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विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जाँच (FLC) 17 सितंबर से होगी शुरू

राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि FLC प्रक्रिया का कर सकेंगे अवलोकन

दैनिक भारतीय स्वरूप (जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर) जिला निर्वाचन अधिकारी, कानपुर नगर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अवगत कराया है कि प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व निर्वाचन में प्रयुक्त की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) एवं वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की प्रथम स्तरीय जाँच (FLC) संबंधित निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में कराई जाती है। FLC में जाँच एवं परीक्षण के उपरांत उत्तीर्ण EVM एवं VVPAT का ही निर्वाचन में उपयोग किया जाता है। FLC की विस्तृत प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी Manual on Electronic Voting Machine में निर्धारित है।

उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में उपयोग की जाने वाली EVM एवं VVPAT की प्रथम स्तरीय जाँच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा 17 सितंबर, 2026 से कार्य पूर्ण होने तक ईवीएम वेयरहाउस, सरसैया घाट, सिविल लाइंस, कानपुर नगर में की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुरूप FLC के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि FLC की पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है। प्रक्रिया में निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 15 सितंबर, 2026 को लिखित रूप से अनुरोध भेजकर FLC की निर्धारित अवधि के दौरान प्रक्रिया के अवलोकन के लिए अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को नामित करने को कहा गया है। संबंधित अनुरोध पत्र की प्राप्ति की पुष्टि राजनीतिक दलों के राज्य मुख्यालयों द्वारा भी की जा चुकी है।

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अनुप्रयुकत दर्शन शास्त्र

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन.सेन बी.वी.पी.जी.कालेज के दश॔न शास्त्र विभाग ने एक छात्र संगोष्ठी का विभागीय स्तर पर आयोजन किया जिसमे स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की समस्त छात्राओं ने उत्साहपूर्ण प्रतिभाग किया । छात्र संगोष्ठी का मुख्य विषय “अनुप्रयुकत दर्शन शास्त्र ” रहा । छात्राओं द्वारा मुख्य विषय से संबंधित अनेक उप-विषयों जैसे ‘Technology in Professional ethics and Environmental Ethics’, ‘Philosophical Counseling for mental health and well-being’ , ‘Media Ethics’ , ‘Human Rights and Social Justice’ , ‘Role of dharma in social justice’ etc. पर क्रमबद्ध तरीके से अपने विचार व्यक्त किए। विचार अभिव्यक्ति के उपरांत दश॔क दीघा॔ की छात्राओ ने जिज्ञासावश पश्न भी पूछे।

इस वैचारिक मंथन से यह स्पष्ट हुआ कि दार्शनिक विचार हमारे दैनिक निण॔य लेने की प्रक्रिया और नैतिक चुनौतियों को कैसे बेहतर बना सकते है।दार्शनिक सिद्धांत का प्रयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं को बेहतर तरीके से सुलझा सकती है ।

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नगर पंचायत बिठूर के अध्यक्ष पद के लिए उप निर्वाचन की समय-सारिणी जारी

18 से 24 सितम्बर तक दाखिल होंगे नामांकन, 13 अक्टूबर को मतदान एवं 15 अक्टूबर को होगी मतगणना*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग द्वारा दिए गए परामर्श के क्रम में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-यक के साथ पठित उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 43-ग के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा नगर पंचायत बिठूर, जनपद कानपुर नगर के अध्यक्ष पद के रिक्त पद पर उप निर्वाचन कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह उप निर्वाचन मा० न्यायालय के किसी स्थगन आदेश से बाधित न होने की स्थिति में कराया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत बिठूर के अध्यक्ष पद का रिक्त पद अनारक्षित है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नाम निर्देशन पत्र 18 सितम्बर से 24 सितम्बर, 2026 तक पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 25 सितम्बर, 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से कार्य की समाप्ति तक होगी। अभ्यर्थन वापस लेने की कार्यवाही 28 सितम्बर, 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक की जाएगी। अभ्यर्थियों को प्रतीक आवंटन 29 सितम्बर, 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से कार्य की समाप्ति तक किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नगर पंचायत बिठूर के अध्यक्ष पद के लिए मतदान 13 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे तक कराया जाएगा। मतगणना 15 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 8 बजे से कार्य की समाप्ति तक होगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा 18 सितम्बर, 2026 को उप निर्वाचन की सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी तथा सूचना जारी होने के दिन से नामांकन पत्रों का विक्रय किया जाएगा। नामांकन पत्र प्राप्त करने, उनकी संवीक्षा, अभ्यर्थन वापसी, प्रतीक आवंटन तथा मतगणना की कार्यवाही संबंधित रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी द्वारा नगर पंचायत बिठूर कार्यालय से संपन्न कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय), संबंधित रिटर्निंग अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी निर्वाचन कार्यक्रम का प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन कराने के साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे। जनसामान्य की जानकारी के लिए संबंधित कार्यालयों तथा नगर पंचायत बिठूर के मुख्यालय के सूचना पट्ट पर भी सार्वजनिक सूचना प्रदर्शित कराई जाएगी।

