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महिला जगत

एस एन सेन पी जी कॉलेज में व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम “फ्रेश एंड क्रेज़ी” का आयोजन किया गया

कानपुर 3 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बी. वी. पी.जी कॉलेज कानपुर में प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. सुमन के निर्देशन एवं सहयोग से छात्राओं के लिए एक व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम “फ्रेश एंड क्रेज़ी” का आयोजन किया गया जिसके तहत गायन, नृत्य,मिमिक्री एवं रैंप वॉक जैसी प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का संयोजन अर्थशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोली मिश्रा,अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा गुप्ता और मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री प्रीति यादव ने किया। संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हरीश झा,शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति पांडेय, हिंदी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभा बाजपेई और समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी व्यास निर्णायक दल के सदस्य रहे जिन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं की प्रतिभा का अवलोकन करके निर्णय सुनाया। बी. ए. तृतीय वर्ष की छात्रा कु. वैष्णवी मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन करके अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में नृत्य प्रतियोगिता में सलोनी सिंह ने प्रथम, सिमरन ने द्वितीयऔर सृष्टि गौतम एवं अंशिका तिवारी ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। ग्रुप नित्य में एनसीसी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। संगीत में करुणासागर,अलीशा सिंह और खुशी गुप्ता ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। रैंप वॉक में सृष्टि, गौतम, वैशाली शुक्ला ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा निकिता सविता एवं पंकजा ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। मिमिक्री में बी. ए. तृतीय वर्ष की हर्षिता साहू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

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ठगी से कमाए धन से सकून नहीं मिलता

