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“भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु शिष्यपरंपरा”! विषय पर व्याख्यान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स कॉलेज के प्रांगण में शिक्षा शास्त्र विभाग तथा दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसका विषय रहा “भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु शिष्यपरंपरा”! व्याख्यान का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर बंदना निगम तथा डायरेक्टर प्रोफेसर अर्चना वर्मा के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। स्वागत उद्बोधन प्रोफेसर स्वाती सक्सेना ने किया और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व के बारे में बताया, विषय प्रवर्तन प्रोफेसर सुचेता शुक्ला ने किया इन्होंने गुरु की महिमा का साक्षात वर्णन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉक्टर संगीता एस.एन. सेम कॉलेज ने गुरु शिष्य परंपरा के विभिन्न तथ्यों पर प्रकाश डाला कि वर्तमान दौर में गुरु शिष्य का अटूट बंधन क्यों अनिवार्य हैं और वैदिक संस्कृति ने इस देश को क्या दिया है यदि भावी पीढ़ी को तरक्की करनी है तो अपने गुरु के मूल्यों के साथ आगे बढ़ना होगा भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता को समतुल्य स्थान दिया गया है यदि आप इनके आशीर्वाद से जीवन में कुछ भी करना चाहते हैं तो असंभव नहीं है। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मधुरिमा सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर पप्पी मिश्रा, प्रोफेसर क्षमा त्रिपाठी, डॉ अंशु पांडे,डॉ आभा पांडे, कविता विश्नोई,डॉ शालिनी तिवारी आदि की उपस्थित रही। कार्यक्रम में लगभग 118 छात्राओं ने सहभागिता की और ज्ञानार्जन प्राप्त किया।

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पर्यावरणीय अवनयन” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के भूगोल विभाग द्वारा दिनांक 8 अप्रैल 2026 को स्नातक एवं परास्नातक छात्राओं हेतु “पर्यावरणीय अवनयन” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर के भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कुमार अमित उपस्थित रहे। उन्होंने पर्यावरणीय अवनयन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्राओं को विस्तृत जानकारी प्रदान की।

व्याख्यान के दौरान छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. कुमार अमित ने सरल एवं प्रभावशाली ढंग से उत्तर दिया। कार्यक्रम छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अंजना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। साथ ही विभाग की प्राध्यापिका डॉ. शशि बाला सिंह एवं श्वेता गोंड की उपस्थिति एवं सहयोग सराहनीय रहा। अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता सिरोही ने मुख्य वक्ता सहित सभी अतिथियों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया।

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धर्मेन्द्र प्रधान ने नई दिल्ली में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशा-निर्देश लॉन्‍च किए

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशा-निर्देश लॉन्‍च किए। इस अवसर पर दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद; छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव; स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव  संजय कुमार; पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव  अशोक कुमार मीणा तथा डीओएसईएल की अतिरिक्त सचिव अर्चना एस. अवस्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में  धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशा-निर्देश–2026 राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के विज़न को देश के लगभग 15 लाख विद्यालयों में कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इन दिशा-निर्देशों में एसएमसी को विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समुदायों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिससे सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा में साझा उत्तरदायित्व के माध्यम से बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

 

श्री प्रधान ने इस बात पर बल दिया कि जहाँ एक ओर  सरकार बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए समर्थन सुनिश्चित करने के प्रति वचनबद्ध है, वहीं एसएमसी दिशा-निर्देश विद्यालयों को सुदृढ़ बनाने में सहयोग, मार्गदर्शन और सामुदायिक स्वामित्व के महत्व को भी मान्यता देते हैं। उन्होंने कहा कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य एसएमसी को शैक्षिक परिणामों में सुधार की एक स्‍थायी संस्कृति और जन-आंदोलन के रूप में विकसित करना है। विद्यांजलि जैसी पहलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से सामुदायिक नेतृत्व के अंतर्गत फली-फूली है, और नए एसएमसी दिशा-निर्देश विद्यालयों को पुनः सामाजिक सहभागिता के केंद्र में स्थापित कर उसी भावना को पुनर्जीवित करने का प्रयास करते हैं। अपने संबोधन में  आशीष सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल नए दिशा-निर्देश जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे गहन और परिवर्तनकारी बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि यदि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो उसका मार्ग देश की कक्षाओं से होकर ही गुजरेगा।

सूद ने नवप्रारंभित एसएमसी दिशा-निर्देश 2026 को इस परिवर्तनकारी यात्रा की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के बाद प्रारंभ किया गया पूर्ववर्ती एसएमसी ढाँचा मुख्यतः अनुदान निगरानी, अवसंरचना पर्यवेक्षण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक सीमित था। किंतु आज की चुनौतियाँ और अपेक्षाएँ काफी बदल चुकी हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि बाल सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), डिजिटल पारदर्शिता, अधिगम (लर्निंग) परिणाम तथा सामुदायिक भागीदारी जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण बन गए हैं। नए एसएमसी दिशा-निर्देशों को इन प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। मंत्री महोदय ने बल देते हुए कहा कि ये दिशा-निर्देश एसएमसी को मात्र निगरानी निकाय से आगे बढ़ाकर वास्तविक “विद्यालय समुदाय प्रशासनिक संस्थान” में परिवर्तित करते हैं। अब एसएमसी समग्र बाल विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र कल्याण, सुरक्षा, समावेशन, डिजिटल प्रशासन तथा पारदर्शिता में सक्रिय योगदान देंगी। अपने संबोधन के अंत में श्री सूद ने विश्वास व्यक्त किया कि एसएमसी दिशा-निर्देश 2026 सामुदायिक भागीदारी, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करेंगे तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

अपने संबोधन में श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बच्चों के अधिगम परिणामों में सुधार के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में प्रस्तुत किए गए स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशा-निर्देश विद्यालय प्रबंधन और संचालन में स्थानीय अभिभावकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित कर अभिभावकों और विद्यालयों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होंगे।

बैठक में हरियाणा के स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा; महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा एवं मराठी भाषा मंत्री श्री दादाजी भुसे; मिजोरम के स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. वनलालथलाना; त्रिपुरा सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री किशोर बर्मन; उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत; तथा नागालैंड के उच्च शिक्षा मंत्री श्री तेमजेन इम्ना आलोंग सहित कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया

स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशा-निर्देशों हेतु जानकारी के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

https://dsel.education.gov.in/sites/default/files/guidelines/School_Management_Committee_Guidelines.pdf

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दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में “सेमिनार प्रेजेंटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण” आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के भूगोल विभाग द्वारा बी.ए. षष्ठम सेमेस्टर सत्र 2025-26 की छात्राओं हेतु “सेमिनार प्रेजेंटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण” विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता सिरोही के मार्गदर्शन में दिनांक 6 मई 2026 को आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने भूगोल विषय से संबंधित विभिन्न समसामयिक एवं शोधपरक विषयों जैसे ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इन कानपुर’ , ‘कानपुर में नगरीकरण एवं उसके प्रभाव’ आदि पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।
विषय विशेषज्ञ डॉ. ऋचा त्रिपाठी तथा डॉ शशिबाला सिंह ने छात्राओं की प्रस्तुति, शोध दृष्टिकोण एवं विषय ज्ञान की सराहना की गई। शोध निर्देशक डॉ संगीता सिरोही, डॉ अंजना श्रीवास्तव एवं स्वेता गोंड ने छात्राओं को शोध कार्य, प्रस्तुतीकरण कौशल एवं विषय की गहन समझ विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए। सेमिनार प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को अकादमिक अभिव्यक्ति, शोध लेखन तथा मंच संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

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8वें पोषण पखवाड़ा के तहत स्क्रीन टाइम घटाने में अभिभावकों एवं समुदाय की भूमिका पर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में जागरूकता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर।20 अप्रैल 2026, दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में पोषण पखवाड़ा (8वां संस्करण) के अंतर्गत “स्क्रीन टाइम कम करने में माता-पिता, अभिभावकों एवं समुदाय की भूमिका” विषय पर एक प्रभावी व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में, सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर प्रो. अर्चना वर्मा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में रेंजर प्रभारी प्रो. स्वाति सक्सेना ने विद्यार्थियों को अत्यधिक स्क्रीन उपयोग के दुष्प्रभावों तथा उसके समाधान के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया। उन्होंने अभिभावकों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी को बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

इस अवसर पर लगभग 70 प्राध्यापिकाओं एवं छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अंजना श्रीवास्तव, प्रो. रुचिमिता पाण्डेय, अपूर्वा बाजपेयी, डॉ अलका सिंह, डॉ. कुमुद बाला सिंह एवं डॉ. श्वेता गोंड का विशेष सहयोग सराहनीय रहा। डॉ संगीता सिरोही ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली एवं पौष्टिक आहार अपनाने का संदेश दिया गया।

