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महिला जगत

प्रधानमंत्री ने मुंबई में आयोजित एक समारोह में लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार प्राप्त किया

प्रधानमंत्री मोदी आज मुंबई में मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री को प्रथम लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत रत्न लता मंगेशकर की स्मृति में स्थापित किया गया यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष सिर्फ एक व्यक्ति को राष्ट्र निर्माण में अनुकरणीय योगदान के लिए दिया जाएगा। इस अवसर पर, महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी और  मंगेशकर परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने मंगेशकर परिवार का धन्यवाद किया

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि मुझे संगीत जैसे गहन विषय की बहुत जानकारी तो नहीं है, लेकिन सांस्कृतिक बोध से यह महसूस होता है कि संगीत एक ‘साधना’ भी है और एक भावना भी। उन्होंने कहा, “जो अव्यक्त को व्यक्त कर दे, वो शब्द है। जो व्यक्त में ऊर्जा और चेतना का संचार कर दे, वो ‘नाद’ है। जो चेतन में भावों और भावनाओं को भरकर सृष्टि और संवेदनशीलता की पराकाष्ठा तक ले जाए, वो ‘संगीत’ है। संगीत आपको वीररस और मातृत्व स्नेह की अनुभूति करवा सकता है। यह राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यबोध के शिखर पर पहुंचा सकता है।” उन्होंने कहा, “हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमने संगीत के इस सामर्थ्य और शक्ति को लता दीदी के रूप में साक्षात देखा है।” एक व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए, श्री मोदी ने कहा, “मेरे लिए, लता दीदी ‘सुर साम्राज्ञी’ होने के साथ-साथ मेरी बड़ी बहन भी थीं। पीढ़ियों को प्रेम और भावनाओं का उपहार देने वाली लता दीदी से अपनी बहन जैसा प्यार पाने से बड़ा सौभाग्य और क्या होगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे आमतौर पर पुरस्कार लेते हुए बहुत सहज नहीं महसूस करते, लेकिन जब मंगेशकर परिवार लता दीदी जैसी बड़ी बहन का नाम लेता है और उनके नाम पर पुरस्कार देता है, तो यह उनके स्नेह और प्यार का प्रतीक बन जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे लिए इसे ना कहना संभव नहीं है। मैं यह पुरस्कार सभी देशवासियों को समर्पित करता हूं। जिस तरह लता दीदी लोगों की थीं, वैसे ही उनके नाम पर मुझे दिया गया यह पुरस्कार भी लोगों का है।” प्रधानमंत्री ने कई व्यक्तिगत किस्से सुनाए और सांस्कृतिक जगत में लता दीदी के असीम योगदान के बारे में विस्तार से बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, “लता जी की जीवन यात्रा ऐसे समय में पूरी हुई जब हमारा देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने आजादी से पहले भारत को आवाज दी थी और देश की इन 75 वर्षों की यात्रा भी उनकी आवाज के साथ जुड़ी रही।”

प्रधानमंत्री ने मंगेशकर परिवार की राष्ट्रभक्ति के गुण के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा, “संगीत के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की जो चेतना लता दीदी के भीतर थी, उसका स्रोत उनके पिताजी ही थे।” श्री मोदी ने वह घटना सुनाई जब आजादी की लड़ाई के दौरान शिमला में ब्रिटिश वायसराय के एक कार्यक्रम में दीनानाथ जी ने वीर सावरकर का लिखा एक गीत गाया था। यह गीत वीर सावरकर ने ब्रिटिश शासन को चुनौती देते हुए लिखा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभक्ति की यह भावना अपने परिवार को दीनानाथ जी ने विरासत में दी थी। लता जी ने संगीत को अपनी पूजा बना लिया लेकिन देशभक्ति और राष्ट्र सेवा को भी उनके गीतों से प्रेरणा मिली।

