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सशक्त ग्रामीण समुदायों के बिना विकसित भारत संभव नहीं है: केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री श्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा है कि सशक्त ग्रामीण समुदायों के बिना विकसित भारत संभव नहीं है। गोवा के मीरमार में आज प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्रामीण कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री पेम्मासानी ने कहा कि जब हमारे गांव समृद्ध होंगे, तो भारत समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना अंत्योदय की सच्ची भावना – अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान- को मूर्त रूप देती है।

श्री पेम्मासानी ने कहा कि पीएमएवाई-ग्रामीण एक नीति से कहीं अधिक है, इस योजना के तहत उम्मीदें साकार हुई हैं, सपनों को मूर्त रूप दिया गया है और परिवारों को अनिश्चितता से सुरक्षा की ओर ले जाया गया है। उन्होंने कहा, “मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ घरों के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ, हमने पहले ही उल्लेखनीय प्रगति की है। आज तक, कुल 3.90 करोड़ लक्ष्य आवंटित किए गए हैं, 3.69 करोड़ घरों को मंजूरी दी गई है और 2.76 करोड़ घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। योजना के तहत बने घरों की प्रत्येक संख्या एक परिवार को शांति से नींद लेते हुए, बच्चों को सुरक्षित रूप से पढ़ते हुए और बुजुर्गों को सम्मान के साथ जीवन गुजारते हुए दर्शाती है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल घर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकार पीएमएवाई-जी को उज्ज्वला, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत जैसी प्रमुख योजनाओं के साथ जोड़ रही है, ताकि केवल घर ही नहीं, बल्कि समग्र आवास का निर्माण किया जा सके। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को स्वच्छ जल, स्वच्छता और खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन मिले।

श्री पेम्मासानी ने कहा कि सरकार की सोच ईंटों और गारे से कहीं आगे की है। राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से, हम ग्रामीण भारत में कुशल कारीगरों का एक समूह तैयार कर रहे हैं। यह अपने शुद्धतम रूप में आर्थिक सशक्तिकरण है। हमारा उद्देश्य नौकरियां पैदा करना, विशेषज्ञता का निर्माण करना और यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण युवा अपनी समृद्धि के लेखक स्वयं बनें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हम ग्रीन हाउसिंग की ओर जा रहे हैं,

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भारत ने विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर ‘एक देश, एक मिशन: बंद करें प्लास्टिक प्रदूषण’ थीम के साथ वैश्विक मुहिम का नेतृत्व किया

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केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘एक देश, एक मिशन: बंद करें प्लास्टिक प्रदूषण’ के नारे के साथ विश्व पर्यावरण दिवस 2025 मनाया। कार्यक्रम में प्रसारित एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भारतीय संस्कृति का अंग है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे की ओर ध्‍यान आकृष्‍ट होने से बहुत पहले ही भारत ने इससे निपटने की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा और दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के सदस्यों, सिविल सोसायटी, छात्रों और राज्यों तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के सरकारी अधिकारियों ने भी ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण का पालन करते हुए भाग लिया।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने मुख्य भाषण में इस बात को रेखांकित किया कि दिल्ली में वाहनों से होने वाला प्रदूषण एक महत्वपूर्ण समस्‍या है और इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यमुना नदी के प्रदूषण की समस्‍या को राज्यों द्वारा सामूहिक रूप से हल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि प्लास्टिक एक महत्वपूर्ण सामग्री है, लेकिन प्लास्टिक अपशिष्‍ट का उचित रूप से निपटान न होना प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या को जन्म दे रहा है। यादव ने दिल्ली के नागरिकों से 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक थैलों का उपयोग न करने और एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग से बचने का आग्रह किया। उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्‍ट का पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण करने का अवसर देने वाली तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और प्लास्टिक प्रदूषण में कमी लाने के लिए नवोन्‍मेषी प्रौद्योगिकी को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया। श्री यादव ने इस बात पर जोर दिया कि ईपीआर दिशानिर्देश सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देते हैं और प्लास्टिक अपशिष्‍ट का पर्यावरण के अनुकूल प्रबंधन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने मिशन लाइफ के सिद्धांतों को अपनाने और अछूते प्राकृतिक संसाधनों की खपत कम करने के लिए पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन में पिछले तीन वर्षों में दिल्ली में की गई हरित पहलों पर जोर दिया और कहा कि दिल्ली का वृक्ष आवरण बढ़ा है। उन्होंने अरावली की हरियाली के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई और व्यवहार परिवर्तन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए नवोन्‍मेषी तकनीकों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

