Breaking News

आईसीजी ने 3,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त कर अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड किया

भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस  ने 25 सितंबर, 2026 को लक्षद्वीप के पश्चिम में अरब सागर में एक संयुक्‍त अभियान के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त कर तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया।

संयुक्‍त अभियान में लगभग 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और मेथामफेटामाइन मादक पदार्थ ज़ब्त किए गए और पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी पकड़ा गया है।

आईसीजी ने खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए सटीक समुद्री-हवाई निगरानी और लगातार नज़र रखी और इसका नतीजा यह हुआ कि ईरान की एक संदिग्ध नाव का लगातार पीछा करते हुए उसे रोका। पकड़ी गई नाव, चालक दल के सदस्‍य और जब्त की गई सामग्री को कड़ी सुरक्षा में आगे की जांच के लिए मुंबई ले जाया गया।  

यह सफल ऑपरेशन ‘नशा मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय विज़न में महत्‍वपूर्ण योगदान है। यह कार्रवाई समुद्री नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने तथा भारत के समुद्री इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस बनाए रखने के आईसीजी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Read More »

भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू और कश्मीर में खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा (उर्फ आसिफ फौजी) को मार गिराया

खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों के एक संयुक्त ऑपरेशन में, जम्मू-कश्मीर के बडगाम ज़िले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन इलाके के गुरवतकलान में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा (उर्फ़ आसिफ फौजी) को मार गिराया गया। सुरक्षा बल लंबे समय से मूसा की तलाश में थे। हाल ही में, उसके मूवमेंट और मौजूदगी के बारे में टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस मिलने के बाद, उसे खत्म करने के लिए सभी एजेंसियों के साथ मिलकर एक खास प्लान बनाया गया था।

भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मूसा को मार गिराया जाना जम्मू और कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में लश्कर के नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। मूसा के मारे जाने के साथ ही, 2022 से केंद्रशासित प्रदेश में सक्रिय LeT के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह खत्म हो गया है। ये कमांडर कई सनसनीखेज हमलों के लिए जिम्मेदार थे, जैसे हालन हमला (अगस्त 2023), DKG हमला (दिसंबर 2023), कंडी हमला (मई 2023), शाहसीतार हमला (मई 2024), शिव खोरी हमला (जून 2024), गगनगीर हमला (अक्टूबर 2024), बूटापथरी हमला (अक्टूबर 2024) और बैसरण हमला (अप्रैल 2025)। इस ग्रुप के बाकी तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया था: जुनैद भट (3 दिसंबर 2024, दाचीगाम), सुलेमान (28 जुलाई 2025, ऑपरेशन महादेव) और यासिर (4 सितंबर 2026, ऑपरेशन असधर)। मूसा को खत्म करने के लिए हुआ यह एनकाउंटर एक लंबे ऑपरेशन का हिस्सा था।

पिछले कुछ सालों में सभी सुरक्षा एजेंसियां जैसे कि जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और CAPF एक तालमेल बनाकर आतंकरोधी अभियान चला रहे है जिसका यह सकारात्मक परिणाम है।

Read More »

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा – ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए गुजरात ATS, भारतीय तटरक्षक बल और केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में भारत के EEZ में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और हेरोइन ज़ब्त की और 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ़्तार किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा – ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए गुजरात ATS, भारतीय तटरक्षक बल और केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में भारत के EEZ में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और हेरोइन ज़ब्त की और 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ़्तार किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS), भारतीय तटरक्षक बल और केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों के एक संयुक्त अभियान में भारत के EEZ (Exclusive Economic Zone) में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और हेरोइन ज़ब्त की गई है और 5 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार युवाओं को ड्रग्स की बुराई से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुजरात ATS, भारतीय तटरक्षक बल और केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों के एक संयुक्त अभियान में भारत के EEZ (एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन) में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और हेरोइन ज़ब्त की गई है। यह नाव लक्षद्वीप से 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में थी। इस मामले में पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है और आगे की जांच जारी है ताकि इसके बड़े नेटवर्क और इसे प्राप्त करने जा रहे लोगों (intended receivers) का पता चल सके। एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल और सहयोग का उदाहरण पेश करते हुए 16 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में एक ईरानी नाव को भी ज़ब्त किया गया।” 

