Breaking News

सीमा पार तस्करी के खिलाफ एक बड़े अभियान के तहत, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने असम और मिजोरम में लगभग 20.31 करोड़ रुपये मूल्य के 1.25 लाख किलोग्राम से अधिक विदेशी सुपारी और 41,000 किलोग्राम खसखस जब्त किए हैं

सीमा पार तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई)  ने मिजोरम और असम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अभियानों में, 1,25,680 किलोग्राम विदेशी सुपारी और 41,697 किलोग्राम विदेशी खसखस जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 20.31 करोड़ रुपये है। तस्करी के खसखस की ढुलाई के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

23-24 सितंबर 2026 को मिजोरम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक बड़े अभियान में, डीआरआई ने सीमा शुल्क विभाग चंफाई, असम राइफल्स की 14वीं बटालियन और चंफाई पुलिस की सहायता से, भारत-म्यांमार सीमा से लगभग 20 किमी दूर चंफाई जिले के रुआंटलांग गांव और उसके आसपास तीन गोदामों की तलाशी ली। सभी गोदामों पर ताले लगे थे और वहां कोई मौजूद नहीं था। परिसरों की तलाशी के दौरान लगभग 14 करोड़ रुपये मूल्य के 1,25,680 किलोग्राम संदिग्ध विदेशी सुपारी और 3.81 करोड़ रुपये मूल्य के 25,440 किलोग्राम खसखस के बीज बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इन सामानों को म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाया गया था। इन सामानों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।

इससे पहले 22.09.2026 को, मिजोरम सीमा क्षेत्र से असम की ओर विदेशी खसखस के परिवहन के संबंध में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई के अधिकारियों ने असम राइफल्स की 38वीं बटालियन की सहायता से लैलापुर, सिलचर के पास दो ट्रकों को रोका। वाहनों की विस्तृत जांच और तलाशी के परिणामस्वरूप 16,257 किलोग्राम विदेशी खसखस से भरे 290 एचडीपीई बैग बरामद किए गए। इन बोरियों पर विदेशी निर्माण और व्यापार को दर्शाने वाले निशान थे और इस खेप के साथ कोई वैध आयात दस्तावेज नहीं था। लगभग 2.43 करोड़ रुपये मूल्य के खसखस और दोनों वाहनों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त कर लिया गया। ट्रांसपोर्टेशन में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में हाल के वर्षों में विदेशी मूल की तस्करी की गई सुपारी की यह सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है, जो सीमा पार तस्करी पर लगाम लगाने के डीआरआई के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विदेश व्यापार नीति (आईटीसी एचएस वर्गीकरण) के तहत खसखस को एक प्रतिबंधित वस्तु के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका आयात निर्धारित शर्तों के अधीन अनुमत है; जिसमें विशिष्ट देशों से इसकी सोर्सिंग और ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर के पास आयात अनुबंधों का पंजीकरण शामिल है।

यह जब्ती संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा के जरिए सक्रिय तस्करी सिंडिकेट को रोकने और देश में प्रतिबंधित व विदेशी कृषि उत्पादों के अवैध प्रवेश को रोकने की डीआरआई की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Read More »

राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई हवाई अड्डे पर लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य का 9.40 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया; तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया

सोने की तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई), मुंबई जोनल यूनिट ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के सहयोग से, 23.09.2026 की सुबह छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, मुंबई पर दुबई से आ रहे तीन भारतीय यात्रियों को रोका।

उनके सामान की बारीकी से जांच करने पर छिपकर तस्करी करने के एक बेहद उन्नत और असामान्य तरीके का खुलासा हुआ, जिसमें विदेशी सोने को बारीक पाउडर में बदल दिया गया था और जांच से बचने के लिए उसे समान रंग, रूप और बनावट वाले डिब्बाबंद खाद्य उत्पादों में बेहद सावधानी से मिला दिया गया था।