यह उप निर्वाचन उत्तर प्रदेश नगर पालिका (सदस्यों, पार्षदों, अध्यक्षों और महापौरों का निर्वाचन) नियमावली, 2010 के प्रावधानों के अनुसार संपन्न कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचन संबंधी कार्यवाही संपन्न की जाएगी।

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कोटपा अधिनियम के उल्लंघन पर 20 व्यक्तियों/दुकानदारों का चालान

चार हजार रुपये जुर्माना वसूला, प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर कार्रवाई*

दैनिक भारतीय स्वरूप (जिला सूचना कार्यालय) कानपुर नगर, 16 सितम्बर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर नगर के निर्देशानुसार बुधवार को आर्य नगर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कोटपा अधिनियम, 2003 के अंतर्गत सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन, नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री सहित तंबाकू उत्पादों पर वैधानिक चेतावनी के संबंध में नियमों के अनुपालन की जांच की गई।

प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान कुल 20 व्यक्तियों/दुकानदारों का चालान करते हुए उनसे 4,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। जांच के दौरान तीन दुकानदारों के प्रतिष्ठानों पर बिना वैधानिक चेतावनी वाले तथा फ्लेवर्ड सिगरेट जैसे प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम द्वारा सभी दुकानदारों को कोटपा अधिनियम की धारा-4, 5, 6 एवं 7 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि जनपद में तंबाकू नियंत्रण को लेकर प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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पुस्तक दान कार्यक्रम में ज्ञान-संपदा बढ़ाने का संदेश, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पुस्तकें बनीं प्रेरणा*

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूपनगर, कानपुर में गरिमापूर्ण आयोजन विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूपनगर, कानपुर में विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास एवं महाविद्यालय के पुस्तकालय को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से पुस्तक दान कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक एवं कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वी. एन. अग्रवाल उपस्थित रहे। उनके द्वारा महाविद्यालय के पुस्तकालय हेतु विज्ञान संकाय की 100 पुस्तकें प्रदान की गईं। उनके इस सहयोग को महाविद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के ज्ञान-विस्तार एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर पूनम विज ने मुख्य अतिथि डॉ. वी. एन. अग्रवाल का स्वागत करते हुए उनके सामाजिक एवं शैक्षिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। उनके द्वारा पुस्तकालय के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराना केवल पुस्तक दान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, अध्ययन और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को उनके द्वारा दिए गए दान को का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया ।कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सीमा अग्रवाल जी ने छात्राओं को पुस्तकों का भरपूर लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में वरेण्य अतिथि श्रीमती सूरजमुखी अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही जिन्होंने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 

इसी क्रम में छात्राओं की प्रतिभा एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार श्रेया द्विवेदी, द्वितीय पुरस्कार मेघा वर्मा तथा तृतीय पुरस्कार चाँदनी को प्रदान किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को अतिथियों एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा बधाई दी गई।

Academic Achievers (2025–26) छात्राओं का सम्मान

शैक्षणिक सत्र 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। विभिन्न सेमेस्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में—

सेमेस्टर 6:– साक्षी साहू – कुलसुम

सेमेस्टर 4:– प्राणिका शुक्ला – सोनवी बाजपेई

सेमेस्टर 2:  श्रेष्ठी गुप्ता – श्रेया द्विवेदी

को शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। छात्राओं की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम की प्रभारी डॉक्टर शोभा मिश्रा द्वारा पुस्तक दान के महत्व पर प्रकाश डाला गया। श्रीमती सुमन शर्मा, पुस्तकालय सहयोगी ने पुस्तकालय को प्राप्त पुस्तकों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी शैक्षणिक संसाधन के रूप में उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ कविता सिन्हा जी द्वारा प्रभावी एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए अतिथियों एवं उपस्थितजनों को कार्यक्रम से जोड़े रखा।