इंग्लैंड की सर्दी और बादलों का घिरे रहना,यहाँ के लोगो को बिलकुल भी पंसद नहीं,मगर हमारे भारत में ऐसे मौसम को आशिक़ाना मौसम कहा जाता है, और शायर लोगों की कलम खुद ब खुद चलने लगती है। मगर यहाँ ,इंग्लैंड की धूप बहुत ही हसीन और लाजवाब होती है।सर्दी और फिर उस पर धूप,कैसे लगता होगा।इसका अंदाज़ा ,हर कोई लगा सकता है।सौंधी सौंधी सी धूप में बैठी, मैं सुबह की चाय का आनंद ले ही रही थी।आज दोपहर को नीरा आ रही थी मेरे घर ,मुझ से मिलने।मैं बहुत ख़ुश थी।यहाँ का लाइफ़ स्टाइल ही कुछ ऐसा है कि लोग अक्सर वीकेंड पर ही मिला करते है।आज तो बुधवार था।जल्दी ही मैंने चाय ख़त्म की, कुछ लचं की तैयारी कर,नीरा का इंतज़ार करने लगी।इतने में ही नीरा की गाड़ी घर के बाहर थी।मैंने दरवाज़ा खोला तो देखा, नीरा कुछ बदली सी लगी।कुछ उदास ,उतरा सा, चेहरा दिखा मुझे।लंच का वक़्त तो था ही,हम सीधे खाने की मेज़ पर जा बैठे।इधर उधर की बातों के बाद मैंने पूछा नीरा सब कुछ ठीक तो है न ?मेरे पूछने की देर थी और नीरा ने लम्बी साँस ली और अपना दिल खोल कर मेरे सामने रख दिया।कहने लगी !उसके पति ने इतना बड़ा कारोबार शुरू किया था।इतना पैसा कमाया, मगर आज सब उसके पति के भाइयों के अधिकार में है।ये बात शायद हर घर की कहानी होती ही है दोस्तों।
ये सब सुन कर मुझे अच्छा नहीं लग रहा था।जैसे उस की मौजूदगी में मेरा दम घुटने लगा था,मगर मैं सुन रही थी।मुझे लगा,जो वो कहना चाह रही है,मुझे उसे सुनना चाहिये। उसका मन हल्का हो जायेगा,मगर वो तो रूकने का नाम ही नहीं ले रही थी। बोलती ही जा रही थी ,कभी जेठानी, कभी देवरानी की बात ,वग़ैरह वग़ैरह।
मैंने तब उसका हाथ ,अपने हाथ में लेकर कहा ! नीरा नीरा !! थोड़ा शांत हो जाओ।नीरा तुम जानती हो कि तुम्हारी प्राबल्म क्या है ? नीरा जब तुम किसी के घर जाती हो ,उस वक़्त तुम दूसरो की बातों का कूड़ा करकट,अपने सिर पर लाध कर ,अपने ही घर ले आती हो ,जब कि होना तो ये चाहिए कि उनकी सोच का कूड़ा करकट वही ,उनके ही दरवाज़े पर छोड़ कर आया जाये,और अपने घर में बिलकुल साफ़ मन से, दाखिल किया जाये।कभी तुम चाहोगी कि किसी की बातों का,किसी की सोच का कूड़ा करकट अपने घर में लाया जाये।नीरा इक दम सोच में पड़ गई और बोली “न बाबा न !! “कभी भी मैं ऐसा नहीं चाहूँगी।
मैंने कहा! नीरा बस रब पर विश्वास रखो,सब ठीक हो जायेगा।मेरे देखते देखते ही नीरा रोने लगी।
दोस्तों !जिसने सब अपने हाथों से बनाया हो और वो छिन जाये।उसे कैसे महसूस होता है ,उसका ये दर्द मै बख़ूबी समझ पा रही थी।
दोस्तों।मेरा मानना ये है कि हमारे करमो के हिसाब से हमें घर परिवार मिलता है ,तो हम दोष किसे दे?हमारा सब से ज़्यादा लेना देना ,अपने ही परिवार से शुरू होता है कभी भाई बहन ,कभी माँ बाप ,के रूप में क़र्ज़ उतारते हैं ।जिस के साथ हमारा सबसे भारी क़र्ज़ पिछले जन्म में रहा होता है।वही पति या पत्नी बन कर आते है और पति पत्नी के रूप मे दोनों इक दूजे का सारा क़र्ज़ उतारते है।बच्चों के लिए हम दिन रात मेहनत करके सब कुछ करते हैं और हम हंस हंस कर अपना सारा कमाया धन ,उनके ही नाम करके अपना क़र्ज़ उतारते है ।हर कोई लेना देना कर रहा है कोई हंस कर ,कोई रो कर क़र्ज़ा उतार रहा है ।बहुत बार तो पति पत्नी का रिश्ता,प्यार मोहब्बत का होता भी नही ,बस इक दूसरे का क़र्ज़ ही उतार रहे होते है।
दोस्तों ! इक बात याद आ रही है मुझे।इक बार किसी महात्मा के दो सेवक थे।एक के घर बेटी थी और दूसरे के घर में बेटा था।जब दोनों शादी के लायक़ हुये तो महात्मा ने कहा ,इन दोनों की शादी कर दो।जल्दी ही दोनों की शादी हो गई।अभी तीन साल भी नहीं गुजरे थे कि दोनो का तालाक हो गया।लड़की का पिता बहुत दुखी हुआ।दोनों ही महात्मा के पास पहुँच गये।पूछने लगे कि आप की ही मर्ज़ी से ये शादी हुई थी।आप ने हमे पहले कंयू नही बताया कि ये दोनों ऐसे अलग हो जायेंगें।लड़की का पिता कहने लगा! मैंने करोड़ों की पूँजी बेटी की शादी पर खर्च कर दी।अब बहुत दुख लगता है कि मेरा कितना पैसा बर्बाद हो गया और मेरी बेटी का घर भी न बस पाया।महात्मा ने कहा ! इन दोनों का
हिसाब किताब कुछ ऐसा ही था।दोनों ने पूछा ! वो कैसे ?
महात्मा ने कहा! अब जो तुम इक दूसरे के समधी बने हो ,मगर पिछले जन्म मे तुम दोनों सगे भाई थे।जो अब लड़की का पिता है,उसने पिछले जन्म में अपने भाई को ख़ूब ठगा था और बहुत दुखी किया था।जिस भाई को ठगा था ,वो अब इस जन्म में समधी बन कर आया है और उसके यहाँ बेटा हुआ था।जिसने ठगा था उसके यहाँ बेटी
हुई।अब बेटी की शादी पर उसने हंस हंस कर ,खुले दिल से ,भर भर कर लड़के वालों को दिया और अपने पिछले जन्म का क़र्ज़ उतारा।अब बच्चों के तालाक से ,वो पैसा भी बर्बाद हुआ और मन भी दुखी हुआ।
दोस्तों ! भगवान बहुत बड़ा न्यायाधीश है।ठगी से कमाया पैसा हमें लगता है कि वो फल फूल रहा है मगर वक़्त आने पर,उसका बुरा असर हमारे ही बच्चों को भुगतना पड़ता है।
”बेशक ठगी से धन कमाना आसान हो सकता है मगर उस धन से सकून मिल जाए ये नामुमकिन होता है”।
दोस्तों!” मैंने नीरा को तो ये बात बड़ी आसानी से कह दी और समझा भी दी मगर मैं खुद सोचने पर मजबूर हो गई कि कैसे रह लेता है कोई ?
किसी का कुछ चुरा कर ,चाहे वो किसी का पैसा हो ,किसी का हक़ हो,किसी का विश्वास हो या फिर ..किसी का दिल ही कंयू न हो।भला कैसे कोई चैन से सो सकता है किसी को बेचैन करके ?..ये बात हम तो न समझ पाये दोस्तों ,अगर आप को समझ आये तो हमें भी ज़रूर समझा देना 🙏 स्मिता केंथ

