Breaking News

मनोरंजन

55वें आईएफएफआई में आयोजित पहली पैनल चर्चा में महिला सुरक्षा और सिनेमा पर चर्चा की गई

55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) की पहली पैनल चर्चा आज महिला सुरक्षा और सिनेमा पर बातचीत के साथ शुरू हुई। प्रसिद्ध अभिनेत्री और निर्माता वाणी त्रिपाठी टिक्कू द्वारा संचालित इस सत्र में फिल्म निर्माता इम्तियाज अली, अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम, खुशबू सुंदर और भूमि पेडनेकर सहित पैनलिस्ट एक साथ आए। उन्होंने फिल्म उद्योग में महिलाओं की सुरक्षा, लैंगिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक मूल्यों को आकार देने में सिनेमा की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

पैनलिस्टों ने व्यक्तिगत अनुभव और सोच साझा की कि कैसे फिल्म उद्योग महिलाओं को पर्दे पर और पर्दे के पीछे बेहतर तरीके से समर्थन कर सकता है और सशक्त बना सकता है। उन्होंने एक सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया जहां सिनेमा में महिलाएं उत्पीड़न या शोषण की चिंता किए बिना स्वतंत्र रूप से काम कर सके।

चर्चा का एक महत्वपूर्ण भाग इस बात पर केंद्रित था कि अगर कोई अपराधी पहचाना जाता है तो फिल्म सेट को किस तरह से पेश आना चाहिए। पैनलिस्ट इस बात पर सहमत हुए कि कार्यस्थल पर लैंगिक अन्याय के प्रति सहनशीलता अब स्वीकार्य नहीं है। सुहासिनी मणिरत्नम ने अपना अनुभव साझा किया कि कैसे पुरुष अभिनेता अक्सर सेट पर आते हैं और दृश्यों में बदलाव का सुझाव देते हैं ऐसा महिलाओं के साथ शायद ही कभी होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी अपने दृश्यों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने प्रतिनिधित्व में निष्क्रिय भागीदार बनने के बजाय बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि उद्योग के पेशेवरों के लिए क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले कार्य संबंधी नैतिकता को समझना आवश्यक है।

इम्तियाज अली ने एक ऐसा कार्य संस्कृति बनाने के महत्व पर जोर दिया जहां सेट पर महिलाएं केवल कला पर ध्यान केंद्रित कर सकें बिना इस बात की चिंता किए कि उनके साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माता सेट पर लैंगिक अन्याय के प्रति सहनशील नहीं हो सकते हैं।

इस बातचीत में फिल्मों में महिलाओं के चित्रण और यह कैसे उनके लिए एक सुरक्षित स्थान के निर्माण को सीधे प्रभावित करता है इस पर भी चर्चा हुई। भूमि पेडनेकर ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की गरिमा और उन्हें पर्दे पर जिस तरह से दिखाया जाता है वह एक सम्मानजनक और सशक्त वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

खुशबू सुंदर ने कहा कि उनका ध्यान मनोरंजक फिल्में बनाने पर है, लेकिन वह ऐसा जिम्मेदारी से करती हैं यह सुनिश्चित करते हुए कि उनके काम में समानता और सम्मान के सिद्धांतों से समझौता न हो। पैनलिस्ट सामूहिक रूप से इस बात पर सहमत हुए कि महिलाओं को गरिमा के साथ चित्रित करना केवल चरित्र के बारे में नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर उद्योग के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करने के बारे में है।

चर्चा में दर्शकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। दर्शकों ने सिनेमा में महिलाओं की उभरती भूमिका और कैसे उद्योग उनकी सुरक्षा या गरिमा से समझौता किए बिना उन्हें सफल होने के लिए जगह बनाना जारी रख सकता है इस बारे में सवाल पूछे।

आईएफएफआई 2024 के पहले पैनल के रूप में, इस बातचीत ने एक ऐसे उत्सव की शुरुआत की, जो न केवल सिनेमा की कला का उत्सव मनाता है बल्कि सभी के लिए एक सुरक्षित, अधिक समावेशी भविष्य को आकार देने में उद्योग की जिम्मेदारी की भी आलोचनात्मक जांच करता है।

Read More »

82 युवा कलाकारों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया

वर्ष 2022 और 2023 के असाधारण विजेताओं को सम्मानित करने के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार समारोह का उद्घाटन संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री अरुणीश चावला; सुश्री उमा नंदूरी, संयुक्त सचिव, संस्कृति मंत्रालय; संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष श्री जोरावर सिंह जादव; संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा और संगीत नाटक अकादमी के सचिव श्री राजू दास ने किया।

डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में 82 युवा कलाकारों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री अरुणीश चावला ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “यह देखकर खुशी हो रही है कि इस वर्ष के पुरस्कार विजेता भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो देश के हर कोने, हर क्षेत्र, हर राज्य और हर समुदाय की अनूठी विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस पुरस्कार के माध्यम से, संगीत नाटक अकादमी और भारत सरकार ने प्रदर्शन कला में उनके असाधारण योगदान को मान्यता दी है।”

पुरस्कार समारोह के बारे में बोलते हुए, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने कहा, “यह देखना वास्तव में खुशी की बात है कि आज के युवा नर्तक किस तरह अपनी कला के प्रति इतनी लगन से समर्पित हो गए हैं। विकल्पों की प्रचुरता, वैश्वीकरण के प्रभाव और आधुनिक दुनिया की विकर्षणों के बावजूद, इन युवाओं ने आत्मविश्वास से अपना रास्ता चुना है। वे अपनी कला में महारत हासिल करने के लिए अथक प्रयास करते हैं और वह भावना आज यहां पुरस्कार विजेताओं में स्पष्ट झलकती है।”

पुरस्कार समारोह के बाद, 22 से 26 नवंबर, 2024 तक तीन अलग-अलग स्थानों – मेघदूत थिएटर कॉम्प्लेक्स, रवींद्र भवन, कोपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली; अभिमंच थिएटर, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, भावलपुर हाउस, नई दिल्ली और विवेकानंद ऑडिटोरियम, कथक केंद्र, चाणक्यपुरी में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के विजेताओं की प्रस्तुति के लिए प्रदर्शन कला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

 

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार

संगीत नाटक अकादमी ने 40 वर्ष की आयु तक के युवा प्रदर्शन कला साधकों के लिए वर्ष 2006 में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के नाम पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार (यूबीकेयूपी) की स्थापना की। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार हर साल संगीत, नृत्य, नाटक, लोक और आदिवासी कला और कठपुतली के क्षेत्र में उत्कृष्ट युवा कलाकारों को दिल्ली और दिल्ली के बाहर आयोजित एक विशेष समारोह में दिया जाता है। युवा पुरस्कार के तहत 25,000/- रुपये (केवल पच्चीस हजार रुपये) की राशि, एक पट्टिका और एक अंगवस्त्रम प्रदान किया जाता है।

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार को शुरू करने के पीछे का उद्देश्य देश के संगीत, नृत्य, नाटक, लोक और आदिवासी कला रूपों और अन्य संबद्ध प्रदर्शन कला रूपों के क्षेत्र में युवा कलाकारों को प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

वर्ष 2022 और 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

वर्ष 2022 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ युवा पुरस्कार

कला का क्षेत्रः संगीत -10

  1. समित मल्लिक हिंदुस्तानी गायन
  2. समर्थ जानवे हिंदुस्तानी गायन
  3. संगीत मिश्रा हिंदुस्तानी वाद्य संगीत (सारंगी)
  4. पार्थो रॉय चौधुरी हिंदुस्तानी वाद्य संगीत (संतूर)
  5. गायत्री कर्नाटक गायन
  6. आइ. श्वेता प्रसाद कर्नाटक गायन
  7. बी. अनंता कृष्णन कर्नाटक वाद्य संगीत (वायलिन)
  8. सहाना एस. वी. कर्नाटक वाद्य संगीत (वीणा)
  9. मनोज राय रचनात्मक एवं प्रायोगिक संगीत
  10. नंदिनी राव गुजर संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएँ (सुगम संगीत)

कला का क्षेत्रः नृत्य -10

  1. मंदाक्रांता रॉय भरतनाट्यम
  2. कदम पारिख कथक
  3. ऊर्मिका माइबम मणिपुरी
  4. टी. रेड्डी लक्ष्मी कूचिपूड़ी
  5. आरूपा गायत्री पाण्डा ओडिसी
  6. डिम्पी बैश्य सत्रिय
  7. अक्षरा एम. दास मोहिनीआट्टम
  8. प्रद्युम्न कुमार मोहंता छऊ
  9. मिंगमा दोर्जी लेप्चा रचनात्मक एवं प्रायोगिक नृत्य
  10. अपर्णा नांगियार नृत्य एवं नृत्य नाट्य की अन्य प्रमुख परंपराएँ (नांगियारकुथु)

