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युवा जगत

नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)- 275 के बेंगलुरु निदाघट्टा खंड को छह लेन का बनाने का काम कई वादों के साथ आगे बढ़ रहा है

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 21वीं सदी का नया भारत दुनिया में सबसे अच्छी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर केंद्रित है। ट्वीट्स की एक श्रृंखला में उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)- 275 के बेंगलुरु- निदाघट्टा खंड को छह लेन का बनाने की परियोजना बहुत सारे वादों और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रही है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001ZKVV.jpg गडकरी ने कहा कि बैंगलोर से निदाघट्टा खंड एनएच-275 का वह हिस्सा है जो बैंगलोर दक्षिण क्षेत्र में पंचमुखी मंदिर जंक्शन के पास जंक्शन से शुरू होता है और निदाघट्टा से पहले समाप्त होता है। उन्होंने आगे कहा कि यह सड़क पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण खंड है क्योंकि यह बिदादी, चन्नापटाना, रामनगर के शहरों से होकर गुजरती है जहां एशिया में रेशम कोकून का सबसे बड़ा बाजार है और देश के एकमात्र गिद्ध अभयारण्य तक पहुंच प्रदान करता है और यह श्रीरंगपटना, मैसूर, ऊटी, केरल और कुर्ग को जोड़ेगा। मंत्री महोदय  ने कहा कि एक बार इस परियोजना के पूरी हो जाने के बाद 3 घंटे का वर्तमान यात्रा समय घटकर 90 मिनट का रह जाएगा जिससे ईंधन की खपत और कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा संवर्द्धन के साथ ही ग्रेड जंक्शनों को खत्म करने  और दुर्घटनाओं/भिडंत को खत्म करने के लिए वाहनों के लिए अंडरपास/ओवरपास प्रदान करके  परियोजना पर विशेष ध्यान दिया गया है। गडकरी ने बताया कि इस खंड में कुल 51.5 किमी की लंबाई वाले 6 बाईपासों के निर्माण से यातायात की भीड़ को कम करने और बिदादी, रामनगर, चन्नारायपटना, मद्दुर, मांड्या और श्रीरंगपटना जैसे शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के वादे को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में टीम एमओआरटीएच देश के कोने-कोने में ऐसी कई गतिशील परियोजनाओं को पूरा करने और देश में नागरिकों के लिए समृद्धि लाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है।

 

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दिल्ली सीमा शुल्क (निवारक) ने 37 लाख से अधिक सिगरेट के नग जब्त किए; इनमें से एक करोड़ रुपये मूल्य के 7.10 लाख सिगरेट के नग विदेशी मूल के

भारतीय सीमा शुल्क ने आज यहां करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के विदेशी मूल के ‘जेरम ब्लैक’ ब्रांड की सिगरेट के कुल 7,10,000 नग जब्त किए हैं।

इनके अलावा, भारतीय ब्रांड सिगरेट के विदेशी मूल के पैकेटों में कुल 30,21,500 सिगरेट के  नग भी मिले हैं। इनमें ‘गोल्ड फ्लेम, गोल्ड क्लॉक, फ्लेम, फन गोल्ड, इम्प्रेशन, पेलिकन्स और गोल्ड फाइटर’ ब्रांड शामिल थे।

 

इन सामानों के मालिक द्वारा ऐसे सामानों की खरीद के बारे में कोई दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका। उक्त परिसर को किराए पर लेने वाले इन सामानों के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की पूछताछ जारी है।

दिल्ली सीमा शुल्क (निवारक) के मुख्य आयुक्त, श्री सुरजीत भुजबल, आई.आर.एस, ने कहा “इस देश में सिगरेट की तस्करी बिल्कुल असहनीय है। इसके अलावा, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति तथा वितरण के विनियमन) अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अनुरूप सख्त उपायों का पालन किया जा रहा है। तस्करी का हमारी अर्थव्यवस्था पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।”

भारतीय सीमा शुल्क भारत में सिगरेट की अवैध तस्करी से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। दिल्ली सीमा शुल्क निवारक आयुक्तालय के अधिकारियों ने विदेशी ब्रांड की प्रतिबंधित सिगरेट के अवैध भंडारण और जीएसटी के भुगतान के बिना देशी सिगरेट की अवैध आपूर्ति के बारे में एक विशिष्ट खुफिया जानकारी प्राप्त होने पर दिल्ली के  औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक गोदाम के परिसर की तलाशी ली थी।