आज दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया। इनमें पहले प्रकाशन गवर्नमेंट इनिशिएटिव्‍स ऑन एंडिंग प्लास्टिक पल्‍यूशन में प्लास्टिक प्रदूषण की समस्‍या से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को शामिल किया गया है। इस पुस्तक में सरकार और उद्योग सहित सभी हितधारकों की सामूहिक कार्रवाई की ताकत को दर्शाया गया है। कंपोडियम ऑन इको ऑल्‍टरनेटिव्‍ज टू बैन्‍ड सिंगल यूज प्लास्टिक का भी विमोचन किया गया। यह संग्रह देश भर में उपलब्ध पर्यावरण के अनुकूल-विकल्पों का एक व्यापक संकलन है।

इस कार्यक्रम के दौरान नेशनल प्लास्टिक वेस्‍ट रिपोर्टिंग पोर्टल भी लॉन्च किया गया, जो बहु-चरणीय फिजीकल रिपोर्टिंग से हटकर ऑनलाइन रिपोर्टिंग की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। यह पोर्टल पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करते हुए कचरा बीनने वालों से लेकर कचरे के प्रसंस्करण और निपटान तक के पूरे प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकोसिस्‍टम को कवर करता है। बेहतर नियोजन और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए देश भर के सभी शहरी स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के लिए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित डेटा उपलब्ध हो जाएगा।

गणमान्य व्यक्तियों ने सात लाइफ थीमों में आइडियाज4लाइफ‘ के 21 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। एक महीने तक चली प्री-कैंपेन गतिविधियों के अंतर्गत, देश भर में 69,000 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 21 लाख लोगों ने भाग लिया।

योजनाबद्ध पहलों की श्रृंखला के साथ राष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदूषण न्यूनीकरण अभियान भी आज शुरू किया गया। इस अभियान में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत बाघ अभ्‍यारण्‍यों तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की गतिविधियाँ शामिल हैं। विशेष रूप से विशेष अभियान 5.0 के दौरान सरकारी कार्यालयों में उपयोग में न आने वाले एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एकल उपयोग प्लास्टिक के लिए पर्यावरण-विकल्पों पर एक हैकथॉन तथा प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करने की थीम पर कविता लेखन, नारा लेखन और स्किट (नुक्कड़ नाटक) जैसी रचनात्मक प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को शामिल करना अभियान का हिस्सा है।

प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने पर सरकार के फोकस को ध्यान में रखते हुए, प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक के लिए पर्यावरण के अनुकूल-विकल्पों पर एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इस प्रदर्शनी में भारत भर से 150 स्टार्टअप, रिसाइकिलर्स और स्थानीय निकायों ने पर्यावरण के अनुकूल-विकल्पों और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर नवीन तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रदर्शन करते हुए जीवंत भागीदारी की। इस प्रदर्शनी में मिशन लाइफ के लिए एक अलग मंडप भी था। छात्रों के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (एनएमएनएच) द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता की चयनित प्रविष्टियों को भी एक अलग मंडप में प्रदर्शित किया गया।

इस दौरान, ‘प्लास्टिक अपशिष्‍ट पर स्थानीय निकायों के दृष्टिकोण’; ‘पर्यावरण के अनुकूल-विकल्पों और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में स्टार्टअप को बढ़ावा देना’; और ‘प्लास्टिक पैकेजिंग पर ईपीआर: अवसर और आगे की राह’ विषय पर तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए । स्थानीय निकायों पर सत्र में शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण चरण II के तहत कदमों को शामिल किया गया। स्टार्टअप पर सत्र में वैकल्पिक पैकेजिंग सामग्री, प्लास्टिक-पैकेजिंग-मुक्त दूध वितरण और लचीली पैकेजिंग में उपयोग की जाने वाली डिंकिंग तकनीकों के संबंध में नवोन्‍मेषी तकनीकों को शामिल किया गया। ईपीआर पर सत्र में कठोर प्लास्टिक पैकेजिंग के पुन: उपयोग, रासायनिक पुनर्चक्रण, डिपोजिट रिफंड सिस्‍टम, प्लास्टिक पैकेजिंग के निर्माण में पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक सामग्री के उपयोग के अभिनव मॉडल शामिल रहे।

