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शिक्षा

दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में मिशन शक्ति के अंतर्गत कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न पर अभिमुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 6 अप्रैल 2026।दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में मिशन शक्ति – 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 विषय पर एक प्रभावशाली अभिमुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीसीपी(क्राइम)अर्चना ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को विस्तारपूर्वक बताया कि कैसे वह सुरक्षित माध्यम से विभिन्न हेल्पलाइन नंबर्स का प्रयोग कर अपने प्रति हो रहे लैंगिक या यौन अपराधों के प्रति अपनी आवाज उठा सकती है, जो इन अपराधों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। विशिष्ट अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री विकास सिंह ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि हर महिला को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहकर अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए तथा विभिन्न महिला संबंधी कल्याणकारी योजनाओं को जानकारियाँ दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने तथा संचालन मिशन शक्ति प्रभारी डॉ. संगीता सिरोही ने किया।कार्यक्रम में जेंडर विशेषज्ञ शैल शुक्ला, रागिनी श्रीवास्तव तथा पुलिस विभाग से एस आई कल्पना ने भी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाई। कांस्टेबल अफ़साना ने महिला केंद्रीय कविता पाठ किया तथा छात्रा प्रतिनिधि ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सेमिनार बहुत ही महत्वपूर्ण, जानकारीवर्धक एवं प्रासंगिक रहा। उन्होंने कहा कि लैंगिक संवेदनशीलता एवं जागरूकता ही उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने का प्रभावी माध्यम है।
डॉ अंजना श्रीवास्तव ने धन्यवाद देते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइडलाइंस के अनुसार संस्थानों एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर रोक लगाने संबंधी अवांछनीय व्यवहारों के प्रति जागरूक करना – शारीरिक संपर्क और प्रगति, यौन संबंधी माँग एवं अनुरोध, यौन रंजित टिप्पणियाँ, अश्लील साहित्य दिखाना, यौन प्रकृति का कोई अवांछनीय।शारीरिक, मौखिक या ग़ैर मौखिक व्यवहार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देना रहा। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय की 250 से अधिक छात्राओं एवं प्राध्यापिकाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र श्रीवास्तव, एनएसएस एवं मिशन शक्ति समिति के समस्त सदस्यों, चीफ प्रॉक्टर प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, डॉ ज्योत्सना पांडे समेत समस्त प्राध्यापिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्राओं का योगदान सराहनीय रहा।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में ‘अभिव्यक्ति 2026’ का शुभारंभ

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 1 एवं 2 अप्रैल 2026 को आयोजित ‘अभिव्यक्ति 2026’ के ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. विनय जे. सेबेस्टियन के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

प्रथम आयोजन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता था, जिसमें पाँच टीम- अग्नि, आकाश, ब्रह्मोस, शौर्य और निर्भया ने भाग लिया। प्रतियोगिता के चार चरण थे: मिक्स्ड बैग, फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट (बजर राउंड), ऑडियो-विजुअल तथा रैपिड फायर। प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान और त्वरित उत्तर देने की क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

विजेता: • प्रथम स्थान: टीम आकाश  • द्वितीय स्थान: टीम शौर्य 

इस प्रतियोगिता का संचालन प्रो. विभा दीक्षित के निर्देशन में हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति के समन्वयक प्रो. शालिनी कपूर, सदस्यों में डॉ. मनीष कपूर, डॉ. आशुतोष कुमार, प्रो अंजलि एवं डॉ. मनीषी त्रिवेदी ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

द्वितीय आयोजन जस्ट ए मिनट (JAM) प्रतियोगिता थी, जिसका संचालन डॉ. अंकिता पांडेय एवं डॉ श्वेता मिश्रा द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को तत्काल विषय पर एक मिनट में अपने विचार प्रस्तुत करने थे। प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल का परिचय दिया।

निर्णायक: प्रो. संजय सक्सेना एवं प्रो फ़िरदौस कटियार

विजेता: •प्रथम स्थान: आदर्श सिंह चौहान  • द्वितीय स्थान: जुनेशा सिंह 

तीसरा आयोजन रंगोली प्रतियोगिता था, जिसमें विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपांजलि एवं डॉ. क्रिस्टीना द्वारा किया गया।

विजेता: • प्रथम स्थान: शिवांग शुक्ला  • द्वितीय स्थान: श्रृष्टि उत्तम 

प्रथम दिवस अत्यंत सफल रहा और अब सभी की निगाहें 2 अप्रैल 2026 को होने वाले भव्य सांस्कृतिक समापन समारोह पर टिकी हैं, जिसमें नृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगीं

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज और अखिल भारतीय महिला सम्मेलन’ (AIWC), के संयुक्त तत्वाधान में ‘वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम’ आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (IQAC) द्वारा ‘अखिल भारतीय महिला सम्मेलन’ (AIWC), कानपुर शाखा के सहयोग से आज 30 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे कॉलेज के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में ‘वित्तीय साक्षरता पर एक जागरूकता कार्यक्रम’ का सफल आयोज किया गया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ IQAC की समन्वयक प्रो. सुजाता चतुर्वेदी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अत्यंत गरिमामय ढंग से अतिथियों का स्वागत किया और युवाओं के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबस्टियन ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में आज के गतिशील आर्थिक परिवेश में वित्तीय जागरूकता की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और छात्रों को सूचित आर्थिक निर्णय लेने के लिए वित्तीय साक्षरता अनिवार्य है।

कॉलेज की उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने भी छात्र जीवन से लेकर सेवानिवृत्ति योजनाओं तक वित्तीय निवेश और बचत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निवेश की योजना कम उम्र से ही शुरू कर देनी चाहिए। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए AIWC, कानपुर शाखा की सचिव रमिंदर कौर अरोरा ने वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में संस्था द्वारा की जा रही पहलों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पवनेश मिश्रा ने मुख्य वक्ता अरविंद कुमार गुप्त (सेवानिवृत्त एजीएम, भारतीय स्टेट बैंक) का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। अपने सत्र में, अरविंद कुमार गुप्त ने वित्तीय साक्षरता के विभिन्न पहलुओं जैसे—बचत, निवेश के विकल्प, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. रुक्मणी देवी द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

इस अवसर पर AIWC की अध्यक्षा अनीता गर्ग, नैक (NAAC) समन्वयक प्रो. सत्य प्रकाश सिंह, प्रो. शालिनी कपूर, प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य, प्रो. ज्योत्सना लाल, डॉ. शुभी तिवारी, डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल सहित अन्य शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को भव्य रूप से सफल बनाया।

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डी जी कॉलेज में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत छात्राओं ने महिलाओं को किया जागरूक

भारतीय स्वरूप संवाददाता दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा दिनांक 28 मार्च 2026 को महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम के निर्देशन में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, 

जिसमें मिशन शक्ति- 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत छात्राओं द्वारा बस्ती क्षेत्र में महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। शिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं ने घर-घर जाकर एवं समूहिक संवाद के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे—112 (पुलिस), 1090 (महिला हेल्पलाइन), 108 (एम्बुलेंस), 181 (महिला हेल्प लाइन) आदि की जानकारी दी। साथ ही, इन सेवाओं के उपयोग की प्रक्रिया एवं महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मरक्षा, सतर्कता एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसी गतिविधियों की सराहना की। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेविकाओं एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।

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दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 19 मार्च दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) तथा नशा मुक्ति समिति के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति जागरूकता हेतु एक सेमिनार एवं रैली का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली के लिए प्रेरित करना था।
*सेमिनार / कार्यशाला* के अंतर्गत छात्राओं को नशा मुक्ति के प्रति सचेत रहने हेतु व्याख्यान एवं काउंसलिंग प्रदान की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव एवं अपूर्वा बाजपेई ने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। इसी क्रम में विमला देवी तथा श्वेता गोंड ने छात्राओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं द्वारा एक *‘Say no to Drugs’ जागरूकता रैली* भी निकाली गई, जिसे प्राचार्या द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र—तीनों के लिए अत्यंत हानिकारक है। छात्राओं ने “Say No to Drugs”, “तंबाकू को ना कहें”, “सिगरेट को ना कहें”, “पान मसाले को ना कहें” जैसे प्रभावी नारों के माध्यम से जन-जागरूकता का प्रयास किया।
इसके अतिरिक्त छात्राओं ने *रंगोली एवं पोस्टर* के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को सृजनात्मक रूप में प्रस्तुत किया, जिसका निर्देशन पूजा श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना निगम एवं सेल्फ फाइनेंस की निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा का पूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. सुषमा शर्मा, डॉ. साधना सिंह, पूजा श्रीवास्तव, डॉ. ज्योत्सना पांडे, डॉ. पारुल त्रिवेदी तथा कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव तथा समस्त छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में ‘रिसर्च प्रोजेक्ट एवं मेथडोलॉजी’ पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग द्वारा “रिसर्च प्रोजेक्ट एवं मेथडोलॉजी” विषय पर 11–12 मार्च 2026 को सरवेपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज ऑडिटोरियम में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य समाज शास्त्र एवं वाणिज्य विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में शोध कौशल को विकसित करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. विनय जे. सेबेस्टियन ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने उच्च शिक्षा में शोध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शोध परियोजना तैयार करते समय वैज्ञानिक एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे अकादमिक आयोजनों से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के प्रथम दिन के पहले शैक्षणिक सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. ए. के. शर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष, एचएसएस विभाग, आईआईटी कानपुर) ने “सामाजिक विज्ञान में शोध कैसे करें” विषय पर व्याख्यान दिया। अपने वक्तव्य में उन्होंने शोध समस्या की पहचान, शोध प्रश्नों का निर्माण, परिकल्पना निर्माण तथा उपयुक्त शोध पद्धति के चयन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोध कार्य में नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।