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार-प्रसार हेतु दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में पोस्टर जारी कर चलाया गया विशेष अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। 16 अप्रैल 2026, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं समर्थन हेतु निर्धारित मोबाइल नंबर पर मिस्ड कॉल देने हेतु स्टिकर पोस्टर जारी कर एक विशेष मेगा जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में दीवारों, वाहनो आदि पर स्टीकर पोस्टर लगाकर छात्राओं एवं आमजन को अधिनियम के प्रति जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. संगीता सिरोही के निर्देशन में संपन्न हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. वंदना निगम एवं सेल्फ फाइनेंस निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा के मार्गदर्शन में अभियान को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने मोबाइल फोन से निर्धारित नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया और समाज में महिलाओं के अधिकारों एवं सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। महाविद्यालय परिवार ने इस पहल को महिलाओं की भागीदारी एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. श्वेता गोंड, डॉ. शशि बाला सिंह तथा चीफ प्रॉक्टर प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, अनुराधा सिंह, आकांक्षा अस्थाना समेत महाविद्यालय की समस्त प्राध्यापिकाओं, कर्मचारियों एवं लगभग 100 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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अंबेडकर जयंती पर महाविद्यालय में विचार गोष्ठी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, अंबेडकर जयंती के अवसर पर एस एन सेन बी वी पीजी कॉलेज मे एक गरिमामय कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता बीर पाल ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा सामाजिक न्याय एवं समानता के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके विचारों से प्रेरणा लेने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने बताया महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुमन जी ने भी अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के विचारों, संविधान निर्माण में उनकी भूमिका तथा समाज सुधार के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के अंतर्गत छात्राओं द्वारा एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था, जिसमें प्रथम स्थान शुभेच्छा वर्मा ,द्वितीय स्थान अफरोज बानो तथा भूमि गोंड़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक समिति की प्रभारी डॉ रचना निगम ने तथा संचालन प्रो मीनाक्षी व्यास ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण , तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी छात्राओं के साथ उपस्थित रहे।

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कानपुर में पीएनजी गैस कनेक्शन विस्तार पर बैठक, उपभोक्ताओं को तेजी से कनेक्शन देने के निर्देश

अपर जिलाधिकारी (नगर) डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में जनपद कानपुर नगर में पीएनजी गैस कनेक्शनों के विस्तार के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति), जिला पूर्ति अधिकारी, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, पीएनजी गैस कंपनियों के प्रतिनिधि, गैस डिस्ट्रीब्यूटर, व्यापार मंडल के पदाधिकारी तथा होटल एवं बैंक्वेट हॉल संचालक उपस्थित रहे।

बैठक में पीएनजी गैस कंपनियों द्वारा जनपद में गैस पाइपलाइन विस्तार एवं उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

सीयूजीएल के सीनियर मैनेजर ने अवगत कराया कि रामादेवी से कल्याणपुर तक गैस पाइपलाइन नेटवर्क स्थापित है। वर्तमान में 1,31,000 घरेलू, 460 वाणिज्यिक तथा 152 औद्योगिक कनेक्शन संचालित हैं। प्रति सप्ताह लगभग 350 से 400 घरेलू, 7 से 11 वाणिज्यिक तथा 1 औद्योगिक कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। उपभोक्ता अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जूही एवं लखनपुर स्थित कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं। वाणिज्यिक कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन www.cugl.co.in के माध्यम से किया जा सकता है। पंजीकरण शुल्क 3000 रुपये निर्धारित है। पाइपलाइन उपलब्ध होने पर 10 दिन तथा अन्यथा 30 से 45 दिनों में कनेक्शन प्रदान किया जाता है।

आईजीएल के जीए हेड ने बताया कि रूमा से फतेहपुर तक लगभग 750 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। वर्तमान में 7667 घरेलू, 25 वाणिज्यिक एवं 5 औद्योगिक कनेक्शन संचालित हैं। प्रति सप्ताह लगभग 20 घरेलू, 1 वाणिज्यिक एवं 1 औद्योगिक कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। उपभोक्ता रूमा स्थित पीएनजी स्टेशन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं तथा www.iglonline.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

होटल, रेस्टोरेंट एवं बैंक्वेट हॉल के लिए आवश्यक अभिलेखों में जीएसटी, फूड लाइसेंस, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड शामिल हैं।

बैठक में उपस्थित होटल एवं बैंक्वेट हॉल संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में पीएनजी गैस कनेक्शन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सीयूजीएल एवं आईजीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने कार्यालयों में कॉल सेंटर स्थापित करें तथा मानव संसाधन बढ़ाएं, ताकि आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कर उपभोक्ताओं को समयबद्ध कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सके।

इसके अतिरिक्त होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों से अपेक्षा की गई कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर पाइपलाइन उपलब्धता के आधार पर संभावित उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर संबंधित कंपनियों को उपलब्ध कराएं। किसी प्रकार की समस्या होने पर जिला पूर्ति अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) को सूचित करने के निर्देश दिए गए।

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वृहद रोजगार मेला, 1210 पदों पर भर्ती का अवसर