आमतौर पर आयात व निर्यात पर करों एवं अन्य प्रतिबंधों को दरकिनार करने के उद्देश्य से सिगरेट की तस्करी के क्रम में विभिन्न महाद्वीपों, देशों और प्रांतों के बीच हवाई या समुद्री परिवहन के माध्यम से सिगरेट का अवैध परिवहन होता है। यह तस्करों को इस उत्पाद को कम कीमत पर फिर से बेचने और/या उस लागत की भरपाई करने में समर्थ बनाता है जो आमतौर पर सीमा शुल्क के रूप में राज्य को भुगतान की जाती है।

वर्तमान में, भारतीय बाजार दुनिया भर से अंतरराष्ट्रीय तस्करी के जरिए लाए जाने वाले 100 से अधिक सिगरेट के ब्रांडों से पटे हैं। सीमा शुल्क अदा कर लाए जाने वाली सिगरेट की तुलना में तस्करी वाली सिगरेट लगभग पांच गुना सस्ती है। उदाहरण के लिए, वैधानिक रूप से शुल्क का भुगतान कर लाए जाने वाली सिगरेट की कीमत 330 रुपये प्रति दस सिगरेट और तस्करी वाली सिगरेट की कीमत 60 रुपये या 80 रुपये प्रति दस सिगरेट होगी।

दिल्ली सीमा शुल्क (निवारक) भारत में सिगरेट के अवैध आयात को रोकने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान जब्त किए गए सिगरेट का विवरण नीचे दिया गया है-

वर्ष सिगरेट
मामलों की संख्या सिगरेट की मात्रा (संख्या लाख में) मूल्य (लाख रुपये में)
2021-22 16 84.63 1526
2022-23 (10.06.2022 तक) 3 84.64 1595

 

भारत में लगभग हर दिन प्रवर्तन अधिकारी देश में ऐसी अवैध सिगरेट की बरामदगी कर रहे हैं। भारत में तस्करी कर लाए जाने वाले विदेशी ब्रांड की सिगरेट का विवरण इस प्रकार है-

क्र. सं भारत में उपलब्ध तस्करी वाले ब्रांड निर्माता का नाम एवं पता देश
1. विन, आदि होंग्यूनहोन्घे टोबैको

181 होंगजिन रोड, कुनमिंग 650202 चीन

चीन
2. गुडांग

गरम

पी.टी. सूर्या मैडिस्ट्रिंडो

एचओ- जी. जेंड. अहमद यानी 75-79 जकार्ता पुसैट, 10510 इंडोनेशिया

इंडोनेशिया
3. ब्लैक पीटी जरुम

28 जी, अहमद यानि कुदुस, 59317 इंडोनेशिया

इंडोनेशिया
4. पाइन,एस्से, आदि केटी एंड जी71, बेओटकोट-गिल, डेडियोक्गु, डाइजॉन कोरिया गणराज्य दक्षिण कोरिया
5. मोंड, आदि
गुलबहार टोबैको इंटरनेशनल एफजेडई.
गुलबहार समूह
पी.ओ.बॉक्स.61401-मोड. 447/448, आर/ए नंबर 13-जेबेल अली फ्री जोन, दुबई-संयुक्त अरब अमीरात
संयुक्त अरब अमीरात

उपरोक्त के अलावा, दिल्ली सीमा शुल्क निवारक आयुक्तालय ने नकली/जाली भारतीय मूल के सिगरेट निर्माण से संबंधित जब्ती को सीजीएसटी अधिकारियों को सौंप दिया है। विवरण नीचे दिया गया है-

जब्ती की तिथि सिगरेट की मात्रा (संख्या लाख में)
27.12.2021 110
07.03.2022 3.07

 

सामाजिक प्रभाव और उसका प्रतिकार:

  1. उल्लेखनीय है कि तस्करी की गतिविधियां आपराधिक हैं और सीमा शुल्क अधिनियम, जीएसटी कानूनों, कोफेस्पोसा, एलएमए आदि सहित विभिन्न भारतीय कानूनों का उल्लंघन करती हैं और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की हकदार हैं।
  2. यह स्पष्ट है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, लेकिन तस्करी वाली सिगरेट का सेवन अधिक घातक हो सकता है क्योंकि इस तरह की सिगरेट में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोप्टा अधिनियम) के अनुरूप स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी नहीं होती है और शायद घटिया/विषाक्त सामग्री यानी धूल आदि द्वारा तैयार की जाती है।
  3. कानून का प्रवर्तन कराने वाली भारतीय एजेंसियों अर्थात पुलिस, स्थानीय प्रशासन को अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में ऐसी विदेशी निर्मित सिगरेट की बिक्री की किसी भी घटना की सूचना नजदीकी सीमा शुल्क/जीएसटी कार्यालय को तुरंत देने के लिए जागरूक बनाया जा सकता है। संबंधित कॉइन फार्मेशन के कर्मचारियों से यह अनुरोध किया जा सकता है कि वे भारत में सिगरेट की तस्करी में शामिल इसके विदेशी निर्माता की संभावित भूमिका का पता लगाने में उचित सहायता प्रदान करें।

दिल्ली सीमा शुल्क (निवारक) के प्रधान आयुक्त श्री एस.के. रहमान ने कहा कि हमारा विभाग हमेशा सतर्क रहता है और किसी भी तरह की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करता है। हमारे आर्थिक क्षेत्र की रक्षा करने और कर चोरी से संबंधित मामलों एवं सीमा शुल्क अधिनियम के उल्लंघन को रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

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अग्निपथ भारतीय सशस्त्र बलों के लिए युवा और कुशल श्रमशक्ति के निर्माण को बढ़ावा देगा

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा की। यह योजना देश के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है और युवाओं के लिए राष्ट्र की सेवा करने का अवसर पैदा करती है। इसके अलावा, यह योजना सैन्य कार्यों के माध्यम से कुशल युवाओं का एक बड़ा समूह तैयार करती है जो भारत की समग्र रक्षा तैयारियों में योगदान कर सकते हैं और साथ ही अपने कौशल एवं अनुभव के जरिए अपने लिए अवसर पैदा कर सकते हैं तथा अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान कर सकते हैं। स्किल इंडिया तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) को अग्निपथ योजना से जुड़े होने पर गर्व है और ये इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन में सशस्त्र बलों के साथ मिलकर काम करेंगे क्योंकि देश को युवा भारतीयों से लैस भविष्य के लिए तैयार एक सेना का निर्माण करना है।

स्किल इंडिया तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) सशस्त्र बलों के विभिन्न अंगों के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे छात्रों को अतिरिक्त कौशल में प्रशिक्षित किया जा सके ताकि वे इन नौकरियों से जुड़े दायित्वों के लिए बेहतर तरीके से अनुकूल साबित हो सकें। इसके अलावा, सभी अग्निवीरों को सेवा में कार्यरत रहने के दौरान स्किल इंडिया का प्रमाण – पत्र मिलेगा। यह प्रमाण – पत्र  उन्हें हमारी अर्थव्यवस्था में पैदा हो रही उद्यमिता और नौकरी की विभिन्न भूमिकाओं से संबंधित उन विविध अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा, जो उनके कार्यकाल की समाप्ति पर उपलब्ध होंगे। स्किल इंडिया के सभी संगठन – प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), विभिन्न क्षेत्र से जुड़े कौशल परिषद, एनआईईएसबीयूडी एवं आईआईई जैसे उद्यमिता संस्थान, साथ ही कौशल नियामक एनसीवीईटी, इस अभियान से जुड़े होंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये अग्निवीर सेवा में कार्यरत रहते हुए अपनी नौकरी के दायित्वों से संबंधित आवश्यक कौशल प्रमाण – पत्र प्राप्त कर लें। नौकरी के दौरान सीखे गए कुछ कौशल एनएसक्यूएफ पाठ्यक्रम के सीधे समकक्ष हो सकते हैं। कुछ अन्य कौशल के लिए, अतिरिक्त ऑनलाइन या ऑफलाइन, सिद्धांत या व्यावहारिक कौशल के साथ – साथ कार्य के दौरान हासिल किए गए अनुभव का पूरक होना आवश्यक हो सकता है। इन विवरणों के साथ-साथ सशस्त्र बलों के प्रशिक्षकों और विशेष रूप से सशस्त्र बलों से जुड़े प्रशिक्षण का मूल्यांकन करने वाले कर्मियों के किसी भी प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन से संबंधित सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। सेवा से मुक्त होने के समय, संपूर्ण कौशल इकोसिस्टम इन युवा अग्निवीरों के लिए खुला होगा, जिसकी वजह से वे विविध कौशल उन्नयन/बहु-कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता से संबंधित पाठ्यक्रमों से लाभान्वित होंगे।