14 से 30 सितंबर तक चला यह अभियान भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में खुफिया जानकारी पर आधारित और विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की मज़बूती को दर्शाता है। मोदी सरकार द्वारा जारी किया गया ड्रग कंट्रोल का विजन डॉक्यूमेंट (2026–2029) कानून लागू करने की व्यवस्था को मज़बूत करने, ड्रग नेटवर्क को तोड़ने और हमारे युवाओं व समाज को नशीले पदार्थों से बचाने के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करता है।

एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत हमारा साझा राष्ट्रीय संकल्प है।

Read More »

विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने कबाड़ से जुगाड़ – यानी बेकार चीजों से बेहतरीन चीजें बनाने – पर एक कार्यशाला आयोजित की

‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत, विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने 29 सितंबर, 2026 को कर्तव्य भवन-2 के कॉन्फ्रेंस हॉल में “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट – टर्निंग वेस्ट इंटू वंडर: कबाड़ से जुगाड़” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की।

यह कार्यशाला इंडिया एड्स (एनजीओ) और एन. के. बागड़ोदिया पब्लिक स्कूल, द्वारका, सेक्टर-4 के विशेषज्ञों के साथ आयोजित की गई थी। विशेषज्ञों में श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव (जनरल सेक्रेटरी, इंडिया एड्स एनजीओ), सुश्री अंजलि खरबंदा (प्राचार्या, एन.के. बागड़ोदिया पब्लिक स्कूल), सुश्री बैसाखी भट्टाचार्जी (टीजीटी-साइंस और स्कूल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कोऑर्डिनेटर), सुश्री श्वेता तुलस्यान (पीजीटी-भूगोल और हेल्थ एंड वेलनेस कोऑर्डिनेटर, एनकेबीपीएस), सुश्री विदुषी सिन्हा (पूर्व छात्रा-एनकेबीपीएस और वॉलंटियर, इंडिया एड्स एनजीओ) और आर्यन गुप्ता (पूर्व छात्र-एनकेबीपीएस और वॉलंटियर, इंडिया एड्स एनजीओ) शामिल थे।

इस कार्यशाला की अध्यक्षता विभाग के संयुक्त सचिव और विधायी परामर्शदाता (जेएसएंडएलसी) श्री जी. पानमेई ने की, जिसमें विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। कार्यशाला में विभाग और उससे जुड़े कार्यालयों-जैसे राजभाषा विंग और विधि साहित्य प्रकाशन-के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

कार्यशाला के दौरान, विशेषज्ञों ने बेकार और फेंकी गई चीजों को काम की और नई तरह की चीजों में बदलने के कई रचनात्मक और व्यावहारिक तरीके बताए और करके दिखाए। उन्होंने ऐसी चीजों को नया उद्देश्य देने के लिए आसान और असरदार आइडिया शेयर किए जिन्हें आम तौर पर कचरा समझा जाता है। प्रैक्टिकल डेमो के हिस्से के तौर पर, विशेषज्ञों और वॉलंटियर्स ने “कबाड़ से जुगाड़” थीम के तहत बेकार चीजों से नमूने के तौर पर कुछ वस्तुएं बनाईं। इससे यह दिखाया गया कि कैसे रचनात्मकता, नवाचार और समझदारी से बेकार चीजों को काम की और आकर्षक चीजों में बदला जा सकता है। इस डेमो में मौजूद चीजों को दोबारा इस्तेमाल करने और पर्यावरण के लिए जिम्मेदार तरीके अपनाने की अहमियत पर भी जोर दिया गया।

इस कार्यशाला का समापन जिम्मेदार तरीके से कचरा प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने के संदेश के साथ हुआ। इस पहल ने इस बात पर जोर दिया कि रचनात्मकता और सामूहिक प्रयासों से कचरे को उपयोगी और सार्थक उत्पादों में बदला जा सकता है, जिससे एक साफ-सुथरे, हरे-भरे और टिकाऊ पर्यावरण में योगदान मिलता है।