कला का क्षेत्रः रंगमंच– 08

  1. बेलुरु रघुनंदन नाट्य लेखन
  2. ईफ़रा मुश्ताक़ काक नाट्य निर्देशन
  3. हरिशंकर रवि नाट्य निर्देशन
  4. हरविंदर सिंह नाट्य अभिनय
  5. कुमार रविकांत नाट्य अभिनय
  6. सिद्धि उपाध्ये नाट्य अभिनय
  7. मुकुंद नाथ माइम (मूक अभिनय)
  8. संगीत श्रीवास्तव संबद्ध नाट्य कलाएँ (प्रकाश विन्यास)

कला का क्षेत्रः अन्य पारंपरिक/लोक/जनजातीय नृत्य/संगीत/नाट्य और पुतुल कला – 11

  1. लता तिवारी एवं संजय दत्त पांडे (संयुक्त पुरस्कार), लोक संगीत एवं नृत्य, उत्तराखंड
  2. चाउ साराथम नामचूम लोक संगीत, अरुणाचल प्रदेश
  3. समप्रिया पूजा लोक संगीत एवं नृत्य, छत्तीसगढ़
  4. सूर्यवंशी प्रमिला कौतिकराव लोक नृत्य (लावणी), महाराष्ट्र
  5. कुमार उदय सिंह लोक नृत्य, बिहार
  6. नसरुल्ला ईपीआइ लोक नृत्य, लक्षद्वीप
  7. बिनीता देवी पुतुल कला, असम
  8. महेश आबा सतरकर लोक नृत्य, गोवा
  9. वसावा मुकेशभाई एम. लोक नृत्य, गुजरात

10. गुलज़ार अहमद भट्ट लोक नृत्य, जम्मू-कश्मीर

11. मोइरांथेम केन्द्रा सिंह नट संकीर्तन, मणिपुर

कला का क्षेत्रः प्रदर्शन कला में समग्र योगदान/विद्वत्ता– 1

  1. अनुत्तमा मुरला प्रदर्शन कला में समग्र योगदान

वर्ष 2023 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ युवा पुरस्कार

कला का क्षेत्रः संगीत -10

  1. अनुजा झोकरकर हिंदुस्तानी गायन
  2. मोनिका सोनी हिंदुस्तानी गायन
  3. ऋषि शंकर उपाध्याय हिंदुस्तानी वाद्य संगीत (पखावज)
  4. सारंग राजन कुलकर्णी हिंदुस्तानी वाद्य संगीत (सरोद)
  5. एस. आर. विनय शर्व कर्नाटक गायन
  6. रामकृष्ण मूर्ति कर्नाटक गायन
  7. अक्षय अनंतपद्मनाभन कर्नाटक वाद्य संगीत (मृदंगम)
  8. सैखोम पिंकी देवी रचनात्मक एवं प्रायोगिक संगीत
  9. सत्यवती मुडावत रचनात्मक एवं प्रायोगिक संगीत
  10. नागेश शंकरराव अडगांवकर संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएँ (अभंग)

कला का क्षेत्रः नृत्य -10

  1. अपूर्वा जयरमण भरतनाट्यम
  2. मेघरंजनी मेडी कथक
  3. कलामंडलम विपीन शंकर कथकलि
  4. पुखराम्बम रीपा देवी मणिपुरी
  5. मुरमल्ला सुरेंद्र नाथ कूचिपूड़ी
  6. देबाशीष पटनायक ओडिसी
  7. मुकुंद सैकिया सत्रिय
  8. विद्या प्रदीप मोहिनीआट्टम
  9. सुनीता महतो छऊ
  10. वेंकटेश्वरन कुप्पुस्वामी नृत्य संगीत

कला का क्षेत्रः रंगमंच– 08

  1. प्रियदर्शिनी मिश्रा नाट्य लेखन
  2. बेन्दांग वॉलिंग नाट्य निर्देशन
  3. शुभोजीत बनर्जी नाट्य निर्देशन
  4. ऋतुजा राजन बागवे नाट्य अभिनय
  5. विपन कुमार नाट्य अभिनय
  6. श्रुति सिंह नाट्य अभिनय
  7. मल्लिकार्जुन राव बचाला सम्बद्ध नाट्य कलाएँ (रूप विन्यास)
  8. पुनीत डिमरी और अमित खंडूरी

