Breaking News

पर्यटन

उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए विकास पहल

केंद्रीय बजट 2022-23 में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री की विकास पहल (पीएम-डिवाइन) स्कीम को एक नई केंद्रीय क्षेत्र स्कीम के रूप में घोषित किया गया था। मंत्रिमंडल ने 12 अक्टूबर, 2022 को पीएम-डिवाइन स्कीम को मंजूरी दी। 100% केंद्रीय वित्त पोषण वाली इस स्कीम में वर्ष 2022-23 से 2025-26 (15वें वित्त आयोग की अवधि के शेष वर्ष) तक 4 साल की अवधि के लिए 6,600 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय होगा। पीएम-डिवाइन के उद्देश्य हैं: (i) पीएम गतिशक्ति की भावना के अनुरूप अवसंरचना को अभिसरण रूप से वित्त पोषित करना; (ii) पूर्वोत्तर क्षेत्र की महसूस की गई आवश्यकताओं के आधार पर सामाजिक विकास परियोजनाओं की सहायता करना; (iii) युवाओं और महिलाओं के लिए आजीविका कार्यकलापों को सक्षम बनाना; और (iv) विभिन्न क्षेत्रों में विकास अंतराल को भरना। पीएम-डिवाइन विद्यमान केंद्रीय और राज्य स्कीमों का एक विकल्प नहीं होगी। यह अवसंरचना का निर्माण करेगी, उद्योगों, सामाजिक विकास परियोजनाओं की सहायता करेगी और युवाओं तथा महिलाओं के लिए आजीविका गतिविधियों का निर्माण करने के साथ आय और रोजगार का सृजन करेगी। पीएम-डिवाइन स्कीम को उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर परिषद या केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों या राज्य सरकार की एजेंसियों के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। सरकार पर पड़ने वाले समय और लागत वृद्धि के निर्माण जोखिम को सीमित करने के लिए परियोजनाओं को इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) आधार पर यथासंभव कार्यान्वित किया जाएगा। पीएम-डिवाइन परियोजनाओं की संवहनीयता सुनिश्चित करने के लिए परिसंपत्तियों के प्रचालन और अनुरक्षण (ओ एंड एम) के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय या किसी अन्य मंत्रालय/विभाग की किसी भी अन्य स्कीम के साथ परियोजना सहायता का दोहराव न हो। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट 2022-23 में घोषित सात परियोजनाओं सहित ग्यारह परियोजनाओं (अनुबंध-I में विवरण) को मंजूरी के लिए चुना गया है।

क्र.

सं.

परियोजना का नाम अनुमोदित लागत

(करोड़ रु. में)

1 पूर्वोत्तर भारत में बाल चिकित्सा और वयस्क हेमटोलिम्फोइड कैंसर के प्रबंधन के लिए समर्पित सेवाओं की स्थापना, डॉ. बी. बोरुआ कैंसर संस्थान (बीबीसीआई), गुवाहाटी 129.00
2 नैक्टर आजीविका सुधार परियोजना (बहु-राज्य): मूल्य वर्धित उत्पादों के लिए बनाना स्यूडो स्टेम के उपयोग पर मूल्य श्रृंखला 67.00
3 किसानों के क्षमता निर्माण और प्रमाणन की सुविधा के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीक और डिजिटल डेटा प्रबंधन का उपयोग करके पूर्वोत्तर भारत में वैज्ञानिक जैविक कृषि को बढ़ावा देना (बहु-राज्य) 45.00
4 मिजोरम में पश्चिमी किनारे पर आइजोल बाईपास का निर्माण 500.00
5 मिजोरम में 33.58 करोड़ रुपये की लागत से तुइरियल एयरफील्ड से नॉर्थ चाल्टलांग (18 किमी) तक; और 66.42 करोड़ रुपये की लागत से लेंगपुई से साईफल बांस बागान (41 किमी) तक बांस लिंक सड़कों का निर्माण और उन्नयन 100.00
6 पश्चिम सिक्किम में पेलिंग से सांगा-चोएलिंग तक यात्री रोपवे प्रणाली के लिए गैप फंडिंग 64.00
7 दक्षिण सिक्किम में धापर से भालेडुंगा तक यात्री रोपवे के लिए गैप फंडिंग 58.00
8 लोक निर्माण विभाग, असम सरकार द्वारा असम के कामरूप जिले में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में 20 स्कूलों का रूपांतरण 132.86
9 मेघालय सरकार के शहरी कार्य निदेशालय द्वारा न्यू शिलांग टाउनशिप में नई चार लेन की सड़क का निर्माण और साइकिलिंग ट्रैक, यूटिलिटी डक्ट्स, फुटपाथों आदि के साथ मौजूदा दो-लेन सड़क को चार-लेन में परिवर्तित करना 146.79
10 नागालैंड सरकार के अल्प विकसित क्षेत्र विभाग (डीयूडीए) द्वारा पूर्वी नागालैंड के विशेष विकास से संबंधित आजीविका परियोजनाएं 180.00
11 विद्युत विभाग, त्रिपुरा सरकार द्वारा त्रिपुरा में दूरस्थ बस्तियों को विद्युत की सुनिश्चित आपूर्ति के लिए सौर माइक्रो ग्रिड की स्थापना 80.79
  कुल 1503.44