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दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाई गई सरदार पटेल की जयंती “एकता दिवस’

 

कानपुर 31 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती *एकता दिवस* के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में आयोजित *रन फॉर यूनिटी* कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि नमामि गंगे विभाग, भाजपा के प्रदेश संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि जनजाति मोर्चा के कानपुर के जिला अध्यक्ष अनूप चौधरी के द्वारा सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। राष्ट्रीय एकता को अखंड रखने हेतु शपथ, रन फॉर यूनिटी, चित्र प्रदर्शनी, भाषण व गीत आदि सांस्कृतिक गतिविधियां एन एस एस वॉलिंटियर्स के द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्राचर्या प्रो. सुनंदा दुबे जी ने इस अवसर पर ‘स्वास्थ्य संसार संस्थान’ के अध्यक्ष प्रमोद श्याम जी के सहयोग से पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश भी छात्राओं को दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय की समस्त प्राध्यापिकायें, छात्राएं तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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आज भी प्रासंगिक लौहपुरुष

31 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बालिका विद्यालय पी.जी. कॉलेज में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 147 वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सुमन के निर्देशन में चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि प्रकाश ने कार्यक्रम का संयोजन किया। महाविद्यालय की एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. चित्रा सिंह तोमर के निर्देशन में एन. एस. एस. इकाई के द्वारा 1 किलोमीटर का ‘रन फॉर यूनिटी’ तथा एन.सी.सी. प्रभारी डॉ. प्रीति यादव के नेतृत्व में एन.सी.सी. कैडेट्स ने मार्च पास्ट तथा परेड के द्वार एकता का संदेश दिया। महाविद्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में छात्रा खुशी ने सभी शिक्षिकाओं के साथ सभी छात्राओं को एकता एवम् अखंडता की शपथ दिलाई। चित्रकला विभाग प्रभारी डॉ. रचना निगम द्वारा एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम पुरस्कार अनुष्का सिंह, द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से रजनेश यादव व निशा सिंह तथा तृतीय पुरस्कार ओमाक्षी पंडित को प्रदान किया गया। इस अवसर पर रोवर्स रेंजर्स प्रभारी डॉ. प्रीति पांडे के निर्देशन में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें शिवानी यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । छात्राओं द्वारा कविता पाठ एवम् देशगान में बढ़ चढ़ कर सहभागिता की गई। आज के कार्यक्रम में प्रो. रेखा चौबे, प्रो. अलका टंडन, प्रो. निशा अग्रवाल, डॉ. मोनिका सहाय, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. शुभा बाजपई, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. अनामिका राजपूत एवम् स्वेता रानी का सक्रिय योगदान रहा।