(संयुक्त पुरस्कार) रंगमंच की अन्य प्रमुख परंपराएँ (रामलीला)

कला का क्षेत्रः अन्य पारंपरिक/लोक/जनजातीय नृत्य/संगीत/नाट्य और पुतुल कला – 11

  1. अंगदी भास्कर लोक संगीत (दप्पलु), तेलंगाना
  2. आलोक बिशोई लोक नृत्य एवं संगीत, ओडिशा
  3. एम प्रकाश लोक नृत्य, पुडुचेरी
  4. पद्मा डोलकर लोक संगीत और नृत्य, लद्दाख
  5. सुखराम पाहन लोक संगीत, झारखंड
  6. यूसुफ खान मेवाती जोगी लोक संगीत, राजस्थान
  7. कलामंडलम रवि शंकर टी. एस. लोक वाद्य (चेंडा), केरल
  8. दीक्षित कुशल मनवंतराय लोक नृत्य, गुजरात
  9. प्रियंका शक्ति ठाकुर पारंपरिक रंगमंच, महाराष्ट्र
  10. अनुरीत पाल कौर लोक संगीत, पंजाब
  11. चारु शर्मा लोक संगीत, हिमाचल प्रदेश

कला का क्षेत्रः प्रदर्शन कला में समग्र योगदान/विद्वत्ता – 1

  1. लक्ष्मीनारायण जेना, प्रदर्शन कला में समग्र योगदान

Read More »

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) 2024 में फिल्म बाजार के व्यूइंग रूम में 208 फिल्में दिखाई जाएंगी

गोवा में 20 से 28 नवंबर तक आयोजित किए जा रहे 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, 18वां फिल्म बाजार भी 20 से 24 नवंबर तक चलेगा, जो फिल्म निर्माताओं और फिल्म उद्योग के पेशेवरों को आपस में जुड़ने, सहयोग करने और अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए व्यापक मंच प्रदान करेगा।

इस साल, व्यूइंग रूम मैरियट रिज़ॉर्ट में आ गया है, जिसमें भारत और दक्षिण एशिया की बेहतरीन गुणवत्ता वाली फ़िल्मों की एक समृद्ध श्रृंखला है। फिल्मों के वितरण और उन्हें फाइनेंस करने की तलाश कर रहे फ़िल्म निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में डिज़ाइन किया गया, व्यूइंग रूम उन फ़िल्मों को प्रदर्शित करेगा, जो पूरी हो चुकी हैं या बनने के अंतिम चरण में हैं। इससे वैश्विक स्तर पर फ़िल्म प्रोग्रामर, वितरक, बिक्री एजेंट और निवेशकों को आपस में जुड़ने का मौक़ा मिलेगा। व्यूइंग रूम 21 से 24 नवंबर तक उपलब्ध रहेगा।

इस साल की व्यूइंग रूम लाइब्रेरी में 208 फिल्में देखने के लिए उपलब्ध होंगी , जिनमें से 145 फ़ीचर फ़िल्में, 23 मध्यम अवधि की फ़िल्में और 30 लघु फ़िल्में हैं। फ़ीचर और मध्यम लंबाई की फिल्मों की कुल सूची में एनएफडीसी द्वारा निर्मित और सह-निर्मित बारह फ़िल्में भी शामिल हैं, और एनएफडीसी-एनएफएआई के सहयोग से बनी 10 पुनः निर्मित (रिस्टॉर्ड) क्लासिक फ़िल्में भी शामिल हैं। व्यूइंग रूम में जमा की गई 30-70 मिनट अवधि वाली फिल्मों को मध्यम लंबाई वाली फ़िल्म श्रेणी में दिखाया जाता है और 30 मिनट से कम अवधि वाली फ़िल्में लघु फ़िल्म श्रेणी में होंगी।

फिल्म बाज़ार की अनुशंसाएं (एफबीआर)

फिल्म बाजार अनुशंसा (एफबीआर) सूची में 27 फिल्म प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है, जिनमें 19 फीचर फिल्में, मध्यम अवधि की 3 फिल्में, 2 लघु फिल्में और 3 पुनः निर्मित क्लासिक फिल्में शामिल हैं।

एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक पृथुल कुमार का कहना है, “हम एफबीआर के लिए चयन की घोषणा करते हुए रोमांचित हैं, जो फिल्म निर्माताओं की रचनात्मकता और जुनून को दर्शाता है। यह पहल केवल फिल्मों को मान्यता देने के बारे में नहीं है, बल्कि कहानीकारों को उनके दृष्टिकोण से दुनिया को जानकारी साझा करने के लिए सशक्त बनाने के बारे में है। हम फिल्म की परिवर्तनकारी शक्ति में विश्वास करते हैं और अगली पीढ़ी के कलाकारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि वे अपने अभिनय और शैली से दर्शकों को प्रेरित और उनका मनोरंजन करते हैं।”

एफबीआर से चयनित फिल्म प्रोजेक्ट्स को फिल्म बाज़ार में एक खुले सत्र के दौरान निर्माताओं, बिक्री एजेंटों, वितरकों,  फिल्म महोत्सव से जुड़े लोगों और संभावित निवेशकों सहित फिल्म उद्योग के पेशेवरों के समक्ष अपनी फिल्में पेश करने का मौका मिलेगा। व्यूइंग रूम से फ़ीचर, मध्यम और लघु अवधि की फिल्में बनाने वाले निर्माता, फ़िल्म बाज़ार के दौरान एक खुले सत्र में बिक्री एजेंटों, वितरकों और संभावित निवेशकों के सामने अपनी फ़िल्मों का प्रदर्शन  करेंगे । फ़िल्मों की पूरी सूची यहां देखें-

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एफबीआर सूची या व्यूइंग रूम में शामिल फिल्मों को उनके अपने लिए या प्रचार सामग्री में फिल्म बाजार के लोगों (प्रतीक चिन्ह) का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

फिल्म बाज़ार के बारे में

फिल्म बाज़ार एक खुला मंच है, जिसका उद्देश्य दक्षिण एशियाई फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देना है। फिल्म बाज़ार में व्यूइंग रूम एक सशुल्क मंच (पेड प्लेटफॉर्म) है, जहां फिल्म निर्माता एक निश्चित धनराशि का भुगतान कर व्यक्तिगत रूप से अपनी फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों, विश्व बिक्री एजेंटों और खरीदारों के सामने प्रचार करते हैं।

व्यूइंग रूम एक ऐसा सीमित प्रतिबंधित क्षेत्र है, जो विक्रेताओं (फिल्म निर्माताओं) को दुनिया भर के खरीदारों (फिल्म प्रोग्रामर, वितरक, विश्व बिक्री एजेंट और निवेशक) से जोड़ता है। ‘खरीदारों’ की क्षमता का निर्धारण फिल्म बाज़ार की टीम उनकी प्रोफाइल के आधार पर करती है। ये खरीदार विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए व्यूइंग रूम सॉफ़्टवेयर के माध्यम से फिल्मों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ फिल्म निर्माताओं से संपर्क करने में सक्षम होंगे।

Read More »

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय एकता दिवस की पूर्व-संध्या पर ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज यहां सरुसजाई खेल परिसर से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई। ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ की पूर्व-संध्या पर आयोजित इस दौड़ में श्री सोनोवाल ने देश को एकजुट करने और एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की नींव रखने में सरदार वल्लभ भाई पटेल के अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री के साथ असम सरकार के मंत्री श्री केशव महंत और गुवाहाटी के सांसद श्री बिजुली कलिता मेधी भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के साथ मिलकर असम सरकार के सहयोग से किया था।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को बहाल किया और एक मजबूत और समृद्ध भारत की नींव रखी। उनकी जयंती की पूर्व-संध्या पर, हम राष्ट्रीयता के विचार को घर तक पहुंचाने के लिए ‘रन फॉर यूनिटी’ मना रहे हैं। देश को एकीकृत करने और एकीकृत करने में सरदार पटेल के अमूल्य योगदान ने भारत की गाथा को आकार देने के लिए एक मजबूत आधार सुनिश्चित किया। इस नींव की बदौलत हम 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। सरदार पटेल के आशीर्वाद से, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आदर्श वाक्य के साथ देश का नेतृत्व कर रहे हैं। आप सभी को, विशेषकर युवाओं को इस ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से सरदार पटेल के महान आदर्शों का जश्न मनाते हुए देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत रत्न सरदार पटेल का चिरस्थायी योगदान देश के प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करता रहेगा।”

इस दौड़ में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें युवाओं और स्कूली छात्रों की भागीदारी सबसे ज़्यादा थी। धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, सरुसजाई स्टेडियम के चारों ओर बनाए गए रन-इन ट्रेल का अनुसरण करते हुए इसे पूरा किया और दौड़ के विचार के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता दिवस के विचार के साथ जुड़ने की अपनी इच्छा व्यक्त की।

