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लेख/विचार

दोस्त व्यस्त मतलब दोस्ती अस्त

किसी ने मुझसे पूछा ..दोस्ती कैसी होनी चाहिये ? हर इक इन्सान का हर बात के लिये अपना अलग नज़रिया होता है।
“ मेरा सवाल करना और तेरा जवाब न आना ..तुम्हारे शहर में ये होता होगा ,जहां तक हम जानते हैं दोस्ती का ये रिवाज हमारे शहर में तो नहीं “ सोचने की बात तो है ये दोस्तों! “दोस्त भी हो और व्यस्त भी हो !

सुनिये जनाब !
दोस्ती मे व्यस्त मतलब दोस्ती का अस्त “
अक्सर लोग ऐसा ही सोचते है। मगर सच मे अगर दोस्ती हो तो इन्सान दूसरे की व्यस्तता को समझता है।
मेरे विचार मे दोस्ती मे पवित्रता का होना बेहद लाज़मी है, क्योंकि पवित्रता और मित्रता का संगम ही है दोस्ती ।
हर रिश्ते की तरह दोस्ती की भी इक मर्यादा होती है ।दोस्त वही है जो उस मर्यादा का सम्मान कर सके ।बहुत बार दोस्ती खोने की बडी वजह मर्यादा की उलंघना ही होती है ।
दोस्ती करना आसान होता है
पर निभानी बहुत मुश्किल।
दोस्ती हालातों के बदलते कभी बदलती नही..पहली मुलाक़ात से शुरू हो कर आख़िरी साँस तक चले ,वो है दोस्ती ।
इक अच्छा दोस्त आप की पीठ के पीछे भी आप को किसी की नज़रों में गिरने न देगा और हर आलोचना से आप को बचायेगा भी..।

आज के दौर में लोग एक दूसरे से फ़ेसबुक पर बात करते हैं और कितने दोस्त भी बन जाते जिनसे कई बार हम कुछ सिखते है या वो हमसे।दोस्त अगर अच्छे हो तो यकीनन किसी को डिप्रेशन जैसी कोई चीज नहीं हो सकती।

किसी से अगर दोस्ती हो तो ये मतलब नहीं कि उनमें प्रेम ही होता है दोस्ती भी कई तरह की होती है कुछ दोस्त औपचारिकता वश,कुछ लोभ वश,कुछ जिज्ञासा वश ,कुछ सिर्फ़ वक़्त काटने के लिये ही ,कुछ प्यार वश और कई लोग दोस्ती दिमाग से करते है ..तो कुछ दिल से।
दिल से की गई दोस्ती ही दोस्ती होती है जहां कोई ग़रज़ नहीं ,
गिला शिकवा नहीं ,परख नहीं ,अहंकार नहीं होता।चाहे आप बरसो बाद भी मिलो या कभी फ़ोन पर बात भी न हो मगर फिर भी प्यार व दोस्ती बनी रहे।दूरियों के बाद भी जो क़ायम रहे ..वहीं है असल दोस्ती

कुछ लोग प्रेम और दोस्ती को एक ही नाम दे देते है ।प्रेम सिर्फ़ एक से ही होता है मगर दोस्ती बहुतों से हो सकती है ।दोस्ती और प्रेम मे बस इतना ही फ़र्क़ होता है प्रेमी कहता है अगर तुम नहीं तो मैं ज़िन्दा नही रह पाऊँगा .. और दोस्त कहता है .. “जब तक मैं ज़िन्दा हूँ न “तुम्हें कुछ होने नही दूँगा ।

दोस्त तो बहुत मिलेंगे मगर
सवाल दोस्ती का नहीं इक विश्वास का है
पवित्र मन का मालिक ही असल मे दोस्ती के क़ाबिल होता है।दोस्तों अगर आप के पास एक भी ऐसा अच्छा दोस्त है तो यकीनन आप क़िस्मत के धनी है।

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कल होगा सर्किट हाउस में महिला जन सुनवाई का आयोजन