सोने का पाउडर दूध पाउडर, ओट्स, विभिन्न प्रकार के आटे, नुटेला और नारियल के दूध के पाउडर जैसे कई साधारण दिखने वाले खाद्य पैकेटों के भीतर छिपा हुआ पाया गया। कुल मिलाकर, तीनों यात्रियों के सामान से सोने के पाउडर में मिले लगभग 33.50 किलोग्राम खाद्य उत्पाद बरामद किए गए।

सावधानीपूर्वक अलग करने और जांच-परखने के बाद, सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत लगभग 14.81 करोड़ रुपये मूल्य का 9.40 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद कर जब्त कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, तीनों यात्रियों ने स्वीकार किया कि वे एक ही संगठित स्वर्ण-तस्करी सिंडिकेट के लिए पर काम कर रहे थे। तदनुसार, उन्हें सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

इस ऑपरेशन में सोने की तस्करी के एक नए और जटिल तरीके का पता चला है, जिसमें नियमित जांच से बचने के लिए सोने के पाउडर को विभिन्न प्रकार के पैक किए गए खाद्य उत्पादों में बेहद चालाकी से मिलाया गया था।

Read More »

पूर्णरूप से पुन: उपयोग योग्य अग्निबान प्रक्षेपण यान के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) समर्थन हेतु टीडीबी-डीएसटी ने अग्निकुल कॉसमॉस के साथ समझौता किया

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) द्वारा अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए चेन्नई, तमिलनाडु स्थित मेसर्स अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ, स्वदेशी और पुन: उपयोग योग्य अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों की एक नई पीढ़ी के निर्माण की दिशा में भारत की यात्रा को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण यान – अग्निबान आरएलवी – का विकास करना है, ताकि इस तकनीक को टीआरएल-4 के स्तर से टीआरएल-8 तक ले जाया जा सके। वित्तीय सहायता वैकल्पिक परिवर्तनीय डिबेंचर (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रक्षेपण यान के केवल पहले चरण को पुनर्प्राप्त करने के पारंपरिक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर पूर्ण प्रणाली के पुन: उपयोग की दिशा में काम करना चाहती है। प्रस्तावित संरचना को उच्च आवृत्ति और दोहराव योग्य प्रक्षेपणों को सक्षम बनाने के साथ-साथ प्रक्षेपण और विनिर्माण लागत को कम करने और अंतरिक्ष मलबे के उत्पादन को सीमित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य एक पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण संरचना है, जिसमें एक हल्का ऊपरी चरण, सटीक कक्षीय प्रवेश क्षमता और गहन थ्रॉटलिंग और पुनः आरंभ करने की क्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया एक अर्ध-क्रायोजेनिक तरल प्रणोदन प्रणाली शामिल है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य प्रक्षेपण प्रणाली के बार-बार उपयोग की संभावना को बढ़ाते हुए मिशन संचालन में अधिक लचीलापन प्रदान करना है।

अग्निकुल ने अपने विकास और परीक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इस तकनीक के कई पहलुओं का प्रदर्शन पहले ही कर लिया है। कंपनी के पूर्व कार्यों में स्वदेशी कक्षीय श्रेणी के प्रक्षेपण यान अग्निबान का विकास और कंपनी द्वारा विकसित और निर्मित एकल-भाग 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन अग्निलेट इंजन शामिल हैं। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने इससे पहले छोटे उपग्रह मिशनों के लिए मॉड्यूलर कॉन्फ़िगर करने योग्य प्रक्षेपण यान के विकास और व्यावसायीकरण में अग्निकुल का समर्थन किया था।

अनुसंधान, विकास और नवाचार द्वारा समर्थित यह नया कार्यक्रम इस तकनीकी यात्रा को – प्रक्षेपण यान विकसित करने से लेकर पुन: उपयोग योग्य, दोहराव और परिचालन दक्षता को ध्यान में रखते हुए एक प्रणाली विकसित करने तक एक कदम और आगे ले जाता है। प्रस्तावित अग्निबान आरएलवी में पुन: उपयोग योग्य ऊपरी चरण संरचना और अवरोहण प्रणोदन प्रणाली शामिल है और परियोजना में नियंत्रित अवरोहण और पुनर्प्राप्ति में सहायक तकनीकों की परिकल्पना की गई है। कंपनी के विकास कार्यक्रम में पुनः आरंभ करने और डीप थ्रॉटलिंग में सक्षम प्रणोदन प्रणालियां भी शामिल हैं, जो अवरोहण और लैंडिंग संचालन के लिए महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं।