वर्ष 2015 से 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देश के लोग राष्ट्रवाद के महान प्रतीक को याद करते हैं और भारत की एकता और अखंडता की शपथ लेते हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ के दौरान दीपावली के त्यौहार के अवसर पर 31 अक्टूबर के बजाय आज ‘रन फॉर यूनिटी’ का उत्सव मनाने का आह्वान किया था।

Read More »

क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय में थियेटर प्रोग्राम कोर्स (एड ऑन थियेटर इन एक्टिंग स्किल,थियेटर,ओरिनेंटेशन, डिक्शन) संपन्न

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय कानपुर के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में 6 दिनों से चल रहे थियेटर प्रोग्राम कोर्स जिसका विषय “एड ऑन थियेटर इन एक्टिंग स्किल,थियेटर,ओरिनेंटेशन, डिक्शन ” के अन्तिम दिवस में प्राचार्य एवम कार्यक्रम संरक्षक जोसेफ डेनियल के मार्गदर्शन एवम दिशानिर्देश से समापन समारोह के उपलक्ष में एक बहुचर्चित हास्यात्मक नाट्य “अंधेर नगरी चौपट राजा” जोकि प्रो. विभांशु वैभव की कल्पना से ओत–प्रोत और प्रतिभाशाली निर्देशन के द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमे रित्विक(चौपट राजा), कांची(मंत्री), सुंदरम(फरियादी), आर्यन(कल्लू बनिया), मनुज(महंत), नागेंद्र(कोतवाल), वैष्णवी(गोवर्धनदास), उर्वशी(नारायणदास)ओजश्विनी, यशस्वी (दरबान), तनिस्का(भिस्तीवाला) जैसे किरदारों ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को हँसा हँसा कर लोट पोट कर दिया। प्रो.विभांशु ने नाट्य प्रस्तुति के बारे में बात करते हुए कहा ” इसी लिए नाट्यशास्त्र और रंगमंच को पंचम वेद की श्रेणी में रखा गया है प्रतिभागियो को इसी प्रकार अपनी प्रतिभा का अवलोकन करते रहना चाहिए “साथ ही प्रतिभागियों को इसी प्रकार से निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा और आशीर्वाद दिया। मुख्य अतिथि मिसेज सुसी जोसेफ ने नाट्य प्रस्तुति की तारीफ करते हुए कहा की ” इस प्रकार की नाट्य प्रस्तुति बच्चों के व्यक्तित्व के विकास में संजीवनी का कार्य करती है। “महाविद्यालय के प्राचार्य एवम कार्यक्रम संरक्षक प्रो. जोसेफ डेनियल जी ने कहा  “प्रतिभागियों का नाट्य रंगमंच के प्रति ये रुझान और उनकी कर्तव्यनिष्ठा उनके उज्ज्वल भविष्य कि कुंजी बनेगी ” कार्यक्रम संयोजक प्रो. मीत कमल ने बीते छह दिनों से चल रहे एड ऑन थियेटर कार्यक्रम का संपूर्ण लेखाजोखा देते हुए कहा “बच्चों ने पूरे सप्ताह अपनी कला और मंचन को निखारने का काम किया है और आगे भी करते रहेंगे “
कार्यक्रम सह संयोजक डॉ प्रेरणा दीक्षित जी ने कार्यक्रम की सफलता के पश्चात धन्यवाद ज्ञापन दिया! हास्य एवम उमंगों से भरपूर के इस नाट्य प्रस्तुति ने ‘कभी किसी लोभ मोह से ग्रसित प्रलोभन में नही पड़ना चाहिए’ ऐसी सीख देते हुए सबके दिलों को जीत लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मिसेज सुसी जोसेफ, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल, उप प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद्रा, कार्यक्रम संयोजक प्रो. मीत कमल, सह संयोजक डॉ प्रेरणा दीक्षित, डॉ अर्चना वर्मा तथा कोर्स में प्रतिभागी छात्र -छात्रायें एवम उन सभी के अभिभावकगण , अन्य अतिथिगण छात्र कोऑर्डिनेटर कांची त्रिपाठी, सुंदरम मिश्रा, आर्यन जयसवाल एवम महाविद्यालय शिक्षकगण एवम छात्र– छात्रा मौजूद रहे।।

Read More »

मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए तैयार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी अधिनियम2013 के अधीन  धारा कंपनी के रूप में एनीमेशनविजुअल इफेक्ट्सगेमिंगकॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसीएक्सआरके लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओईकी स्थापना को मंजूरी प्रदान की हैजिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय उद्योग परिसंघ भारत सरकार के साथ भागीदार के रूप में उद्योग निकायों का प्रतिनिधित्व करेंगे। एनसीओई की स्थापना मुंबईमहाराष्ट्र में की जाएगी और यह देश में एक एवीजीसी कार्य बल की स्थापना के लिए केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री की वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा के अनुसरण में है।

एवीजीसीएक्सआर क्षेत्र आज मीडिया और मनोरंजन के पूरे क्षेत्र में अपरिहार्य भूमिका निभाता हैजिसमें फिल्म निर्माणओवर द टॉप (ओटीटीप्लेटफॉर्म, गेमिंगविज्ञापन तथा  स्वास्थ्यशिक्षा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल हैंइस प्रकार देश की विकास गाथा की समग्र संरचना को समेटे हुए है। तेजी से विकसित हो रही तकनीक और पूरे देश में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथसाथ सबसे सस्ती डेटा दरों सहितवैश्विक स्तर पर एवीजीसीएक्सआर का उपयोग तेजी से बढ़ने को तैयार है।

एवीजीसीएक्सआर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना

इस तेज गति को बनाए रखने के लिएदेश में एवीजीसीएक्सआर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के शीर्ष संस्थान के रूप में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा रही है। एनसीओई शौकिया और पेशेवर दोनों को अत्याधुनिक एवीजीसीएक्सआर तकनीकों के नवीनतम कौशलों से लैस करने के लिए विशेष प्रशिक्षणसहशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने के साथसाथ,अनुसंधान एवं विकास को भी बढ़ावा देगा और कंप्यूटर विज्ञानइंजीनियरिंगडिजाइन और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा जो एवीजीसीएक्सआर क्षेत्र में बड़ी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। यह राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र घरेलू उपयोग और वैश्विक आउटरीच दोनों के लिए भारत के आईपी के निर्माण पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित करेगाजिससे कुल मिलाकर भारत की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कॉन्टेंट का सृजन होगा। इसके अलावाएनसीओईएवीजीसीएक्सआर क्षेत्र में स्टार्टअप और शुरुआती अवस्था वाली  कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें संसाधन प्रदान करते हुए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में कार्य करेगा। साथ हीएनसीओई केवल एक अकादमिक उत्प्रेरक के रूप में ही नहींबल्कि उत्पादन/उद्योग उत्प्रेरक के रूप में भी काम करेगा।

एनसीओई को एवीजीसीएक्सआर उद्योग के विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित किए जाने से यह देश के सभी हिस्सों के युवाओं के लिए रोजगार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक के रूप में काम करेगा। इससे रचनात्मक कला और डिजाइन क्षेत्र को बहुत बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत पहल के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए भारत को एवीजीसीक्सआर गतिविधियों का केंद्र बनाया जा सकेगा।

एवीजीसीएक्सआर के लिए एनसीओई भारत को अत्याधुनिक कॉन्टेंट उपलब्ध कराने वाले कॉन्टेंट हब के रूप में स्थापित करेगाजिससे वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ेगी और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के प्रति विदेशी निवेश आकर्षित होगा।

Read More »

शान ए अवध के बैनर तले संगीत का समागम हुआ

भारतीय स्वरूप संवाददाता लखनऊ स्थित होटल पिनेकल में शान ए अवध के बैनर तले नए पुराने गीतों के साथ संगीत की बेहतरीन महफिल सजी, जिसमे गायकी के शौकीनों ने अपनी कला से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस संगीतमय कार्यक्रम में हिंदुस्तान के विभिन्न कोनो से लोग आए और अपनी कला का जौहर दिखाया

संगीत के इस कार्यक्रम का शुभारम्भ माता सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, सूरों  के महारथियों ने गायकी के जलवे बिखेरे। नए पुराने गीतों के साथ पूरे दिन सुरों की गंगा यमुना बही,

अत्यंत ही खुशनुमा माहौल में गायक गायिका अपने गीत गाने के बाद दूसरों के लिए श्रोता भी थे एक दूसरे की गायकी को मंत्रमुग्ध से सुनते साथ में नाचते गाते रहे, अलग अलग गायकों के गाए गीतों से पूरा प्रांगण संगीतमय हो गया लोगों से बात करने पे उन्होंने कहा कि वक्त का पता ही नहीं चला कब सुबह से रात हो गई।