लता दीदी के शानदार करियर का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “लता जी ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की मधुर प्रस्तुति की तरह थीं। उन्होंने 30 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाए। चाहे वह हिंदी हो, मराठी, संस्कृत या दूसरी भारतीय भाषाएं हो, उनका स्वर हर भाषा में एक जैसा घुला हुआ था।” श्री मोदी ने आगे कहा, “संस्कृति से आस्था तक, पूर्व से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक, लता जी के सुरों ने पूरे देश को एक करने का कार्य किया। वैश्विक स्तर पर भी, वह भारत की सांस्कृतिक राजदूत थीं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “ वह हर राज्य, हर क्षेत्र के लोगों के मन में बसी हुई हैं। उन्होंने दिखाया कि कैसे भारतीयता के साथ संगीत अमर हो सकता है।” प्रधानमंत्री ने मंगेशकर परिवार के परोपकारी कार्यों की भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए विकास का मतलब सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। इस परियोजना में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सभी के कल्याण के दर्शन को भी शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास की ऐसी अवधारणा सिर्फ भौतिक क्षमताओं से हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए आध्यात्मिक चेतना बेहद महत्वपूर्ण है। इसीलिए भारत योग, आयुर्वेद और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को समाप्त करते हुए कहा, “मेरा मानना ​​है, हमारा भारतीय संगीत भी भारत के इस योगदान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए हम इस विरासत को उन्हीं मूल्यों के साथ जीवित रखें तथा इसे आगे बढ़ाएं और इसे वैश्विक शांति का एक माध्यम बनाएं।”

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इस अग्नि के फेरे में पुरुष भी तो जलते है

इस अग्नि के फेरे में पुरुष भी तो जलते है
स्त्री तकलीफ में होती है माना, मग़र पुरुष भी कहाँ सुकून से पलते है!!
इस अग्नि के फेरे में पुरुष भी तो जलते है
कुछ पुरुष होते है जो दर्द को अन्दर ही अन्दर पीते है,अपने बच्चो का चेहरा देखकर उसी में वो जीते है!!
स्त्री रो कर बाह लेती है अपने दर्द को,वही पुरुष रोने भी कह बैठ पाता है
क़भी बच्चो में देखता है अपने अस्क को, तो क़भी आईने में खोजता फिरता है खुद को!!
इस अग्नि के फेरे में पुरुष भी तो जलते है
तकलीफ होती हज़ार गुना जब माँ कहती है की
मेरा बेटा अब मेरा बेटा नहीं रह बस किसी का पति बन गया है, इस उलझन को वो कैसे सुलझाये
अपनी माँ को वो क्या बतलाये की वो क्या था और क्या बन के रह गया!!
इस अग्नि के फेरे में पुरुष भी तो जलते है
हर पुरुष की नहीं ये कहानी, मग़र है बहुत से जो इस दर्द से है गुजरते,एक कोने में बैठ कर अपनी ज़िन्दगी की डोर को हाथों में लेकर घन्टो बैठ कर देखते है, फिर उसी डोर को सीने से लगा कर
ज़िम्मेदारियों को उठाने वो घर से निकलते है! इस अग्नि के फेरे में पुरुष भी तो जलते है …श्रद्धा श्रीवास्तव

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एस. एन. सेन बी. वी. पी.जी. कॉलेज की कोदोम्बिनी देवी एन. एस. एस. इकाई तथा ‘आरोग्य भारती’ के संयुक्त तत्वावधान में ‘योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा’ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित

कानपुर, भारतीय स्वरूप संवाददाता, विगत दिवस एस. एन. सेन बी. वी. पी.जी. कॉलेज, कानपुर के कोदोम्बिनी देवी एन. एस. एस. इकाई तथा ‘आरोग्य भारती’ के संयुक्त तत्वावधान में ‘योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आरंभ प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल,मुख्य अतिथि स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा उर्सला हॉस्पिटल की पूर्व निदेशक डॉ. मधु लाल, एन. एस. एस. इंचार्ज डॉ. चित्रा सिंह तोमर तथा आरोग्य भारती के प्रान्त अध्यक्ष डॉ. सुनील भारती, प्रांत सचिव डॉ. अनोखेलाल पाठक तथा सदस्या डॉ. पूनम वाजपेयी ने माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया ।
अतिथियों के स्वागत के पश्चात आरोग्य भारती के प्रांत सचिव डॉ. अनोखेलाल ने धन्वन्तरि मंत्र के साथ कार्यक्रम का औपचारिक आरम्भ किया। इसके पश्चात डी. ए. वी. कॉलेज में योग प्रशिक्षक तथा आरोग्य भारती की सदस्या डॉ. पूनम वाजपेयी ने छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को योग की महत्ता बताते हुए योगाभ्यास तथा प्राणायाम कराया। छात्राओं को वृक्ष आसन, त्रिकोन आसन, वज्रासन, मंडूक आसन,वक्र आसन,मकरासन, पवनमुक्तासन, सेतुबंध आसन, मर्कट आसन, कपालभाती, अनुलोम विलोम,भ्रामरी आदि का अभ्यास कराया।
तत्पश्चात् मुख्य अतिथि डॉ. मधु लाल ने स्वास्थ्य एवं पौष्टिक आहार विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। अगली श्रृंखला में आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष डॉ. सुनील भारती ने अपनी संस्था ‘आरोग्य भारती’ के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के विषय में बताया तथा छात्राओं को प्रोत्साहित किया ।
प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा छात्राओं को सीख लेने के लिए प्रोत्साहित किया ।
आरोग्य भारती के सदस्य आशीष वाजपई ने रोग निवारण के लिए ‘रेकी’ विधा के विषय में बताया। अंत में आरोग्य भारती के प्रांत सचिव डॉ. अनोखेलाल पाठक ने ‘शांति मंत्र’ के साथ कार्यशाला का औपचारिक समापन किया ।