कार्यक्रम के अंत में समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष एवं लाइब्रेरी कमेटी की प्रभारी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। डॉ. पूर्णिमा शुक्ला ने कहा कि पुस्तकों का दान विद्यार्थियों को केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि उन्हें ज्ञान, चिंतन और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा भी देता है। 

कार्यक्रम का संयोजन डॉ शोभा मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सहयोगी शिक्षिकाएं डॉ रमा कटियार डॉ शालिनी गुप्ता डॉ जसमीत कौर डॉ स्निग्धा मिश्रा एवं लगभग 70 छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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अनुरक्षण एवं संचालन शुल्क न चुकाने वाली टेनरियों पर होगी कार्रवाई

20 एमएलडी सीईटीपी परियोजना के कार्य समय से पूरे करने के निर्देश, पाइपलाइन-मैनहोल पर दो दिन में मांगी संयुक्त रिपोर्ट*

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर। जाजमऊ के वाजिदपुर स्थित 20 एमएलडी कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के शेष कार्यों को समय से पूरा कराने और पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति एवं विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए पाइपलाइन और मैनहोल के शेष कार्यों पर दो दिन में संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संचालन एवं अनुरक्षण (ओएंडएम) शुल्क के बिलों का भुगतान नहीं करने वाली टेनरी इकाइयों के विरुद्ध यूपीपीसीबी को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना के अंतर्गत पाइपलाइन एवं मैनहोल से संबंधित जितने भी कार्य शेष हैं, उनके संबंध में यूपीपीसीबी एवं प्रोजेक्ट इंजीनियर संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करें। रिपोर्ट को सचिव, जेटेटा से सत्यापित कराकर दो दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

सीईटीपी से निकलने वाले सॉलिड वेस्ट एवं स्लज के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सॉलिड वेस्ट एवं स्लज का नियमानुसार उचित एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण अनुपालन हो सके।

सीईटीपी प्लांट से संबंधित शेष कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कांट्रेक्टर को निर्धारित समयावधि में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के लंबित कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

बैठक में सीईटीपी के संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क की स्थिति की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन टेनरी इकाइयों द्वारा ओएंडएम शुल्क के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध यूपीपीसीबी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

जिलाधिकारी ने परियोजना के सभी शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ पर्यावरणीय मानकों एवं संबंधित नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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उत्कृष्टता की यात्रा: नेतृत्व के पाँच वर्ष