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मलिन बस्ती के बच्चों के साथ मनाया दीपोत्सव

दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के द्वारा स्वयंसेविकाओ के साथ मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर दीपोत्सव के उपलक्ष में गंगा नदी के किनारे सिविल लाइंस सरसैया घाट स्थित मलिन बस्ती में 22 अक्टूबर को धनतेरस के अवसर पर *गरीब बच्चों को पौष्टिक आहार व मिठाइयां वितरित की गई।*
इस अवसर पर डॉ. संगीता सिरोही को समाज सेवा, शिक्षा एवम् शोध के क्षेत्र मे किए जा रहे हैं विशिष्ट कार्यों के लिए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नमामि गंगे विभाग भाजपा, उत्तर प्रदेश के संयोजक  श्रीकृष्ण दीक्षित “बड़े जी”, स्वदेशी, स्वाबलंबी, आत्मनिर्भर भारत के लिए पूर्वोत्तर राज्य में अलख जगाने वाले ‘स्वदेशी जागरण मंच’ के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य भाई अरुण मुखर्जी के द्वारा सम्मानित भी किया गया।
इसी क्रम में सरसैया घाट पर ही 23 अक्टूबर को आयोजित दीप उत्सव कार्यक्रम में *बच्चों को पटाखे फल-फूल, फ्रूटी व लोकल कुम्हारों के द्वारा बनाए गए मिट्टी के दिये खरीद कर बांटें तथा बच्चों के संग खुशी के क्षण बिताए*। इस अवसर पर वहां उपस्थित सभी लोगों के द्वारा एक साथ मिलकर भजन गाते हुए मां गंगा की आरती भी की गई। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी ने पर्यावरण को साफ स्वच्छ रखने, गंगा को निर्मल रखने तथा प्लास्टिक व कचरा मुक्त भारत के नव निर्माण की शपथ दिलाते हुए सभी से एक दीप स्वच्छता व राष्ट्र के लिए जलवाया।
मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने तथा खुशियों का स्तर बढ़ाने तथा राष्ट्र-निर्माण में इस प्रकार के प्रयासों के किए जाने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम में ‘इनर व्हील क्लब’ की सदस्य बहनो, ‘आरोग्यधाम’ के डॉ हेमंत मोहन, डॉ आरती मोहन, पार्षद दल के नेता यशपाल सिंह, ’मिशन मुस्कान’ के प्रमुख संदीप मिश्रा व वहां उपस्थित सभी वॉलिंटियर्स ने सभी बच्चों तथा बस्ती वासियों के साथ मिलकर हर्षोल्लास के साथ पटाखे चलाते हुए दीपोत्सव मनाया।

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एस एन सेन महाविद्यालय क़ी एन एस एस यूनिट फूलबाग तथा आस पास की मलिन बस्ती की सफ़ाई की गयी एवं प्लास्टिक का कचरा एकत्र किया गया

कानपुर १९ अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन महाविद्यालय क़ी एन एस एस यूनिट कदोमबिनी देवी द्वारा कार्यक्रम अधिकारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर तथा हेल्थ क्लब इंचार्ज डॉ प्रीति सिंह के निर्देशन में फूलबाग तथा आस पास की मलिन बस्ती की सफ़ाई की गयी एवं प्लास्टिक का कचरा एकत्र किया गया! प्रत्येक स्वयमसेवक द्वारा १.o kg प्लास्टिक एकत्रीकरण किया गया! कुल 40kg प्लास्टिक एकत्र किया गया! कार्यक्रम गवर्नमेंट स्कूल की प्रिंसिपल डॉ शर्मिस्था मलिक की उपस्थिति में स्वच्छता ड्राइव किया गया! सम्पूर्ण पार्क एवं गणेश शंकर विद्यार्थी उद्यान एवं बस्ती के आस पास का क्षेत्र से प्लास्टिक एकत्र किया गया! स्वयं सेविकाओं के प्रयास को समस्त क्षेत्र वासियों व गवर्नमेंट प्रतिनिधि महोदया ने बहुत सराहा! कॉलेज क़ी प्राचार्या प्रफ़ेसर सुमन ने को उत्साहित करते हुए कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वयं प्लास्टिक उठाकर किया और एन एस एस यूनिट को क्षेत्र स्वच्छता व प्लास्टिक एकत्रीकरण क़े लिए सराहा