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दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होने के साथ साथ घर का वातावरण भी संतुलित रहता है

हमारे घरों मे प्राचीन काल से ही सुबह और शाम को दीपक जलाने का रिवाज रीत या चलन रहा है।आदमी या औरतें घर के काम के साथ ये काम भी बहुत शौक़ और श्रद्धा से करते थे। दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होने के साथ साथ घर का वातावरण भी संतुलित रहता है।शाम को दीपक जलाने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती है, दीपक अंधकार को मिटाकर घर में रोशनी देता है, जिससे घर परिवार का माहौल खुशनुमा बना रहता है।इसीलिए सब को दीपक लगाना भी चाहिए। मगर भगवान तो सारे संसार को रोशनी देते है ,उन्हें क्या ज़रूरत है हमारे दीपक की।वो रोशनी हम अपने लिये जलाते है ताकि हमारे मन मे प्रकाश हो। लेकिन अब दौर नया है नई पीढ़ी ये नही कर पाती न ही समझती है।बहुत ख़ुशक़िस्मत वाले लोग है जो ये पूजा पाठ कर पाते है। दोस्तों! अगर आज के वक़्त मे हम हर रोज सुबह शाम गैस का चूल्हा भी अपने हाथ से जला ले,और अग्नि उत्पन्न कर ले,और उस अग्नि पर अपने हाथ से खाना बना कर सारे परिवार को खिला पा रहे है।उस वक़्त आप इक ऐसा दीपक जला रहे होते है जो किसी के काम भी आ रहा है।अपने हाथो से किसी का पेट भी भर रहे होते है।  भगवान तो उसी गैस के चूल्हे से उत्पन्न हुई अग्नि को भी दीपक मान लेते है और ख़ुश हो जाते है। मगर आज दीपक तो दूर की बात है घर का खाना बनाने के लिये घर मे काम करने वाले लोग ही गैस को जलाते है। यानि घर मे सुबह शाम अग्नि भी कोई और ही जलाता है और सारे परिवार का पेट भी कोई और ही भरता है। सुबह शाम मंदिर मे घंटी बजाने का भी चलन है। वो भी शुभता का सूचक है और असीम शांति भी प्रदान करता है । अगर बजा सको तो बहुत शुभ है । नही तो जब हम अपने हाथ से चूल्हा जला कर परिवार को खाना खिला देते है ,तो बाद मे क्या करते है ,पानी से बर्तनों को धोते है।जो बर्तन धोते वक़्त जो बर्तनों के टकराव से ध्वनि प्रकट होती है भगवान तो इतने दयालु और सरल है वो तो उसी ध्वनि को घंटी के रूप मे स्वीकार कर लेते है । अफ़सोस ये है आज हमारे परिवार को खाना भी कोई और खिलाता है और बर्तन भी कोई और धोता है। सो इस हिसाब से अग्नि भी सुबह शाम कोई और प्रकट कर रहा है और हमारे परिवार की भूख अग्नि को बुझाने के बाद घंटी भी कोई और बजा देता है । हम वो सौभाग्य भी अपने हाथो से खो देते है अगर मन्दिर की सफ़ाई न भी कर पाये तो घर की ही अपने हाथो से कर लेनी चाहिए,क्योंकि घर मे साक्षात्कार रूप मे भगवान रहते है।सास ससुर की सेवा जिसने कर ली ।भगवान शिव पार्वती माता अपने आप ख़ुश ही रहेंगे।पति की सेवा कर ली तो भगवान विष्णु की पूजा हो गई समझो।पत्नी को ख़ुश किया तो माँ लक्ष्मी वैसे ही प्रसन्न रहेंगी।और अगर अपने पुत्रों और पुत्रियों या आसपास के छोटे बच्चों को प्यार किया उनकी देखभाल की तो भगवान गणपति की ख़ुशी प्राप्त की जा सकती है ,और कही जीवन भर किसी को दुख न दिया।न ही किसी की आह ली ,और न ही किसी के साथ ठगी की ,तो समझो नवग्रह अपने आप ही प्रसन्न रहेंगे।भगवान ने हमे सीधा सा जीवन दिया है ।जिसे हम सादगी से जी भी सकते है मगर हम वो भी नही कर पाते।