श्री पानमेई (जेएसएंडएलसी) ने रोजमर्रा की जिंदगी में नए और टिकाऊ तरीकों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया और प्रतिभागियों को कचरे का बेहतर इस्तेमाल करने के रचनात्मक तरीके खोजने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह और भागीदारी की सराहना की और बताया कि दोबारा इस्तेमाल (रीयूज़), रीसाइक्लिंग और ज़िम्मेदार कचरा प्रबंधन की दिशा में छोटे-छोटे और लगातार किए गए प्रयास एक साफ-सुथरे और हरे-भरे पर्यावरण के लिए सार्थक योगदान दे सकते हैं।

Read More »

15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत ने न्याय सुधारों और वैश्विक विधिक साझेदारियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया

माननीय केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने पंद्रहवीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के न्याय मंत्री श्री अब्दुल्ला सुल्तान बिन अवद अल नुआइमी के साथ बैठक की। इस बैठक में भारत की प्रौद्योगिकी-आधारित न्याय व्यवस्था, नए आपराधिक कानूनों तथा वैश्विक विधिक सहयोग को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

भारत ने अबू धाबी में आयोजित अपराध निवारण और आपराधिक न्याय पर 15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और वैश्विक रूप से जुड़ी न्याय प्रणाली के निर्माण के अपने प्रयासों को प्रदर्शित किया। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस का आयोजन “अपराध निवारण, आपराधिक न्याय और कानून के शासन में तेजी लाना: लोगों और पृथ्वी की रक्षा करना तथा डिजिटल युग में सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा प्राप्त करना” विषय के तहत किया जा रहा है।

कांग्रेस को संबोधित करते हुए  अर्जुन राम मेघवाल ने भारत के नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—तथा प्रौद्योगिकी, त्वरित न्याय, फोरेंसिक जांच और डिजिटल-प्रथम प्रक्रियाओं पर उनके फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने साइबर अपराध से निपटने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भारत की डिजिटल प्रतिक्रिया को भी रेखांकित किया, जो त्वरित रिपोर्टिंग, धोखाधड़ी की रोकथाम और म्यूल खातों को फ्रीज करने में सक्षम बनाती है।

मेघवाल ने आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति को दोहराया और आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव अपराध, अवैध लकड़ी कटाई, विषाक्त अपशिष्टों के अवैध निपटान तथा अन्य संगठित और पर्यावरणीय अपराधों के विरुद्ध वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत-यूएई विधिक साझेदारी, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को भी रेखांकित किया गया। इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (IIAC) और दुबई इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (DIAC) के बीच साझेदारी ज्ञान के आदान-प्रदान, पेशेवर प्रशिक्षण, संयुक्त कार्यक्रमों, अनुसंधान और डिजिटल विवाद समाधान तंत्र को मजबूत कर रही है। DIAC लगभग 5,000 मामलों को संभालता है, जिनका मूल्य AED 80 बिलियन (लगभग USD 21.8 बिलियन) है। अपनी यात्रा के दौरान श्री मेघवाल ने UNODC की कार्यकारी निदेशक सुश्री मोनिका जुमा से भी मुलाकात की। बैठक में मादक पदार्थों और संगठित अपराध के विरुद्ध सहयोग तथा मजबूत विधिक और न्यायिक साझेदारी पर चर्चा हुई। ये प्रयास भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को दर्शाते हैं, जो अब व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों के साथ-साथ कानून, न्याय और सुशासन के क्षेत्रों में सहयोग तक विस्तृत हो गई है। 15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत की भागीदारी आधुनिक कानूनों, डिजिटल नवाचार, मजबूत संस्थानों, प्रभावी प्रवर्तन और सार्थक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है—और एक तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया के लिए सक्षम न्याय व्यवस्था के निर्माण की दिशा में भारत के प्रयासों को दर्शाती है। आज प्रभावी न्याय के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए प्रौद्योगिकी, कुशल संस्थानों, वैश्विक सहयोग और निष्पक्षता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।

 

 

 

Read More »

