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एआरटीओ कार्यालय में छापा, 11 संदिग्ध दलाल पकड़े

डीएम के निर्देश पर प्रशासन-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, नकदी और अभिलेखों के मिलान में भी मिलीं विसंगतियां*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। एआरटीओ कार्यालय में दलालों की सक्रियता और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सोमवार को प्रशासन ने शिकंजा कस दिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह एवं एडीसीपी दक्षिण सुमित सुधाकर राम टेके के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने एआरटीओ कार्यालय परिसर में औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर और उसके आसपास सक्रिय मिले 11 संदिग्ध दलालों को पकड़ा गया। सभी से पूछताछ के साथ उनकी भूमिका और एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों से संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।

संयुक्त टीम अचानक एआरटीओ कार्यालय पहुंची और परिसर में मौजूद लोगों का सत्यापन शुरू करा दिया। टीम ने वाहन पंजीकरण, वाहन पोर्टल, ड्राइविंग लाइसेंस एवं सारथी पोर्टल से संबंधित सेवाओं और कार्यप्रणाली की जांच की। परिसर में संदिग्ध रूप से मौजूद व्यक्तियों से उनके वहां आने का कारण और उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों के संबंध में पूछताछ की गई। इसी दौरान 11 संदिग्ध दलाल चिन्हित किए गए। अब यह पता लगाया जा रहा है कि वे आवेदकों के संपर्क में कैसे आते थे और कार्यालय में किस तरह उनके काम कराते थे। पुलिस

संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

कार्रवाई सिर्फ संदिग्ध दलालों की धरपकड़ तक सीमित नहीं रही। टीम ने वाहन पंजीकरण, स्वामित्व अंतरण, कर एवं शुल्क, वाहन फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, लर्नर लाइसेंस और ड्राइविंग टेस्ट से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले। कार्यालय में उपलब्ध नकदी का रजिस्टर, शुल्क प्राप्तियों और संबंधित अभिलेखों से मिलान कराया गया। प्रारंभिक जांच में नकदी और लेखा-अभिलेखों के मिलान में कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। संबंधित रिकॉर्ड का दोबारा मिलान कर विसंगतियों के कारण और जिम्मेदारी का पता लगाया जा रहा है।

जांच का फोकस अब इस बात पर भी है कि संदिग्ध बिचौलियों की कार्यालय के भीतर पहुंच किस स्तर तक थी और क्या उन्हें किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी का संरक्षण या सहयोग मिल रहा था। यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया से सीधे सेवा देने के बजाय बिचौलियों के माध्यम से काम कराने की व्यवस्था तो नहीं पनप रही थी। जांच में किसी कार्मिक की मिलीभगत सामने आने पर उसकी भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया, समयसीमा और तय शुल्क पर सीधे उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। एआरटीओ कार्यालय में पकड़े गए संदिग्धों की भूमिका और सामने आई विसंगतियों की गहन जांच कराई जा रही है। किसी अधिकारी-कर्मचारी की बिचौलियों से मिलीभगत अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आई तो जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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न्यायालय के आदेश पर 36,580 किलोग्राम असुरक्षित भुना चना कराया गया नष्ट

औरामिन डाई की मौजूदगी के कारण घोषित हुआ था असुरक्षित, 33.48 लाख रुपये थी अनुमानित कीमत

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 36,580 किलोग्राम सीज भुना चना का विनष्टीकरण कराया। 33.48 लाख रुपये अनुमानित मूल्य के इस भुना चना को औरामिन डाई की उपस्थिति के कारण असुरक्षित घोषित किया गया था। नगर निगम के भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में तीन सदस्यीय समिति की निगरानी में इसे पर्यावरण अनुकूल तरीके से नष्ट कराया गया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा 17 दिसंबर 2025 को की गई कार्रवाई के दौरान उक्त भुना चना सीज किया गया था। जांच में इसमें औरामिन डाई की उपस्थिति पाई गई, जिसके आधार पर इसे असुरक्षित घोषित किया गया। रेफरल प्रयोगशाला की जांच में भी इसकी पुष्टि हुई थी।

सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-1, कानपुर नगर में सरकार बनाम महेश कुमार गुप्ता से संबंधित दो वादों में सीज सामग्री के विनष्टीकरण के संबंध में न्यायालय ने 14 जुलाई 2026 को आदेश दिया था।

न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद को सदस्य बनाया गया। समिति ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरण अनुकूल विनष्टीकरण के संबंध में दिशा-निर्देश मांगे।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस कार्य के लिए दो पंजीकृत एजेंसियों की जानकारी दी। संबंधित फर्म द्वारा इन एजेंसियों से संपर्क करने पर विनष्टीकरण के लिए 40 रुपये प्रति किलोग्राम शुल्क बताया गया। फर्म ने शुल्क अधिक होने के कारण इसे वहन करने में असमर्थता जताते हुए वैकल्पिक व्यवस्था का अनुरोध किया। इसके बाद नगर निगम से संपर्क कर भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में पर्यावरण अनुकूल विनष्टीकरण की व्यवस्था की गई।

समिति ने मौके पर पहुंचकर सीज सामग्री पर लगी सील की जांच एवं सत्यापन किया। सील सही पाए जाने के बाद उसे नियमानुसार हटाकर सामग्री विनष्टीकरण के लिए अवमुक्त की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ सामग्री चूहों से क्षतिग्रस्त भी पाई गई। इसके बाद उपलब्ध 36,580 किलोग्राम भुना चना 23 अगस्त को नगर निगम के भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में नगर निगम से अनुबंधित फर्म मेसर्स एनवायरमेंटल टेक्नो, आगरा के माध्यम से नियमानुसार नष्ट कराया गया।

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एबीडीएम से सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण को मिलेगी गति

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर, दिनांक 24 अगस्त, 2026 आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), उत्तर प्रदेश सरकार के तत्वावधान में आज प्रातः 9:30 बजे कानपुर एवं झांसी मंडल का मंडल स्तरीय सम्मेलन होटल इटर्निटी, बैकुंठपुर, बिठूर (ताज होटल), कानपुर में आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य भारत के डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण को गति प्रदान करना तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना रहा।

सम्मेलन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, उत्तर प्रदेश अर्चना वर्मा (आईएएस) तथा सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं मिशन निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश रितु माहेश्वरी (आईएएस) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश डॉ. मोहित सिंह ने एबीडीएम की प्रगति, उपलब्धियों तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने एबीडीएम के अंतर्गत आभा (ABHA) आईडी, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) एवं हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) सहित विभिन्न डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि आभा आईडी के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखा जा सकता है। इससे मरीजों को बार-बार पुराने चिकित्सा दस्तावेज साथ ले जाने की आवश्यकता कम होगी तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मरीज के स्वास्थ्य संबंधी विवरण उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मरीजों एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी।

सम्मेलन में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों को एबीडीएम से जोड़ने, अधिक से अधिक आभा आधारित ओपीडी पंजीकरण कराने, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा देने तथा जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर एबीडीएम की नियमित समीक्षा किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। एबीडीएम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं पेपरलेस बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर नगर अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर नगर डॉ. हरिदत्त नेमी, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, झांसी मंडल डॉ. आर.के. सोनी तथा अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानपुर मंडल डॉ. रेनू जोशी पंत सहित संबंधित अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग होम के संस्थापक, प्रबंधक एवं निदेशक तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को केवल तकनीकी पहल तक सीमित न रखते हुए इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

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श्रीलंका में चमकी कानपुर की प्रियांशी, भारत को दिलाया टी-20 डेफ सीरीज का खिताब

चार मैचों में झटके छह विकेट, विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी को डीएम ने क्रिकेट किट देकर किया सम्मानित

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर । श्रीलंका की धरती पर कानपुर की बेटी प्रियांशी दीक्षित ने अपनी गेंदबाजी से छाप छोड़ते हुए देश और शहर का नाम रोशन किया है। भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 डेफ सीरीज-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत में कानपुर की 20 वर्षीय प्रियांशी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार मैचों में छह विकेट झटके। सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रियांशी को क्रिकेट किट प्रदान कर सम्मानित किया।