कार्यउपरांत एकत्र किया गया प्लास्टिक वेस्ट मटीरियल नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के पास निस्तारण हेतु भिजवा कर रसीद भी प्राप्त की गयी!महाविद्यालय की एन सी सी प्रभारी ड़ा प्रीति यादव तथा ३० कडेट्स ने सक्रिय सहयोग किया कार्यक्रम में कुल ६० छात्राओं ने हिस्सा लिया।

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डी जी कॉलेज में किया गया प्लोग रन का आयोजन

प्रकृति के हैं दुश्मन तीन प्लास्टिक पाउच पॉलीथिन”

कानपुर 19 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, स्वच्छ भारत अभियान (क्लीन इंडिया)-2* के अंतर्गत डी.जी. कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना की वॉलंटियर्स ने कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में रैली निकालकर तथा पोस्टर व स्लोगन लिखकर जन-जागरूकता करते हुए प्लाग रन किया। इस दौरान *सिंगल यूज प्लास्टिक, पाउच, पॉलिलिथिन* आदि का एकत्रीकरण महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ कर दो टोलियों में अस्पताल घाट मलिन बस्ती तथा नवीन मार्केट तक किया गया। *स्थानीय पार्षद – मनोज पांडे* ने भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए ‘स्वस्थ इंडिया-स्वच्छ इंडिया’ अभियान के अंतर्गत वॉलिंटियर्स के द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्राचार्या प्रो. सुनंदा दुबे जी ने वॉलिंटियर्स को सामुदायिक सेवा व समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित किया। अभियान में कुल 50 छात्राओं ने प्रतिभाग किया इस दौरान छात्राओं के द्वारा लगभग 75 किलो कूड़ा एकत्रित कर उसका यथोचित निस्तारण किया गया। टीम लीडर सौम्या उपाध्याय, आकांक्षा, अभिव्यंजना व कायनात ने प्रशंसनीय कार्य किया।

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संयुक्त विपक्षी मोर्चा के तत्वाधान में एक प्रतिनिधिमंडल कानपुर नगर की समस्याओं को लेकर जिला अधिकारी कानपुर नगर विशाख जी से मिला