 

 

 

 

 

 

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुवाहाटी में 55000 पीएमएवाई-जी घरों के वर्चुअल गृह प्रवेश समारोह में शामिल हुए

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/agrYAVQ.png ग्रामीण विकास के लिए असम में एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित करते हुए, केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुवाहाटी में प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 55,000 घरों के वर्चुअल गृहप्रवेश समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर  चौहान ने चालू वित्त वर्ष के लिए पीएमएवाई-जी के तहत 3.76 लाख और घरों को स्वीकृत करने की घोषणा की।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए,  चौहान ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और हाशिए पर पड़े व वंचित समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 20 लाख घरों को पूरा करने की असम की उल्लेखनीय उपलब्धि की सराहना की। कार्यक्रम के एक अंग के तौर पर  पीएमएवाई-जी के उन लाभार्थियों को मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने नए घरों का निर्माण कर उनमें प्रवेश कर चुके हैं।

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, श्री चौहान ने पीएमएवाई-जी के तहत एक महिला राजमिस्त्री पहल – लखिमी मिस्त्री की भी शुरूआत की, जिसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए आवश्यक राजमिस्त्री कौशल से लैस करना है। इस शुरूआत के मौके पर लखिमी मिस्त्री पहल के तहत प्रशिक्षित होने वाली पांच महिलाओं को सुरक्षा किट वितरित किए गए।

इस अवसर पर चौहान ने ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत असम भर में 21 ज्ञान केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। ये केंद्र ग्रामीण कृषि अवसंरचना को मजबूत करने और किसानों को समय पर संसाधनों और सूचनाओं तक पहुंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं।

चौहान ने असम सरकार के प्रयासों की सराहना की और ग्रामीण आवास और विकास पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में नेतृत्व के लिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई दी।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कृषि और ग्रामीण आजीविका में सतत विकास के माध्यम से किसानों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के लिए असम की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस अवसर पर असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा और असम के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रंजीत कुमार दास भी उपस्थित थे।

 

 

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सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता का भारत का सख्त संदेश देंगे

ऑपरेशन सिंदूर और भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने जा रहे हैं।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत की राष्ट्रीय सहमति और मजबूत दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। वे दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णु बनाने के देश के मजबूत संदेश को आगे बढ़ाएंगे।

विभिन्न दलों के संसद सदस्य, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।

निम्नलिखित संसद सदस्य सात प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे:

1)  शशि थरूर, कांग्रेस

2)  रविशंकर प्रसाद, भाजपा

3)  संजय कुमार झा, जदयू

4)  बैजयंत पांडा, भाजपा

5)  कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके

6)  सुप्रिया सुले, एनसीपी

7)  श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिव सेना

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संस्कृति मंत्रालय ने “एक देश एक धड़कन” के माध्यम से राष्ट्रवाद के प्रति उत्साह जगाया

देशभक्ति की अमर भावना को भावभीनी श्रद्धांजलि देने और राष्ट्र के वीरों को सम्मानित करने के लिए, संस्कृति मंत्रालय ने एक शक्तिशाली और बाध्यकारी पहल “एक देश, एक धड़कन” शुरू की है।

राष्ट्रीय गौरव की साझा लय में राष्ट्र को एकजुट करने के लिए तैयार किया गया यह अभियान पहले से ही पूरे भारत में नागरिकों के बीच मजबूती से गूंज रहा है। #एकदेशएकधड़कन (#OneNationOneHeartbeat) का नारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है, जो एकता, देशभक्ति के जोश और तिरंगे के प्रति श्रद्धा की भावना को बढ़ाता है।

यह एक कृतज्ञ राष्ट्र की सामूहिक भावना का प्रतीक है। इसके माध्यम से हम अपने गुमनाम नायकों और बहादुरों की वीरता और बलिदान को सलाम करते हैं।

समन्वित राष्ट्रीय भागीदारी

पिछले 48 घंटों में, संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में सभी 43 संस्थानों ने एकजुट होकर और उत्साह के साथ भागीदारी की है।