गोपाल नगर, सैनिक चौराहा, यशोदा नगर निवासी प्रियांशी गौतम बुद्ध महाविद्यालय, सिद्धार्थ नगर, नौबस्ता में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा निखार रहीं प्रियांशी को भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला तो उन्होंने अपनी गेंदबाजी से इसे यादगार बना दिया।

श्रीलंका के डी सोयसा पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में सात से 13 जुलाई तक आयोजित महिला टी-20 डेफ सीरीज-2026 में भारत और श्रीलंका की टीमों ने प्रतिभाग किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और सभी मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम की। प्रियांशी ने चार मुकाबलों में छह विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

*क्रिकेट किट देकर बढ़ाया हौसला*

सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रियांशी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रियांशी की उपलब्धि पूरे कानपुर के लिए गौरव का विषय है। उनकी सफलता जनपद के युवाओं, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने भी प्रियांशी को भारतीय टीम की जीत में योगदान के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*कानपुर से श्रीलंका तक छोड़ी अपनी छाप,*

महज 20 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व और अंतरराष्ट्रीय सीरीज की विजेता टीम का हिस्सा बनना प्रियांशी की उपलब्धि को खास बनाता है। श्रीलंका में छह विकेट लेकर उन्होंने न सिर्फ भारतीय टीम की जीत में अपनी भूमिका निभाई, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रतिभा को अवसर मिले तो चुनौतियां उसके कदम नहीं रोक सकतीं। अब प्रियांशी की निगाहें क्रिकेट के मैदान पर आगे की उपलब्धियों पर हैं।

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अपंजीकृत कीटनाशक युक्त अगरबत्तियों की बिक्री एवं प्रयोग से बचने की अपील

अपंजीकृत कीटनाशक युक्त अगरबत्तियों की बिक्री एवं प्रयोग से बचने की अपील*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी, कानपुर नगर अरूणेश प्रताप सिंह ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश शासन तथा कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश, कृषि रक्षा अनुभाग, लखनऊ के निर्देशों के माध्यम से अवगत कराया गया है कि प्रदेश में ऐसी अगरबत्तियों का निर्माण एवं बिक्री की जा रही है, जिनमें अपंजीकृत कीटनाशक, विशेष रूप से Dimefluthrin एवं Meperfluthrin का प्रयोग किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उक्त अगरबत्तियां Sweet Night, Dinosaur एवं Comfort ब्राण्ड के नाम से बाजार में विक्रय की जा रही हैं। ऐसी अगरबत्तियों का निर्माण एवं विक्रय कीटनाशी अधिनियम, 1968 तथा कीटनाशी नियमावली, 1971 की धारा 9(3) एवं 18(ए) के प्रावधानों का उल्लंघन है।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के समस्त कीटनाशक विक्रेताओं, पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर्स तथा किराना दुकानदारों को सचेत किया है कि यदि उनके प्रतिष्ठान पर Dimefluthrin एवं Meperfluthrin युक्त उक्त ब्राण्ड की अगरबत्तियों का स्टॉक पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियमावली, 1971 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि अपंजीकृत कीटनाशक युक्त ऐसी अगरबत्तियों का प्रयोग कदापि न करें, क्योंकि इनके प्रयोग से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उपभोक्ता ऐसी अगरबत्तियों की खरीद एवं उपयोग से बचें तथा संदिग्ध उत्पाद पाए जाने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।

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बाल गृह की बेटियों के हुनर से सजा रक्षाबंधन, हाथों से तैयार कीं राखियां

कलेक्ट्रेट में लगा विशेष स्टॉल, राखियों के साथ तैयार कीं रोली-चावल की पोटलियां

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। रक्षाबंधन पर इस बार राजकीय बाल गृह की बेटियों के हुनर की झलक भी देखने को मिल रही है। राजकीय बाल गृह यूनिट-1 एवं यूनिट-2 की बालिकाओं ने अपने हाथों से आकर्षक राखियां और रोली-चावल की पोटलियां तैयार की हैं। सोमवार को इन हस्तनिर्मित राखियों का विशेष स्टॉल कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में लगाया गया। बालिकाओं की यह पहल उनके कौशल को निखारने के साथ भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

अचिंत्य फाउंडेशन द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बाल गृह की बालिकाओं को प्रोफेशनल एम्ब्रॉयडरी के साथ सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रायोजन भी फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सीखे हुनर का इस्तेमाल करते हुए बालिकाओं ने रक्षाबंधन के लिए राखियां तैयार कीं। इसके साथ ही रोली और चावल की आकर्षक पोटलियां भी बनाई गई हैं।

जिला प्रशासन की ओर से इस कौशल विकास कार्यक्रम को सहयोग दिया जा रहा है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बालिकाओं के कौशल विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को केवल गतिविधि तक सीमित न रखकर बालिकाओं को ऐसा हुनर देना है, जिसका भविष्य में वे आजीविका के लिए भी उपयोग कर सकें।

राखियां तैयार करने की इस गतिविधि के माध्यम से बालिकाओं में रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी प्रयास किया गया है। राजकीय बाल गृह यूनिट-1 एवं यूनिट-2 में बालिकाओं के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। इस दौरान बालिकाओं द्वारा स्वयं तैयार की गई राखियों का उपयोग किया जाएगा।
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महिला एवं बालिका सशक्तीकरण, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के विजन तथा मिशन शक्ति की भावना से भी जुड़ी है। कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रशिक्षण देकर भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने योग्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

अजित फाउंडेशन की ओर से समाज के वंचित एवं संवेदनशील वर्ग के बच्चों को कौशल और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास विकसित हो और वे भविष्य में आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस दौरान अचिन्त्य चैरिटेबल फाउंडेशन की निदेशक दिशा अरोड़ा भी मौजूद रहीं।

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विद्यालय परिसरों से हटेंगी हाईटेंशन और एलटी लाइनें, पहले चरण में 93 स्कूल चिह्नित

विद्युत लाइनें होंगी स्थानांतरित, डीएम ने स्थलीय सत्यापन के दिए निर्देश

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर।  विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसरों से होकर गुजर रही हाईटेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) विद्युत लाइनों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर जनपद में गठित समिति ने पहले चरण में ऐसे 93 विद्यालय चिह्नित किए हैं, जहां विद्युत लाइनों को स्थानांतरित किए जाने की आवश्यकता है। सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में चिह्नित विद्यालयों का स्थलीय सत्यापन शीघ्र पूरा कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

शासन ने प्रदेश में संचालित परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के परिसरों से गुजर रही एचटी और एलटी विद्युत लाइनों को हटाने एवं स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय परिसर से गुजरने वाली विद्युत लाइनें विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में ऐसे मामलों में राजकीय अथवा सहायता प्राप्त विद्यालयों के परिसर से गुजर रही एचटी एवं एलटी विद्युत लाइनों को निःशुल्क स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में गठित समिति ने प्रथम चरण में 93 विद्यालयों का चिन्हांकन किया है। इन विद्यालयों में विद्युत लाइनों को स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को स्थलीय सत्यापन शीघ्र पूरा करने और विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में लगभग 134 राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों के भवन परिसर, खेल मैदान अथवा अन्य स्थानों से एचटी या एलटी विद्युत लाइन गुजर रही हो तो उसका स्थलीय सत्यापन कराया जाए। ऐसे सभी विद्यालयों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। शासन द्वारा विद्युत लाइनों को निःशुल्क स्थानांतरित किए जाने की सुविधा दी गई है, इसलिए कोई भी पात्र विद्यालय इससे वंचित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिह्नित विद्यालयों का स्थलीय सत्यापन शीघ्र पूरा किया जाए। जहां विद्युत लाइन स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें और शासन के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि उनके क्षेत्र के किसी विद्यालय परिसर, भवन अथवा खेल मैदान से हाईटेंशन या लो टेंशन विद्युत लाइन गुजर रही हो तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। सूचना का स्थलीय सत्यापन कर विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन सहित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, केस्को तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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25 अगस्त को कानपुर में राज्य महिला आयोग की सदस्य करेंगी महिला जनसुनवाई