कानपुर 31 अगस्त, उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्य श्रीमती पूनम कपूर ने बताया है कि कल दिनांक 01 सितम्बर, 2021 प्रातः 10 बजे सर्किट हाउस में महिला जन सुनवाई का आयोजन मिशन शक्ति फेस-3 के अन्तर्गत किया जायेगा। उन्होंने बताया है कि महिला जन सुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीडन, मारपीट व अन्य महिलाओं से उत्पीडन संबंधी प्रकरणों को सुनते हुये उनका यथाशीघ्र निस्तारण किया जायेगा। उन्होंने कहा है कि महिला जन सुनवाई में कोई भी पीडित महिला अपनी समस्या को प्रस्तुत कर सकती है। इस महिला जन सुनवाई में महिला आयोग की मा0 सदस्य श्रीमती रंजना शुक्ला भी उपस्थित रहकर महिलाओं की समस्याओं को सुनेगी।
उन्होंने बताया है कि महिला जन सुनवाई में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हितों में संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जायेगी। महिला जन सुनवाई में पुलिस विभाग से संबंधित अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष तथा वन स्टॉप सेन्टर की प्रभारी अधिकारी भी उपस्थित रहेगी। उन्होंने कहा है कि इस महिला जनसुनवाई में पीडित महिलायें आवश्यक रुप से उपस्थित होकर अपनी समस्याओं को रख कर इस अवसर का लाभ प्राप्त कर सकती है।

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नगर आयुक्त का विभिन्न समस्याओं के निराकरण का निर्देश

  1. कानपुर 31 अगस्त,  नगर आयुक्त द्वारा नगर भ्रमण के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सम्बन्धित क्षेत्र के जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी व जोनल अभियन्ता आदि सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय नगर निगम से सम्बन्धित समस्याओं को देखा गया एवं मौके पर ही सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये, चुन्नीगंज ट्रान्सफर स्टेशन के पास मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल एक अभियान प्रस्तावित कराकर इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाये। आगे बढने पर इसी मार्ग पर बांयी ओर कूड़ा बिखरा मिला एवं लकड़ी, झाड़ियों के बड़े बड़े ढेर लगे पाये गये। इस पर जोनल स्व0 अधिकारी से जवाब तलब करते हुये अप्रसन्नता व्यक्त की गई एवं निर्देशित किया गया कि इस स्थल की पूर्णतयः सफाई कराने के उपरान्त जोनल अभियन्ता यहॉ एक व्यू कटर (टीन शेड द्वारा)लगाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। आयुक्त, कानपुर मण्डल आवास के बाहर मुख्य मार्ग पर एक कूड़े का कण्टेनर भरा पाया गया। इस पर निर्देश दिये गये जोनल स्व0 अधिकारी इसे अविलम्ब खाली कराकर पुनः स्थापित कराना सुनिश्चित करें। सिविल लाइन स्थित महिला छात्रावास, नगर निगम का मुआयना किया गया। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह द्वारा इस परिसर में निराश्रित महिलाओं कां निवास होना बताया गया। इस परिसर में काफी मात्रा मे कूड़ा लगा पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल स्व0 अधिकारी -1 को तत्काल कूड़ा उठान हेतु निर्देशित किया गया। माल रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित डिवाइडर की पेटिंग हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाये। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह, को निर्देशित किया कि जोन-1 के सीमान्तर्गत स्थित सब्जी मण्डियों/फल मण्डियों पर कम्पोस्ट यूनिट/काम्पैक्टर स्थापित कराने हेतु एक कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें। परेड चौराहे से चुन्नीगंज तक मुख्य रोड पर स्थित डिवाइडर पर पेन्टिंग कार्य कराने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।

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खो खो एसोसिएशन कानपुर नगर द्वारा ” राष्ट्रीय खेल दिवस” अयोजित