जिला सूचना कार्यालय कानपुर सहायक निदेशक (सेवायोजन), कानपुर मंडल, उज्जवल कुमार सिंह ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय, कानपुर नगर एवं उत्तम प्राइवेट आईटीआई, सनिगवां रोड, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला दिनांक 17 अप्रैल, 2026 को प्रातः 10:00 बजे से उत्तम प्राइवेट आईटीआई परिसर, सनिगवां रोड, कानपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर, कानपुर नगर, माननीया श्रीमती प्रमिला पाण्डेय उपस्थित रहेंगी।

उन्होंने बताया कि इस वृहद रोजगार मेले में कानपुर नगर सहित अन्य शहरों की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग कर रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से फुरूकावा मिंडा इलेक्ट्रिक, एएस वर्ड ग्रुप, श्रीराम फाइनेंस ग्रुप, टीमलीज सर्विस लिमिटेड (Genius Smart Meter), HITACHI CASH MANAGEMENT SERVICES PRIVATE LIMITED, GROW FAST FERTILIZER LTD, टीमप्लस एचआर सर्विस प्रा. लि., सिग्मा स्टाफिंग सॉल्यूशंस, METALMAN FABTECH LLP, EDU VANTAGE PRIVATE LIMITED (वर्धमान टेक्सटाइल्स), पंकज इंटरप्राइजेज, Blinkit, एप्टिव इंडिया प्रा. लि., बीकेटी टायर्स लिमिटेड आदि कंपनियां शामिल हैं।

इन कंपनियों द्वारा लगभग 1210 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिनमें रिकूटमेंट ऑफिसर, इनबाउंड वॉइस प्रोसेस (कस्टमर सर्विस सपोर्ट), ट्रेनी/अप्रेंटिस हेल्पर, अप्रेंटिसशिप अवसर, एटीएम ऑफिसर, फील्ड एग्जीक्यूटिव, इंश्योरेंस एडवाइजर तथा वेयरहाउस एसोसिएट (पिकर, पैकर, बिलिंग, स्कैनिंग) जैसे पद शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 10,000 रुपये से 26,800 रुपये प्रतिमाह तक वेतन प्रदान किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति कानपुर नगर, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश (सोलन), कन्नौज आदि स्थानों पर की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि इस रोजगार मेले में हाईस्कूल से लेकर परास्नातक, डिप्लोमा एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों का सेवायोजन विभाग के पोर्टल “रोजगार संगम” (rojgaarsangam.up.gov.in) पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी उक्त पोर्टल पर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर आवेदन करते हुए रोजगार मेले में उपस्थित होकर साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

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विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता एवं निरीक्षण कार्य संपन्न

भारतीय स्वरूप जिला सूचना कार्यालय कानपुर विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक गतिविधियां संचालित की गईं। इसी क्रम में अप्रैल 2026 में ग्रामीण क्षेत्र ब्लॉक सरसौल के ग्राम फुफुआर के सुई थोक क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक प्रशान्त कुमार वर्मा, आई.एफ.डब्ल्यू. अरविन्द कुमार एवं रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकान्त की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों को वेक्टर जनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता मीरा देवी को दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। टीम ने पिछले वर्ष डेंगू से प्रभावित व्यक्ति सत्यम के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और रोग से बचाव संबंधी जानकारी दी।

भ्रमण के दौरान टीम ने आशा द्वारा किए गए घर-घर जागरूकता कार्य का सत्यापन किया। ग्रामीणों ने आशा कार्यकर्ता के कार्यों की सराहना भी की। क्षेत्र में पंपलेट वितरण एवं घरों पर स्टीकर चस्पा किए गए, जिनका निरीक्षण भी किया गया।

संयुक्त टीम द्वारा ग्रामीणों के साथ बैठकर वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम पर चर्चा की गई, जिसमें ग्रामवासियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम द्वारा कुल 60 घरों का सर्वेक्षण किया गया तथा 168 जल पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ग्राम में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा पंचायती राज विभाग के माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य संपादित किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को पशुओं को आबादी से बाहर रखने के लिए जागरूक किया गया तथा सूकर पालन से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए गए। कृषि रक्षा विभाग द्वारा स्क्रब टाइफस जैसी बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया। ग्राम में सोर्स रिडक्शन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे तथा नालियों में लार्वीसाइडल छिड़काव कराया गया। साथ ही एंटोमोलॉजिकल सर्वेक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। लोगों को जलभराव रोकने, जमा पानी हटाने तथा आवश्यकतानुसार केरोसिन/जला मोबिल ऑयल डालने, मच्छररोधी क्रीम के उपयोग एवं शरीर को ढककर रखने की सलाह दी गई।

जनसामान्य से अपील की गई है कि संचारी रोगों से संबंधित सूचना या सहायता के लिए यूएचएम चिकित्सालय, परेड स्थित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2333810 एवं 9335301096 तथा नगर निगम कंट्रोल रूम के नंबर 0512-2526004 एवं 2526005 पर संपर्क करें। सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

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