  • हमें एक साथ बांधने वाली इस भागीदारी से सशस्त्र बलों और बहादुरों को सलाम करने के साथ-साथ तिरंगे की भावना व्यक्त की जाती है. साथ ही, सभी संस्थानों ने अपने प्रदर्शन चित्रों (डीपी) को तिरंगे में बदल दिया है।

एएसआई स्मारकों को ध्वज के रंगों में रोशन किया गया

प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों और विरासत स्थलों को भारतीय ध्वज के रंगों में रोशन किया गया है। इनमें शामिल हैं:

• विक्टोरिया मेमोरियल (पश्चिम बंगाल), सालारजंग संग्रहालय (आंध्र प्रदेश), एनजीएमए दिल्ली और क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, लखनऊ।

• भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार ने भी अपनी प्रतिष्ठित इमारत को रोशन करके इसमें शामिल किया है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख में, देश भर में 60 से अधिक विरासत स्मारकों को तिरंगे से रोशन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • दिल्ली में लाल किला, किला राय पिथौरा, सफदरजंग मकबरा और पुराना किला।
  • राजस्थान में कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़ और किला घंटा। गुलाब बाड़ी, उत्तर प्रदेश
  • उदयगिरि गुफाएं (ओडिशा), अशोक स्तंभ (बिहार), राहतगढ़ किला (मध्य प्रदेश) और किला बल्लारपुर (महाराष्ट्र), अन्य।
  • रंग घर (असम), चित्रदुर्ग किला (कर्नाटक), लेह पैलेस (लेह)

एकता और स्मरण के एक मार्मिक संकेत के रूप में, संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 14 मई 2025 को कुतुब मीनार का दौरा किया, जहां तिरंगे का एक विशेष प्रक्षेपण मानचित्रण प्रदर्शित किया गया। केंद्रीय मंत्री ने सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और हमारे गुमनाम नायकों और बहादुरों के साहस एवं वीरता से प्रज्वलित राष्ट्रवादी भावना को सलाम किया।

सभी भारतीयों के लिए गौरव के इस क्षण को सामूहिक रूप से मनाने के उद्देश्य से, एमओसी के तहत संस्थान और संगठन विशेष कहानी सुनाने (स्टोरी टेलिंग) के कार्यक्रम, चित्रकारी के माध्यम से श्रद्धांजलि, विशेष प्रदर्शनियां, संगीतमय श्रद्धांजलि, प्रश्नोत्तरी, बैज/कलाईबैंड वितरण, जन भागीदारी के साथ तिरंगा रैलियां जैसे कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं।

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कानपुर दर्शन

दिलों में बसा कानपुर, आओ करें गुणगान।
अनेकों दर्शनीय स्थल,सभी रखें निज मान।।

बात करें बिठूर की, ऐतिहासिक सम्मान।
ग्रीन पार्क स्टेडियम, बहु उद्देशीय मैदान।।

पनकी मंदिर बाबा का, मनोकामना धाम।
जे के मंदिर में बसे , राधे संग श्याम।।

बात करें ऊंनं की, लाल इमली उद्यान।
चले जो चिड़िया घर,पक्षी जानवर प्राण।।

अब चले शिवालय, ले चूड़ी चलो चौक।
आगे आए मिस्टन रोड,मिले जहां सब थोक।।

करें अब तपेश्वरी की बात,मिले पुण्य सौगात।
वही पे बिरहाना रोड, ले लो गहने साथ।।

करें पवित्रता की बात, अनेकों गंगा घाट।
चलो जरा फूलबाग, पाएं संग्रहालय आप।।

माहेश्वरी मोहाल , कांच का मंदिर बसा।
भीतर गांव जो जाओ,प्राचीनता से सजा।।

जाजमऊ की टेंडरी,करे लेदर निर्माण ।
निर्यात हो विदेशों में, बने जिससे समान।।

कानपुर बड़ी धरोहर, ऐतिहासिक सम्मान।
गिनाने बैठे जो हम, नहीं सभी आसान!! — डॉ अंजनी अग्रवाल कानपुर नगर

दैनिक भारतीय स्वरूप

अतुल दीक्षित द्वारा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं महाराष्ट्र से प्रकाशित

मोबाइल :~9696469699foe

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वियतनाम में प्रदर्शित करने के लिए सारनाथ के पवित्र बुद्ध अवशेष राष्ट्रीय संग्रहालय पहुंचेंगे

भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) नई दिल्ली के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) दिवस वेसाक 2025 के भव्य समारोह के दौरान वियतनाम में सारनाथ के पवित्र बुद्ध अवशेष की पहली बार प्रदर्शनी आयोजित करेगा।

पवित्र अवशेष को 30 अप्रैल, 2025 को सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार (मठ) से वाराणसी हवाई अड्डे तक पूजा-अर्चना के साथ औपचारिक रूप से दिल्ली लाया जाएगा। इस विहार में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेष रखे गए हैं। इसका निर्माण अंगारिका धर्मपाल ने करवाया था, जो महाबोधि सोसाइटी के संस्थापक थे और आज भी इसका रखरखाव और संचालन महाबोधि सोसाइटी द्वारा किया जाता है।

दिल्ली पहुंचने पर पवित्र अवशेष को 30 अप्रैल, 2025 को शाम 5.30 बजे राष्ट्रीय संग्रहालय में एक विशेष संरक्षित बाड़े में रखा जाएगा, जहां धम्म के अनुयायियों, जिसमें समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्य और बौद्ध देशों के राजनयिक प्रतिनिधि शामिल होंगे, द्वारा प्रार्थना, जप और ध्यान किया जाएगा।

अगले दिन, 1 मई 2025 को, बुद्ध के पवित्र अवशेष को राष्ट्रीय संग्रहालय से वरिष्ठ भिक्षुओं की देखरेख में पूर्ण धार्मिक पवित्रता और प्रोटोकॉल के साथ विशेष भारतीय वायु सेना के विमान द्वारा हो ची मिन्ह सिटी ले जाया जाएगा।

महासचिव आदरणीय शार्त्से खेंसुर रिनपोछे जंगचुप चोएडेन के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी शामिल हैं, वियतनाम में पवित्र प्रदर्शनी समारोहों और वेसाक समारोहों में भाग ले रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री श्री किरेन रिजिजू करेंगे।

आंध्र प्रदेश के एक प्रमुख स्थल नागार्जुन कोंडा में मूलगंध कुटी विहार में स्थापित बुद्ध के पवित्र अवशेषों की खुदाई की गई। महायान बौद्ध धर्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसका ऐतिहासिक महत्व है और यह दूसरी शताब्दी ई. के भिक्षु, दार्शनिक नागार्जुन से जुड़ा हुआ है। बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद से ही इनकी पूजा और आराधना की जाती रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तत्कालीन अधीक्षक एएच लॉन्गहर्स्ट ने 1927-31 तक बड़े पैमाने पर यहाँ खुदाई की; इस स्थल पर अधिकांश स्मारक तीसरी-चौथी शताब्दी ई. में बनाए गए थे; यहाँ तीस से अधिक बौद्ध प्रतिष्ठानों के अवशेष पाए गए। शिलालेखों के अनुसार सबसे पुराना महान स्तूप लगभग 246 ई. का है, लेकिन पुरातत्वविदों का कहना है कि स्तूप इससे भी पुराना हो सकता है।

खुदाई के बाद इन्हें 27 दिसंबर 1932 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक राय बहादुर दयाराम साहनी ने भारत के महामहिम वायसराय की ओर से बौद्धों की एक प्रतिष्ठित सभा के समक्ष महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया को भेंट किया था। हर साल नवंबर के महीने में मूलगंध कुटी विहार के स्थापना दिवस पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हजारों लोग सारनाथ आते हैं।

पवित्र अवशेष को निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्थलों पर औपचारिक रूप से स्थापित, सम्मानित और पूजा जाएगा; हो ची मिन्ह शहर में हान ताम मठ में 2-8 मई, 2025 तक (वेसाक 2025 के संयुक्त राष्ट्र दिवस के साथ); फिर बा दीन पर्वत, ताई निन्ह प्रांत में 9-13 मई, 2025 तक (दक्षिणी वियतनाम का राष्ट्रीय आध्यात्मिक तीर्थ स्थल); यहां से पवित्र अवशेष को प्रदर्शन के लिए क्वान सू मठ, हनोई में 14-18 मई, 2025 तक (वियतनाम बौद्ध संघ का मुख्यालय) में रखा जाएगा, और अंत में ताम चुक मठ, हा नाम प्रांत में 18-21 मई, 2025 तक (दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे बड़ा बौद्ध केंद्र) में रखा जाएगा।

यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी संयुक्त राष्ट्र (यूएन) दिवस वेसाक 2025 के साथ मेल खाती है, जिसे वियतनाम में मनाया जा रहा है, जो न केवल वियतनाम के नागरिकों के लिए पवित्र अवशेष का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर है, बल्कि 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए भी है जो वेसाक दिवस समारोह में भाग लेंगे।

15 दिसंबर 1999 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद से हर साल, वेसाक का तीन बार पवित्र दिन (बुद्ध गौतम के जन्म, ज्ञान और परिनिर्वाण का जश्न) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। वेसाक का अंतर्राष्ट्रीय दिवस पहली बार 2000 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मनाया गया था। इसने अंतरराष्ट्रीय बौद्ध समुदायों द्वारा वेसाक के संयुक्त राष्ट्र दिवस (यूएनडीवी) के वार्षिक समारोहों को प्रेरित किया था।

वेसाक दिवस के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिषद (आईसीडीवी)ने 2013 से संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के लिए एक विशेष सलाहकार का दर्जा रखा है। यूएनडीवी 2025 समारोह और अकादमिक सम्मेलन का मुख्य विषय होगा “मानव सम्मान के लिए एकता और समावेशिता के लिए बौद्ध दृष्टिकोण: विश्व शांति और सतत विकास के लिए बौद्ध अंतर्दृष्टि”, वियतनाम बौद्ध विश्वविद्यालय, हो ची मिन्ह सिटी, सनवर्ल्ड बौद्ध सांस्कृतिक केंद्र, ताय निन्ह प्रांत में आयोजित किया जाएगा।

बुद्ध धम्म पर प्रदर्शनियां

इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) भारत से वियतनाम तक बुद्ध धम्म और उसकी सांस्कृतिक प्रथाओं के प्रसार पर तीन प्रदर्शनियाँ भी आयोजित करेगा। इनमें जातक कथाओं का इलेक्ट्रॉनिक प्रदर्शन; बुद्ध के विभिन्न रूपों को दर्शाती मूर्तियाँ; और भारत और वियतनाम की बौद्ध कलाकृतियों का तुलनात्मक अध्ययन शामिल है।

विश्लेषण में इस समृद्ध सांस्कृतिक आदान-प्रदान की समझ को गहरा करने के लिए विभिन्न संसाधनों का उपयोग किया गया है, जिसमें शिलालेख, ऐतिहासिक ग्रंथ और दृश्य कलाकृतियाँ शामिल हैं। इस बहुआयामी दृष्टिकोण का उद्देश्य वियतनाम में बुद्ध धम्म के विकास की एक व्यापक कथा प्रदान करना है, जो पूरे इतिहास में कला, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक पहचान पर इसके गहन प्रभाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर अजंता गुफा भित्तिचित्रों के डिजिटल जीर्णोद्धार का प्रदर्शन किया जाएगा, जो प्राचीन जातक कथाओं को उजागर करेगा। पुणे के प्रसाद पवार फाउंडेशन के सहयोग से आईबीसी 8 पैनलों का अनावरण करेगा और अलग-अलग टीवी स्क्रीन पर प्रसिद्ध बोधिसत्व पद्मपाणि की डिजिटल जीर्णोद्धार प्रक्रिया को प्रदर्शित करेगा, जो 5वीं शताब्दी के उत्तरार्ध की भित्ति चित्रकला है। यह भित्तिचित्र महाराष्ट्र की अजंता गुफाओं की गुफा 1 में है, और यह भारत के गुप्त वंश की कलाओं की सुंदरता और शास्त्रीय परिष्कार को दर्शाता है।

प्रदर्शनी आगंतुकों को बोधिसत्वों और दिव्य प्राणियों के दर्शन के बीच चलने के लिए आमंत्रित करती है, क्योंकि प्राचीन कथाएँ धीरे-धीरे सामने आती हैं। ये कहानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि करुणा की कोई सीमा नहीं होती, ज्ञान सभी का होता है, और शांति हर जीवित प्राणी

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पोत परिवहन मंत्रालय ने समुद्री अमृत काल विजन 2047 की प्राप्ति हेतु डिजिटल बदलाव पर कार्यशाला का आयोजन किया

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) ने भारत के समुद्री और पोत परिवहन क्षेत्र में डिजिटल दक्षता को बढ़ाने और आईटी कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला आईटी खरीद और परियोजना प्रबंधन पर केंद्रित थी।

इस कार्यशाला का वर्चुअल उद्घाटन केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया। उन्होंने पोर्ट संचालन को आधुनिक बनाने और हितधारकों को बेहतर सेवा प्रदान करने में प्रौद्योगिकी की बदलावकारी भूमिका को रेखांकित किया।

मंत्रालय के सचिव श्री टी.के. रामचंद्रन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए समुद्री क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने हेतु नवाचार, सहयोग और क्षमता निर्माण के महत्व पर जोर दिया।

इस कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न बंदरगाहों और संबद्ध संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यशाला के दौरान आईटी परियोजनाओं में आने वाली चुनौतियों, उनके मूल कारणों की पहचान और परियोजना परिणामों में सुधार के लिए ठोस समाधानों पर गहन सत्र आयोजित किए गए। मंत्रालय की वर्तमान परियोजनाओं की केस स्टडीज़ भी प्रस्तुत की गई ताकि व्यावहारिक अनुभव साझा किया जा सके।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता प्रस्तावित डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीसीओई) पर एक प्रस्तुति थी, जिसे सी-डैक (सीडीएसी) के सहयोग से आईटी परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु समर्पित केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

कार्यक्रम में एसपीएआरएसएच (पोर्ट्स के लिए डैशबोर्ड) और Counsello जैसे एआई-आधारित नवाचारों के लाइव डेमो प्रस्तुत किए गए, जिन्हें स्टार्टअप्स द्वारा विकसित किया गया है। इस दौरान आईटी खरीद दिशानिर्देशों के मसौदे भी प्रस्तुत किए गए और प्रतिभागियों को उनके अनुभव के आधार पर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस चर्चा का संचालन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आईटी) श्री आर. लक्ष्मणन ने किया, जिन्होंने भविष्य-उन्मुख और सशक्त डिजिटल प्रणालियों के निर्माण के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यशाला का समापन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव के समापन भाषण के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और एआई, एमएल जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों तथा स्वदेशी सॉफ्टवेयर समाधानों के एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

आईटी उपनिदेशक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों के योगदान को सराहा गया।

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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में जनपद कानपुर के समग्र विकास के कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न