इस परियोजना से पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण प्रणाली के लिए आवश्यक तकनीकों के विकास और सत्यापन में सहायता मिलने की उम्मीद है, जिसमें प्रणोदन, आरोहण प्रणाली, कक्षीय प्रवेश, अवरोहण और पुनर्प्राप्ति शामिल हैं। यह कार्यक्रम अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अंतर्गत उन्नत और पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण वाहनों और प्रणोदन नवाचार के क्षेत्र में आरडीआई फंड द्वारा पहचाने गए प्राथमिकता वाले क्षेत्र के अनुरूप है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा के अगले चरण में ऐसी तकनीकों की आवश्यकता होगी जो न केवल कक्षा तक पहुंच सकें, बल्कि अधिक आवृत्ति, लचीलेपन और दक्षता के साथ ऐसा कर सकें। इस संदर्भ में पुन: प्रयोज्यता एक महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र है। अनुसंधान, विकास और नवाचार फंड के माध्यम से, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड महत्वाकांक्षी स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास में सहयोग कर रहा है, जिन्हें उन्नत प्रौद्योगिकी चरणों से तैनाती की ओर बढ़ने के लिए निरंतर निवेश की आवश्यकता है। अग्निबान आरएलवी कार्यक्रम पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण संरचना के विकास और उन्नत अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करके इसी दृष्टिकोण को दर्शाता है।

अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों ने कहा कि पुन: प्रयोज्यता के लिए प्रणोदन, वाहन डिजाइन, मार्गदर्शन, पुनर्प्राप्ति और मिशन संचालन को एक अत्यंत विश्वसनीय प्रणाली में एकीकृत करना आवश्यक है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा इसके लिए दिया जा रहा सहयोग हमारे लिए अद्वितीय और विशेष है क्योंकि यह दर्शाता है कि सरकार भारत में मौलिक तकनीक विकास को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। इस तरह के सहयोग से हम अग्निबान को विश्वस्तरीय परिचालन वाहन के रूप में विकसित करने और अंतरिक्ष तक बार-बार पहुंच के लिए एक स्वदेशी मंच बनाने में सक्षम होंगे।

Read More »

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले 25 सितंबर के दिन ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने Make in India मिशन की घोषणा की थी। आज का कार्यक्रम Make in India के रास्ते को प्रशस्त करने वाला कार्यक्रम है। पिछले 12 साल में केन्द्र सरकार औऱ राज्य सरकारों ने मिलकर Make in India के रास्ते पर चलते हुए भारत को दुनिया में उत्पादन, डिजाइन और नवाचार का केन्द्र बनाने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि 12 साल पहले भारतीय अर्थव्यवस्था को Fragile 5 में गिना जाता था और आज भारतीय अर्थतंत्र की गणना Top 5 में होती है, जो प्रधानमंत्री मोदी जी की Make in India नीति का ही परिणाम है।

अमित शाह ने कहा कि 25 सितंबर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 110वीं जन्म जयंती है। दीनदयाल उपाध्याय जी ने आज़ादी के देश के सामने पहली बार मुक्त व्यापार, मुक्त खेती-आधारित आर्थिक नीति रखी। यही आर्थिक नीति पहले अटल जी और बाद में श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के विकास का आधार बनी। दीनदयाल जी ने संगठन-आधारित राजनीति की भी नींव डाली।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केन्द्र और देश के विकास का engine बन रहा है। यह परिवर्तन double engine की सरकार के कारण हुआ है। इसी परिवर्तन कारण हम उत्तर प्रदेश लक्ष्य की अर्थव्यवस्था को 1 trillion  dollar की बनाने का लक्ष्य तय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज इस व्यापार मेले में दुनियाभर से आए खरीदार मौजूद हैं और इससे निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होने वाली है। यह उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का चौथा संस्करण है। पहले संस्करण में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, दुनिया को उसका परिचय हुआ। दूसरे संस्करण में उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आने का इरादा जताया गया। तीसरे संस्करण में उत्तर प्रदेश में निवेशक आए और आज व्यापार मेले के चौथे संस्करण में राज्य के विकास में सहयोगी बनकर 1 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि 2025 का वर्ष impact का वर्ष था, जिसमें इस व्यापार मेले में 5 लाख से अधिक लोग आए, 2400 से ज्यादा MOU हुए, हजारों करोड़ रूपए का निवेश आया और व्यापार समझौते भी हुए थे। श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि 2026 में आयोजित व्यापार मेले का चौथा संस्करण 2025 के सभी रिकॉर्ड्स तोड़ने में सफल होगा।

अमित शाह ने कहा कि लगभग 24 करोड़ आबादी के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। विपुल जल संपदा, भूमि, मेहनती कारीगर और अब उद्योग के लिए भी यहां एक अच्छा वातावरण बन गया है। एक जमाने में उत्तर प्रदेश में माफिया का शासन चलता था, लेकिन 2017 में यहाँ हमारी पार्टी की सरकार बनी और श्री योगी आदित्यनाथ जी राज्य के मुख्यमंत्री बने। योगी सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में माफिया को समाप्त कर दिया है और इसी के कारण आज उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि निवेश के माहौल की पहली शर्त अच्छा लॉ एंड ऑर्डर, अनुकूल औद्योगिक नीति, proactive government और facilitate करने के लिए उत्साह है। आज ये चारों चीजें उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं, इसीलिए यहाँ निवेश का माहौल बना है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने political stability को अपना hallmark बनाया है। श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लगातार तीन टर्म प्रधानमंत्री के रूप में जनता का विश्वास अर्जित कर न केवल नीतियों का निर्माण किया बल्कि उन्हें सतत रूप से जमीन पर भी उतारा है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने नीतियों को जमीन पर उतारने के साथ-साथ अनुभव के आधार पर नीतियों में बदलाव किया और नई नीतियां बनाकर भारत को पूरे विश्व में एक आकर्षक उत्पादन का हब बनाने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि कुछ लोग भारत के GDP के आंकड़ों को भी झुठलाने का प्रयास करते हैं। Moody’s ने भारत की विकास दर का अनुमान 6% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। जापान की प्रमुख रेटिंग एजेंसी JCR ने भारत की sovereign rating को BBB+ से upgrade कर A- तक पहुंचाया है। पिछली तिमाही में भारत ने अपना record बरकरार रखते हुए 7.8% की विकास दर को हासिल किया है। आज पूरी दुनियी के बड़े अर्थतंत्रों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में इतनी उथल-पुथल और अशांति के माहौल के बीच अनेक बाधाओं के बावजूद भारत ने अपनी विकास दर को न केवल बनाए रखा है बल्कि आगे भी बढ़ाया है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की जनता को 2047 में एक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प दिया है उसे हम सिद्ध करेंगे। अमित शाह ने कहा कि हमारे इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 2015 की तुलना में 11 गुना वृद्धि हुई है। जुलाई में 2.11 लाख करोड़ रूपए का GST कलेक्शन हुआ है, जो जुलाई माह का अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन है। 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं, 1.64 लाख करोड़ रूपए से ज्यादा निवेश और हमारा capital expenditure record तोड़कर 12.2 लाख करोड़ रूपए को पार कर गया है। ये सभी उपलब्धियां भारत के विकास की नींव का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को भारतीय अर्थव्यवस्था dead economy लगती है, लेकिन जिनकी सोच ही dead हो, उन्हें vibrancy नहीं दिखाई पड़ती है। श्री शाह ने कहा कि कुछ लोग भारत का विकास नहीं देख सकते। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रिया, यूरोप के चार देशों के संगठन, UK, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ हमने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। इन FTA ने हमारे उद्योगों की निर्यात संभावनाओं को अनेक गुना बढ़ाया है। श्री शाह ने कहा कि कई प्रकार की विपदाओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने विकास दर बरकरार रखी है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में छह डिफेंस कॉरिडोर के नोड्स पर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके कारण न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि देशभर के डिफेंस उत्पादों का विकास हुआ है और हमारा रक्षा उत्पादन 1,78,000 करोड़ रूपए को पार कर