सीमा पार तस्करी के खिलाफ एक बड़े अभियान के तहत, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने असम और मिजोरम में लगभग 20.31 करोड़ रुपये मूल्य के 1.25 लाख किलोग्राम से अधिक विदेशी सुपारी और 41,000 किलोग्राम खसखस जब्त किए हैं

सीमा पार तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई)  ने मिजोरम और असम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अभियानों में, 1,25,680 किलोग्राम विदेशी सुपारी और 41,697 किलोग्राम विदेशी खसखस जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 20.31 करोड़ रुपये है। तस्करी के खसखस की ढुलाई के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

23-24 सितंबर 2026 को मिजोरम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक बड़े अभियान में, डीआरआई ने सीमा शुल्क विभाग चंफाई, असम राइफल्स की 14वीं बटालियन और चंफाई पुलिस की सहायता से, भारत-म्यांमार सीमा से लगभग 20 किमी दूर चंफाई जिले के रुआंटलांग गांव और उसके आसपास तीन गोदामों की तलाशी ली। सभी गोदामों पर ताले लगे थे और वहां कोई मौजूद नहीं था। परिसरों की तलाशी के दौरान लगभग 14 करोड़ रुपये मूल्य के 1,25,680 किलोग्राम संदिग्ध विदेशी सुपारी और 3.81 करोड़ रुपये मूल्य के 25,440 किलोग्राम खसखस के बीज बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इन सामानों को म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाया गया था। इन सामानों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।

इससे पहले 22.09.2026 को, मिजोरम सीमा क्षेत्र से असम की ओर विदेशी खसखस के परिवहन के संबंध में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई के अधिकारियों ने असम राइफल्स की 38वीं बटालियन की सहायता से लैलापुर, सिलचर के पास दो ट्रकों को रोका। वाहनों की विस्तृत जांच और तलाशी के परिणामस्वरूप 16,257 किलोग्राम विदेशी खसखस से भरे 290 एचडीपीई बैग बरामद किए गए। इन बोरियों पर विदेशी निर्माण और व्यापार को दर्शाने वाले निशान थे और इस खेप के साथ कोई वैध आयात दस्तावेज नहीं था। लगभग 2.43 करोड़ रुपये मूल्य के खसखस और दोनों वाहनों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त कर लिया गया। ट्रांसपोर्टेशन में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में हाल के वर्षों में विदेशी मूल की तस्करी की गई सुपारी की यह सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है, जो सीमा पार तस्करी पर लगाम लगाने के डीआरआई के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विदेश व्यापार नीति (आईटीसी एचएस वर्गीकरण) के तहत खसखस को एक प्रतिबंधित वस्तु के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका आयात निर्धारित शर्तों के अधीन अनुमत है; जिसमें विशिष्ट देशों से इसकी सोर्सिंग और ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर के पास आयात अनुबंधों का पंजीकरण शामिल है।

यह जब्ती संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा के जरिए सक्रिय तस्करी सिंडिकेट को रोकने और देश में प्रतिबंधित व विदेशी कृषि उत्पादों के अवैध प्रवेश को रोकने की डीआरआई की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Read More »

राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई हवाई अड्डे पर लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य का 9.40 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया; तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया

सोने की तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई), मुंबई जोनल यूनिट ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के सहयोग से, 23.09.2026 की सुबह छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, मुंबई पर दुबई से आ रहे तीन भारतीय यात्रियों को रोका।

उनके सामान की बारीकी से जांच करने पर छिपकर तस्करी करने के एक बेहद उन्नत और असामान्य तरीके का खुलासा हुआ, जिसमें विदेशी सोने को बारीक पाउडर में बदल दिया गया था और जांच से बचने के लिए उसे समान रंग, रूप और बनावट वाले डिब्बाबंद खाद्य उत्पादों में बेहद सावधानी से मिला दिया गया था।

सोने का पाउडर दूध पाउडर, ओट्स, विभिन्न प्रकार के आटे, नुटेला और नारियल के दूध के पाउडर जैसे कई साधारण दिखने वाले खाद्य पैकेटों के भीतर छिपा हुआ पाया गया। कुल मिलाकर, तीनों यात्रियों के सामान से सोने के पाउडर में मिले लगभग 33.50 किलोग्राम खाद्य उत्पाद बरामद किए गए।

