भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय कानपुर के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में 6 दिनों से चल रहे थियेटर प्रोग्राम कोर्स जिसका विषय “एड ऑन थियेटर इन एक्टिंग स्किल,थियेटर,ओरिनेंटेशन, डिक्शन ” के अन्तिम दिवस में प्राचार्य एवम कार्यक्रम संरक्षक जोसेफ डेनियल के मार्गदर्शन एवम दिशानिर्देश से समापन समारोह के उपलक्ष में एक बहुचर्चित हास्यात्मक नाट्य “अंधेर नगरी चौपट राजा” जोकि प्रो. विभांशु वैभव की कल्पना से ओत–प्रोत और प्रतिभाशाली निर्देशन के द्वारा प्रस्तुत किया गया,
जिसमे रित्विक(चौपट राजा), कांची(मंत्री), सुंदरम(फरियादी), आर्यन(कल्लू बनिया), मनुज(महंत), नागेंद्र(कोतवाल), वैष्णवी(गोवर्धनदास), उर्वशी(नारायणदास)ओजश्विनी, यशस्वी (दरबान), तनिस्का(भिस्तीवाला) जैसे किरदारों ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को हँसा हँसा कर लोट पोट कर दिया।
प्रो.विभांशु ने नाट्य प्रस्तुति के बारे में बात करते हुए कहा ” इसी लिए नाट्यशास्त्र और रंगमंच को पंचम वेद की श्रेणी में रखा गया है प्रतिभागियो को इसी प्रकार अपनी प्रतिभा का अवलोकन करते रहना चाहिए “साथ ही प्रतिभागियों को इसी प्रकार से निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा और आशीर्वाद दिया। मुख्य अतिथि मिसेज सुसी जोसेफ ने नाट्य प्रस्तुति की तारीफ करते हुए कहा की ” इस प्रकार की नाट्य प्रस्तुति बच्चों के व्यक्तित्व के विकास में संजीवनी का कार्य करती है। “महाविद्यालय के प्राचार्य एवम कार्यक्रम संरक्षक प्रो. जोसेफ डेनियल जी ने कहा “प्रतिभागियों का नाट्य रंगमंच के प्रति ये रुझान और उनकी कर्तव्यनिष्ठा उनके उज्ज्वल भविष्य कि कुंजी बनेगी ” कार्यक्रम संयोजक प्रो. मीत कमल ने बीते छह दिनों से चल रहे एड ऑन थियेटर कार्यक्रम का संपूर्ण लेखाजोखा देते हुए कहा “बच्चों ने पूरे सप्ताह अपनी कला और मंचन को निखारने का काम किया है और आगे भी करते रहेंगे “
कार्यक्रम सह संयोजक डॉ प्रेरणा दीक्षित जी ने कार्यक्रम की सफलता के पश्चात धन्यवाद ज्ञापन दिया! हास्य एवम उमंगों से भरपूर के इस नाट्य प्रस्तुति ने ‘कभी किसी लोभ मोह से ग्रसित प्रलोभन में नही पड़ना चाहिए’ ऐसी सीख देते हुए सबके दिलों को जीत लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मिसेज सुसी जोसेफ, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल, उप प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद्रा, कार्यक्रम संयोजक प्रो. मीत कमल, सह संयोजक डॉ प्रेरणा दीक्षित, डॉ अर्चना वर्मा तथा कोर्स में प्रतिभागी छात्र -छात्रायें एवम उन सभी के अभिभावकगण , अन्य अतिथिगण छात्र कोऑर्डिनेटर कांची त्रिपाठी, सुंदरम मिश्रा, आर्यन जयसवाल एवम महाविद्यालय शिक्षकगण एवम छात्र– छात्रा मौजूद रहे।।
मनोरंजन
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए तैयार
एवीजीसी–एक्सआर क्षेत्र आज मीडिया और मनोरंजन के पूरे क्षेत्र में अपरिहार्य भूमिका निभाता है, जिसमें फिल्म निर्माण, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म, गेमिंग, विज्ञापन तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं, इस प्रकार देश की विकास गाथा की समग्र संरचना को समेटे हुए है। तेजी से विकसित हो रही तकनीक और पूरे देश में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ–साथ सबसे सस्ती डेटा दरों सहित, वैश्विक स्तर पर एवीजीसी–एक्सआर का उपयोग तेजी से बढ़ने को तैयार है।
एवीजीसी–एक्सआर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना
इस तेज गति को बनाए रखने के लिए, देश में एवीजीसी–एक्सआर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के शीर्ष संस्थान के रूप में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा रही है। एनसीओई शौकिया और पेशेवर दोनों को अत्याधुनिक एवीजीसी–एक्सआर तकनीकों के नवीनतम कौशलों से लैस करने के लिए विशेष प्रशिक्षण–सह–शिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने के साथ–साथ,अनुसंधान एवं विकास को भी बढ़ावा देगा और कंप्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग, डिजाइन और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा जो एवीजीसी–एक्सआर क्षेत्र में बड़ी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। यह राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र घरेलू उपयोग और वैश्विक आउटरीच दोनों के लिए भारत के आईपी के निर्माण पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे कुल मिलाकर भारत की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कॉन्टेंट का सृजन होगा। इसके अलावा, एनसीओई, एवीजीसी–एक्सआर क्षेत्र में स्टार्टअप और शुरुआती अवस्था वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें संसाधन प्रदान करते हुए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में कार्य करेगा। साथ ही, एनसीओई केवल एक अकादमिक उत्प्रेरक के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्पादन/उद्योग उत्प्रेरक के रूप में भी काम करेगा।
एनसीओई को एवीजीसी–एक्सआर उद्योग के विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित किए जाने से यह देश के सभी हिस्सों के युवाओं के लिए रोजगार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक के रूप में काम करेगा। इससे रचनात्मक कला और डिजाइन क्षेत्र को बहुत बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत पहल के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए भारत को एवीजीसी–एक्सआर गतिविधियों का केंद्र बनाया जा सकेगा।
एवीजीसी–एक्सआर के लिए एनसीओई भारत को अत्याधुनिक कॉन्टेंट उपलब्ध कराने वाले कॉन्टेंट हब के रूप में स्थापित करेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ेगी और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के प्रति विदेशी निवेश आकर्षित होगा।
शान ए अवध के बैनर तले संगीत का समागम हुआ
भारतीय स्वरूप संवाददाता लखनऊ स्थित होटल पिनेकल में शान ए अवध के बैनर तले नए पुराने गीतों के साथ संगीत की बेहतरीन महफिल सजी, जिसमे गायकी के शौकीनों ने अपनी कला से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस संगीतमय कार्यक्रम में हिंदुस्तान के विभिन्न कोनो से लोग आए और अपनी कला का जौहर दिखाया
संगीत के इस कार्यक्रम का शुभारम्भ माता सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, सूरों के महारथियों ने गायकी के जलवे बिखेरे। नए पुराने गीतों के साथ पूरे दिन सुरों की गंगा यमुना बही,
अत्यंत ही खुशनुमा माहौल में गायक गायिका अपने गीत गाने के बाद दूसरों के लिए श्रोता भी थे एक दूसरे की गायकी को मंत्रमुग्ध से सुनते साथ में नाचते गाते रहे, अलग अलग गायकों के गाए गीतों से पूरा प्रांगण संगीतमय हो गया लोगों से बात करने पे उन्होंने कहा कि वक्त का पता ही नहीं चला कब सुबह से रात हो गई।
ज्यादा खबरों के लिए नीचे दिए लिंक पे क्लिक करें।
www.bharatiyaswaroop.com
अतुल दीक्षित “सम्पादक मुद्रक स्वामी”
दैनिक भारतीय स्वरूप 📱 9696469699
Read More »केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने पैरा-बैडमिंटन दल को सम्मानित किया, असाधारण प्रदर्शन के लिए खिलाडियों की प्रशंसा की

उन एथलीटों के लिए जो पदक से चूक गए, डॉ. मांडविया ने प्रोत्साहन के शब्द व्यक्त करते हुए कहा, “हमने पदक नहीं खोए हैं, हमने अमूल्य अनुभव प्राप्त किया है मुझे विश्वास है कि भविष्य के पैरालिंपिक खेलों में हमारी पदक संख्या और बढ़ेगी और आप में से प्रत्येक विजेता बनकर उभरेगा।” अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत की प्रगति के बारे में बात करते हुए, डॉ. मांडविया ने पिछले दशक में ओलिंपिक खेलों और पैरालिंपिक खेलों, दोनों में देश के बेहतर प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में, हमने वैश्विक मंच पर अपनी योग्यता सिद्ध करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है।” केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने पैरा-एथलीटों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और उच्चतम स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता करने के अवसरों के साथ समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता पर भी बल दिया उन्होंने भारतीय दल को निरंतर सहायता का आश्वासन दिया और उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं में और भी ऊंचे लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