यह अग्निपथ योजना परिवर्तनकारी है। इसके परिणामस्वरुप, तकनीकी रूप से सक्षम एवं  युवा श्रमशक्ति के निर्माण के साथ-साथ राष्ट्र-प्रथम जैसे हमारी सेना के मूल मूल्यों का निर्माण होगा, जोकि भारत के निरंतर विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये अग्निवीर हमारी सीमाओं की रक्षा और भारत को एक आधुनिक एवं प्रौद्योगिकी संचालित युवा वैश्विक महाशक्ति बनने के करीब ले जाने के मामले में एक संपदा के रूप में काम आएंगे।

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‘लोगों को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है’: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज कहा कि लोगों को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन एक लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से राष्ट्र के हितों को नुकसान होगा। श्री नायडू ने लोगों से चरमपंथी प्रवृत्तियों से दूर रहने का आह्वाहन किया। नायडू ने उप-राष्ट्रपति निवास में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने लोगों से देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने का आह्वाहन किया। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘घृणा और असहिष्णुता भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं।’ उपराष्ट्रपति ने इस बात को दोहराया कि भारत सबसे बड़ा संपन्न संसदीय लोकतंत्र है और ‘सर्व धर्म समभाव’ के सिद्धांत का अनुपालन करता है। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक शासकों ने भारतीयों के बीच एक हीन भावना उत्पन्न करने के प्रयास किए। श्री नायडू ने छात्रों से भारत की गौरवशाली सभ्यता पर गर्व करने का अनुरोध किया।

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छात्रों के विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए ऊंचा लक्ष्य रखना, कड़ी मेहनत करना और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रहना महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को अपने महान नेताओं के जीवन व शिक्षाओं के बारे में पढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए उनके गुणों को अपनाने की सलाह दी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे चाहते हैं कि छात्र अधिक से अधिक भाषाओं में दक्षता प्राप्त करते हुए अपनी मातृभाषा की रक्षा करें और उसे बढ़ावा दें। उन्होंने छात्रों को स्वस्थ भोजन अभ्यासों को अपनाने और नियमित व्यायाम करने की भी सलाह दी।

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चांद आज कुछ कह रहा था

झरोखे में से झांक रहा था
चांद आज कुछ कह रहा था

एक अरसे से मुलाकात नहीं थी
जाने क्यों चांद में वो बात नहीं थी

खेल लुकाछिपी का खेल रहा था
और संग हवाओं के झूम रहा था

चंचल चितवन लिये डोल रहा था
जाने क्यों मन अपनी ओर खींच रहा था

रात आधी थी बात भी अधूरी थी
वो बस अपनी ही मौज में गुम हो रहा था

प्रियंका वर्मा महेश्वरी 

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मिशन शक्ति फेज 4 (उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल) के अंतर्गत ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर योग कार्यक्रम आयोजित

कानपुर 21 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कालेज, कानपुर में मिशन शक्ति फेज 4 (उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल) के अंतर्गत ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम को प्राचार्य डाॅ जोसेफ डेनियल के नेतृत्व में मिशन शक्ति प्रभारी डाॅ मीतकमल द्विवेदी ने संचालित किया एवं एनसीसी कैडेट्स की भी प्रतिभागिता रही। योगाचार्य वेद प्रकाश जी एवं योगाचार्य निधि प्रकाश ने छात्रों को योग के फायदे के बारे में जानकारी दी और उन्हें विभिन्न योगासन ताड़ासन, कटिचक्रासन, अर्धचंद्र आसन को करने की सही तरीके के विषय में बताया ।उन्होंने छात्रो के बौद्धिक विकास और मानसिक संतुलन के लिए आवश्यक योगासनों से अवगत कराया । उन्हे कैसे अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए इस विषय मे भी जानकारी दी । कॉलेज की उप प्राचार्या सबीना बोदरा, एनसीसी केयरटेकर हिमांशु दीक्षित, रिषभ आदि भी मौजूद रहे ।100 से अधिक छात्र -छात्राएं इस कार्यक्रम सम्मिलित हुए।

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क्राइस्ट चर्च पीजी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगा सत्र आयोजित