यह जानकारी पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

Read More »

रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के नौसेना प्रमुख मार्क हैमंड भारत की यात्रा पर

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Pix(4)VADMMARKHAMMOND,CHIEFOFNAVY,ROYALAUSTRALIANNAVYVISITTOINDIAN1ZJ.JPGरॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल मार्क हैमंड दिनांक 09 से 11 मार्च 2023 तक भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं । यात्रा के दौरान वाइस एडमिरल मार्क हैमंड ने नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार के साथ दिनांक 10 मार्च 2023 को साथ बातचीत की । साउथ ब्लॉक लॉन में एक प्रभावशाली गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर उनका स्वागत किया गया ।https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Pix(5)VADMMARKHAMMOND,CHIEFOFNAVY,ROYALAUSTRALIANNAVYVISITTOINDIAXALG.JPG

इस बातचीत के दौरान दोनों देशों और नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग को मजबूत करने के तरीके, मौजूदा/ उभरती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के साझा तरीके, और मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक/आईओआर की प्राप्ति के लिए सहयोग और अंतरप्रचालनीय-क्षमता बढ़ाने की पहल चर्चा की गई ।

भारतीय नौसेना अनेक मुद्दों पर आरएएन के साथ निकटता से सहयोग करती है, जिसमें ऑसिनडेक्स, काकाडू और पी8 ऑपेरशन, प्रशिक्षण संबंधी आदान-प्रदान, व्हाइट शिपिंग सूचनाओं का आदान-प्रदान और विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग विषय के विशेषज्ञों के बीच बातचीत शामिल हैं । इन सभी बातचीत को स्टाफ वार्ता जैसे मंचों के ज़रिए समन्वित किया जाता है । यह बैठकें प्रतिवर्ष आयोजित की जाती हैं । इसके अलावा, दोनों नौसेनाओं के युद्धपोत नियमित रूप से एक-दूसरे के बंदरगाहों पर पोर्ट कॉल करते हैं और बहुपक्षीय अभ्यासों जैसे मालाबार, रिमपैक, लैपरोस आदि में बातचीत करते हैं । दोनों नौसेनाएं ‘मेक इन इंडिया’ विजन को साकार करने की दिशा में नवाचार और उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों, रक्षा उद्योग, रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग के लिए नए रास्ते तलाशने की दिशा में भी सहयोग कर रही हैं ।

रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के नौसेना प्रमुख की यात्रा भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के बीच निरंतर और नियमित बातचीत में एक महत्वपूर्ण घटना है, और यह दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को ध्यान में रखते हुए नौसेना से नौसेना के सहयोग को मजबूत करती है ।

 

Read More »

नितिन गडकरी ने भारतमाला परियोजना के तहत 1292.65 करोड़ रुपये की लागत से आंध्र प्रदेश में हाइब्रिड एन्युटी मोड में (एनएच-544जी) बेंगलुरु-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा पर 32 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सेस नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाईवे के विकास को मंजूरी दी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतमाला परियोजना के तहत चंद्रशेखरपुरम से पोलावरम तक (एनएच-544जी) बेंगलुरु-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा पर आंध्र प्रदेश में हाईब्रिड एन्युटी मोड में 32.00 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के विकास के लिए 1292.65 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी। ट्वीट की एक श्रृंखला में श्री गडकरी ने बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा को बेंगलुरु एसटीआरआर से शुरू होने की जानकारी दी, जो एनएच 44 पर कोडिकोंडा चेकपोस्ट तक मौजूदा बेंगलुरु-हैदराबाद (एनएच-44) का उपयोग करता है। गडकरी ने कहा कि इसके बाद प्रस्तावित ग्रीनफील्ड आर्थिक गलियारा एनएच-44 (बेंगलुरु-हैदराबाद रोड) पर कोडिकोंडा चेकपोस्ट (कोडुर गांव) से एनएच-16 पर अडांकी के पास मुप्पावरम गांव तक जाता है। उन्होंने कहा कि मुप्पावरम से सीधे विजयवाड़ा तक मौजूदा एनएच-16 का उपयोग करता है। 342.5 किलोमीटर की लंबाई के साथ कोडिकोंडा चेकपोस्ट से मुप्पावरम तक का पूरा गलियारा पूरी तरह से एक ग्रीनफील्ड राजमार्ग है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में इस खंड को 14 पैकेजों में विकसित करने का प्रस्ताव है।

Read More »

गडकरी ने ईपीसी मोड के जरिए पश्चिम बंगाल में 410.83 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पश्चिम बंगाल में ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मोड के जरिए पश्चिम बर्द्धमान जिले में एनएच-14 (पुराने एनएच-60) पर 5.261 किलोमीटर की लंबाई के 4-लेन रानीगंज बाईपास के निर्माण के लिए 410.83 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। गडकरी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर बताया कि एनएच-14 मोरग्राम के निकट एनएच-12 (पुराने एनएच-34) के साथ अपने जंक्शन से शुरू होता है। यह रामपुर हाट, सिउरी, रानीगंज, बांकुरा, गढ़बेटा व सलबानी को जोड़ता है और एनएच-16 (पुराने एनएच-2) के साथ पश्चिम बंगाल में खड़गपुर के पास अपने जंक्शन पर समाप्त होता है।

मंत्री ने बताया कि पूरा खंड पेव्ड शोल्डर कॉन्फिगरेशन के साथ 2-लेन का है। उन्होंने आगे कहा कि यह गलियारा दक्षिण भारतीय राज्यों व ओडिशा से उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले यातायात के लिए प्रमुख गलियारों में से एक के रूप में कार्य कर रहा है। गडकरी ने कहा कि यह खड़गपुर, मिदनापुर, चंद्रकोणा रोड, गढ़बेटा, बिष्णुपुर, बांकुरा, रानीगंज, पंडाबेश्वर, दुबराजपुर, सूरी, रामपुरहाट और नलहाटी आदि जैसे कई महत्वपूर्ण औद्योगिक, धार्मिक व कृषि क्षेत्रों को जोड़ता है।

Read More »

विश्व का सबसे लंबा रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ 28 फरवरी को डिब्रूगढ़ में अपनी यात्रा का समापन करेगा

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 13 जनवरी को वाराणसी से रवाना किया गया विश्व का सबसे लंबा रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ 28 फरवरी को डिब्रूगढ़ में अपनी यात्रा का समापन करेगा। उसी दिन डिब्रूगढ़ में भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा एक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ-साथ अन्य केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, राजनयिक और आईडब्ल्यूएआई तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे। भारत में बने क्रूज जहाज ‘एमवी गंगा विलास’ ने 13 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा झंडी दिखाने के बाद वाराणसी से अपनी यात्रा आरंभ की। 28 फरवरी को पटना साहिब, बोधगया, विक्रमशिला, ढाका, सुंदरबन और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान होते हुए डिब्रूगढ़ पहुंचने से पहले क्रूज 50 दिनों में 3,200 किमी की दूरी तय करेगा। एक अनूठे डिजाइन और भविष्योनमुखी विजन से निर्मित, क्रूज में 36 पर्यटकों की क्षमता के साथ तीन डेक और 18 सुइट हैं। यह अगले दो वर्षों के लिए आने-जाने के लिए पहले से ही बुक है। सोनोवाल ने कहा कि ‘एमवी गंगा विलास’ ने विश्व के नदी क्रूज के मानचित्र पर भारत और बांग्लादेश की उपस्थिति दर्ज कराई है और इस प्रकार भारतीय उपमहाद्वीप में पर्यटन और माल ढुलाई के लिए एक नया क्षितिज और कार्यक्षेत्र खोल दिया है। आध्यात्मिकता चाहने वाले पर्यटकों को काशी, बोधगया, विक्रमशिला, पटना साहिब जैसे स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा और जो प्राकृतिक विविधता को देखने के इच्छुक हैं वे सुंदरबन और काजीरंगा जैसे स्थलों का अवलोकन करेंगे। यह मार्ग भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से माल ढुलाई के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करता है। अब इस यात्रा के माध्यम से, पर्यटकों को एक विशाल अनुभवशील यात्रा पर जाने और पूरे मार्ग के साथ भारत व बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का पता लगाने का अवसर मिलता है। उत्तर पूर्व में राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू) के माध्यम से माल ढुलाई की प्रचुर संभावना है। ये राष्ट्रीय जलमार्ग असम, नागालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों को भी भीतरी इलाकों से जोड़ते हैं और इन राज्यों को भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के माध्यम से मुख्य भूमि भारत और कोलकाता और हल्दिया के समुद्री बंदरगाहों से जोड़ते हैं। अंतर्देशीय जल परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई परियोजनाएं जैसे कि फेयरवे, टर्मिनल और नेविगेशन संबंधी सहायता को उत्तर पूर्व क्षेत्र में आईडब्ल्यूएआई द्वारा पूरा किया गया है और उनमें से कुछ प्रगति पर हैं। वर्ष 2017 में किए गए आईडब्ल्यूएआई के एक आंतरिक अध्ययन के अनुसार, 49 एमएमटीपीए कार्गो उत्तर पूर्व क्षेत्र के भीतर और बाहर तथा ~30 एमएमटीपीए कार्गो उत्तर पूर्व क्षेत्र के भीतर चलता है।

Read More »

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में दुनिया के सबसे बड़े और अनोखे दिव्यांग पार्क – अनुभूति समावेशी पार्क की आधारशिला रखी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नागपुर, महाराष्ट्र में दुनिया के सबसे बड़े और अनोखे दिव्यांग पार्क – अनुभूति समावेशी पार्क की आधारशिला रखी

image001UPN0इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए इस पार्क को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहानुभूति दर्शाने के बजाय यह पार्क संवेदना दिखाएगा, इसलिए इस पार्क का नाम अनुभूति दिव्यांग पार्क रखा गया है।

image002ZY5J गडकरी ने कहा कि इस पार्क के माध्यम से न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में समावेश का संदेश पहुंचेगा। उन्‍होंने कहा कि इस पार्क में सभी 21 प्रकार की दिव्‍यांगता के लिए अनुकूलित सुविधाएं होंगी, इसमें स्पर्श और गंध उद्यान, हाइड्रोथेरेपी इकाई, जल चिकित्सा, मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चों के लिए स्वतंत्र कक्ष, मां जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ‘दिव्यांग पार्क-अनुभूति इंक्लूसिव पार्क’ से केवल देशभर में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इन्क्लूजन का अर्थात समावेशी समाज संकल्पना का संदेश पहुँचेगा।image0031BYA गडकरी ने कहा कि नागपुर शहर देश के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है। वर्ष 2016 में, केंद्र सरकार ने दिव्‍यांग व्यक्तियों के अधिकारों के लिए दिव्‍यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम को पारित किया था। उन्होंने कहा कि यह कानून दिव्‍यांगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने के लिए है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने पहल करते हुए दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश में कुछ दिव्यांग पार्क बनाए हैं, इसी कड़ी में नागपुर के पारदी परिसर में दिव्‍यांग बच्चों और आम नागरिकों के लिए यह ‘अनुभूति समावेशी पार्क’ बनाया जा रहा है. उन्‍होंने ने कहा कि यह दुनिया का पहला समावेशी दिव्‍यांग पार्क है। 90 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बन रहे इस पार्क के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लगभग 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां दिव्‍यांगों के साथ-साथ आम जनता और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है।

Read More »

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2023 मुंबई में प्रारंभ हुआ, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रदर्शन

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव की मुंबई में शुरुआत हो चुकी है और इस बार यह आयोजन सभी के लिए एक विशेष विजुअल तथा म्यूजिकल कार्यक्रम होगा। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2023 का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री जी किशन रेड्डी द्वारा कल शाम मुंबई में चर्चगेट स्थित आजाद मैदान में किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा 11 से 19 फरवरी तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ इस महोत्सव का आयोजन किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार में सांस्कृतिक कार्य, वन एवं मत्स्य पालन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और महाराष्ट्र सरकार में ही पर्यटन, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए सम्मानित अतिथि थे।

राज्यपाल ने उद्घाटन अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का स्थायी संदेश देता है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव यह दर्शाता है कि भाषा एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों में कई विविधताओं के बावजूद, भारत एकजुट तथा एक राष्ट्र है। राज्यपाल ने कामना करते हुए कहा कि यह महोत्सव कुंभ मेले की तरह ही विश्व प्रसिद्ध होगा।

श्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि भारत सरकार भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात कर रही है। उन्होंने इस संबंध भारत की समृद्ध संस्कृति व परंपरा को ध्यान में रखते हुए दुनिया के समक्ष उदाहरण के रूप में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का हवाला दिया।

राज्यपाल ने सभी से आध्यात्मिक और कालातीत परंपराओं को अपने जीवन में यथोचित बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने सभी मुंबई वासियों व महाराष्ट्र राज्य तथा देश के अन्य हिस्सों के लोगों से बड़ी संख्या में इस महोत्सव में आने और समृद्ध शिल्प, कला, व्यंजन एवं भारतीय संस्कृति के अन्य पहलुओं का भरपूर आनंद लेने का आह्वान किया।

संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष 14 अप्रैल को डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर एक विशेष पर्यटक बाबासाहेब अम्बेडकर सर्किट ट्रेन का शुभारंभ किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों, कलाकारों एवं कारीगरों सहित सभी दर्शकों के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि लगभग 1000 कलाकार मुंबई के लोगों के लिए इस महोत्सव के दौरान अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह शहर प्राचीन परंपरा व आधुनिकता का संगम है, जिसमें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पर्यटक स्थलों, संस्थानों, त्योहारों और नृत्य तथा सिनेमा सहित कला के अन्य स्वरूपों की एक समृद्ध टेपेस्ट्री है। श्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” से प्रेरित तथा कला एवं संस्कृति के माध्यम से भारत की विविधता के उत्सव को दर्शाने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए इस महोत्सव को आयोजित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महोत्सव हमारी समृद्ध संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाएगा और देशवासियों के बीच हमारी स्वदेशी संस्कृति एवं कला के प्रति आदर तथा प्रेम को फिर से जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि हम वोकल फॉर लोकल को भी बढ़ावा दे रहे हैं और भारत सरकार ने बड़े पैमाने पर देश के तीर्थ स्थलों का विकास किया है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने सभी मुंबईवासियों से एक ही छत के नीचे आयोजित इस महोत्सव में आने और भारतीय संस्कृति की विभिन्न अभिव्यक्तियों में खुद को भिगोकर प्रेरणा, ज्ञान तथा मनोरंजन प्राप्त करने की अपील की।

महाराष्ट्र सरकार में सांस्कृतिक कार्य, वन एवं मत्स्य पालन मंत्री, सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि भारत दुनिया भर के देशों में सबसे विविध व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश है। उन्होंने इस अवसर पर देश और महाराष्ट्र राज्य की कई लोक कलाओं को याद किया। श्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि संस्कृति मन की शांति के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे केवल धन मात्र से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की “एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल में महाराष्ट्र सक्रिय रूप से अपना योगदान देना जारी रखेगा।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुश्री अमिता साराभाई ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों को एक-दूसरे के साथ तथा 3सी अर्थात आम नागरिक के साथ शिल्प, संस्कृति और व्यंजनों के माध्यम से जोड़ना है।

उद्घाटन समारोह में तेजस्विनी साठे और उनकी मंडली द्वारा शास्त्रीय कथक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के प्रतिभाशाली समूह ने शास्त्रीय नृत्य के जीवंत, लयबद्ध तथा अभिव्यंजक स्वरूप के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया और उन्हें आनंदित कर दिया। मशहूर गायक मोहित चौहान ने अपनी प्रस्तुति में ‘तुमसे ही, 25 साल का सुरिला सफर’ (25 साल का संगीतमय सफर) शीर्षक से कई गीतों की मधुर प्रस्तुति दी।

केंद्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के विस्मृत और कम ज्ञात नायकों की विषयवस्तु पर आरएसएम के आयोजन स्थल पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा स्थापित की गई प्रदर्शनी स्टालों का दौरा किया। उन्होंने प्रसिद्ध गायक मोहित चौहान के संगीत समारोह में भी भाग लिया। लगभग 300 स्थानीय लोक कलाकारों, कुछ ट्रांसजेंडर तथा अलग-अलग दिव्यांग कलाकारों व प्रसिद्ध शास्त्रीय कलाकारों के साथ-साथ अन्य जाने-माने कलाकारों के साथ पूरे भारत से आने वाले करीब 350 लोक एवं जनजातीय कलाकार अपने मोहक प्रदर्शनों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे और उनमें उत्साह भरेंगे। इन कलाकारों के अलावा, भारत के सभी राज्यों तथा केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सभी सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों से लगभग 150 शिल्पकारों को आंगन के तहत उनकी कला एवं शिल्प बिक्री-सह-प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसके लिए लगभग 70 स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, महाराष्ट्र राज्य हथकरघा विभाग और स्टार्टअप के लिए 25 स्टॉल लगाए जा रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय द्वारा हर वर्ष भारत के अलग-अलग राज्यों में इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। यह साल 2019 में मध्य प्रदेश में, 2022 में आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में आयोजित किया गया और अब महाराष्ट्र में इसका आयोजन किया जा रहा है।

 

प्रतिदिन का कार्यक्रम विवरण इस प्रकार रहेगा:

  1. सुबह 11:00 बजे से रात 10:00 बजे तक हस्तशिल्प एवं कला प्रदर्शनी
  2. दोपहर 02:30 बजे से अपराह्न 03:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा मार्शल आर्ट की प्रस्तुति
  3. शाम 04:00 बजे से शाम 05:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुति
  4. शाम 06:00 बजे से शाम 06:45 बजे तक पारंपरिक, जनजातीय और लोक नृत्य कोरियोग्राफिक प्रस्तुति
  5. शाम 07:00 बजे से रात 08:15 बजे तक प्रसिद्ध शास्त्रीय कलाकारों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन
  6. रात 08:30 बजे से 10:00 बजे तक प्रसिद्ध स्टार कलाकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम

इस क्यूआर कोड को स्कैन करके यहां पर दैनिक कार्यक्रमों का विवरण प्राप्त करें।

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के आयोजन स्थल पर एक फूड कोर्ट स्थापित किया गया है, जिसमें पूरे भारत से खाद्य व्यंजनों को उपलब्ध कराने वाले लगभग 37 स्टॉल होंगे और स्थानीय फूड स्टॉल के साथ-साथ आम जनता के लिए मोटे अनाज से बना हुआ भोजन भी उपलब्ध होगा।

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र और अकादमियां भाग ले रही हैं। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है और यह लोगों को एक साथ आने तथा भारत की सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव प्राप्त करने का अवसर है। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभी नागरिकों और कला प्रेमियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। इस अनोखे सांस्कृतिक अनुभव को देखना न भूलें और हमारे साथ संगीतमय तथा सांस्कृतिक यात्रा का आनंद लें!

Read More »

भारत की राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन- 2023 के समापन सत्र को संबोधित किया

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (12 फरवरी, 2023) लखनऊ में उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन- 2023 के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इसकी प्रसन्नता है कि उनकी उत्तर प्रदेश की यात्रा राज्य के विकास के इस महान उत्सव के अवसर पर हो रही है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के अलावा उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करने की दृष्टि से कई क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश गेहूं सहित कुल खाद्यान्न उत्पादन में भारत में पहले पायदान पर है। इसके अलावा गन्ना और आलू के उत्पादन में भी यह देश में पहले स्थान पर है। वहीं, आम और मटर के उत्पादन में भी इस राज्य का सबसे अधिक योगदान है। इसी तरह दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। कृषि उत्पादों में समृद्ध होने के कारण, उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित उद्यमों के लिए काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने इस पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि इस शिखर सम्मेलन के दौरान ‘भारत की खाद्य टोकरी का लाभ उठाना: खाद्य प्रसंस्करण के लिए अवसर’ और ‘डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में अवसरों को खोलना’ पर सत्र आयोजित किए गए।

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि राजनीतिक स्थिरता और प्रशासन की निरंतरता निवेशकों के लिए काफी सहायक सिद्ध होती है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एक स्थिर और निर्णय लेने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने दूरदर्शी नीतियों की परिकल्पना की है और उन्हें लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश नए भारत के विकास इंजन की भूमिका निभाने में सक्षम और तैयार है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में लगभग 35.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 95 लाख एमएसएमई हैं। देश के किसी एक राज्य में यह संख्या में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि देश के उद्योगों का आधार होने के अलावा एमएसएमई, कृषि क्षेत्र के बाद सबसे अधिक रोजगार के अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र भारत के आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश ने खुद को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था के पांचवें हिस्से में अपना योगदान देगा। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारे के विकास से भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश भी आएगा और रोजगार भी सृजित होंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विभिन्न प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नवीकरणीय ऊर्जा के विकास, हरित ऊर्जा गलियारे और ऊर्जा रूपांतरण जैसे प्रयासों से भारत को शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि निवेश के बढ़ते वातावरण में स्वरोजगार की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इसका उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में स्टार्ट-अप क्रांति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश ‘सर्वश्रेष्ठ निवेश राज्य’ के रूप में वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश ज्यादा समृद्ध होगा, तो भारत भी अधिक समृद्ध होगा।

Read More »

प्रधानमंत्री ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में मुंबई-सोलापुर वंदे भारत और मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत को झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रधानमंत्री मोदी ने आज मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में दो वंदे भारत ट्रेनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। ये दो ट्रेनें हैं- मुंबई-सोलापुर वंदे भारत और मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत। उन्होंने मुंबई में सड़क यातायात की भीड़ को कम करने और वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने के लिए दो सड़क परियोजनाओं- सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड और कुरार अंडरपास परियोजना- को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के प्लेटफार्म नं. 18 पर आने के बाद, प्रधानमंत्री ने मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रेन के चालक दल और कोच के अंदर बैठे बच्चों से बातचीत भी की।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत में रेलवे, विशेष रूप से महाराष्ट्र में उन्नत रेल-संपर्क के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि पहली बार दो वंदे भारत ट्रेनों को एक ही दिन हरी झंडी दिखाई गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि ये वंदे भारत ट्रेनें मुंबई और पुणे जैसे आर्थिक केंद्रों को आस्था के केंद्रों से जोड़ेंगी, जिससे कॉलेज,    कार्यालय, व्यवसाय, तीर्थ यात्रा और कृषि उद्देश्यों के लिए यात्रा करने वालों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि नई वंदे भारत ट्रेनों से शिरडी, नासिक, त्र्यंबकेश्वर और पंचवटी जैसे पवित्र स्थानों की यात्रा आसान हो जाएगी, जिससे पर्यटन के साथ-साथ तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस से पंढरपुर, सोलापुर, अक्कलकोट और तुलजापुर की तीर्थ यात्रा और भी अधिक आसान हो जायेगी।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत की भव्य तस्वीर है। “ये भारत की गति और पैमाने का प्रतिबिंब है।” वंदे भारत ट्रेनों को लॉन्च करने की गति के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक देश के 17 राज्यों के 108 जिलों को जोड़ने वाली 10 वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज शुरू की जा रही विभिन्न परियोजनाएं, जीवन को और आसान बनाएंगी। उन्होंने कहा कि ऊपरी सड़कें (एलिवेटेड रोड) पूर्वी और पश्चिमी उपनगरीय क्षेत्रों तथा अंडरपास को जोड़ेंगी, जो महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के भारत के लिए सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की जरूरत को दोहराया क्योंकि इससे नागरिकों का जीवन-यापन व्यापक रूप से आसान होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत, मेट्रो के विस्तार और नए हवाई अड्डों एवं बंदरगाहों के निर्माण के पीछे यही सोच है। बजट भी इस सोच को मजबूत करता है क्योंकि पहली बार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष रूप से 10 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसमें रेलवे की हिस्सेदारी 2.5 लाख करोड़ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल बजट में महाराष्ट्र के लिए आवंटन में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और उम्मीद जताई कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी में और तेजी से विस्तार होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “इस साल के बजट से मध्यम वर्ग मजबूत हुआ है।” उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि इस वर्ष के बजट में वेतनभोगी और व्यवसाय करने वाले, दोनों वर्गों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले दो लाख रुपये से अधिक आय वाले लोगों पर कर लगाया जाता था, लेकिन यह वर्तमान सरकार ही है जिसने शुरुआत में इस सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये और अब इस साल के बजट में सात लाख रुपये कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन लोगों को यूपीए सरकार के दौर में 20 प्रतिशत कर देना पड़ता था, उन्हें आज कोई कर नहीं देना पड़ता है।” उन्होंने इस तथ्य पर भी प्रकाश डाला कि नई नौकरियों वाले लोगों के पास अब और अधिक बचत करने का अवसर है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया कि ‘सबका विकास सबका प्रयास’ की भावना को बढ़ावा देने वाला यह बजट हर परिवार को ताकत देगा और सभी को एक विकसित भारत बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री नारायण राणे, केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले एवं श्री कपिल मोरेश्वर पाटील और महाराष्ट्र सरकार के मंत्रीगण सहित कई गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

मुंबई-सोलापुर वंदे भारत ट्रेन और मुंबई-साईंनगर शिरडी वंदे भारत ट्रेन दो ऐसी ट्रेनें हैं जिन्हें प्रधानमंत्री ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नए भारत के लिए बेहतर, अधिक कुशल और यात्रियों की जरूरतों के अनुकूल परिवहन से संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुंबई-सोलापुर वंदे भारत ट्रेन देश की नौवीं वंदे भारत ट्रेन होगी। यह नई विश्वस्तरीय ट्रेन मुंबई और सोलापुर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी और सोलापुर में सिद्धेश्वर, सोलापुर के निकट अक्कलकोट, तुलजापुर, पंढरपुर और पुणे के निकट आलंदी जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों की यात्रा को भी सुविधाजनक बनाएगी।

मुंबई-साईनगर शिरडी वंदे भारत, जोकि देश की दसवीं वंदे भारत ट्रेन है, महाराष्ट्र के नासिक, त्र्यंबकेश्वर, साईंनगर शिरडी और शनि सिंगनापुर जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी।

मुंबई में सड़क यातायात की भीड़ को कम करने और वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने के लिए, प्रधानमंत्री ने सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड (एससीएलआर) और कुरार अंडरपास को राष्ट्र को समर्पित किया। कुर्ला से वकोला तक और कुर्ला में एमटीएनएल जंक्शन, बीकेसी से एलबीएस फ्लाईओवर तक जाने वाला यह नवनिर्मित एलिवेटेड कॉरिडोर शहर में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को उन्नत करेगा। यह सड़क वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ेगी जिससे पूर्वी और पश्चिमी उपनगर कारगर तरीके से आपस में जुड़ेंगे। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (डब्ल्यूईएच) पर यातायात को आसान बनाने की दृष्टि से कुरार अंडरपास बेहद महत्वपूर्ण है, जोकि डब्ल्यूईएच के मलाड और कुरार की ओर वाले हिस्से को जोड़ता है। यह लोगों को आसानी से सड़क पार करने और साथ ही वाहनों को डब्ल्यूईएच पर भारी ट्रैफिक में फंसे बिना चलने की सुविधा देता है।

Read More »

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जयपुर और जोधपुर को जोड़ने वाली उड़ान का उद्घाटन किया

केंद्रीय नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज वर्चुअल माध्यम के जरिए जयपुर और जोधपुर को जोड़ने वाली एक उड़ान का उद्घाटन किया। इस दौरान नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित थे।

 विमानन कंपनी इंडिगो प्रभावी निम्नलिखित कार्यक्रम के तहत इस मार्ग पर परिचालन करेगी।

उड़ान संख्या कहां से कहां तक दिन प्रस्थान समय आगमन समय विमान प्रभावी
6E-7406 जोधपुर जयपुर सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार 09:55 10:55 एटीआर 2 अक्टूबर, 2023
6E-7131 जयपुर जोधपुर सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार 11:15 12:15 एटीआर

नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने उद्घाटन भाषण में देश के दो महत्वपूर्ण शहरों को जोड़े जाने को एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर बताया। इसके अलावा उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि कैसे यह नई कनेक्टिविटी दिल्ली-आगरा-जयपुर के पहले से स्थापित स्वर्णिम त्रिभुज पर्यटक परिपथ को और अधिक मजबूत करेगी। मंत्री ने घरेलू यातायात के मामले में विश्व में तीसरे और अंतरराष्ट्रीय व घरेलू यातायात में 7वें सबसे बड़े विमानन बाजार के रूप में भारत के उभरने का उल्लेख किया।

मंत्री ने राजस्थान में हवाई यात्रा के बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी का उल्लेख किया। श्री सिंधिया ने कहा कि जोधपुर में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जल्द ही एक नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जाएगा। 20,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस टर्मिनल में एक हजार यात्रियों को संभालने और पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की क्षमता होगी।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से राजस्थान के नागरिक उड्डयन परिदृश्य में महत्वपूर्ण विकास हुए हैं। उन्होंने बताया कि किशनगढ़, बीकानेर व जैसलमेर में नए हवाई अड्डे स्थापित किए गए हैं और कोटा के लिए भी एक नए हवाई अड्डे की योजना बनाई जा रही है। श्री सिंधिया ने कहा कि बुनियादी ढांचे के अलावा विमानों की आवाजाही की संख्या में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। साल 2014 में प्रति सप्ताह यह संख्या 555 थी, जो अब लगभग तीन गुना बढ़कर 1530 हो गई है।

राज्य मंत्री जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कनेक्टिविटी पर्यटकों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगी और इस क्षेत्र में व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत व संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री राजीव बंसल व संयुक्त सचिव श्री असंगबा चूबा एओ, इंडिगो के प्रधान सलाहकार श्री आरके सिंह के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय, राजस्थान सरकार और इंडिगो के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Read More »