कानपुर 29 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता :-खो खो एसोसिएशन कानपुर नगर द्वारा ” राष्ट्रीय खेल दिवस” का अयोजन हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के जन्म दिन पर केo के o कॉलेज किदवई नगर पर भिन्न भिन्न खेलो का अयोजन किया गया।
प्रतियोगिता का उदघाटन कॉलेज की प्रधानाचार्या पूनम सिंह एवम जिला विधायलयी क्रीड़ा समिति के कोषाध्याश श्री नन्द किशोर मिश्रा ( प्रिंसिपल डी पी एस आजाद नगर), विशिष्ठ अतिथि के रुप मे उपास्थित रहें।
खिलाड़ियों से परिचय खो-खो एसोसिएशन कानपुर नगर के अध्यक्ष डॉ सुरेंद्र सिंह रैयत ने प्राप्त किया एवम मुख्य अतिथियों का स्वागत किया अयोजन सचिव निशा तोमर व मोनिका सिंह ने किया।
कानपुर ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रजत आदित्य दीक्षित भी उपस्थित रहें।
भूपेन्द्र सचान ने इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार प्रदत्त किए।
हॉकी गर्ल्स इंदु स्पोर्ट्स क्लब विजेता
केके गर्ल्स इंटर कॉलेज उप विजेता।
वॉलीबॉल बालक: विजेता शिवाजी स्पोर्ट्स क्लब
बालिका वर्ग के के गर्ल्स इंटर कॉलेज विजेता।
टेबल टेनिस सीनियर बालक सुघर सिंह अकैडमी कोयला नगर विजेता।
टेबल टेनिस जूनियर बालक वर्ग टेबल टेनिस अकैडमी गोविंद नगर। कबड्डी बालिका वर्ग के के गर्ल्स इंटर कॉलेज विजेता इंदु स्पोर्टिंग क्लब उपविजेता।
इस अवसर पर अमरेश सिंह महेश प्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह टेनी, निशा, क्षमा सिंह, मनीषा शुक्ला , फरीन, ज्योति, अतुल पटेल, संजय चौरसिया, , सुनील शर्मा, वीर सिंह गहलोत, ज्योति कुमारी, आदि उपस्थिति रहे

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रक्षाबंधन के अवसर पर शहर आये लोगों को बांधा रक्षा सूत्र

कानपुर। रोट्रेक्ट क्लब कानपुर स्टार और खुशी फाउंडेशन द्वारा संचालित राधे राधे रसोई में रक्षाबंधन के अवसर पर उन भाइयों, अंकल को रोट्रेक्ट और इंटरैक्ट क्लब कानपुर स्टार की सदस्यों ने हैंडमेड राखी बांधी जो परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शहर आए। भाई-बहन के इस पवित्र दिन भी घर से दूर है, आज उनको अहसास कराने की हम बहनें है यहाँ पर और हम लोगों के रहते आप लोगों की कलाई, माथा सूना नहीं रहेगा, मन भर आया जब माथे पर टीका और राखी बाँधने के उपराँत क्या छोटे,बड़े भाइयों, अंकल पैर छू कर आशीर्वाद ले रहे थे या जुग जुग जिओ आशीर्वाद दे रहे थे। कुछ भाइयों ने शगुन भी दिया। बिहारी जी से यहीं प्रार्थना की कि कोई भाई का माथा, कलाई सूनी ना रहे। कोई बहन आज के दिन भाई को राखी बाँधने के लिए थाली सजाए इंतजार ना करे, ये राखियाँ रोट्रेक्टर, इंटेरेक्टर साथियों ने कई दिन की मेहनत से बनाई थी जिसमें उनका परिवार भी शामिल था और बहुत से राखियाँ दिव्यांग डेवलपमेंट सोसाइटी के बच्चों ने बेस्ड मैटीरियल से बनाई थी। आज भी 125 राधाकृष्ण भक्तों को भोजन प्रसाद सेवा की। इस अवसर पर रो सुशील चक, राजीव अग्रवाल, गौरव तिवारी, दीपक अग्रवाल, शशिकांत शर्मा, मनप्रीत कालरा, हुनर कालरा, हरसिमरन कौर,संचालि मिश्रा, जुबैर अहमद, अमित सक्सेना, स्नेहा, शिवांगी मिश्रा, सैय्यद मोहम्मद निमान, विनीता अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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गुरुकुल के बटुकों कर्मकांड सहित अन्य सामग्री भेंट की