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। क्राइस्ट चर्च कॉलेज, में पाँच वर्षों के सामूहिक प्रयासों, शैक्षणिक प्रगति और उल्लेखनीय उपलब्धियों को समर्पित विशेष समारोह “ए जर्नी ऑफ एक्सीलेंस – सेलिब्रेटिंग 5 इयर्स ऑफ लीडरशिप” का आयोजन किया गया। यह अवसर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के नेतृत्व के पाँच वर्षों के सम्मान के साथ-साथ उन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सदस्यों के योगदान को रेखांकित करने का अवसर बना, जिनके समर्पित प्रयासों ने महाविद्यालय की उत्कृष्टता की यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाया है।
सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में दोपहर 12 बजे प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम को केवल एक औपचारिक समारोह तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों और संपूर्ण महाविद्यालय परिवार की उपलब्धियों तथा संस्थान के विकास में उनके सामूहिक योगदान के उत्सव के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. विनय कुमार पाठक, आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक तथा सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन, सचिव रेव. अनिल ज्ञान प्रकाश एवं उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने किया।
दिन की शुरुआत भविष्य की संभावनाओं और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हुई। इस अवसर पर AEDP (Apprenticeship Embedded Degree Programme) भवन ‘दक्ष’ तथा विद्यार्थी स्वास्थ्य एवं मानसिक कल्याण केंद्र ‘ओजस’ का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि में कुलपति ने विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनके स्टार्टअप और नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। इस संवाद ने युवा प्रतिभाओं को अपने विचारों, नवाचारों और भविष्य की आकांक्षाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
औपचारिक समारोह में महाविद्यालय की अब तक की विकास यात्रा और इसके पीछे रहे सामूहिक प्रयासों को प्रस्तुत किया गया। प्राचार्य के स्वागत संबोधन के पश्चात प्रो. शालिनी कपूर ने महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसी अवसर पर एम.एससी. (रसायन विज्ञान) की छात्रा प्राची गुप्ता द्वारा विकसित ‘प्रज्ञान वर्चुअल लैब’ का कुलपति ने ऑनलाइन शुभारंभ किया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षण एवं प्रायोगिक अधिगम को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान रहा। शैक्षणिक एवं खेलकूद के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए एक छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपर को भी सम्मानित किया गया।
शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए महाविद्यालय के तीन शिक्षकों—वाणिज्य विभाग के डॉ. पवनेश मिश्रा, विज्ञान विभाग के डॉ. आशुतोष कुमार तथा कला विभाग की श्रीमती मनीषी त्रिवेदी—को सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यार्थियों में शोध, जिज्ञासा और ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके सतत योगदान की सराहना का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम में प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डॉ. वंदना पाठक तथा आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. सुजाता चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के अभिनंदन के पश्चात मुख्य अतिथि प्रो. विनय कुमार पाठक ने समारोह को संबोधित किया।
अपने संबोधन में प्रो. पाठक ने शिक्षा में नवाचार, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग तथा गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शोध की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में निरंतर परिवर्तन और विकास आवश्यक है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऐसी समावेशी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बताई, जिसमें तकनीक, कौशल, शोध और मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण का समुचित समावेश हो। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती परिस्थितियों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
यह आयोजन केवल नेतृत्व के पाँच वर्षों का स्मरणोत्सव नहीं था, बल्कि उस साझी संस्थागत यात्रा का उत्सव था जिसे दूरदर्शी नेतृत्व ने दिशा दी, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समर्पण ने सुदृढ़ बनाया और विद्यार्थियों के सपनों एवं उपलब्धियों ने सार्थकता प्रदान की। क्राइस्ट चर्च कॉलेज के लिए यह अवसर अब तक प्राप्त उपलब्धियों पर गौरवपूर्ण दृष्टि डालने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में शिक्षा, नवाचार, शोध और उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का संकल्प भी बना।

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महिला अभ्यर्थियों को रोजगार के विविध अवसरों से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल”

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर “उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन” के अंतर्गत प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय, कानपुर एवं एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 11-09-2026 को महाविद्यालय परिसर में रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं रोजगारपरक बनाना था| रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों की 12 कंपनियों द्वारा कुल 802 रिक्तियों के लिए महिला अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किए गए। E-Corner, E-Gov Services Pvt. Ltd., Spark Minda (Minda Group), STAR GROUP OF MANPOWER SERVICES, Blinkit, Foxconn, Tata Electronics (Vistron), LIC Chamber, Indu Scans & Path Lab, SBI Life Insurance, Pukhraj Health Care, Hitachi Cash Management Services Pvt. Ltd. तथा ARBRE CREATION Pvt. Ltd. ने रोजगार के अवसर छात्राओं को प्रदान किए। उपलब्ध नौकरियों में न्यूनतम वेतन ₹8,000 से लेकर ₹22,500 प्रतिमाह तक था, जबकि कुछ पदों पर ₹15,000–₹20,000 प्रतिमाह तक वेतन भी निर्धारित था। टेलीसेल्स एक्जीक्यूटिव, ट्रेनी असेंबली, लोन एडवाइजर, मर्चेंट BDE, सुपरवाइजर, कॉलिंग ऑफिसर, वेयर हाउस एसोसिएट, असेंबली ऑपरेटर, टेक्निकल ऑपरेटर, बीमा सखी, रिसेप्शनिस्ट, इंश्योरेंस एडवाइजर, वेलनेस एडवाइजर, एटीएम ऑफिसर तथा बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव जैसे विभिन्न पदों के लिए हाईस्कूल से स्नातक, ITI एवं डिप्लोमा स्तर तक की शैक्षिक योग्यता वाले 18 से 50 वर्ष तक के अभ्यर्थियों को साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में सम्मिलित होने का अवसर मिला। 583 छात्र-छात्राओं ने रोजगार मेले में प्रतिभाग किया जिनमें से 278 अभ्यर्थियों का चयन किया गया|