विधानसभा अध्यक्ष उ प्र सतीश महाना की अध्यक्षता में जनपद कानपुर के समग्र विकास के कार्यों की समीक्षा बैठक नवीन सभागार सरसैया घाट में सम्पन्न हुई।
कानपुर रिंग रोड के निर्माण की समीक्षा में एन0एच0ए0आई0 के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया की कानपुर रिंग रोड का कार्य 04 पैकेज में होना है, जिसके अन्तर्गत 03 पैकेज में कार्य प्रारम्भ हो गया है एक पैकेज के टेण्डर का कार्य प्रक्रियाधीन है और अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की समीक्षा में एन0एच0ए0आई0 द्वारा अवगत कराया गया कि 02 पैकेज में कार्य पूर्ण होना है। परियोजना का निर्माण कार्य मैसर्स पी0एन0सी0 इन्फ्राटेक लि0 द्वारा कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है कार्य तेजी से चल रहा है, परियोजना का निर्माण छः लेन में शहीद पथ जंक्शन से प्रारम्भ होकर बनी पर समाप्त होगा। पैकेज 02 ऊपरगामी बनाया जाएगा तथा आउटर रिंग रोड के निकट नीचे उतरेगा। आउटर रिंग रोड पर जंक्शन का निर्माण किया जाएगा, उक्त परियोजना का निर्माण कार्य मैसर्स पी0एन0सी0 द्वारा प्रारम्भ कर दिया गया है जो कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। उक्त परियोजना जल्द ही पूर्ण होगी।
माननीय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कानपुर नगर दक्षिण वासियों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये बैठक में विचार-विमर्श किया गया विभागीय समंजन स्थापित करते हुए कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए। सैबसी झील के निर्माण की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए गए की इसका स्वरूप बेहतर सुरक्षित बनाया जाए इसके लिए कार्य करना सुनिश्चित करें । जाजमऊ से चकेरी एयरपोर्ट को जाने वाले मार्ग के निर्माण में आ रही बढ़ाओ को दूर करते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करना सुनिश्चित किया जाए।
पनकी पड़ाव पुल में चार लेन मार्ग बनाये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि सेतु निगम द्वारा प्रस्ताव बनाकर कार्य योजना में सम्मिलित कर लिया गया है। मेगा लेदर क्लस्टर के संबंध में 31 मई तक जो भी कार्य किया जाना है, उसे पूर्ण करें अन्यथा वैकल्पिक रास्ता तलाशते हुए निस्तारण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए,कानपुर विकास प्राधिकरण अपनी भूमि को संरक्षित करते हुए पर को एवं तालाबों को जल संचयन हेतु विकसित करने हेतु कार्य करना सुनिश्चित करें।
एमडी केस्को को निर्देशित किया गया कि लाल बंगला बाजार में अंडरग्राउंड विद्युत केबल का कार्य यथाशीघ्र आरंभ कराया जाए इस हेतु जो भी प्रक्रियाएं हैं या जो भी कार्य किए जाने हो, उन्हें युद्ध स्तर पर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
पुलिस कमिश्नर यह सुनिश्चित कराए कि शहर में जो भी बरात निकले, वह सड़क के एक साइड से ही निकाला जाए एवं सुगम यातायात व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए ही बरात निकले।डिफेंस कॉरिडोर की समीक्षा के दौरान निर्देशित करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण कराते हुए आ रही बधाओं को शीघ्र दूर कराया जाए।
नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि जीके फर्स्ट में सड़क पर लगने वाली सब्जी मंडी को पुल के नीचे से अन्य स्थान पर व्यवस्थित कराना सुनिश्चित करें। बनियापुरवा एसपी की समीक्षा के दौरान निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक स्थिति में जुलाई में एसपी प्रारंभ करना सुनिश्चित करें। नगर आयोग को निर्देश दिए, नाला सफाई का जो भी कार्य कराया जाए, उसमें से प्रत्येक स्थिति में सिल्ट उठाई जाए , साथ ही प्रत्येक गली, मोहल्लों,सड़को की सफाई हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सफाई कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित होकर सफाई करें। वहीं, एमडी केस्को को निर्देशित करते हुए कहा कि संवाद की स्थिति रहे और फाल्ट होने पर उसका निराकरण युद्ध स्तर पर कराया जाए।
बैठक में महापौर प्रमिला पाण्डेय, विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील, सुरेन्द्र मैथानी, महेश त्रिवेदी, मण्डलायुक्त विजयेंद्र पांडियन, पुलिस आयुक्त अखिल कुमार, जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था हरिश्चंद्र, एम0डी0 केस्को सैमुअल पॉल, नगर आयुक्त सुधीर कुमार, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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बलिदान स्थल की माटी से तिलक कर सकारात्मक पत्रकारिता का संकल्प

*बलिदान स्थल की माटी से तिलक कर सकारात्मक पत्रकारिता का संकल्प*
*शहीद शिरोमणि गणेश शंकर विधार्थी के शहादत दिवस पर कानपुर प्रेस क्लब ने इस तरह दी श्रद्धांजलि*
भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर 25 मार्च, कानपुर प्रेस क्लब की ओर से आज गणेश शंकर विधार्थी जी के बलिदान स्थल चाबेगोला में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वहां मौजूद पदाधिकारियों और पत्रकारों ने बलिदान स्थल की माटी से तिलक कर सकारात्मक पत्रकारिता का संकल्प किया। बलिदान स्थल पर मंदिर के गुम्मद के पास विधार्थी जी ऊकेरी गई प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित किए गए। अध्यक्ष सरस वाजपेई ने विधार्थी जी के योगदान पर चर्चा करते हुए कहा कि उनसे सीख लेते हुए लोक कल्याण की मंशा से पत्रकारिता करें तो समाज और देश निर्माण में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है l इस मौके पर महामंत्री शैलेश अवस्थी, मंत्री शिवराज साहू, कोषाध्यक्ष सुनील साहू, कौस्तुभ मिश्र, मयूर, महेश सोनकर, अमित गुप्ता, संजीव शुक्ला, पिंटू चौरसिया, जकी अहमद सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।

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