सावधानीपूर्वक अलग करने और जांच-परखने के बाद, सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत लगभग 14.81 करोड़ रुपये मूल्य का 9.40 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद कर जब्त कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, तीनों यात्रियों ने स्वीकार किया कि वे एक ही संगठित स्वर्ण-तस्करी सिंडिकेट के लिए पर काम कर रहे थे। तदनुसार, उन्हें सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

इस ऑपरेशन में सोने की तस्करी के एक नए और जटिल तरीके का पता चला है, जिसमें नियमित जांच से बचने के लिए सोने के पाउडर को विभिन्न प्रकार के पैक किए गए खाद्य उत्पादों में बेहद चालाकी से मिलाया गया था।

Read More »

पूर्णरूप से पुन: उपयोग योग्य अग्निबान प्रक्षेपण यान के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) समर्थन हेतु टीडीबी-डीएसटी ने अग्निकुल कॉसमॉस के साथ समझौता किया

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) द्वारा अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए चेन्नई, तमिलनाडु स्थित मेसर्स अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ, स्वदेशी और पुन: उपयोग योग्य अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों की एक नई पीढ़ी के निर्माण की दिशा में भारत की यात्रा को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण यान – अग्निबान आरएलवी – का विकास करना है, ताकि इस तकनीक को टीआरएल-4 के स्तर से टीआरएल-8 तक ले जाया जा सके। वित्तीय सहायता वैकल्पिक परिवर्तनीय डिबेंचर (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रक्षेपण यान के केवल पहले चरण को पुनर्प्राप्त करने के पारंपरिक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर पूर्ण प्रणाली के पुन: उपयोग की दिशा में काम करना चाहती है। प्रस्तावित संरचना को उच्च आवृत्ति और दोहराव योग्य प्रक्षेपणों को सक्षम बनाने के साथ-साथ प्रक्षेपण और विनिर्माण लागत को कम करने और अंतरिक्ष मलबे के उत्पादन को सीमित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य एक पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण संरचना है, जिसमें एक हल्का ऊपरी चरण, सटीक कक्षीय प्रवेश क्षमता और गहन थ्रॉटलिंग और पुनः आरंभ करने की क्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया एक अर्ध-क्रायोजेनिक तरल प्रणोदन प्रणाली शामिल है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य प्रक्षेपण प्रणाली के बार-बार उपयोग की संभावना को बढ़ाते हुए मिशन संचालन में अधिक लचीलापन प्रदान करना है।

अग्निकुल ने अपने विकास और परीक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इस तकनीक के कई पहलुओं का प्रदर्शन पहले ही कर लिया है। कंपनी के पूर्व कार्यों में स्वदेशी कक्षीय श्रेणी के प्रक्षेपण यान अग्निबान का विकास और कंपनी द्वारा विकसित और निर्मित एकल-भाग 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन अग्निलेट इंजन शामिल हैं। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने इससे पहले छोटे उपग्रह मिशनों के लिए मॉड्यूलर कॉन्फ़िगर करने योग्य प्रक्षेपण यान के विकास और व्यावसायीकरण में अग्निकुल का समर्थन किया था।

अनुसंधान, विकास और नवाचार द्वारा समर्थित यह नया कार्यक्रम इस तकनीकी यात्रा को – प्रक्षेपण यान विकसित करने से लेकर पुन: उपयोग योग्य, दोहराव और परिचालन दक्षता को ध्यान में रखते हुए एक प्रणाली विकसित करने तक एक कदम और आगे ले जाता है। प्रस्तावित अग्निबान आरएलवी में पुन: उपयोग योग्य ऊपरी चरण संरचना और अवरोहण प्रणोदन प्रणाली शामिल है और परियोजना में नियंत्रित अवरोहण और पुनर्प्राप्ति में सहायक तकनीकों की परिकल्पना की गई है। कंपनी के विकास कार्यक्रम में पुनः आरंभ करने और डीप थ्रॉटलिंग में सक्षम प्रणोदन प्रणालियां भी शामिल हैं, जो अवरोहण और लैंडिंग संचालन के लिए महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं।