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि त्रिभुवन सिंह (उप निदेशक सेवायोजन कानपुर एवं लखनऊ मंडल) विशिष्ट अतिथि श्री उज्ज्वल कुमार सिंह (सहायक निदेशक, सेवायोजन विभाग, कानपुर मंडल) रहे। त्रिभुवन सिंह जी ने महिला युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने वाली इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवतियों को आत्मनिर्भर बनने तथा अपने कौशल के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने सेवायोजन कानपुर मंडल के महत्व पर पूर्ण प्रकाश डाला| उज्जवल कुमार सिंह जी ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रोजगार मेले का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए रोजगार संगम पोर्टल, NCS पोर्टल एवं सेवायोजन पोर्टल पर पंजीयन हेतु छात्राओं को प्रेरित किया।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. सुमन ने कहा कि महाविद्यालय छात्राओं के शैक्षिक विकास के साथ-साथ उनके कौशल विकास, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयासरत है।रोजगार मेला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कानपुर मंडल प्रो. राजेश प्रकाश, , महाविद्यालय के संरक्षक श्री पी.के. सेन, तथा मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन के मार्गदर्शन में रोजगार मेले का आयोजन किया गया।

Placement Cell प्रभारी प्रो. गार्गी यादव के कुशल संयोजन में समिति की सह-प्रभारी प्रो. निशा वर्मा , सदस्य डॉ. अनामिका एवं डॉ. श्वेता रानी सहित डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. रेशमा, डॉ. शैल वाजपेयी, डॉ. प्रीता अवस्थी, डॉ. मोनिका शुक्ला, डॉ. सपना रॉय ने मेले के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. शिवांगी यादव ने मंच संचालन की महती भूमिका का निर्वाह किया। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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दो साल में 509 कृषक परिवारों को 23.84 करोड़ की राहत

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में प्रकरणों की गहन जांच, पात्र आश्रितों तक पहुंच रही आर्थिक सहायता*

दैनिक भारतीय स्वरूप जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना दुर्घटना में अपनों को खोने वाले कृषक परिवारों के लिए आर्थिक संबल बन रही है। जनपद में वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब तक 509 दावों के सापेक्ष 23 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपये की सहायता पात्र लाभार्थियों एवं मृतकों के आश्रितों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 341 दावों के सापेक्ष 16 करोड़ 56 लाख 90 हजार रुपये का भुगतान किया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 168 दावों के सापेक्ष 7 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शासन की नीति के अनुरूप मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ प्रत्येक पात्र कृषक परिवार तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी पात्र परिवार अथवा आश्रित को केवल तकनीकी अथवा अपूर्ण तथ्यों के आधार पर योजना के लाभ से वंचित न किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर प्रकरण की पुनः जांच कर राजस्व अभिलेखों के साथ वास्तविक कृषि कार्य एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए पात्रता निर्धारित की जाए।

*सड़क हादसे में रामसिंह की मौत, पत्नी तारापती को मिला योजना का सहारा*

घाटमपुर के ग्राम कुंवाखेड़ा निवासी रामसिंह की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। रामसिंह कृषि कार्य के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और राजस्व अभिलेखों में कृषि भूमि के सहखातेदार भी दर्ज थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण कोमा में जाने का उल्लेख था। ग्रामवासियों के बयान और पंचनामा में भी शरीर में आई गंभीर चोटों के कारण मृत्यु की बात सामने आई।

प्रकरण के पुनः परीक्षण में इन साक्ष्यों के आधार पर रामसिंह की मृत्यु दुर्घटनाजनित होना स्थापित हुआ। जिला स्तरीय समिति ने उन्हें योजना में निर्धारित कृषक की श्रेणी में माना। इसके आधार पर उनकी पत्नी तारापती का दावा पात्र मानते हुए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

*सिर्फ ‘शराब की गंध’ को नहीं माना अपात्रता का आधार*

नर्वल तहसील के ग्राम कनवांपुर, तिलसहरी खुर्द निवासी सुरेंद्र कुमार पाल की कृषि कार्य करते समय दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी नेहा देवी ने योजना के तहत आर्थिक सहायता के लिए दावा किया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज ‘शराब की गंध’ के आधार पर उनका दावा पूर्व में अस्वीकार कर दिया गया था।