इसके बाद विशिष्ट अतिथि प्रो. अशुतोष सक्सेना (पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, क्राइस्ट चर्च कॉलेज) ने “रिसर्च प्रोजेक्ट निर्माण की कला और विज्ञान: सामाजिक विज्ञान के यूजी एवं पीजी विद्यार्थियों के लिए चरणबद्ध मार्गदर्शिका” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध विषय चयन, डेटा संग्रहण, अध्यायों की संरचना तथा शोध निष्कर्षों की प्रस्तुति के बारे में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही उन्होंने शोध कार्य की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध अध्ययन और आलोचनात्मक विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया।

दोनों सत्र अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक रहे। विद्यार्थियों ने शोध पद्धति, विषय चयन, डेटा संग्रहण तथा परियोजना लेखन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।

कार्यक्रम के प्रो. विभा दीक्षित ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया और संयोजक डॉ. संजय शुक्ला धन्यवाद् ज्ञापन प्रस्तुत किया । कार्यक्रम के सहसंयोजक डॉ. प्रवीण के. सिंह, डॉ. मनीषी त्रिवेदी, डॉ. अर्चना वर्मा एवं डॉ. अर्चना पाण्डेय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में अपना योगदान दिया.

कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया तथा इसे विद्यार्थियों के लिए शोध की दिशा में एक महत्वपूर्ण और उपयोगी पहल बताया गया। कार्यशाला का दूसरा दिन 12 मार्च को शोध सिनॉप्सिस तथा प्रभावी शोध परियोजना लेखन पर केंद्रित सत्रों के साथ आयोजित किया जाएगा।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 9 मार्च क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड वूमेन डेवलपमेंट सेल (GSWDC) द्वारा सरवेपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम “Celebrating Strength, Equality & Empowerment” विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समकालीन समाज में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के महत्व को रेखांकित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र एंकर अक्षिता वर्मा और आदर्श के स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन से हुई, जिन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कविता पाठ के सत्र में गौरी अग्निहोत्री, पूजा डे और श्रुति ने हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रभावशाली कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिनमें महिलाओं की दृढ़ता, सशक्तिकरण और शक्ति के भाव को अभिव्यक्त किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र एंकर अक्षिता वर्मा और आदर्श के स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन से हुई, जिन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कविता पाठ के सत्र में गौरी अग्निहोत्री, पूजा डे और श्रुति ने हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रभावशाली कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिनमें महिलाओं की दृढ़ता, सशक्तिकरण और शक्ति के भाव को अभिव्यक्त किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने महिला प्रतिनिधित्व पर केंद्रित चर्चित फिल्मों की समीक्षाएँ भी प्रस्तुत कीं। ये समीक्षाएँ पूजा डे, श्रेयांशी शर्मा, अंशिका मिश्रा और आदित्य कुमार द्वारा प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने मीडिया में महिलाओं की छवि और प्रस्तुति पर विचारोत्तेजक चर्चा को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “आईना-ए-समाज” शीर्षक से प्रस्तुत एक नाट्य मंचन रहा, जिसमें ध्रुव, श्रुति, विभांश, रिद्धिमा यादव, श्रेयांशी, शिवा, उपासना और क्रति ने अभिनय किया तथा इसका संचालन अक्षिता द्वारा किया गया। यह प्रस्तुति दो लिंगों के बीच भूमिका परिवर्तन की हास्यपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक संरचनाओं पर व्यंग्य करती हुई दिखाई गई।सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति भी शामिल रही, जिसने महिलाओं की गरिमा, साहस और शक्ति का सुंदर चित्रण किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन, संरक्षक एवं प्राचार्य, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर ने की। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. विभा दीक्षित, समन्वयक, जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड वूमेन डेवलपमेंट सेल के मार्गदर्शन में किया गया। इस आयोजन में सह-समन्वयकों डॉ. फिरदौस, डॉ. आशीष, डॉ. रुक्मणी और डॉ. मनीषी त्रिवेदी का विशेष योगदान रहा।

