भारतीय स्वरूप संवाददाता लखनऊ चौथे बड़े मंगल के पावन अवसर पर संकल्प ट्रस्ट द्वारा एक विशाल एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी संख्या ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। यह भंडारा केवल अपने विशाल स्वरूप के कारण ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और कुशल व्यवस्थापन के कारण भी विशेष रूप से चर्चा का विषय बना रहा।
संकल्प ट्रस्ट की इस अनूठी पहल में भंडारे की संपूर्ण व्यवस्था महिलाओं द्वारा संचालित की गई। भोजन की तैयारी से लेकर प्रसाद वितरण, श्रद्धालुओं की सेवा, व्यवस्था संचालन तथा अतिथियों के स्वागत तक की सभी जिम्मेदारियां महिलाओं ने पूरी निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ निभाईं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।
भंडारे में लगभग 2000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट कढ़ी-चावल, पूड़ी-सब्जी तथा शीतल एवं ताजगी भरे शरबत का निरंतर वितरण किया गया। सेवा कार्य में जुटी महिलाओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह सुचारु एवं अनुशासित रही। उपस्थित लोगों ने संकल्प ट्रस्ट की इस सेवा भावना की मुक्त कंठ से सराहना की तथा महिलाओं द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन की प्रशंसा की। सभी ने माना कि जब सेवा, संगठन और समर्पण की शक्ति महिलाओं के हाथों में होती है, तब समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित होता है।
संकल्प ट्रस्ट का यह भव्य भंडारा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा भावना और महिला सशक्तिकरण का भी एक उत्कृष्ट संदेश देने में सफल रहा। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि संगठित प्रयास, सेवा भाव और दृढ़ संकल्प के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
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