कानपुर 15 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, संयुक्त विपक्षी मोर्चा के तत्वाधान में एक प्रतिनिधिमंडल का.सुभाषिनी अली पूर्व सांसद के नेतृत्व में कानपुर नगर की समस्याओं को लेकर जिला अधिकारी कानपुर नगर विशाख जी अय्यर से मिला और कानपुर नगर की ज्वलंत समस्याओं का एक ज्ञापन दिया गया जिसमें जलभराव से होने वाली परेशानियों और उससे उठने वाली बीमारियों के संबंध में तथा नगर निगम चुनाव को देखते हुए वोटर लिस्ट ठीक कराने और वार्ड में मतदाता कैंप लगाने पर बात रखी नगर की जगह जगह-जगह जर्जर सड़क को अविलंब ठीक करा जाने पर जोर दिया महंगी बिजली प्रीपेड स्मार्ट मित्रों की शिकायत की पेयजल में सीवर का गंदा पानी आने से बीमारियां फैल रही है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बद से बदतर और कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव में प्राथमिकता देने और नगर में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए अपनी बात रखी जिस पर जिलाधिकारी श्री विशाल जी अय्यर ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय कानपुर नगर विषय :-कानपुर की जन समस्याओं पर ध्यान आकर्षण हेतु ज्ञापन कानपुर की ज्वलंत समस्याओं पर हम सभी संयुक्त विपक्षी दलों के पदाधिकारी गण आपका ध्यान आकर्षण कराना चाहते हैं ,साथ ही साथ इन समस्याओं का त्वरित निदान कर कानपुर के नागरिकों को गरमा पूर्ण जीवन जीने लायक माहौल देने की आपसे आशा करते हैं ! 1- कानपुर के विभिन्न वार्ड में बीते हुए बरसात के मौसम में भयंकर जलभराव की समस्या लोगों ने देखी है जिसका प्रमुख कारण नालियों का चौक होना गली पीठ का निर्माण ना होना सड़कों के किनारे नालियों का ना होना प्रमुख तौर से है ! 2- जलभराव और गंदगी की वजह से बीमारियां भयंकर रूप से पूरे शहर में दस्तक दे रही है कई मौतें इसके कारण हो चुकी हैं, आगे भी आशंका बनी हुई है नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात बद से बदतर हो रहे हैं उचित इलाज की व्यवस्था का सर्वथा अभाव है शहर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और सफाई की व्यवस्था युद्ध स्तर पर करने की जरूरत है 3- महंगी बिजली ने जहां नागरिकों के आर्थिक हालात जर्जर कर दिए हैं प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनायास भागती चाल ने नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है 4 जर्जर सड़कों ने जहां यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है वही बढ़ती मार्ग दुर्घटनाओं ने नागरिकों के अंदर आक्रोश और सदमे जैसे हालात उत्पन्न कर दिए हैं व्यवसायिक शहर कानपुर का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है 5- राशन की दुकानों में बड़ी संख्या में गरीब वर्ग के राशन कार्डों को रद्द किया जा रहा है, वही राशन की दुकानों को विभाग द्वारा वस्तुओं की आपूर्ति पूरी ना होने के कारण दुकानदार उपभोक्ताओं को वस्तुओं की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं महंगाई ने जनता को भूखे पेट रहने को मजबूर कर दिया है! 6 – जलकल द्वारा कानपुर नगर की जनता को आपूर्ति किए जा रहे पेयजल मैं सीवर का जल मिश्रण होने की पुष्टि कई वार्ड में हुई है और जल विभाग द्वारा यह पेयजल की आपूर्ति का पूरे शहर में कोई निश्चित समय और नियम भी नहीं है जो न्याय संगत नहीं है ! 7 – जैसा की सर्वविदित है नगर निगम के चुनाव निकट है पिछले व वर्तमान अनुभवों से पता चलता है कि विभिन्न वार्डों में कम आय वर्ग की आबादियों में कच्ची मलिन बस्ती इतिहास में रह रहे लोगों का नाम नगर निगम की वोटर लिस्ट से गायब रहते हैं ऐसे में हम लोग मांग करते हैं नगर निगम की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का कार्य बृहद रूप से कैंप लगाकर कराया जाए ! 8 – नगर में बढ़ती बिगड़ती कानून व्यवस्था पर अंकुश लगाने की जरूरत है ताकि सामान्य नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें ! आपसे अपेक्षा है कि उक्त बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए निस्तारण करने का कष्ट करें ! प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री का.सुभाषिनी अली( पूर्व सांसद) ,सुरेश गुप्ता संयोजक) ,श्याम देव सिंह, नरेंद्र कुशवाहा चंचल ,(कांग्रेस )डॉ.इमरान . ,नरेंद्र सिंह पिंटू ठाकुर( सपा) ,,अशोक तिवारी (सी.पी.एम), मोहम्मद उस्मान( रालोद) प्रदीप यादव (राजद ) आर. पी.कनौजिया( सी.पी.आई )प्रशस्त धीर (फॉरवर्ड ब्लॉक) मोहम्मद इरफान( मुस्लिम लीग )सीमा कटिहार उमाकांत मोहम्मद वसी प्रमुख थे