कानपुर 21 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत क्राइस्ट चर्च पीजी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में योगा सत्र का आयोजन किया गया। इसका आरंभ कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ सबीना बोदरा तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुनीता वर्मा के निर्देशन में हुआ।तथा इस अवसर पर कालेज के अध्यापक डॉ रवि महलवाला,डॉ जुनेजा भी उपस्थित रहे।इसके उपरांत आए हुए योग प्रशिक्षक डॉ बीएन आचार्य जी तथा योगाचार्य पूनम बाजपेई उनके सहयोगी मानवी तथा शिवा द्वारा योग सत्र को प्रारंभ किया गया प्रशिक्षकों द्वारा योग दिवस के अवसर पर मानव शरीर स्वस्थ रखने के अनेक उपाय बताए तथा योग से होने वाले लाभों से अवगत कराया।इसके साथ आज के कार्यक्रम का समापन डॉ सुनीता वर्मा ने अपनी एनएसएस इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन दीक्षित तथा सह प्रमुख विलायत फातिमा,मोमिनअली ने अपनी टीम जिनमें अरबाज खान,सुप्रिया दास,पवन श्रीवास्तव, अरफिया, फरीना,अभिषेक के साथ मिलकर किया

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एस. एन. सेन.बी. वी. पी .जी .कालेज की एन. एस .एस .ईकाई द्वारा अंतराष्ट्रीय योग दिवस आयोजित

कानपुर 21 जून, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन.बी. वी. पी .जी .कालेज की एन. एस .एस .ईकाई द्वारा अंतराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन महाविद्यालय के सभागार मे किया गया
जिसमे दीप प्रज्ज्वलन् एवम सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण के द्वारा कार्यकर्म का शुभारम्भ किया गया कार्यक्रम मे प्राचार्य डॉ.निशा आग्रवाल ने योगा के महत्व पर प्रकाश डाला साथ ही योग सभी के लिए अनिवार्य है कार्यक्रम प्रभारि डॉ. चित्रा सिंह तोमर ने योग का भगवत गीता तथा डबलु.एच.ओ. से सम्बंधित महत्व को बताया
कार्यक्रम मे वंदे मातरम राष्ट्रगीत पर छात्रों ने संस्कृतिक् प्रस्तुति कि साथ ही 45 मिनट तक प्रोटोकॉल के अनुसार डॉ. ममता ने योग के अनेक आसनो का अभ्यास कराया एन. एस .एस .की स्वयं सेविकाओं के अतिरिक्त महाविद्यालय कि अनेक शिक्षको ने भी कार्यक्रम् मे भाग लिया

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डाक विभाग द्वारा 5 साल तक के बच्चों का आधार बनवाने और मोबाइल लिंक कराने हेतु 16 से 18 जून तक विशेष अभियान – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अब 5 साल तक के बच्चों का आधार बनवाने और लोगों के मोबाइल को आधार से लिंक कराने हेतु परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्कूल में बच्चों के एडमिशन से लेकर सामाजिक सुरक्षा डीबीटी योजनाओं का लाभ उठाने तक मोबाइल लिंक्ड आधार की अनिवार्यता होती है। ऐसे में अब अपने क्षेत्र के डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से भी घर बैठे यह सुविधाएं ली जा सकती हैं। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 16 से 18 जून तक इसके लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के 6 जनपदों – वाराणसी, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर व बलिया में भी यह विशेष अभियान चलाया जायेगा। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बहुत सहूलियत मिलेगी। इसके लिए लोग अपने स्थानीय डाकिया से संपर्क कर सकते हैं अथवा पोस्ट इन्फो मोबाइल एप के माध्यम से भी ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं।

पोस्टमास्टर जनरल  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग द्वारा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से अब सी.ई.एल.सी (चाइल्ड एनरोलमेंट लाइट क्लाइंट) सेवा के तहत 5 साल से कम उम्र के बच्चों का नया आधार भी निःशुल्क बनवाया जा सकता है। बच्चों का आधार नामांकन केवल संबंध प्रमाण पत्र (पीओआर) की सहायता से किया जा सकता है। इस हेतु माता-पिता अपने आधार या अन्य किसी मान्य पहचान पत्र की सहायता से अपने बच्चे का आधार पंजीकरण निःशुल्क करा सकते हैं। इसी प्रकार अब डाकिया के माध्यम से आधार में मोबाइल नंबर लिंक करने का कार्य मात्र 50 रूपये (कर सहित) का निर्धारित शुल्क देकर आसानी से कराया जा सकता है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सी.ई.एल.सी के माध्यम से वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक पोस्टमैनों द्वारा 7 लाख 28 हज़ार से ज्यादा लोगों के आधार में मोबाईल नंबर का संशोधन किया जा चुका है। इस सुविधा से  ग्रामीणों को अब आधार में मोबाइल नंबर जुड़वाने या संशोधित करवाने हेतु शहर आने की आवश्यकता नहीं है।

