खोज और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में योगदान मिलता है।

Read More »

केन्‍द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने जिनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया; उन्होंने भारत के श्रम सुधारों, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर प्रकाश डाला

केन्‍द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन के आयोजन पर अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन को बधाई दी और तेजी से हो रहे वैश्विक परिवर्तनों के बीच सामाजिक न्याय और सम्मानजनक कार्य को बढ़ावा देने में इसके नेतृत्व की सराहना की।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि भारत ने “अंत्योदय” के सिद्धांत के अनुरूप व्यापक श्रम सुधार किए हैं। इसके तहत 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया गया है ताकि अनुपालन को सरल बनाया जा सके, श्रमिकों के कल्याण को मजबूत किया जा सके और एक आधुनिक तथा पारदर्शी श्रम परितंत्र का निर्माण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि युवाओं की रोजगार क्षमता 2014 में 34 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 56 प्रतिशत से अधिक हो गई है। 2017 और 2025 के बीच, बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी 22 प्रतिशत से बढ़कर 38.8 प्रतिशत हो गई।

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रम और रोजगार क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास में भारत की प्रगति का उल्‍लेख किया। कौशल और व्यवसायों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व तथा व्यवसायों के अंतरराष्ट्रीय संदर्भ वर्गीकरण को विकसित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (आईएलओ) के साथ भारत द्वारा किए जा रहे व्यवहार्यता अध्ययन पर भी प्रकाश डाला गया।

उन्होंने भारत के सामाजिक सुरक्षा दायरे में हुए महत्वपूर्ण विस्तारों का भी उल्‍लेख किया। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार यह दायरा लगभग 1001 मिलियन तक पहुंच गया है। भारत में महिला श्रम बल की बढ़ती भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

इस दौरान सुश्री शोभा करांदलाजे ने रवांडा की लोक सेवा एवं श्रम मंत्री क्रिस्टीन नकुलिकियिंका के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।

सम्‍मेलन में चर्चा का मुख्य विषय रोजगार सेवाओं, कौशल विकास, कार्यबल नियोजन और डिजिटल शासन में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। भारत ने राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल की सफलता को विस्तार से बताते हुए इन्हें एक व्यापक डिजिटल सार्वजनिक संसाधन बताया और रोजगार सेवाओं, श्रमिक पंजीकरण, नौकरियों और कौशल मिलान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने हेतु तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। रवांडा ने भारत के प्रभावशाली डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की सराहना करते हुए कौशल विकास और श्रम के असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र की ओर बढ़ने में सहयोग मांगा।

उन्होंने श्रीलंका के श्रम मंत्री अनिल जयंत फर्नांडो के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। श्रीलंका ने भारत के श्रम सुधारों में गहरी रुचि दिखाई और चार नए श्रम कानूनों के सफल कार्यान्वयन पर जानकारी ली। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने अनुभव साझा करते हुए सुधार की रूपरेखा, कार्यान्वयन पद्धतियों और व्यापक हितधारक परामर्शों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने इस परिवर्तनकारी यात्रा को संभव बनाया।

चर्चाओं में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में सहयोग पर भी जोर दिया गया, जिसमें भारत ने कौशल विकास, रोजगार सेवाओं और कार्यबल विकास को मजबूत करने के लिए ई-श्रम और राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल जैसी पहलों के माध्यम से सहायता देने की पेशकश की।

केंद्रीय मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महानिदेशक श्री गिल्बर्ट एफ. होंगबो के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। बैठक के दौरान, उन्होंने सम्मानजनक कार्य, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की। उन्होंने महानिदेशक को भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार के बारे में जानकारी दी। वर्ष 2015 में यह कवरेज 19 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 64.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके परिणामस्वरूप देशभर में अब 940 मिलियन लोग सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत आ गए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महानिदेशक ने कम समय में भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष में इस कवरेज का और विस्तार हुआ है, जिससे जनसंख्या का एक और भी बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गया है।

भारत के चार श्रम संहिताओं के माध्यम से किए गए ऐतिहासिक श्रम सुधारों, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार, श्रम और रोजगार क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास, भविष्योन्मुखी कौशल विकास पहलों और अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राज्य मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक वर्गीकरण के विकास पर व्यवहार्यता अध्ययन के लिए समर्थन सहित भारत के साथ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के तकनीकी सहयोग की सराहना की। समावेशी, सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजारों के निर्माण के लिए आईएलओ के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया गया।

‘भारत के नए श्रम कानूनों पर वैश्विक संवाद’ विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने चार श्रम कानूनों के माध्यम से भारत के व्यापक श्रम सुधारों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि ये सुधार न्यूनतम मजदूरी संरक्षण को मजबूत करते हैं, असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करते हैं, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को सुदृढ़ करते हैं, लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं और सामूहिक सौदेबाजी को मजबूत करते हैं। उन्होंने कौशल विकास को वैश्विक रोजगार अवसरों से जोड़ते हुए सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी प्रवासन मार्गों को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय श्रम गतिशीलता पर भारत की प्राथमिकता को भी स्पष्ट किया।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामाजिक संवाद के माध्यम से सम्मानजनक काम को बढ़ावा देने, श्रमिक संरक्षण को मजबूत करने, वैश्विक रोजगार क्षमता को बढ़ाने और न्यायसंगत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजार प्रणालियों के निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

Read More »