कानपुर। भारत विकास परिषद किदवईनगर शाखा द्वारा विश्व संस्कृत दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुकुल हनुमंत प्राच्य विद्या आश्रम एन ब्लॉक किदवईनगर में पढ़ रहे 15 बटुकों को चार प्रकार की कर्मकांड संबंधित संस्कृत की पुस्तकें, 2 रजिस्टर, पेन, बिस्किट एवं फल का वितरण किया गया। वहां पढ़ने वाले निसहाय एवं निराश्रित बालकों को विद्या दान देकर उनको स्वम्बलम्बी बनाने के लिए गुरुकुल के आचार्यो की परिषद द्वारा प्रशंसा की गई आचार्यों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में रीजनल मंत्री राधेश्याम अग्रहरि, अध्यक्षा माया सचान, सचिव मनीषा अग्रवाल, संध्या गुप्ता, रेनु मिश्रा, अनिल अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, विनीता अग्रवाल, आत्मप्रकाश दीक्षित, मेजर पांडेय, महेश मिश्रा, शैलेश मिश्रा, विजयलक्ष्मी मिश्रा मौजूद रहे।

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कानपुर में मुंबई की तरह एमएसटी शुरू की जाए

कानपुर। यूपी दैनिक रेल यात्री कल्याण समिति के संरक्षक राजेश शुक्ल, सचिव राहुल शुक्ल, मनीष मिश्रा, श्रीधर कश्यप, अभिषेख सिंह, गौरव जायसवाल, अमन, रीतेश सिंह ने रविवार को सांसद सत्यदेव पचौरी से मुलाकात कर ट्रेनों में मुंबई की तर्ज पर एमएसटी खोलने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि लखनऊ, फतेहपुर, प्रयागराज तक हर दिन हजारों लोगों को अप-डाउन करना पड़ रहा है लेकिन रोज हर यात्री को चार सौ रूपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

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54 पैरालंपिक एथलीट भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और टोक्यो पैरालंपिक में पदक जीतने के लिए 25 अगस्त से अपनी यात्रा शुरू करेंगे

प्रमुख तथ्य :

•54 एथलीटों के साथ किसी भी पैरालंपिक में भारत द्वारा भेजी गई अब तक की यह सबसे बड़ी टीम है।

•भाविना और सोनलबेन पहले दिन यानी 25 अगस्त को टोक्यो में अपने अंतिम चयन प्रतिस्पर्धा (क्वालीफिकेशन राउंड) की शुरुआत करेंगी। वे टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) कोर ग्रुप का हिस्सा हैं।

•अरुणा महिलाओं के अंडर 49 किग्रा में के-44 वर्ग में भाग लेंगी। वे 2 सितंबर को राउंड ऑफ-16 राउंड्स से अपने प्रतिस्पर्धा की शुरुआत करेंगी। वे टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) का हिस्सा हैं।

•सकीना, जो महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में भाग लेंगी, राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला पैरालंपिक खिलाड़ी हैं।

भारत के 54 एथलीट; तीरंदाजी, एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड), बैडमिंटन, तैराकी, भारोत्तोलन समेत 9 खेलों में भाग लेंगे। यह किसी भी पैरालंपिक में भारत द्वारा भेजी गई अब तक की सबसे बड़ी टीम है। सभी 54 एथलीट टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) का हिस्सा हैं।

गुजरात राज्य की भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल दोनों पैरालंपिक खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश करेंगी। यह जोड़ी क्रमशः पैरा टेबल टेनिस महिला एकल व्हीलचेयर वर्ग 4 श्रेणी और महिला एकल व्हीलचेयर वर्ग 3 श्रेणी में भाग ले रही है। वे महिला युगल स्पर्धा में भी जोड़ी के रूप में भाग लेंगी।