 

ज्यादा खबरों के लिए नीचे दिए लिंक पे क्लिक करें।

www.bharatiyaswaroop.com

अतुल दीक्षित  “सम्पादक मुद्रक स्वामी”

दैनिक भारतीय स्वरूप 📱 9696469699

Read More »

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने पैरा-बैडमिंटन दल को सम्मानित किया, असाधारण प्रदर्शन के लिए खिलाडियों की प्रशंसा की

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में भारतीय पैरा-बैडमिंटन दल को भारत लौटने पर सम्मानित किया। भारत ने जीते गए कुल पदकों के मामले में पैरा बैडमिंटन में: पेरिस पैरालिंपिक खेल 2024 में 5 पदक (1 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) के साथ अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
पैरा एथलीटों को संबोधित करते हुए, डॉ. मांडविया ने उनकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “आपने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। आपके समर्पण और भावना ने भारतीय खेलों के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है।”

उन एथलीटों के लिए जो पदक से चूक गए, डॉ. मांडविया ने प्रोत्साहन के शब्द व्यक्त करते हुए कहा, “हमने पदक नहीं खोए हैं, हमने अमूल्य अनुभव प्राप्त किया है  मुझे विश्वास है कि भविष्य के पैरालिंपिक खेलों में हमारी पदक संख्या और बढ़ेगी और आप में से प्रत्येक विजेता बनकर उभरेगा।” अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत की प्रगति के बारे में बात करते हुए, डॉ. मांडविया ने पिछले दशक में ओलिंपिक खेलों और पैरालिंपिक खेलों, दोनों में देश के बेहतर प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में, हमने वैश्विक मंच पर अपनी योग्यता सिद्ध करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है।” केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने पैरा-एथलीटों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और उच्चतम स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता करने के अवसरों के साथ समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता पर भी बल दिया  उन्होंने भारतीय दल को निरंतर सहायता का आश्वासन दिया और उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं में और भी ऊंचे लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

पांच पदक विजेताओं में नितेश कुमार (स्वर्ण), सुहास एलवाई (रजत), थुलासिमथी मुरुगेसन (रजत), निथ्या श्री (कांस्य) और मनीषा रामदास (कांस्य) शामिल हैं।

भारत ने 03 सितंबर, 2024 को स्पर्धाओं के अंत तक कुल 20 पदक हासिल कर लिए हैं, जो टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में हासिल किए गए 19 पदकों की पिछली संख्या को पार कर गया है। पैरा-एथलीटों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेष रूप से लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टीओपीएस) के अंतर्गत सहायता के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबंधित खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का श्रेय इस योजना को दिया।

खेलों में भाग लेने वाले 13 पैरा बैडमिंटन खिलाडियों के लिए पेरिस पैरालिंपिक खेलों की तैयारी के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 19 विदेशी यात्राओं की सुविधा प्रदान की गई थी।

Read More »

भारतीय पैरालंपिक दल द्वारा अब तक के सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड कायम करने पर प्रधानमंत्री ने अपार गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय पैरालंपिक दल द्वारा हमारे देश के लिए पैरालंपिक में अब तक के सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड कायम करने पर अपार गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की है। श्री मोदी ने खिलाड़ियों के समर्पण और जुनून की प्रशंसा की तथा प्रत्येक खिलाड़ी को उसकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा है ;

“भारत गौरवान्वित और प्रफुल्लित है!

हमारे असाधारण पैरालंपिक दल ने पैरालंपिक में हमारे देश के लिए अब तक के सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड कायम किया है। यह हमारे खिलाड़ियों के समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। प्रत्येक खिलाड़ी को बधाई।

Read More »

प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस पैरालिंपिक में आर2 महिला 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर अवनि लेखरा को बधाई दी

प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस पैरालिंपिक 2024 में आर2 महिला 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय निशानेबाज अवनि लेखरा को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अवनि लेखरा ने भी इतिहास रच दिया है, क्योंकि वह तीन पैरालिंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;

“भारत ने #पैरालिंपिक 2024 में अपना पदक खाता खोला!

आर2 महिला 10एम एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में प्रतिष्ठित स्वर्ण जीतने के लिए @अवनीलेखरा को बधाई। उन्होंने इतिहास भी रचा है क्योंकि वह 3 पैरालिंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं! उनका समर्पण भारत को गौरवान्वित करता है

Read More »