प्रकरण के पुनः परीक्षण में सामने आया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहीं यह उल्लेख नहीं था कि मृतक के रक्त में एल्कोहल की मात्रा विधिक अथवा चिकित्सकीय रूप से निषिद्ध सीमा से अधिक थी। किसी रासायनिक अथवा फोरेंसिक रिपोर्ट से भी यह प्रमाणित नहीं था कि दुर्घटना नशे के कारण हुई थी। जिला स्तरीय समिति ने माना कि केवल ‘शराब की गंध’ के उल्लेख के आधार पर किसी कृषक परिवार को लोक कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। इसके बाद नेहा देवी का दावा पात्र मानते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

*पिता के नाम थी जमीन, लेकिन बेटा संभालता था खेती; पत्नी भूरी को मिला हक*

घाटमपुर तहसील के ग्राम कोटरा में कृषि भूमि मृतक के नाम दर्ज नहीं थी, बल्कि उसके पिता जगदीश राजस्व अभिलेखों में 1.1060 हेक्टेयर कृषि भूमि के सहखातेदार थे। पिता के अस्वस्थ रहने के कारण खेती की जिम्मेदारी बेटे ने संभाल रखी थी। वह खेत में कृषि कार्य करता और इसी से परिवार का भरण-पोषण करता था।

बेटे की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उसकी पत्नी भूरी ने योजना के तहत आर्थिक सहायता का दावा किया। पुनः जांच में एसडीएम घाटमपुर की आख्या और ग्रामवासियों के बयानों से सामने आया कि पिता के अस्वस्थ रहने के कारण परिवार की खेती वास्तव में मृतक ही संभाल रहा था। जिला स्तरीय समिति ने माना कि भूमि उसके नाम दर्ज न होने के बावजूद वह कृषक परिवार का सदस्य होने के साथ वास्तविक रूप से कृषि कार्य करता था। इसके आधार पर भूरी का दावा पात्र मानते हुए योजना का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया।

*पिता की जमीन पर खेती के साथ बटाई पर भी लिया खेत, परिवार को मिला लाभ*

घाटमपुर के ग्राम कटरी के प्रकरण में मृतक अपने पिता रामबाबू के नाम दर्ज कृषि भूमि पर खेती करता था। इसके साथ ही वह गांव के एक अन्य व्यक्ति की 0.4400 हेक्टेयर कृषि भूमि बटाई पर लेकर भी कृषि कार्य करता था।

ग्राम प्रधान के प्रमाणपत्र एवं अन्य अभिलेखों से उसके बटाई पर भूमि लेकर वास्तविक रूप से कृषि कार्य करने की पुष्टि हुई। जिला स्तरीय समिति ने माना कि मृतक कृषक परिवार का सदस्य होने के साथ स्वयं भी बटाई पर भूमि लेकर खेती करता था, इसलिए वह योजना में निर्धारित कृषक की परिभाषा के अंतर्गत आता है। इसके आधार पर रामबाबू द्वारा प्रस्तुत दावा पात्र मानते हुए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया।

*एक नजर में : मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना*

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में कृषकों और कृषि कार्य से जुड़े परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के निर्धारित प्रावधानों के तहत खातेदार एवं सहखातेदार कृषक, कृषक परिवार के सदस्य, बटाईदार तथा खेतिहर मजदूर भी पात्रता की शर्तें पूरी करने पर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। दिव्यांगता की स्थिति में उसकी प्रकृति एवं निर्धारित श्रेणी के अनुसार सहायता दी जाती है।

पात्रता का निर्धारण केवल भूमि के स्वामित्व के आधार पर नहीं, बल्कि योजना के प्रावधानों के अनुसार राजस्व अभिलेख, वास्तविक कृषि कार्य तथा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के आधार पर किया जाता है।

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12 सितंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

दैनिक भारतीय स्वरूप (जिला सूचना कार्यालय) कानपुर नगर, 10 सितंबर, 2026 पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर अभिनव तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026, दिन शनिवार (द्वितीय शनिवार) को किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर अनमोल पाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

पूर्णकालिक सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन 12 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे दीवानी न्यायालय परिसर के प्रथम तल स्थित मीटिंग हॉल में किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना वाद, सिविल वाद, फैमिली वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, एनआई एक्ट वाद, राजस्व वाद तथा चालानी वादों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने आमजन से अपील की कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अपने लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए इसका लाभ उठाएं। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित एवं सरल निस्तारण संभव है।

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