(चित्र: सोनलबेन पटेल)

भाविना और सोनलबेन अपने क्वालीफिकेशन राउंड की शुरुआत टोक्यो में पहले दिन यानी 25 अगस्त को करेंगी। क्वालीफाइंग राउंड 25, 26 और 27 अगस्त को होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल क्रमशः 28 और 29 अगस्त को होंगे।

 

(चित्र: भाविना)

दोनों खिलाड़ियों ने अहमदाबाद स्थित ब्लाइंड पीपुल्स एसोसिएशन में प्रशिक्षक ललन दोषी की देख-रेख में प्रशिक्षण लिया है। भाविना जहां इस समय अपने वर्ग में दुनिया में 8वें स्थान पर हैं, वहीं सोनलबेन 19वें स्थान पर हैं। दोनों सरदार पटेल पुरस्कार और एकलव्य पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं और एशियाई खेलों में पदक विजेता रही हैं।

दोनों खिलाड़ी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) कोर ग्रुप का हिस्सा हैं और दोनों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के मामले में भारत सरकार से महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। भाविना को व्यक्तिगत प्रशिक्षण के लिए टीटी टेबल, रोबोट और टीटी व्हीलचेयर तथा आगामी टोक्यो पैरालंपिक खेलों की तैयारी के लिए फिजियोथेरेपी, आहार विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक और प्रशिक्षण शुल्क के साथ-साथ प्रशिक्षण के लिए टेबल टेनिस बॉल, प्लाई, रबर, गोंद आदि जैसे उनके खेल से जुड़े विशिष्ट उपकरणों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता भी मिली है।

पैरा टीटी से जुड़ी अपनी बड़ी बहनों के नक्शेकदम पर चलते हुए पैरालंपिक खेलों में पैरा ताइक्वांडो में भारत की एकमात्र प्रतिनिधि 21 वर्ष की अरुणा तंवर होंगी। हरियाणा की अरुणा महिलाओं के 49 किलोग्राम से कम भार के के-44 वर्ग में भाग लेंगी। वो 2 सितंबर को राउंड- ऑफ-16 राउंड्स में अपना जौहर दिखायेंगी।

 

(चित्र:अरुणा तंवर)

अरुणा इस समय के-44 वर्ग में 30वें स्थान पर हैं और वो 2018 में वियतनाम में आयोजित एशियाई पैरा ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में रजत पदक विजेता रही हैं। साथ ही, वो 2019 में तुर्की में आयोजित विश्व पैरा ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में कांस्य पदक विजेता रही हैं। वो टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) का एक हिस्सा हैं और उन्हें उनके खेल से जुड़े विशिष्ट उपकरणों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता भी मिली है।

(चित्र:अरुणा तंवर)

पैरा पावरलिफ्टिंग के लिए भारत जय दीप और सकीना खातून के रूप में दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को वहां भेज रहा है। जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में जन्मी सकीना बेंगलुरु स्थित साई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाणा के रहने वाले जय दीप रोहतक स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये दोनों ही टॉप्‍स कोर टीम का हिस्सा हैं।

सकीना, जो महिलाओं के 50 किग्रा तक के वर्ग में भाग लेंगी, अब तक की एकमात्र भारतीय महिला पैरालिंपियन हैं, जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में कोई पदक जीता है। उन्‍होंने वर्ष 2014 में ग्लासगो में यह पदक जीता था। वह पैरा एशियन गेम्स 2018 की रजत पदक विजेता भी हैं। बचपन में हुई पोलियो की गंभीर बीमारी की वजह से ही सकीना दिव्‍यांगता से ग्रस्‍त हो गई हैं। मैट्रिक तक पढ़ाई कर लेने के बाद उन्होंने दिलीप मजूमदार और अपने वर्तमान कोच फरमान बाशा से प्राप्‍त वित्तीय सहायता की बदौलत वर्ष 2010 में पावरलिफ्टिंग प्रशिक्षण शुरू किया।

(चित्र:सकीनाखातून)

जय दीप, जो पुरुषों के 65 किग्रा तक के वर्ग में भाग ले रहे हैं, भारतीय खेल प्राधिकरण में सहायक कोच हैं। इन दोनों ही खिलाडि़यों को तीन से भी अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने और खेल किट से युक्‍त खेल विज्ञान सहायता के साथ राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में भाग लेने में भारत सरकार की ओर से महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्‍त हुआ है। ये दोनों ही खिलाड़ी 27 अगस्त को अपने-अपने फाइनल राउंड में टोक्यो में खेलेंगे।

(चित्र:जय दीप)

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कोविड-19 के कारण लगे प्रतिबंधों के बावजूद, भारत ने अप्रैल-जून (2021-22)तिमाही में कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में 44.3प्रतिशतसे अधिक का रिकॉर्ड निर्यात अर्जितकरना जारी रखा

कोविड-19 के कारण लगेप्रतिबंधों के बावजूद, विशेष रूप से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान,महामारी की दूसरी लहर केप्रकोप के कारण, भारत ने 2021-22 (अप्रैल-जून) में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में2020-21 की इसी अवधि की तुलना में 44.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की।

चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में तेज बढ़ोत्तरी, वित्तीय वर्ष 2020-21 में निर्यात मेंआईवृद्धि की निरंतरता में है।

विश्व व्यापार संगठन के व्यापार मानचित्र के अनुसार, वर्ष 2019 में 37 बिलियन अमेरिकीडॉलर के कुल कृषि निर्यात के साथ, भारत विश्व रैंकिंग में 9वें स्थान पर है।

वाणिज्य मंत्रालय के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा)द्वारा की गई पहलों ने देश को ऐसे समय में इस उपलब्धि को अर्जित करने में मदद की जब महामारी का प्रकोप अपने चरमपर था।

वाणिज्यिक आसूचनाऔर सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएंडएस) द्वारा जारी त्वरित अनुमानों के अनुसार, अप्रैल-जून 2021 के दौरान एपीडा उत्पादों के कुल निर्यात में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से44.3प्रतिशतकी वृद्धि देखी गई है। एपीडा उत्पादों का कुल निर्यात अप्रैल-जून 2020 में 3338.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-जून 2021 में 4817.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।

भारतीय कृषि-निर्यात केहिसाब से, देश ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में वित्त वर्ष 2020-21 (अप्रैल-मार्च) में डॉलर के हिसाब से 25.02 प्रतिशत और रुपये के हिसाब से 29.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, यह अनुमान लगाया गया है कि चालू वर्ष (2021-22) में भी देश के कृषि निर्यात में लगभग 15 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की जाएगी।

त्वरित अनुमानों के अनुसार, ताजे फलों और सब्जियों के निर्यात में 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों जैसे सुखाए या फुलाए गए अनाजों(सीरियल प्रीपेरेशन)और विविध प्रसंस्कृत वस्तुओं के निर्यात में 69.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-जून, 2020-21 में, ताजे फल और सब्जियों का निर्यात 584.5 मिलियन अमेरिकीडॉलर का था जो अप्रैल-जून 2021-22 में बढ़कर 637.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

भारत ने अन्य अनाजों के निर्यात में 415.5 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरीदर्ज की, जबकि मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात में चालू वित्त वर्ष (2021-22) के पहले तीन महीनों में 111.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। अन्य अनाजों का निर्यात अप्रैल-जून 2020 में 44.9 मिलियन अमेरिकीडॉलर से बढ़कर अप्रैल-जून 2021 में 231.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया और मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात अप्रैल-जून 2020 में 483.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-जून 2021में 1022.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

 

चावल का निर्यात, जिसने 25.3 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की, अप्रैल-जून 2020 के 1914.5 मिलियन अमेरिकीडॉलर से बढ़कर अप्रैल-जून 2021 में 2398.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में वृद्धि,कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों में बी 2 बी प्रदर्शनियों का आयोजन भारतीय दूतावासों की सक्रिय भागीदारीसे उत्पाद विशिष्ट और सामान्य विपणन अभियानों के माध्यम से नए संभावित बाजारों की खोज जैसी एपीडा की विभिन्न पहलों का परिणाम है।

एपीडा ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ कृषि और खाद्य उत्पादों पर और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हस्तशिल्प सहित जीआई उत्पादों पर वर्चुअल क्रेता-विक्रेता बैठकका आयोजन करके भारत में पंजीकृत भौगोलिक संकेत (जीआई) वाले उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की हैं। एपीडानेनिर्यात की जाने वाली प्रमुख कृषि वस्तुओं के जीआई उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए संभावित आयातक देशों के साथ वर्चुअल क्रेता-विक्रेता बैठक (वीबीएसएम) आयोजित करने की अपनी पहल जारी रखी है।

निर्यात किए जाने वाले उत्पादों के निर्बाध गुणवत्ता प्रमाणन को सुनिश्चित करने के लिए, एपीडा ने उत्पादों और निर्यातकों की एक विस्तृत श्रृंखला को परीक्षण की सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरे भारत में 220 प्रयोगशालाओं को मान्यता दी है।

एपीडा निर्यात परीक्षण और अवशेष निगरानी योजनाओं के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण में भी सहायता करता है। एपीडा कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा विकास, गुणवत्ता सुधार और बाजार विकास की वित्तीय सहायता योजनाओं के तहत भी सहायता प्रदान करता है।

एपीडाअंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में निर्यातकों की भागीदारी का आयोजन करता है, जिसने निर्यातकों को वैश्विक बाजार में अपने खाद्य उत्पादों के विपणन के लिए एक मंच प्रदान कियाहै। एपीडा कृषि-निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आहार, ऑर्गेनिक वर्ल्ड कांग्रेस, बायोफैच इंडिया आदि जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी आयोजन करता है।

एपीडा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बागवानी उत्पादों के लिए पैक-हाउस का पंजीकरण भी शुरू कियाहै।उदाहरण के लिए,मूंगफली के छिलके और ग्रेडिंग तथा प्रसंस्करण इकाइयों के लिए निर्यात इकाइयों केपंजीकरणका उद्देश्य यूरोपीय संघ और गैर-यूरोपीय संघ के देशों के लिए गुणवत्ता पालन सुनिश्चित करना है।

एपीडा वैश्विक खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए मांस प्रसंस्करण संयंत्रों और बूचड़खानों का पंजीकरण करता है। एक अन्य प्रमुख पहल में ट्रेसिएबिलिटी सिस्टम का विकास और कार्यान्वयन शामिल है जो आयात करने वाले देशों की खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता अनुपालन सुनिश्चित करता है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व्यापार विश्लेषणात्मक सूचनाओं का संकलन और प्रसार, निर्यातकों के बीच बाजार पहुंच की जानकारी साझा करना और व्यापार पूछताछका समाधानकरना भी उसी समग्र प्रेरकबल का हिस्सा हैजो एपीडा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपलब्धकराता है।

भारत के निर्यात का तुलनात्मक विवरण एपीडा उत्पाद
उत्पाद शीर्ष जून, 2020 अप्रैलजून, 2020 जून, 2021 अप्रैलजून, 2021 बदलाव (जून,2021) बदलाव (अप्रैलजून,2021)
मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलियन अमेरिकी डॉलर अमेरिकी डॉलर अमेरिकी डॉलर
फल एवं सब्जियां 189.8 584.5 204.9 637.7 8.0 9.1
सूखाए या फुलाए अनाज (सीरियल प्रीपरेशन तथा विविध प्रसंस्कृत मदें 143.2 311.1 198.0 527.7 38.3 69.6
मांस, डेयरी एवं पोल्ट्री उत्पाद 203.7 483.5 329.6 1022.5 61.8 111.5
चावल 681.3 1914.5 741.0 2398.5 8.8 25.3
अन्य अनाज 25.2 44.9 84.4 231.4 235.3 415.5
कुल 1243.1 3338.5 1558.0 4817.9 25.3 44.3
स्रोत:डीजीसीआईएस,त्वरित आकलन      