छात्र समन्वयक आर्यन, आदर्श और पूजा ने कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन डॉ. मनीषी त्रिवेदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

औपचारिक कार्यक्रम के पश्चात कॉलेज के संकाय सदस्यों को प्रो. सत्य प्रकाश और प्रो. मीत कमल द्वारा एक आनंदपूर्ण अवकाश समारोह में आमंत्रित किया गया, जिसने सभी शिक्षकों को आपसी सौहार्द और उत्सव की भावना के साथ एकत्र होने का अवसर प्रदान किया।

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धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में आयोजित स्टडी इन इंडिया एजुकेशन-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 में 50 से अधिक देशों के राजनयिकों को संबोधित किया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘स्टडी इन इंडिया एजुकेशन-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित किया। इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि और मंत्रालय के अधिकारियों ने उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत भारत की शिक्षा प्रणाली में हुए बदलाव का उल्लेख किया और कहा कि भारत शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण में हो रही महत्वपूर्ण प्रगति और गुणवत्ता, नवाचार तथा सामर्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

 धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ का प्रतीक होगी। श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में सीखने, अनुसंधान, नवाचार और उसे लागू करने के अपार अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका जीवंत ज्ञान तंत्र, जनसांख्यिकीय लाभांश और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। श्री प्रधान ने कहा कि भारत नई शिक्षा नीति 2020 और ‘स्टडी इन इंडिया’ पहल के माध्यम से छात्रों, शोधकर्ताओं और संस्थानों के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर से लेकर सतत ऊर्जा तक, भारत एक विश्वसनीय नवाचार भागीदार के रूप में उभर रहा है और सहयोग, क्षमता निर्माण तथा साझा ज्ञान पर आधारित वैश्विक दक्षिण मॉडल को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनिश्चितता और तेजी से बदल रहे वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा ही समाजों के बीच सबसे मजबूत सेतु है और भारत सहयोगी देशों के साथ ज्ञान के मजबूत सेतु बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने राजनयिकों से भारत की तेजी से विकसित हो रही, नवाचार-प्रेरित, बहुविषयक और सुलभ शिक्षा प्रणाली के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने पिछले छह वर्षों में भारत के उच्च शिक्षा सुधारों, विशेष रूप से बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास को शिक्षा के साथ एकीकृत करने और अंतर्राष्ट्रीयकरण को मजबूत करने के संदर्भ में स्पष्ट दिशा प्रदान की है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारतीय संस्थान संयुक्त, द्विभाषी और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वैश्विक जुड़ाव को गहरा कर रहे हैं, जबकि प्रमुख विश्वविद्यालय अपनी अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक पारदर्शी और समयबद्ध नियामक ढांचा तैयार किया है, जिससे विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने में सुविधा हो रही है, और ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के प्रमुख संस्थानों के आवेदनों को एक महीने के भीतर मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि ‘स्टडी इन इंडिया’ पहल भारत के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी वैश्विक शिक्षा साझेदारी का खुला निमंत्रण है।

इस सम्मेलन में निम्नलिखित विषयों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए:

  • भारतीय ज्ञान प्रणाली एक वैश्विक शैक्षणिक पेशकश के रूप में
  • एसपीएआरसी और जीआईएएन के माध्यम से अकादमिक साझेदारी
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत प्रौद्योगिकियां
  • भारत में विदेशी विश्वविद्यालय परिसरों के लिए यूजीसी विनियम 2023
  • अंतर्राष्ट्रीय शाखा परिसर और सहायक ढांचे
  • भारत की कौशल संरचना का अंतर्राष्ट्रीयकरण
  • भारत इनोवेट्स 2026

