कार्यशाला का उद्देश्य बीआरएसआर की संरचना की व्यापक समझ प्रदान करना है, जो जिम्मेदार व्यवसाय आचरण के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश (एनजीआरबीसी) के नौ सिद्धांतों पर आधारित है। बीआरएसआर संरचना शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों और व्यवसायों के लिए पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) पहलुओं पर अपने प्रदर्शन की रिपोर्ट करने और जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए एक अनिवार्य प्रकटीकरण तंत्र है। कार्यशाला में जिम्मेदार ब्रांडों की स्थापना के लिए उपकरण के रूप में सीएसआर और ईएसजी, प्रभावी बीआरएसआर प्रकटीकरण, डिजिटल उपकरण, बीआरएसआर के लिए आईटी पोर्टल/सॉफ्टवेयर और व्यवसाय में परिवार के अनुकूल नीतियों के पालन जैसे विभिन्न विषयों को भी शामिल किया गया। कार्यशाला ने प्रतिभागियों को बीआरएसआर और इसके कार्यान्वयन में अपना ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में सक्षम बनाया।

कार्यशाला का उद्घाटन एसवीपी और हेड पीएसडी – पावर एंड कार्बन मार्केट्स, इन्वेस्टर अवेयरनेस, एनएसई डॉ. हरीश आहूजा ने किया, जिन्होंने निवेशकों और हितधारकों के लिए बीआरएसआर के महत्व पर अपना विचार साझा किया। उन्होंने व्यवसायों के मूल्य और प्रतिष्ठा को बढ़ाने और गैर-अनुपालन तथा नकारात्मक बाह्य कारकों से जुड़े जोखिमों को कम करने में ईएसजी कारकों की भूमिका पर जोर दिया। कार्यशाला का संचालन ईएसजी, सीएसआर, बीएचआर और कॉर्पोरेट स्थायित्व के क्षेत्र के अग्रणी संस्थान यूनिसेफ, स्टेपचेंज और आईआईसीए के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने किया। प्रसिद्ध संकाय और विशेषज्ञ वक्ताओं में प्रोफेसर गरिमा दधीच, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख, एसओबीई, आईआईसीए; श्री अशोक कुमार गुप्ता, पूर्व ग्रुप जनरल काउंसिल, आदित्य बिड़ला ग्रुप; श्री अंकित जैन, सीईओ, स्टेपचेंज; डॉ. रवि राज अत्रे, सीपीई, एसओबीई, आईआईसीए, और श्री शुभ्रज्योति भौमिक, पार्टनरशिप ऑफिसर, प्राइवेट एंड पब्लिक सेक्टर मैनेजमेंट्स, यूनिसेफ शामिल रहे।

कार्यशाला एक इंटरैक्टिव लर्निंग रिकैप, पीयर नेटवर्किंग वे फॉरवर्ड और ओपन हाउस सत्र के साथ संपन्न हुई। कार्यशाला को प्रतिभागियों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। प्रतिभागियों ने सामग्री और वितरण की गुणवत्ता और प्रासंगिकता की सराहना की। यह कार्यशाला भारत में कॉरपोरेट्स और प्रासंगिक हितधारकों के बीच जिम्मेदार व्यावसायिक आचरण को बढ़ावा देने के लिए आईआईसीए और यूनिसेफ के बीच चल रहे सहयोग का हिस्सा थी। देश के विभिन्न शहरों में बीआरएसआर पर अधिक कार्यशालाएं निर्धारित हैं। इंदौर में 20 सितंबर, दिल्ली में 26 सितंबर, और बेंगलुरु 29 सितंबर को बीआरएसआर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
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सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के एक सप्ताह एक प्रयोगशाला (वन वीक वन लैब) कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित स्टार्ट-अप कार्यशाला के दौरान पुस्तक विमोचन की झलकियाँ

कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बालिका महाविद्यालय में दिनाँक 09/09/2023 से दिनाँक 12/09/2023 तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया गया। इसीमें विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस (World First Aid Day) के अवसर पर छात्राओं हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया
जिसका संयोजन व संचालन महाविद्यालय की शारीरिक शिक्षा विभाग की प्रोफेसर प्रीति पांडे तथा उनकी वैष्णवी रेंजर्स टीम के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह का शुभारंभ आज मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. सफर, प्राचार्य प्रोफेसर सुमन तथा प्रोफेसर प्रीति पांडेय द्वारा मां शारदे को माल्यार्पण कर किया गया। कार्यशाला में छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई कि किसी भी व्यक्ति को हार्ट अटैक के समय CPR देकर कैसे सुरक्षित किया जा सकता है, सड़क पर किसी घायल व्यक्ति की कैसे मदद की जा सकती है, जलने पर कैसे उपचार किया जाए की व्यक्ति की जान पर कोई खतरा न आए। इसी तरह की और व्यवहारिक जानकारियां छात्रों को दी गई| रेड क्रॉस मास्टर ट्रेनर और डिजास्टर मैनेजर लखन शुक्ला ने प्राथमिक चिकित्सा सहायता के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की पट्टियों को बाँधना सिखाया तथा आकस्मिकता में First Aid Use करने की विभिन्न प्रायोगिक विधियां छात्राओं को सिखाई| इस अवसर पर प्रीति तिवारी (लाइफ मेंबर रेड क्रॉस सोसाइटी), राम (सदस्य, रेड क्रॉस), तथा राम प्रकाश, (कार्यकर्ता) कार्य शाला में उपस्थित रहें। छात्राओं ने उत्साहपूर्ण सहभागिता की तथा समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं|
कानपुर 13 सितंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, विकास भवन सभागार में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में ‘आयुष्मान भवः’ अभियान की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि 13 सितंबर को राष्ट्रपति द्वारा इसका वर्चुअल शुभारम्भ किया जाएगा तथा 17 सितंबर से अभियान शुरू होगा जो दो अक्तूबर तक संचालित किया जायेगा। चिकित्सा व स्वास्थ्य देखभाल संबंधी गतिविधियाँ सेवा पखवाड़ा, आयुष्मान आपके द्वार 3.0, आयुष्मान सभा, आयुष्मान मेला का आयोजन जनपद, विकासखण्ड, ग्राम पंचायत स्तरों पर किया जाएगा।