पांच पदक विजेताओं में नितेश कुमार (स्वर्ण), सुहास एलवाई (रजत), थुलासिमथी मुरुगेसन (रजत), निथ्या श्री (कांस्य) और मनीषा रामदास (कांस्य) शामिल हैं।
भारत ने 03 सितंबर, 2024 को स्पर्धाओं के अंत तक कुल 20 पदक हासिल कर लिए हैं, जो टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में हासिल किए गए 19 पदकों की पिछली संख्या को पार कर गया है। पैरा-एथलीटों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेष रूप से लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टीओपीएस) के अंतर्गत सहायता के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबंधित खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का श्रेय इस योजना को दिया।
खेलों में भाग लेने वाले 13 पैरा बैडमिंटन खिलाडियों के लिए पेरिस पैरालिंपिक खेलों की तैयारी के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 19 विदेशी यात्राओं की सुविधा प्रदान की गई थी।
भारतीय पैरालंपिक दल द्वारा अब तक के सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड कायम करने पर प्रधानमंत्री ने अपार गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा है ;
“भारत गौरवान्वित और प्रफुल्लित है!
हमारे असाधारण पैरालंपिक दल ने पैरालंपिक में हमारे देश के लिए अब तक के सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड कायम किया है। यह हमारे खिलाड़ियों के समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। प्रत्येक खिलाड़ी को बधाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस पैरालिंपिक में आर2 महिला 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर अवनि लेखरा को बधाई दी
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;
“भारत ने #पैरालिंपिक 2024 में अपना पदक खाता खोला!
आर2 महिला 10एम एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में प्रतिष्ठित स्वर्ण जीतने के लिए @अवनीलेखरा को बधाई। उन्होंने इतिहास भी रचा है क्योंकि वह 3 पैरालिंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं! उनका समर्पण भारत को गौरवान्वित करता है
प्रधानमंत्री तीन वंदे भारत रेलगाड़ियों को रवाना करेंगे
ये वंदे भारत रेलगाड़ियां वर्तमान में तीव्र गति से चल रही गाड़ियों की तुलना में यात्रा समय को कम करेंगी। मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत से लगभग 1 घंटा, चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत से 2 घंटे और मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत से यात्रा समय में डेढ़ घंटे की बचत होगी।
ये नई वंदे भारत रेलगाड़ियां क्षेत्र के लोगों को तीव्रगति और सुविधा के साथ यात्रा करने के लिए विश्व स्तरीय सेवा प्रदान करेंगी और तीन राज्यों- उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के लोगों की लंबी समय से चल रही मांग को पूरा करेंगी। इन वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की शुरुआत नियमित यात्रियों, पेशेवरों, व्यापारियों और छात्र समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए रेल सेवा के एक नए मानक का शुभारंभ करेगी।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 234 नए शहरों/कस्बों में निजी एफएम रेडियो शुरू करने को मंजूरी दी
शहरों/कस्बों की राज्यवार सूची और नई नीलामी के लिए स्वीकृत निजी एफएम चैनलों की संख्या अनुलग्नक के रूप में यहां संलग्न है।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को छोड़कर एफएम चैनल के वार्षिक लाइसेंस शुल्क (एएलएफ) के रूप में सकल राजस्व का 4 प्रतिशत लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। ये 234 नए शहरों/कस्बों के लिए लागू होगा।
234 नए शहरों/कस्बों में निजी एफएम रेडियो की शुरुआत से उन शहरों/कस्बों में एफएम रेडियो की अधूरी मांग पूरी होगी, जो अभी भी निजी एफएम रेडियो प्रसारण से अछूते हैं और मातृभाषा में नए/स्थानीय कंटेंट पेश करेंगे।
इससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, स्थानीय बोली और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को बढ़ावा मिलेगा। अनुमोदित किए गए ऐसे कई शहर/कस्बे आकांक्षी जिलों और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में हैं। इन क्षेत्रों में निजी एफएम रेडियो की स्थापना से इन क्षेत्रों में सरकारी पहुंच और सुदृढ़ होगी।
युवा कल्याण प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय जनपद स्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन सितम्बर माह में किया जाएगा
कानपुर नगर 14 अगस्त, 2024 (सू0वि0)* जिला युवा कल्याण एवं प्रा०वि०द० अधिकारी आरती जायसवाल ने बताया कि युवा कल्याण प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय जनपद स्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन माह सितम्बर, 2024 में किया जाना प्रस्तावित है। युवा उत्सव निम्न विधाओं में आयोजित की जानी है, राष्ट्रीय युवा उत्सव 2024 हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों को Innovation in Science and Technology की थीम आवंटित की गयी है। जिसमें निम्न प्रतियोगिताओं का आयोजन जनपद स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि थीमेटिक अवयव के अन्तर्गत प्रतिभागियों द्वारा Innovation in Science and Technology की थीम पर आधारित प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया जायेगा, जिसमें एकल एवं समूह दोनों अलग-अलग रूप में प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी।
सांस्कृतिक अवयव के अन्तर्गत 04 प्रतियोगिताओं Group Folk Dance, Group Folk Song, Solo Folk Dance, Solo Folk Song का आयोजन जनपद से राज्य स्तर पर कराया जायेगा। इसके अतिरिक्त जीवन कौशल अवयव के अन्तर्गत 04 प्रतियोगिताओं Story Writing, Poetry, Declamation, Painting का आयोजन जनपद स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि युवा उत्सव 2024 के आयोजन के सम्बन्ध में भारत सरकार की गाईड लाइन के अनुसार प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की आयु 12 जनवरी, 2025 को 15 वर्ष से 29 वर्ष होनी अनिवार्य है एवं जनपद स्तर पर विजेता प्रतिभागी मण्डल स्तर पर प्रतिभाग करेंगें। मण्डल स्तर पर विजयी प्रतिभागी राज्य स्तर पर प्रतिभाग कर सकते है। इच्छुक प्रतिभागी अपना पंजीकरण कार्यालय जिला युवा कल्याण एवं प्रा०वि०द०अधिकारी कानपुर नगर के कक्ष संख्या-4 विकास भवन द्वितीय तल में व्यक्तिगत रूप से एवं ई-मेल द्वारा dywokanpurnagar@gmail.com के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सभी विकास खण्डों के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी से सम्पर्क कर आवेदन किया जा सकता है।
सुर सारथी के बैनर तले सजी गायकी के शौकीनों की महफिल

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर के काकादेव स्थित पकवान रेस्टोरेंट में नए पुराने गीतों के साथ संगीत की बेहतरीन महफिल सजी, जिसमे गायकी के शौकीनों ने अपनी कला से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया !
मुख्य अतिथि कानपुर यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर और मुस्कुराए कानपुर के ब्रांड एंबेसडर सुधांशु राय ने कार्यक्रम का शुभारम्भ माता सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया, सुर सारथी ने गायकी के शौकीनों को एक शानदार मंच उपलब्ध कराया!
आशीष अवस्थी के सफल संचालन तथा राजेंद्र और सुभाष के क्रमबद्ध और अनुशासनात्मक तरीके से गायक गायिकाओं को आमंत्रित करने की वजह से कार्यक्रम में चार चांद लग गए तथा कार्यक्रम के अंत तक मधुर स्वरों की गंगा बहती रही,
आरती, पूर्णिमा, रंजना, अंजली, सुषमा, अंजना, संगीता, प्रीति, मोनिका, संध्या, स्मिता, नीता, मनीष, रंजन, अतुल, अवधेश, अनिल, गिरीश, जीतू, आलोक, जितेंद्र, नीरज आदि ने अपने सुरों से माहौल खुशनुमा बना दिया।!
ज्यादा खबरों के लिए नीचे दिए लिंक पे क्लिक करें।
www.bharatiyaswaroop.com
अतुल दीक्षित “सम्पादक प्रकाशक”
दैनिक भारतीय स्वरूप 📱 9696469699
Read More »
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर