2. विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए तीन सूचियों में कुछ सामान्य उम्मीदवार मौजूद हैं।
3. भारतीय सैन्य अकादमी के लिए सरकार द्वारा सूचित रिक्तियों की संख्या 100 है, इनमें राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी ‘सी’ प्रमाणपत्र (सेना विंग) धारकों के लिए आरक्षित 13 रिक्तियां शामिल हैं। भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला, केरल कार्यकारी शाखा (सामान्य सेवा)/हाइड्रो के लिए 32 [राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट (एनसीसी स्पेशल एंट्री के माध्यम से नेवल विंग) धारकों के लिए 06 रिक्तियों सहित] 32 रिक्तियाँ और वायु सेना अकादमी, हैदराबाद के लिए [03 रिक्तियां राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी स्पेशल एंट्री के माध्यम से राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट (एयर विंग) धारकों के लिए आरक्षित हैं।
4. आयोग ने भारतीय सैन्य अकादमी, भारतीय नौसेना अकादमी और वायु सेना अकादमी में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा में क्रमशः 2675, 0970 और 0622 को योग्य मानने की सिफारिश की थी। सेना मुख्यालय द्वारा आयोजित एसएसबी परीक्षण के बाद अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों की संख्या है।
5. इन सूचियों को तैयार करने में मेडिकल जांच के नतीजों को ध्यान में नहीं रखा गया है.
6. इन अभ्यर्थियों की जन्म तिथि और शैक्षिक योग्यता के सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है। इसलिए इन सभी अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी इस आधार पर अनंतिम है। उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे अपने द्वारा दावा की गई जन्मतिथि/शैक्षणिक योग्यता आदि के समर्थन में अपने मूल प्रमाण पत्र, उनकी फोटोस्टेट सत्यापित प्रतियों के साथ अपनी पहली पसंद के अनुसार सेना मुख्यालय/नौसेना मुख्यालय/वायु मुख्यालय को अग्रेषित करें।
7. यदि पते में कोई परिवर्तन होता है, तो अभ्यर्थियों को परामर्श दिया जाता है कि वे संबंधित मुख्यालय को तुरंत सूचित करें।
8. परीक्षा के परिणाम संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट (http://www.upsc.gov.in) पर उपलब्ध हैं। हालांकि, संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (II), 2023 के लिए अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) के अंतिम परिणाम की घोषणा के बाद अभ्यर्थियों के अंक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
9- अभ्यर्थी किसी भी अधिक जानकारी के लिए आयोग के कार्यालय के गेट ‘सी’ के पास सुविधा काउंटर से या तो व्यक्तिगत रूप से या टेलीफोन नंबर 011- 23385271/011-23381125/011-23098543 पर किसी भी कार्य दिवस पर प्रात: 10:00 बजे से 17:00 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर

यह अनूठा अवसर 16 जून से 20 जून तक पांच दिवसीय गहन कार्यक्रम प्रदान करता है, जिसका नेतृत्व बैटमैन और वंडर वुमन जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर काम कर चुके वार्नर ब्रदर्स के एक अनुभवी एनीमेशन फिल्म निर्माता करेंगे। प्रतिभागी व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग संबंधी अंतर्दृष्टि प्राप्त करते हुए, मूवी, सीरीज़ और गेमिंग एनीमेशन की मनोरम दुनिया का अन्वेषण करेंगे।
भारतीय स्वरूप संवाददाता विश्व पृथ्वी दिवस WORLD EARTH DAY 🌱 के अवसर पर कानपुर के एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज, कानपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग ने 8 दिवसीय व्याख्यान शृंखला का शुभारंभ किया । “8 Days 8 Scientists “ नामक इस शृंखला में आठ दिवसों में आठ वैज्ञानिक विज्ञान के अलग अलग विषयों पर व्याख्यान देंगे । सभी वैज्ञानिक कानपुर के ICAR-IIPR अर्थात् दलहन अनुसंधान संस्थान से आते हैं।
भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर के ब्रह्मानंद कॉलेज में आज मतदाता जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ , कानपुर प्रेस क्लब और कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की ,