महिलाओं की शिकायतों की होगी सुनवाई, महिला कल्याण योजनाओं की भी होगी समीक्षा*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर, दिनांक 24 अगस्त, 2026 (सू0वि0)। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी एवं अनिता गुप्ता द्वारा 25 अगस्त, 2026 को जनपद कानपुर नगर में महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

महिला जनसुनवाई 25 अगस्त को प्रातः 11:00 बजे सर्किट हाउस सभागार में आयोजित होगी। जनसुनवाई में महिलाओं से संबंधित समस्याओं एवं शिकायतों को सुना जाएगा तथा उनके प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

जनसुनवाई के उपरांत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महिला कल्याण से संबंधित संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, महिला सुरक्षा, कल्याण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

राज्य महिला आयोग की सदस्य संबंधित विभागों द्वारा महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगी, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।

जनपद की महिलाएं अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण के लिए 25 अगस्त को प्रातः 11:00 बजे सर्किट हाउस सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकती हैं।

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12 सितंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह-समझौते के आधार पर होगा मामलों का निस्तारण

28 अगस्त और 1 सितंबर को संबंधित न्यायालयों में होगा प्री-ट्रायल, पक्षकार उपस्थित होकर दे सकते हैं सहमति*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर अभिनव तिवारी ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशन एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर की अध्यक्षता में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026, दिन शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर, कानपुर नगर में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, सिविल वाद, पारिवारिक वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) से संबंधित वाद तथा राजस्व संबंधी मामलों सहित अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए 28 अगस्त 2026 एवं 1 सितंबर 2026 को संबंधित न्यायालयों में प्री-ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। संबंधित वादों का प्री-ट्रायल उसी न्यायालय में किया जाएगा, जहां वाद विचाराधीन है। वादी एवं प्रतिवादी अपने मामले का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए निर्धारित तिथि को प्री-ट्रायल में उपस्थित होकर न्यायालय के समक्ष अपनी सहमति प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित वादकारियों से अपील की है कि वे प्री-ट्रायल में उपस्थित होकर आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से अपने मामलों का निस्तारण कराएं, जिससे आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके।

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पांडु नदी से सटे निचले क्षेत्रों में जलभराव से प्रभावित क्षेत्र का एसडीएम सदर ने लिया जायजा*

पांडु नदी से सटे निचले क्षेत्रों में जलभराव से प्रभावित क्षेत्र का एसडीएम सदर ने लिया जायजा*

*स्थानीय लोगों से किया संवाद, राहत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश*

कानपुर नगर। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने नगर निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बर्रा एवं गुजैनी क्षेत्र में पांडु नदी से सटे निचले इलाकों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार नदी से सटे निचले क्षेत्र में बने लगभग 25 से 30 मकानों में जलभराव की स्थिति पाई गई है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर ने स्थानीय लोगों से संवाद कर जलभराव की स्थिति, आवागमन तथा राहत सामग्री की आवश्यकता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए रखने और आवश्यकता के अनुरूप राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वर्तमान में जलभराव से प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। अधिकांश लोग अपने अन्य आवास अथवा रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं, जबकि कुछ परिवार किराये के आवास में चले गए हैं। प्रभावित परिवारों की सुविधा के लिए कम्पोजिट विद्यालय में राहत शिविर स्थापित कर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रभावित परिवारों के बीच वितरण के लिए राहत किट की मांग भी प्रेषित कर दी गई है। एसडीएम सदर ने नगर निगम के अधिकारियों को क्षेत्र में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं एवं कीटाणुनाशक का छिड़काव कराया जाए। पेयजल एवं स्वच्छता की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाए।

जलभराव की समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए पीओ डूडा के साथ समन्वय कर प्रभावित परिवारों की पात्रता का परीक्षण कराया जाएगा। पात्र परिवारों को चिन्हित कर नियमानुसार आवासीय योजना से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सिंचाई विभाग द्वारा पांडु नदी के फ्लड प्लेन क्षेत्र को सुरक्षित एवं अतिक्रमण मुक्त रखने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी मौजूद थे।

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