इस परियोजना से पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण प्रणाली के लिए आवश्यक तकनीकों के विकास और सत्यापन में सहायता मिलने की उम्मीद है, जिसमें प्रणोदन, आरोहण प्रणाली, कक्षीय प्रवेश, अवरोहण और पुनर्प्राप्ति शामिल हैं। यह कार्यक्रम अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अंतर्गत उन्नत और पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण वाहनों और प्रणोदन नवाचार के क्षेत्र में आरडीआई फंड द्वारा पहचाने गए प्राथमिकता वाले क्षेत्र के अनुरूप है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा के अगले चरण में ऐसी तकनीकों की आवश्यकता होगी जो न केवल कक्षा तक पहुंच सकें, बल्कि अधिक आवृत्ति, लचीलेपन और दक्षता के साथ ऐसा कर सकें। इस संदर्भ में पुन: प्रयोज्यता एक महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र है। अनुसंधान, विकास और नवाचार फंड के माध्यम से, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड महत्वाकांक्षी स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास में सहयोग कर रहा है, जिन्हें उन्नत प्रौद्योगिकी चरणों से तैनाती की ओर बढ़ने के लिए निरंतर निवेश की आवश्यकता है। अग्निबान आरएलवी कार्यक्रम पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण संरचना के विकास और उन्नत अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करके इसी दृष्टिकोण को दर्शाता है।

अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों ने कहा कि पुन: प्रयोज्यता के लिए प्रणोदन, वाहन डिजाइन, मार्गदर्शन, पुनर्प्राप्ति और मिशन संचालन को एक अत्यंत विश्वसनीय प्रणाली में एकीकृत करना आवश्यक है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा इसके लिए दिया जा रहा सहयोग हमारे लिए अद्वितीय और विशेष है क्योंकि यह दर्शाता है कि सरकार भारत में मौलिक तकनीक विकास को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। इस तरह के सहयोग से हम अग्निबान को विश्वस्तरीय परिचालन वाहन के रूप में विकसित करने और अंतरिक्ष तक बार-बार पहुंच के लिए एक स्वदेशी मंच बनाने में सक्षम होंगे।

Read More »

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले 25 सितंबर के दिन ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने Make in India मिशन की घोषणा की थी। आज का कार्यक्रम Make in India के रास्ते को प्रशस्त करने वाला कार्यक्रम है। पिछले 12 साल में केन्द्र सरकार औऱ राज्य सरकारों ने मिलकर Make in India के रास्ते पर चलते हुए भारत को दुनिया में उत्पादन, डिजाइन और नवाचार का केन्द्र बनाने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि 12 साल पहले भारतीय अर्थव्यवस्था को Fragile 5 में गिना जाता था और आज भारतीय अर्थतंत्र की गणना Top 5 में होती है, जो प्रधानमंत्री मोदी जी की Make in India नीति का ही परिणाम है।

अमित शाह ने कहा कि 25 सितंबर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 110वीं जन्म जयंती है। दीनदयाल उपाध्याय जी ने आज़ादी के देश के सामने पहली बार मुक्त व्यापार, मुक्त खेती-आधारित आर्थिक नीति रखी। यही आर्थिक नीति पहले अटल जी और बाद में श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के विकास का आधार बनी। दीनदयाल जी ने संगठन-आधारित राजनीति की भी नींव डाली।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केन्द्र और देश के विकास का engine बन रहा है। यह परिवर्तन double engine की सरकार के कारण हुआ है। इसी परिवर्तन कारण हम उत्तर प्रदेश लक्ष्य की अर्थव्यवस्था को 1 trillion  dollar की बनाने का लक्ष्य तय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज इस व्यापार मेले में दुनियाभर से आए खरीदार मौजूद हैं और इससे निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होने वाली है। यह उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का चौथा संस्करण है। पहले संस्करण में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, दुनिया को उसका परिचय हुआ। दूसरे संस्करण में उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आने का इरादा जताया गया। तीसरे संस्करण में उत्तर प्रदेश में निवेशक आए और आज व्यापार मेले के चौथे संस्करण में राज्य के विकास में सहयोगी बनकर 1 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि 2025 का वर्ष impact का वर्ष था, जिसमें इस व्यापार मेले में 5 लाख से अधिक लोग आए, 2400 से ज्यादा MOU हुए, हजारों करोड़ रूपए का निवेश आया और व्यापार समझौते भी हुए थे। श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि 2026 में आयोजित व्यापार मेले का चौथा संस्करण 2025 के सभी रिकॉर्ड्स तोड़ने में सफल होगा।

अमित शाह ने कहा कि लगभग 24 करोड़ आबादी के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। विपुल जल संपदा, भूमि, मेहनती कारीगर और अब उद्योग के लिए भी यहां एक अच्छा वातावरण बन गया है। एक जमाने में उत्तर प्रदेश में माफिया का शासन चलता था, लेकिन 2017 में यहाँ हमारी पार्टी की सरकार बनी और श्री योगी आदित्यनाथ जी राज्य के मुख्यमंत्री बने। योगी सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में माफिया को समाप्त कर दिया है और इसी के कारण आज उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि निवेश के माहौल की पहली शर्त अच्छा लॉ एंड ऑर्डर, अनुकूल औद्योगिक नीति, proactive government और facilitate करने के लिए उत्साह है। आज ये चारों चीजें उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं, इसीलिए यहाँ निवेश का माहौल बना है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने political stability को अपना hallmark बनाया है। श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लगातार तीन टर्म प्रधानमंत्री के रूप में जनता का विश्वास अर्जित कर न केवल नीतियों का निर्माण किया बल्कि उन्हें सतत रूप से जमीन पर भी उतारा है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने नीतियों को जमीन पर उतारने के साथ-साथ अनुभव के आधार पर नीतियों में बदलाव किया और नई नीतियां बनाकर भारत को पूरे विश्व में एक आकर्षक उत्पादन का हब बनाने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि कुछ लोग भारत के GDP के आंकड़ों को भी झुठलाने का प्रयास करते हैं। Moody’s ने भारत की विकास दर का अनुमान 6% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। जापान की प्रमुख रेटिंग एजेंसी JCR ने भारत की sovereign rating को BBB+ से upgrade कर A- तक पहुंचाया है। पिछली तिमाही में भारत ने अपना record बरकरार रखते हुए 7.8% की विकास दर को हासिल किया है। आज पूरी दुनियी के बड़े अर्थतंत्रों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में इतनी उथल-पुथल और अशांति के माहौल के बीच अनेक बाधाओं के बावजूद भारत ने अपनी विकास दर को न केवल बनाए रखा है बल्कि आगे भी बढ़ाया है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की जनता को 2047 में एक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प दिया है उसे हम सिद्ध करेंगे। अमित शाह ने कहा कि हमारे इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 2015 की तुलना में 11 गुना वृद्धि हुई है। जुलाई में 2.11 लाख करोड़ रूपए का GST कलेक्शन हुआ है, जो जुलाई माह का अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन है। 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं, 1.64 लाख करोड़ रूपए से ज्यादा निवेश और हमारा capital expenditure record तोड़कर 12.2 लाख करोड़ रूपए को पार कर गया है। ये सभी उपलब्धियां भारत के विकास की नींव का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को भारतीय अर्थव्यवस्था dead economy लगती है, लेकिन जिनकी सोच ही dead हो, उन्हें vibrancy नहीं दिखाई पड़ती है। श्री शाह ने कहा कि कुछ लोग भारत का विकास नहीं देख सकते। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रिया, यूरोप के चार देशों के संगठन, UK, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ हमने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। इन FTA ने हमारे उद्योगों की निर्यात संभावनाओं को अनेक गुना बढ़ाया है। श्री शाह ने कहा कि कई प्रकार की विपदाओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने विकास दर बरकरार रखी है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में छह डिफेंस कॉरिडोर के नोड्स पर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके कारण न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि देशभर के डिफेंस उत्पादों का विकास हुआ है और हमारा रक्षा उत्पादन 1,78,000 करोड़ रूपए को पार कर गया है। वर्ष 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में हमने 56 गुना वृद्धि की है और आज 80 देशों को भारतीय रक्षा उत्पादों का निर्यात हो रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है। योगी सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर ही नहीं बनाए बल्कि इसको फैसिलिटेट करने, इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने और अनुकूल नीतियां बनाने के लिए बहुत सारा काम किया है। उत्तर प्रदेश में बनी ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान और अमेठी में बनी AK-203 Assault Rifle नक्सलियों और आतंकवादियों की नींद उड़ा चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में अपराध की industry चल रही थी और राज्य