केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नागपुर, महाराष्ट्र में दुनिया के सबसे बड़े और अनोखे दिव्यांग पार्क – अनुभूति समावेशी पार्क की आधारशिला रखी
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए इस पार्क को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहानुभूति दर्शाने के बजाय यह पार्क संवेदना दिखाएगा, इसलिए इस पार्क का नाम अनुभूति दिव्यांग पार्क रखा गया है।
गडकरी ने कहा कि इस पार्क के माध्यम से न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में समावेश का संदेश पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क में सभी 21 प्रकार की दिव्यांगता के लिए अनुकूलित सुविधाएं होंगी, इसमें स्पर्श और गंध उद्यान, हाइड्रोथेरेपी इकाई, जल चिकित्सा, मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चों के लिए स्वतंत्र कक्ष, मां जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ‘दिव्यांग पार्क-अनुभूति इंक्लूसिव पार्क’ से केवल देशभर में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इन्क्लूजन का अर्थात समावेशी समाज संकल्पना का संदेश पहुँचेगा।
गडकरी ने कहा कि नागपुर शहर देश के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है। वर्ष 2016 में, केंद्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों के लिए दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम को पारित किया था। उन्होंने कहा कि यह कानून दिव्यांगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने के लिए है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने पहल करते हुए दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश में कुछ दिव्यांग पार्क बनाए हैं, इसी कड़ी में नागपुर के पारदी परिसर में दिव्यांग बच्चों और आम नागरिकों के लिए यह ‘अनुभूति समावेशी पार्क’ बनाया जा रहा है. उन्होंने ने कहा कि यह दुनिया का पहला समावेशी दिव्यांग पार्क है। 90 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बन रहे इस पार्क के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लगभग 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां दिव्यांगों के साथ-साथ आम जनता और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है।
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कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आज 20 फरवरी को कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया। प्राचार्या डॉ अर्चना वर्मा ने अपने उद्बोधन में बताया कि इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और गरीबी, लिंग, शारीरिक भेदभाव, अशिक्षा, धार्मिक भेदभाव को खत्म करने के लिए विभिन्न समुदायों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक साथ लाना है। इस अवसर पर एनएसएस वॉलिंटियर्स अर्पिता, दीक्षा, आस्था आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ अर्चना दीक्षित, डॉ श्वेता, आकांक्षा अस्थाना, दीक्षा मालवीया तथा सभी छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा।
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कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन वी बी पी जी महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा द्विदिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के प्रथम दिन का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पी के सेन एवम् महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सुमन के द्वारा किया गया।प्रतियोगिता के प्रथम दिन प्रबन्ध तन्त्र समिति के अध्यक्ष श्री पी के सेन संयुक्तसचिव शुब्रो सेन तथा कोषाध्यक्ष दीपाश्री उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में कैरम,चेस तथा टेबल टेनिस आभ्यांतरिक खेलों का आयोजन किया गया जिसमें टेबल टेनिस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ईशा ने , कैरम में प्रथम स्थान श्वेता ने तथा चेस में प्रथम स्थान पापुल ने हासिल किया। प्रतियोगिता में बहुत से अन्य मनोरंजनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवम् छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम की संयोजिका कैप्टन ममता अग्रवाल रहीं। कार्यक्रम का आयोजन शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो प्रीति पांडे व उनकी टीम के सहयोगी सदस्य डॉ रोली मिश्रा, डॉ कोमल सरोज, डॉ अनामिका राजपूत व डॉ श्वेता रानी के द्धारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सारिका अवस्थी द्धारा किया गया। कार्यक्रम के अंत मे प्राचार्या प्रोफेसर सुमन ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सभी प्रतिभागियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उन्हें खेलों के प्रति जागरूक भी किया ।
कानपुर नगर 15 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, ईपीए 96 राष्ट्रीय संघर्ष समिति कानपुर मंडल द्वारा रावतपुर बस स्टैंड में मंडल के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव ओम शंकर तिवारी की अध्क्षता में एक विशाल सभा सम्पन्न हुई, जिमसें मंडल के सभी जिलों से पदाधिकारी व सदस्यों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान राष्ट्रीय सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि संगठन चार सूत्रीय मांगों के लिए बीते 6 वर्षाे से संघर्ष रत है, विभिन्न प्रकार के आंदोलन के बाद आज तक सरकार द्वारा कोई निर्णय नही लिया गया।