गया है। वर्ष 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में हमने 56 गुना वृद्धि की है और आज 80 देशों को भारतीय रक्षा उत्पादों का निर्यात हो रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है। योगी सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर ही नहीं बनाए बल्कि इसको फैसिलिटेट करने, इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने और अनुकूल नीतियां बनाने के लिए बहुत सारा काम किया है। उत्तर प्रदेश में बनी ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान और अमेठी में बनी AK-203 Assault Rifle नक्सलियों और आतंकवादियों की नींद उड़ा चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में अपराध की industry चल रही थी और राज्य कट्टा और अवैध तमंचों की industry बन गया था। राज्य के शहरों में वाहन चुराने का कुटीर उद्योग लगता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर दिखाने का मौका भी मिलता था। आज 10 साल बाद यहां कट्टे उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर बना है, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग उद्योग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश investment लाने का प्रमुख कारण बना है और यह परिवर्तन double engine की सरकार के कारण आया है। उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के कारण 2013 में इन्वेस्टमेंट समिट दिल्ली में करनी पड़ी थी, वही आज 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य तय कर रहा है, यह डबल इंजन सरकार का जादू है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि योगी सरकार बनने के बाद पिछली सरकारों के कार्यकाल की पूरी गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर दिया गया है और इसी कारण यहाँ इंडस्ट्री लगाने के लिए अच्छा माहौल बना है। उत्तर प्रदेश को ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी, तत्परता के साथ उद्योगों की समस्याओं का समाधान और रेड कार्पेट बिछाकर देशभर से इंडस्ट्री को प्रदेश में लाने के अच्छे परिणाम मिले हैं। इसके माध्यम से राज्य के करोड़ों युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने का काम योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने किया है। अमित शाह ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और कई प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों ने राज्य में निवेश के लिए एक सहज माहौल बनाने का काम किया है। इसी के कारण आज उत्तर प्रदेश दिन दूनी, रात चौगुनी गति के साथ आगे बढ़ रहा है। आज उत्तर प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है, जो देश के किसी भी राज्य से सबसे ज्यादा है। हमने यहाँ One District, One Product शुरू किया है। परंपरागत विधाओं, industry को सींचने और One District, One Product के कारण आज राज्य के युवाओं, छोटे उद्योगपतियों और small scale industry में बहुत बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की धुरी बन गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एक जमाने में उत्तर प्रदेश से लोग रोज़गार के लिए देश के अन्य राज्यों में जाते थे और आज उसी उत्तर प्रदेश के युवाओं को one district, one product के कारण अपने ही राज्य रोज़गार मिल रहा है। चाहे भदोही की दरी हो, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र या बनारस की रेशमी साड़ी हो,  इन सब ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। अभी यहां One District, One Cuisine (ODOC) की website का भी लोकार्पण हुआ है जिसमें वाराणसी की मलईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और मेरठ की गजक कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश की जनता के लिए उपलब्ध होगी। श्री शाह ने कहा कि इस व्यापार मेले से पूरे उत्तर प्रदेश  के उत्पादकों के व्यापार, उत्पादन और दुनियाभर में UP की पहचान बनाने में बड़ी सरलता मिलेगी।