कट्टा और अवैध तमंचों की industry बन गया था। राज्य के शहरों में वाहन चुराने का कुटीर उद्योग लगता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर दिखाने का मौका भी मिलता था। आज 10 साल बाद यहां कट्टे उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर बना है, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग उद्योग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश investment लाने का प्रमुख कारण बना है और यह परिवर्तन double engine की सरकार के कारण आया है। उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के कारण 2013 में इन्वेस्टमेंट समिट दिल्ली में करनी पड़ी थी, वही आज 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य तय कर रहा है, यह डबल इंजन सरकार का जादू है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि योगी सरकार बनने के बाद पिछली सरकारों के कार्यकाल की पूरी गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर दिया गया है और इसी कारण यहाँ इंडस्ट्री लगाने के लिए अच्छा माहौल बना है। उत्तर प्रदेश को ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी, तत्परता के साथ उद्योगों की समस्याओं का समाधान और रेड कार्पेट बिछाकर देशभर से इंडस्ट्री को प्रदेश में लाने के अच्छे परिणाम मिले हैं। इसके माध्यम से राज्य के करोड़ों युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने का काम योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने किया है। अमित शाह ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और कई प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों ने राज्य में निवेश के लिए एक सहज माहौल बनाने का काम किया है। इसी के कारण आज उत्तर प्रदेश दिन दूनी, रात चौगुनी गति के साथ आगे बढ़ रहा है। आज उत्तर प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है, जो देश के किसी भी राज्य से सबसे ज्यादा है। हमने यहाँ One District, One Product शुरू किया है। परंपरागत विधाओं, industry को सींचने और One District, One Product के कारण आज राज्य के युवाओं, छोटे उद्योगपतियों और small scale industry में बहुत बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की धुरी बन गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एक जमाने में उत्तर प्रदेश से लोग रोज़गार के लिए देश के अन्य राज्यों में जाते थे और आज उसी उत्तर प्रदेश के युवाओं को one district, one product के कारण अपने ही राज्य रोज़गार मिल रहा है। चाहे भदोही की दरी हो, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र या बनारस की रेशमी साड़ी हो,  इन सब ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। अभी यहां One District, One Cuisine (ODOC) की website का भी लोकार्पण हुआ है जिसमें वाराणसी की मलईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और मेरठ की गजक कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश की जनता के लिए उपलब्ध होगी। श्री शाह ने कहा कि इस व्यापार मेले से पूरे उत्तर प्रदेश  के उत्पादकों के व्यापार, उत्पादन और दुनियाभर में UP की पहचान बनाने में बड़ी सरलता मिलेगी।

Read More »

सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर परिसर में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन चित्रकला विभाग द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी अद्भुत कलात्मकता और रचनात्मक सोच के माध्यम से “विकसित भारत 2047” के उज्ज्वल भविष्य और विकास की संकल्पना को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. सुमन एवं नोडल प्रभारी प्रो. निशा वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ. प्रीति सिंह एवं डॉ. रश्मि बाजपेई ने छात्राओं द्वारा बनाई गई रंगोलियों का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया और उनके प्रयासों व रचनात्मकता की प्रशंसा की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान- नैन्शी वर्मा, द्वितीय स्थान- आशिया वशीद, तृतीय स्थान-आशिका यादव ने प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. सुमन ने आर्शिवचन मे कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं रचनात्मक आयोजन छात्राओं में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम जगाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके दायित्व का बोध भी कराते हैं।  कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं, व छात्राएं उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत मे डॉ. रचना निगम ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों, निर्णायकों एवं छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।

Read More »