मछुआरे, कचरा बीनने वाली और गृहणियों जैसी अनेक प्रकार की पृष्ठभूमि से आने वाली इन महिलाओं ने सामुदायिक प्रबंधन समिति (सीएमसी) और सिंगल विंडो फोरम (एसडब्ल्यूएफ) का गठन किया। उन्होंने अपने समुदाय में हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज़ बनने का दृढ़ संकल्प लिया। सबसे पहले उन्होंने स्वच्छता संचालन और स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) दिशा-निर्देशों पर औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस ज्ञान के बल पर उन्होंने समुदाय को शामिल करने, साक्ष्य एकत्र करने सहित एक स्थायी स्वच्छता मॉडल के सह-निर्माण के लिए योजना तैयार की।
प्रत्येक महिला नेत्री ने यहां के विशिष्ट समूहों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बुजुर्गों, अकेली महिलाओं, दिव्यांगों और कचरा बीनने वालों तक पहुँची। इसके साथ ही उन्होंने 400 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्वच्छता प्रथाओं को अपनाने, गीला और सूखा कचरा अलग करने के काम को लेकर जागरूकता अभियानों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही इसके परिणाम सामने आने लगे। 100 घरों में से 25 घरों में शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि बाकि बचे 75 घरों में शौचालयों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी थी। महिलाओं ने सामूहिक जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना को बढ़ावा देते हुए मौजूदा सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव का भी जिम्मा उठाया।
इन स्वच्छता चुनौतियों से निपटने के लिए महिलाओं की आवाज़ के महत्व को ध्यान में रखते हुए, महिला नेत्रियों ने पुरुषों के नेतृत्व वाली झुग्गी-बस्ति विकास समिति (एसडीसी) से संपर्क किया। उन्होंने महिलाओं और कमज़ोर समूहों की विशिष्ट चिंताओं के निदान के लिए मज़बूत महिला प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर बल दिया। उनके प्रयासों से न केवल स्वच्छता के बुनियादी ढांचे में सुधार आया, बल्कि अधिक समावेशी और टिकाऊ समाधान में भी योगदान नजर आया और यहां के निवासियों के बीच व्यवहार परिवर्तन को बल मिला।
ये महिला नेत्री बेहतर स्वच्छता की दिशा में एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बनी हैं। स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुरू किया गया स्वाभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता (4एस) अभियान इसका एक उदाहरण है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2024 तक चलने वाला यह अभियान वार्षिक स्वच्छता ही सेवा पहल के साथ जुड़ा हुआ है और अब महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। 4एस अभियान केवल सफाई अभियान तक सीमित नहीं है; यह स्वच्छता के माध्यम से स्वामित्व, स्थिरता और गरिमा के मूल मूल्यों को दर्शाता है और ये सिद्धांत बाबारामदेव नगर की महिलाओं द्वारा किए गए काम से मेल खाते हैं।
पिछले दशक की स्वच्छ भारत मिशन की सफलता अपने आप में बहुत कुछ कहती है। 25 सितंबर, 2024 तक, भारत में गांव के घरों में 11.66 करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं, जिससे अनेक गांवों में स्वच्छता परिदृश्य बदलाव का गवाह बना है। शहरी क्षेत्रों में, 63.63 लाख निजी शौचालयों (आईएचएचएल) का निर्माण किया गया है, जिससे लाखों लोगों के लिए स्वच्छता बनाए रखने की स्थिति में सुधार हुआ है।
ये संख्याएँ मिशन की सफलता के पैमाने को दर्शाती हैं लेकिन बाबारामदेव नगर की महिलाओं की व्यक्तिगत कहानियाँ आंदोलन के मर्म को प्रकट करती हैं।
उनके प्रयासों ने दिखाया है कि समुदाय की भागीदारी के बिना और विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी के बिना स्थायी स्वच्छता हासिल नहीं की जा सकती। जिम्मेदारी निभाते हुए इन महिलाओं ने न केवल अपनी बस्ती की स्वच्छता व्यवस्था को बदला है, बल्कि जिस नजरिये से उनका समुदाय महिलाओं के नेतृत्व को देखता है, उसे भी बदला है। उनका काम इसी तरह के दूसरे समुदायों को प्रेरित करता है इससे यह साबित होता है कि जब स्थानीय निवासी नेतृत्व करते हैं तो बदलाव संभव है।