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एस.एन. सेन. पी. जी. बालिका विद्यालय में भारत रत्न भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की ९१वीं जयंती मनाई गई

कानपुर 15 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी . महाविद्यालय में भारत रत्न भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की ९१वीं जयंती रसायन शास्त्र विभाग द्वारा मनाई गई। इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का उद्घाटन भी किया गया. दीप प्रज्वलन व डॉ कलाम के चित्र का माल्यार्पण प्राचार्या डॉ प्रोफेसर सुमन, निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ प्रीती सिंह, विभागाध्यक्षा वनस्पति विज्ञान विभाग व डा. शिवांगी यादव , विभागाध्यक्षा , जंतु विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता का परिणाम इस प्रकार रहा,

प्रथम पुरस्कार: गीतांजलि सिंह एवं शिवांगी झा
द्वितीय पुरस्कार: गरिमा साहू
तृतीय पुरस्कार: श्वेता सिंह
सांत्वना पुरस्कार: वैष्णवी सिंह

महाविद्यालय की शिक्षिकाओं एवं विभाग की छात्राओं ने श्री कलाम जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को शब्दों द्वारा व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रसायन शास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर कु. अमिता सिंह ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्षा डॉ गार्गी यादव ने किया। कार्यक्रम में कु वर्षा सिंह, कु तैयबा, डॉ निशा वर्मा, डॉ. मीना व्यास कीर्ति पांडे, कु. स्नेह आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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निर्जल व्रत अहोई अष्टमी

करवा चौथ व्रत के बाद माता अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस व्रत में माताएं निर्जल व्रत रखते हुए उदय होते तारों को देखकर व्रत का समापन करती हैं। जिस तरह करवाचौथ के व्रत में चंद्रमा का महत्व है, उसी तरह अहोई अष्टमी व्रत में तारों का विशेष महत्व होता है। अहोई अष्टमी करवा चौथ के समान ही है। यह एक सख्त उपवास का दिन है। इस व्रत को रखने वाली महिलाएं पूरे दिन पानी पीने से भी परहेज करती हैं । वे केवल शाम को तारों को देखने और उनकी पूजा करने के बाद ही उपवास तोड़ सकतीं हैं।

यह व्रत माताएं अपने बच्चों की दीर्घायु की कामना के लिए करती हैं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। सुबह उठकर स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें फिर दीवार पर अहोई माता की तस्वीर बनाएं या लगाएं। रोली, चावल और फूलों से माता अहोई की पूजा करें। इसके बाद कलश में जल भरकर माताएं अहोई अष्टमी कथा सुनें। माता अहोई को हलवा पूरी या फिर किसी मिठाई का भोग लगाएं।

अहोई अष्टमी व्रत से संबंधित दो कथाएं प्रचलित हैं:
पहली कथा:-
एक समय एक नगर में एक साहूकार रहता था। उसके सात-सात बेटे- बहुएं और एक बेटी थीं। दीपावाली से कुछ दिन पहले उसकी बेटी अपनी भाभियों संग घर की लिपाई के लिए जंगल से साफ मिट्टी लेने गई। जंगल में मिट्टी निकालते वक्त खुरपी से एक स्याहू का बच्चा मर गया। इस घटना से दुखी होकर स्याहू की माता ने साहूकार की बेटी को कभी भी मां न बनने का शाप दे दिया। उस शाप के प्रभाव से साहूकार की बेटी का कोख बंध गया। इस शाप से साहूकार की बेटी दुखी हो गई और उसने अपनी भाभियों से कहा कि उनमें से कोई भी ए​क भाभी अपनी कोख बांध ले। ननद की बात सुनकर सबसे छोटी भाभी तैयार हो गई। उस शाप के दुष्प्रभाव से उसकी संतान केवल सात दिन ही जिंदा रहती थी। जब भी वह कोई बच्चे को जन्म देती, वह सात दिन में ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता था। वह परेशान होकर एक पंडित से मिली और उपाय पूछा। जब पंडित ने उन्हें सलाह दी कि सुरही गाय की सेवा करें। पंडित की सलाह मानकर उसने सुरही गाय की सेवा करनी शुरू की। उसकी सेवा से प्रसन्न गाय उसे एक दिन स्याहू की माता के पास ले जाती है। रास्ते में गरुड़ पक्षी के बच्चे को सांप मारने वाला होता है, लेकिन साहूकार की छोटी बहू सांप को मारकर गरुड़ पक्षी के बच्चे को जीवनदान देती है। तब तक उस गरुड़ पक्षी की मां आ जाती है। वह पूरी घटना सुनने के बाद उससे प्रभावित होती है और उसे स्याहू की माता के पास ले जाती है। स्याहू की माता जब साहूकार की छोटी बहू की परोपकार और सेवाभाव की बातें सुनती है तो प्रसन्न होती है। फिर उसे सात संतान की माता होने का आशीर्वाद देती हैं। आशीर्वाद के प्रभाव से साहूकार की छोटी बहू को सात बेटे होते हैं, जिससे उसकी सात बहुएं होती हैं। उसका परिवार बड़ा और भरापूरा होता है। वह सुखी जीवन व्यतीत करती हैं।