चिराग़े रोशन कर तो सही ,कभी खुद से ,कभी नज़रों से और कभी अपने करमो से ,चिराग़ जला तो सही।
हवा के ख़िलाफ़ जो चिराग़ जलाया मैंने,मासूमियत देख मेरी,हवा का रूख अपने आप ही मेरी ओर मुड़ गया 🙏 स्मिता

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एस .एन. सेन बालिका महाविद्यालय पी.जी. कॉलेज में ” यूपी फ्री टेबलेट योजना 2022″ के तहत छात्राओं को टेबलेट वितरित किया गया

कानपुर 18 अप्रैल एस .एन. सेन बालिका महाविद्यालय पी.जी. कॉलेज में ” यूपी फ्री टेबलेट योजना 2022″ के तहत छात्राओं को टेबलेट ,   

वितरित किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, श्री अखिलेश कुमार तिवारी, अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत कानपुर, प्रबंध समिति के सचिव ,श्री पी के सेन, संयुक्त सचिव श्री शुभरो सेन तथा प्राचार्या डॉ निशा अग्रवाल कार्यक्रम प्रभारी एवं मुख्य अनुशासक के डॉ निशी प्रकाश द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ l मुख्य अतिथि श्री अखिलेश तिवारी जी के कर कमलों द्वारा छात्राओं को टेबलेट वितरित किया गया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना से छात्राओं का तकनीकी सशक्तिकरण होगा प्राचार्या ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में, 114 एम.ए. की छात्राओं को लाभ मिला हैl टेबलेट प्राप्त कर सभी छात्राएं अत्यंत आनंदित हुई और वे सरकार एवं कॉलेज को धन्यवाद ज्ञापित कर रहीं थीं कार्यक्रम का संचालन रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ गार्गी यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम प्रभारी डॉ निशी प्रकाश के द्वारा किया गया, कार्यक्रम में एम. ए. से संबंधित सभी विभागाध्यक्षाएं डॉक्टर निशी प्रकाश डॉक्टर निशा वर्मा ,डॉ मोनिका सहाय ,डॉ रचना निगम एवं अन्य संबंधित शिक्षिकाएं डॉ प्रीति सिंह आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज की ऍन एस एस यूनिट कादोमबिनी देवी द्वारा काकोरी ग्राम में एक नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन

कानपुर 16 अप्रैल एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज की ऍन एस एस यूनिट कादोमबिनी देवी के द्वारा काकोरी ग्राम में एक नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत १० बजे सरस्वती माता को माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन कर शिविर का उदघाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ निशा अगरवाल तथा ऍन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ चित्रा सिंह तोमर, हेल्थ क्लब की प्रभारी डॉ प्रीती सिंह, नेत्र विशेषज्ञ डॉ रवि गुप्ता व उनकी टीम एवम ऍन एस एस वालंटियर्स के द्वारा ग्राम वासियों के सानिध्य में किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ चित्रा सिंह तोमर तथा डॉ प्रीती सिंह ने प्राचार्य व अन्य अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने नेत्रों को महत्वूर्ण बताते हुए उनका विशेष ध्यान रखने का आवाहन किया, तथा सभी को नियमित जांच करवाने का सुझाव दिया। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी डॉ चित्रा सिंह तोमर को शिविर के सफल आयोजन की शुभकामनाये दी तथा स्वयं भी नेत्र जांच कराई शिविर में ३० वालंटियर्स, ७० ग्राम वासी, प्राचार्य, कार्यक्रम अधिकारी, हेल्थ इंचार्ज तथा सभी आगंतुकों ने नेत्र जांच करवाई ।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ रवि गुप्ता ने सभी को उचित उपचार की सलाह दी। डॉ प्रीती सिंह ने सभी का धन्यवाद अदा किया। १ दिवसीय शिविर का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ ।

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रात ढलती रही ख्याल गुजरते रहे.

तमाम रात ख्याल भटकते रहे
कुछ खामोशियां अल्फ़ाज़ों में ढलती रही

इन सन्नाटों में झींगुरों की आवाज भी
चीखती हुई सी महसूस होती है

हवा की एक हल्की सी आहट
इक दस्तक सी महसूस होती है

नीम के झुरमुटों का हिलना
जैसे हवा संग मस्तियां करना

ठंडी हवा का झोंका
जैसे रात को आवारा कर रही है

तमाम रात ख्याल भटकते रहे
रात ढलती रही ख्याल गुजरते रहे.

प्रियंका वर्मा महेश्वरी

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एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज में छात्राओं के कैरियर हेतु ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा एक सेमिनार का आयोजन

कानपुर 8 अप्रैल, भारतीय स्वरूप संवाददाता, विगत दिवस एस. एन. सेन बा. वि. पी. जी. कॉलेज कानपुर में छात्राओं के कैरियर हेतु ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती जी को दीप प्रज्जवलित वा माल्यार्पण कर किया गया। एस पी एम नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या सोनम गुप्ता जी , प्रोफेसर प्रज्ञा वर्मा तथा प्रोफेसर वागीश केशरी व कालेज की प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज डॉ गार्गी यादव , डॉ निशा वर्मा तथा डा कोमल सरोज ने किया।प्राचार्या डॉ निशा अग्रवाल ने सभी आए हुए सदस्यों का स्वगत किया।. प्रोफेसर सोनम गुप्ता ने ए एन एम (ANM)और जी एन एम (GNM) के बारे में छात्राओं को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में सिर्फ साइंस बैकग्राउंड के छात्र ही नहीं बल्की आर्ट्स विषय के छात्र भी इसमें अपना कैरियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया की इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं जैसे एएनएम के क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग, स्टाफ नर्स,होम केयर नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, निजी अस्पताल, एन जी ओ, तथा जीएनएम कोर्स के अंतर्गत कानूनी सलाहकार, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कर्ता, नर्सिंग शिक्षक , ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, वृद्धा आश्रम, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निजी अस्पताल आदि में रोजगार के अवसर उपल्ब्ध है। प्रोफेसर विशाल ने भी छात्राओं को संबोधित किया. प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत महाविद्यालय में स्थापित ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा छात्राओं के ज्ञानवर्धन, विकास और रोजगार से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम करवाता रहता है, जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके।

कार्यक्रम का संचालन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डॉ. गार्गी यादव ने औऱ धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशा वर्मा ने किया कार्यक्रम में डॉ कोमल सरोज, डा प्रभात, डॉ प्रीता अवस्थी, डॉ कीर्ति पाण्डे , कु वर्षा सिंह, कु तैय्यबा आदि प्रवक्ताए और छात्राएं उपस्थित रहीं.

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एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की कादोम्बिनी देवी एन. एस. एस. यूनिट द्वारा काकोरी ग्राम में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का आज समापन

कानपुर 31मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता,  एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की कादोम्बिनी देवी एन. एस. एस. यूनिट द्वारा काकोरी ग्राम में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह महाविद्यालय सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण, सरस्वती वंदना से आरंभ किया गया। शिविर में अथिति के रूप में एस एच ओ छावनी अर्चना सिंह, संस्थापक अध्यक्ष महिला जागृति संस्थान कानपुर विजयेता श्रीवास्तव, आरोग्य भारती संस्थान कानपुर के जिलाध्यक्ष डॉ. बी. एन. आचार्य, अधिवक्ता कानपुर कोर्ट श्री मुकेश श्रीवास्तव एवम् विशाल श्रीवास्तव, काकोरी ग्राम से अनिता देवी, पुष्पा देवी, बेबी देवी, सुरेखा देवी, दीपाली, रूपाली, मिताली, अंकिता तथा शिवानी कार्यक्रम में उपस्थित रहें। सभी अतिथियों का महाविद्यालय की ओर से स्मृतिचिह्न देकर स्वागत एवम् सम्मान किया गया।निश्चित रूप से महाविद्यालय प्रबंधन तंत्र के अध्यक्ष, सचिव एवम् संयुक्त सचिव, प्राचार्या महोदया, एन. एस. एस. प्रभारी तथा उनकी पूरी टीम, तथा समस्त शिक्षिकाओं की सभागार में गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई।प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल जी ने अपने स्वागत वक्तव्य में हमेशा की तरह अपने आशीर्वचनों से सभी को उत्साहित, प्रफ्फुलित, एवम् प्रेरित किया। डॉ. बी. एन. आचार्य जी ने स्वस्थ रहने के चार सूत्र – नियम, संयम, प्राणायाम एवम् संतुलित आहार पर बल दिया। एस एच ओ अर्चना सिंह ने बालिकाओं व महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सर्वप्रथम स्वयं तत्पर रहने और सुरक्षित कदम उठाने की महत्त्वपूर्ण सलाह दी गई। श्रीमती विजेयता श्रीवास्तव ने महिला उत्थान में निरंतर योगदान देने की अपनी प्रतिज्ञा को दोहराया। अधिवक्ता मुकेश श्रीवास्तव ने असहाय लोगों की निस्वार्थ सेवा करने का संकल्प लिया। अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने सभी ग्रामीण महिलाओं की सहायता करने का वादा किया। ग्राम काकोरी से रूपाली ने महाविद्यालय परिवार को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के कैंप गांव में लगते रहें, ऐसी इच्छा व्यक्त की।कार्यक्रम को समापन की ओर सफलतापूर्वक ले जाने का कार्य एन एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. चित्रा सिंह तोमर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में दमदार धन्यवाद ज्ञापन के साथ बखूबी किया। उन्होंने प्रत्येक कड़ी को उचित स्थान देकर धन्यवाद ज्ञापन दिया।

मंच संचालन डॉ. प्रीति सिंह के द्वारा क्रमबद्ध रूप से किया गया। शिविर की आख्या डॉ. अनामिका राजपूत ने सारगर्भित रूप में प्रस्तुत की। डॉ. मोनिका शुक्ला, डॉ. अंजना गुप्ता ने अतिथि परिचय पढ़ने की परंपरा का निर्वहन किया। श्रीमती चेतना त्रिपाठी ने स्वयं सेविकाओं के साथ कार्यक्रम की आवश्यक व्यवस्था करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। स्वयं सेविकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति, श्री गुलशन मोगा ने अपनी संगीत विभाग की छात्राओं के साथ कार्यक्रम में समां बांध दिया। सभी स्वयं सेविकाओं को प्रमाणपत्र एवम् मेडल का वितरण भी समापन समारोह में किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन किया गया।

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एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी. जी. कॉलेज कानपुर में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा सेमिनार का आयोजन

कानपुर 30 मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी. जी. कॉलेज कानपुर में छात्राओं के लिए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ रेड्डी फाउंडेशन के ट्रेनिंग मैनेजर श्री सैफ खान ,शहजाद शमीम, कु. नीतिका त्रिवेदी , प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज डा गार्गी यादव और डा निशा वर्मा ने किया। प्राचार्या डा निशा अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया. ट्रेनिंग मैनेजर श्री सैफ खान ने बताया कि डॉ रेड्डी संस्था किशोर वर्ग ,युवा वर्ग, महिला वर्ग और किसानों के लिए कार्य कर रही है । संस्था का उद्देश्य पिछड़े वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है । उन्होंने टेक्निकल , समुन्नत भाषा और सॉफ्ट स्किल के बारे में विस्तार से बताया तथा इंडस्ट्री में कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए फोकस , कंसंट्रेशन और एक्यूरेसी की महत्ता के बारे में बताया, श्री सैफ ने डॉ रेड्डी फाउंडेशन के अंतर्गत कार्यरत युवाओं के प्रशिक्षण हेतु चलाए जाने वाले प्रोग्राम जैसे ऑफिस ऑटोमेशन , रेज्यूमे, ऑटोमैटिक प्रेजेंटेशन देना ,क्वांटिटेव ट्रेनिंग के बारे में छात्राओं को जानकारी दी। प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत महाविद्यालय में स्थापित ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा छात्राओं के ज्ञानवर्धन, विकास और रोजगार से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम करवाता रहता है, जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम का संचालन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डॉ. गार्गी यादव ने औऱ धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशा वर्मा ने किया कार्यक्रम में डा प्रभात,डॉ प्रीता अवस्थी, सौम्या चतुर्वेदी ,सपना रॉय, कु वर्षा सिंह कु तैय्यबा आदि प्रवक्ताए और छात्राएं उपस्थित रहीं.

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