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भारत ने ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक में सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की सीमा का विस्तार करने की इच्छा जताई

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की 5वीं बैठक की अध्यक्षता की। ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के उद्योग मंत्रियों में चीन के उद्योग और आईटी मंत्री श्री जिओ याक़िंग, दक्षिण अफ्रीका के व्यापार, उद्योग और प्रतिस्पर्धा मंत्री श्री इब्राहिम पटेल,ब्राजील के अर्थव्यवस्था मंत्रालय में उप-मंत्री श्री कार्लोस द कोस्टा,  रूस के उद्योग और व्यापार मंत्री श्री डेनिस मंटुरोव एवं अन्य प्रतिनिधियों ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से भाग लिया।

भारत ने इस वर्ष अपनी अध्यक्षता के लिए ‘ब्रिक्स@15: निरंतरता, समेकन और सहमति के लिए अंतर-ब्रिक्स सहयोग’ विषय का चयन किया।

18 अगस्त 2021 को आयोजित ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की 5वीं बैठक में संयुक्त घोषणा को अपनाया गया।

बैठक के दौरान, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाते हुए बेहतर और स्मार्ट शासन की दिशा में प्रौद्योगिकी के उपयोग में भारत के प्रयासों का उल्लेख किया गया। भारत ने एक सक्षम और गतिशील स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है, मौजूदा प्लेटफॉर्म और डिजिटल तकनीकों जैसे आधार और यूपीआई भुगतान का लाभ उठाया है ताकि अंतिम छोर तक महत्वपूर्ण सेवाओं के वितरण को सुनिश्चित किया जा सके। कोविन और डिजिटल टीकाकरण प्रमाणपत्र जैसी ऑनलाइन प्रणालियों का आज दुनिया भर में सफलता की गाथाओं के रूप में वर्णित किया जा रहा है।

ब्रिक्स देशों के मंत्रियों ने विशेष रूप से व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के अप्रत्याशित प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने ब्रिक्स देशों के सभी कोविड योद्धाओं, चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और वैज्ञानिकों को इन देशों में लोगों का जीवन बचाने में उनके निःस्वार्थ और अथक प्रयासों के लिए बधाई दी।

उन्होंने तेजी से बदलती दुनिया में उभरती हुई नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने की आवश्यकता की सराहना की और इसे उद्योग के आधुनिकीकरण और परिवर्तन, समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में पहचाना, जिसने ब्रिक्स राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद की है।

उन्होंने कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से संबंधित कार्यबल और व्यवसायों के प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नई उभरती प्रौद्योगिकी के साथ तेजी से बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन बनाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

उन्होंने स्वतंत्र, निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण व्यापार वातावरण को बढ़ावा देने, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने, निहितार्थों का आकलन करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रगतिशील, सुरक्षित, न्यायसंगत और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सभी ब्रिक्स देशों के मंत्रियों ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के साथ सहयोग करने की इच्छा भी व्यक्त की। भारत ने एनडीबी की सीमा का विस्तार करने और औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के अलावा सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संसाधनों का उपयोग करने की इच्छा व्यक्त की।

बैठक का समापन ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों द्वारा एक समूह के रूप में मिलकर कार्य करने, एक-दूसरे की शक्तियों का पूरक बनने, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के साथ-साथ कमजोरियों से सीखने, और सतत विकास के लिए 2030 एजेंडे को हासिल करने के लिए सकारात्मक और रचनात्मक रूप से आगे बढ़ने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि के साथ हुआ।

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