दूसरी कथा:-
अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा:
बहुत पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान तथा बुद्धिमान थी। उसके कई पुत्र-पुत्रियां थी परंतु वे सभी बाल्यावस्था में ही परलोक सिधार चुके थे। दोनों पति-पत्नी संतान न रह जाने से व्यथित रहते थे। वे दोनों प्रतिदिन मन में सोचते कि हमारे मर जाने के बाद इस अपार धन-संपदा को कौन संभालेगा!
एक बार उन दोनों ने निश्चय किया कि वनवास लेकर शेष जीवन प्रभु-भक्ति में व्यतीत करें। इस प्रकार वे दोनों अपना घर-बार त्यागकर वन की ओर चल दिए। रास्ते में जब थक जाते तो रुक कर थोड़ा विश्राम कर लेते और फिर चल पड़ते। इस प्रकार धीरे-धीरे वे बद्रिका आश्रम के निकट शीतल कुण्ड जा पहुंचे। वहाँ पहुँचकर दोनों ने निराहार रह कर प्राण त्यागने का निश्चय कर लिया।
इस प्रकार निराहार व निर्जल रहते हुए उन्हें सात दिन हो गए तो आकाशवाणी हुई कि तुम दोनों प्राणी अपने प्राण मत त्यागो। यह सब दुःख तुम्हें तुम्हारे पूर्व पापों के कारण भोगना पड़ा है। यदि तुम्हारी पत्नी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अहोई अष्टमी को अहोई माता का व्रत और पूजन करे तो अहोई देवी प्रसन्न होकर साक्षात दर्शन देगी। तुम उनसे दीर्घायु पुत्रों का वरदान मांग लेना। व्रत के दिन तुम राधाकुण्ड में स्नान करना। चन्द्रिका ने आकाशवाणी के बताए अनुसार विधि-विधान से अहोई अष्टमी को अहोई माता का व्रत और पूजा-अर्चना की और तत्पश्चात राधाकुण्ड में स्नान किया। जब वे स्नान इत्यादि के बाद घर पहुँचे तो उस दम्पत्ति को अहोई माता ने साक्षात दर्शन देकर वर मांगने को कहा। साहूकार दम्पत्ति ने हाथ जोड़कर कहा, हमारे बच्चे कम आयु में ही परलोक सिधार जाते है। आप हमें बच्चों की दीर्घायु का वरदान दें। तथास्तु! कहकर अहोई माता अंतर्ध्यान हो गई। कुछ समय के बाद साहूकार दम्पत्ति को दीर्घायु पुत्रों की प्राप्ति हुई और वे सुख पूर्वक अपना गृहस्थ जीवन व्यतीत करने लगे। करवा चौथ के समान ही इस व्रत का भी बहुत महत्व है।

~प्रियंका वर्मा महेश्वरी 

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