भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 30 कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में समाजशास्त्र विभाग एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान से एक हफ्ते की कार्यशाला का समापन हुआ।यह कार्यशाला सोमवार दिनांक 25.08.2025 से प्रारंभ हुई थी।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती को नमन करके किया गया। अतिथियों का स्वागत, प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा मोमेंटो भेंट देकर किया गया।प्राचार्या जी ने अपने उद्बोधन में इस विशिष्ट कार्यशाला से लाभान्वित छात्राओं को इसे शत प्रतिशत अपने जीवन और आचरण में उतारने के लिए प्रेरित किया और कहा कि यदि आप इसे अपने जीवन में उतारेंगी तो आप 100% एक अच्छी इंसान तो बनेंगी साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता भी अर्जित करेंगी। आप इस देश का भविष्य है अतः आपके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होने से ही हमारे देश की स्वस्थ भावी और संस्कारवान पीढ़ी का सृजन संभव है। आज आवश्यकता है कि भटकी हुई युवा पीढ़ी जागृत हो तभी भारत का बेहतर कल संभव है। मैं इस सफल आयोजन के लिए समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ पूर्णिमा शुक्ला को बधाई देती हूं कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय *आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी* पर इतने अच्छे और संपूर्ण स्वास्थ्य की जानकारी से पूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया और इसे एक रेगुलर कोर्स के रूप में छात्राओं के लिए आयोजित कर रहीं हैं ताकि हमारी छात्राओं के व्यक्तित्व का चहुंमुखी विकास हो।
कार्यशाला के अंतिम दिन पूरे सप्ताह के हर सेशन की रिपोर्ट छात्राओं द्वारा पढ़ी गई और साथ ही छात्राओं ने अपने अनुभव को भी साझा किया। छात्राओं ने बताया कि हमें पहले कभी भी इस विषय में जानकारी नहीं थी कि हम पूर्ण रूप से कैसे स्वस्थ रह सकते हैं। छात्रा शिफा और कहकशा ने बताया कि हमने इस कार्यशाला में प्रतिभाग लेकर जाना कि हम अच्छा और स्वस्थ जीवन जीने की मूलभूत रूप से हमें क्या करने की आवश्यकता है।इस तरह की जानकारी तो हर छात्र, छात्रा को अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए। छात्रा महक और प्रिया ने कहा कि अभी तक हम सिर्फ शारीरिक स्वस्थ होने को ही पूर्ण स्वास्थ्य मानते थे लेकिन हमने इस कार्यशाला में जाना कि मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होने पर ही कोई व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ होगा। छात्रा बेबो और तनीषा ने कहा कि हमें जागरूक होने के साथ साथ जागृत भी होना है ताकि हम एक बेहतर कल और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें।
इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ० संगीता सारस्वत, सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट,कन्वीनर द्वारा छात्राओं को गहनता से उनके वातावरण, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, दिनचर्या इत्यादि का उनके जीवन और आने वाले भविष्य पर प्रभाव को वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि आज का युवा अपनी शक्तियों का दुरूपयोग कर रहा है। संस्कारों की जागृति से ही नई पीढ़ी का भविष्य संरक्षित और संवर्धित हो सकता है।
विशिष्ट वक्ता डॉ नीरू तिवारी जी ने छात्राओं की एक आदर्श दिनचर्या और पोषण के विषय में बताया और कहा कि ईश्वर ने अपने बाद यदि किसी को सृजन की शक्ति दी है तो केवल स्त्री को । अतः हमें अपने आत्मबल और शक्तियों को पहचान कर सही दिशा में आगे बढ़ना है और एक नई ऊर्जा के साथ भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। कार्यशाला की वक्ता डॉ० शिखा अग्रवाल ने छात्राओं को जीवन में योग की महत्ता को बताया कि किस समय, कब और कैसे योग को करना चाहिए जिससे कि हमारा शरीर और मस्तिष्क दोनों ही स्वस्थ रहें।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में छात्राओं का पूरी कार्यशाला में पढ़ाए गए पाठयक्रम पर आधारित एक परीक्षा का आयोजन भी किया गया जिसमें प्राप्त अंकों के आधार पर छात्राओं को गायत्री परिवार शांतिकुंज की ओर से प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। इस कार्यशाला में 70 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग लिया । कार्यक्रम का समापन डॉ० रितु नारंग, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर किया गया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ० पूर्णिमा शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी की कानपुर डिस्ट्रिक टीम एवं महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
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