खेल से आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना होती है मजबूत:रमेश अवस्थी
दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर, 17 अक्टूबर। सांसद खेल महोत्सव-2025 का आगाज शुक्रवार सुबह ग्रीन पार्क स्टेडियम से भव्य वॉकथॉन रैली के साथ हुआ। रैली को सांसद रमेश अवस्थी और इंग्लैंड के वेलिंगबरो शहर के मेयर राज मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली सरसैया घाट चौराहा होते हुए नानाराव पार्क में संपन्न हुई।
करीब पाँच हजार प्रतिभागियों ने इस वॉकथॉन में हिस्सा लिया। इसमें एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, युवक व महिला मंगल दल, पुलिस विभाग, सिविल डिफेंस, स्कूली छात्र-छात्राएं और विभिन्न खेल संघों के खिलाड़ी शामिल रहे। शहर में खेलों के प्रति जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश इस रैली के माध्यम से दिया गया।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि महोत्सव के तहत एक नवम्बर से 25 दिसम्बर तक विधानसभा स्तर पर कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, फुटबॉल, जूडो, बैडमिंटन, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स सहित कई प्रतियोगिताएं होंगी। सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्गों में होने वाले मुकाबलों के विजेता खिलाड़ी आगे सांसद खेल स्पर्धा, फिर जोन स्तर और अंततः राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
सांसद ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम हैं बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस, खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, खिलाड़ियों, नागरिकों, एनसीसी, सिविल डिफेंस और पुलिस रिक्रूट्स के सहयोग के लिए आभार जताया। रैली के दौरान प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि “मा० सांसद खेल महोत्सव-2025” के शुभारंभ के उपरांत विधानसभा स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन 1 नवम्बर से 25 दिसम्बर 2025 तक किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों—सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर—के खिलाड़ियों के बीच कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, फुटबॉल, जूडो, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स आदि विधाओं में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। विधानसभा स्तर पर विजयी खिलाड़ी सांसद खेल स्पर्धा में प्रतिभाग करेंगे, वहीं सांसद खेल स्पर्धा में विजयी प्रतिभागी जोन स्तर पर तथा उसके उपरांत राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। रैली में विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई, विधायक महेश त्रिवेदी, मंडल अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, अन्य जनप्रतिनिधि और खेल संघों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, डीसीपी सेंट्रल, डीसीपी रवीन्द्र कुमार, नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी भानु प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
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भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
भारतीय स्वरूप संवाददाता
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भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।
प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।
कार्यक्रम के रूप में, ‘जैसा उन्होंने देखा: भारत का विभाजन 1947’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसका संपादन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और भारतीय भाषा एवं साहित्य अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश टेकचंदानी ने किया है। यह पुस्तक इतिहास के इस महत्वपूर्ण क्षण पर बहुमूल्य दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। ‘द डर्वाल्स एंड पार्टीशन’ नामक एक डीवीडी भी लॉन्च की गई, जिसमें इस त्रासदी से जुड़े अनुभवों और आख्यानों का एक मार्मिक दृश्य ूप्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें विभाजन की मानवीय कीमत पर पुनर्विचार किया गया और विस्थापित हुए देशवासियों को गंभीरता से याद किया गया। अनगिनत पीड़ितों की स्मृति में एक मौन जुलूस भी निकाला गया, जो उनके धैर्य के प्रति एक सम्मानजनक श्रद्धांजलि थी। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) द्वारा मंचित और लोकेंद्र त्रिपाठी द्वारा निर्देशित ‘बतावारा’ नामक एक नाटक का भी मंचन किया गया।
भारतीय स्वरूप संवाददाता
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