सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(ख) के अंतर्गत उपयुक्त सरकारों द्वारा मध्यस्थों को अवैध सामग्री को हटाने/उस तक पहुंच को अक्षम करने के लिए अधिसूचना जारी करने का प्रावधान है। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के अंतर्गत, मध्यस्थों को किसी भी ऐसी सामग्री को हटाना अनिवार्य है जो उस समय लागू किसी भी कानून का उल्लंघन करती हो, जैसे ही उन्हें न्यायालय के आदेश या उपयुक्त सरकार या उसकी अधिकृत एजेंसी द्वारा जारी नोटिस के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त होती है।
फिल्मों की पायरेसी से संबंधित शिकायतें प्राप्त होने पर, मंत्रालय मध्यस्थों को अधिसूचना जारी कर उन्हें उल्लंघनकारी सामग्री को तुरंत हटाने या उस तक पहुंच को अक्षम करने का निर्देश देता है। सरकार ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फिल्म) को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के अंतर्गत मध्यस्थों को सामग्री हटाने के नोटिस जारी करने के लिए अधिकृत किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में एक संस्थागत तंत्र भी स्थापित किया गया है, जिसके तहत इंटरनेट पर उपलब्ध फिल्मों की पायरेटेड प्रतियों के संबंध में कॉपीराइट धारकों से शिकायतें प्राप्त की जाती हैं और मध्यस्थों को ऐसी सामग्री तक पहुंच को अक्षम करने के लिए अधिसूचना जारी की जाती है।
पायरेसी विरोधी कार्रवाई
कानून के उपर्युक्त प्रावधानों के अनुसार, मध्यस्थों को फिल्म पायरेसी के लिए 1,263 वेबसाइटों और 4,996 टेलीग्राम चैनलों सहित 7,393 यूआरएल को निष्क्रिय करने का निर्देश दिया गया है।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में श्री बालाशौरी वल्लभनेनी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में प्रदान की।
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