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार और ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हरीश चन्दर ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक , छात्रों और युवा मतदाताओं को मतदान अवश्य करने की शपथ दिलाई , उन्होंने कहा कि धर्म संप्रदाय जाति और वर्ग से ऊपर उठकर मतदान जरूर करें यह देश का पर्व है , प्रेस क्लब अध्यक्ष सरस बाजपेई और जेएमडी न्यूज़ के डायरेक्टर संजीत दीक्षित ने भी मतदान को पर्व के रूप में मनाने का आह्वान किया , ब्रह्मानंद कॉलेज के प्रचार डॉ विवेक द्विवेदी और अन्य वक्ताओं ने भी लोगों से मतदान जरूर करने की अपील की ,
कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब के महामंत्री शैलेश अवस्थी ने किया जबकि पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने धन्यवाद ज्ञापित किया , इस मौके पर सरस बाजपेई अध्यक्ष , शैलेश अवस्थी , कुशाग्र पांडे , सुनील साहू कोषाध्यक्ष , गौरव सारस्वत वरिष्ठ उपाध्यक्ष , मनोज यादव उपाध्यक्ष , मधुर मोहन दुबे वरिष्ठ मंत्री , शिवराज साहू मंत्री
भारतीय स्वरूप संवाद सूत्र डॉ डी सी शुक्ल, महिला महाविद्यालय के सभागार में इतिहास विभाग द्वारा दो दिवसीय संगोष्ठी(19,20 अप्रैल 2024)का आयोजन किया गया जिसमें महाकाव्य कालीन भारत इतिहास, राजनीति, कला एवं संस्कृति” पर परिचर्चा आयोजित किया गया* कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या एवं अतिथि गणों के कर कमलों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए दयानंद शिक्षण संस्थान की संरक्षिका कुमकुम स्वरूप ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे महाकाव्य में महिला एवं पुरुष को समान अधिकार की बात की गई है परंतु आज स्त्रियां के अधिकारों का दमन किया जा रहा है और वो हाशिए खड़ी नजर आती है। अतः आज हमें पुनः महाकाव्य कालीन विचारों को आत्मसात करके समाज को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। प्राचार्य प्रोफेसर अंजू चौधरी ने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियां पर प्रकाश डालते हुए प्रगति आख्या प्रस्तुत की। संगोष्ठी की सयोजिका प्रोफेसर ममता गंगवार ने विषय परिवर्तन करते हुए महाकाव्य के इतिहास विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया साथ ही महाकाव्य कालीन संस्कृति, आर्थिक सामाजिक दशा तथा धार्मिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला विशिष्ट अतिथि माननीय विवेक द्विवेदी (एआईफुक्टा) ने संगोष्ठी के विषय को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि महाकाव्य कालीन संस्कृति के आदर्शो को हमें अपनाने की आवश्यकता है। *प्रोफेसर ममता गंगवार, डॉ. मीरा त्रिपाठी, डॉक्टर अनामिका वर्मा प्रोफेसर पुष्पा यादव, डॉ रश्मि सिंह, द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया।
हममे से हर किसी ने कछुए और खरगोश की कहानी जरूर सुनी होगी। खरगोश तेज रफ़्तार के बाद भी अति-आत्मविश्वास का शिकार हो जाता है और कछुआ अपनी धीमी रफ़्तार से लगातार आगे बढ़ते हुए जीत सुनिश्चित कर लेता है। अगर यूं कहें कि आगामी लोकसभा चुनाव के वर्तमान परिदृश्य में कुछ ऐसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है तो संभवतः बहुत से राजनीतिक जानकर इसे मनगढंत कहानी बताएं, लेकिन जैसे जरुरी नहीं कि हर बार तेज तफ्तार ही जीत का आधार बने, वैसे ही यह भी संभव है कि अति-आत्मविश्वास के घोड़े पर सवार एनडीए या बीजेपी को कटी पतंग की तरह गोते खा रही इंडिया अलायंस या कांग्रेस के हाथों मुँह की खानी पड़ जाए। क्या पता जिस कॉन्फिडेंस के साथ पीएम मोदी ने बीजेपी के लिए 370 और एनडीए के लिए 400 पार का लक्ष्य रखा है, वह सिर्फ एक नारे तक ही सीमित रह जाए, और दिशा विहीन समझे जाने वाली कांग्रेस या विपक्षी गठबंधन, अपने सतत प्रयास के भरोसे, ताबूत की अंतिम कील बनकर उभरे। चूंकि पीएम मोदी का करिश्मा कम से कम बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थकों पर तो इस कदर सवार है कि यदि उन्हें नींद से भी उठा कर पूछें तो अबकी बार चार सौ पार का नारा लगाते ही नजर आएंगे लेकिन शायद उनका यही उत्साह उन्हें मतदान केंद्रों तक भी न पहुंचा पाए। चूँकि सब (एनडीए के संभावित मतदाता) यही मानकर चल रहे हैं कि ‘आएगा तो मोदी ही’ और उनकी यही सोच उन्हें ये भी सोचने पर मजबूर कर दे कि जब आना मोदी को ही है तो फिर उनके एक मत से क्या ही फर्क पड़ना है। और यदि यह विचार इसी दिशा में आगे बढ़ा तो बीजेपी या एनडीए को सतर्क हो जाने की जरुरत है। बहरहाल इसे भी राजनीति में पकाये जाने वाले ख़याली पुलाव की श्रेणी में रखा जा सकता है लेकिन कुछ तकनीकी पहलु भी हैं जो फिलहाल कछुए की भूमिका में चल रहे विपक्षी गठबंधन के लिए खरगोश की भांति एकतरफा रेस जीतती दिख रही एनडीए से बाजी छीनने की ओर इशारा करते हैं।