सम्मेलन के दौरान भारत के विकसित हो रहे उच्च शिक्षा तंत्र पर प्रकाश डाला गया जिनमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग छात्र गतिशीलता, संयुक्त कार्यक्रम, अनुसंधान साझेदारी और परिसरों की स्थापना शामिल हैं।

स्टडी इन इंडिया एजुकेशन-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 में शिक्षा के क्षेत्र में राजनयिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए भागीदार देशों के छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा और अल्पकालिक कार्यक्रमों में भाग लेने, संस्थागत सहयोग को प्रोत्साहित करने और विश्व स्तरीय दर्जा प्राप्त विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया गया।

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एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज के विज्ञान संकाय के रसायन विज्ञान,वनस्पति विज्ञान एवं जंतु विज्ञान विभाग ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया ।महाविद्यालय की मुख्य प्रॉक्टर कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो गार्गी यादव,डॉ प्रीति सिंह तथा डॉ शैल बाजपेयी ने माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इस अवसर पर इस वर्ष की थीम “विज्ञान में महिलाओं का योगदान “ तथा अपने पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों पर पोस्टर एवं मॉडल बनाकर छात्राओं ने प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया । छात्राओं ने ५० पोस्टर और मॉडल प्रदर्शित किये और उनके विषय में बताया ।इस प्रदर्शनी का मूल्यांकन कैप्ट ममता अग्रवाल, प्रो प्रीति पांडे और प्रो मीनाक्षी व्यास ने किया ।

परिणाम इस प्रकार रहा –बी एस सी द्वितीय सेमेस्टर प्रथम कीर्ति गुप्ता, द्वितीय- सृष्टि पाल तथा अंजलि सिंह, तृतीय-आयना ,सांत्वना-इशिता 

बी एस सी चतुर्थ सेमेस्टर –प्रथम-काजोल गौतम, द्वितीय-ज़िया, तृतीय-सदा 

बी एस सी षष्ठ सेमेस्टर –प्रथम समरीन अनवर, द्वितीय मुस्कान, तृतीय एकता तथा लक्ष्मी सभी विजेता छात्राओं को मेडल प्रदान किए गए और सभी प्रतिभागी छात्राओं को उत्साह वर्धन करते हुए अल्प पुरस्कार दिए गए। 

कार्यक्रम में डॉ प्रीता अवस्थी ,डॉ प्रीति यादव, डॉ अनामिका डॉ समीक्षा डॉ श्वेता आदि उपस्थित रहे  अवधेश तथा रेखा ने विशेष सहयोग प्रदान किया।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में युवा संसद आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा सरवेपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज ऑडिटोरियम में युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संसदीय कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. विनय जॉन सेबास्टियन तथा विशिष्ट निर्णायकगण — प्रो. आशुतोष सक्सेना (पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान), प्रो. साधना सिंह (पूर्व प्राचार्य एवं अर्थशास्त्र विभाग, डी.जी. कॉलेज) एवं प्रो. संजय सक्सेना (प्रभारी, इतिहास विभाग) — के आगमन से हुआ। राजनीति शास्त्र विभाग के सदस्यों एवं छात्रों ने ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश स्वरूप उन्हें पौधा भेंट किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। स्वागत भाषण में प्रो. विभा दीक्षित ने युवा संसद के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि प्रो. सेबास्टियन ने विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल एवं नेतृत्व क्षमता के विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर निर्णायकगण को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
उद्घाटन सत्र के पश्चात छात्र संयोजकों पूर्वी, कृतिका एवं आदर्श ने संसदीय कार्यवाही का संचालन संभाला। विद्यार्थियों ने बारह मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय संसद की कार्यप्रणाली का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया। प्रश्नकाल एवं वाद-विवाद के दौरान पर्यावरण संरक्षण, कर नीति, नागरिक शिष्टाचार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते तथा सुशासन जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई।
विस्तृत विचार-विमर्श के पश्चात एक विधेयक प्रस्तुत किया गया, जिस पर धारा-वार चर्चा के बाद बहुमत से पारित किया गया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति, वक्तृत्व कौशल, उच्चारण एवं समग्र प्रस्तुति के आधार पर किया तथा विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं संसदीय प्रक्रिया के प्रभावी प्रदर्शन की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मनीषी त्रिवेदी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में अन्य विभागों के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों में डॉ. अर्चना पांडेय, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. अंकिता पांडेय, डॉ. रुक्मणी दुबे, डॉ. अर्चना वर्मा सहित अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। यह आयोजन पूर्णतः सफल एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

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