Read More »

सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर परिसर में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन चित्रकला विभाग द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी अद्भुत कलात्मकता और रचनात्मक सोच के माध्यम से “विकसित भारत 2047” के उज्ज्वल भविष्य और विकास की संकल्पना को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. सुमन एवं नोडल प्रभारी प्रो. निशा वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ. प्रीति सिंह एवं डॉ. रश्मि बाजपेई ने छात्राओं द्वारा बनाई गई रंगोलियों का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया और उनके प्रयासों व रचनात्मकता की प्रशंसा की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान- नैन्शी वर्मा, द्वितीय स्थान- आशिया वशीद, तृतीय स्थान-आशिका यादव ने प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. सुमन ने आर्शिवचन मे कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं रचनात्मक आयोजन छात्राओं में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम जगाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके दायित्व का बोध भी कराते हैं।  कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं, व छात्राएं उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत मे डॉ. रचना निगम ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों, निर्णायकों एवं छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।

Read More »

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में थिएटर क्लब का ऑडिशन आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 25 सितंबर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर में कॉलेज के थिएटर क्लब द्वारा प्रिज़्म क्रिएशंस प्रोडक्शन हाउस के सहयोग से थिएटर ऑडिशन का आयोजन 25 सितंबर 2026 को दोपहर 1:00 बजे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अभिनय, रंगमंच एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करना था।

ऑडिशन में 20 से 25 वर्ष की आयु के पुरुष एवं महिला कलाकारों के लिए अवसर प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि यह एक मानदेय आधारित परियोजना है तथा इसकी शूटिंग अक्टूबर माह से प्रारंभ होने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर प्रिज़्म क्रिएशंस प्रोडक्शन हाउस के संस्थापक श्री कृष्णा चौधरी एवं निर्णायक श्री प्रवीण अरोड़ा उपस्थित रहे। कॉलेज की ओर से प्रो. मीत कमल, समन्वयक, ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम में डॉ. एरिक विल्सन एवं डॉ. अंकिता पांडेय की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में छात्र स्वयंसेवकों के रूप में जागृति गुप्ता, इल्मा तबस्सुम, अलीशा नाज़, आदर्श चौहान, ऐश सोनकर एवं देवांश गौरव उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सुचारु संचालन में अपना योगदान दिया। ऑडिशन के माध्यम से प्रतिभागियों को अभिनय एवं रंगमंच के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने तथा आगामी परियोजना से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में “अन्वेषण, अभिव्यक्ति और जुड़ाव” अर्थात “एक्सप्लोर, एक्सप्रेस, बिलॉन्ग” की भावना को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्त करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ऑडिशन के दौरान विद्यार्थियों में थिएटर, अभिनय एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति उत्साह देखने को मिला। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे प्रस्तुत करने तथा रंगमंच एवं अभिनय के क्षेत्र में नए अवसरों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

Read More »

रेलवे समपार संख्या-44, पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी कार्य हेतु 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आवागमन बन्द रहेगा

रेलवे ट्रैक की मरम्मत के चलते अश्बारमऊ-मैधरी मार्ग पर आवागमन प्रभावित, समपार संख्या-43 से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध।

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (पी.वे.), घाटमपुर ने अवगत कराया कि अश्बारमऊ से मैधरी जाने वाले मार्ग पर हमीरपुर रोड-यमुना साउथ बैंक सेक्शन के मध्य स्थित रेलवे समपार संख्या-44, किमी 1373/04-05 पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी कार्य कराया जाना है। यह कार्य रेलवे यातायात की सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि उक्त कार्य के चलते रेलवे समपार संख्या-44 को 25 सितंबर 2026 की शाम 6 बजे से एक अक्टूबर 2026 की शाम 6 बजे तक अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। इस अवधि में समपार फाटक से वाहनों एवं अन्य आवागमन पर रोक रहेगी।

अश्बारमऊ से मैधरी जाने वाले वाहन चालकों एवं आमजन के लिए समपार संख्या-43 से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध रहेगा। संबंधित विभाग द्वारा लोगों से अपील की गई है कि निर्धारित अवधि में आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और रेलवे कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें

Read More »

राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर डी.जी. कॉलेज में वृक्षारोपण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्थापना दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण, वृहद स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने बताया की इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी एवं जनसेवा की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाया तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने स्वयंसेविकाओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए कहा कि NSS विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व एवं सामाजिक सरोकार की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।  महाविद्यालय स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो अर्चना वर्मा ने छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समाज के प्रति जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।डॉ सुषमा शर्मा ने अपने उद्बोधन में छात्राओं से इन गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एनएसएस समिति के सदस्यों डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ साधना सिंह एवं समस्त 100 स्वयंसेविकाओं की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ, हरित एवं जागरूक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