प्रवर डाकघर अधीक्षक वाराणसी पूर्वी मंडल राजन एवं डाक अधीक्षक पश्चिमी मंडल श्पी सी तिवारी ने बताया कि वाराणसी मण्डल में विशेष अभियान के दौरान सभी डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों को पहल करके ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस सुविधा का लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।

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रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के अग्रिम इलाकों का दौरा कर सीमा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने 16 जून, 2022 को जम्मू-कश्मीर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और सीमा चौकियों पर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। राजनाथ सिंह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं, उन्होंने उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अग्रिम चौकियों की देखभाल करने वाली फॉर्मेशन की स्थिति का प्रत्यक्ष रूप से आकलन किया। उनके साथ थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे; जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी), उत्तरी कमान लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी; जीओसी, 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल एएस औजला और जीओसी, 19 इन्फैंट्री डिवीजन मेजर जनरल अजय चांदपुरिया भी उपस्थित थे।https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC2(1)999G.jpg

रक्षा मंत्री को नियंत्रण रेखा पर मौजूदा युद्ध विराम समझौते, इस क्षेत्र की किलेबंदी पर विकास कार्यों, घुसपैठ रोधी ग्रिड, परिचालन तैयारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य-असैन्य संपर्क के बारे में जानकारी दी गई। 15 कोर मुख्यालय पहुंचने पर श्री राजनाथ सिंह को जीओसी 15 कोर द्वारा नियंत्रण रेखा और भीतरी इलाकों में वर्तमान समग्र सुरक्षा स्थिति के बारे में बताया गया। उन्हें अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई।  राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कर्मियों के साथ बातचीत की। रक्षा मंत्री ने वहां उपस्थित कर्मियों को संबोधित भी किया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निभाने के लिए उनकी वीरता तथा उत्साह को उल्लेखनीय करार दिया और उनकी सराहना की। उन्होंने नागरिक प्रशासन के सभी वर्गों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण पेश करने में उत्कृष्ट तालमेल की प्रशंसा की, जिसके परिणामस्वरूप केंद्र शासित प्रदेश में विकास के एक नए युग को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। रक्षा मंत्री ने अदम्य साहस व समर्पण के साथ देश की सेवा करने और लोगों, विशेषकर युवाओं में राष्ट्रीय गौरव की भावना पैदा करने के लिए सुरक्षा कर्मियों की सराहना की, रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोसी देश ने हमेशा भारत विरोधी गतिविधियों का सहारा लिया है। इस राज्य में अतीत में भी आतंकी गतिविधियां देखी गई हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों, बीएसएफ, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों के अथक प्रयासों के कारण, हाल ही में राज्य में आतंकवादी गतिविधियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पाकिस्तान लगातार ब्लीड इंडिया विद ए थाउजेंड कट्स के अपने दुष्प्रयासों के माध्यम से भारत में शांति भंग करने की कोशिश करता है। लेकिन, हमारे सुरक्षा बल इस देश के लिए एक ऐसा सुरक्षा कवच हैं कि जो भी इसे तोड़ने की कोशिश करता है, वह खुद ही लहूलुहान हो जाता है। राष्ट्र को हमारी सुरक्षा ताकतों पर अटूट विश्वास है, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। राजनाथ सिंह ने यह दोहराया कि भारत एक शांतिप्रिय देश है, जिसने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) का संदेश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमने कभी किसी देश को किसी भी तरह से चोट पहुंचाने की कोशिश नहीं की और न ही हमने किसी की एक इंच भी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया है। रक्षा मंत्री ने राष्ट्र को आश्वासन देते हुए कहा कि यदि कभी भी देश की एकता और अखंडता को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई, तो सशस्त्र बल इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों का पूरी ताकत के साथ सामना करेंगे और उनकी वीरता तथा समर्पण से देश के सुनहरे भविष्य का निर्माण होगा।

रक्षा मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह कश्मीर में विकास, शांति एवं समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत थी और जम्मू-कश्मीर में शांति निर्माण में उनके उच्च स्तर के मनोबल बनाए रखने तथा योगदान के लिए 15 कोर की सराहना की।

 

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