स्वच्छ भारत मिशन अपनी 10वीं वर्षगांठ मना रहा है, ऐसे में बाबारामदेव नगर की कहानी जमीनी स्तर पर सक्रियता की शक्ति का प्रमाण है। इस बस्ती की महिलाओं ने दिखाया है कि स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए न केवल बुनियादी ढांचे की बल्कि इसके लिए लोगों की प्रतिबद्धता और भागीदारी की भी आवश्यकता है। साहस, लचीलेपन और एक उज्जवल भविष्य की दृष्टि से परिपूर्ण उनकी यात्रा अनगिनत लोगों को अपने समुदायों में बदलाव लाने के लिए के लिए प्रेरित करती है।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
भारतीय स्वरूप संवाददाता
भारतीय स्वरूप संवाददाता एस एन सेन बालिका विद्यालय पोस्ट ग्रेजुएट महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा दिनाँक 17/09/2024 से 02/10/2024 तक मनाये जा रहे “स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम 2024” तथा राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर स्वयंसेवीकाओ द्वारा *गोलाघाट* पर जाकर स्वच्छता कार्यक्रम किया गया। “ *स्वच्छता ही सेवा”* थीम पर आधारित इस स्वच्छता पखवाड़े के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता कार्यक्रमों के साथ-साथ सिंगल यूज़ प्लास्टिक की रोकथाम, एकत्रीकरण एवं निस्तारण हेतु विशेष रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ S. S.Singh (RHEO Kanpur )द्वारा किया गया l राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्वेता रानी ने स्वयंसेविकाओं से लोगों को जल सरोवरों को स्वच्छ रखने तथा दूषित न करने के लिए प्रेरित करने का सन्देश दिया l प्राचार्या डॉ सुमन ने सभी स्वयंसेविकाओं अपने-अपने घरों के आसपास के जल सरोवर को साफ रखने का संदेश दिया एकत्रित किए गए सिंगल यूज़ प्लास्टिक का एकत्रीकरण किया। मीडिया प्रसार प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने बताया कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की पूर्व प्रभारी डॉ. चित्रा सिंह तोमर, डॉ. प्रीति यादव प्रभारी एन सी सी ,तथा एन सी सी कैडेटो ने भी प्रतिभाग किया स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंर्तगत 24 सितंबर (मंगलवार)को कैंट क्षेत्र में स्थित गोला घाट की साफ सफाई की गई और आम जनमानस को स्वच्छता की भागीदारी थीम के अंर्तगत स्वच्छता की महत्ता के प्रति जागरुक किया गया।साथ-ही स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत महाविद्यालय में निर्मित स्मार्टक्लास में छात्राओं को स्वच्छता संबंधी योजना “AMRUT Mission” के बारे में व्याख्यान एवं वीडियो क्लिप के माध्यम से भी जानकारी दी गई। छात्राओं को स्वच्छता के संदर्भ में स्वयं भी जागरूक होने एवं अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।तथा अन्य शिक्षिकाओं सहित कोमल दिवाकर, मुस्कान राठौर, साक्षी, छवी, श्रद्धा वर्मा, नंदिका श्रीवास्तव, इस्मा नाज , अंशिका सिंह सहित 50 स्वयंसेविकाएं एवं ५० कैडेट उपस्थित रहीं।
कानपुर नगर, दिनांक 20 सितम्बर, 2024 (सू0वि0) एन.एस.टी.आई. गोविंद नगर, कानपुर मे पी0एम0 विश्वकर्मा योजना की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित समारोह मे मा0 उप मुख्यमंत्री, उ0प्र0, ब्रजेश पाठक द्वारा लाभार्थी विश्वकर्माओं को प्रमाण पत्र एवं सस्ती ब्याज दर एक लाख रूपये के ऋण से सम्बन्धित कागज़ात प्रदान किए गए। मा0 उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी का सम्मान पुष्प गुच्छ एवं मोमेंटों प्रदान कर पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के प्रभारी एवं उप महानिदेशक अनिल कुमार द्वारा किया गया। मा0 विधायक गोविंद नगर सुरेन्द्र मैथानी तथा मा0 विधायक कल्याणपुर नीलिमा कटियार का सम्मान संस्थान के कार्यालयाध्यक्ष एम0 कुमारवेल तथा उप निदेशक मुरारी लाल रस्तोगी द्वारा एवं कानपुर नगर के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का सम्मान अनिल कुमार द्वारा किया गया। इसके पूर्व पी0एम0 विश्वकर्मा योजना की प्रथम वर्षगांठ पर वर्धा, महाराष्ट्र मे मा0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री मा0 जयंत चौधरी जी की उपस्थिती मे आयोजित समारोह को स्क्रीन लगाकर संस्थान के ए.वी. हाल मे मा. उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उपस्थित विशिष्ट एवं अति विशिष्ट अतिथि तथा उपस्थित विश्वकर्माओं एवं संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा सजीव प्रसारण को देखा गया।
भारतीय स्वरूप संवाददाता
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