Read More »

‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, एस. एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर के स्मार्ट क्लास में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एक विशेष क्विज प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा किया गया।
इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय “उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 9 साल की उपलब्धियां” रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के श्री चरणों में दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से विशिष्ट अतिथि श्री शुभ्रो सेन व मुख्य अतिथि कैप्टन ममता अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुई। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुमन एवं नोडल अधिकारी प्रो. निशा वर्मा द्वारा किया गया।
प्रतियोगिता के दौरान युवा छात्राओं से उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, डिजिटल शिक्षा, स्नातक स्तर पर चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS), बहु-विषयी शिक्षा, नया शिक्षा सेवा चयन आयोग, ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ योजना इत्यादि उच्च शिक्षा से संबंधित प्रश्नोत्तरी की गई। क्विज प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका का निर्वहन कैप्टन ममता अग्रवाल एवं प्रो. मीनाक्षी व्यास के द्वारा किया गया।
प्रथम स्थान- रानी लक्ष्मीबाई टीम,
द्वितीय स्थान- कल्पना चावला टीम,
तृतीय स्थान-सरोजिनी नायडू टीम ने प्राप्त किया।
उक्त कार्यक्रम में आकांक्षी आत्रे, कृस्टी कन्नौजिया,सुप्रिया सिंह, अलीशा फातिमा, गौरांशी, पारुल श्रीवास्तव, प्रिया गुप्ता, शिवानी, खुशबू महावर, ईशा साहू, महिमा वर्मा, अंजली इत्यादि छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संयुक्त सचिव व विशिष्ट अतिथि श्री शुभ्रो सेन ने अपने उद्बोधन में कहा पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जो ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं, वे हमारी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। नई शिक्षा नीति, CBCS और डिजिटल शिक्षा ने शिक्षा को रोजगारपरक और वैश्विक स्तर का बनाया है।
प्राचार्या प्रो. सुमन ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि हमारी युवा शक्ति में सेवा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प जगाना है। मुझे गर्व है कि हमारी छात्राओं ने अपनी प्रतिभा और जागरूकता का उत्कृष्ट परिचय दिया है।
अंत मे सहायक आचार्य डा. संगीता सिंह ने प्राचार्या,अतिथियों, निर्णायक मंडल, सभी शिक्षिकाओ एवं प्रतिभागी छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
आज बैजनाथ ज्वैलर्स ने शिक्षक की चमक २.० कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय के शिक्षकों का सम्मान किया।इस भव्य कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। तृतीय व चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

Read More »

शिक्षा की नौ वर्षों की उपलब्धियों पर छात्राओं ने परखी अपनी जानकारी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 23 सितंबर। दयानन्द गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में बुधवार को सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत “उत्तर प्रदेश की शिक्षा में नौ वर्षों की उपलब्धियाँ” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास एवं उपलब्धियों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करना रहा।प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों को गंगा, यमुना, सरस्वती एवं नर्मदा नामक चार टीमों में विभाजित किया गया। प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में पिछले नौ वर्षों के दौरान हुई विभिन्न उपलब्धियों एवं विकास से संबंधित प्रश्न पूछे गए।

प्रो. अभिलाषा गौर ने क्विज मास्टर की भूमिका का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अपनी जानकारी एवं त्वरित उत्तर देने की क्षमता का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. वंदना निगम, डायरेक्टर प्रो. अर्चना वर्मा, कार्यक्रम संयोजक प्रो. पप्पी मिश्रा, डॉ. संगीता सिरोही, डॉ. दीप्ति शुक्ला एवं डॉ. दीपाली सक्सेना की गरिमामयी उपस्थिति रही।

*प्रतियोगिता में यमुना टीम ने प्रथम, गंगा टीम ने द्वितीय तथा नर्मदा टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।*

समापन अवसर पर कार्यक्रम संयोजक प्रो. पप्पी मिश्रा ने अतिथियों, प्रतिभागी छात्राओं एवं कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Read More »